Pramodini IPO Listing: ₹118 के शेयर ₹120 पर लिस्ट, लगातार मजबूत हो रही प्रमोदिनी की सेहत

Pramodini IPO Listing: डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज देने वाली प्रमोदिनी मेडिकेयर के शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 3 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 1.69% का लिस्टिंग गेन (Pramodini Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹119.05 (Pramodini Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.89% मुनाफे में हैं।

Pramodini IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रमोदिनी मेडिकेयर का ₹69 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 4.96 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.49 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹63 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5,00,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹45.15 करोड़ मौजूदा और प्रस्तावित डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स के लिए मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Pramodini Medicare के बारे में

प्रमोदिनी मेडिकेयर डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज मुहैया कराती है। यह टियर1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों, PSU, मेडिकल कॉलेजों और प्राइवेट डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स को सर्विसेज देती है। इसके सर्विस पोर्टफोलियो में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, कलर डॉप्लर के साथ अल्ट्रासाउंट, मैमोग्राफी, डेक्सा स्कैन और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसी रेडियोलॉजी सर्विस; हेमेटोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे क्लिनिकल लेबोरेटरी सर्विस; और पीईटी-सीटी, SPECT और न्यूक्लियर थेरेपी जैसी न्यूक्लियर मेडिसिन सर्विस हैं। कंपनी विजयवाड़ा से 24×7 टेली-रेडियोलॉजी यूनिट और उसी जगह पर एक प्रोसेसिंग लेबोरेटरी भी चलाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 56% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹17.38 करोड़ और टोटल इनकम 33% के सीएजीआर से ₹63.38 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.46 करोड़ पड़े थे।

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Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

Shiprocket IPO Listing: ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 102 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹97 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹129.50 और NSE पर ₹131.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹135.08 (Shiprocket Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 39.26% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹9 के डिस्काउंट पर मिला है।

Shiprocket IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

शिपरॉकेट का ₹1,617 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 125.20 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 92.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 48.38 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 58.85 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹885 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 7,54,62,363 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹365.60 करोड़ उभरते हुए और कोर बिजनेस के शिपरॉकेट प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ में निवेश, ₹205.80 करोड़ मार्केटिंग, ₹159.80 करोड़ टेक इंफ्रा और कैपेबिलिटीज में निवेश, ₹210.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसे इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Shiprocket के बारे में

शिपरॉकेट एक भारतीय ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी है जो कंपनियों को टेक सॉल्यूशंस देती है। यह MSMEs (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज), D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस को मैनेज करने और बढ़ाने में मदद करती है। रेडशियर रिपोर्ट (Redseer Report) के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू के हिसाब से यह देश की सबसे न्यू-एज एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म थी।

कंपनी ने शुरुआत में एक शिपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसकी मुख्य सर्विसेज में घरेलू शिपिंग और शिपिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जो इंस्टेंट पिकअप, ऑर्डर ट्रैकिंग, सुरक्षित डिलीवरी, वजन की जांच और फास्ट COD (कैश-ऑन-डिलीवरी) पेमेंट सेटलमेंट जैसी सर्विसेज देती है। समय के साथ इसका कारोबार बढ़ता गया और यह कार्गो और फुलफिलमेंट सर्विसेज, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग सॉल्यूशंस, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, और मर्चेंट सॉल्यूशंस देती है। वित्त वर्ष 2026 में इसने 146 देशों में क्लाइंट्स को सर्विसेज दी। शिपरॉकेट को मुख्य रूप से यूजेज-बेस्ड प्राइसिंग मॉडल से रेवेन्यू मिलता है जिसमें मर्चेंट्स इस आधार पर पेमेंट करते हैं कि वे प्लेटफॉर्म का कितना इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि शिपमेंट की संख्या, ट्रांज़ैक्शन या प्रोसेस किए गए ऑर्डर की वैल्यू।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है लेकिन कंपनी तीन वित्त वर्षों से लगातार घाटे में बनी हुई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ₹595.18 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्। 2025 में घटकर ₹74.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹79.25 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 24% की रफ्तार यानी सीएजीआर से ₹2,077.42 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹242.01 करोड़ का टोटल कर्ज था।

Behari Lal IPO Listing: 118 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 63% लिस्टिंग गेन, ₹285 के शेयरों का बड़ा धमाल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO: खुलने से पहले ही हिट हुआ यह आईपीओ, ग्रे मार्केट में 56% प्रीमियम! निवेशकों में मची होड़, चेक करें डिटेल्स

Tempsens Instruments IPO GMP & Details: प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते खूब एक्शन है। निवेशकों के लिए इस वीक 7 आईपीओ में पैसे लगाने का मौका खुल रहा है। राजस्थान बेस्ड थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स भी अपना नया आईपीओ लेकर आ रही है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा।

ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। आईपीओ खुलने से पहले ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 50% के पार निकल चुका है, जो मजबूत लिस्टिंग गेन की ओर इशारा कर रहा है। जानिए इस आईपीओ की सभी जरूरी डिटेल्स।

आईपीओ का साइज, प्राइस बैंड और लॉट साइज

इश्यू साइज: कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹650 करोड़ जुटाने जा रही है।

फ्रेश इश्यू vs OFS: आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू (नए शेयर) शामिल है, जबकि ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें 1.85 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे।

प्राइस बैंड: शेयर का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया गया है।

लॉट साइज: कम से कम 50 शेयरों का एक लॉट है। ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) पर रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए न्यूनतम ₹15,000 का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट (650 शेयर) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसकी लागत ₹1,95,000 होगी।

अहम तारीखें

  • एंकर इन्वेस्टर्स बिडिंग: 19 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 24 अगस्त 2026
  • अलॉटमेंट डेट (अनुमानित): 25 अगस्त 2026
  • लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 28 अगस्त 2026

कंपनी पैसे का क्या करेगी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) के लिए होगा, ₹55 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, और बाकी रकम कॉरपोरेट जरूरतों में लगेगी।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड

1990 में शुरू हुई टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स तापमान मापने वाले सेंसर, इलेक्ट्रिक हीटिंग और स्पेशल केबल सॉल्यूशंस बनाती है। तापमान सेंसर सेगमेंट में कंपनी का मार्केट शेयर 10.5% और नॉन-कॉन्टेक्ट टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में 21.3% है। दुनियाभर में कंपनी के पास 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं (10 उदयपुर में और 5 विदेशों में)।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 11.2% बढ़कर ₹67.3 करोड़ रहा (जो पिछले साल ₹60.6 करोड़ था)। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Tempsens Instruments IPO: कितना चल रहा है GMP?

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का जीएमपी काफी तगड़ा रिस्पांस दे रहा है। Investorgain के अनुसार, कंपनी के शेयर का GMP ₹168 चल रहा है, जो इसके ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) के हिसाब से करीब 56% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। वहीं, IPO Watch पर इसका जीएमपी करीब 51.33% दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 19 अगस्त को इन 12 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 19 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों ने बड़े फैसलों और ऑर्डर की जानकारी दी है। इनमें फंड जुटाने, नए कॉन्ट्रैक्ट, ग्रीन एनर्जी निवेश और रणनीतिक हिस्सेदारी खरीदने जैसे अपडेट शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Bharat Petroleum

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Bharat Petroleum (BPCL) ने ₹5,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी बोर्ड ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे कंपनी अपनी फंडिंग जरूरतें पूरी करेगी।

RailTel

सरकारी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RailTel को EPFO से ₹166.8 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर टैक्स समेत है। इससे कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती मिल सकती है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में 7.2% हिस्सेदारी करीब ₹4,780 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए बिक सकती है। यह हिस्सेदारी TPG Inc. से जुड़ी Centella Mauritius Holdings बेच सकती है। डील का फ्लोर प्राइस ₹766.10 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले NSE क्लोजिंग प्राइस से करीब 6.3% कम है।

Krystal Integrated Services

फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी Krystal Integrated Services को MSRTC से करीब ₹134 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। कंपनी मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के तय क्षेत्रों में तीन साल तक इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज देगी। यह ऑर्डर 18 अगस्त को सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत जारी किया गया।

Atlanta Electricals

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Atlanta Electricals को आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन (APTRANSCO) से ₹193.92 करोड़ का LOI मिला है। कंपनी 160 MVA क्षमता वाले 12 ऑटो ट्रांसफॉर्मर डिजाइन, निर्माण और सप्लाई करेगी।

Exide Industries

बैटरी बनाने वाली कंपनी Exide Industries ने अपनी सहायक कंपनी Exide Energy Solutions में ₹200 करोड़ का निवेश किया है। यह रकम भारत में बन रहे मल्टी-गीगावॉट लिथियम-आयन सेल प्लांट के लिए लगाई गई है। निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया गया।

Highway Infrastructure

इंफ्रा कंपनी Highway Infrastructure को NHAI से ₹80.17 करोड़ का टोल ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट तमिलनाडु के Palayam Fee Plaza के लिए है। इसकी अवधि 90 दिन होगी।

Jubilant Ingrevia

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Jubilant Ingrevia ने Zettaone Technologies India में 40% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। यह सौदा ₹189.2 करोड़ में होगा। इससे कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कदम बढ़ाएगी।

Hindustan Zinc

माइनिंग और मेटल कंपनी Hindustan Zinc ने बताया कि उसकी बिजली खपत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़कर 22% हो गई है। FY26 में यह करीब 18% थी। कंपनी FY28 तक इसे 70% तक ले जाने का लक्ष्य रखती है।

ONGC

सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC ने असम के गोलाघाट जिले में Khoraghat GGS-1 गैस इवैक्युएशन फैसिलिटी शुरू कर दी है। इससे अपर असम शेल्फ की अतिरिक्त गैस को North East Gas Grid के जरिए प्रोसेस और सप्लाई किया जा सकेगा।

Balkrishna Industries

ऑफ-हाईवे टायर बनाने वाली कंपनी Balkrishna Industries ने ₹550 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी यह रकम प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए NCD जारी करके जुटाएगी।

Shilpa Medicare

फार्मा कंपनी Shilpa Medicare ने अमेरिका में Pemetrexed Injection की 27,923 वायल्स को स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। कंपनी ने दवा के रंग में असामान्य बदलाव के कारण यह रिकॉल शुरू किया है।

Patanjali Foods: 59% रिटर्न दे सकता है ये FMCG स्टॉक, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO: खुलने से पहले 56% पर पहुंचा GMP, 20 अगस्त से लगा सकेंगे पैसा

Tempsens Instruments IPO: थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बनाने वाली कंपनी Tempsens Instruments का IPO 20 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इश्यू खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। Investorgain के मुताबिक, कंपनी का GMP ₹168 पहुंच गया है। यानी अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 56% प्रीमियम का संकेत मिल रहा है। वहीं IPO Watch ने करीब 51.33% GMP बताया है।

कंपनी इस IPO के जरिए ₹650 करोड़ जुटाना चाहती है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अगस्त को खुलेगी, जबकि रिटेल निवेशक 20 से 24 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट होने की संभावना है।

IPO की जरूरी बातें

इश्यू साइज₹650 करोड़
प्राइस बैंड
₹285-300 प्रति शेयर

एंकर बिडिंग19 अगस्त
सब्सक्रिप्शन20 से 24 अगस्त
संभावित लिस्टिंग
28 अगस्त (BSE और NSE)

₹468 पर हो सकती है लिस्टिंग

Tempsens ने IPO का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया है। अगर मौजूदा ₹168 का GMP बना रहता है, तो शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब ₹468 पर हो सकती है।

इस हिसाब से प्रति शेयर करीब ₹168 का संभावित फायदा बनता है। हालांकि, यह सिर्फ ग्रे मार्केट का संकेत है। असली लिस्टिंग प्राइस बाजार के सेंटीमेंट और मांग पर तय होगा।

जुटाए गए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?

Tempsens IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने कारोबार के विस्तार में करेगी। इसमें इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल बिजनेस में पूंजीगत निवेश शामिल है। इसके अलावा कंपनी कुछ कर्ज भी चुकाएगी और बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों में खर्च करेगी।

Tempsens क्या करती है?

1990 में शुरू हुई Tempsens Instruments थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बनाने वाली कंपनी है। कंपनी इंडस्ट्री के लिए कस्टमाइज्ड टेम्परेचर सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल तैयार करती है।

इसके पोर्टफोलियो में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट दोनों तरह के टेम्परेचर सेंसर शामिल हैं। कंपनी अलग-अलग औद्योगिक सेक्टर के लिए जरूरत के हिसाब से सॉल्यूशंस भी देती है।

Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sunshine Pictures IPO: खुलने के 90 मिनट में ही 100% फुल! विपुल शाह के आईपीओ पर टूटे निवेशक, GMP में बंपर उछाल

Sunshine Pictures IPO Day 1: फिल्म और टेलीविजन निर्माता-निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह की कंपनी सनशाइन पिक्चर्स के आईपीओ को प्राइमरी मार्केट में निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला है। आज, 18 अगस्त को खुलते ही इस आईपीओ पर निवेशक टूट पड़े और महज 90 मिनट के भीतर यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।

फिल्म और वेब सीरीज क्रिएशन व डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी इस कंपनी के पब्लिक इश्यू में रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने जोरदार दिलचस्पी दिखाई है।

खुलते ही 90 मिनट में फुल सब्सक्राइब

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त को सुबह 11:30 बजे तक ही आईपीओ को 54.86 लाख शेयरों के ऑफर के मुकाबले 54.59 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं:

रिटेल निवेशक: रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 1.49 गुना सब्सक्राइब हुआ।

गैर-संस्थागत निवेशक (NII): एनआईआई का हिस्सा 1.16 गुना भरा।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹84.64 करोड़

पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹84.64 करोड़ का फंड जुटाया है। कंपनी ने 9 प्रमुख एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित किए हैं:

  • इनोवेटिव विजन फंड (Innovative Vision Fund)
  • खंडेलवाल फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (Khandelwal Finance Pvt Ltd)
  • अर्नेस्टा ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड (Arnesta Global Opportunities Fund)
  • यूनी ग्रोथ फंड (Uni Growth Fund)
  • जील ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड (Zeal Global Opportunities Fund)
  • विजनरी वैल्यू फंड (Visionary Value Fund)
  • द एसियो फंड वीसीसी (The Asio Fund VCC)
  • शाइन स्टार बिल्ड कैप (Shine Star Build Cap Pvt Ltd)
  • एलआरएसडी सिक्योरिटीज (LRSD Securities Pvt Ltd)

सनशाइन पिक्चर्स आईपीओ की पूरी डिटेल्स

इश्यू साइज: कुल ₹282 करोड़ का यह आईपीओ 18 अगस्त को खुला है और 20 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।

प्राइस बैंड: कंपनी ने ₹342 से ₹360 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

ओएफएस (OFS): प्रमोटर विपुल अमृतलाल शाह ओएफएस के जरिए 20.31 लाख शेयर और शेफाली विपुल शाह 10.06 लाख शेयर बेच रहे हैं।

अलॉटमेंट और लिस्टिंग डेट: 21 अगस्त को अलॉटमेंट, बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 25 अगस्त 2026 को होगी।

जुटाए गए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

सनशाइन पिक्चर्स की योजना फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹112.50 करोड़ तक का उपयोग अपनी दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करने की है। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस लिस्टिंग से भारतीय बाजार में कंपनी की ब्रांड वैल्यू और विजिबिलिटी में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।

जीएमपी उछलकर ₹75 पहुंचा

प्राइमरी मार्केट में सनशाइन पिक्चर्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों का उत्साह सातवें आसमान पर है और इसका असर ग्रे मार्केट में भी साफ दिख रहा है। 18 अगस्त को सनशाइन पिक्चर्स का जीएमपी बढ़कर +₹75 पर पहुंच गया है, जो इसके पिछले आठ सेशन का उच्चतम स्तर है।

₹360 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग ₹435 प्रति शेयर (20.83% प्रीमियम) पर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रे मार्केट में लगातार जारी तेजी और 90 मिनट में मिले 100% से ज्यादा सब्सक्रिप्शन से संकेत मिल रहे हैं कि 25 अगस्त को दलाल स्ट्रीट पर यह एंटरटेनमेंट स्टॉक धमाकेदार एंट्री कर सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

Molbio IPO Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 70 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹807 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹980.00 और NSE पर भी ₹980.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 21% से अधिक लिस्टिंग गेन (Molbio Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹946.80 (Molbio Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 946.80% मुनाफे में हैं।

Molbio Diagnostics IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।