Nifty 200 प्वाइंट्स ऊपर और Sensex 15 अंक नीचे, इनवेस्टर्स हैरान, एक्सपर्ट्स क्या बता रहे इसकी असली वजह?

शेयर बाजार में 4 अगस्त यानी आज एक बार फिर इनवेस्टर्स तब हैरान रह गए, जब निफ्टी 200 अंक ऊपर था, लेकिन सेंसेक्स लाल निशान में चल रहा था। आम तौर पर ऐसा नहीं होता है। सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा एक जैसी रहती है। लेकिन, आज बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों की अलग-अलग दिशा देखकर इनवेस्टर हैरान रह गए। सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

3 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का पहला दिन था

इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमें एक दिन पीछे जाना होगा। 3 अगस्त को Sensex और Nifty के क्लोजिंग प्राइस में काफी मिसमैच देखने को मिला था। इसकी वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) है, जिसकी शुरुआत सोमवार को हुई। 3 अगस्त को कंटिन्यूअस ट्रेडिंग (Continuous Trading) बंद होने पर निफ्टी 0.08 फीसदी चढ़कर 24,589 पर बंद हुआ। लेकिन, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद निफ्टी 1.6 फीसदी (390.70) चढ़कर 24,774.30 प्वाइंट्स पर बंद हुआ।

3 अगस्त को निफ्टी के दोनों क्लोजिंग लेवल में काफी फर्क था

इसका मतलब है कि निफ्टी के Continuous Trading के बाद के लेवल और CAS के बाद के लेवल के बीच करीब 200 प्वाइंट्स का अंतर था। लेकिन, Sensex के मामले में ऐसा नहीं था। 3 अगस्त को Sensex 3:15 बजे 78,677.13 पर बंद हुआ था। फिर CAS के बाद यह 78,639.03 पर बंद हुआ। दोनों के बीच फर्क मामूली रहा।

निफ्टी के क्लोजिंग लेवल में फर्क CAS शुरू होने के बाद आया

4 अगस्त को Nifty 50 प्वाइंट्स गिरा, जबकि 3 अगस्त को यह चढ़कर बंद हुआ था। 3 अगस्त को यह 1.6 फीसदी और 0.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ था। फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स वाले स्टॉक्स के लिए नई व्यवस्था (CAS) शुरू होने के बाद ऐसा हुआ। वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के डायरेक्टर क्रांति बाथिनी ने कहा, “3 अगस्त को निफ्टी में अंत में आई तेजी की वजह नई व्यवस्था की शुरुआत थी। यह 4 अगस्त की सुबह सामान्य हो गया।”

ट्रेडिंग की नई व्यवस्था शुरू होने पर कीमतों में फर्क आता है

उन्होंने यह भी कहा कि जब ट्रेडिंग की नई व्यवस्था (Mechanism) शुरू होती है तो कीमतों में इस तरह का फर्क होना सामान्य है। NSE का मानना है कि Closing Actions Session (CAS) में ट्रे़डर्स का पार्टिसिपेशन आगे बढ़ेगा। 3 अगस्त को नई व्यवस्था (CAS) के पहले सेशन में करीब 515 ट्रेडर्स ने पार्टिसिपेट किया। 56,773 यूनिक क्लाइंट्स के लिए ऑर्डर प्लेस किए गए। 3 अगस्त नई व्यवस्था का पहला दिन था, उस हिसाब से पार्टिसिपेशन अच्छा था।

3:15 और 3:30 के बीच कंटिन्यूअस ऑर्डर मैचिंग नहीं हुआ

NSE ने कहा है कि 3 अगस्त को 3:15 और 3:30 के बीच कंटिन्यूअस ऑर्डर मैचिंग नहीं हुआ, जिससे इंडेक्स (Nifty) की वैल्यू स्थिर रही, क्योंकि यह ट्रेडेड वैल्यू पर आधारित थी। हालांकि, इंडिकेटिव वैल्यूज एक्सचेंज की वेबसाइट पर डिस्प्ले हुआ। यह 3:15 और 3:30 के दौरान कंटिन्यूअसली कैलकुलेटेड प्राइसेज इक्विलिबेरियम पर आधारित था।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:28 से 3:30 के बीच चलता है

नए नियम के मुताबिक, कैश सेगमेंट के शेयरों के लिए कंटिन्यूअल ट्रेडिंग सेशन 3:15 पर खत्म हो जाता है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:28 से 3:30 के बीच चलता है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में प्राइस बैंड स्टॉक के रेफरेंस प्राइस से 3 फीसदी ऊपर या नीचे हो सकता है। NSE ने कहा है, “दोनों एक्सचेंजों (NSE और BSE) के CAS के लिए अलग ऑर्डर बुक्स है, जो कंटिन्यूअस ट्रेडिंग सेशन जैसा है। इसलिए हर स्टॉक का प्राइस भी अलग है।”

CAS में एलिजिबल शेयरों में कंटिन्यूअल ट्रेडिंग 3:15 पर बंद हो जाती है

NSE ने कहा है कि चूंकि इंडेक्स का कैलकुलेशन इंडिविजुअल स्टॉक्स के आधार पर होता है, जिससे इंडेक्स की वैल्यू भी अलग हो सकती है। CAS के तहत एलिजिबल शेयरों में कंटिन्यूअल ट्रेडिंग 3:15 पर बंद हो जाती है। इसके बाद मार्केट 20 मिनट के ऑक्शन में चला जाता है, जिसके आधार पर ऑफिशियल क्लोजिंग होती है। ऑक्शन प्राइस वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के 3 फीसदी ऊपर या नीचे के आधार पर तय होता है। नई व्यवस्था में क्लोजिंग से पहले उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

Restaurant Brands का शेयर बना रॉकेट, 18% दौड़ा, क्या यह है खरीदारी का सही समय?

Restaurant Brands Asia Share Price: बर्गर किंग इंडिया की पैरेंट कंपनी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया (Restaurant Brands Asia) के शेयरों में मंगलवार 4 अगस्त को तेज छलांग लगाते नजर आए। शेयर इंट्राडे में 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर, रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के शेयर की कीमत ₹84 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹70.76 से 18.56% ज़्यादा है। इस क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) स्टॉक में इस साल अब तक 28% की बढ़त हुई है।

शेयर में आज की तेज़ी इस स्मॉल-कैप स्टॉक को उसके 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर ₹87.65 के करीब ले आई है, जो पिछले साल सितंबर में बना था। वहीं, इसका 52-हफ़्ते का निचला स्तर ₹57.15 है।

कैसे रहे Q1 नतीजे

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹28.3 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह नुकसान ₹48 करोड़ था। मैनेजमेंट ने कहा कि वे प्राइसिंग ऑप्टिमाइज़ेशन, मेन्यू में नए बदलाव और फिक्स्ड कॉस्ट (जिसमें यूटिलिटीज़ भी शामिल हैं) पर बेहतर नियंत्रण के ज़रिए मुनाफा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

इस बीच, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में साल-दर-साल (Y-o-Y) 18% की बढ़त हुई और यह ₹822.6 करोड़ हो गया। इसकी मुख्य वजह भारत के कारोबार में मज़बूत प्रदर्शन था, जबकि इंडोनेशिया का कारोबार कुल ग्रोथ पर दबाव डालता रहा।

कंपनी ने 13% की इंडस्ट्री-लीडिंग सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) बनाए रखी। इसे डाइन-इन और डिलीवरी दोनों चैनलों पर अच्छी मांग और वैल्यू ऑफरिंग से मदद मिली।

इसने Q1 में नौ स्टोर जोड़े और FY27 में 80 स्टोर खोलने की अपनी योजना को दोहराया। इंडोनेशिया में, इसकी टर्नअराउंड स्ट्रैटेजी पर काम चल रहा है और RBA लागत पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधारों के ज़रिए नुकसान कम करने पर ध्यान दे रही है।

क्या यह है खरीदारी की सही समय

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) इस शेयर को लेकर पॉजिटिव बनी हुई है। कंपनी ने बेहतर मार्जिन को देखते हुए FY27 के लिए EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के अनुमान को 5% और FY28 के लिए 8% बढ़ा दिया है।

MOFSL का कहना है कि जैसे-जैसे और स्टोर मैच्योर होंगे और नेटवर्क में नए आउटलेट्स का योगदान बेहतर होगा, उनसे मार्जिन रिकवरी में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि इंडोनेशियाई बिजनेस में धीरे-धीरे सुधार होगा क्योंकि कंपनी ने खराब प्रदर्शन करने वाले स्टोर बंद करके अपने पोर्टफोलियो को बेहतर बनाया है। हालांकि, उसे उम्मीद है कि इंडोनेशिया में निकट भविष्य में चुनौतियां बनी रहेंगी।

ब्रोकरेज ने 125 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग को दोहराया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 75% की बढ़त का संकेत है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 160 अंक टूटा, निफ्टी 24500 के नीचे, स्मॉलकैप शेयरों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: बाजार के लिए क्या आज मंगल होगा दिन, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ शुरुआत होने की संभावना है। सोमवार को Nifty के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल में CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) की वजह से आई तेजी के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। नए शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के पहले दिन बेंचमार्क इंडेक्स में ज़बरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन GIFT Nifty से मिल रहे संकेत बताते हैं कि ग्लोबल मार्केट से सपोर्ट मिलने के बावजूद, मार्केट की शुरुआत उस ऑक्शन से तय क्लोजिंग लेवल से नीचे हो सकती है। निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मॉनेटरी पॉलिसी फ़ैसले और जून तिमाही के जारी नतीजों (अर्निंग्स सीज़न) पर भी कड़ी नज़र रखेंगे।

सुबह करीब 8:10 बजे GIFT Nifty, NSE IFSC पर पिछले सेशन की क्लोजिंग से लगभग 10 अंक नीचे 24,655 पर ट्रेड कर रहा था। इससे सोमवार की जबरदस्त रैली के बाद Nifty 50 की शुरुआत के ज़्यादातर फ़्लैट रहने का संकेत मिलता है। यह शुरुआती स्तर Nifty के 24,774.30 के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल से भी नीचे था, जो क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के पहले दिन से प्रभावित था।

सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में लगातार चौथे सेशन में तेज़ी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर हुई खरीदारी के सपोर्ट से Sensex 544.39 अंक या 0.70 प्रतिशत बढ़कर 78,639.03 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 390.70 अंक या 1.60 प्रतिशत बढ़कर 24,774.30 पर बंद हुआ।

Wall Street में तेजी, एशियाई बाजारों में गिरावट

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से ऑयल की कीमतें तेज़ी से गिरीं और रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ, जिससे US इक्विटी मार्केट ने अगस्त की शुरुआत मज़बूती के साथ की और ग्लोबल संकेत सपोर्टिव बने रहे। Dow Jones Industrial Average 1.32 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 1.48 प्रतिशत और Nasdaq Composite में 2.13 प्रतिशत की बढ़त हुई।

यह रैली US-Iran संघर्ष में तनाव कम होने के संकेतों के बाद आई। इससे ट्रेज़री यील्ड में भी गिरावट आई और अर्निंग्स व इकोनॉमिक डेटा के लिहाज़ से व्यस्त हफ़्ते से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ा। मंगलवार को ग्लोबल रैली के बाद एशियाई बाज़ारों में पॉज़िटिव लेकिन सतर्क रुख देखा गया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई, जिसमें दक्षिण कोरिया में 2.1 प्रतिशत तक की तेज़ी का अहम योगदान रहा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिर गया, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखी गई।

तेज गिरावट के बाद तेल की कीमतों में सुधार

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में मामूली सुधार हुआ। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत बढ़कर 84.39 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.7 प्रतिशत बढ़कर 80.95 डॉलर पर पहुंच गया। यह सुधार सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 7 प्रतिशत की गिरावट के बाद आया है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को कम कर दिया है। हालांकि कीमतों में थोड़ी रिकवरी हुई है, लेकिन ये अभी भी पिछले हफ़्ते के हाई लेवल से काफी नीचे हैं।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति 

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 24,400 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन (जो 200-दिन के DEMA के बराबर है) को साफ़ तौर पर पार करके अपने तेज़ी वाले स्ट्रक्चर को मज़बूत किया है। यह ब्रेकआउट जारी रिकवरी को और मज़बूत करता है और जल्द ही 25,000–25,200 ज़ोन की ओर बढ़ने का रास्ता खोलता है। नीचे की तरफ़, अगर प्रॉफ़िट-बुकिंग होती है, तो 24,350–24,500 का इलाका तुरंत सपोर्ट का काम कर सकता है।

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी R का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को आगे बढ़ा रहा है और अपने 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है, जो बैंकिंग सेक्टर में लगातार मज़बूती दिखाता है। टेक्निकली, 58,000 ज़ोन से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी की रफ़्तार बढ़ सकती है और इंडेक्स 58,300–58,500 के इलाके की ओर बढ़ सकता है।

नीचे की तरफ़, 57,300–57,400 का स्तर शॉर्ट-टर्म सपोर्ट का काम करता है, जिसे ठीक नीचे 57,000 के राउंड नंबर का सहारा मिलता है। इंडेक्स को इस दायरे से ऊपर बनाए रखने से तेज़ी का मौजूदा ट्रेंड बना रहता है, जबकि 57,000 से नीचे जाने पर शॉर्ट-टर्म में प्रॉफ़िट-बुकिंग हो सकती है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक पॉज़िटिव बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : ईरान डील की उम्मीद में अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी रही। डाओ रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक भी 2 फीसदी ऊपर रहा। 10 साल की बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट आई है। हालांकि एशियाई बाजारों में दबाव है। जापान और कोरिया के बाजार नीचे आए हैं। इधर वीकली एक्सपायरी के दिन गिफ्ट निफ्टी में भी मामूली दबाव के साथ कामकाज हो रहा है।

करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

3 अगस्त को भारतीय इक्विटी मार्केट में लगातार चौथे सेशन में बढ़त रही। निफ्टी 24,700 के ऊपर बंद हुआ। मीडिया स्टॉक्स को छोड़कर सभी सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर खरीदारी की वजह से बाजार में तेजी आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 544.39 अंक या 0.70 फीसदी बढ़कर 78,639.03 पर और निफ्टी 390.70 अंक या 1.60 फीसदी बढ़कर 24,774.30 पर बंद हुआ। छोटे-मझोले शेयरों में भी खरीदारी दिखी। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.2% की बढ़त हुई।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 23 अंक यानी 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ 24,642 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 0.35 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। हालांकि, स्ट्रेट टाइम्स में 0.25 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.57 फीसदी और ताइवानी बाजार में 0.07 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। लेकिन कोस्पी में करीब 0.83 फीसदी की बढ़त है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में भी 0.08 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

जुलाई में अमेरिकी विनिर्माण गतिविधि चार सालों से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। जिससे डॉव जोन्स रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक भी 2 फीसदी ऊपर बंद हुआ।

Market cues : हालिया रैली के बाद अब निफ्टी में हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन, 24774 के ऊपर जाने पर ही बढ़ेगी तेजी

डॉलर इंडेक्स

येन के मुकाबले डॉलर 0.3% बढ़कर 157.625 येन पर आ गया है। यह पिछले हफ्ते येन को सहारा देने के लिए अमेरिकी और जापानी अधिकारियों के मिलकर किए गए दखल के बाद फिर से मजबूत हुआ है। छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत मापने वाला US डॉलर इंडेक्स पिछले दो महीनों के सबसे निचले लेवल 99.99 के पास दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 0.2 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.684% पर आ गई है।

एशियाई करेंसी

US डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई करेंसी नीचे ट्रेड कर रही हैं। साउथ कोरियन वॉन में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई है। यह 0.40% बढ़ा है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया (+0.14%) और ताइवान डॉलर (+0.07%) का नंबर आता है।

उधर दूसरी तरफ जापानी येन सबसे कमजोर बना हुआ है। यह 0.23% गिरा है। जबकि सिंगापुर डॉलर,थाई बहत,चीनी रेनमिनबी,फिलीपीन पेसो और मलेशियन रिंगित भी नीचे आए हैं।

ईरान के पास सुलह का आखिरी मौका: ट्रंप

US-ईरान बातचीत को लेकर सस्पेंस कायम है। ट्रंप ने कहा है कि नया प्रस्ताव ईरान के पास सुलह का आखिरी मौका है। हलांकि ईरान का किसी भी सीधी बातचीत से इनकार है। ईरान ने कहा है कि हॉर्मूज से जहाजों की आवाजाही के लिए ओमान से बात चल रही है। ब्रेंट $84 के पास दिख रहा है।

CAS के कन्फ्यूजन पर NSE की सफाई

क्लोजिंग ऑक्शन सेसन यानी CAS पर को लेकर कल के कंफ्यूजन पर NSE ने देर रात सफाई जारी की। इसमें कहा गया कि SEBI के नियम के हिसाब से ट्रेडिंग हुई। प्री-ओपन से ज्यादा ट्रेडिंग मेंबर्स और यूनीक PAN से ऑर्डर आए।

आज नॉन रिटेल के लिए खुलेगा LIC का OFS

आज LIC का ऑफर फॉर सेल नॉन रिटेल के लिए खुल रहा है। इसके जरिए सरकार 2.5% हिस्सा बेचेगी। इसमें 4% का अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन भी मौजूद है। फ्लोर प्राइस करीब 11 फीसदी डिस्काउंट पर 382 रुपए प्रति शेयर है। OFS से सरकार करीब 31,000 करोड़ रुपए जुटा सकती है।

पेटीएम में आज 2002 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पेटीएम में आज 2002 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। शुरुआती निवेशक 2.3% हिस्सा बेच सकते हैं। फ्लोर प्राइस 5% डिस्काउंट पर करीब 1,340 रुपए प्रति शेयर तय की गई है। वहीं MEESHO में 1,900 करोड़ रुपए के बड़े सौदे हो सकते हैं। फ्लोर प्राइस 5% डिस्काउंट पर 182 रुपए प्रति शेयर तय की गई है।

डाबर को FSSAI से झटका

फूड रेगुलेटर FSSAI ने डाबर इंडिया को झटका दिया है। 100% दावों वाले फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री तत्काल रोकने का आदेश दिया गया है। गाय का घी, कोकोनट वॉटर,कोकोनट मिल्क जैसे की प्रो़क्ट्स पर एक्शन लिया गया है। FSSAI ने कहा ‘100% Natural’ और ‘100% Pure’ जैसे दावे भ्रामक हैं।

DLF के नतीजे कमजोर,रेवेन्यू और मार्जिन घटा

चौथी तिमाही में DLF के नतीजे कमजोर रहे है। इसका मुनाफा 4 परसेंट बढ़ा है। लेकिन रेवेन्यू में 53 परसेंट की गिरावट दिखी है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है। वहीं KEI इंडस्ट्रीज का प्रॉफिट 40% बढ़ा है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है। IREDA के मुनाफे में 37% की बढ़त दिखी है। इसकी ब्याज से होने वाली कमाई में 24% की ग्रोथ दिखी है।

भारती एयरटेल, ONGC के नतीजे आज

निफ्टी में शामिल भारती एयरटेल और ONGC के पहली तिमाही के नतीजे आज आएंगे। भारती एयरटेल का मुनाफा 20% बढ़ सकता है। इसका ARPU 1.5 फीसदी बढ़ सकता है। साथ ही BSE और गोदरेज प्रॉपर्टी समेत वायदा नतीजों की लंबी लिस्ट है जिनका आज इंतजार रहेगा।

डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले चार्ज के नियमों में बदलाव हो सकता है। सरकार आज लोकसभा में बिल ला सकती है। FPIs को टैक्स छूट देने वाले अध्यादेश पर भी बिल पेश हो सकता है।

Market cues : हालिया रैली के बाद अब निफ्टी में हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन, 24774 के ऊपर जाने पर ही बढ़ेगी तेजी

Trade setup for today : कल 3 अगस्त को निफ्टी में 1.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जिससे नए हफ्ते की शुरुआत मज़बूती के साथ। लगातार चौथे सेशन में बाजार में तेजी आगे बढ़ती नजर आई। निफ्टी ने 24,600 पर स्थित अप्रैल के स्विंग हाई को पार कर लिया और 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बंद हुआ। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखे। तेल की गिरती कीमतों और इंडिया VIX में नरमी ने भी इस तेजी में अच्छा रोल निभाया। हालिया तेजी के बाद अब निफ्टी में कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 24,600-24,500 के जोन में तत्काल सपोर्ट है। हालांकि,आगे 24,774 के लेवल से ऊपर की टिकाऊ तेजी नफ्टी के लिए 24,850 का दरवाज़ा खोल सकती है,जिसके बाद 25,000-25,150 के जोन में अगला रेजिस्टेंस होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,589, 24,528, और 24,429

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,787, 24,848 और 24,947

निफ्टी ने कल डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से काफी ऊपर बंद हुआ। यह एक मजबूत बुलिश ट्रेंड का संकेत है। इंडेक्स आसानी से अप्रैल और जुलाई के पिछले स्विंग हाई को जोड़ने वाली डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन से भी ऊपर चला गया,जिससे आगे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। निफ्टी अपने सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज का ट्रेंड भी ऊपर की ओर बना रहा। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 66.87 पर पहुंच गया, जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जिसमें फैलते हुए हरे हिस्टोग्राम बार मज़बूत बुलिश मोमेंटम का संकेत देते नजर आए।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वांइट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,286, 58,471 और 58,769

पिवट प्वांइट के आधार पर सपोर्ट: 57,689, 57,504 और 57,205

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 1.72 फीसदी चढ़ा और गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इससे पता चलता है कि बुल्स मजबूत हो रहे हैं,हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में अभी और मजबूती दिखनी बाकी है। पिछले पांच सेशन में कंसोलिडेट होने के बाद इंडेक्स मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी ऊपर चला गया। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 58.63 पर पहुंच गया,जबकि MACD बुलिश क्रॉसओवर की कगार पर है,जिसमें फीके पड़ते लाल हिस्टोग्राम बार कमजोर होते बेयरिश मोमेंटम को दिखा रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 1.45 फीसदी बढ़कर 11.925 पर पहुंचने के बावजूद निचले जोन में ही रहा। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से भी काफी नीचे रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 अगस्त को पिछले सेशन के 1.39 से बढ़कर 1.4 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market New Timing: एक-दो नहीं, तीन क्लोजिंग टाइम; आज 3 अगस्त से बदल रही पूरी ट्रेडिंग

Share Market New Timing: आज तीन अगस्त है और आज से शेयर मार्केट की टाइमिंग पूरी तरह से बदल रही है। अब शाम 03:30 PM पर ही इक्विटी मार्केट में शेयरों का लेन-देन बंद नहीं होगा बल्कि 10 मिनट और मिलेंगे। हालांकि यह सुविधा सभी स्टॉक्स के लिए नहीं होगी। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने मार्केट की एफिसिएंसी और ट्रांसपैरेंसी बढ़ाने और लिक्विडिटी को बेहतर करने के साथ-साथ भारतीय शेयर मार्केट को वैश्विक मानकों के हिसाब से बनाने के लिए नया ट्रेडिंग फ्रेमवर्क लागू किया है। इसके तहत एफएंडओ (F&O) डेरिवेटिव्स सेगमेंट का समय बढ़ाकर 3:40 PM तक कर दिया गया है। हालांकि मॉर्निंग टाइम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस नए बदलाव से निवेशकों से लेकर ट्रे़डर्स तक सभी पर असर पड़ेगा।

Share Market New Timing: क्या हुआ है बदलाव

नए नियमों के तहत सेबी ने F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) सेगमेंट के ट्रेडिंग टाइम को 10 मिनट के लिए बढ़ा दिया है। स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स यानी एफएंडओ सेगमेंट में अब सुबह 9:15 AM से 3:40 PM तक ट्रेडिंग की जा सकेगी। हालांकि जो स्टॉक्स एफएंडओ सेगमेंट में नहीं हैं, उनकी ट्रेडिंग का समय पहले की तरह ही रहेगा और उनका लेन-देन 3:30 PM तक ही हो सकेगा। नए नियमों के तहत F&O वाली कंपनियों के शेयरों का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस सिर्फ आखिरी 30 मिनट के औसत भाव से तय नहीं होगा, बल्कि एक नीलामी प्रक्रिया के जरिए तय होगा।

अब ये है नियम

मार्केट में सबसे बड़ा बदलाव तो ये है कि अब एक नहीं बल्कि तीन क्लोजिंग टाइम होगा।

जो स्टॉक्स एफएंडओ सेगमेंट से बाहर हैं, उनकी सामान्य ट्रे़डिंग 03:30 तक होगी। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

F&O स्टॉक्स (कैश मार्केट) 03:15 PM तक जारी रहेगी और उसके बाद 03:35 PM तक CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) चलेगा।

स्टॉक और इंडेक्स एफएंडओ ट्रे़डिंग 03:40 PM तक चालू रहेगी।

क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए क्यों पड़ी CAS की जरूरत

ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के मुताबिक किसी शेयर का क्लोजिंग प्राइस और उसका आखरी ट्रेड प्राइस (LTP) एक नहीं होता। मान लीजिए एक शेयर पूरे दिन ₹1,000 से ₹1,010 के बीच ट्रेड हो रहा था लेकिन 3:29 PM पर किसी ने जल्दबाजी में 10 शेयर ₹980 में बेच दिए। अगर ₹980 को ही क्लोजिंग प्राइस मान लिया जाए, तो यह उस शेयर की असली वैल्यू नहीं दिखाएगा। अब तक इससे बचने के लिए VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस) मेथड का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब आज 3 अगस्त 2026 से सेबी इसे और ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) लाया है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT निफ्टी से मिल रहे अच्छे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मजबूती के साथ खुल सकते हैं। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,565 के आसपास हरे निशान में कारोबार कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने लगातार तीसरे सेशन में अपनी बढ़त जारी रखी। FMCG और IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,400 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इस हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी में 2.6% की बढ़त हुई,जिससे पिछले हफ्ते हुए सभी नुकसान की भरपाई हो गई और हफ्ते की क्लोजिंग मजबूती के साथ हुई।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 31 जुलाई को ₹277 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा दिया और ₹2,260 करोड़ के शेयर खरीदकर वे भी नेट बॉयर बन गए।

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में दिख रहा है। इसमें 125 अंकों की तेजी देखने को मिल रही है। US फ्यूचर्स भी ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, 4.74 फीसदी तक जाने के बाद US बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है और यह 4.7 के नीचे फिसल गया है। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी रौनक दिखी है। हालांकि एशियाई बाजार दबाव में दिख रहे हैं। कोस्पी 5 फीसदी तो जापान का बाजार निक्केई 3 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।

अनुमान से कमजोर रहे ITC के नतीजे

आईटीसी के पहले तिमाही के स्टैंडअलोन नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। मार्जिन और ईबीआईटीडीए में 27% की गिरावट आई है। रेवेन्यू में भी 14% से ज्यादा की गिरावट आई है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है। एक्साइज टैक्स का बढ़ोतरी पर असर दिखा है। एफएमसीजी कारोबार की रेवेन्यू अनुमान के करीब रही है।

Market cues : 24100-24000 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में देखने को मिल सकती है 24800-25000 तक की तेजी

कमजोर रहे मारुति के नतीजे

मारुति के नतीजे कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी की आय 36 फीसदी बढ़ी है। लेकिन मुनाफा 11 फीसदी घटा है। वेस्ट एशिया संकट की मार्जिन पर मार पड़ी है। मार्जिन करीब 400 बेसिस प्वाइंट घटकर 8 फीसदी तक आए हैं। महंगे कमोडिटी दामों का असर पड़ा है। हालांकि वॉल्यूम ऑलटाइम हाई पर रहा है।

डिवीज लैब्स के शानदार Q1 नतीजे

पहली तिमाही में डिवीज लैब्स ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 66 फीसदी और रेवेन्यू में 28 फीसदी की बढ़त हुई है। मार्जिन में भी 10 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है। तीनों आंकड़े अनुमान से कहीं अच्छे रहे हैं। वहीं ग्लेनमार्क फार्मा का प्रॉफिट 10 गुना से ज्यादा बढ़ा है। इसके रेवेन्यू में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके मार्जिन भी सुधरे हैं।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। मारुति की बिक्री 34% बढ़ी है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हीरो मोटो,महिंद्रा और हुंडई की भी बिक्री जोरदार रही है।

जुलाई में रिकॉर्ड GST कलेक्शन

जुलाई में GST कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। टैक्स कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। इसमें पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है।

बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान

ब्याज दरों पर आज RBI MPC की तीन दिवसीय बैठक शुरू होगी। बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान होगा। CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

आज से 10 मिनट बढ़ेगा F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग

आज से F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग 10 मिनट बढ़ेगा। प्री-मार्केट की तर्ज पर मार्केट बंद होने से पहले 15 मिनट का स्पेशल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन होगा। वायदा में शामिल शेयरों से इसकी शुरुआत हो रही है। स्टॉक फ्यूचर्स और इंडेक्स फ्यूचर्स में ट्रेडिंग तीन बजकर 40 मिनट तक होगी।

 

Asian Markets: एशिया बाजारों में दबाव, कोस्पी 3% टूटा, निक्केई 1.5% नीचे, क्रूड ऑयल में नरमी

Asian Markets: सोमवार को एशिया बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है। कोस्पी 4 फीसदी तो निक्केई 3 फीसदी नीचे है। निक्केई करीब 1.42 फीसदी की गिरावट के साथ 63,545.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.03फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.02 फीसदी चढ़कर 43,558.34 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.09 फीसदी की बढ़त के साथ 25,909.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी 3.25 फीसदी टूटा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 3,807.37 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

रविवार शाम को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में बढ़त देखी गई क्योंकि निवेशक जुलाई की रोज़गार रिपोर्ट और अगस्त के पहले हफ़्ते में आने वाले कई कंपनियों के नतीजों (अर्निंग्स कैलेंडर) पर नज़र बनाए हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में लगभग 200 अंक या 0.4% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.5% ऊपर चढ़े। नैस्डैक-100 फ्यूचर्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और 0.8% की बढ़त हासिल की।

वॉल स्ट्रीट ने शुक्रवार का सत्र सकारात्मक रुख के साथ समाप्त किया; डॉव जोन्स 276.97 अंक या 0.53% बढ़कर 52,485.03 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.7% की बढ़त के साथ यह 7,489.72 पर पहुंचा, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 1% चढ़कर 25,373.85 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स के रिकॉर्ड स्तर के करीब बंद होने के बाद, अब निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या हालिया तेज़ी को बढ़ावा देने वाले कारक बाज़ार में आगे भी बढ़त बनाए रखने में मदद करेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ़ नियोजित सैन्य हमले को रद्द करने और सोमवार से ईरान के साथ नई बातचीत शुरू करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई।

अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड शुरुआती एशियाई कारोबार में 7.3% तक गिर गया, जबकि जुलाई में इसमें लगभग 25% की तेजी आई थी , जो मार्च के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक बढ़त थी। इस बीच, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया।

अमेरिका-ईरान युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में कहा कि उन्होंने ईरान पर बड़े पैमाने पर होने वाले सैन्य हमले को रद्द कर दिया है। ऐसा उन्होंने सऊदी अरब समेत मध्य-पूर्व के प्रमुख सहयोगियों के कहने पर किया, जिन्होंने अमेरिका से कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन इस शर्त पर रद्द किया गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौता करने की कोशिशें जारी रहेंगी, साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत में तेज़ी लाने को भी कहा।

आज सोने की कीमत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सोमवार को ईरान के साथ फिर से बातचीत शुरू होगी, सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। इससे उम्मीद जगी कि लंबे समय से चल रहे इस टकराव में कोई समाधान निकलने से ऊर्जा-जनित महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है।

जुलाई में 1% की बढ़त के बाद सोने का कारोबार $4,070 प्रति औंस के आसपास हुआ; फरवरी के बाद यह सोने में पहली मासिक बढ़त थी।

हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, पांच महीने से ज़्यादा समय पहले शुरू हुए अमेरिका-ईरान टकराव के बाद से सोने की कीमत में 20% से ज़्यादा की गिरावट आई है। ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं,जो सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों के लिए एक नकारात्मक बात है।

Stock Market Live Update: बाजार लगाएगा आज तेजी की छलांग, गिफ्ट निफ्टी दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत

Stock Market Live Update: बाजार लगाएगा आज तेजी की छलांग, गिफ्ट निफ्टी दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत

Stock Market Live Update: क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी का जोश हाई है। गिफ्ट निफ्टी 125 अंकों की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है। वहीं US फ्यूचर्स भी ऊपर है। 4.74 परसेंट तक जाने के बाद US बॉन्ड यील्ड नरम पड़ी है और यह 4.7 के नीचे फिसली है। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी रौनक दिखी। हालांकि एशिया दबाव में नजर आ रहा है। कोस्पी 5 परसेंट तो जापान का बाजार निक्केई 3 परसेंट नीचे फिसला है।

रविवार को ट्रंप के यह कहने के बाद कि उन्होंने ईरान के खिलाफ़ तय हमले रद्द कर दिए हैं, तेल की कीमतों में गिरावट आई। तेहरान और मध्य पूर्व के दूसरे देशों ने उनसे हमले न करने का अनुरोध किया था ताकि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच सकें।

ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में “होरमुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़) को तुरंत, पूरी तरह और हर तरह से खोलने” का प्रावधान होगा और इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े खतरे का भी समाधान होगा। ब्रेंट क्रूड की कीमत $3.52 गिरकर $84.41 प्रति बैरल हो गई, जबकि U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमत $3.49 गिरकर $81.18 हो गई।