‘खराब प्रदर्शन’ कहकर निकाला, अब कंपनी को देना पड़ा ₹19 लाख का हर्जाना

सिंगापुर में नौकरी से जुड़े एक मामले ने कंपनियों की प्रोबेशन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला कर्मचारी को खराब प्रदर्शन का आरोप लगाकर नौकरी से हटा दिया गया था, लेकिन बाद में Employment Claims Tribunal ने कंपनी के फैसले को अनुचित माना। ट्रिब्यूनल ने कहा कि अगर कर्मचारी को प्रदर्शन के मानकों की सही जानकारी नहीं दी गई थी, तो उसे उन्हीं आधारों पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

इस फैसले के बाद महिला को S$30,000 (करीब ₹19 लाख) का मुआवजा देने का आदेश दिया गया। यह मामला अब कंपनियों के लिए भी एक सीख बन गया है कि कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन स्पष्ट नियमों और सही प्रक्रिया के आधार पर किया जाना चाहिए।

6 महीने के प्रोबेशन के बाद लिया गया था फैसला

महिला ने अप्रैल 2025 में कंपनी जॉइन की थी और उसे छह महीने के प्रोबेशन पर रखा गया था। प्रोबेशन खत्म होने से पहले कंपनी ने उसे बताया कि उसका रोजगार आगे जारी नहीं रखा जाएगा, क्योंकि उसका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं था। हालांकि, महिला ने इस फैसले को चुनौती दी और दावा किया कि उसे कभी भी उसके काम को लेकर कोई मौखिक या लिखित चेतावनी नहीं दी गई थी।

महिला ने उठाए कई सवाल

कर्मचारी ने ट्रिब्यूनल में कहा कि कंपनी ने जिन प्रदर्शन मानकों के आधार पर उसे अयोग्य बताया, उनके बारे में उसे कभी स्पष्ट जानकारी ही नहीं दी गई थी।

उसने यह भी आरोप लगाया कि एक प्रोजेक्ट में व्हिसलब्लोअर की भूमिका निभाने के कारण उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। इसके अलावा, उसने भाषा को लेकर भेदभाव का भी आरोप लगाया और कहा कि कोरियन भाषा न जानने की वजह से उसे निशाना बनाया गया।

कोर्ट ने कहा- बताए बिना नहीं थोप सकते प्रदर्शन के नियम

ट्रिब्यूनल के मजिस्ट्रेट जोएल टैन ने कहा कि किसी कर्मचारी को ऐसे मानकों पर नहीं परखा जा सकता, जिनके बारे में उसे पहले बताया ही न गया हो। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी ने अपने प्रदर्शन मानकों को स्पष्ट नहीं किया है, तो बाद में उन्हीं नियमों को आधार बनाकर कर्मचारी को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।

कंपनी की प्रोबेशन प्रक्रिया में मिली कमी

मजिस्ट्रेट ने माना कि कर्मचारी के काम में सुधार की गुंजाइश हो सकती थी, लेकिन कंपनी ने यह साबित नहीं किया कि उसे किन स्पष्ट मानकों पर आंका गया था। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर लापरवाही या बड़ी गलती का नहीं था, बल्कि अस्पष्ट अपेक्षाओं के आधार पर कर्मचारी का मूल्यांकन किया गया।

भेदभाव और व्हिसलब्लोअर के आरोप हुए खारिज

हालांकि, ट्रिब्यूनल ने महिला के उन आरोपों को सही नहीं माना, जिनमें उसने कहा था कि भाषा की वजह से उसके साथ भेदभाव हुआ और व्हिसलब्लोअर बनने के कारण कंपनी ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।

कंपनियों के लिए बड़ा सबक

इस फैसले से कंपनियों को संदेश मिला है कि कर्मचारियों को नौकरी से हटाने से पहले प्रदर्शन के नियम, अपेक्षाएं और सुधार के मौके स्पष्ट रूप से बताना जरूरी है। ट्रिब्यूनल ने महिला को तीन महीने की सैलरी के बराबर S$34,500 का दावा योग्य माना, लेकिन कानूनी सीमा के कारण अधिकतम S$30,000 का मुआवजा दिया गया।

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Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी, एशिया बाजारों में गिरावट, कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा

Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। Sandisk 14 परसेंट लुढ़का है। Micron, SK Hynix ADR, Seagate, Intel जैसे दिग्गज भी 10 परसेंट तक नीचे फिसले। कल की बड़ी गिरावट के बाद कोरिया का बाजार आज भी दबाव में नजर आ रहा है। US में नैस्डैक में भी प्रेशर दिखा। हालांकि OLD ECONOMY को Reflect करने वाला डाओ जोंस 500 प्वाइंट ऊपर बंद हुआ।

निक्केई करीब 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 61,555.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.81 फीसदी गिरकर 40,865.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.49 फीसदी की बढ़त के साथ 25,688.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 5.11 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 3,784.70 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार रात अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में सुस्ती रही, जबकि ईरान के हमले को अमेरिकी सेना द्वारा रोके जाने के बाद तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स सपाट स्तर के आसपास रहे और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 38 अंक या लगभग 0.1% नीचे आए।

मंगलवार के रेगुलर सेशन के दौरान, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 500 अंकों से ज़्यादा की रैली देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने आने वाले फैसले से पहले अपनी स्थिति मज़बूत की। तेल की कीमतों में हालिया गिरावट के कारण इस ब्लू-चिप इंडेक्स में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की गई। वहीं, सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक कम्पोजिट लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ।

क्रूड में तेजी

बुधवार, 29 जुलाई को तेल की कीमतों में 3% से ज़्यादा की रिकवरी हुई। पिछले सेशन में हुई भारी गिरावट के बाद यह सुधार हुआ, जब अमेरिका और ईरान ने तनावपूर्ण गतिविधियों को रोक दिया था। अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से ज़्यादा कमी आने से भी इस रिकवरी को बल मिला।

पिछले तीन सेशन में 14% से ज़्यादा गिरने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $2.71 या 3.2% बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $2.26 या 3.4% बढ़कर $81.95 प्रति बैरल पर पहुंच गया। US-Iran युद्ध

X पर एक पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए ईरान द्वारा किए गए “अचानक हमले की कोशिश” को सफलतापूर्वक रोक दिया।

इस बीच, इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ने लगातार दूसरे दिन सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर ड्रोन से हमला किया, जिससे देश पर दबाव बढ़ गया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने मंगलवार को हमले को रोक दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या किसी सुविधा को नुकसान पहुंचा है। सरकारी IRIB न्यूज़ के अनुसार, ईरान ने इस घटना में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया।

US Fed की बैठक

निवेशकों की नजर US फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों पर आने वाले फ़ैसले और बुधवार, 29 जुलाई को होने वाली चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी है।CME के ​​FedWatch टूल के अनुसार, Fed फंड्स फ़्यूचर्स से संकेत मिलता है कि लगभग 70% संभावना है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को मौजूदा 3.5% से 3.75% की टारगेट रेंज में ही बनाए रखेगा।

आज सोने की कीमत

दिन में बाद में आने वाले फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दर के फ़ैसले से पहले बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई।

पिछले सेशन में 1.1% की गिरावट के बाद शुरुआती कारोबार में सोना $4,020 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था। इंटरेस्ट-रेट स्वैप से संकेत मिलता है कि Fed द्वारा 25-बेसिस-पॉइंट की दर बढ़ोतरी की संभावना लगभग तीन में से एक है, जो पॉलिसी की घोषणा से पहले अनिश्चितता के असामान्य रूप से उच्च स्तर को उजागर करता है। आम तौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने पर दबाव डालती हैं, क्योंकि इस कीमती धातु से कोई ब्याज आय नहीं होती।

पांच महीने पहले US-Iran संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने में लगभग 25% की गिरावट आई है, क्योंकि ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारी गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ओर से मज़बूत ‘डिप-बाइंग’ (कीमत गिरने पर खरीदारी) के कारण यह धातु जून के आखिर से $4,000 प्रति औंस के अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बनी हुई है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अमेरिका-सऊदी ने इराक में हवाई हमले किए:ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर निशाना; जवाब में ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ये मिसाइलें जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर दागी गई थीं, लेकिन सभी को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया गया। सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत के तेल ठिकानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन मार गिराए। वहीं, यमन के हुती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने की बात कही। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने भी एक टैंकर के पास विस्फोट की सूचना दी है। इराक में US-सऊदी के हमलों से जुड़े फुटेज… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प-नेतन्याहू की मुलाकात, ईरान पर बनी सहमति: व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद नेतन्याहू ने इसे अपनी सबसे अच्छी बैठकों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। 2. जेलेंस्की ने ट्रम्प से एयर डिफेंस और युद्ध पर की चर्चा: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रम्प से मुलाकात में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, रक्षा सहयोग और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज करने पर चर्चा की। 3. होर्मुज स्ट्रेट पर ओमान का नया फॉर्मूला: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ओमान ने प्रस्ताव दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण सिर्फ ईरान के पास न होकर क्षेत्र के सभी देशों की साझेदारी में हो। इस प्रस्ताव को खाड़ी के कई देशों का समर्थन भी मिला है। 4. अमेरिका-ईरान बातचीत की खबरों से कच्चा तेल सस्ता: दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों पिछले कई दिनों के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे। 5. मिडिल ईस्ट में बढ़े ड्रोन हमले, कई देशों में अलर्ट: पिछले दो दिनों में इराक, जॉर्डन और सऊदी अरब में ड्रोन हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। कुछ हमलों की जिम्मेदारी हूतियों ने ली है, जबकि कई मामलों में हमलावरों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत जारी:सफल रही तो ठीक, नहीं तो फिर शुरू होंगे हवाई हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका कोई हल निकल जाएगा। लेकिन अगर बातचीत बेनतीजा रही तो अमेरिका फिर से ईरान पर हवाई हमले शुरू करेगा। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने दावा किया, “पिछले 14 दिनों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद उन्होंने हमसे कहा कि हमले रोकिए और बातचीत करते हैं।” हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया। तेहरान का कहना है कि उसने अमेरिका से बातचीत की पहल नहीं की है। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने फिलहाल ईरान पर हवाई हमले रोक रखे हैं। दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत चल रही है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट समेत कई अहम मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Jauhar University: जौहर यूनिवर्सिटी पर नहीं चलेगा बुलडोजर, सामने आया ये आदेश…जानें प्रशासन ने क्या कहा

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जौहर यूनिवर्सिटी को मुरादाबाद प्रशासन से बड़ी राहत मिली है। मुरादाबाद कमिश्नर ने रामपुर के जिलाधिकारी और रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) को अगली सुनवाई तक ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इस आदेश के साथ ही फिलहाल यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने की संभावना टल गई है।

सामने आई ये बड़ी जानकारी

जानकारी के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। इस प्रकरण की सुनवाई सोमवार को प्रस्तावित थी, लेकिन न्यायालय में शोक (कंडोलेंस) के कारण अवकाश रहने से सुनवाई अब अगली तारीख पर होगी। दरअसल, रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में कथित अवैध निर्माण को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। आरडीए ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था।

जानें क्या है पूरा मामला

बता दें कि, बीती 15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण ने दावा किया कि जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शा पास कराए किया गया है। ऐसे में अगले पंद्रह दिनों के भीतर या तो विश्वविद्यालय प्रशासन खुद इन भवनों को ध्वस्त कर दे या फिर निर्धारित अवधि के बाद प्राधिकरण खुद इन भवनों को गिरा देगा।

40 में से 38 इमारतें बताई गईं अवैध

रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी की कुल 40 इमारतों में से सिर्फ 2 के पास ही मंजूर निर्माण नक्शा है। बाकी 38 इमारतों को अवैध निर्माण माना गया है और उन्हें गिराने का आदेश दिया गया है। यूनिवर्सिटी पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने के आरोप भी लगे हैं। यह फैसला जिला मजिस्ट्रेट ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन की बात सुनने के बाद लिया। अधिकारियों ने प्रबंधन की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। आरडीए ने यूनिवर्सिटी को 15 दिन का समय दिया था, ताकि वह खुद इन कथित अवैध इमारतों को हटा दे। अगर तय समय के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो प्राधिकरण खुद तोड़फोड़ की कार्रवाई करेगा।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 1% से ज्यादा लुढ़का, क्रूड में गिरावट

Asian Market Today: सोमवार को मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और क्रूड की कीमतों में गिरावट से इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट अच्छा होने से एशियाई मार्केट मिला-जुला कारोबार कर रहे। निक्केई करीब 0.09 फीसदी की बढ़त के साथ 64,630.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.18 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.67 फीसदी गिरकर 43,361.21 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ 25,072.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 1.28 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट0.57 फीसदी की बढ़त के साथ 3,835.82 के स्तर पर दिख रहा है।

क्रूड में गिरावट

ईरान के हमले रोकने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई, बशर्ते US भी लगभग दो हफ़्ते के तेज़ संघर्ष के बाद दुश्मनी पर अपनी रोक बनाए रखे। इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5% से ज़्यादा गिरकर लगभग $92 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 5% गिरकर लगभग $85 प्रति बैरल पर आ गया।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक फ्यूचर्स रविवार रात को चढ़े, जबकि वीकेंड में U.S. और ईरान के बीच दुश्मनी कम होने के बाद तेल की कीमतें गिर गईं। इन्वेस्टर्स अब अपना ध्यान इस बिज़ी हफ़्ते पर लगा रहे हैं जिसमें बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई और फ़ेडरल रिज़र्व की मीटिंग शामिल है, जिससे अचानक पॉलिसी सिग्नल मिल सकते हैं।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज से जुड़े फ्यूचर्स में 244 पॉइंट्स या 0.5% की बढ़त हुई। S&P 500 फ्यूचर्स 0.6% बढ़े, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स ने बेहतर परफ़ॉर्म किया, जो 1.2% बढ़ा।

US-ईरान युद्ध

ईरान पर 13 दिनों तक हमले करने के बाद, US ने शुक्रवार देर रात से और हमले करने से परहेज़ किया है, जिससे प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम को लेकर अंदाज़ा लगाया जा रहा है। इस बीच, ईरान की मिलिट्री ने कहा कि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई रोक दी है।

हालांकि, यमन के ईरान सपोर्टेड हूथी विद्रोहियों ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने रेड सी पोर्ट शहरों जिज़ान और यानबू में सऊदी अरामको से जुड़ी फैसिलिटी को टारगेट किया है। इस दावे की पुष्टि न तो सऊदी अधिकारियों ने की है और न ही सरकारी तेल प्रोड्यूसर ने।

आज सोने का रेट

मिडिल ईस्ट में दुश्मनी रुकने के बाद सोमवार को सोने की कीमतें 1% से ज़्यादा चढ़ गईं, जिससे तेल की कीमतें कम हुईं, जिससे महंगाई और इंटरेस्ट रेट के लंबे समय तक ऊंचे रहने की संभावना को लेकर चिंता कम हुई।

स्पॉट गोल्ड 1.3% बढ़कर $4,103.99 प्रति औंस हो गया, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.9% बढ़कर $4,106.10 प्रति औंस हो गया।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव 14 दिन के लिए भेजे गए पटना के बेऊर जेल, NEET प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप

Tej Pratap Yadav: जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को ‘बिहार बंद’ के दौरान हुई तोड़-फोड़ और आगजनी के मामले में गिरफ्तारी के बाद पटना की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है। शनिवार देर रात बिहार पुलिस ने तेज प्रताप यादव को एक मॉल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने तेज प्रताप यादव को नीट पेपर लीक के खिलाफ शनिवार को ‘बिहार बंद’ के दौरान पटना में प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने पर गिरफ्तार किया। यादव पटना के रामगुलाम चौक पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए, जिसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वाहन में बैठा लिया। पुलिस द्वारा ले जाए जाने से पहले वाहन का दरवाजा पकड़े यादव ने कहा, “हम छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जरूरत पड़ी तो मैं छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं।”

यादव ने प्रदर्शन में शामिल होकर बंद को अपना समर्थन दिया था। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने प्रदर्शन में शामिल होने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग दोहराई।

अधिकारियों ने बताया कि नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों ने शनिवार को बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई।

पुलिस ने बताया कि बंद का राज्यभर में मिलाजुला असर रहा। पटना में पथराव की घटनाएं हुईं। जबकि नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास में बंद का बहुत कम असर देखने को मिला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प और पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जब तेज प्रताप छात्रों के साथ रामगुलाम चौक से डाक बंगला चौराहे की ओर मार्च करने लगे, तो एग्जिबिशन रोड के पास पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

वकील ने क्या बताया?

तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा, “FIR 26 तारीख को दर्ज की गई थी। जबकि गिरफ्तारी 25 तारीख को शाम 7:30 बजे सिटी सेंटर मॉल से हुई थी। मैंने अभी उनकी रिहाई के लिए जज के पास एक अर्जी दी है। उन्होंने मुझसे सोमवार को जमानत की मांग पर कार्रवाई करने को कहा।”

रविवार सुबह ANI से बातचीत में वकील ने आगे कहा, “मैं सुबह 10:30 बजे नौबतपुर पुलिस स्टेशन पहुंचा। वहां 2 SP थे… मैंने उनसे उनकी गिरफ्तारी का कारण पूछा। उनके परिवार वालों को यह भी नहीं पता कि वे शाम 7:30 बजे से हिरासत में थे… हमें अभी तक FIR की कॉपी भी नहीं मिली है।”

वहीं, तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर JJD की बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार वीणा मानवी ने कहा, “मैं कुछ नहीं कहना चाहती। 13 तारीख से हमें परेशान किया जा रहा है। पहले उन्होंने (पुलिस) मुझे नामांकन के दिन उठाया। फिर आज उन्हें उठा लिया। ऐसा लगता है कि पूरा बांकीपुर जिला अब जनशक्ति जनता दल पर निर्भर है।”

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उन्होंने आगे कहा, “अगर हम थोड़ा विरोध करते हैं तो क्या गलत है? उन्होंने क्या अपराध किया? अगर बच्चों के बीच एक बार राष्ट्रीय ध्वज दिखाया गया, तो क्या वह अपराध था? और अगर आपकी नज़र में यह अपराध था भी, तो उन्हें उसी समय वहां से ले जाना चाहिए था। लेकिन उन्हें तब उठाने का क्या मतलब है जब वे शाम को परिवार के साथ समय बिता रहे थे, खरीदारी करने जा रहे थे? मुझे भी इसके पीछे का कारण नहीं पता…।”

ईरान पर सबसे बड़े हमले से पीछे हटे ट्रम्प:सलाहकारों की चेतावनी- देश में पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले की योजना फिलहाल रोक दी है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि व्यापक कार्रवाई से अमेरिकी सेना के पास मौजूद पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से घट सकता है। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने सलाह दी कि बड़े अभियान से मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल के अंत तक अमेरिका 1,200 से ज्यादा पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें इस्तेमाल कर चुका था। हालांकि ट्रम्प ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर सभी विकल्प खुले हैं। फिलहाल सैन्य कार्रवाई की बजाय अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए कारोबारी बाबेक जंजानी के नेटवर्क से जुड़ी 9 कंपनियों और 4 लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हमला: हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने शनिवार को सऊदी अरब के जजान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। जजान रिफाइनरी को सऊदी अरब की पांचवीं सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी माना जाता है। 2. ईरान की फायरिंग के बाद 4 जहाजों ने बदला रास्ता: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने पिछले 24 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे चार जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। इसके बाद चारों जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया। 3. ईरान में पेट्रोल महंगा करने पर विचार: ईरान सरकार पेट्रोल की खपत को कंट्रोल करने के लिए पेट्रोल को महंगा कर सकती है। सरकार के मुताबिक, अभी इस पर विचार कर रही है कि बदलाव कैसे लागू किए जाएं। 4. अमेरिका ने ईरान पर हमला रोका: अमेरिका ने शुक्रवार रात ईरान पर हमला नहीं किया। इससे पहले वह लगातार 13 दिनों तक हर रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहा था। 5. बहरीन में अमेरिकी ठिकाने पर ईरानी हमला: ईरान ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के नौसैनिक ठिकाने पर हमला किया। यहां ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया, जिसके बाद कई बड़े विस्फोट हुए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

BHAVYA-Rasayan Scheme: बड़ा ऐलान! 3030 करोड़ खर्च कर देश में बनेंगे 3 विशाल केमिकल पार्क, जानें किसे होगा फायदा

BHAVYA-Rasayan Scheme: देश में केमिकल सेक्टर को मजबूत करने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को स्पीड देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में देश में 3 डेडिकेटेड केमिकल पार्क बनाने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना-रसायन (BHAVYA-Rasayan Scheme) को मंजूरी दी गई है। PTI के मुताबिक सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को इस नई योजना का ऐलान किया। इसकी घोषणा वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में ही कर दी गई थी। सरकार ने बताया है कि इस स्कीम के लिए 3030 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया है।

₹3030 करोड़ के बजट का कैसे होगा इस्तेमाल?

ये योजना मौजूदा वित्त वर्ष से शुरू होकर वित्त वर्ष 2030-31 तक (5 वर्षों के लिए) के लिए होगी। कुल बजट में से ₹3000 करोड़ पार्कों के भीतर कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं को तैयार करने के लिए दिए जाएंगे। बाकी ₹30 करोड़ का इस्तेमाल एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों के लिए होगा। केंद्र सरकार प्रति पार्क ₹1000 करोड़ तक की सहायता देगी। इसके लिए संबंधित राज्य सरकार को न्यूनतम ₹500 करोड़ का योगदान देना अनिवार्य होगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इन तीनों पार्कों की स्थापना के लिए कुल निवेश इससे कहीं अधिक होगा। सरकार की ओर से दी जा रही ₹3,030 करोड़ की सहायता मुख्य रूप से कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के लिए है।

क्यों खास है केमिकल सेक्टर?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इकॉनमी में ऐसे कई क्षेत्र हैं जो बुनियादी महत्व रखते हैं और केमिकल सेक्टर उनमें से एक है क्योंकि यह कई अन्य उद्योगों को बेसिक रॉ मैटेरियल उपलब्ध कराता है।

इस योजना से किसे और क्या फायदा होगा?

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक ‘भव्य-रसायन योजना’ से कई फायदे होंगे। यह योजना अपस्ट्रीम, डाउनस्ट्रीम और सहायक उद्योगों सहित पूरी वैल्यू चेन के साथ-साथ केमिकल इंडस्ट्री के विकास को बढ़ावा देगी। पार्कों के निर्माण से संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा। एक ही जगह पर इंटिग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और उद्योगों के लिए उत्पादन आसान होगा।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल ने ग्लोबल बाजारों का मूड खराब कर दिया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 175 अंक फिसला है। FIIs की कैश में करीब 3000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो भी 8% के नीचे फिसल गया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

23 जुलाई को भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में लगभग 23,695 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजो शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार और अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों में भी आज दबाव दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी में तीन फीसदी की गिरावट है। महंगे क्रूड और बॉन्ड यील्ड के इस साल की ऊंचाई पर पहुंचने से US मार्केट में भी तेज बिकवाली दिखी है। डाओ जोंस 500 अंक से ज्यादा गिरा है। नैस्डैक भी दो परसेंट फिसला है।

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12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ

ट्रंप टैरिफ से भारत को मामूली राहत संभव है। प्रस्तावित 12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ लग सकता है। फोर्स्ड लेबर इनवेस्टिगेशन के तहत 10% टैरिफ का प्रस्ताव है। यह टैरिफ भारत समेत 60 देशों पर लागू होगा।

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा हुआ नरम

अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है। ईरान में UK की एंबेसी बंद कर दी गई है। फ्रांस ने भी तेहरान में अपना दूतावास खाली करा लिया है। ट्रंप ने कहा है कि हूती के हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार होगा। हालांकि, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा नरम पड़ा है। यह 102 डॉलर तक जाकर फिलहाल 99 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

ट्रंप ने कहा है कि पहले हूती जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे थे। पिछले साल अमेरिका ने हमला किया था। हमले के बाद हूती का व्यवहार जिम्मेदारी भरा था। हूतियों ने बीती रात फिर हमला किया है। इन्होंने सऊदी के 2 जहाजों पर हमला किया है। दोबारा ऐसा करना उनके हित में नहीं होगा। इसके लिए हूती और ईरान दोनों को जिम्मेदार ठहराएंगे। ईरान और हूतियों को कड़ी सैन्य सजा मिलेगी। जहाजों और माल को नुसकान की भरपाई होगी। ईरान के पैसों से नुसकान की भरपाई होगी। नुकसान की राशि बड़ी हो सकती है।

कच्चे तले में लगी आग

कच्चे तेल के भाव 2 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। कल ब्रेंट $101 के ऊपर बंद हुआ था। आज भी ब्रेंट $100 के ऊपर कायम है। WTI में भी $91 के ऊपर कारोबार हो रहा है। जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से इसमें तेजी आई है। रेड और ब्लैक सी दोनों जगह तनाव बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर असमंजस कायम है। फिजिकल में भाव $105/बैरल के पार निकलते दिखे हैं। डीजल वायदा 7 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचाई पर दिख रहा है।

इंफोसिस के निराशाजनक Q1 नतीजे

पहली तिमाही में इंफोसिस के नतीजों ने निराश किया है। constant currency Revenue Growth महज 1 परसेंट रही है। यह अनुमान से कम रही है। हालांकि मार्जिन अनुमान के मुताबिक रहे हैं। लेकिन गाइंडेंस में कटौती की गई है। आशीष कुमार दास अगले साल एक अप्रैल से सलिल पारेख की जगह इंफोसिस के नए MD & CEO होंगे। अमेरिका में इंफोसिस का ADR दो परसेंट नीचे बंद हुआ है।

इंडिगो पर पड़ी महंगे कच्चे तेल की मार

इंडिगो के नतीजों पर महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का असर साफ दिखा है। पहली तिमाही में 20% आय बढ़ने के बावजूद कंपनी को 382 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जेट फ्यूल खर्च 86% बढ़ा है। मार्जिन भी घटकर आधे हो गए हैं। मैनेजमेंट ने कहा है कि दूसरी तिमाही में हालात सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है।

Q1 में उम्मीद से बेहतर सोना BLW के नतीजे,14% बढ़ा मोतीलाल ओसवाल का मुनाफा

पहली तिमाही में सोना BLW के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 47% तो रेवेन्यू 52% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन भी उम्मीद से बेहतर रही है। वहीं मोतीलाल ओसवाल का ऑपरेटिंग मुनाफा 14% बढ़ा है। साथ ही असेट एंड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का प्रॉफिट 46% बढ़ा है।

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,श्रीराम फाइनेंस,टाटा कंज्यूमर,NTPC और SBI LIFE के रिजल्ट आएंगे। श्रीराम फाइनेंस का मुनाफा 52% बढ़ सकता है। इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में भी सुधार संभव है। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा,CG पावर,लॉरस लैब समेत वायदा की 13 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

आज कैबिनेट बैठक में होगा बड़ा फैसला

नीट पेपर लीक के खिलाफ पीएम मोदी का कल रात बड़ा संदेश आया। आज कैबिनेट में सरकार पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाएगी। इससे जुड़े बिल को जल्द सदन में पास कराने की कोशिश होगी। उधर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अनशन तोड़ा है। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंनें अनशन तोड़ने का फैसला लिया

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।