किस भाव तक चढ़ेगा South Indian Bank का शेयर? Q1 रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज का ये है रुझान

South Indian Bank Share Price: साउथ इंडियन बैंक के जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने इसमें फटाफट पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके शेयरों को लेकर जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, वह इसके मौजूदा लेवल से करीब 37% ऊपर है। अभी इसकी मौजूदा स्थिति की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर शुक्रवार 17 जुलाई को यह 1.57% की गिरावट के साथ ₹44.62 पर बंद हुआ था।

किस भाव तक चढ़ेगा South Indian Bank का शेयर?

साउथ इंडियन बैंक के लिए एक और तिमाही बेहतरीन रही है और जून 2026 में इसके नतीजे शानदार रहे। बैंक के ग्रोथ, मुनाफे और एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हुआ है। RAM (रिटेल एग्रीकल्चर एंड एमएसएमई) सेगमेंट में मजबूती के दम पर इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बैंक की क्रेडिट ग्रोथ तिमाही आधार पर 15.8% से बढ़कर 18.6% हो गई तो बेहतर CASA मिक्स की वजह से सीएएसए रेश्यो भी बढ़कर 33% हो गया।

फंडिंग कॉस्ट कम होने से NIM (नेट इंटेरेस्ट मार्जिन) में 28 बीपीएस की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह 3.23% पर पहुँच गया। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी के मुताबिक आगे भी मार्जिन के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है, क्योंकि रिटेल/MSME मिक्स में सुधार से प्राइसिंग का दबाव कम हो जाएगा।

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि ट्रेजरी से कम कमाई के बावजूद बैंक को मुनाफा अच्छा रहा और स्थिर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस और मॉडरेट क्रेडिट कॉस्ट के दम पर लगातार नौवीं तिमाही में RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) 1% से ऊपर बना रहा। एसेट क्वालिटी भी अच्छी बनी रही और ग्रॉस स्लिपेज घटकर 52 बीपीएस हो गया।

ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि बैंक की मिड-टीन लोन ग्रोथ बनी रहेगी और FY27-28 के दौरान करीब 1.1 का RoA और करीब 13% का RoE (रिटर्न ऑफ इक्विटी) रह सकता है। इन सब बातों को देखकर ब्रोकरेज फर्म ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹61 फिक्स किया है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

साउथ इंडियन बैंक के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल 5 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹28.13 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर 10 महीने में ही यह 77.39% ऊपर चढ़कर 7 जुलाई 2026 को ₹49.90 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

ITC होटल्स के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बुलिश बनी हुई है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। लेकिन टारगेट प्राइस 229 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। फिर भी नया टारगेट, शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 172.45 रुपये से 36 प्रतिशत ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत बढ़कर 180.25 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 133.10 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 936.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 815.54 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में ITC होटल्स के खर्च 750 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 674.97 करोड़ रुपये के थे। EBITDA सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 292.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 31.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ITC Hotels पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ITC होटल्स ने होटल रेवेन्यू में 10% और होटल EBITDA में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वह भी तब जब भूराजनीतिक तनावों की वजह से अप्रैल 2026 की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा था। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। ITC होटल्स को अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में डिमांड में तेज सुधार की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि नए होटल खुलने की वजह से FY26–29E के दौरान RevPAR CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 9% और मैनेजमेंट फीस CAGR 16% रहेगी। इसलिए अनुमान है कि FY26–29E के दौरान ITC होटल्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% CAGR और EBITDA 14% CAGR से बढ़ेगा।

इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ITC Hotels के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज ने मुख्य जोखिमों में होटल ऑक्यूपेंसी में सुस्ती और नए होटलों को शुरू करने में देरी को शामिल किया है।

ITC Hotels का मार्केट कैप 35900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tech Mahindra Share Price: मुनाफा 28% बढ़ने के बाद शेयर 4% तक चढ़ा, अब क्या हो निवेशकों की स्ट्रैटेजी?

IT कंपनी टेक महिंद्रा के शेयरों में 17 जुलाई को अच्छी तेजी है। दिन में शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से 3.8 प्रतिशत तक चढ़कर 1569.65 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। अच्छे तिमाही नतीजों के चलते शेयर खरीद बढ़ी है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 28.4 प्रतिशत बढ़कर 1465.1 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1140.6 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15712 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 13351.2 करोड़ रुपये था। EBIT 2264 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBIT मार्जिन 14.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) डील 1.078 अरब डॉलर की रहीं। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 33.3 प्रतिशत ज्यादा है।

जून 2026 तिमाही में डॉलर के लिहाज से टेक महिंद्रा का रेवेन्यू 166 करोड़ डॉलर रहा। यह तिमाही आधार पर 2.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या तिमाही आधार पर 863 घटकर 1,46,760 कर्मचारी रह गई।

Tech Mahindra के शेयर पर ब्रोकरेज की राय

HSBC ने टेक महिंद्रा के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 1,635 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। मार्जिन में बढ़ोतरी सही दिशा में चल रही है और मैनेजमेंट का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के आखिर तक 15 प्रतिशत EBIT मार्जिन हासिल करना है। कंपनी की ग्रोथ अपने साथियों की तुलना में बेहतर है, जो इसके शेयर की प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराती है।

नोमुरा ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस 1,600 रुपये दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि टेक महिंद्रा ने मुख्य ऑपरेटिंग पैमानों पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है और FY27 के लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर है। जेफरीज ने तिमाही नतीजों के बाद FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों को 6-8 प्रतिशत बढ़ा दिया है। लेकिन 1,260 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर की वैल्यूएशन काफी ऊंची बनी हुई है।

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टेक महिंद्रा के शेयर के लिए ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1780 रुपये प्रति शेयर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की जून तिमाही परफॉर्मेंस शानदार रही है। कंपनी के मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 में कॉम्पिटीटर्स के औसत से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने के अपने भरोसे को दोहराया है। साथ ही 15 प्रतिशत EBIT मार्जिन हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

उम्मीद से बेहतर काम-काज, ग्रोथ की बेहतर संभावनाओं और मजबूत डील मोमेंटम को देखते हुए प्रभुदास लीलाधर ने FY27E/FY28E के लिए कॉन्स्टैंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ अनुमानों को बढ़ाकर 6.0%/5.4% कर दिया है। पहले अनुमान 4.8%/5.8% की रेवेन्यू ग्रोथ के थे। EBIT मार्जिन अनुमानों को भी 14.5%/15.0% से बढ़ाकर 14.8%/15.1% कर दिया है। FY27E और FY28E दोनों के लिए प्रति शेयर अर्निंग्स में 2.2% बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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Polycab India Share Price: अपने हाई से 12% से ज्यादा टूटा शेयर, Q1 नतीजों के बाद आज 4% गिरा, क्या निवेश का है ये सही मौका

Polycab India Share Price: वायर्स एंड केबल्स कंपनी पॉलीकैब इंडिया (Polycab India) के शेयर शुक्रवार को लगभग 4 फीसदी गिरा है, जिससे लगातार तीसरे सेशन में नुकसान बढ़ा। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर फाइनेंशियल पहली तिमाही की कमाई बताई। ब्रोकरेज जेफरीज और HSBC ने स्टॉक पर अपनी बुलिश रेटिंग बनाए रखी।

दोपहर के ट्रेड में पॉलीकैब के शेयर 3.96 परसेंट गिरकर 8,850 रुपये पर आ गए, जिससे यह स्टॉक NSE मिडकैप 50 पर टॉप लूजर बन गया। गुरुवार को 1.2 फीसदी गिरने के बाद, स्टॉक अब शुक्रवार समेत तीन सेशन में 7.2 फीसदी गिर चुका है।

हालिया करेक्शन के बावजूद, पॉलीकैब के शेयर 2026 में अब तक 15.5 फीसदी ऊपर हैं । कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.33 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।

यह गिरावट तब आई जब पॉलीकैब ने जून तिमाही के नतीजे बताए जो सभी ज़रूरी पैरामीटर पर स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर थे। रेवेन्यू साल-दर-साल 39 फीसदी बढ़कर 8,209 करोड़ रुपये हो गया, जो CNBC-TV18 पोल के 7,902 करोड़ रुपये के अनुमान से ज़्यादा है। पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू 5,906 करोड़ रुपये था।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

कमाई के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में, मैनेजमेंट ने कहा कि उसका घरेलू वायर्स और केबल्स (W&C) बिज़नेस साल-दर-साल 43% बढ़ा, जबकि कुल W&C रेवेन्यू 38% बढ़ा, जो स्ट्रीट की लगभग 35% की उम्मीदों से ज़्यादा है। कंपनी ने कहा कि वॉल्यूम ग्रोथ हाई बेस पर लो-टू-मिड सिंगल डिजिट में रही, जिसमें वायर्स ने केबल्स से बेहतर परफॉर्म किया।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट में साल-दर-साल 12% की गिरावट आई, जिससे सेल्स में उनका योगदान एक साल पहले के 5.2% से घटकर 3.3% हो गया।

पॉलीकैब ने अपने मीडियम-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस 11-13% को दोहराया और कहा कि उसका फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) बिज़नेस FY30 तक 8-10% मार्जिन हासिल करने के लिए ट्रैक पर है। उसे यह भी उम्मीद है कि भारतनेट प्रोजेक्ट का काम तेज़ी से पूरा होगा, और FY27 में ₹800-1,000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की संभावना है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

नतीजों के बाद, जेफरीज ने अपनी ‘Buy’ रेटिंग दोहराई और अपना टारगेट प्राइस ₹10,920 से बढ़ाकर ₹11,100 कर दिया, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से लगभग 25% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के अपने कमाई के अनुमान 2-3% बढ़ा दिए हैं और FY26-FY29 के दौरान 22% EPS CAGR की उम्मीद है, पॉलीकैब को भारत के पावर और कैपिटल खर्च साइकिल पर एक दांव के तौर पर बताया है।

वहीं HSBC ने भी ₹10,160 के टारगेट प्राइस के साथ ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है, जिसका मतलब है कि इसमें लगभग 14% की बढ़त हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि वायर और केबल बिज़नेस में मजबूत रियलाइज़ेशन और FMEG के मज़बूत परफॉर्मेंस की वजह से कमाई में लगभग 10% की बढ़ोतरी हुई, जबकि डिमांड, कैपेसिटी बढ़ाने और FMEG स्केल-अप से FY26-FY29 के दौरान 21% EPS CAGR की उम्मीद है। इसने कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य रिस्क बताया।

पॉलीकैब पर कवरेज करने वाले 34 एनालिस्ट में से 23 ने “Buy” रेटिंग दी है, 9 ने “Hold” रेटिंग दी है और दो ने “Sell” रेटिंग दी है।

सुबह 13.22 बजे तक स्टॉक 3.72% गिरकर ₹8,872 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले साल इसमें लगभग 29% की बढ़त हुई है।  पिछले तीन महीनों में इसमें 48 फीसदी की ज़बरदस्त तेज़ी आई थी। स्टॉक 22 जून, 2026 को ₹10,126 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। अपने हाई से स्टॉक 12.5 परसेंट नीचे आ चुका है। 12 अगस्त, 2025 को यह 52 हफ़्ते के सबसे निचले स्तर ₹6,620 पर पहुंच गया।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

शेयरों में निवेश करने जा रहे हैं? पहले जान लीजिए एचएसबीसी ने Sensex के लिए क्या टारेगट दिया है

शेयर बाजार में सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई फिर से शुरू होने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब बना हुआ है। इस बीच, विदेशी ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने 16 जुलाई को भारतीय कंपनियों के शेयरों की रेटिंग बढ़ा दी। उसने रेटिंग ‘अंडरवेट’ से ‘न्यूट्रल’ कर दी ।

विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी

HSBC ने कहा है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर रिस्क घटा है। रुपये को गिरने से रोकने के उपायों से विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी हुई है। एचएसबीसी ने 2026 के अंत में BSE Sensex का टारगेट बढ़ाकर 84,000 प्वाइंट्स कर दिया है। पहले उसने 80,500 का टारगेट प्राइस दिया था। इसका मतलब है कि सेंसेक्स मौजूदा लेवल से 8.6 फीसदी चढ़ सकता है।

2026 में सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न निगेटिव

इस साल भारतीय शेयर बाजार का रिटर्न निगेटिव है। निफ्टी और सेंसेक्स 2026 में अब तक 7 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। एचएसबीसी की रिपोर्ट की मानें तो अगले छह महीनों में बाजार में हालात बदलने वाले हैं। एचएसबीसी ने पहले इस साल दिसंबर तक सेंसेक्स के लिए 80,500 अंक का टारेगट दिया था। इस बीच, India VIX 12.91 पर आ गया है। 16 जुलाई को इसमें 2.71 फीसदी गिरावट दिखी। इंडिया वीआईएक्स का 15 से नीचे होना बाजार के लिए पॉजिटिव है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स रिकॉर्ड ऊंचाई से 33% गिरा

क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी भारत के लिए अच्छी खबर है। भारत क्रूड की अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी हिस्सा इंपोर्ट से पूरा करता है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अप्रैल में Brent curde Futures 126.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इस लेवल से क्रूड 33 फीसदी गिर चुका है।

क्रूड ऑयल में नरमी से मार्जिन पर दबाव घटा

एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “ऑयल में नरमी आई है। इससे मार्जिन पर दबाव थोड़ा कम हुआ है। अर्निंग्स डाउनग्रेड का रिस्क भी घटा है।” इस महीने की शुरुआत में गोल्डमैन सैक्स ने इंडिया के आउटलुक को बेहतर बताया था। उसने कमोडिटी की कीमतों में नरमी और रुपये में स्थिरता को इसकी वजह बताई थी।

जुलाई में विदेशी निवेशकों ने की 1.6 अरब डॉलर की खरीदारी

विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार को लेकर बदलता दिख रहा है। जुलाई में उन्होंने अब तक 1.6 अरब डॉलर के शेयर खरीदे हैं। चार महीनों तक भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार बन गए हैं। 2026 में उन्होंने भारतीय बाजार में 27.7 अरब डॉलर की बिकवाली की है। यह पिछले साल उनकी 18.9 अरब डॉलर की बिकवाली से ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी है।

फॉरेन इनवेस्टर्स ने की इस वजह से बिकवाली 

भारतीय बाजार में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों की कमी है। इस वजह से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से पैसे निकाल अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में लगाए हैं। इससे इन बाजारों में अच्छी तेजी आई है। दक्षिण कोरिया का बाजार तो इस साल दुनिया में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला बाजार बन गया है। वहां एआई कंपनियों के शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई हैं।

Nuvoco Vistas share Price :  Q1 नतीजों के बाद आई तेजी में 8 महीने के हाई पर पहुंचा शेयर, जानिए ब्रोकरेज ने क्या कहा

Nuvoco Vistas Share Price : बुधवार को नुवोको विस्टास (Nuvoco Vistas Corp) के शेयरों में 17% तक की बढ़त देखने को मिली है। NSE पर आज यह शेयर 398 रुपये प्रति शेयर के आठ महीने से ज्यादा के हाई लेवल पर जाता दिखा है। कंपनी ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। इसके बाद र ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की कमाई का अनुमान बढ़ा दिया है।

जून तिमाही के नतीजे घोषित होने के बाद,पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में इस स्टॉक में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़त हुई है। नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म इस स्टॉक को लेकर पॉजिटिव हो गए हैं। कंपनी के मैनेजमेंट ने नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में एनालिस्ट्स को बताया कि वित्त वर्ष 2027 की बाकी अवधि में सीमेंट की बिक्री में 7-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है।

नुवोको विस्टास के मैनेजिंग डायरेक्टर जयकुमार कृष्णस्वामी ने कहा कि कंपनी ने साल की मजबूत शुरुआत की है। जियोपॉलिटिकल तनाव जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने बेहतर कारोबारी प्रदर्शन किया है। कंपनी ने EBITDA और PAT दोनों में सालाना आधार पर मजबूत ग्रोथ हासिल की है।

भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए कृष्णस्वामी ने कहा कि कंपनी समझदारी से खरीद करने,लागत कम करने और सप्लाई चेन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने पर फोकस करना जारी रखेगी,साथ ही बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों पर भी नजर रखेगी।

नोमुरा की राय

नोमुरा का कहना है कि कंपनी के कॉस्ट मैनेजमेंट में और सुधार होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने FY27 के लिए कंपनी का EBITDA अनुमान 5 प्रतिशत बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया है। हालांकि,ब्रोकरेज का अनुमान है कि बिजली की लागत बढ़ने के कारण सितंबर तिमाही में EBITDA घटकर 890 रुपये प्रति टन रह सकता है। उसे उम्मीद है कि इस तिमाही में सीमेंट की बिक्री सालाना आधार पर लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 4.5 मिलियन टन हो जाएगी,जबकि कीमतों में पिछली तिमाही के मुकाबले 3 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। नोमुरा ने स्टॉक पर अपनी’बाय’रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस भी 400 रुपये पर ही बरकरार रखा है।

HSBC की राय

HSBC ने भी नुवोको विस्टास पर अपनी’Buy’रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹475 कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे हासिल किए, जिसकी वजह ज्यादा रियलाइज़ेशन रहा। ब्रोकरेज का कहना है कि सितंबर तिमाही में मौसमी तौर पर कम मांग के बावजूद, FY27 की दूसरी छमाही में मांग,कीमत और लागत की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। उसने FY27-FY29 के लिए EPS अनुमान को भी 6-11 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।

जेफरीज की राय

जेफरीज ने भी 430 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर अपनी’बाय’रेटिंग बनाए रखी है। इसके पीछे बेहतर प्राइसिंग और पेटकोक का कम इस्तेमाल व बेहतर खरीद के ज़रिए लागत को असरदार ढंग से मैनेज करने जैसे कारण बताए गए हैं।

ब्रोकरेज का कहना है कि मुश्किल ऑपरेटिंग माहौल के बावजूद कंपनी का कामकाज मज़बूत रहा है,हालांकि सितंबर तिमाही में कुछ मौसमी सुस्ती और ज्यादा लागत का असर देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज ने कहा कि खरीदी गई वदराज एसेट की शुरुआत और उसके कामकाज को बढ़ाना एक अहम बात होगी जिस पर नजर रखनी होगी।

कंपनी को प्रदर्शन पर एक नजर

निरमा ग्रुप की बिल्डिंग मटीरियल बनाने वाली कंपनी,नुवोको विस्टास कॉर्प ने सोमवार को जून तिमाही के नतीजे पेश किए थे। इस अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 19.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 159.63 करोड़ रुपये पर रहा। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में 133.16 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।

जून तिमाही में कंपनी की कामकाजी आय 8.9 प्रतिशत बढ़कर 3,128.71 करोड़ रुपये पर रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 2,872.70 करोड़ रुपये रही थी। इस तिमाही के दौरान सीमेंट की कुल बिक्री सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर 53 लाख टन हो गई।

 

Market Insight : पश्चिम एशिया संकट से नर्वस नहीं बाजार, न्यू एज,स्मॉल और मिडकैप शेयरों में है दम-समीर अरोड़ा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Park Medi Share Price: इस साल अब तक 95% चढ़ा शेयर, लगा सकता है और 20% की छलांग, क्या आप करेंगे निवेश

Park Medi Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी पार्क मेडी वर्ल्ड (Park Medi World) का शेयर जनवरी 2026 से अब तक 95 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा टुका है। ऐसे में ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग (Choice Broking) ने इस स्टॉक पर अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी है और शेयर के लिए 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है जो इसमें मौजूदा स्तर से 20 फीसदी की बढ़त की उम्मीद जताई है।

ब्रोकरेज ने अपने लेटेस्ट नोट में कहा, “हम FY28E पर कंपनी की वैल्यू 18x EV/EBITDA पर बनाए हुए हैं और इसलिए 350 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखते हैं।”ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपने मौजूदा क्लस्टर्स को मजबूत करते हुए पूरे नॉर्थ इंडिया में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

ब्रोकरेज ने गुरुग्राम में आने वाले 100-बेड वाले पार्क हॉस्पिटल प्लैटिनम फैसिलिटी के बारे में बताया, जिसे मौजूदा 225-बेड वाले पालम विहार हॉस्पिटल के पास लगभग ₹25 करोड़ के कैपिटल खर्च से बनाया जा रहा है।

नए हॉस्पिटल के नवंबर 2026 में चालू होने की उम्मीद है और इसका मकसद मौजूदा फैसिलिटी में कैपेसिटी की कमी को कम करना है, जो FY26 में लगभग 86% ऑक्यूपेंसी पर चल रही थी और लगभग ₹25 करोड़ का रेवेन्यू कमा रही थी, जो गुरुग्राम मार्केट में मज़बूत डिमांड का संकेत है।

ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में हाल ही में ₹1.77 बिलियन में खरीदा गया 330-बेड वाला मेडिसिटी हॉस्पिटल एक ज़रूरी ग्रोथ इंजन बनेगा। अगले महीने के आखिर तक ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें सभी 330 बेड पहले दिन से ही चालू हो जाएंगे। मैनेजमेंट पहले साल में ₹1 बिलियन रेवेन्यू, लगभग 20% EBITDA मार्जिन और लगभग 12% PAT मार्जिन का टारगेट कर रहा है, दूसरे साल ज़्यादा ऑक्यूपेंसी, हर बेड पर एवरेज रेवेन्यू (ARPOB) बढ़ने और बेहतर सुपर-स्पेशियलिटी मिक्स से इसमें और सुधार होगा।

कंपनी की ऑपरेटिंग ताकतों के बारे में बताते हुए, चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने कहा, “क्लस्टर-बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल एक मुख्य अंतर बना हुआ है, जिससे आस-पास के हॉस्पिटल डॉक्टर, खास इक्विपमेंट और ऑपरेशनल रिसोर्स शेयर कर सकते हैं, जिससे इस्तेमाल, भर्ती और कुल मिलाकर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार होता है। मार्च 2028 तक कुल कैपेसिटी लगभग 5,590 बेड तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसे एक्वायर किए गए हॉस्पिटल के चल रहे इंटीग्रेशन और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से सपोर्ट मिलेगा, जबकि मैनेजमेंट FY33 तक 10,000 बेड की उम्मीद कर रहा है।”

ब्रोकरेज ने बताया कि कंपनी की स्ट्रैटेजी बेड जोड़ने से कहीं आगे तक फैली हुई है। यह स्ट्रेटेजिक लोकेशन, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, विस्तार की संभावना और आकर्षक वैल्यूएशन पर संकटग्रस्त एसेट्स की उपलब्धता के आधार पर कम पहुंच वाले, तेज़ी से बढ़ने वाले हेल्थकेयर मार्केट में हॉस्पिटल खरीदने पर फोकस कर रहा है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Netweb Share Price: विदेशी ब्रोकरेज BofA Securities ने पहली बार डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 14% की संभावित तेजी दिखाता है।

AI से मिल सकता है बड़ा फायदा

BofA का मानना है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा Netweb Technologies को मिल सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस मौके का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Netweb की सबसे बड़ी ताकत NVIDIA के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी है। कंपनी की सुपरकंप्यूटिंग में अच्छी पकड़ है। सरकारी ग्राहकों के साथ भी उसके लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं। यही बातें उसे दूसरी कंपनियों से अलग बनाती हैं।

आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद

Netweb ने पिछले कुछ सालों में सुपरकंप्यूटिंग बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। FY20 में उसका मार्केट शेयर सिर्फ 2% था। FY26 तक यह बढ़कर 9% हो गया।

BofA का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, उसकी कमाई भी तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा बिक्री होने से लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा। इससे कंपनी ऊंची महंगाई के दौर में भी अपनी मुनाफेदारी बनाए रख सकती है। ब्रोकरेज ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 40% CAGR की उम्मीद जताई है।

Netweb Technologies का शेयर मंगलवार को 0.11% की गिरावट के साथ 4,395.10 पर बंद हुआ। इस साल अब तक यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

Netweb का बिजनेस क्या है?

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर, डेटा सेंटर और डेटा स्टोरेज सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी सरकार, रक्षा क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, IIT-IISc जैसे शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम उपलब्ध कराती है।

यह ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सर्वर, स्टोरेज, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है। कंपनी का फोकस भारत में तेजी से बढ़ रहे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर बाजार का फायदा उठाने पर है।

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