GPT Infraprojects Share Price: शेयर 9% चढ़ा, जानें इस तेजी के पीछे की क्या है वजह!

GPT Infraprojects Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी GPT Infraprojects के शेयरों में 18 सितंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 9 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया, जिससे लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त जारी रहने के संकेत मिले। GPT Infraprojects के शेयर ₹113.15 के पिछले क्लोजिंग भाव के मुकाबले ₹119 पर खुले और 9% बढ़कर ₹123.35 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। पिछले सेशन में शेयर में 2% की बढ़त हुई थी।

शेयर में तेजी की क्या है वजह

दरअसल, कंपनी द्वारा RVNL से ₹483.72 करोड़ का ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद शेयर में जोरदार खरीदारी देखी गई।

17 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंज फाइलिंग में, GPT Infraprojects ने बताया कि उसे रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), भुवनेश्वर से एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट ईस्ट कोस्ट रेलवे के खुर्दा रोड डिवीजन में नेरगुंडी-बारंग सेक्शन के बीच तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण के सिलसिले में महानदी नदी पर 544 ओपन वेब स्टील गर्डर वाले पुल के निर्माण के लिए है।

16 सितंबर की एक अलग एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, GPT Infraprojects ने पहले 20 मई 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया था कि उसके बोर्ड ने उसकी दो पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियों – एल्कोन बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड और जोगबानी हाईवे प्राइवेट लिमिटेड – को GPT Infraprojects लिमिटेड के साथ मिलाने की योजना को मंजूरी दी है।

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कोलकाता बेंच ने 15 सितंबर 2026 को अपना आदेश सुनाया और 16 सितंबर 2026 को अपनी वेबसाइट पर आदेश अपलोड किया।

NCLT के आदेश के अनुसार, मर्जर स्कीम पर विचार करने और उसे मंजूरी देने के लिए अब GPT Infraprojects के इक्विटी शेयरधारकों और संबंधित कंपनियों के सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स के साथ बैठकें की जाएंगी।

ये बैठकें 15 सितंबर 2026 के 90 दिनों के भीतर होनी चाहिए। सही तारीख और समय का फैसला नियुक्त चेयरमैन द्वारा GPT Infraprojects के साथ सलाह-मशविरा करके किया जाएगा।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स में 12% की गिरावट के मुकाबले GPT Infraprojects के शेयर की कीमत में साल-दर-साल (YTD) 8% की बढ़त हुई है। हफ़्ते के हिसाब से देखें तो स्टॉक में इस हफ़्ते 6% की बढ़त हुई है और ऐसा लग रहा है कि यह लगातार दो हफ़्ते की गिरावट का सिलसिला तोड़ देगा।

30 जनवरी को ₹96 के 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, 23 जून को यह स्टॉक ₹150 के 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। फिलहाल 10.57 बजे एनएसई पर शेयर 4 फीसदी की बढ़त के साथ 117.85 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की उम्मीद, निफ्टी-बैंक निफ्टी फिर से छू सकते हैं गुरुवार का हाई

Trading Plan : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर ओवरसोल्ड ज़ोन में हैं,जिससे संकेत मिलता है कि अगर इंडेक्स 23,100–23,000 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो यह वापसी (रीबाउंड) की कोशिश कर सकता है। 23,300–23,400 का जोन इसके लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 23,500–23,600 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस होगा। इस जोन के ऊपर जाने पर तेजी से बढ़त की संभावना बन सकती है। तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल से नीचे आईं हैं,लेकिन $100 के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। जबकि US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड भी 5 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ गए हैं।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसको 57,000 के लेवल तक जाने के लिए गुरुवार के हाई के आसपास यानी 56,600 के लेवल को पार करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 55,800–55,700 का जोन इसके लिए सपोर्ट का काम कर सकता है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा का कहना है कि हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद निफ्टी स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 23,100–23,150 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर उभर रहा है। इंडेक्स 23,483 के पास 10-DEMA से नीचे बना हुआ है,जिससे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सावधानी बरतने की जरूरत है। 23,300–23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स लगातार इस रेंज के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग के कारण यह 23,590–23,670 के स्तर तक जा सकता है।

29.95 पर RSI अभी भी ओवरसोल्ड जोन में है और अपने 33.93 के औसत से नीचे है,जो टेक्निकल बाउंस की संभावना दिखाता है। 0.95 का पुट-कॉल रेश्यो (PCR)—जिसमें कॉल ओपन इंटरेस्ट,पुट ओपन इंटरेस्ट से थोड़ा ज्यादा है, डेरिवेटिव्स के मामले में सावधानी भरा माहौल दिखाता है। 23,400 के ऊपर जाने पर रिकवरी मज़बूत होगी,जबकि इस ज़ोन को वापस हासिल न कर पाने पर रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,300, 23,440, 23,575

अहम सपोर्ट: 23,150, 23,060, 22,900

स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 22 सितंबर की F&O एक्सपायरी के लिए ‘शॉर्ट स्ट्रैंगल’ स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत वे ₹100 पर 23,350 CE का एक लॉट और ₹100 पर 23,300 PE का एक लॉट बेच सकते हैं। यह सेटअप मार्केट के एक दायरे में रहने (साइडवेज मूवमेंट) की संभावना का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

स्टॉप-लॉस: रिस्क मैनेजमेंट के लिए,इस स्ट्रेटेजी पर सख्ती से टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान को ₹6,500 तक सीमित रखें।

टारगेट: इस स्ट्रेटेजी पर टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े के तौर पर ₹13,068 का लक्ष्य रखें। साथ ही, जब MTM मुनाफ़ा ₹6,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी अपने 200-DEMA (56,787 के आसपास) के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। 56,000 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह टूटता हैतो इंडेक्स 55,480 तक गिर सकता है। जबकि 56,500–56,800 का दायरा रिकवरी के लिए अहम है। RSI का 38.49 पर होना (जो इसके 43.62 के औसत से कम है) कमजोर मोमेंटम की पुष्टि करता है।

डेरिवेटिव्स का सेटअप अभी भी सावधानी वाला है। PCR 0.82 है और कॉल ओपन इंटरेस्ट 1.78 करोड़ है। जबकि पुट ओपन इंटरेस्ट 1.47 करोड़ है। 56,500–57,000 के आस-पास कॉल कंसंट्रेशन ऊपर की ओर बढ़त को रोक रहा है,जबकि 56,000 के पास पुट की पोजीशन सपोर्ट दे रही है। अगर बैंक निफ्टी लगातार 56,800 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है। वरना,रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,800, 55,500

स्ट्रैटेजी: जब निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स 56,250–56,200 के जोन से नीचे चला जाए तो ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,500 के ऊपर एक सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। प्रॉफ़िट-बुकिंग के लिए टारगेट 55,900–55,800 की रेंज में रखें।

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock market Outlook : 23400 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी में आ सकती है तेजी, ट्रेडिंग के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Stock market Outlook : गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट बंद हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने के संकेत के बाद बाजार में सावधानी का माहौल रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ा। इंट्राडे में हुई बढ़त को गंवाते हुए सेंसेक्स 21.86 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 341.11 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,677.56 पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 5.3 अंक या 0.02 प्रतिशत ऊपर 23,270.60 पर बंद हुआ।

पिछले पांच हफ्तों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट के बाद कल निफ्टी लगातार दूसरे सेशन में हरे निशान में रहा। इस बढ़त का कारण कुछ खास सेक्टर में ओवरसोल्ड’लेवल से आई शॉर्ट-कवरिंग को बताया जा रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के बाद बाजार में सतर्कता का रुख देखने को मिल रहा है।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 23,400 के लेवल से ऊपर जाता है तो इसमें और शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23,400 और 23,600 के आसपास दिख रहा है। किसी भी टिकाऊ तेजी के लिए इंडेक्स को पहले इन्हें पार करना होगा।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,380-23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 23,400 के स्तर से ऊपर जाने पर बाजार में जारी पुलबैक मज़बूत होगा और नियर टर्म में निफ्टी 23,550 के स्तर तक बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,130-23,100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर यह 23,100 के नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो फिर से बिकवाली का दबाव दिखेगा और मार्केट में एक और करेक्शन का दौर शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 22,950 के लेवल तक गिर सकता है।

SEBI-रजिस्टर्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म,एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि कल निफ्टी की शुरुआत सपाट रही,लेकिन यह 23,200 के स्तर से ऊपर बना रहा। यह लेवल पूरे सेशन के दौरान बार-बार सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करता रहा। आखिर में यह बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,आगे और तेज़ी के लिए इस बढ़त को बनाए रखना और 23,300-23,400 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार करना जरूरी होगा। नीचे की तरफ,23,100-23,070 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर इस रेंज के नीचे की गिरावट आती है तो इससे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि मोमेंटम अभी भी सतर्कता वाला बना हुआ है। RSI 27 के आसपास है और अपनी औसत लाइन से थोड़ा ऊपर तो बढ़ा है,लेकिन अभी भी ओवरसोल्ड स्तर से नीचे है। इससे पता चलता है कि थोड़ी रिकवरी के बावजूद मोमेंटम बहुत कमज़ोर है।

 

 

Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के ट्रेंड का संकेत, शॉर्ट टर्म में 23000-23600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Live Update: फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत, टाटा ग्रुप के शेयरों पर रखें नजर

Stock Market Live Update: शुक्रवार को GIFT निफ्टी 23,343 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि भारतीय इक्विटी बाज़ार की शुरुआत सुस्त हो सकती है, क्योंकि पिछले सेशन में निफ्टी 50 और सेंसेक्स लगभग सपाट बंद हुए थे। अमेरिकी शेयरों में रिकवरी के बाद एशियाई बाज़ार बढ़त के साथ खुले, जबकि निवेशक फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों पर हालिया फ़ैसले और इस साल दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना का आकलन करते रहे।

गुरुवार को निफ्टी 50 0.23% बढ़कर 23,270.60 पर बंद हुआ, जबकि BSE सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 0.03% नीचे 74,314.59 पर बंद हुआ। फार्मा, रियल्टी और ऑटो शेयरों में बढ़त ने मेटल और बैंकिंग शेयरों के दबाव को संतुलित कर दिया।

ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.92% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.76% की बढ़ोतरी हुई। फार्मा और रियल्टी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे, और दोनों इंडेक्स में 1.5% से ज़्यादा की बढ़त देखी गई। बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस ही ऐसे सेक्टर इंडेक्स थे जो गिरावट के साथ बंद हुए।

टाटा ग्रुप के शेयरों पर नज़र रखें, खासकर उन पर जो टाटा संस के किसी भी अपडेट पर सबसे ज़्यादा प्रतिक्रिया देते हैं, जैसे टाटा केमिकल्स, टाटा मोटर्स PV और अन्य। IT शेयरों, भारत फोर्ज और फिनटेक कंपनियों पर भी नज़र रखनी चाहिए।

Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के ट्रेंड का संकेत, शॉर्ट टर्म में 23000-23600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 17 सितंबर को बाज़ार में खरीदारी देखने को मिली और बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सीमित दायरे में कारोबार के साथ निफ्टी में 0.23 प्रतिशत की बढ़त हुई,लेकिन खराब टेक्निकल इंडिकेटर्स और तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार में मोमेंटम कमजोर रहा। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी को 23,300-23,400 के दायरे में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है,अगर यह इस दायरे से ऊपर जाता है तो इंडेक्स 23,500-23,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं,नीचे की तरफ 23,100-23,000 के दायरे में अहम सपोर्ट मौजूद है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो तो घबराहट में बिकवाली शुरू हो सकती है। कुल मिलाकर,शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,000-23,600 के दायरे में ही घूमता दिख सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,271) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,341, 23,381 और 23,446

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,211, 23,171 और 23,106

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई, जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ शैडो (upper shadow) दिखी। इससे पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर दबाव है। निफ्टी कल के सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही बना रहा। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर बढ़ते रहे और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहे। RSI बढ़कर 29.95 पर आ गया,लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD नीचे की ओर बढ़ता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए हल्का होता गया। इससे पता चलता है कि नीचे की ओर जाने की रफ़्तार धीरे-धीरे कम हो रही है। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर मंदी का ट्रेंड दिखाते रहे,साथ ही नीचे की ओर जाने की रफ्तार में कुछ कमी के संकेत भी मिले।

बैंक निफ्टी (56,056) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,425, 56,550 और 56,753

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,018, 55,893 और 55,690

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

गुरुवार को बैंक निफ्टी ने इंट्राडे में अपने 10-डे EMA को टेस्ट किया और 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी रही। यह ऊपरी स्तरों पर भारी दबाव का संकेत है। साथ ही यह इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। साथ ही शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI 38.49 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा। MACD में गिरावट का ट्रेंड बना रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार कल के सेशन में भी छोटा होता गया,जिससे गिरावट की रफ्तार में कुछ कमी का संकेत मिला। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर्स मंदी के ट्रेंड का संकेत देते रहे हैं। हालांकि MACD हिस्टोग्राम में आई कमी से पता चला कि गिरावट की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो रही थी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फीयर इंडेक्स,इंडिया VIX लगातार दूसरे सेशन में भी नीचे की ओर गिरा और 6.66 प्रतिशत गिरकर 12.29 पर आ गया। इससे बुल्स को कुछ राहत मिली। अगर यह 12 के लेवल से नीचे जाकर टिका रहता है,तो बुल्स को और राहत मिल सकती है और मार्केट में ज्यादा स्थिरता आ सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 सितंबर को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.96 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

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Venus Pipes Share: ₹372 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मिली मंजूरी, शेयर 8% भागा

Venus Pipes & Tubes Share Price: गुरुवार 17 सितंबर को BSE पर Venus Pipes & Tubes के शेयर की कीमत में 8% की तेजी आई और यह ₹2,078.10 के 52-हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गया। कंपनी के बोर्ड ने ₹1,670 प्रति शेयर के भाव पर 22.3 लाख इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंज़ूरी दी, जिससे ₹372 करोड़ जुटाए गए। इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।

आयरन और स्टील प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी के शेयर की कीमत ने 15 सितंबर, 2026 को बने ₹2,045 के पिछले हाई को पार कर लिया। पिछले 9 ट्रेडिंग दिनों में Venus Pipes के शेयर की कीमत में 30% की बढ़ोतरी हुई है। यह 30 मार्च, 2026 को बने ₹888.45 के 52-हफ़्ते के निचले स्तर से 134% ऊपर आया है।

कंपनी ने बुधवार को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने अपनी बैठक में प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर ₹10 फेस वैल्यू वाले 22.27 लाख इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट को मंज़ूरी दी। शेयरों के इश्यू की कीमत ₹1,670 प्रति शेयर तय की गई, जिससे कुल फंड जुटाने की वैल्यू ₹372 करोड़ हो गई।

इस प्रेफरेंशियल इश्यू में 18 नॉन-प्रमोटर निवेशक शामिल होंगे, जिनमें आशीष कचोलिया, व्हाइटओक कैपिटल फंड, टाटा बिज़नेस साइकिल फंड, टाटा मल्टीकैप फंड, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, अशोका व्हाइटओक ICAV – अशोका व्हाइटओक इंडिया अपॉर्चुनिटीज़ फंड, इंडिया एकॉर्न फंड, व्हाइटओक कैपिटल इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड वगैरह शामिल हैं।

टाटा मल्टीकैप फंड को ₹15 करोड़ कीमत के 89,820 इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं, जबकि आशीष कचोलिया को ₹30 करोड़ तक के 1.79 लाख इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं। सबसे ज़्यादा शेयर किटारा PIIN 2401 को ₹50 करोड़ कीमत के 2.99 लाख इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं ।

प्रेफरेंशियल इश्यू से पहले, 11 सितंबर, 2026 तक, कंपनी में प्रमोटर एंटिटीज़ की हिस्सेदारी 48.41% थी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 51.59% थी। इश्यू के बाद, कंपनी में प्रमोटर एंटिटीज़ की हिस्सेदारी 43.71% और पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी 56.29% होगी।

गुरुवार को वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स के शेयरों में 8% तक की बढ़त हुई और इन्होंने ₹2,095 का इंट्राडे हाई छुआ। स्टॉक अभी 6.4% ऊपर ₹2,062 पर ट्रेड कर रहा है और इसकी साल-दर-साल (YTD) बढ़त लगभग 80% तक पहुंच गई है। पिछले एक महीने में स्टॉक में लगभग 30% की बढ़त हुई है।

क्या है ICICI सिक्योरिटीज की राय

इश्यू प्राइस मौजूदा मार्केट प्राइस से 16% कम है, जो सेंटीमेंट के हिसाब से थोड़ा नेगेटिव है। हालांकि, बड़े और अनुभवी निवेशकों की भागीदारी कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और कमाई की संभावनाओं पर भरोसा जगाती है। ICICI सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा कि सबसे अहम बात यह है कि कर्ज चुकाने से ब्याज का खर्च काफी कम हो जाएगा और फंड जुटाने से EPS (प्रति शेयर आय) बढ़ेगी; अभी कंपनी पर ₹257 करोड़ का नेट कर्ज है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि वे वीनस पाइप्स को लेकर स्ट्रक्चरली पॉजिटिव हैं, क्योंकि इसकी वजह मजबूत डिमांड, कैपेसिटी बढ़ाना और ज़्यादा वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस करना है। ₹635 करोड़ के कुल ऑर्डर बुक के साथ, रेवेन्यू की स्थिति अच्छी बनी हुई है। प्रेफरेंशियल इश्यू के बाद, प्रमोटर की हिस्सेदारी 48.4% से घटकर 43.7% होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, ICICI सिक्योरिटीज फंड जुटाने को स्ट्रक्चरली पॉजिटिव मानती है, क्योंकि बैलेंस शीट मजबूत होने, फाइनेंस कॉस्ट कम होने और फॉरवर्ड इंटीग्रेशन से ग्रोथ के अगले चरण को सपोर्ट मिल सकता है

Turtlemint Fintech Solutions में 41% की तेजी संभव, मोतीलाल ओसवाल ने शुरु की कवरेज, क्या आप करेंगे निवेश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

डे-लो से 500 प्वाइंट्स ऊपर भागा Sensex, चार वजहों से Nifty फिर 23350 के पार

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें महंगी की लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की बढ़त है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:46 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 280.73 प्वाइंट्स यानी 0.38% की बढ़त के साथ 74,617.18 और निफ्टी 130.35 प्वाइंट्स यानी 0.56% के उछाल के साथ 23,347.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

Stock Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल में नरमी

सऊदी अरब ने ओमान के जरिए अतिरिक्त कार्गो की पेशकश की, जिससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कुछ कम हुईं। इससे कच्चा तेल नरम पड़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 2% से अधिक टूटकर $104 के नीचे आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

ऑटो-फार्मा सेक्टर से शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी, फार्मा और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इनके निफ्टी इंडेक्स में डेढ़-डेढ़ फीसदी की मजबूती आई है। निफ्टी मेटल भी करीब 1% ऊपर चढ़ा है तो निफ्टी एफएमसीजी में आधे फीसदी की तेजी है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 6.47% की गिरावट के साथ 12.32 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

वैल्यू बाइंग

हाल-फिलहाल मार्केट की तेज गिरावट के चलते कई स्टॉक्स आकर्षक वैल्यूएशन पर आ गए तो निवेशक ताबड़तोड़ खरीदारी करने लगे जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। एलकेपी सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी और सेंसेक्स ओवरसोल्ड जोन में आ चुके हैं तो मौजूदा लेवल पर टेक्निकल बाउंस दिख सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SRF में 33% का उछाल मुमकिन, जानिए HSBC क्यों है शेयर पर बुलिश

SRF Shar Price: 17 सितंबर एसआरएफ (SRF) के शेयरों में 3% की तेजी देखने को मिली। शेयर में यह उछाल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने शेयर पर “Buy” रेटिंग बनाए रखने के बाद आई। ब्रोकरेज ने SRF के लिए ₹3,300 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है, जो बुधवार के क्लोजिंग प्राइस ₹2,480.10 से लगभग 33% ज़्यादा है।

HSBC ने कहा कि भारत के रेफ्रिजरेंट मार्केट को चीन से R32 के कम एक्सपोर्ट से फ़ायदा हो सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान चीन का R32 एक्सपोर्ट 17,000 टन कम हुआ, जिससे निकट भविष्य में भारतीय उत्पादकों को मदद मिलेगी।

R32 एक सिंगल-कंपोनेंट रेफ्रिजरेंट (डाइफ्लोरोमीथेन) है, जिसका इस्तेमाल एयर कंडीशनिंग और हीट पंप सिस्टम में किया जाता है। चीन R32 का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसका घरेलू उत्पादन पीक पर 2,85,000 मीट्रिक टन तक पहुँच जाता है।

हालांकि, HSBC ने 2027 में भारत में 81,000 टन की क्षमता बढ़ने को चिंता का विषय बताया, जिससे घरेलू सप्लाई बढ़ सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि R134a की ओर प्रोडक्शन कोटा को डायवर्ट करने से अतिरिक्त R32 क्षमता के असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। उसे यह भी उम्मीद है कि SRF के स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस में तेज़ी आने से स्टॉक में मोमेंटम आ सकता है।

R134a एक आम हाइड्रोफ्लोरोकार्बन रेफ्रिजरेंट है जिसका इस्तेमाल ऑटोमोटिव एयर कंडीशनिंग, घरेलू रेफ्रिजरेशन और कमर्शियल कूलिंग सिस्टम में किया जाता है।

एनालिस्ट की राय और स्टॉक का प्रदर्शन

SRF को कवर करने वाले 35 एनालिस्ट में से 22 ने “buy” रेटिंग दी है, 5 ने “hold” रेटिंग दी है और 8 ने स्टॉक पर “sell” की सलाह दी है। 12 महीने का आम सहमति वाला प्राइस टारगेट ₹2,935.7 है, जो सोमवार के क्लोजिंग प्राइस से 18% से ज़्यादा की बढ़त की संभावना दिखाता है।

गुरुवार को कंपनी के शेयरों में 3% तक की बढ़त हुई और ये इंट्राडे में ₹2,554 के हाई पर पहुंचे और 2.3% बढ़कर ₹2,536.90 पर ट्रेड कर रहे थे। इस साल जनवरी से स्टॉक में लगभग 17% की गिरावट आई है।

Turtlemint Fintech Solutions में 41% की तेजी संभव, मोतीलाल ओसवाल ने शुरु की कवरेज, क्या आप करेंगे निवेश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty falls: US फेड के ब्याज दरों में बढ़त का Sensex-Nifty पर पड़ेगा असर,जानें ग्लोबल मार्केट और गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहे संकेत

GIFT Nifty falls:  गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT Nifty कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, क्योंकि US Federal Reserve ने तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं और संकेत दिया है कि आगे और सख्ती की जा सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़त से कुछ सहारा मिल सकता है, लेकिन US यील्ड में बढ़ोतरी और Fed द्वारा और रेट बढ़ाने की उम्मीदों के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8 बजे GIFT Nifty 23,222 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से 45 अंक या 0.2 प्रतिशत नीचे था। पिछले सेशन में भारतीय इक्विटी में रिकवरी हुई थी, जिससे दो दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया था। Sensex 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 99 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर पहुंचा। IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो गिरावट के साथ बंद हुआ।

गुरुवार को फोकस Fed के फैसले के असर, US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में नरमी आई है, लेकिन यह अभी भी $104 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

US Fed ने दरें बढ़ाई, और सख्ती के संकेत दिए

Federal Reserve ने बुधवार को तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर बढ़ाई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच लगातार बनी हुई महंगाई को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया गया। Fed ने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और संकेत दिया कि महंगाई को तेजी से कम करने के लिए निकट भविष्य में और सख्ती की जा सकती है।

इस फैसले के बाद बाजारों ने एक और रेट बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, और दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना को अब पूरी तरह से मान लिया गया है। शॉर्ट-टर्म US ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया क्योंकि निवेशकों ने और सख्ती की संभावना के हिसाब से खुद को ढाला, हालांकि Fed के कदम से लंबे समय वाले बॉन्ड में हालिया बिकवाली को शांत करने में मदद मिली।

भारतीय इक्विटी के लिए, US में ऊंची दरों और यील्ड की संभावना विदेशी पोर्टफोलियो फ्लो के लिए एक संभावित चुनौती बनी हुई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, तेल की कीमतों और करेंसी पर दबाव के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों का मूड सतर्क रहने की संभावना है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट, US फ्यूचर्स में वापसी

फेड की घोषणा के बाद उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद US इक्विटीज़ ज़्यादातर गिरावट के साथ बंद हुईं। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 631.33 अंक या 1.21 प्रतिशत गिरकर 51,461.78 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,552.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ, यह 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,978.43 पर रहा।

सप्लाई की चिंता कम होने से ब्रेंट $105 से नीचे आया

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे हाल के हफ़्तों में एनर्जी की कीमतों में भारी उछाल के बाद भारतीय बाज़ारों को कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.1 प्रतिशत गिरकर $101.29 पर आ गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में लगभग $3 की गिरावट आई थी।

यह गिरावट उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि सऊदी अरब ओमान के ज़रिए अतिरिक्त क्रूड कार्गो की पेशकश कर रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की कुछ चिंताएं कम हुईं।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,300-23,400 को तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन मानते हैं। अगर यह 23,400 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,500-23,600 की ओर रिकवरी में मदद मिल सकती है, हालांकि वह इलाका एक मज़बूत बाधा बना हुआ है और वहां फिर से बिकवाली हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फेड ने बढ़ाई ब्याज दरें एशिया बाजार में ते

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

YES Bank Share Price : सिटी की बुलिश रिपोर्ट ने भरा जोश, 5% भागा शेयर, जानिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

YES Bank Share Price :बुधवार, 16 सितंबर को YES बैंक के शेयरों में लगभग 5% की तेजी आई। स्टॉक में यह तेजी कुछ खास यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)लागू होने के बाद देखने को मिला। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है नए MDR फ्रेमवर्क से बैंकों और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल दूसरी कंपनियों को कमाई का एक नया ज़रिया मिलेगा। फिलहाल 1.40 बजे के आसपास यह शेयर 0.27 रुपए यानी 1.17% की बढ़त के साथ 23.36 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 24.10 रुपए और दिन का लो 23.29 रुपए है।

15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियमों के तहत ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% तक MDR लगेगा,जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। यह चार्ज मर्चेंट को देना होगा, जबकि ग्राहक बिना किसी ट्रांज़ैक्शन फ़ीस के UPI का इस्तेमाल करते रहेंगे।

YES बैंक के नोट में दिए गए अनुमानों के मुताबिक नया फ़्रेमवर्क मर्चेंट पेमेंट के लिए UPI के पहले वाले ज़ीरो-MDR मॉडल से अलग है और इससे सालाना लगभग ₹16,000-17,000 करोड़ का रेवेन्यू पूल बनने की उम्मीद है।

YES बैंक को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद

एक्पर्ट्स का कहना है कि MDR के नए नियमों से बैंकिंग सिस्टम को फायदा मिलेगा। इस बारे में सिटी ने एक रिपोर्ट निकाली है। सिटी के मुताबिक MDR चार्जेज का सबसे बड़ा बेनिफिशियरी यस बैंक हो सकता है। सिटी के मुताबिक इन नए नियमें से यस बैंक कर पूर्व मुनाफे में 6-12% का उछाल संभव है। वहीं, PPOP में 5–10% की बढ़त का अनुमान है। सिटी का कहना है कि यह चार्ज नेटवर्क विस्तार के लिए लिया जा रहा है। MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। इससे UPI इकोसिस्टम में 16000–17,000 करोड़ रेवेन्यू जुड़ने का अनुमान है। यह UPI नेटवर्क पर काम करने वाले बैंकों और पेमेंट ऐप्स के लिए बड़ा स्ट्रक्चरल बूस्ट होगा। इसका 60% हिस्सा बैंकिंग सिस्टम की जेब में जाएगा। 25% हिस्सा UPI ऐप प्रोवाइडेर्स को मिलेगा। वहीं, 15% हिस्सा नॉन-बैंक पेमेंट एग्रीगेटर को मिलेगा।

स्टॉक पर टेक्निकल एक्सपर्ट की राय

एक्सिस सिक्योरिटीज में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च (हेड ऑफ़ रिसर्च) राजेश पलविया ने कहा कि शुक्रवार को हुई जबरदस्त खरीदारी और भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण, यस बैंक ने ₹23 के अपने छह हफ्ते के सप्लाई बैरियर को मज़बूती से पार किया और ₹24 के आसपास बंद हुआ,जो बाज़ार में मज़बूत भागीदारी का संकेत है। ₹21.85 के अहम 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) सपोर्ट लेवल से मज़बूत उछाल के बाद इस तेज़ी को और गति मिली, जिससे स्टॉक अपने 20, 50 और 100 डे SMA के स्तरों को फिर से हासिल करने में कामयाब रहा।

डेली,वीकली और मंथली RSI रीडिंग का बुलिश ज़ोन में मज़बूती से बने रहना स्टॉक में व्यापक तेज़ी को और पुख्ता करता है,जो सभी अहम टाइमफ्रेम में लगातार तेज़ी बने का संकेत है। इस स्टॉक में 23 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 27-30 रुपए के शॉर्ट टर्म टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market : रेंज में अटका बाजार, कोटक सिक्योरिटीज के सहज अग्रवाल से जाने अब कैसे बन सकता है पैसा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।