टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, Bajaj Finance को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर ₹2,51,228.75 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। इस बीच बजाज फाइनेंस लिमिटेड को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,034.87 अंक या 2.67 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 616.15 अंक या 2.59 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में वृद्धि हुई। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत घट गई।

बीते सप्ताह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप ₹80,345.97 करोड़ बढ़कर ₹7,10,817.51 करोड़ हो गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप ₹44,959.50 करोड़ बढ़कर ₹12,30,005.63 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप ₹40,414.03 करोड़ बढ़कर ₹8,55,894.78 करोड़, रिलायंस इंडस्ट्रीज का ₹39,447.35 करोड़ बढ़कर 17,69,108.79 करोड़, लार्सन एंड टुब्रो का ₹21,096.80 करोड़ बढ़कर ₹5,41,844.69 करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप ₹10,845.97 करोड़ बढ़कर ₹9,47,799.81 करोड़ हो गया।

HDFC Bank के मार्केट कैप में ₹8,164.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹11,52,150.63 करोड़ हो गया। LIC का मार्केट कैप ₹4,427.49 करोड़ बढ़कर ₹5,37,435.05 करोड़ और ICICI Bank का ₹1,660.37 करोड़ बढ़कर ₹10,29,878.30 करोड़ हो गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना नुकसान

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का मार्केट कैप ₹10,326.46 करोड़ घटकर ₹4,93,602.13 करोड़ पर आ गया। मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

JOJO Stock Split: 2 टुकड़ों में टूटने वाला है शेयर, 7 अगस्त रिकॉर्ड डेट; 5 साल में 9000% चढ़ी कीमत

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

JOJO Stock Split: 2 टुकड़ों में टूटने वाला है शेयर, 7 अगस्त रिकॉर्ड डेट; 5 साल में 9000% चढ़ी कीमत

JOJO Ltd का स्टॉक स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

JOJO Ltd का पुराना नाम मधुवीर कॉम l8 नेटवर्क लिमिटेड था। यह गुजरात की एंटरटेनमेंट और मीडिया कंपनी है। इसका एक गुजराती OTT स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, यह फिल्में बनाती है, साथ ही लाइव इवेंट्स भी आयोजित करती है। कंपनी फार्मा ट्रेडिंग के बिजनेस में भी है। जोजो के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ध्रुविन शाह हैं। कंपनी के 70 लाख से ज्यादा ग्लोबल गुजराती यूजर हैं।

जोजो के कंटेंट में फिल्में, शोज, वेब सीरीज, माइक्रो ड्रामा; बच्चों के लिए एनिमेटेड, एजुकेशन कंटेंट आदि शामिल है। इसके कुछ गेम्स भी हैं। कंपनी की ​सब्सिडियरीज में जोजो स्टूडियोज, जोजो ग्लोबल इंक और प्रीमियर एड्स वर्ल्ड शामिल हैं।

JOJO का शेयर 5 साल में 9000 प्रतिशत मजबूत

जोजो लिमिटेड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 247 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 629 करोड़ रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 67.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत एक महीने में 17 प्रतिशत और एक साल में लगभग 30 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में शेयर 700 प्रतिशत और 5 साल में 9000 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 295 रुपये और एडजस्टेड लो 138.50 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 12.27 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1.16 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2026 के दौरान जोजो लिमि​टेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 22.53 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 5.89 करोड़ रुपये रहा।

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Market Outlook: मिडकैप और स्मॉलकैप ने तोड़ा दो हफ्ते की गिरावट का सिलसिला, Nifty के लिए ये है सपोर्ट-रेजिस्टेंस

Market Outlook: दो हफ्ते से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 पिछले कारोबारी हफ्ते 2-2% से अधिक मजबूत हुए। इसे कंपनियों की जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, बेहतर मॉनसून, आईआईपी के उम्मीद से बेहतर आंकड़े और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली से अधिक खरीदारी से सपोर्ट मिला। पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2,034.87 प्वाइंट्स यानी 2.67% मजबूत होकर 78,094.64 तो निफ्टी 616.15 प्वाइंट्स यानी 2.59% चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ है।

पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2% से अधिक चढ़कर अपने 63,183.35 के रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच गया। इस पर कोफोर्ज, लौरस लैब्स, स्विगी, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) और अशोक लेलैंड टॉप गेनर्स रहे और पिछले हफ्ते इनमें 10% से अधिक की तेजी आई। वहीं दूसरी तरफ सुजलॉन एनर्जी, फीनिक्स मिल्स, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), बैंक ऑफ इंडिया और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस टॉप लूजर्स रहे।

पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 2.6% बढ़कर अपने 52-हफ्ते के हाई 19,470.50 के करीब पहुंच गया। रेडिंगटन, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, एफ्ल 3i, आईआईएफएल फाइनेंस, केफिन टेक्नोलॉजीज और आईएफसीआई के शेयरों में 24% तक की तेजी आई, जबकि नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, डेटा पैटर्न्स (इंडिया), ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी और सिटी यूनियन बैंक टॉप लूजर्स रहे।

सेक्टरवाइज पिछले कारोबारी हफ्ते सबसे मजबूत निफ्टी आईटी हुई जिसमें 6.75% की तेजी आई। वहीं इस दौरान निफ्टी मीडिया 5.97%, निफ्टी ऑटो 5.61%, निफ्टी फार्मा 3.86%, निफ्टी हेल्थकेयर 3.20% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.89% मजबूत हुआ। वहीं निफ्टी डिफेंस और निफ्टी एनर्जी रेड जोन में बंद हुआ।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी हफ्ते ₹5,949.96 करोड़ के नेट शेयर खरीदकर लगातार दो हफ्तों से जारी बिकवाली का सिलसिला तोड़ दिया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी ₹5,387.66 करोड़ का निवेश किया। इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया।

किस तरफ बढ़ रहा मार्केट

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक शेयर मार्केट में तेजी का रुख बने रहने की उम्मीद है क्योंकि घरेलू मैक्रो-इकनॉमिक हालत बेहतर है और जून तिमाही के मजबूत नतीजों से निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। अगले कारोबारी हफ्ते मार्केट की नजर आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान, देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई डेटा के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिमी एशिया में जियो-पॉलिटिकल टेंशन पर रहेगी। सिद्धार्थ के मुताबिक जून तिमाही का अर्निंग्स सीजन अलग-अलग शेयरों में हलचल बनाए रखेगा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्र का कहना है कि तकनीकी रूप से निफ्टी ने 24,370 के आस-पास 200-दिनों के EMA की अहम रुकावट को पार करके अपने बुलिश स्ट्रक्चर को और मजबूत किया है। अजीत के मुताबिक अब यह 24,600 के लेवल की तरफ बढ़ने की अच्छी स्थिति में दिख रहा है, जो पिछले स्विंग हाई के बराबर है। अजीत के मुताबिक अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर मजबूत स्थिति में ब्रेकआउट करता है, तो 24,800-25,000 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। वहीं नीचे की तरफ 24,270 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,150-24,050 का लेवल मुख्य सपोर्ट जोन है। अजीत का कहना है कि इस सपोर्ट के ऊपर हर गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जा सकता है। उनका ऑटो और फार्मा सेक्टर पर भरोसा बना हुआ है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी फिलहाल 24350-24400 के लेवल के आसपास अहम रेजिस्टेंस जोन पर है जोकि 8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप, 17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-दिनों का EMA है। ऐसे में बड़ा ब्रेकआउट दिखाने से पहले रेजिस्टेंस के आसपास निफ्टी में कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। नागराज का कहना है कि निफ्टी अगर 24400 के ऊपर टिकता है, तो जल्द ही यह 24600-24700 के लेवल तक जा सकता है। इसे 24200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty के 24600 की रुकावट पार करने पर तय होगी आगे की दिशा, नए हफ्ते में इन शेयरों पर दांव से हो सकती है अच्छी कमाई

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। अगर इंडेक्स 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

अगले हफ्ते के लिए निफ्टी 50 की चाल को लेकर क्या अनुमान है?

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इंडेक्स ने पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में 760 पॉइंट से ज्यादा की जबरदस्त रिकवरी की है और जुलाई का महीना 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ खत्म किया है। लेकिन इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। लंबे समय से चल रहा कंसोलिडेशन का दौर हाल के हफ्तों में काफी सिमट गया है। इससे पता चलता है कि इंडेक्स धीरे-धीरे संभावित ब्रेकआउट पॉइंट की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा निफ्टी अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार के नियर टर्म के सेंटीमेंट में सुधार को दिखाता है।

ब्रॉडर टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कुछ हद तक न्यूट्रल बना हुआ है। वीकली चार्ट पर, मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक फ्लैट हैं, जबकि डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी तक किसी मजबूत ट्रेंडिंग चाल का संकेत नहीं दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि ब्रेकआउट की संभावना तो बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी इसकी पुष्टि का इंतजार है।

अगर निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ब्रेकआउट के टिकाऊ बने रहने के लिए, इंडेक्स को 24,150-24,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर बने रहना होगा। जब तक यह लेवल बना रहता है, कुल मिलाकर रुख पॉजिटिव रहने की संभावना है, और धीरे-धीरे बुल के पक्ष में झुकाव बढ़ेगा।

क्या आपको लगता है कि बैंक निफ्टी अपनी कंसोलिडेशन रेंज से नीचे की ओर नहीं, बल्कि ऊपर की ओर ब्रेकआउट करेगा, जो तेजी के नए दौर की शुरुआत का संकेत होगा?

बैंक निफ्टी लंबे समय से कंसोलिडेशन फेज में है, लेकिन नीचे की ओर ब्रेकडाउन की तुलना में ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना ज्यादा मजबूत लग रही है। जुलाई के ज्यादातर समय इंडेक्स लगभग 2,600 पॉइंट्स के सीमित दायरे में रहा, जो जनवरी 2026 के बाद से इसका सबसे छोटा मासिक दायरा था। महीने के आखिरी हफ्ते में यह ठहराव और भी साफ दिखा। बैंक निफ्टी ने दिसंबर 2025 के बाद से अपना सबसे सीमित साप्ताहिक दायरा देखा, जो किसी बड़ी हलचल की तैयारी का संकेत है।

हालांकि डेली और वीकली चार्ट पर मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक स्थिर हैं और मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल दायरे में बने हुए हैं। फिर भी इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है।

57,600-57,700 का जोन अभी भी तत्काल रुकावट बना हुआ है। 57,700 के ऊपर एक निर्णायक और टिकाऊ ब्रेकआउट मौजूदा ठहराव के दौर के खत्म होने का संकेत देगा और यह शॉर्ट टर्म में 58,500 और उसके बाद 59,200 की ओर तेजी की नई शुरुआत कर सकता है। नीचे की तरफ, 56,700-56,600 का जोन मजबूत सपोर्ट दे सकता है। जब तक यह सपोर्ट बना रहेगा, तब तक रुख पॉजिटिव रहने और ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना बनी रहेगी।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं?

Cholamandalam Investment and Finance Company: यह स्टॉक वीकली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने और ब्रेकआउट जोन को सफलतापूर्वक रीटेस्ट करने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है। RSI के 60 से ऊपर होने और पॉजिटिव DI+ क्रॉसओवर से मजबूत होते मोमेंटम का पता चलता है, जो खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। ₹1,835-1,855 के आसपास शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है, जिसमें स्टॉप-लॉस ₹1,780 पर और टारगेट ₹1,985 होगा।

Anthem Biosciences: यह डेली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है, जिसे अच्छे वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। मोमेंटम इंडिकेटर पॉजिटिव बने हुए हैं; RSI 60 से ऊपर है और DI+/DI- के बीच बढ़ता अंतर खरीदारों के दबदबे का संकेत देता है। शेयर का ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद होना तेजी के सेंटीमेंट को और मजबूत करता है। ₹805-815 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है, जिसमें ₹775 पर स्टॉप-लॉस लगाया जा सकता है। टारगेट ₹870 का है।

क्या आपको उम्मीद है कि हुंडई मोटर इंडिया अगले हफ्ते भी अपनी तेजी जारी रखेगा, खासकर शुक्रवार की जबरदस्त रैली के बाद?

हुंडई ने मजबूत Q1 नतीजों और अच्छे वॉल्यूम के दम पर 6 हफ्ते के ठहराव से ब्रेकआउट किया है। बढ़ता RSI, फैलती DI लाइनें और सेक्टर का सपोर्ट मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत देते हैं। ₹2,065–2,060 के जोन से तत्काल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे नियर टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना रहेगा।

क्या जबरदस्त रैली और बड़े ब्रेकआउट के बाद बजाज फाइनेंस ओवरबॉट (बहुत ज्यादा खरीदा हुआ) लग रहा है, या स्टॉक में अभी भी और बढ़त की गुंजाइश है?

बजाज फाइनेंस ने अपने 20-दिन के EMA को रीटेस्ट करने के बाद मजबूत रिकवरी दिखाई, जिससे मौजूदा बुलिश ट्रेंड की पुष्टि हुई। बढ़ता RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स), फैलती DI लाइनें और ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर लगातार ट्रेड मजबूत मोमेंटम दिखाते हैं। वीकली रेश्यो चार्ट पर नया ब्रेकआउट बेहतर परफॉर्मेंस का संकेत देता है। 1,075-1,070 जोन से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

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क्या आपको लगता है कि इस हफ्ते 10 प्रतिशत की तेजी के बाद अशोक लीलैंड में और भी अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी?

अशोक लीलैंड ने 24 जुलाई के ₹148 के निचले स्तर से जबरदस्त वापसी की है और अब यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। अच्छे वॉल्यूम, बढ़ते RSI और बेहतर होते प्राइस स्ट्रक्चर से पता चलता है कि मोमेंटम मजबूत हो रहा है। जब तक स्टॉक ₹161 से ऊपर बना रहेगा, तब तक यह तेजी जारी रहने की संभावना है।

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Voda Idea को मिला ₹26.8 करोड़ का नोटिस, अब 3 अगस्त को शेयर फोकस में

Voda Idea Share Price: टेलीकॉम विभाग ने वोडाफोन आइडिया को ₹26.83 करोड़ का लिक्विडेटेड डैमेज यानी हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। कंपनी ने इसके बारे में शनिवार 1 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया। ऐसे में अब इसका असर सोमवार 3 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को इसके शेयर पॉजिटिव मार्केट सेंटिमेंट में बीएसई पर 1.09% की बढ़त के साथ ₹13.01 के भाव पर बंद हुए। शुक्रवार को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) 166.49 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 78,094.64 और निफ्टी 0.27% यानी 66.45 प्वाइंट्स के उछाल के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ था।

Voda Idea को क्यों मिला है नोटिस

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने वोडा आइडिया को ₹26.83 करोड़ का हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। टेलीकॉम कंपनी को यह नोटिस साल 2022 की नीलामी में मिले स्पेक्ट्रम के लिए तय मिनिमम रोलआउट ऑब्लिगेशन्स को पूरा नहीं करने के आरोप में मिला है। कंपनी का कहना है कि वह 31 जुलाई को मिले इस नोटिस को अभी रिव्यू कर रही है जिसके बाद आगे क्या करना है, इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि कंपनी का यह कहना है कि इस नोटिस की उसकी सेहत और कारोबार पर असर नहीं होगा। कंपनी को यह नोटिस इस बात के लिए मिला है कि स्पेक्ट्रम मिलने के बाद नेटवर्क के रोलआउट के लिए जो न्यूनतम शर्तें हैं, टेलीकॉम कंपनी ने उसका पालन नहीं किया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वोडा आइडिया के शेयरों ने एक साल के निचले स्तर से शानदार रिकवरी की है और निवेशकों का पैसा फटाफट ढाई गुना हो गया। पिछले साल 14 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹6.12 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 महीने में यह 150.82% चढ़कर 15 जून 2026 को ₹15.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से शेयर फिलहाल 15% से अधिक नीचे आ चुके हैं लेकिन अब भी यह एफपीओ प्राइस से 18% से अधिक ऊपर हैं। इसके ₹18 हजार करोड़ के एफपीओ के तहत निवेशकों को ₹11 के भाव पर शेयर जारी हुए थे।

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Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI Buying in India: विदेशी निवेशकों ने ₹20199 करोड़ डाले भारतीय शेयरों में, 66% तो आया खास रूट से, वजह भी स्पेशल

FPI Buying in India: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने पिछले महीने जुलाई में अपनी बिकवाली का सिलसिला थाम दिया। जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयरों की बिकवाली से अधिक खरीदारी की यानी वे नेट खरीदार बन गए। उन्होंने कुल ₹20,199 करोड़ के शेयर खरीदे। इसमें से ₹6,731 करोड़ स्टॉक एक्सचेंज के जरिए आए, तो ₹13,467 करोड़ प्राइमरी मार्केट और अन्य कैटेगरी के जरिए भारतीय मार्केट में आए। सिर्फ इक्विटी मार्केट ही नहीं, बल्कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने डेट मार्केट में भी काफी हलचल बढ़ा दी और NSDL (नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) के आंकड़ों के मुताबिक अकेले जनरल लिमिट कैटेगरी के जरिए ही उन्होंने ₹29,211 करोड़ डाले।

क्या है विदेशी निवेशकों के ताबड़तोड़ खरीदारी की वजह?

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार ने दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे मार्केट के तेज उठा-पटक को ही भारतीय मार्केट में विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ खरीदारी की मुख्य वजह बताया है। उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में भारी वोलैटिलिटी और चिप ट्रेड के कंसंट्रेशन रिस्क के चलते विदेशी निवेशक भारत जैसे स्थिर बाजारों की तरफ रुख कर रहे हैं। इसके अलावा रुपए की स्थिरता और भारतीय मार्केट में लार्ज कैप के बेहतर वैल्युएशन ने निवेश को सपोर्ट किया है। विजयकुमार के मुताबिक विदेशी निवेशकों के ताबड़तोड़ निवेश की एक अहम बात ये है कि वे अपना निवेश भारतीय मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप में बढ़ा रहे हैं क्योंकि लार्ज कैप की तुलना में इन सेगमेंट्स में ग्रोथ की गुंजाइश अधिक है।

जुलाई में कैसी रही भारतीय मार्केट की चाल

लगातार चार महीने की गिरावट के बाद अप्रैल 2026 में निफ्टी 7.46% मजबूत हुआ लेकिन फिर मई में यह 1.87% कमजोर हुआ। इसके बाद निफ्टी ने फिर करवट ली और जून महीने में 1.35% मजबूत हुआ और जुलाई में 2.17% चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 मार्च में 10.19% की गिरावट के बाद लगातार चौथे महीने जुलाई में मजबूत हुआ। अप्रैल में 18.44%, मई में 0.73% और जून में 3.99% की तेजी के बाद जुलाई में यह 2.53% मजबूत हुआ। अब निफ्टी मिडकैप 100 की बात करें तो इसमें भी स्मॉलैकप दैसा रुझान दिखा। मार्च में 10.94% की गिरावट के बाद लगातार चौथे महीने जुलाई में यह मजबूत हुआ। अप्रैल में 13.55%, मई में 3.24% और जून में 0.12% की तेजी के बाद जुलाई में यह 1.81% ऊपर चढ़ा।

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Ardee Industries IPO: 5 अगस्त को खुलेगा ₹426 करोड़ का इश्यू, ग्रे मार्केट में अभी से 13% चढ़ा शेयर

मेनबोर्ड सेंगमेंट में ₹425.87 करोड़ का आरडी इंडस्ट्रीज IPO 5 अगस्त को खुलने जा रहा है। कंपनी का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा जाएगा।

Ardee Industries IPO के लिए प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर और लॉट साइज 281 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 7 अगस्त को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 10 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 12 अगस्त को होगी। इस इश्यू में एंकर इनवेस्टर 4 अगस्त को बोली लगा सकेंगे।

आरडी इंडस्ट्रीज की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के​ लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। इस IPO के लिए पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

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Ardee Industries की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 57 प्रतिशत बढ़कर ₹1,168.88 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹743.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹84.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹33.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान आरडी इंडस्ट्रीज पर ₹182.75 करोड़ की उधारी थी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर अभी से 13.21 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: चांदी एक हफ्ते में ₹5000 फिसली, चेक करें लेटेस्ट रेट

देश के अंदर चांदी की कीमत में वीकली बेसिस पर गिरावट आई है। एक सप्ताह में चांदी 5000 रुपये सस्ती हुई है। 2 अगस्त की सुबह चांदी की कीमत 235000 रुपये प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.76 डॉलर प्रति औंस पर है। देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

चांदी का इस्तेमाल ज्वेलरी, सिल्वर आइटम्स और निवेश के विकल्प के रूप में तो होता ही है, साथ ही यह कई इंडस्ट्रीज के लिए भी बेहद जरूरी मेटल है। प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), सेमीकंडक्टर, स्विच, फोटोवोल्टिक (PV) सोलर पैनल, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मेडिकल व फार्मा इंडस्ट्री आदि में चांदी की बेहद अहम भूमिका है।

इस साल जनवरी महीने में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये के आंकड़े को क्रॉस कर गई थी। शनिवार, 1 अगस्त को इंदौर के सराफा बाजार में चांदी की मांग अच्छी रही। औसत भाव 200 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के साथ 2,20,200 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। चांदी सिक्का का औसत भाव 2700 रुपये प्रति नग रहा।

2 अगस्त को चांदी का भाव

शहरएक किलोग्राम चांदी का भाव (₹)
दिल्ली235000
मुंबई235000
अहमदाबाद235000
चेन्नई234900
कोलकाता235000
हैदराबाद234900
जयपुर235000
भोपाल235000
लखनऊ235000
तिरुवनंतपुरम234900

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹750 तक हुआ सस्ता, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक अब इतनी है कीमत

सोना भी एक सप्ताह में हुआ सस्ता

सोने की कीमत में भी वीकली बेसिस पर गिरावट आई है। एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 710 रुपये तक ​गिरी है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 750 रुपये तक नीचे आया है। आज 2 अगस्त को राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 144370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई और कोलकाता में कीमत 144220 रुपये, वहीं चेन्नई में 144610 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

Vish Yog 2026: 3 राशियों के लिए भारी होगा अगस्त का महीना, चंद्रमा करेगा खतरनाक ग्रहण और विष योग का निर्माण

Vish Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति में बदलाव सामान्य घटना है। लेकिन इसका प्रभाव काफी गहरा होता है और सभी 12 राशियों पर पड़ता है। ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही किसी खास स्थिति में उनकी युति भी अच्छे-बुरे प्रभाव का कारण बनती है। ऐसा ही एक संयोग सावन माह में देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा कुछ खतरनाक ग्रहों के संयोग में ग्रहण और विष योग का निर्माण करेंगे। ग्रहों की यह हलचल अगस्त माह के पहले हफ्ते में देखने को मिलेगी। इनमें से तीन ऐसी राशियां हैं, जिन्हें इस पूरे महीने बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

क्या है विष और ग्रहण योग?

ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा की युति जब शनि जैसे क्रूर ग्रह बनती है, तब विष योग का निर्माण होता है। इस योग को मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और कार्यों में बाधा डालने वाला माना जाता है। इसके अलावा, जब चंद्रमा राहु या केतु के प्रभाव में आते हैं तब ग्रहण योग बनता है। इससे जातकों की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। अगस्त के महीने में बनने वाली इन स्थितियों के कारण तनाव, आर्थिक हानि और बनते हुए कामों में रुकावट आने की आशंका बढ़ जाती है।

इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क

मिथुन राशि : इस राशि के जातकों के लिए अगस्त का महीना मानसिक उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। चंद्रमा की स्थिति के कारण अनावश्यक गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। कारोबार में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट या सिरदर्द से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों को इस महीने बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विष योग और ग्रहण के प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपके बनते हुए काम में रुकावट आ सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

इन उपायों से मिलेगी राहत

चंद्रमा और मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

यदि विष योग का ज्यादा प्रभाव महसूस हो, तो शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें।

इस अवधि में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय जल्दबाजी में न करें। घर के बुजुर्गों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

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Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

Zepto IPO: दिग्गज क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो आईपीओ से पहले अपने शेयरहोल्डर्स के साथ एक एग्रीमेंट किया है। कंपनी ने शनिवार को ऐलान किया कि यह एग्रीमेंट प्री-आईपीओ इक्विटी प्लेसमेंट को लेकर हुआ है। इसका उद्देश्य कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करना है। कंपनी का कहना है कि इस नई फंडिंग से उसके मौजूदा ₹5,681 करोड़ के कैश रिजर्व में और बढ़ोतरी होगी। साथ ही कंपनी ने यह दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक उस पर कोई कर्ज नहीं था। कंपनी का कहना है कि पब्लिक मार्केट इंवेस्टर्स से बोर्ड और फाउंडर्स को कंपनी की लिस्टिंग का प्रस्ताव मिला और उन्होंने दिलचस्पी दिखाई लेकिन फिलहाल कंपनी का फोकस कारोबार पर है।

तो क्या नहीं आएगा Zepto IPO?

मजबूत बैलेंस शीट को देखते हुए जेप्टो का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान अपने कारोबार के प्रभावी एग्जेक्यूशन पर है। हालांकि इसमें कहीं भी ये बात नहीं कही गई है कि आईपीओ में कोई देरी होगी। कंपनी ने सिर्फ इतना स्पष्ट किया है कि अभी उसकी प्राथमिकता अपने कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने और विस्तार करने की है। कंपनी का कहना है कि आने वाली तिमाही में नए ऑपरेटिंग रिजल्ट और फाइनेंशियल के साथ आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया जाएगा और अपडेटेड ड्राफ्ट को मंजूरी मिलने के बाद सेबी के नियमों के हिसाब से तय समय के भीतर लिस्ट होगी।

आईपीओ को लेकर क्या है जेप्टो की योजना

जेप्टो लगभग $450 करोड़ (करीब ₹42,925 करोड़) के वैल्यूएशन पर फंड जुटाने की तैयारी में है। इसमें घरेलू घरेलू निवेशक मुख्य रूप से शामिल होंगे, जिससे कंपनी में भारतीय हिस्सेदारी करीब 40% के मौजूदा स्तर से अधिक हो जाएगी। हालांकि वैल्यूएशन की बात करें तो यह अक्टूबर 2025 में इसकी $700 करोड़ के वैल्यूएशन से कम है, जब कंपनी ने कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (CalPERS) की अगुवाई वाले राउंड में $45.0 करोड़ जुटाए थे। जेप्टो ने दिसंबर 2025 में गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए आईपीओ का शुरुआती ड्राफ्ट फाइल किया था। जून 2026 में फाइल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर के अनुसार कंपनी नए शेयर जारी करके ₹8,010 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स भी 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे।

कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ऑपरेशंस से ₹22,624 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24,816 करोड़ का NRV (नेट रिसीवेबल्स वैल्यू) हासिल हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में हर दिन इसने औसतन 17.5 लाख ऑर्डर प्रोसेस किए और मार्च तिमाही में तो यह आंकड़ा हर दिन औसतन 23.3 लाख हो गया। मार्च 2026 तक इसके 1,189 स्टोर्स चल रहे थे और इसका सालाना ट्रांजैक्टिग यूजर बेस करीब 4.8 करोड़ था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।