5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

Udhna Station: सूरत के उधना स्टेशन पर बना देश का पहला स्टील सबवे! सिर्फ 8 घंटे में हुआ तैयार, रेलवे ने रचा इतिहास

Udhna Station: भारतीय रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा काम कर दिखाया है। गुजरात में सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रेलवे पटरियों के नीचे देश का पहला स्टील पैदल यात्री सबवे बनाने में सफलता हासिल हुई है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्टके मुताबिक, पश्चिम रेलवे द्वारा चलाए गए इस पायलट प्रोजेक्ट को बिल्कुल नई और आधुनिक ट्रैक कट-एंड-कवर तकनीक का इस्तेमाल करके मात्र 8 घंटे के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है।

इस सबवे के बन जाने से अब प्लेटफॉर्म बदलने के लिए पटरियों को पार करने की खतरनाक प्रथा पर लगाम लगेगी और यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।

कैसे हुआ यह कारनामा? जानिए क्या है ट्रैक Cut-and-Cover तकनीक

पश्चिम रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) पंकज सिंह ने इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस तकनीक के तहत निर्धारित ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान रेलवे पटरी को काटा जाता है और पटरियों के नीचे की जमीन की खुदाई की जाती है। खुदाई के बाद फैक्ट्री में तैयार स्टील आर्च स्ट्रक्चर को नीचे स्थापित कर दिया जाता है और फिर गड्ढे को भरकर पटरी को तुरंत चालू स्थिति में बहाल कर दिया जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड 8 घंटे के भीतर पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया था ताकि ट्रेन संचालन पर कम से कम असर पड़े। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस काम को तय 8 घंटे की विंडो में बिना किसी बड़े ट्रेन प्रभाव के पूरा कर लिया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान गुजरात के उधना को महाराष्ट्र के जलगांव से जोड़ने वाली रेलवे पटरियों को अस्थायी रूप से हटाया गया, मिट्टी की खुदाई की गई, प्रीफैब्रिकेटेड स्टील आर्च स्ट्रक्चर को रखा गया और फिर लाइन को तुरंत बहाल कर दिया गया।

कितना बड़ा है यह स्टील सबवे?

पारंपरिक प्रबलित सीमेंट कंक्रीट संरचनाओं की तुलना में इसके निर्माण में काफी कम समय लगा है। इसकी लंबानी करीब 12 मीटर, चौड़ाई 4.8 मीटर और ऊंचाई 2.7 मीटर है। इसमें स्टील आर्च और प्रीकास्ट कंक्रीट नींव का इस्तेमाल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में तैयार संरचना होने के कारण गुणवत्ता बेहतर रही और ट्रैक ब्लॉक की समयसीमा को न्यूनतम करने में मदद मिली।

उधना स्टेशन पर क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

उधना रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 10000 यात्री आवाजाही करते हैं। त्योहारों के सीजन में यहां यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आता है। इस साल की शुरुआत में ईरान संघर्ष के दौरान जब बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों को लौटे थे तब उधना स्टेशन पर यात्रियों की संख्या रोजाना 30000 को पार कर गई थी।

पटरियों को पार करके प्लेटफॉर्म बदलना या बाईपास लाइन पर जाना बेहद खतरनाक होता है, खासकर उन जगहों पर जहां मुड़े हुए ट्रैक होते हैं और विजिबिलिटी सीमित होती है। उधना बाईपास लाइन पर भी ऐसी ही खतरनाक स्थिति बनी रहती थी, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। इसी खतरे को देखते हुए और यात्रियों व कुलियों को सुरक्षित प्लेटफॉर्म बदलने की सुविधा देने के लिए रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस तकनीक को अपनाया गया।

देश भर के व्यस्त स्टेशनों पर लागू हो सकता है यह मॉडल

पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उधना में इस पायलट प्रोजेक्ट की शानदार सफलता के बाद अब देश भर के अन्य व्यस्त रेलवे स्टेशनों और रेल सेक्शनों पर भी इस तरह के स्टील सबवे बनाने का रास्ता साफ हो सकता है। एक बार इस सबवे के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद उधना में बाईपास लाइन पर खतरनाक तरीके से पटरी पार करने की समस्या खत्म हो जाएगी और दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।

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IMD Heavy Rain Alert: देशभर में मानसून का कहर! दिल्ली-मुंबई और कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन का भी खतरा

IMD Heavy Rain Alert: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और नागालैंड समेत कई राज्यों में बारिश का असर पहले ही देखने को मिल रहा है। हालात को देखते हुए राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।

हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा

IMD ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, शिमला और मंडी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, ऊना, बिलासपुर, सोलन, हमीरपुर, कुल्लू और सिरमौर में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, कीचड़ धंसने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

इसके अलावा जलभराव, कम विजिबिलिटी, ट्रैफिक जाम, परिवहन सेवाओं में बाधा, फसलों को नुकसान और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से भूस्खलन संभावित इलाकों, नदियों और तेज बहाव वाले नालों से दूर रहने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे हालात, वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति लापता है।

पुंछ जिले में लगातार बारिश के चलते एक मकान गिर गया। इसमें एक ही परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों में श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

मुंबई में ‘येलो अलर्ट’ जारी, जलभराव की आशंका

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शनिवार रात से लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है। अंधेरी, बांद्रा, विले पार्ले, दादर और मध्य उपनगरों के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। IMD ने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए बुधवार तक भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी और मध्य उपनगरों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों को जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की चेतावनी दी है। हालांकि, सेंट्रल, हार्बर और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं फिलहाल संचालित हो रही हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर गति प्रतिबंध के कारण मामूली देरी देखी जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से राहत, तापमान में आएगी बड़ी गिरावट

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से बुधवार तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इससे वीकेंड की उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा अधिकतम तापमान मंगलवार तक घटकर करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय होगा मानसून

उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मानसून और अधिक सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ व्यापक बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में रुक-रुक कर बारिश और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।

पश्चिम बंगाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अगले दो दिनों के दौरान अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कूचबिहार में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, निचले क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडाक जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भी 21 से 23 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में जारी रहेगा बारिश का दौर

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश जारी रहने की आशंका है। गुवाहाटी में पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है। जबकि नागालैंड के कई इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

प्रशासन की लोगों से अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। IMD के मुताबिक, इस सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की आशंका है।

हैवी रेन अलर्ट 20 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आधी तूफान का भी खतरा

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश की होगी एंट्री तो इन राज्यों को भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, IMD ने बताया कब बदलेगा मौसम

इस सप्ताह दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर से सक्रिय होने के साथ देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून और मजबूत होगा। इसके चलते हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है।

IMD ने बताया कि कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति भी बन सकती है। वहीं, दिल्ली में भी बारिश के कारण पिछले सप्ताह की गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

दिल्ली में मौसम बदलेगा, बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत

मौसम  विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश वाले बादलों के पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट आएगी और मंगलवार तक यह करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सप्ताह के बाकी दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

IMD के मुताबिक, रविवार से दिल्ली में आंधी, गरज-चमक और रुक-रुक कर बारिश शुरू हो सकती है। वहीं, सोमवार से बुधवार के बीच बारिश का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

पूरे सप्ताह राहत भरा रहेगा दिल्ली का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के दिनवार पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में इस सप्ताह तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को अधिकतम तापमान 40°C, सोमवार को 37°C, मंगलवार को 30°C, बुधवार को 33°C, गुरुवार को 35°C, शुक्रवार को 36°C और शनिवार को 32°C रहने का अनुमान है। यह पिछले कुछ दिनों की तेज गर्मी और उमस की तुलना में काफी राहत देने वाला रहेगा।

दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में भी मौसम बदलने की संभावना है। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 34°C से 39°C, गुरुग्राम में 34°C से 40°C और फरीदाबाद में 29°C से 32°C के बीच रहने का अनुमान है। फरीदाबाद में बाकी शहरों की तुलना में मौसम थोड़ा ठंडा रहने की उम्मीद है। दिल्ली और एनसीआर के अलावा, मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। खासकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर से दक्षिण तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

वहीं, मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय मानसून के कारण लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का असर पश्चिमी और दक्षिण भारत में भी देखने को मिलेगा। कोंकण-गोवा, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कई जगह अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

NICL Recruitment 2026: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में असिस्टेंट के 500 पदों पर भर्ती शुरू, जानें कौन कर सकता है आवेदन

NICL Recruitment 2026: अगर आप ग्रेजुएट हैं और बीमा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो देश की प्रमुख नेशनल बीमा कंपनी (NICL) असिस्टेंट के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कंपनी 500 पदों पर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करेगी। इन पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एनआईसीएल की आधिकारिक वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in/recruitment पर 07 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रखें, आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी।

एनआईसीएल भर्ती 2026: एक नजर में

ऑनलाइन आवेदन शुरू : 18 जुलाई 2026

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि : 7 अगस्त 2026

आवेदन शुल्क जमा करने की अवधि : 18 जुलाई 2026 से 7 अगस्त 2026 तक

फेज-1 (प्रारंभिक) ऑनलाइन परीक्षा : 27 अगस्त 2026

फेज-2 (मुख्य) ऑनलाइन परीक्षा : 30 अक्टूबर 2026

500 पदों पर राज्यवार की जाएगी भर्ती

एनआईसीएल के इस भर्ती अभियान के तहत कुल 500 असिस्टेंट पद भरे जाएंगे, जिनकी नियुक्ति राज्यवार की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार सिर्फ एक ही राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। सबसे अधिक रिक्तियां महाराष्ट्र (57), तमिलनाडु (49), पश्चिम बंगाल (46), राजस्थान (36), केरल (35), गुजरात (34), उत्तर प्रदेश (24), दिल्ली (20) और बिहार (12) में निकाली गई हैं।

आवेदन के नियम और शर्तें

शैक्षिक योग्यता : उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही जिस राज्य के लिए उम्मीदवार आवेदन करेगा, वहां की क्षेत्रीय भाषा पढ़ने, लिखने और बोलने का ज्ञान होना जरूरी है। अंतिम चयन से पहले क्षेत्रीय भाषाकी परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।

आयु सीमा : 1 जुलाई 2026 के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और अन्य आरक्षित वर्गों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा।

  • ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा
  • ऑनलाइन मुख्य परीक्षा
  • क्षेत्रीय भाषा परीक्षा

रीजनल लैंग्वेज टेस्ट केवल क्वालिफाइंग होगा। अंतिम मेरिट सूची केवल मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न

प्रारंभिक परीक्षा में 100 अंकों के 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें अंग्रेजी भाषा, रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड से प्रश्न होंगेहों गे। परीक्षा की कुल अवधि 60 मिनट होगी। मुख्य परीक्षा में 200 अंकों के 200 प्रश्न होंगेहों गे। इसमें रीजनिंग, अंग्रेजी भाषा, न्यूमेरिकल एबिलिटी, जनरल अवेयरनेस और कंप्यूटर नॉलेज से प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 120 मिनट होगी।

दोनों ऑनलाइन परीक्षाओं में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई (1/4) अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी, जबकि बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्नों पर श्नों कोई अंक नहीं काटे जाएंगे।

आवेदन शुल्क

एससी, एसटी, दिव्यांग (PwBD) और भूतपूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) वर्ग के उम्मीदवारों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। अन्य सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 850 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा।

एनआईसीएल असिस्टेंट भर्ती 2026 आवेदन करने के स्टेप्स

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें और आवेदन फॉर्म भरें।
  • पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर अपलोड करें।
  • बाएं हाथ के अंगूठे का निशान अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्तलिखित घोषणा अपलोड करें।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन पत्र को ध्यान से जांच लें।
  • पात्रता के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
  • ध्यान रखें कि फाइनल सबमिट के बाद आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा।

SBI Recruitment 2026: एसबीआई में हो रही है मेडिकल ऑफिसर की भर्ती, फॉर्म भरने की लास्ट डेट 14 जुलाई से बढ़कर हुई 21 जुलाई

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

Weather Update 18 July : 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ा; यूपी में 21 जुलाई तक झमाझम बारिश

rain update 18 july

Weather Update 18 July : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी है तो पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक मानसून कमजोर ही बना रहेगा। 

 

 

IMD ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि आगामी 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 18 एवं 19 जुलाई, 2026 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। आगामी 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तथा अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों के कमजोर बने रहने की संभावना है।

 

17 राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, केरल समेत 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

यूपी में मानसून के सक्रिय

भारी बारिश से उत्तरप्रदेश के गोरखपुर शहर में सड़कों पर पानी भर गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

 

केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा

मानसून के मौसम में केदारनाथ समेत केदार घाटी और रुद्रप्रयाग जिले के कई अन्य इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे हाईवे और केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों को संवेदनशील और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में तैनात किया गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष भी चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है।

 

राजस्थान में 21 जुलाई से सक्रिय होगा मानसून

राजस्थान के 10 जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में अब तक सामान्य से 21 फीसदी बारिश कम हुई है। ब्रेक के बाद राज्य में 21 जुलाई से एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। 

आज का मौसम: 7 चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव, IMD ने बिहार-यूपी समेत इन 16+ राज्यों में धुंआधार बारिश का अलर्ट दिया, 2 जगहों पर रेड वॉर्निंग

India Weather Update: देश भर में मानसून का सबसे रौद्र और व्यापक रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 18 जुलाई के लिए देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 7 बड़े चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इन प्रणालियों के आपस में जुड़ने के कारण देश के 16 से अधिक राज्यों में धुंआधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 2 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेड वॉर्निंग यानी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

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आसमान में सक्रिय हैं ये 7 बड़े सिस्टम

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ सात बड़ी मौसमी प्रणालियां मानसून को अत्यधिक तीव्र और खतरनाक बना रही हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उसके पड़ोस पर बना कम दबाव का क्षेत्र आज सुबह पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अमृतसर, करनाल, बरेली, लखनऊ, पटना, उत्तरी झारखंड व पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के केंद्र और डायमंड हार्बर से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: पूर्वी यूपी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच लगातार बना हुआ है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाकों पर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।

उत्तरी केरल पर चक्रवाती सिस्टम: उत्तरी केरल और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तरी केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होकर गुजरने वाली ट्रफ लाइन समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर बनी हुई है। उत्तर-पाकिस्तान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी असम का सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की ट्रफ लाइन अभी भी सक्रिय है।

इन 2 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’

मौसम विभाग ने आज कुछ इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज का दिन सबसे भारी रहने वाला है। यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ-साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी (IMD) के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, यहां बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। असम और मेघालय में कई जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

बिहार-यूपी और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के मैदानी और तटीय इलाकों के कुल 11 राज्यों में आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में आज भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज कई जगहों पर भारी वर्षा का अनुमान है। मध्य प्रदेश के पूर्वी अंचलों में आज बादल जमकर बरसेंगे। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय राज्य ओडिशा में आज भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज भारी वर्षा होने की उम्मीद है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में आज मानसून की छिटपुट से लेकर व्यापक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

तेलंगाना में थंडरस्क्वाल; कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार और आकाशीय बिजली को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में आज गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की बहुत संभावना है, जहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में आज गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज दिन भर काफी तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आज जारी रहेगा उमस का कहर

मौसम के इस अनोखे पैटर्न के बीच देश का एक हिस्सा ऐसा भी होगा जहाँ बारिश न होने से लोग परेशान रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक आज हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग जगहों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

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