HDFC Bank News: CEO समेत तीन बड़े अधिकारियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना, बोर्ड ने दी चेतावनी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने बताया कि उसके बोर्ड ने MD और CEO शशिधर जगदीशन, CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन और ग्रुप हेड (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। तीनों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।

MSRDC मामले की हुई जांच

यह फैसला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के साथ 2017 और 2021 में हुए डिपॉजिट समझौते की आंतरिक जांच के बाद लिया गया।

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि स्वतंत्र निदेशकों की विशेष समिति ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि किसी अधिकारी ने गलत नीयत से काम किया हो या निजी फायदा उठाया हो। हालांकि, बोर्ड का मानना है कि इस मामले में कुछ अधिकारियों ने कारोबार बढ़ाने के चक्कर में तय सीमा से आगे बढ़कर काम किया।

RBI को भी भेजी जाएगी रिपोर्ट

बैंक ने कहा कि RBI के नियमों से संभावित अंतर को देखते हुए बोर्ड ने तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही उन्हें चेतावनी पत्र भी दिया गया है। मामले से जुड़े बाकी कर्मचारियों को भी चेतावनी पत्र जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी तय किया है कि पूरे मामले की जानकारी RBI को भेजी जाएगी।

₹45 करोड़ के भुगतान पर उठा था विवाद

मई 2026 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि HDFC Bank ने बड़े डिपॉजिट जुटाने के लिए MSRDC को ₹45 करोड़ का भुगतान किया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस रकम को मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया गया और CEO को इसकी जानकारी थी।

उस समय बैंक ने सभी आरोपों से इनकार किया था। बैंक का कहना था कि उसके यहां मजबूत ऑडिट और निगरानी व्यवस्था है। सभी फैसले तय नियमों के मुताबिक लिए जाते हैं।

पहले भी नहीं मिले थे सबूत

इससे पहले एक स्वतंत्र कानूनी जांच भी हुई थी। उसमें भी पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की ओर से कॉरपोरेट गवर्नेंस और नैतिकता को लेकर उठाए गए सवालों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।

HDFC Bank का शेयर NSE पर 0.4% गिरकर ₹740 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में इसमें करीब 7.34% की गिरावट आई है। एक साल में यह 26.29% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market : शेयर बाजार में लौटी रौनक, 5 दिन की गिरावट थमी, सेंसेक्स 776 अंक उछला, निवेशकों को बड़ी राहत

share market 19 march

भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को आखिरकार थम गया। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद घरेलू बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी के चलते BSE सेंसेक्स 776 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 228 अंक की मजबूत बढ़त के साथ समाप्त हुआ।

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बाजार क्यों चढ़ा?

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट रही। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई पर रोक लगने से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।

 

सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

BSE सेंसेक्स : 76,835.78 पर बंद

तेजी : 776.01 अंक (1.02%)

दिन का उच्च स्तर : 76,901.51

 

वहीं, NSE निफ्टी 228 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

 

निवेशकों को क्या राहत मिली?

पिछले पांच दिनों की लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी। सोमवार की तेजी ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया और यह संकेत दिया कि यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो आने वाले सत्रों में भी बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।

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आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों (FII) के निवेश रुझान पर रहेगी। ये तीनों कारक अगले कुछ दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी आज जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

Gift Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ है। निवेशक सेंट्रल बैंक की मीटिंग, कॉर्पोरेट अर्निंग और गल्फ में डेवलपमेंट से भरे इस हफ्ते पर भी नजर रखेंगे। यहीं वजह है कि सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के ऊपर खुलने की संभावना है, GIFT निफ्टी के साथ एक मजबूत शुरुआत का संकेत है।

गिफ्ट निफ्टी 23,947 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 140.5 पॉइंट्स का प्रीमियम है। शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाज़ार लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए थे। बेंचमार्क निफ्टी 50 23,800 के लेवल से नीचे चला गया। सेंसेक्स 331.62 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 102.15 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में बढ़त

US और ईरान के बीच दुश्मनी में ठहराव के बाद सोमवार को एशियाई इक्विटी में तेजी आई, जिससे संघर्ष के डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आईं और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। बाजारों ने उन रिपोर्टों का स्वागत किया कि जब तक अमेरिका आगे हमले नहीं करता, ईरान हमले रोक देगा।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.3 परसेंट बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 0.4 परसेंट और साउथ कोरिया का कोस्पी 0.6 परसेंट बढ़ा। US फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत की, S&P 500 फ्यूचर्स 0.8 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.3 परसेंट बढ़े। यूरोपियन फ्यूचर्स भी ज़्यादा थे।

क्रूड 5% गिरा

लड़ाई में साफ रुकावट के बाद सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 5.2 परसेंट गिरकर $91.73 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 5.4 परसेंट गिरकर $84.45 पर आ गया। हाल ही में लड़ाई बढ़ने के दौरान ब्रेंट के कुछ समय के लिए $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने के बाद दोनों बेंचमार्क लगभग एक हफ़्ते में अपने सबसे निचले लेवल पर आ गए।

फेड और बिग टेक की कमाई से पहले वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला रुख रहा। शुक्रवार को US मार्केट मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, क्योंकि इन्वेस्टर्स इस हफ़्ते की फेडरल रिज़र्व पॉलिसी मीटिंग और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई पर नज़र रखे हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.46 परसेंट बढ़ा, जबकि S&P 500 0.05 परसेंट बढ़ा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी खर्च की चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर स्टॉक दबाव में रहने से नैस्डैक कंपोजिट 0.64 परसेंट गिर गया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताओं को कम करने और सेंट्रल बैंकों पर मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट मार्केट सेंटिमेंट और कमोडिटी की कीमतों के मुख्य ड्राइवर बने रहेंगे।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में शॉर्ट-टर्म में मंदी का रुझान बना हुआ है। 23,800-24,000 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर लगातार मूव करने से सेंटिमेंट में सुधार होगा और 24,200 की ओर रास्ता खुलेगा। नीचे की तरफ, 23,700-23,600 मुख्य सपोर्ट एरिया है, और 23,600 से नीचे जाने पर गिरावट 23,500-23,300 ज़ोन तक बढ़ सकती है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी 50 इंडेक्स ने निचले लेवल के पास एक मजबूत बुलिश कैंडलस्टिक बनाया, जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है। उन्होंने बताया कि निफ्टी 50 अभी 23,600 के आसपास एक ज़रूरी सपोर्ट ज़ोन के पास है, जो 15 जून के अपसाइड गैप और एक बढ़ती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है, जिससे शॉर्ट-टर्म पुलबैक की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नेगेटिव हो गया है, शेट्टी का मानना ​​है कि मीडियम से लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा कमजोरी के फिर से शुरू होने से पहले, आने वाले हफ्ते में इंडेक्स 24,200 पर तुरंत रेजिस्टेंस की ओर थोड़ा उछाल देखेगा। उन्होंने आगे कहा कि 23,600 का लेवल देखने के लिए मुख्य सपोर्ट बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rashifal Today: आज के दिन अपने खर्च पर दें ज्यादा ध्यान, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन अधिकतर लोगों के लिए आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। कई मूलांक वालों को बचत और निवेश पर ध्यान देने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलित सोच रखने की जरूरत है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। खर्च करने से पहले बजट पर नजर डालें और जल्दबाजी से बचें। लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं, खासकर तकनीक और नए कामों से जुड़े क्षेत्रों में। हालांकि किसी भी योजना पर तुरंत फैसला लेने की बजाय पहले पूरी जानकारी जुटाएं। धैर्य के साथ किया गया निवेश आगे चलकर अच्छा लाभ दे सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसलों से दूरी बनाकर रखें। यह समय अपने भविष्य की योजनाओं पर विचार करने और उन्हें व्यवस्थित करने का है। जल्दबाजी की बजाय सही रणनीति अपनाने से आने वाले समय में बेहतर परिणाम मिलेंगे।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अच्छा अवसर मिल सकता है। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और बचत बढ़ाने की कोशिश करें। यदि आप भविष्य के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आज उस पर काम शुरू कर सकते हैं।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज नई संभावनाएं आपके लिए लाभदायक हो सकती हैं। निवेश करने से पहले पूरी योजना तैयार करें और बिना सोचे-समझे कोई फैसला न लें। धैर्य और समझदारी से उठाया गया कदम भविष्य में आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों की समीक्षा करने का दिन है। बड़े निवेश या महत्वपूर्ण आर्थिक फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। अपनी वित्तीय योजनाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करें और धीरे-धीरे आगे बढ़ें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है, इसलिए बचत को सुरक्षित रखें। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आगे चलकर आय बढ़ने की संभावना बनेगी। शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाए रखें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। यदि आपने किसी को उधार दिया था, तो उसके वापस मिलने की संभावना भी बन रही है। नौकरी करने वालों को आय बढ़ने या प्रोत्साहन मिलने की खबर मिल सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नए ऑर्डर मिल सकते हैं और पुराने ग्राहक फिर से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि बड़े निवेश से फिलहाल बचना बेहतर रहेगा। साथ ही बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखें, ताकि बजट संतुलित बना रहे।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में कमजोरी बनी रही। निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स ने 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।

आखिर में निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ। यह 12 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी पिछले हफ्ते 2.3% टूट गया। खास बात यह रही कि हफ्ते के पांचों कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि सोमवार, 27 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। लेकिन, उससे पहले समझ लेते हैं कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

HCLTech, Cipla और Wipro सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Eternal, Mahindra & Mahindra और Bajaj Finance में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

आईटी, मीडिया और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी रही। दूसरी ओर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुरुआती गिरावट के बाद इन शेयरों में भी रिकवरी आई। लेकिन आखिर में दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट रही।

बाजार पर दबाव क्यों है?

एनालिस्टों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बाजार की सबसे बड़ी चिंता है। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड महंगा बना हुआ है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जून तिमाही के नतीजों का सीजन जारी है। इसलिए कई शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर IDFC First Bank, Zen Technologies, Birla Corporation और AU Small Finance Bank के नतीजों पर रहेगी।

23,600 का स्तर सबसे अहम

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि 23,600 निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर बचा रहता है, तो अगले हफ्ते इंडेक्स 24,200 तक उछल सकता है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का भी मानना है कि 23,600 के ऊपर रहने पर निफ्टी पहले 24,000 और फिर 24,200 तक जा सकता है। हालांकि, 23,850 के आसपास बड़ी रुकावट मिल सकती है।

सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि अगर निफ्टी 23,606 के नीचे निकलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,500 और फिर 23,070 तक जा सकती है। वहीं, 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की EMA के नीचे आ चुका है। यह शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। अगर 23,600 का स्तर टूटता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Stocks to Watch: सोमवार 27 जुलाई को फोकस में रहेंगे 27 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को दो बड़े ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Renewable Technologies Ltd (WRTL) को दो बड़े लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिले हैं। कंपनी 800 MWac (1,082 MWp) क्षमता वाले दो ग्राउंड-माउंटेड सोलर पीवी प्लांट लगाएगी। EPC कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी डिजाइन, उपकरणों की खरीद और प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी।

Waaree Renewable ने बताया कि यह ऑर्डर भारत की एक बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से मिला है। हालांकि, कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

दो सोलर प्लांट लगाएगी कंपनी

वारी रिन्यूएबल के मुताबिक, एक प्लांट की क्षमता 400 MWac / 530 MWp होगी, जबकि दूसरे की क्षमता 400 MWac / 552 MWp होगी। ये दोनों प्रोजेक्ट भारत में ही लगाए जाएंगे। इन्हें वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून तिमाही में बढ़ा मुनाफा

इस सप्ताह वारी रिन्यूएबल ने जून तिमाही के नतीजे भी जारी किए थे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 34% बढ़ा। वहीं, रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹924 करोड़ और EBITDA 48% बढ़कर ₹173 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.5% से घटकर 18.8% रह गया।

वारी रिन्यूएबल के शेयर

वारी रिन्यूएबल का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.63% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.15% कमजोर रहा है। पिछले 1 साल में स्टॉक 10% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 9.78 हजार करोड़ रुपये है।

वारी रिन्यूएबल का बिजनेस

यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं देती है। कंपनी सोलर प्लांट्स की डिजाइनिंग, उपकरणों की खरीद और निर्माण का काम करती है। इसके अलावा इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और ऑपरेशन-मेंटेनेंस (O&M) जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

Dividend Stock: बुलेट बाइक वाली कंपनी देगी ₹82 का डिविडेंड, 31 जुलाई से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: सोमवार 27 जुलाई को फोकस में रहेंगे 27 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार के कारोबारी सत्र में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कई कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ को बड़े ऑर्डर मिले हैं और कुछ ने नए निवेश का ऐलान किया है। ऐसे में इन खबरों का असर सोमवार को इन शेयरों की चाल पर दिख सकता है। आइए जानते हैं किन 27 स्टॉक्स पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा।

Bank of Baroda

सरकारी बैंक Bank of Baroda का जून तिमाही का मुनाफा 81% गिरकर ₹1,278 करोड़ रह गया। यह CNBC-TV18 के अनुमान से भी काफी कम रहा। NMC मुकदमे के निपटारे से जुड़े ₹5,680 करोड़ के एकमुश्त नुकसान का असर नतीजों पर पड़ा। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10% बढ़कर ₹12,525 करोड़ रही। वहीं, एसेट क्वालिटी में मामूली गिरावट आई।

NTPC

सरकारी बिजली कंपनी NTPC का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 11.9% बढ़कर ₹5,342.4 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹4,774 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने तिमाही के दौरान स्थिर प्रदर्शन दर्ज किया।

IDFC First Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक IDFC First Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,075 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 21.1% बढ़कर ₹5,972.3 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA घटकर 1.51% और नेट NPA 0.44% रह गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹1,144 करोड़ हो गया।

SBI Card

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी SBI Card का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 19.5% बढ़कर ₹664.4 करोड़ हो गया। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) लगभग स्थिर रही। यह मामूली घटकर ₹1,676 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹1,681 करोड़ थी।

Sarda Energy and Minerals

मेटल और माइनिंग कंपनी Sarda Energy and Minerals की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Sarda Metals & Alloys ने ₹300 करोड़ के कैपेक्स को मंजूरी दी है। यह निवेश वेस्ट हीट रिकवरी पावर प्लांट लगाने और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम स्थित मौजूदा प्लांट में मिनरल वूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर किया जाएगा।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) को करीब ₹108.85 करोड़ (GST छोड़कर) के दो नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ₹88.43 करोड़ का ठेका ओडिशा के तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय ने दिया है। इसके तहत राज्य के विभिन्न स्थानों पर लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल बनाए जाएंगे।

Orient Technologies

आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सर्विसेज कंपनी Orient Technologies को NPCI से ₹76.20 करोड़ का सर्वर सप्लाई ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में सर्वर की सप्लाई के साथ 7 साल की वारंटी और OEM सपोर्ट भी शामिल है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट 18 हफ्तों में पूरा करना होगा।

Dodla Dairy

डेयरी कंपनी Dodla Dairy का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 35.6% घटकर ₹41 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹1,198 करोड़ हो गया। EBITDA 21.4% घटकर ₹65 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 8.2% से घटकर 5.4% पर आ गया।

Lodha Developers

रियल एस्टेट कंपनी Lodha Developers ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,372.1 करोड़ पहुंच गया। रेवेन्यू 43.1% बढ़कर ₹4,997 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 95.3% उछलकर ₹1,922.4 करोड़ हो गया और मार्जिन बढ़कर 38.5% पहुंच गया।

AU Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक AU Small Finance Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 37% बढ़कर ₹796 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 31.8% बढ़कर ₹2,695.5 करोड़ रही। हालांकि, एसेट क्वालिटी में हल्की कमजोरी दिखी। ग्रॉस NPA बढ़कर 2.1% और नेट NPA 0.76% हो गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹371.5 करोड़ रह गया।

Birla Corporation

सीमेंट कंपनी Birla Corporation का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 3.2% घटकर ₹115.7 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹2,646.5 करोड़ हो गया। EBITDA 1.3% घटकर ₹342.3 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 14.1% से घटकर 12.9% पर आ गया।

KFin Technologies

फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और रजिस्ट्रार सर्विसेज कंपनी KFin Technologies के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.6% घटकर ₹75.2 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 30.1% बढ़कर ₹356.5 करोड़ हो गया। EBITDA बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 41.5% से घटकर 34.2% रह गया।

Jindal Steel

स्टील कंपनी Jindal Steel का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 43.6% घटकर ₹844 करोड़ रह गया। यह बाजार के अनुमान से भी कमजोर रहा। हालांकि, रेवेन्यू 25.9% बढ़कर ₹15,482 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में 11.5% की गिरावट आई और मार्जिन घटकर 17.18% रह गया।

Tata Consumer Products

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Consumer Products का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 27.8% बढ़कर ₹427 करोड़ हो गया। यह बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹5,348.8 करोड़ पहुंचा। EBITDA 19.9% बढ़ा और मार्जिन 13.5% हो गया। भारत में ब्रांडेड कारोबार की वॉल्यूम ग्रोथ 13% रही।

Vedant Fashions

एथनिक वियर कंपनी Vedant Fashions का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 14.7% बढ़कर ₹80.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 7.2% बढ़कर ₹301.4 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 8.6% बढ़कर ₹131 करोड़ पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 42.9% से बढ़कर 43.5% हो गया।

Hirect

रेलवे और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Hirect को भारतीय रेलवे की Modern Coach Factory (MCF) से करीब ₹60 करोड़ का पहला ऑर्डर मिला है। कंपनी चार MEMU ट्रेनसेट के लिए प्रोपल्शन सिस्टम की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर 24 महीने में पूरा किया जाएगा और इसके साथ कंपनी ने MEMU प्रोपल्शन सेगमेंट में एंट्री कर ली है।

Devyani International

क्विक सर्विस रेस्तरां (QSR) कंपनी Devyani International के मुताबिक, उसके फ्रेंचाइजी ब्रांड Costa Coffee के भारत में स्टोर्स की संख्या FY26 में घटकर 198 रह गई, जो एक साल पहले 220 थी। हालांकि, स्टोर घटने के बावजूद Costa Coffee का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹212.5 करोड़ हो गया।

Five Star Business Finance

एनबीएफसी कंपनी Five Star Business Finance का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 2% बढ़कर ₹271.4 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10.2% बढ़कर ₹636.1 करोड़ रही। वहीं, कुल आय 6% बढ़कर ₹839 करोड़ और प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 2% बढ़कर ₹362 करोड़ हो गया।

CONCOR

सरकारी लॉजिस्टिक्स और रेल माल ढुलाई कंपनी CONCOR का शुद्ध मुनाफा लगभग स्थिर रहा। यह ₹266.5 करोड़ पर रहा। रेवेन्यू 0.3% बढ़कर ₹2,160 करोड़ हुआ। EBITDA 2.7% बढ़ा और EBITDA मार्जिन 20.1% से बढ़कर 21% हो गया।

Shree Digvijay Cement

सीमेंट कंपनी Shree Digvijay Cement का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 50.5% गिरकर ₹6.8 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 72.1% बढ़कर ₹337.3 करोड़ पहुंच गया। EBITDA बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 12.14% से घटकर 8.66% रह गया।

REC Ltd

सरकारी एनबीएफसी और पावर सेक्टर फाइनेंस कंपनी REC का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 6% घटकर ₹4,192.7 करोड़ रह गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 4% घटकर ₹5,453 करोड़ रही। कंपनी के नतीजे पिछले साल के मुकाबले कमजोर रहे।

Bank of India

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक Bank of India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 36% बढ़कर ₹3,068 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 13% बढ़कर ₹6,833 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA घटकर 1.81% और नेट NPA 0.51% रह गया।

DCB Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक DCB Bank का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 35.6% बढ़कर ₹213.2 करोड़ पहुंच गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 17.8% बढ़कर ₹684 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ। वहीं, प्रोविजन लगभग आधा होकर ₹57.1 करोड़ रह गया।

Zen Technologies

डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Zen Technologies का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.8% घटकर ₹34.4 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 10.5% घटकर ₹141.6 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 40.2% गिरकर ₹38.7 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 40.9% से घटकर 27.3% रह गया।

Piramal Pharma

फार्मा कंपनी Piramal Pharma ने अहमदाबाद स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। गुजरात में भारी बारिश और जलभराव के चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया। कंपनी ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद परिचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।

Zydus Lifesciences

फार्मा कंपनी Zydus Lifesciences ने अहमदाबाद स्थित अपनी कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। लगातार भारी बारिश और जलभराव के चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया। कंपनी ने कहा कि हालात सामान्य होने पर परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

Hindustan Zinc

जिंक और चांदी उत्पादन करने वाली कंपनी Hindustan Zinc चालू वित्त वर्ष में ₹5,000 करोड़ तक का कैपेक्स करने की योजना बना रही है। कंपनी के CEO अरुण मिश्रा के मुताबिक, करीब 80% निवेश पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर होगा। बाकी 20% राशि जल्द घोषित होने वाले नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च की जाएगी।

Q1FY27 Earnings

अलग-अळग सेक्टरों की कंपनियां सोमवार को अपने जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें BKM Industries, Canara Bank, CCL Products (India), Capri Global Capital, Coal India और Coforge जैसी कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों की नजर इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी।

Stocks to Buy: ये 7 स्टॉक्स दे सकते हैं 60% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए कौन-सी पेंशन स्कीम सबसे बढ़िया? समझिए पूरा हिसाब

Retirement Planning: रिटायरमेंट की प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना बेहतर रहेगा। आज लोगों के पास कई विकल्प हैं। कोई NPS में निवेश करता है, कोई PPF में पैसा जमा करता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF है। वहीं, कम आय वाले लोगों के लिए Atal Pension Yojana (APY) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) जैसी योजनाएं भी हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सबसे बेहतर स्कीम कौन-सी है? इसका जवाब एक नहीं है। यह आपकी नौकरी, आय, उम्र और रिटायरमेंट के लक्ष्य पर निर्भर करता है। आइए एक-एक करके समझते हैं।

स्कीम किसके लिए सबसे बड़ा फायदा

स्कीमकिसके लिएसबसे बड़ा फायदा
NPSसभी भारतीय नागरिक
बड़ा रिटायरमेंट फंड और टैक्स छूट

EPFनौकरीपेशा कर्मचारी
कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान

PPFसभी भारतीय नागरिक
पूरी तरह टैक्स-फ्री रिटर्न

APYकम आय वाले लोग
₹1,000 से ₹5,000 तक गारंटीड पेंशन

PM-SYMअसंगठित क्षेत्र के कामगार₹3,000 मासिक गारंटीड पेंशन, सरकार भी बराबर योगदान देती है
UPSकेंद्र सरकार के पात्र कर्मचारीतय शर्तों पर निश्चित पेंशन

NPS: लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का मौका

अगर आपकी उम्र 20 से 45 साल के बीच है और आप लंबे समय तक निवेश कर सकते हैं, तो National Pension System (NPS) अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें आपका पैसा शेयर बाजार और बॉन्ड में निवेश होता है। इसलिए लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, रिटर्न तय नहीं होता।

मान लीजिए आपकी उम्र 30 साल है और आप हर महीने ₹5,000 निवेश करते हैं। अगर औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है और आप 60 साल की उम्र तक निवेश करते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹18 लाख होगा। वहीं, अनुमानित फंड करीब ₹1.13 करोड़ बन सकता है।

रिटायरमेंट के समय करीब ₹68 लाख (60%) टैक्स-फ्री निकाले जा सकते हैं। बाकी करीब ₹45 लाख से एन्युटी खरीदनी होगी। इसी से हर महीने पेंशन मिलेगी।

EPF: नौकरीपेशा लोगों की मजबूत बचत

अगर आप नौकरी करते हैं, तो EPF आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग की सबसे मजबूत नींव है। इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों हर महीने योगदान करते हैं। सरकार हर साल ब्याज भी देती है।

मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी ₹40,000 है। ऐसे में कर्मचारी और कंपनी मिलाकर हर महीने करीब ₹9,600 EPF खाते में जमा हो सकते हैं। अगर 30 साल तक नियमित योगदान होता है, तो रिटायरमेंट के समय बड़ा फंड तैयार हो सकता है।

PPF: बिना जोखिम वालों के लिए

अगर आप जोखिम नहीं लेना चाहते, तो Public Provident Fund (PPF) अच्छा विकल्प है। इसमें सरकार ब्याज देती है। ब्याज और मैच्योरिटी दोनों टैक्स-फ्री रहते हैं।

अगर आप हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं और ब्याज दर 7.1% रहती है, तो 15 साल बाद करीब ₹40 लाख का फंड बन सकता है। जरूरत पड़ने पर इस खाते को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

APY : कम आय वालों के लिए बेहतर

अगर आपकी आय कम है और आप गारंटीड पेंशन चाहते हैं, तो Atal Pension Yojana (APY) अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक मासिक पेंशन मिलती है। जितनी कम उम्र में योजना से जुड़ेंगे, उतना कम योगदान देना होगा।

मान लीजिए आपकी उम्र 25 साल है और आप ₹5,000 महीने की पेंशन चाहते हैं। ऐसे में आपको करीब ₹376 महीने जमा करने होंगे। 60 साल के बाद आपको तय पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।

PM-SYM : रेहड़ी पटरी या मजदूरी वालों के लिए

अगर आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जैसे रेहड़ी-पटरी लगाते हैं, मजदूरी करते हैं या छोटे दुकानदार हैं, तो प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) भी अच्छा विकल्प है। इस योजना में 60 साल की उम्र के बाद ₹3,000 महीने की गारंटीड पेंशन मिलती है। इसकी सबसे खास बात यह है कि जितना पैसा आप जमा करते हैं, उतना ही पैसा सरकार भी जमा करती है।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी उम्र 30 साल है, तो आपको हर महीने ₹100 जमा करने होंगे। सरकार भी ₹100 जमा करेगी। यानी हर महीने कुल ₹200 खाते में जमा होंगे। 60 साल की उम्र के बाद आपको ₹3,000 महीने की पेंशन मिलेगी। अगर पेंशनधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को 50% फैमिली पेंशन मिलती है।

UPS: सरकारी कर्मचारियों के लिए नया विकल्प

अगर आप केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारी हैं, तो Unified Pension Scheme (UPS) भी अच्छा विकल्प हो सकता है।

इस योजना में तय शर्तें पूरी होने पर रिटायरमेंट के बाद आखिरी 12 महीने की औसत बेसिक सैलरी का 50% तक पेंशन मिल सकती है। इससे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय बनी रहती है।

आखिर कौन-सी स्कीम सबसे बेहतर?

  • अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं, तो EPF और NPS का कॉम्बिनेशन सबसे मजबूत माना जाता है। EPF सुरक्षित बचत देता है, जबकि NPS लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकता है।
  • अगर आप खुद का कारोबार करते हैं, तो NPS और PPF अच्छा विकल्प हो सकता है। एक तरफ बेहतर ग्रोथ की संभावना रहती है, तो दूसरी तरफ सुरक्षित और टैक्स-फ्री बचत भी होती है।
  • अगर आपकी आय कम है या आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, तो APY और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन जैसी योजनाएं रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन का सहारा बन सकती हैं।
  • अगर आप केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारी हैं, तो UPS पर भी विचार कर सकते हैं।

रिटायरमेंट के लिए कितना फंड होना चाहिए?

एक आसान नियम है। रिटायरमेंट के बाद हर महीने जितना खर्च चाहिए, उसका कम से कम 200 से 250 गुना फंड बनाने की कोशिश करें।

मान लीजिए रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹20,000 खर्च होगा। ऐसे में कम से कम ₹50 लाख से ₹60 लाख का रिटायरमेंट फंड बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। हालांकि, महंगाई को देखते हुए इससे बड़ा फंड तैयार करना हमेशा बेहतर रहेगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।