Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में हर मूलांक के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आ सकता है। कुछ लोगों को धन लाभ मिलने के संकेत हैं, जबकि कुछ को खर्चों और निवेश के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक होने वाले खर्च आपकी वित्तीय योजना को प्रभावित कर सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोग किसी बड़े सौदे में जल्दबाजी न करें। दिन के दूसरे हिस्से में रुका हुआ पैसा मिलने या पुराना कर्ज खत्म होने की संभावना बन सकती है। फिलहाल नया निवेश या कर्ज लेने से बचें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ माना जा रहा है। पहले किए गए निवेश या मेहनत का लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, बोनस या अच्छी खबर मिल सकती है। घर में किसी बड़ी खरीदारी की योजना बन सकती है। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में फायदा देगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आय और खर्च दोनों बने रहेंगे। जहां एक तरफ धन मिलने के योग हैं, वहीं अनावश्यक खर्च भी बढ़ सकते हैं। पुराने उधार को लेकर दबाव महसूस हो सकता है। व्यापारियों को साझेदारी से जुड़े फैसले कुछ समय के लिए टालने चाहिए। घरेलू खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहेगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। निवेश करने की सोच रहे हैं तो समय अनुकूल है, खासकर सोना, बीमा या लंबी अवधि की योजनाओं के लिए। आय और खर्च के बीच संतुलन बना रहेगा और अचानक लाभ मिलने की भी संभावना है।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। कोई नया सौदा भविष्य में लाभ दिला सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा और पुराने ग्राहक से दोबारा काम मिलने की संभावना है। हालांकि भावनाओं में आकर ज्यादा खर्च न करें और निवेश से पहले सलाह जरूर लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज कुछ अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे चिंता बढ़ सकती है। जरूरत पड़ने पर किसी करीबी से आर्थिक मदद लेनी पड़ सकती है। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह जांच करें। शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाए रखें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन संतुलित रहेगा। सुबह काम धीमी गति से शुरू हो सकता है, लेकिन बाद में स्थिति बेहतर होगी। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज पुराने लेन-देन और कर्ज के मामलों में सावधानी रखें। यदि किसी का पैसा लौटाना है तो दबाव बढ़ सकता है। जोखिम वाले निवेश से बचना बेहतर रहेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए आय बढ़ाने के नए मौके बन सकते हैं, लेकिन उनका फायदा मिलने में समय लगेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से दिन शुभ रहेगा। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन बढ़ने की खुशखबरी मिल सकती है। परिवार के सहयोग से आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

VIDEO: आखिर कैफे और शॉपिंग पर इतना क्यों खर्च कर रहे GenZ? बेंगलुरु की महिला के वीडियो ने छेड़ी बहस

बेंगलुरु की एक कंटेंट क्रिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कंटेंट क्रिएटर ने सोशल मीडिया पर युवाओं की खर्च करने की आदतों को लेकर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि, आज कई युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बेहतर लाइफस्टाइल, महंगी चीजों और आरामदायक लाइफस्टाइल पर खर्च कर रहे हैं। वह अपने सेविंग और भविष्य की वित्तीय योजना पर उतना ध्यान नहीं दे रहे हैं। बेंगलुरु में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर सिमरिधि मखीजा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। उनके इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

उन्होंने बताया कि, शहर में रहने के दौरान उन्होंने लोगों की कुछ ऐसी खर्च करने की आदतें देखीं, जिन्हें समझना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने ये भी कहा कि कई लोग इन खर्चों को आसानी से अफोर्ड कर सकते हैं। वीडियो में मखीजा ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि लोग एक बार कैफे जाने पर करीब 5,000 रुपये कैसे खर्च कर देते हैं। इसी तरह, जब लगभग आधे किराए में अच्छा घर मिल सकता है, तो हर महीने 40,000 रुपये किराया क्यों देते हैं। इसके अलावा, एक ही शॉपिंग ट्रिप में 20,000 रुपये खर्च करना भी मेरी समझ से बाहर है।”

अच्छी कमाई का मतलब ज्यादा खर्च नहीं

सिमरिधि मखीजा ने कहा कि, अच्छी कमाई होने का मतलब ये नहीं है कि हर जगह खुलकर खर्च किया जाए। उनके मुताबिक, करियर की शुरुआत में युवाओं को सादा जीवन अपनाना चाहिए, केवल जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करना चाहिए और अपनी बची हुई आय का बड़ा हिस्सा बचत या निवेश में लगाना चाहिए। उनका कहना है कि भविष्य को देखते हुए आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मखीजा ने ये भी कहा कि कई लोग जैसे-जैसे ज्यादा कमाने लगते हैं, वैसे-वैसे उनके खर्च भी बढ़ जाते हैं।

 

लोगों ने दिया रिएक्शन

उनके अनुसार, बढ़ी हुई आय का मतलब ये नहीं होना चाहिए कि लाइफस्टाइल पर भी उतना ही ज्यादा पैसा खर्च किया जाए। खासकर नौकरी या करियर के शुरुआती वर्षों में युवाओं को फिजूल खर्च से बचकर अपनी कमाई का बेहतर इस्तेमाल बचत और भविष्य की योजना बनाने में करना चाहिए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ यूजर्स ने कहा कि कम उम्र से बचत करने की आदत भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। वहीं, कई लोगों का मानना था कि सिर्फ खर्च कम करने पर ध्यान देने के बजाय अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश करना ज्यादा जरूरी है।

लोगों ने दी ये सलाह

एक यूजर ने लिखा, “मेरे हिसाब से तरीका बिल्कुल अलग होना चाहिए। 20 की उम्र में कमाई बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। 30 की उम्र में कमाई, निवेश और संपत्ति बनाने के बीच संतुलन रखना चाहिए। वहीं, 40 की उम्र में अपनी बनाई हुई संपत्ति को सुरक्षित रखने और बढ़ाने पर फोकस होना चाहिए।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “20 की उम्र में सिर्फ पैसे बचाने पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए। अपनी कमाई को कई गुना बढ़ाने की कोशिश कीजिए। अगर आपकी इनकम 10 गुना बढ़ती है, तो खर्च दोगुना होने से कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। बहुत ज्यादा सादगी से जीने के बजाय अपने पैसे का आनंद भी लेना चाहिए, क्योंकि आखिर मेहनत करके कमाने का मकसद भी वही है।”

40 लाख के कर्ज ने छुड़वाई B.Tech की पढ़ाई, आज 80 लाख सालाना कमा रहे हैं अविनाश…ऐसे किया कमाल

आंध्र प्रदेश के रहने वाले अविनाश माडा की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। परिवार पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज होने की वजह से उन्हें बीटेक की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए अपना काम शुरू किया। मुश्किल हालात का सामना करते हुए उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया और आज वह एंटरप्रेन्योरशिप के रूप में हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष की यह कहानी लोगों को काफी प्रेरित कर रही है।

40 लाख का हो गया था कर्ज

अविनाश माडा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि, जब वह 18 साल के थे, तभी उनके परिवार पर बड़ा संकट आ गया। उनके पिता, जो किसान हैं, उन्हें अपने कारोबार में भारी नुकसान हुआ और परिवार पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज हो गया। इस कठिन समय में उनकी मां ने पूरे परिवार का हौसला बनाए रखा और सभी ने मिलकर मुश्किल हालात का सामना किया। बीटेक की पढ़ाई के पहले साल के दौरान ही अविनाश ने अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया।

नौकरी से नहीं होगा सुधार

माडा ने कहा, केवल डिग्री पूरी करके नॉर्मल नौकरी करने से परिवार की आर्थिक परेशानियां जल्दी खत्म नहीं होंगी। इसी सोच ने उन्हें कुछ अलग करने और नया रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उस समय को याद करते हुए कहा, “मुझे लगा कि अगर मैं बी.टेक पूरा करके 30 से 40 हजार रुपये महीने की नौकरी भी कर लूं, तब भी परिवार का कर्ज चुकाने में कई साल लग जाएंगे।” माडा ने बताया कि उन्हें जल्द ही समझ आ गया था कि सिर्फ पढ़ाई पूरी करके नौकरी करने से परिवार की आर्थिक स्थिति में जल्दी सुधार नहीं आएगा। इसी वजह से उन्होंने अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया।

 

शुरू किया नया बिजनेस

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अविनाश ने पारंपरिक रास्ते की बजाय नया ऑप्शन चुना। उन्होंने कॉलेज छोड़कर डिजिटल मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) सीखना शुरू किया। कारोबार का पहले कोई अनुभव नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपनी खुद की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू की। शुरुआत में उन्होंने अपनी स्किल्स को मजबूत करने और नए क्लाइंट्स जोड़ने पर मेहनत की। उनका यह फैसला चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन कुछ ही समय में उन्हें इसका अच्छा परिणाम मिलने लगा।

मां ने बढ़ाया हौसला

अविनाश माडा का दावा किया कि, 19 साल की उम्र तक उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन के कई क्लाइंट्स के साथ काम करना शुरू कर दिया था। उनकी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी को विदेशों से लगातार प्रोजेक्ट मिलने लगे। अविनाश के अनुसार, एजेंसी शुरू करने के पहले ही साल में उन्होंने करीब 30 लाख रुपये की कमाई की। अविनाश ने बताया कि, जब उन्होंने कॉलेज छोड़कर अपना रास्ता चुनने का फैसला किया, तब उन्हें भविष्य को लेकर काफी असमंजस था। वहीं इस मुश्किल समय में उनकी मां ने उनका पूरा साथ दिया।

अविनाश माडा के अनुसार, उनकी मां ने उन्हें कहा था कि पहले कारोबार में अपनी किस्मत आजमाओ। अगर इसमें सफलता नहीं मिली, तो पढ़ाई दोबारा शुरू करने का मौका हमेशा रहेगा। अविनाश ने बताया कि, उनकी मां की यही बात उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।

अविनाश ने की इतने की कमाई

आज अविनाश माडा IG Accelerators और Freedom with AI के संस्थापक हैं। उनके मुताबिक, उनके दोनों कारोबार बिना किसी बड़े शुरुआती निवेश के हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। अविनाश के मुताबिक, नई और व्यावहारिक स्किल्स सीखने के साथ सही समय पर सोच-समझकर जोखिम उठाने के फैसले ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी और उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, “कई बार जिदगी के सबसे बड़े मौके तब मिलते हैं, जब आप तयशुदा रास्ते से हटकर कुछ नया करने का साहस दिखाते हैं।”

यूजर ने किया कमेंट

उनकी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोगों ने उनके साहस, मेहनत और परिवार की मदद के लिए बड़ा जोखिम उठाने के फैसले की सराहना की है। एक यूजर ने लिखा, “यह बेहद प्रेरणादायक सफर है। जोखिम लेना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा अहम लगातार नई और उपयोगी स्किल्स सीखते रहना है।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “सम्मान। उन्होंने सिर्फ कॉलेज नहीं छोड़ा, बल्कि एक वास्तविक समस्या का समाधान खोजने का संकल्प लिया।” वहीं तीसरे यूजर ने लिखा, “एक दिन ऐसा भी आएगा, जब आप मेरी कहानी भी इसी तरह लोगों को बताएंगे।”

Swiggy Stock Outlook: Q1 नतीजों से कुछ ब्रोकरेज नाखुश, टारगेट प्राइस घटाया; फिर भी 23% तक उछाल की उम्मीद

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयर के लिए कुछ ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटा दिया है। CLSA ने तो रेटिंग भी कम कर दी है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है। अभी भी स्विगी पर नजर रखने वाले 30 एनालिस्ट्स में से 70 प्रतिशत यानि कि 21 एनालिस्ट्स की ओर से रेटिंग “बाय” है। 6 ने “होल्ड” और 3 ने “सेल” की सलाह दी है। कंपनी इंस्टामार्ट के जरिए क्विक कॉमर्स सेक्टर में भी है। अब नए टारगेट प्राइस के आधार पर स्विगी के शेयरों में आगे 23 प्रतिशत तक उछाल की उम्मीद है।

स्विगी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत घटकर 791 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,812 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4,961 करोड़ रुपये था। खर्च बढ़कर 7,813 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 6,244 करोड़ रुपये के थे। फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 17.4 प्रतिशत बढ़ी। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू साल-दर-साल 38.9 प्रतिशत बढ़ी।

स्विगी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 284.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 78600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 19 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 30 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 94.92 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Swiggy पर CLSA ने घटाई रेटिंग

ब्रोकरेज CLSA ने स्विगी के स्टॉक के लिए रेटिंग को “एक्युमुलेट” से घटाकर “होल्ड” कर दिया है। टारगेट प्राइस 357 रुपये से घटाकर 318 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) ग्रोथ उम्मीद से कम रही। यह जोमैटो से पीछे है। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी अनुमान से कम रहा। JM फाइनेंशियल ने भी स्विगी की रेटिंग को “रिड्यूस” से घटाकर “सेल” कर दिया है। प्राइस टारगेट 250 रुपये रखा है।

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्वेरी ने शेयर के लिए 230 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि डार्क स्टोर थ्रूपुट और मंथली ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स सहित मुख्य ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में तिमाही के दौरान सुधार नहीं हुआ। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्विगी का 68.1 अरब रुपये का नेट रेवेन्यू उसके अनुमान से ज्यादा रहा। फूड डिलीवरी बिजनेस की GOV (ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू) सालाना आधार पर 17.4 प्रतिशत बढ़ी।

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HSBC और नोमुरा की राय

HSBC ने स्विगी के शेयर के लिए “होल्ड” रेटिंग और 300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि भले ही स्विगी की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं है, फिर भी कंपनी को अभी बहुत कुछ साबित करना है और कामकाज में सुधार कंपनी के लिए सबसे जरूरी है। मॉर्गन स्टेनली ने “इक्वलवेट” रेटिंग दी है। टारगेट 322 रुपये सेट किया है।

नोमुरा ने स्विगी के लिए “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 435 रुपये प्रति शेयर है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इंस्टामार्ट में कैश लॉस वित्त वर्ष 2027 में भी जारी रहेगा। एडजस्टेड EBITDA लॉस वित्त वर्ष 2027 में 3,100 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2028 में 2,300 करोड़ रुपये रह सकता है। स्विगी इन नुकसानों की भरपाई 14,300 करोड़ रुपये के कैश बैलेंस और फूड डिलीवरी बिजनेस से होने वाली कमाई से कर सकती है।

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योगी सरकार में एमएसपी पर रिकॉर्ड गेहूं खरीद से किसानों को मिली आर्थिक मजबूती

  • 9 वर्षों में 51.70 लाख किसानों से 244.26 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
  • खरीद केंद्रों के विस्तार से आसान हुई प्रक्रिया, निर्धारित लक्ष्य से अधिक भी खरीदा गया गेहूं

 

लखनऊ, 31 जुलाई। उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की व्यवस्था ने बीते नौ वर्षों में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, तकनीक आधारित और किसान हितैषी बनाते हुए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर उपलब्ध कराया। रबी विपणन वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश में करीब 51,70,117 किसानों से 244.26 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जिसके बदले 45,935.46 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए।

 

निर्धारित लक्ष्य से अधिक खरीदा गया गेहूं

 

खाद्य एवं रसद विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य से अधिक गेहूं भी खरीदा गया। वर्ष 2018-19 में 50 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 52.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जो लक्ष्य का 105.84 प्रतिशत रही। इस दौरान 11.27 लाख से अधिक किसानों को 9,231.99 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2021-22 में 56.41 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर 13.01 लाख से अधिक किसानों को 11,141.19 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। समयबद्ध भुगतान व्यवस्था के कारण किसानों को अपनी उपज का मूल्य किसी देरी के बिना सीधे बैंक खातों में प्राप्त हुआ जिससे उनकी आर्थिक जरूरतें समय पर पूरी हो सकीं और खेती में दोबारा निवेश करना भी आसान हुआ।

 

प्रदेशभर में 5,847 क्रय केंद्र स्थापित 

 

उत्तर में 5,847 क्रय केंद्र स्थापित कर खरीद व्यवस्था को गांव और कस्बों के करीब पहुंचाया। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ी और बिचौलियों पर निर्भरता भी कम हुई। ऑनलाइन पंजीकरण, डिजिटल सत्यापन और समयबद्ध भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और भरोसेमंद बनाया है।

 

पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

 

एमएसपी खरीद व्यवस्था केवल फसल खरीद तक सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन गई है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और भुगतान सीधे बैंक खातों में होने से बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हुई है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र किसान एमएसपी का लाभ प्राप्त करे। इसके लिए अधिकारियों को खरीद केंद्रों पर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और खरीद प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

Ather का पहला मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर इस दिन होगा लॉन्च, जानें कीमत

Ather Energy: अगर आप किफायती कीमत में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy 29 अगस्त को ‘Ather Community Day 2026’ पर अपना पहला मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने जा रही है। खास बात यह है कि यह नया मॉडल कंपनी के नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। इस नए मॉडल के आने से Ather की इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज और मजबूत होगी। अभी कंपनी के पोर्टफोलियो में 450 और Rizta सीरीज के इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं।

आने वाला यह नया इलेक्ट्रिक स्कूटर ₹1 लाख से ₹1.25 लाख की कीमत वाले सेगमेंट को टारगेट करेगा, जिससे कंपनी मास-मार्केट स्कूटर के क्षेत्र में अपना विस्तार करेगी।

बता दें कि EL प्लेटफॉर्म, 450 प्लेटफॉर्म के बाद एथर एनर्जी का पहला पूरी तरह से नया व्हीकल आर्किटेक्चर है। ज्यादा वर्सटैलिटी, स्केलेबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए बनाया गया यह प्लेटफॉर्म, अलग-अलग सेगमेंट में कंपनी के भविष्य के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को सपोर्ट करेगा। एथर एनर्जी के अनुसार, नया प्लेटफॉर्म इसके मार्केट को बढ़ाने और ग्रोथ के अगले चरण की शुरुआत करने में मदद करेगा।

एथर एनर्जी के CEO ने सोशल मीडिया पर  क्या कहा?

X पर लॉन्च की घोषणा करते हुए, एथर एनर्जी के CEO और को-फाउंडर तरुण मेहता ने कहा कि नया एथर इलेक्ट्रिक स्कूटर टेक्नोलॉजी और व्हीकल आर्किटेक्चर में सालों के निवेश का नतीजा है।

मेहता ने कहा, “इस 29 अगस्त को, Ather Community Day पर, हम अपने बिल्कुल नए स्कूटर प्लेटफॉर्म पर बना मास-मार्केट स्कूटर लॉन्च करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सालों से उन चीजों को बनाने में धैर्यपूर्वक निवेश कर रहे हैं जो एक अच्छा स्कूटर बनाती हैं। हमने कई आर्किटेक्चर और टेक्नोलॉजी में नई शुरुआत की है। कभी-कभी समय से आगे, तो कभी-कभी शुरुआती इस्तेमाल करने वालों के लिए खास चीज के तौर पर।”

मेहता ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर इंडस्ट्री अब शुरुआती ग्राहकों से आगे बढ़कर आम खरीदारों तक पहुंचने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “एक दशक बीतने के बाद, EV टू-व्हीलर अब उस शुरुआती दौर से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। टेक्नोलॉजी सबके लिए तैयार है और फीचर्स सभी के लिए काम के होते जा रहे हैं। ये सिर्फ शुरुआती ग्राहकों के लिए नहीं, बल्कि असल में आम ग्राहकों के लिए हैं।”

मेहता के मुताबिक, इलेक्ट्रिक स्कूटर को अपनाने का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि गाड़ी की ओनरशिप (मालिकाना हक) के पूरे अनुभव को कैसे बेहतर बनाया जाए।

उन्होंने कहा, अब EV को ग्राहकों की हर जरूरत को पूरा करना होगा। इसमें रीसेल वैल्यू (बिक्री के बाद मिलने वाली कीमत) से लेकर सर्विस में लगने वाला समय, खराब सड़कों पर आरामदायक सफर, गड्ढों से बचने की सुविधा, आसान चार्जिंग से लेकर फास्ट चार्जिंग तक की सभी चीजें शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “ग्राहकों को ऐसी सुरक्षा चाहिए जिसे वे देख और महसूस कर सकें, जिसे उनके माता-पिता भी समझ सकें और भरोसा कर सकें। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर पर सालों की मेहनत से तैयार की गई अंदरूनी सुरक्षा भी जरूरी है।”

मास-मार्केट स्कूटर लॉन्च करने के अलावा, Ather Community Day 2026 में टेक्नोलॉजी, चार्जिंग और ओनरशिप इकोसिस्टम से जुड़े नए इनोवेशन भी दिखाए जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, EL प्लेटफॉर्म को सबसे पहले Ather Community Day 2025 के दौरान दिखाया गया था। इस इवेंट में कंपनी ने ‘रिडक्स’ (Redux) कॉन्सेप्ट व्हीकल, अपनी अगली पीढ़ी की फास्ट-चार्जिंग टेक्नोलॉजी और AtherStack 7.0 को भी पेश किया था।

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इस हफ्ते बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा चढ़ा बाजार, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता बीते करीब चार महीनों में सबसे अच्छा रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसमें उम्मीद से बेहतर जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी का हाथ रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी

इस हफ्ते सेंसेक्स 2.67 फीसदी यानी 2,034 अंक चढ़कर 78,094 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 2.59 फीसदी यानी 616 अंक की मजबूती के साथ 24,383 पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी इस हफ्ते सबसे ज्यादा चढ़ने वाला सूचकांक रहा। इसमें 6.75 फीसदी उछाल आया। निफ्टी ऑटो में भी 5.61 फीसदी मजबूती आई।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी अच्छी तेजी

खास बात यह है कि इस हफ्ते छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। Nifty Smallcap 100 Index 2.6 फीसदी चढ़ा। Redington, Kaynes Technology India, Firstsource Solutions, Brigade Enterprises, Affle 3I, IIFL Finance, KFin Technologies और IFCI के शेयरों में 24 फीसदी तक तेजी दिखी।

इन मिडकैप शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी

Nifty Midcap Index में भी इस हफ्ते 2 फीसदी तेजी आई। Coforge, Lauras Labs, Swiggy, Container Corporation of India और Ashok Leyland के शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी आई। गिरने वाले शेयरों में Suzlon Energy, Phoenix Mills, Billionbrains Garage Ventures, Bank of India और LICHF प्रमुख रहे।

विदेशी निवेशकों की अच्छी खरीदारी 

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दो हफ्ते के बाद भारतीय बाजार में इस हफ्ते निवेश किया। उन्होंने 5,946 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,387 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को अच्छा सपोर्ट दिया। रुपये में बीते पांच हफ्तों से जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 118 पैसे की मजबूती के साथ 95.39 के लेवल पर बंद हुआ।

निफ्टी अगले हफ्ते 24,500-24,60 लेवल टेस्ट कर सकता है

सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 24,100-23,800 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। रेसिस्टेंस 24,500-24,700 के लेवल पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,000-54,500 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। इसे 58,500-6000 के लेवल पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगले हफ्ते निफ्टी के 24,500-24,600 का लेवल टेस्ट करने की उम्मीद है।

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इस हफ्ते आए इन दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे

इस हफ्ते मारुति सुजुकी, ह्युंडई, एशियन पेंट्स, स्विगी, आईटीसी और सन फार्मा सहित कई दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आए। मारुति का प्रॉफिट 11 फीसदी गिरा। आईटीसी का प्रॉफिट 27 फीसदी गिरा। लेकिन, सन फॉर्मा का प्रॉफिट 27 फीसदी बढ़ा। एशियन पेंट्स का प्रॉफिट तो 40 फीसदी तक बढ़ गया।

बच्चे की परवरिश पर 1.39 करोड़ रुपये का दावा कर फंसे इन्फ्लुएंसर, लोगों ने लगा दी क्लास

क्या भारत में एक बच्चे की परवरिश पर करोड़ों रुपये खर्च हो सकते हैं? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इसी सवाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक कंटेंट क्रिएटर ने बच्चे की परवरिश का अनुमानित खर्च बताते हुए दावा किया कि माता-पिता को जन्म से लेकर 18 साल की उम्र तक बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है। हालांकि, उनके आंकड़ों से ज्यादा लोगों का ध्यान उस तुलना ने खींचा, जिसमें उन्होंने पैरेंटहुड की तुलना एक लग्जरी कार खरीदने से कर दी।

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे व्यावहारिक गणना बताया, जबकि कई लोगों ने इस सोच को गलत और भावनाओं से परे करार दिया। आखिर इस वीडियो में ऐसा क्या कहा गया कि इंटरनेट पर बहस छिड़ गई और लोग दो हिस्सों में बंट गए? जानिए पूरा मामला।

क्यों चुना ‘Child-Free’ रहने का फैसला?

करीब 2.88 लाख फॉलोअर्स वाले विख्यात ने बताया कि उन्होंने खुद माता-पिता न बनने का फैसला किया है। उनका कहना है कि उन्होंने बच्चे की परवरिश से जुड़े संभावित खर्चों का आकलन किया और इसी आधार पर अपनी सोच लोगों के सामने रखी।

गर्भावस्था से शुरू किया पूरा हिसाब

विख्यात ने सबसे पहले गर्भावस्था और डिलीवरी के खर्च का अनुमान लगाया। डॉक्टर की फीस, जांच, दवाइयां, मैटरनिटी कपड़े और निजी अस्पताल में डिलीवरी को मिलाकर उन्होंने करीब 3 लाख रुपये का खर्च बताया। इसके बाद उन्होंने बच्चे के शुरुआती दो साल में डायपर, दूध, टीकाकरण, खिलौने, किताबें, स्ट्रोलर, पालना और अन्य जरूरी सामान पर करीब 6 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया।

पढ़ाई बनी सबसे महंगी जिम्मेदारी

उनके अनुसार बच्चे की शिक्षा सबसे बड़ा खर्च है। प्री-स्कूल से लेकर स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल एक्टिविटीज को जोड़ते हुए उन्होंने करीब 33 लाख रुपये का अनुमान लगाया। उनका कहना था कि यह आंकड़ा दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के औसत खर्च के निचले स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

खाने से गैजेट्स तक, हर चीज का लगाया हिसाब

विख्यात ने 2 से 18 साल की उम्र तक खाने पर 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया। इसके अलावा ट्यूशन पर 9 लाख, इलाज और हेल्थकेयर पर 5.4 लाख, मनोरंजन पर 9 लाख, कपड़ों पर 7.2 लाख, गैजेट्स पर 4 लाख, खेल और अन्य गतिविधियों पर 8 लाख और ट्रांसपोर्ट पर भी करीब 8 लाख रुपये जोड़े।

बड़े घर का किराया भी जोड़ा

उन्होंने दावा किया कि बच्चे के लिए अतिरिक्त कमरे की जरूरत पड़ने पर बड़े घर का किराया भी बड़ा खर्च बन जाता है। इसी वजह से उन्होंने 18 साल में अतिरिक्त किराए के रूप में 32.4 लाख रुपये का अनुमान शामिल किया। विख्यात का कहना था कि इस हिसाब में कॉलेज की पढ़ाई, महंगाई और निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न को शामिल नहीं किया गया है। यानी वास्तविक खर्च इससे भी ज्यादा हो सकता है।

BMW से तुलना ने भड़का दिया इंटरनेट

अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने कहा कि बच्चे की परवरिश पर इतना पैसा खर्च करने के बजाय कोई व्यक्ति लगभग उसी रकम में BMW M4 Competition जैसी लग्जरी स्पोर्ट्स कार खरीद सकता है। यही तुलना लोगों को पसंद नहीं आई और वीडियो देखते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।

किसी ने कहा ‘गलत तुलना’, तो किसी ने बताया ‘बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया’

वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उनके खर्च के अनुमान पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने कहा कि बच्चे की परवरिश का खर्च हर परिवार के लिए अलग होता है और 1.39 करोड़ का आंकड़ा वास्तविकता से काफी दूर है। एक यूजर ने लिखा कि उसने अपने घर में छोटे बच्चे की परवरिश देखी है और इतना खर्च कभी नहीं हुआ।

‘बच्चे की मुस्कान की कोई कीमत नहीं’

कई लोगों ने इस बहस में भावनात्मक पक्ष भी रखा। एक यूजर ने लिखा कि उसके छह महीने के बेटे की एक मुस्कान किसी भी रकम से ज्यादा कीमती है और बच्चों की परवरिश को सिर्फ पैसों के तराजू में नहीं तौला जा सकता।

सोशल मीडिया पर जमकर हुई आलोचना

कई यूजर्स ने इन्फ्लुएंसर की सोच की आलोचना करते हुए कहा कि बच्चों की तुलना किसी लग्जरी कार से करना गलत है। कुछ लोगों ने इसे “बेकार तुलना” बताया, तो कुछ ने ऐसे कंटेंट पर सवाल उठाते हुए कहा कि पैरेंटहुड सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि भावनाओं, जिम्मेदारियों और खुशियों का भी नाम है।

हर शेयर पर मिलेगा ₹270 का शानदार डिविडेंड, 4 अगस्त रिकॉर्ड डेट; स्टॉक 3 महीनों में 14% चढ़ा

Bosch Ltd वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 270 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट अगले सप्ताह में 4 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। इसका मतलब है कि अगर पहले से शेयरहोल्डर नहीं हैं तो पात्र बनने के लिए बॉश के शेयर की खरीद 3 अगस्त को मार्केट क्लोज होने से पहले करनी होगी।

Bosch Ltd, जर्मनी की मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी Robert Bosch GmbH की इंडिया यूनिट है। भारत में बॉश, मोबिलिटी सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर गुड्स और एनर्जी एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और सर्विसेज की सप्लाई करती है। जर्मनी की बॉश रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव सप्लायर है। यह स्पार्क प्लग से लेकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग सॉफ्टवेयर तक सब कुछ बनाती है।

बॉश के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। फाइनल डिविडेंड पर 11 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 14 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 512 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Bosch का शेयर 3 महीनों में 14 प्रतिशत मजबूत

बॉश के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 41088.75 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत 3 महीनों में 14 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल से भी ज्यादा हो चुका है। जून महीने में ब्रोकरेज फर्म UBS ने शेयर को डबल अपग्रेड किया था। रेटिंग ‘सेल’ से बढ़ाकर सीधा ‘बाय’ कर दी। टारगेट प्राइस 27920 रुपये से बढ़ाकर 45530 रुपये प्रति शेयर कर दिया।

Zee Entertainment के पुनीत गोयनका, सुभाष चंद्रा के खिलाफ सेबी का बड़ा एक्शन, एक साल तक सिक्योरिटीज मार्केट में नहीं कर सकेंगे ट्रांजेक्शन

मार्च तिमाही में मुनाफा रहा 568 करोड़ रुपये

कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बॉश लिमिटेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,565.70 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 568.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 20,034.70 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,770.30 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।