Waaree Energies Share Price: सोलर कंपनी पर अमेरिकी एक्शन का असर, JM Financial ने घटाया टारगेट प्राइस

Waaree Energies Share Price: ब्रोकरेज JM Financial ने सोलर कंपनी Waaree Energies के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। अब उसने 12 महीने का टारगेट प्राइस 3,509 रुपये से घटाकर 3,185 रुपये रखा है। इसकी वजह अमेरिका की ओर से कंपनी पर सोलर सेल आयात में टैरिफ से बचने (Tariff Evasion) का आरोप लगना है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। मौजूदा भाव 2,954 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 231 रुपये या 7.8% की संभावित बढ़त की गुंजाइश बनती है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका की Customs and Border Protection (CBP) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा है कि Waaree Energies ने 2021 से 2026 के बीच वियतनाम और मलेशिया से आने वाले सोलर सेल्स पर लगने वाले टैरिफ से बचने की कोशिश की।

CBP का कहना है कि कंपनी ने चार साल तक सामान के मूल देश (Country of Origin) की गलत जानकारी दी। JM Financial का मानना है कि इससे कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है।

271% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी

CBP के फैसले के बाद जिन आयातों को नियमों से बचने वाला माना गया है, उन पर 271.28% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी के लिए कैश डिपॉजिट देना होगा। यह जांच 2025 में शुरू हुई थी।

शिकायत में कहा गया था कि Waaree Energies ने चीन से सोलर सेल का आयात काफी बढ़ाया। इसके बाद भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक (CSPV) मॉड्यूल का निर्यात भी तेजी से बढ़ा। 2021 से 2023 के बीच भारत से अमेरिका जाने वाले CSPV मॉड्यूल के आयात में 2,250% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑर्डर बुक पर पड़ सकता है असर

JM Financial के मुताबिक, Waaree Energies की ऑर्डर बुक 53,000 करोड़ रुपये की है। इसका 65% से 70% हिस्सा विदेशी ग्राहकों के लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ा है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस फैसले से कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है। इसका असर भविष्य में मिलने वाले कुछ अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स पर भी पड़ सकता है।

फिर भी ‘Add’ रेटिंग क्यों बरकरार?

JM Financial का कहना है कि हालात उतने खराब नहीं हैं, जितनी आशंका जताई जा रही थी। CBP ने कंपनी के सभी आयातों को नियमों का उल्लंघन करने वाला नहीं माना है।

जांच में यह भी सामने आया कि Waaree Energies ने गैर-चीनी सोलर सेल्स से इतने मॉड्यूल तैयार किए थे, जो अमेरिका भेजे गए उसके कुल मॉड्यूल की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त थे। इसी वजह से ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी पर असर तो पड़ेगा, लेकिन सबसे खराब स्थिति बनने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 112% बढ़कर 8,840.25 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा 74.7% बढ़कर 1,126.26 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 80% बढ़कर 1,577 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.6% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 23% था।

Waaree के शेयरों का हाल

Waaree Energies का शेयर मंगलवार को 2.35% की बढ़त के साथ 2,954 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 84.71 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

PTC Industries जुटाएगी ₹1800 करोड़, उधार लेने की सीमा बढ़ाई; सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

PTC इंडस्ट्रीज के शेयर सोमवार, 29 जून को फोकस में रहने वाले हैं। कंपनी के बोर्ड ने 1800 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है। साथ ही उधार लेने की सीमा को भी बढ़ाया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि वह 1800 करोड़ रुपये तक का फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और/या प्रिफरेंशियल इश्यू और/या शेयरों में कनवर्ट हो सकने वाले वॉरंट्स को प्रेफरेंशियल बेसिस पर जारी करके जुटाएगी।

फंड को एक या एक से ज्यादा राउंड में जुटाया जाएगा। इसके लिए कंपनी के सदस्यों की मंजूरी और अन्य जरूरी रेगुलेटरी या कानूनी मंजूरियां लिया जाना बाकी है। इश्यू की खास शर्तें, जैसे- इश्यू का मकसद, नेट कमाई का इस्तेमाल, इश्यू का साइज, प्राइसिंग और टाइमिंग, इश्यू लॉन्च करने से पहले बोर्ड और ऑडिट कमिटी के सामने मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।

इसके अलावा पीटीसी इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव पर भी अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

क्या करती है PTC Industries

कंपनी क्रिटिकल और सुपर क्रिटिकल एप्लीकेशंस के लिए हाई क्वालिटी इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। यह एयरोस्पेस, LNG प्रोसेसिंग, ऑयल एंड गैस मरीन, एनर्जी, पल्प एंड पेपर, पेट्रोकेमिकल, सस्टेनेबिलिटी और अन्य तरह की इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को सर्विसेज देती है। इसके 75% से ज्यादा प्रोडक्ट एक्सपोर्ट होते हैं। कंपनी के कस्टमर्स में रॉल्स रॉयस, Siemens, GE, Alstom, मेटसो, एमर्सन जैसे नाम शामिल हैं।

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शेयर 3 साल में 286 प्रतिशत चढ़ा

PTC Industries के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 17432.10 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 26100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 59.72 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 286 प्रतिशत और 5 साल में 2000 प्रतिशत चढ़ा है। 10 साल में यह 21600 प्रतिशत मजबूत हुआ है। गोल्डमैन सैक्स ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ 25,770 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है।

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SRF पर क्यों आया मोतीलाल ओसवाल का दिल? खरीद की सलाह के साथ 23% तक उछाल की उम्मीद

केमिकल सेक्टर की कंपनी SRF Ltd के शेयरों में आगे लगभग 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को​​ मिल सकता है। ऐसी उम्मीद ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है और टारगेट प्राइस 3350 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 22.6 प्रतिशत ज्यादा है। शेयर बीएसई पर गुरुवार, 25 जून को 2731.90 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि वित्त वर्ष 2026 में ग्लोबल माहौल में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता रही। मिडिल ईस्ट में भूराजनीतिक तनाव के कारण ट्रेड फ्लो और सप्लाई चेन में रुकावटें आईं। इन चुनौतियों का असर SRF के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सप्लाई चेन ऑपरेशंस और मुख्य मार्केट तक पहुंच पर पड़ा। मैक्रो-इकोनॉमिक मुश्किलों के बावजूद, कंपनी ने अनुशासित तरीके से काम करके, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और अपने सभी बिजनेस में लगातार स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट के जरिए इस माहौल का सफलतापूर्वक सामना किया।

मजबूत डिमांड, बेहतर रियलाइजेशन और हाई-कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की वजह से फ्लोरोकेमिकल सेगमेंट ने FY26 में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस दी। SRF ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और इंटीग्रेशन को मजबूत करने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन रेफ्रिजरेंट्स, कैपेसिटी बढ़ाने और स्पेशलिटी पॉलिमर्स में निवेश जारी रखा। AC की बढ़ती डिमांड, PTFE के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, ज्यादा HFC कैपेसिटी और स्पेशलिटी पॉलीमर प्लांट के चालू होने से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान SRF का रेवेन्यू 14%, EBITDA 20% और एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 22% (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) CAGR से बढ़ेगा। इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर मोतीलाल ओसवाल ने 3,350 रुपये के टारगेट के साथ स्टॉक पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को दोहराई है।

Anant Raj Share: नोमुरा ने इस डेटा सेंटर स्टॉक का घटाया टारगेट, अब क्या करें निवेशक?

Anant Raj Share: ब्रोकरेज हाउस Nomura ने रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस को 700 रुपये से घटाकर 650 रुपये कर दिया है। नया टारगेट 25 जून के क्लोजिंग भाव 521.35 के मुकाबले अब भी करीब 25% से संभावित तेजी का संकेत देता है।

आइए जानते हैं कि ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस में कटौती क्यों की है और अब निवेशकों को क्या करना चाहिए।

क्लाउड बिजनेस से कमाई में देरी

Nomura का कहना है कि अनंत राज की नई 1.5 मेगावॉट क्लाउड क्षमता से किराये की कमाई उम्मीद से देर से शुरू होगी। पहले यह आय FY26 के अंत तक आने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसके FY27 की दूसरी तिमाही से शुरू होने का अनुमान है। इसकी वजह यह है कि ग्राहकों की टेस्टिंग और हैंडओवर प्रक्रिया में अपेक्षा से ज्यादा समय लग रहा है।

रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट लॉन्च टले

ब्रोकरेज के मुताबिक, अनंत राज का Luxury Group Housing 2 (GH2) प्रोजेक्ट भी तय समय पर लॉन्च नहीं हो पाएगा। पहले इसे FY26 के अंत तक लॉन्च होने की उम्मीद थी। लेकिन अब इसके FY27 की दूसरी तिमाही में लॉन्च होने की संभावना है। कंपनी को लाइसेंस और अन्य मंजूरियां मिल चुकी हैं। RERA की मंजूरी पहली तिमाही के अंत तक मिलने की उम्मीद है।

क्षमता बढ़ाने का अनुमान घटाया

Nomura ने क्लाउड क्षमता बढ़ाने के अपने अनुमान को भी कम कर दिया है। अब ब्रोकरेज हर साल 3 मेगावॉट क्षमता बढ़ने का अनुमान लगा रहा है, जबकि पहले यह अनुमान 4 मेगावॉट का था।

इसके अलावा डेटा सेंटर कारोबार में क्लाउड से आने वाले रेवेन्यू का अनुमान भी घटाकर 10-11% कर दिया गया है। पहले यह 13-14% रहने का अनुमान था। कंपनी मैनेजमेंट 25% क्लाउड हिस्सेदारी का लक्ष्य बता चुका है। इन कारणों से Nomura ने FY27 और FY28 के लिए अपने EPS अनुमान क्रमशः 8% और 10% घटा दिए हैं।

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23.6% बढ़कर 146.6 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू 19.6% बढ़कर 646.8 करोड़ रुपये हो गया।

EBITDA 17.6% बढ़कर 167.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 26.3% से घटकर 25.9% पर आ गया। पूरे FY26 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 21.92% बढ़कर 2,511.60 करोड़ रुपये रहा।

अब क्या करें अनंत राज के निवेशक?

निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात कंपनी के कारोबार की रफ्तार पर नजर रखना है। Nomura ने BUY रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन क्लाउड बिजनेस से कमाई में देरी और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लॉन्च टलने की वजह से टारगेट प्राइस घटाया है।

ऐसे में जिन निवेशकों के पास पहले से यह शेयर है, वे कंपनी की आने वाली तिमाहियों में प्रोजेक्ट्स की प्रगति और क्लाउड रेवेन्यू पर नजर रखें। वहीं, नए निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अपने जोखिम लेने की क्षमता और निवेश के समय का आकलन जरूर कर लेना चाहिए।

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Hindustan Copper Share: 45% चढ़ेगा इस सरकारी कंपनी का स्टॉक! आनंद राठी ने दी खरीदने की सलाह

Hindustan Copper Share: सरकारी मेटल कंपनी हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) के शेयर पर ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी का रुख काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 12 महीने का टारगेट प्राइस 715 रुपये रखा है। मौजूदा बाजार भाव 490 रुपये के मुकाबले यह करीब 46% संभावित उछाल का संकेत देता है।

हिंदुस्तान कॉपर पर ब्रोकरेज क्यों बुलिश है?

आनंद राठी का मानना है कि हिंदुस्तान कॉप की मल्टी-प्रॉन्ग कैपेसिटी एक्सपेंशन रणनीति आने वाले वर्षों में ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, गुजरात कॉपर प्लांट (GCP) को दोबारा शुरू करने के लिए 20 साल का रेवेन्यू शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट किया गया है। इसके अलावा केन्दाडीह कॉपर माइन में प्रोडक्शन फिर शुरू हो गया है। साथ ही, क्षमता बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

इन प्रोजेक्ट से हिंदुस्तान कॉपर का उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ने की उम्मीद है। झारखंड और सिक्किम की कुछ बंद खदानों को दोबारा शुरू करने की संभावना है। ये भी लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ को मजबूती दे सकती हैं।

पहली तिमाही में मजबूत नतीजों की उम्मीद

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही कंपनी के लिए रिकॉर्ड रहने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉपर की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की कमजोरी और प्रोडक्शन बढ़ने से कंपनी का रेवेन्यू करीब 8.5 अरब रुपये तक पहुंच सकता है। EBITDA मार्जिन भी करीब 48% रहने का अनुमान है।

लंबी अवधि की ग्रोथ पर दांव

आनंद राठी का कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग से कॉपर की खपत लगातार बढ़ेगी। इसी को देखते हुए हिंदुस्तान कॉपर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी FY30 तक बड़े कैपेक्स प्रोग्राम पर काम कर रही है। इससे आने वाले वर्षों में उत्पादन में तेज बढ़ोतरी हो सकती है।

हिंदुस्तान कॉपर का टारगेट प्राइस क्या है?

आनंद राठी ने हिंदुस्तान कॉपर पर BUY रेटिंग बनाए रखते हुए 715 रुपये का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव 490 रुपये के मुकाबले यह लगभग 46% के संभावित उछाल का संकेत है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की विस्तार योजनाएं, बढ़ती उत्पादन क्षमता और मजबूत कॉपर डिमांड स्टॉक के लिए लंबे समय में पॉजिटिव साबित हो सकती हैं।

इन जोखिमों पर नजर रखना भी जरूरी

ब्रोकरेज का कहना है कि निवेशकों को कुछ जोखिमों का भी ध्यान रखना चाहिए। इनमें अंतरराष्ट्रीय कॉपर कीमतों में उतार-चढ़ाव, कैपेक्स प्रोजेक्ट्स में देरी, उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं के समय पर पूरा न होने और वैश्विक कमोडिटी बाजार में बदलाव शामिल हैं। ऐसे जोखिमों का असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।