Kalyan Jewellers Shares: 7% चढ़े शेयर, फीके बिजनेस अपडेट के बावजूद इस कारण टूटे पड़े निवेशक

Kalyan Jewellers Share Price: दिग्गज ज्वैलरी कंपनी कल्याण ज्वैलर्स के शेयर आज तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़े और वह भी ऐसे माहौल में, जब सेंसेक्स-निफ्टी औंधे मुंह गिर पड़े। ब्रोकरेज फर्म सिटी ने जब इस पर तगड़ा बुलिश रुझान दिखाया और उम्मीद जताई कि इसके शेयर मौजूदा लेवल से डबल से अधिक ऊपर चढ़ सकते हैं। इसने कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों की चमक बढ़ा दी। बिकवाली के माहौल का इस पर भी असर पड़ा लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 6.72% की बढ़त के साथ ₹378.75 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 7.07% उछलकर ₹380.00 तक पहुंच गया था।

Kalyan Jewellers पर क्यों है City बुलिश

जून तिमाही के बिजनेस अपडेट पर कल्याण ज्वैलर्स के शेयर एक कारोबारी दिन पहले करीब 7% टूट गए थे लेकिन आज सिटी के बुलिश रुझान ने इसे रॉकेट बना दिया। सिटी ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹750 फिक्स किया है यानी मौजूदा लेवल से दोगुने से भी अधिक। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी का कंसालिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 38% की रफ्तार से बढ़ा जोकि उम्मीद से कम रही। जून तिमाही में भारतीय कारोबार से 38% अधिक रेवेन्यू मिला जिसे 28% के SSSG (सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ) से सपोर्ट मिला।

रेवेन्यू के मोर्चे पर चूकने के बावजूद सिटी इसकी लॉन्ग-टर्म संभावनाओं के चलते बुलिश है। सिटी का मानना है कि फ्रेंचाइजी के जरिए विस्तार की रणनीति इसके लिए सबसे अहम ग्रोथ ड्राइवर है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि विस्तार मॉडल से इसकी अर्निंग्स ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा तो RoCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड) में भी सुधार होगा। सिटी ने कल्याण ज्वैलर्स के डिजिटल-फर्स्ट ज्वैलरी बिजनेस कैंडेरे (Candere) के शानदार प्रदर्शन का भी जिक्र किया, जिसका रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 112% बढ़ा। कंपनी ने जून तिमाही में पांच कैंडेरे स्टोर खोले।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

कल्याण ज्वैलर्स ने पोर्टफोलियो की चमक तेजी से कम की है। पिछले साल 24 जुलाई 2025 को बीएसई पर यह ₹617.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 11 महीने में ही यह 47.00% टूटकर पिछले महीने 11 जून 2025 को ₹327.15 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Oberoi Realty Shares: दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री, ₹8109 करोड़ की बुकिंग पर शेयरों ने छू दी नई ऊंचाई

Oberoi Realty Shares: लग्जरी होम तैयार करने वाली ओबेरॉय रियल्टी के शेयर आज तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़े और उछलकर यह एक साल के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। गुरग्राम में थर्टी सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट में करीब ₹8109 करोड़ की ग्रास बुकिंग्स पर शेयर चमक उठे। दिल्ली एनसीआर में यह इसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। कंपनी ने जब आज एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी तो निवेशक इसके शेयरों पर टूट पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने इसे संभाल लिया।

फिलहाल बीएसई पर यह 2.33% की बढ़त के साथ ₹1,975.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.84% उछलकर ₹1,985.00 तक पहुंच गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। करीब 4 ही महीने पहले यह 23 मार्च 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹1,390.15 पर था। इसे कवर करने वाले 27 एनालिस्ट्स में से 17 ने खरीदारी, 8 ने होल्ड और 2 ने सेल रेटिंग दी है।

Oberoi Realty की दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री

ओबेरॉय रियल्टी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट दिल्ली एनसीआर में उसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में लगभग 13.52 लाख स्क्वेयर फीट रेरा कारपेट एरिया (23.1 लाख स्क्वायर फीट बिक्री योग्य एरिया) की बुकिंग हुई है। यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सेक्टर 58 में गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर लगभग 14.8 एकड़ में फैला है। कंपनी ने बताया कि इसमें आगे चलकर सात रेजिडेंशियल टावर, लैंडस्केप्ड ओपन स्पेस और क्लब थ्री सिक्स्टी नॉर्थ के साथ-साथ रिटेल और कैफे वाला एक खास बुलेवार्ड शामिल होगा।

क्या रुझान है ब्रोकरेज फर्म का?

थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट के पहले चरण को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ओबेरॉय रियल्टी को लेकर पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने इसे खरीदने की सलाह दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,850 से बढ़ाकर ₹2,090 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि कंपनी की FY27 प्री-सेल्स पिछले साल के मुकाबले 123% अधिक रहेगी। नोमुरा का मानना है कि नए मार्केट में एंट्री और लॉन्च पाइपलाइन इसके शेयरों की फिर से रेटिंग के लिए अहम ट्रिगर बनेगा।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Godrej Consumer Products Share Price: Q1 बिजनेस अपडेट के बाद नोमुरा ने दोहराई ‘बाय’ रेटिंग, शेयर 4 प्रतिशत तक उछला

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (GCPL) के शेयर के लिए अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,300 रुपये प्रति शेयर दिया है। इसकी वजह है कि कंपनी का जून तिमाही का बिजनेस अपडेट उम्मीद से बेहतर रहा है। इस अपडेट के बाद गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर भाव 1,117.85 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

नोमुरा का मानना है कि कंपनी की स्टैंडअलोन वॉल्यूम ग्रोथ उम्मीदों के मुताबिक है और अप्रैल-जून तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रही है। भारत और इंटरनेशनल, दोनों ही बिजनेस में सुधार से आने वाली तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी में मदद मिलनी चाहिए, हालांकि नए ब्रांड्स में ज्यादा निवेश की वजह से निकट भविष्य में EBITDA ग्रोथ शुरुआती डबल डिजिट में ही बनी रह सकती है।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को उम्मीद है कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ‘हाई-टीन’ (15-19%) की रेंज में बढ़ेगा, जो वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के ‘डबल-डिजिट’ ग्रोथ के अनुमान से बेहतर है। वॉल्यूम ग्रोथ 7-9% रहने की संभावना है, जबकि EBITDA के कंपनी के ‘डबल-डिजिट’ ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

मार्जिन पर दबाव बने रहने का अनुमान

कंपनी का मानना ​​है कि कॉम्पिटीशन का दबाव कम हो रहा है और बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी वापस आ गई है। लेकिन इनपुट कॉस्ट बढ़ने की वजह से इस तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने की उम्मीद है। GCPL का मानना है कि जून तिमाही में लगभग 6-9% की इनपुट कॉस्ट मार्जिन पर असर डालेगी, लेकिन कंपनी प्राइसिंग एक्शन, कॉस्ट सेविंग और मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के जरिए धीरे-धीरे रिकवरी को लेकर आश्वस्त है।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: ब्रोकरेज हाउसेज ने 10 शेयरों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके लिए 14% से 43% तक के संभावित अपसाइड का अनुमान लगाया गया है। मजबूत बिजनेस आउटलुक, कमाई में सुधार और ग्रोथ की उम्मीद के दम पर इन शेयरों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

DLF

ब्रोकरेज Motilal Oswal ने DLF पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 775 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। निवेशकों को यहां करीब 14% तक का रिटर्न मिल सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि कमर्शियल पोर्टफोलियो से मिलने वाली नियमित आय अगले पांच साल तक ग्रोथ का बड़ा आधार रहेगी। रेजिडेंशियल लॉन्च और मजबूत कलेक्शन से कैश फ्लो भी बेहतर रहेगा।

Hindustan Zinc

Emkay Global ने Hindustan Zinc पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 625 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर में 17% से ज्यादा की बढ़त की संभावना जताई गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि डिमर्जर के बाद कंपनी समूह की वित्तीय और परिचालन मजबूती का अहम आधार बनेगी। रेवेन्यू और EBITDA में इसका सबसे बड़ा योगदान रहने की उम्मीद है।

Dixon Technologies

Investec ने Dixon Technologies पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 14,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यानी शेयर में करीब 17% तक का उछाल आ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि Vivo के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को मंजूरी मिलने से पहले भी मोबाइल फोन का वॉल्यूम मजबूत रहेगा। एक्सपोर्ट, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और नए बिजनेस से भी कमाई बढ़ने की उम्मीद है।

Coforge

ब्रोकरेज फर्म Bank of America ने Coforge पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 1,725 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस हिसाब से शेयर में करीब 18% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, सरकारी और ट्रैवल सेक्टर से मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की ऑर्गेनिक रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Lodha Developers

Motilal Oswal ने Lodha Developers पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,285 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह शेयर करीब 21% तक का रिटर्न दे सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोजेक्ट लॉन्च, मजबूत एक्सीक्यूशन और लगातार बिजनेस विस्तार से कंपनी अपनी बढ़त बनाए रखेगी। ऑपरेटिंग कैश फ्लो और रेंटल कारोबार का विस्तार भी कमाई को सहारा देगा।

Bharti Airtel

Nomura ने Bharti Airtel को टेलीकॉम सेक्टर में अपनी टॉप पसंद बताया है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 2,220 रुपये से बढ़ाकर 2,355 रुपये कर दिया है। ‘Buy’ रेटिंग भी बरकरार रखी गई है। इस हिसाब से शेयर में करीब 24% तक का अपसाइड मिल सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि 5G रोलआउट अब लगभग पूरा हो चुका है। इससे पूंजीगत खर्च कम होगा। फ्री कैश फ्लो बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में कर्ज भी तेजी से घट सकता है।

MCX

Jefferies ने MCX पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 3,600 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज को शेयर में करीब 28% तक की छलांग की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का मानना है कि भारत का कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार अभी शुरुआती दौर में है। कम पैठ की वजह से आने वाले वर्षों में MCX के लिए ग्रोथ की बड़ी गुंजाइश है।

United Spirits

Antique ने United Spirits पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,791 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से शेयर करीब 29% तक चढ़ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि तमिलनाडु में डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बदलाव का फायदा कंपनी को मिलेगा। इससे राष्ट्रीय ब्रांडों की पहुंच बढ़ेगी। प्रीमियम पोर्टफोलियो की बिक्री को भी सहारा मिलेगा।

RBL Bank

ब्रोकरेज Nuvama ने RBL Bank पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 470 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस टारगेट के आधार पर शेयर में करीब 30% की तेजी देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक कॉरपोरेट लोन, माइक्रोफाइनेंस और क्रेडिट कार्ड कारोबार की चुनौतियों से काफी हद तक उबर चुका है। Emirates NBD के 26,000 करोड़ रुपये के निवेश से बैंक की पूंजी स्थिति भी मजबूत हुई है।

Jubilant Ingrevia

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Jubilant Ingrevia पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 975 रुपये रखा है। मौजूदा भाव 680.95 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 43% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए टर्नअराउंड वाला साल साबित हो सकता है। भरूच प्लांट में EBITDA बेहतर होने की उम्मीद है। 6.6 करोड़ डॉलर के कर्ज को कम करने की योजना से बैलेंस शीट मजबूत होगी और वित्तीय जोखिम घटेगा।

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Blue Star के शेयर में 18% तक उछाल का दम! ब्रोकरेज ने दी खरीदने की सलाह

एसी, एयर प्योरिफायर और वॉटर कूलर बनाने वाली ब्लू स्टार लिमिटेड के शेयरों में आगे 18 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद प्रभुदास लीलाधर के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 1873 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 18 प्रतिशत ज्यादा है। बीएसई पर शेयर शुक्रवार, 3 जुलाई को 1583.60 रुपये पर बंद हुआ था।

ब्रोकरेज ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा कि ब्लू स्टार भारत की प्रमुख एयर कंडीशनिंग और कमर्शियल रेफ्रिजरेशन कंपनियों में से एक है। कंपनी की मौजूदगी रूम एयर कंडीशनर (RAC), कमर्शियल एयर कंडीशनर (CAC), इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स (EMP), कमर्शियल रेफ्रिजरेशन और इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस जैसे कई क्षेत्रों में है। कंपनी भारत में कूलिंग की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इसके पीछे कारण हैं…

  • RAC की बढ़ती पहुंच और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी
  • CAC और EMP में लीडरशिप
  • श्री सिटी फैसिलिटी के जरिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को समय पर बढ़ाना
  • डेटा सेंटर के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से मिलने वाले नए मौके

प्रभुदास लीलाधर ने उम्मीद जताई है कि FY26-28E के दौरान ब्लू स्टार का रेवेन्यू 18.9%, EBITDA 22.9% और शुद्ध मुनाफा 24.9% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। इसकी वजह यूनिटरी कूलिंग प्रोडक्ट्स (UCP) और EMP दोनों कारोबारों में लगातार मांग, क्षमता का बेहतर इस्तेमाल और ऑपरेटिंग लेवरेज है। कंपनी की अच्छी कमाई की संभावना, बेहतर मुनाफे और हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) इंडस्ट्री में लीडरशिप को देखते हुए ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग और 1,873 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

Blue Star का शेयर 6 महीनों में 12 प्रतिशत कमजोर

Blue Star का मार्केट कैप 32500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 12 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 36.49 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,049.95 रुपये और एडजस्टेड लो 1,450 रुपये है।

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जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 3,862.88 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 162.93 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 11,779.23 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस बीच शुद्ध मुनाफा 385.10 करोड़ रुपये रहा।

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Ambuja Cements Share Price: बर्नस्टीन ने इस सीमेंट स्टॉक की रेटिंग को किया अपग्रेड, जानें क्या है टारगेट प्राइस

Ambuja Cements Share Price: बर्नस्टीन ने गुरुवार, 2 जुलाई को अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (Ambuja Cements Ltd) को उसकी पिछली रेटिंग “मार्केट परफॉर्म” से “आउटपरफॉर्म” में अपग्रेड किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भारत के दो सबसे बड़े सीमेंट प्रोड्यूसर के बीच वैल्यूएशन का अंतर अब टिकाऊ नहीं रहा। अपग्रेड के बावजूद, बर्नस्टीन ने अंबुजा सीमेंट्स पर अपना प्राइस टारगेट ₹542 प्रति शेयर से घटाकर ₹486 कर दिया, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से 16% की बढ़त की संभावना है।

ब्रोकरेज ने कहा कि अंबुजा, अल्ट्राटेक सीमेंट के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही है, भले ही यह कैपेसिटी के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट प्रोड्यूसर बन गई है।

बर्नस्टीन के अनुसार, अल्ट्राटेक की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹3.6 लाख करोड़ है और इसकी सीमेंट कैपेसिटी 206 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है, जबकि श्री सीमेंट की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹90,000 करोड़ है और इसकी कैपेसिटी 69 MTPA है। इसकी तुलना में, अंबुजा की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹1.2 लाख करोड़ है, जबकि इसकी कैपेसिटी 109 MTPA है।

ब्रोकरेज ने कहा कि अंबुजा की वैल्यू अभी लगभग एक नया ग्रीनफील्ड सीमेंट प्लांट बनाने की लागत के बराबर है, जो कंपनी के स्केल या कमाई की क्षमता को नहीं दिखाता है। बर्नस्टीन को उम्मीद है कि अंबुजा की चल रही कैपेसिटी बढ़ाने और ऑपरेशनल सुधारों से आगे चलकर अल्ट्राटेक और श्री सीमेंट दोनों के साथ प्रति टन EBITDA का अंतर कम करने में मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि आने वाले सालों में मजबूत एग्जीक्यूशन से री-रेटिंग को बढ़ावा मिलना चाहिए क्योंकि कंपनी बड़ी कंपनियों के साथ प्रॉफिट का अंतर कम कर रही है।

अंबुजा सीमेंट्स पर 46 एनालिस्ट की कवरेज है, जिनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 10 ने “होल्ड” कहा है, जबकि तीन अन्य ने “सेल” रेटिंग दी है।

अंबुजा सीमेंट्स के शेयर अभी गुरुवार को 1.7% बढ़कर ₹426.5 पर ट्रेड कर रहे हैं। स्टॉक अपने 52-हफ़्ते के हाई ₹624 से 32% नीचे है। 2027 में अब तक स्टॉक 24% नीचे आ चुका है।

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Vedanta Oil and Gas के शेयरों में तूफानी तेजी, समूह की दूसरी कंपनियों के स्टॉक्स भी उछले

वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में 2 जुलाई को भी तेजी देखने को मिली। बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद शेयरों को पंख लग गए। 12 बजे शेयर 8.69 फीसदी के उछाल के साथ 42 रुपये पर चल रहा था। एक हफ्ते में यह शेयर 28 फीसदी से ज्यादा उछला है। 1 जुलाई को भी इस शेयर में जबर्दस्त तेजी आई थी।

Vedanta Iron and Steel में लगा अपर सर्किट 

Vedanta ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी जबर्दस्त तेजी। वेदांता ने अपने बिजनेस का डीमर्जर किया था। इसकी चार कंपनियां 15 जून को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। गुरुवार को सभी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। सबसे ज्यादा तेजी Vedanta Iron and Steel में दिखी। 10 फीसदी चढ़ने के बाद इस शेयर में अपर सर्किट लग गया। यह शेयर एक हफ्ते में 31 फीसदी से ज्यादा उछला है।

ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

2 जुलाई को 12 बजे वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर 10 फीसदी चढ़कर 42.65 रुपये पर चल रहा था। Vedanta Oil and Gas का शेयर 8.76 फीसदी के उछाल के साथ 42.07 रुपये पर चल रहा था। Vedanta Power का शेयर 4.95 फीसदी की तेजी के साथ 46.40 रुपये पर था। Vedanta Aluminium का शेयर 1.36 फीसदी की तेजी के साथ 458.40 रुपये पर चल रहा था।

1 जुलाई को भी इस वजह से आई थी तूफानी तेजी

1 जुलाई को भी इन चारों कंपनियों के शेयरों को पंख लग गए थे। इसकी वजह यह थी कि ये शेयर ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट से बाहर आए थे। ये चारों शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में 15 जून को लिस्ट हुए थे। पहले 10 कारोबारी दिनों के लिए इन्हें टी2टी सेगमेंट में डाला गया था। T2T सेगमेंट में शामिल शेयरों में हर ट्रांजेक्शन पर डिलीवरी जरूरी होती है। इन शेयरों में इंट्रा-डे बाइंग और सेलिंग की इजाजत नहीं होती है। शेयर की कीमत चढ़ने या उतरने की स्थिति में 5 फीसदी पर ही सर्किट लग जाता है।

वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों का 550 रुपये टारगेट प्राइस

बाजार के जानकारों का कहना है कि वेदांता का डीमर्जर सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इससे शेयरों में तेजी दिख रही है। डीमर्जर के बाद वेदांता की लिस्टेड कंपनियों की संख्या 5 हो गई है। वेदांता ग्रुप की कंपनियों को लेकर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। एमके ग्लोबल ने वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों को खरीदने की राय दी है। उसने शेयर के लिए 550 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

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वेदांता पावर का बड़ा फ्यूचर प्लान 

ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल ने वेदांता पावर के बारे में कहा है कि कंपनी स्थापित क्षमता के लिहाज से भारत के टॉप पांच प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी FY33 तक टॉप 3 प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में अपनी जगह बनाना चाहती है। कंपनी कोयला आधारित अपनी क्षमता 4.2GW से बढ़ाकर इस वित्त वर्ष के अंत तक 4.8GW करना चाहती है। 2 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। निफ्टी और सेंसेक्स करीब 0.50 फीसदी ऊपर चल रहे थे।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर क्रैश, जेपी मॉर्गन ने घटाया टारगेट प्राइस

KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही 1 जुलाई को केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर धड़ाम हो गया। 10 फीसदी गिरने के बाद शेयर में लोअर सर्किट लग गया। इसकी वजह कंपनी का बयान है। ऑटोमोटिव सॉफ्टेवेयर कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में उसकी प्रॉफिट ग्रोथ कमजोर रह सकती है। इसके बाद जेपी मॉर्गन ने इसके शेयर की रेटिंग घटा दी है। इसके शेयर का टारगेट प्राइस भी कम कर दिया है। इसका असर बुधवार को बाजार खुलने पर शेयरों को देखने को मिला। लोअर सर्किट के बाद दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर भी शेयर में बिकवाली दबाव जारी रहा।

15 फीसदी तक फिसला शेयर

KPIT Technologies का शेयर 1 जुलाई को 10 बजे 15.83 फीसदी गिरकर 564 रुपये पर चल रहा था। इससे यह BSE Midcap Index का सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर बन गया। बीते एक साल में यह शेयर 51.5 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में सिर्फ 6.4 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी ने कहा है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका रेवेन्यू पहली तिमाही जितनी रहने का अनुमान है। इससे यह संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोरी बनी रह सकती है।

शेयरों में 362 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील

केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के करीब 62.61 लाख शेयरों में प्रति शेयर 375 रुपये की औसत कीमत पर ब्लॉक डील हुई। इस ट्रांजेक्शन की वैल्यू करीब 362.4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जेपी मॉर्गन ने केपीआईटी टेक्नोलॉजी के शेयर को डाउनग्रेड कर ‘अंडरवेट’ कर दिया है। पहले उसने इस शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी थी। उसने शेयर का टारगेट प्राइस 700 रुपये से घटाकर 550 रुपये कर दिया है।

कंपनी के गाइडेंस पूरा नहीं करने की आशंका

जेपी मॉर्गन ने कहा है कि ऐसा लगता है कि केपीआईटी टेक्नोलॉजीज पहली तिमाही के रेवेन्यू और मार्जिन के अपने गाइडेंस को पूरा नहीं कर पाएगी। साल दर साल आधार पर कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 1 फीसदी और तिमाही दर तिमाही आधार पर 4 फीसदी (कॉन्सटेंट करेंसी में) घट सकती है। इससे यह संकेत मिलता है कि यूरोप में ऑटोमोटिव ऑरिजिनल इक्विपमेंट (OEM) कंपनियां खर्च करने में कंजूसी बरत रही हैं।

जेपी मॉर्गन ने रेवेन्यू के अनुमान को घटाया

जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस वित्त वर्ष की पहली छमाही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के लिए कमजोर रह सकती है। तिमाही दर तिमाही आधार पर ग्रोथ चौथी तिमाही में दिख सकती है। उसने यह भी कहा है कि FY27 रेवेन्यू में ऑर्गेनिक गिरावट का लगातार दूसरा साल हो सकता है। इसके मद्देनजर ब्रोकरेज फर्म ने FY27-FY29 के अपने रेवेन्यू अनुमान को 5-8 फीसदी तक घटा दिया है।

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