केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन चल रहा था। अब उसकी रिपोर्ट आ गई है। बताया जा रहा है कि सीपीएम ने विधानसभा चुनाव हारने के कारण तलाश लिए हैं। सीपीएम का मानना है कि विजयन के चेहरे पर प्रचार केंद्रित करना चुनाव हारने का एक बड़ा कारण था। इसके अलावा विजयन की सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति भी हार का कारण बनी।

गौरतलब है कि केरल में कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर हमेशा दो सत्ता केंद्र रहे हैं। प्रकाश करात एक स्थायी केंद्र थे, जो अब भी हैं। विजयन को उनका करीबी माना जाता है। केंद्र में सीताराम येचुरी के कमजोर होने और फिर उनके निधन के बाद करात खेमा बहुत मजबूत हुआ। उधर केरल में भी विजयन के मुख्यमंत्री बनने के बाद से करात खेमे की पकड़ सत्ता और संगठन दोनों पर हो गई। वीएस अच्युतानंदन की उम्र बहुत हो गई थी और केंद्र में येचुरी कमजोर हो गए थे। उसके बाद करात और विजयन के कंट्रोल में ही पार्टी रही। तभी प्रचार के केंद्र में विजयन को रखा गया। यह भी एक तथ्य है कि केरल और पश्चिम बंगाल दोनों जगह लीपीएम को हिंदुओं के वोट मिलते रहे हैं। इसी सोच में विजयन ने केरल में हिंदू वोटों की ज्यादा आस लगा ली। वे केंद्र की नीतियों का समर्थन करने लगे और एझवा नेता नतेशन के साथ घूमने लगे। इससे मुस्लिम और ईसाई दोनों सीपीएम से दूर हुए और दूसरी ओर हिंदू वोटों का बड़ा हिस्सा भाजपा के साथ चला गया।

मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।

दिल्ली से यूपी तक आज भारी बारिश का तांडव, IMD ने कई राज्यों में जारी किया हैवी रेन का अलर्ट, आंधी-तूफान का भी खतरा, ऐसा रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: देशभर में इस वक्त कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। ओडिशा-झारखंड-छत्तीसगढ़ से निकले डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश जारी है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश हो रही है। दिल्ली से लेकर उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंड अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने मध्य भारत के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे दैनिक जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी गिरेगा।

इन 3 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक, तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की प्रबल संभावना है:

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बारिश के प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ों में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

यूपी, राजस्थान से लेकर दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम जताया है। आंध्र प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है।

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बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में दिन भर मजबूत सतही हवाएं चलती रहेंगी।

कल भारी बारिश का तांडव: 22+ राज्यों में अलर्ट, IMD ने इन 3 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग जारी की, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

Kal Ka Mausam 29 July: देशभर के कई इलाकों में इस वक्त भारी बारिश देखने को मिल रही है। देशभर में इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। एक डीप डिप्रेशन के चलते पूर्वी और मध्य भारत में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है जबकि उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश देखने को मिल है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है।

इसके मुताबिक देश के 22 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के लिए रेड कलर वॉर्निंग (अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी) जारी की है।

ओडिशा-बंगाल पर बना डीप डिप्रेशन बढ़ा रहा खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी आंतरिक ओडिशा और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा दबाव 12 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। यह सिस्टम ओडिशा के बारीपदा से लगभग 20 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, बालेश्वर से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम और झारखंड के जमशेदपुर से 110 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम उत्तर ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसी मौसमी तंत्र के कारण देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश दर्ज की जा रही है।

इन 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग: अत्यंत मूसलाधार बारिश का खतरा

IMD ने 29 जुलाई को तीन प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी (रेड कलर वॉर्निंग) दी है:-

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 29 जुलाई को नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

पश्चिम मध्य प्रदेश

ओडिशा

पूर्वोत्तर राज्य: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 29 जुलाई को देश के कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तर भारत और मैदान: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

तेज हवाएं, बिजली गिरने और समुद्र में हलचल की चेतावनी

आंध्र प्रदेश, गुजरात, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है।

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मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलेंगी। सोमालिया और ओमान तटों, मध्य अरब सागर और उत्तरी अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी/घंटा से लेकर 65 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश तट, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं चलेंगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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अगले 7 दिन बारिश का कहर: यूपी से गुजरात तक इन 15+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट, इन 6 राज्यों में तो मूसलाधार वाला मौसम

India Weather Update: देश भर के कई इलाके इस वक्त भारी से बेहद भारी बारिश से जूझ रहे हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उड़ीसा और गंगीय पश्चिम बंगाल पर बने गहरे दबाव, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम यूपी और पूर्वोत्तर असम के निचले ट्रोपोस्फीयर में बने चक्रवातीय परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर सेआने वाले 7 दिनों (28 जुलाई से 3 अगस्त) तक देश भर में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 6 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 6 प्रमुख राज्यों में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक की अत्यंत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है:-

ओडिशा: 28 जुलाई को थंडरस्क्वाल (50-60 किमी/घंटा से 70 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं) के साथ अत्यंत भारी बारिश।

छत्तीसगढ़: 28 और 29 जुलाई को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत मूसलाधार बारिश।

पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।

विदर्भ: 29 और 30 जुलाई को मूसलाधार बारिश की संभावना।

पश्चिम मध्य प्रदेश: 30 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश।

गुजरात रीजन: 31 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का पूर्वानुमान।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश, 29-30 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश। 28 जुलाई से 30 जुलाई के दौरान गरज-चमक का अलर्ट है।

इसी तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28-29 जुलाई और 3 अगस्त को भारी बारिश, जबकि 28 से 30 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने और आंधी की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 और 29 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

इसी तरह पंजाब में 28-29 जुलाई को बहुत भारी बारिश, और 30 जुलाई से 3 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान। पूर्वी राजस्थान में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। पश्चिम राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होगी। 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भी भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, महाराष्ट्र और गुजरात का पूर्वालोकन

पश्चिम मध्य प्रदेश में 29 और 31 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। दोनों क्षेत्रों में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक 30-40 किमी/घंटा की हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है। महाराष्ट्र के विदर्भ में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-30 जुलाई एवं 1 अगस्त को भारी बारिश होगी।

मध्य महाराष्ट्र में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश और 28-29 जुलाई व 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना। मराठवाड़ा में 28 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र में 30 जुलाई और 1-2 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं का अलर्ट है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, बिहार और असम का मौसम

ओडिशा में 29 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 जुलाई तथा 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। बिहार में 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ भारी बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं।

असम और मेघालय में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक लगातार भारी बारिश की संभावना। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी। अरुणाचल प्रदेश में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कर्नाटक, केरला और तेलंगाना

तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई और 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। केरल और माहे में 28 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश, तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

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इसके अलावा तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश (यनाम) में 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

NEET Protest: सरकार से बातचीत के बाद CJP का बयान- ‘किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा’

NEET Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि उसे सरकार के प्रतिनिधियों से नया आश्वासन मिला है। इसके अनुसार, आने वाले समय में बीजेपी/NDA शासित कुछ और राज्य NEET-UG प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। यह जानकारी उस समय सामने आई, जब इससे कुछ घंटे पहले CJP ने कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हुए “समझौते के उल्लंघन” के विरोध में दोबारा सड़कों पर उतर सकता है।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रात करीब 1 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक करीब तीन घंटे तक चली।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिहार और असम सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन की कॉपी दिखाई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने केंद्र और बीजेपी/NDA शासित दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही नोटिफिकेशन जारी करने के अपने वादे को दोहराया है।

सौरभ दास ने कहा, “उम्मीद है कि जो भाषा और शर्तें तय हुई हैं, उन्हें ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी एक साथ हैं।”

सोमवार को CJP ने दी थी सख्त चेतावनी

यह देर रात किया गया पोस्ट CJP की ओर से सोमवार को दी गई सख्त चेतावनी के बाद आया। उस समय CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले प्रदर्शन के खत्म होने के बाद सरकार के साथ हुए समझौते के बावजूद कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को अभी भी गिरफ्तारी, निगरानी और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

आशुतोष रांका ने कहा, “हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने के समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली में वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है या परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने सभी FIR तुरंत वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और इस बात की गारंटी देने की मांग की कि कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन फिर से अपना विरोध शुरू कर देगा।

जल्द जारी होंगे अन्य राज्यों में नोटिफिकेशन

वहीं, सौरव दास ने कहा कि CJP के लोगों ने चिंता जताई थी कि बातचीत के दौरान दिए गए आश्वासनों को शायद जमीनी स्तर पर लागू न किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार के गृह विभाग का नोटिफिकेशन दिखाकर जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि जल्द ही दूसरी जगहों पर भी ऐसी ही गारंटी जारी की जाएगी।

सौरव दास ने कहा, “सरकार ने गारंटी दी है कि अलग-अलग राज्यों में हमारी चिंताओं को दूर करने वाले नोटिफिकेशन कल तक जारी कर दिए जाएंगे और प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे। भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन को एक अलग आश्वासन मिला है कि राजस्थान में अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।

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कल 28 जुलाई को बारिश का तांडव: दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने बताया कहां-कहां रहेगा तूफानी मौसम

kal Ka Mausam 28 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में तूफानी बारिश का दौर जारी है। असम से लेकर गुजरात और ओडिशा तक भारी बारिश ने आम जनजीवन को तबाह कर रखा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में बारिश का और जोरदार रूप देखने को मिल सकता है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा देश के लगभग 15 से अधिक अन्य राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज अंधड़, आकाशीय बिजली और तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं की गंभीर चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं कि 28 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 28 जुलाई को देश के 12 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों में मूसलाधार से अति भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

उत्तर प्रदेश: राज्य के अलग अलग जिलों में तेज बादलों के जमावड़े के साथ बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भूस्खलन और जलभराव की आशंका के साथ अति भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल के कई हिस्सों में तेज मूसलाधार बारिश होने का पूर्वाकलन है।

पंजाब: पंजाब के अलग-अलग जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़: राज्य के कई इलाकों में मूसलाधार बरसात जारी रहेगी।

ओडिशा: तटीय व आंतरिक ओडिशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं।

विदर्भ: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना है।

तटीय कर्नाटक: तटीय जिलों में अति भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: राज्य के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार बारिश का पूर्वाकलन है।

इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 15 अन्य राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर व पश्चिम भारत: पूर्वी राजस्थान, गुजरात रीजन और कोंकण व गोवा के जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे में भारी बारिश होने की संभावना है।

40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं और वज्रपात की चेतावनी

28 जुलाई को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आंधी और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे और ओडिशा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके और तेज) की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में आंधी और आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, झारखंड, पूरे महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में तेज हवाओं और उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर अरब सागर के कुछ भागों और सोमालिया और ओमान तटों के पास 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

दक्षिण गुजरात और कोंकण-गोवा तटों से लगे उत्तर-पूर्वी व पूर्व-मध्य अरब सागर में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से मौसम खराब रहेगा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा तटों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों में 55-65 किमी/घंटा (झोंके 75 किमी/घंटा) की बेहद भीषण तूफानी हवाएं चलेंगी।

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उत्तरी आंध्र प्रदेश तट, मध्य व उत्तर बंगाल की खाड़ी के हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अंडमान सागर, बांग्लादेश व म्यांमार तटों, उत्तर-पूर्वी, मध्य व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा।

CJP ने फिर दी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी, सरकार की वादाखिलाफी पर भड़की पार्टी, एक्स पर क्या बोले आशुतोष रांका

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वह अपना आंदोलन दोबारा शुरू करेगी। पार्टी का आरोप है कि देशव्यापी प्रदर्शन वापस लेने के बाद केंद्र के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया गया है।

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CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और अन्य राज्यों में कई छात्रों की निगरानी की जा रही है और उन्हें कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है। रांका ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक सहायता देने वाले स्वयंसेवकों को भी हिरासत में लिया जा रहा है।

FIR वापस लेने और छात्रों की रिहाई की मांग

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CJP ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियां या भाजपा-शासित अथवा सहयोगी राज्यों की पुलिस छात्रों के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज न करे।

 

आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी

 

आशुतोष रांका ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो CJP फिर से आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पुलिस या सरकारी एजेंसियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

डीप डिप्रेशन संग 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 7 दिनों तक यूपी समेत 25+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, तूफानी रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तटों को पार कर रहा है। इसके असर से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले सात दिनों (27 जुलाई से 2 अगस्त) तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में अति भारी बारिश (12-20 सेमी) और हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, कोंकण-गोवा व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड हुई है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का पूर्वानुमान
  • उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पूरे हफ्ते गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
  • हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान मूसलाधार से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई, 29 जुलाई और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई, 30 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: इन क्षेत्रों में 28 से 31 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28-29 जुलाई और 1-2 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मानसून का मजबूत असर दिखाई देगा।

  • छत्तीसगढ़: 27 और 28 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • विदर्भ: 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग अलर्ट, बंगाल-बिहार में मूसलाधार

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।

ओडिशा: 27 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी। 27 जुलाई को ही 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश होगी, जबकि 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड: 27 जुलाई को दोनों राज्यों में अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को बंगाल में 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक रोजाना भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • बिहार: 27 जुलाई और 29-30 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
  • पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश
  • कोंकण और गोवा: 27 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 27, 28, 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अति भारी बारिश होने का अनुमान है। 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र व कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: अंधड़ और तेज सतही हवाओं की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 27 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 27 से 29 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। 27 और 28 जुलाई को इस क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश और 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 27 से 31 जुलाई के दौरान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

केरल और माहे: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। 27 और 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना और तमिलनाडु: तेलंगाना में 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

Weather Update : हिमाचल में बादल फटा; असम में 68 मौतें, गुजरात में सेना का रेस्क्यू, IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है तो गुजरात में भारी बारिश के कारण भारी तबाही हुई। सेना राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: Top News 27 July: संसद में पेपर लीक संशोधन बिल, सोनम वांगचुक होंगे डिस्चार्ज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

असम में 68 की मौत

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 68 लोगों की मौत हो गई। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को फोन कर हालात की जानकारी ली। सोनोवाल बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर हैं।

 

गुजरात ने सेना ने संभाली कमान

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कई इलाकों में भीषण जलभराव की स्थिति बन गई है। विशेष रूप से अहमदाबाद जिले के बावला और सानंद क्षेत्र में जलजमाव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। राज्य में वर्षाजन्य हादसों में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें से 29 मौतें वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर बारिश के बाद के हालात की विस्तृत समीक्षा की। चर्चा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने और जल निकासी का काम तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। है। 

 

हिमाचल में फटे बादल

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में शनिवार रात बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। इससे मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क टूट गया। भूस्खलन की वजह से राज्य में करीब 135 सड़कें बंद कर दी गई है। प्रदेश में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से 15 लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने 5 जिलों में 28 से 31 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।

 

IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भारी बारिश के साथ ही तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

 

ओडिशा में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को और गहरा होकर डिप्रेशन में बदल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।