स्वीडन में अचानक चली गई नौकरी, फिर ज्योति ने उठाया ऐसा कदम, आज हर महीने कमा रही हैं 1 लाख रुपये

विदेश में जाकर करियर और नई पहचान बनाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। नए माहौल में खुद को ढालने के साथ नौकरी, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक पहचान बनाने की चुनौती भी रहती है। मुंबई की ज्योति वाकचौरे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब वह पति के साथ स्वीडन पहुंचीं। शुरुआत में उन्होंने वहां नौकरी की, लेकिन अचानक नौकरी चले जाने से उनके सामने मुश्किल खड़ी हो गई। इस झटके के बाद उन्होंने पीछे हटने के बजाय खुद के लिए एक नई राह तलाशने का फैसला किया। धीरे-धीरे उन्होंने कंटेंट क्रिएशन शुरू किया और फिर इसी अनुभव को अपने बिजनेस में बदल दिया।

आज उनकी कहानी सोशल मीडिया, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है। विदेश में शुरू हुआ यह सफर कैसे एक नई पहचान और कमाई के रास्ते में बदला, यही उनकी कहानी को खास बनाता है।

पति की नौकरी के चलते पहुंचीं स्वीडन

ज्योति 2016 में अपने पति के साथ स्वीडन के गोथेनबर्ग चली गई थीं। उनके पति को वहां नौकरी मिली थी और ज्योति डिपेंडेंट वीजा पर स्वीडन पहुंचीं। नए देश में शुरुआत करना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें वहां अपना करियर और पहचान दोनों नए सिरे से बनानी थी।

अचानक चली गई नौकरी

स्वीडन में रहते हुए ज्योति ने नौकरी शुरू की, लेकिन एक दिन उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया गया। उनके लिए यह अनुभव काफी परेशान करने वाला था। उन्होंने इस घटना को अचानक, चौंकाने वाला और अनुचित बताया। हालांकि, उन्होंने इस झटके को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। धीरे-धीरे उन्होंने इसी मुश्किल को अपने लिए नई राह बनाने की प्रेरणा में बदल दिया।

YouTube से शुरू हुआ नया सफर

नौकरी के साथ ज्योति ने कंटेंट बनाना शुरू किया। उन्होंने 2018 में अपना YouTube चैनल लॉन्च किया। शुरुआत भले ही साइड हसल के तौर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे उनकी ऑनलाइन पहचान बढ़ने लगी। कंटेंट के जरिए उन्हें स्वीडन में नए लोगों से जुड़ने और अपना नेटवर्क बनाने का मौका मिला। यही नेटवर्क आगे चलकर उनके बिजनेस के लिए भी काफी काम आया।

महामारी में शुरू की अपनी कंपनी

साल 2020 में जब कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में कारोबार प्रभावित हो रहे थे, उसी दौरान ज्योति ने अपनी सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी शुरू कर दी। शुरुआत में उन्होंने छोटे स्थानीय कारोबारों के साथ काम किया। समय के साथ उनका नेटवर्क बढ़ा और उन्हें स्वीडन के स्थानीय ग्राहकों से भी काम मिलने लगा।

अब हर महीने करीब ₹1 लाख की कमाई

कंटेंट क्रिएशन और सोशल मीडिया मार्केटिंग के सफर ने ज्योति को आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाया। मौजूदा समय में उनके बिजनेस से औसतन करीब 1 लाख रुपये प्रति महीने की कमाई होने की बात सामने आई है। उनकी कहानी खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े ऑफिस या भारी निवेश के बिना अपना काम खड़ा किया।

कम खर्च में चल रहा है बिजनेस

ज्योति ने अपने बिजनेस के खर्चों को काफी सीमित रखा है। उनके मुताबिक, हर महीने करीब 15 हजार रुपये मुख्य रूप से ऐप्स और वीडियो एडिटिंग जैसे सॉफ्टवेयर पर खर्च होते हैं। वह ज्यादातर काम घर से करती हैं, इसलिए ऑफिस का किराया और उससे जुड़े दूसरे खर्च नहीं हैं। कम ऑपरेशनल कॉस्ट उनके बिजनेस को चलाने में मदद करती है।

भारत में निवेश, अब स्वीडन में भी कदम

ज्योति ने बताया कि उनके ज्यादातर निवेश अभी भारत में हैं और खासतौर पर प्रॉपर्टी में निवेश किया गया है। हालांकि, अब उन्होंने स्वीडन में भी निवेश करना शुरू कर दिया है। यानी विदेश में रहते हुए भी उन्होंने भारत से अपना आर्थिक जुड़ाव बनाए रखा है और धीरे-धीरे स्वीडन में भी अपनी वित्तीय मौजूदगी बढ़ा रही हैं।

स्वीडन ने बदली उनकी सोच और जिंदगी

ज्योति के मुताबिक, स्वीडन में रहने का असर सिर्फ उनके करियर पर नहीं पड़ा, बल्कि उनके व्यक्तित्व में भी बदलाव आया। वह खुद को अब पहले से ज्यादा शांत, दयालु, समय की पाबंद और आत्मनिर्भर मानती हैं। लंबे समय तक स्वीडन में रहने के बाद वह वहां के जीवन और संस्कृति के साथ काफी सहज हो चुकी हैं।

बेटी का जन्म बनी सबसे खूबसूरत याद

स्वीडन में बिताए समय की उनकी सबसे खास यादों में बेटी का जन्म शामिल है। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत और यादगार पलों में से एक बताया। यह व्यक्तिगत अनुभव उनके लिए स्वीडन को सिर्फ एक रहने की जगह से कहीं ज्यादा खास बनाता है।

नौकरी छूटने से मिली नई पहचान

ज्योति की कहानी इस बात की मिसाल है कि जिंदगी में आया कोई बड़ा झटका हमेशा अंत नहीं होता। नौकरी जाने के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय कंटेंट क्रिएशन और उद्यमिता की राह चुनी। पति की नौकरी के लिए विदेश पहुंची ज्योति ने धीरे-धीरे वहां अपनी खुद की पहचान बनाई। आज उनका सफर नौकरी छूटने से लेकर अपना बिजनेस खड़ा करने और आत्मनिर्भर बनने तक पहुंच चुका है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Procter & Gamble Health Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 27 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस पर 3 सितंबर 2026 को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले P&G Health वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 110 रुपये का अंतरिम और 50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है।कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 80 रुपये का अंतरिम और 45 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी VMS कंपनियों में से एक है। यह विटामिन, मिनरल्स और सप्लीमेंट्स प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। जैसे कि न्यूरोबियन, लिवोजेन, सेवनसीज, एवियन, पॉलीबियन, नेसिवियन।

P&G Health का शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 5933.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 9800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में करीब 20 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 51.82 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 6,955 रुपये और एडजस्टेड लो 4,699.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में P&G Health का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 363.71 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 96.15 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,407.97 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 326.91 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Apollo Hospitals Share Price: अपोलो हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 7,044 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा 28 फीसदी बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये हो गया। एबिड्टा मार्जिन भी बढ़कर 15.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 14.6 फीसदी था।

कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट 581 करोड़ रुपये

जून तिमाही में Apollo Hospitals का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 581 करोड़ रुपये रहा। करीब सभी बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। इनमें हेल्थकेयर सर्विसेज, अपोलो हेल्थको और AHLL शामिल हैं। सभी बिजनेसेज की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही।

एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट में 8 फीसदी इजाफा 

हॉस्पिटल बिजनेस का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 3,567 करोड़ रुपये रहा। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ में 11 फीसदी, प्राइसिंग में 4 फीसदी और केस और पेयर मिक्स में 3 फीसदी ग्रोथ का हाथ है। इनपेशेंट वॉल्यूम 13 फीसदी बढ़ा। ऑक्युपेंस 70 फीसदी बनी रही। एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट (ARPP) साल दर साल आधार पर 8 फीसदी बढ़ा।

मैनेजमेंट को रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी रहने का भरोसा 

मैनेजमेंट को हॉस्पिटल बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ FY27 में करीब 20 फीसदी रहने का भरोसा है। बेंगलुरु में 180 बेड के हॉस्पिटल्स में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गुरुग्राम के हॉस्पिटल में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ऑपरेशन शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी ने FY31 तक बेड की संख्या बढ़कर 14,100 करने का प्लान बनाया है।

बेड की टैरिफ लिमिट तय होने से रेवेन्यू पर पड़ सकता है असर 

अपोलो हॉस्पिटल्स की ग्रोथ आगे स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। इसमें स्ट्रॉन्ग ऑक्युपेंसी, बढ़ती क्लिनिकल जटिलता, कपैसिटी विस्तार पर फोकस और डिजिटल बिजनेसेज में मुनाफा बनाने की बढ़ती क्षमता का हाथ होगा। हालांकि, हाल में संसदीय समिति ने हॉस्पिटल्स में बेड के टैरिफ की लिमिट तय करने की सलाह दी है। इसका असर अपोलो जैसे हॉस्पिटल्स के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।

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14 अगस्द को 3 फीसदी ज्यादा चढ़कर बंद हुआ शेयर 

यह शेयर इस साल अब तक 25 फीसदी चढ़ चुका है। FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 24 गुना पर शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है। इस पर हमने रेटिंग ओवरवेट से इक्वल-वेट कर दी है। Apollo Hospitals का शेयर 14 अगस्त को 3.71 फीसदी चढ़कर 8,919 रुपये पर बंद हुआ। इनवेस्टर्स इस शेयर में थोड़ा मुनाफावसूली कर सकते हैं।

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

17 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से जबरदस्त रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 6 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 5 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। ये सभी SME हैं। स्टॉक मार्केट में नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 12 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 5 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Horizon Industrial Parks IPO: ₹2,600 करोड़ का इश्यू 17 अगस्त को खुलेगा और 19 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹57-₹60 प्रति शेयर और लॉट साइज 250 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 24 अगस्त को हो सकती है।

Lalithaa Jewellery Mart IPO: यह ₹1,700 करोड़ का है। ओपनिंग 17 अगस्त को और क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर है। लॉट साइज 74 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Shankesh Jewellers IPO: यह 18 अगस्त को खुलेगा। कंपनी ₹367.18 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें 20 अगस्त तक ₹88-₹93 प्रति शेयर के भाव पर और 160 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। कंपनी के NSE और BSE पर 25 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Sunshine Pictures IPO: यह भी 18 अगस्त को खुलेगा और 20 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹342-₹360 प्रति शेयर और लॉट साइज 41 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹282.14 करोड़ जुटाने का है। शेयर NSE और BSE पर 25 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Gaja Alternative Asset Management IPO: कंपनी ₹550 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 19 अगस्त को खुल रहा है। क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। प्राइस बैंड ₹152-₹160 प्रति शेयर और लॉट साइज 93 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 26 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Dhanwel Hybrid Seeds IPO: ₹26.73 करोड़ का पब्लिक इश्यू 19 अगस्त को खुलेगा क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। बोली ₹95-₹99 प्रति शेयर के भाव पर और 1200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 26 अगस्त को हो सकती है।

Mopshop Distribution IPO: यह ₹27.26 करोड़ का है। ओपनिंग 19 अगस्त को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹138 प्रति शेयर और लॉट साइज 1000 शेयर है। 21 अगस्त को IPO बंद होने के बाद कंपनी के शेयर BSE SME पर 26 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Tempsens Instruments (India) IPO: यह 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा। अभी साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज तय नहीं है। IPO बंद होने के बाद शेयर NSE और BSE पर 27 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले 5 IPO

Credent Connect IPO: ₹93.90 करोड़ का यह इश्यू 13 अगस्त को खुला था और 17 अगस्त को बंद होगा। अभी तक 12.14 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹179-₹189 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 20 अगस्त को हो सकती है।

Technocrats Plasma Systems IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹60.98 करोड़ जुटाने का है। इश्यू अब तक 42 प्रतिशत भरा है। बोली ₹125-₹132 प्रति शेयर के भाव पर और 1,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE SME पर 21 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ENS Enterprises IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹33.14 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अब तक 63 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है। बोली ₹87-₹92 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 21 अगस्त को होने वाली है।

Skytech Infinite Platform IPO: ₹22.68 करोड़ का यह इश्यू भी 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 46 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। प्राइस बैंड ₹73-₹77 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 21 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹64.83 करोड़ का पब्लिक इश्यू 11 अगस्त को खुला था और 19 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 51 प्रतिशत भर चुका है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹142-₹151 प्रति शेयर है। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 17 अगस्त को NSE और BSE पर Dhoot Transmission, Molbio Diagnostics की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर Milky Mist Dairy Food के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Sham Foam की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर Behari Lal Engineering और Shiprocket के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Q&T Foods और NSE SME पर Pramodini Medicare के शेयर लि​स्ट होने की उम्मीद है।

20 अगस्त को NSE SME पर Credent Connect की लिस्टिंग होगी। 21 अगस्त को BSE SME पर Technocrats Plasma Systems, ENS Enterprises और NSE SME पर Skytech Infinite Platform की लिस्टिंग होने वाली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस म्यूचुअल फंड ने ₹10 लाख के निवेश को सिर्फ 13 साल में ₹1.25 करोड़ बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश में फंड का चुनाव काफी मायने रखता है। आप सिप से निवेश करें या एकमुश्त, अगर आपने सही फंड का चुनाव किया है तो आप पैसे की बरसात होगी। खासकर लंबी अवधि के निवेश में यह बात पूरी तरह से लागू होती है। हम बात कर रहे हैं एचडीएफसी मिडकैप फंड डायरेक्ट ग्रोथ की। लंबी अवधि में इस फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है।

10 लाख का निवेश आज 1.25 करोड़ रुपये हो गया होता

अगर आपने HDFC Mid Cap Fund Direct Growth में 2013 में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 1.25 करोड़ रुपये हो गया होता। यह रिटर्न फंड के एनएवी में ग्रोथ के आधार पर कैलकुलेट किया गया है। यह एक ओपन एंडेड स्कीम है। इसका मतलब है कि इस फंड में किसी समय निवेश किया जा सकता है और किसी समय पैसे निकाले जा सकते हैं।

यह स्कीम मुख्यत: मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है

एचडीएफसी फंड हाउस की यह इक्विटी स्कीम मुख्य रूप से मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है। फंड हाउस के मुताबिक, फंड का फोकस हर समय मिडकैप स्टॉक्स में कम से कम 65 फीसदी निवेश बनाए रखने पर होता है। हालांकि, यह फंड काफी ज्यादा रिस्क वाले फंड की कैटेगरी में आता है। इसलिए यह फंड सिर्फ उन निवेशकों के लिए सही है, जो रिस्क ले सकते हैं।

इस फंड के डायरेक्ट प्लान की शुरुआत 2013 में हुई थी

इस फंड की शुरुआत 1 जनवरी, 2013 को हुई थी। इस फंड के बेहतर रिटर्न में लॉन्ग टर्म कंपाउंडिंग का बड़ा हाथ है। मिडकैप कंपनियों के शेयरों में ज्यादा-उतार चढ़ाव होता है। लेकिन, इकोनॉमी और कॉर्पोरेट अर्निंग्स बेहतर रहने पर इन शेयरों का रिटर्न भी ज्यादा रहता है। इस फंड ने कई तरह के सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया है। इससे डायवर्सिफिकेशन का फायदा इससे मिलता है। साथ ही रिस्क भी कम हो जाता है।

इस फंड का लंबी अवधि में सालाना रिटर्न 20 फीसदी से ज्यादा

इस फंड के डायरेक्ट ग्रोथ प्लान का लंबी अवधि में रिटर्न सालाना 20 फीसदी से ज्यादा रहा है। इस स्की की शुरुआत जून 2007 में हुई थी। लेकिन, इसका डायरेक्ट प्लान जनवरी 2013 में शुरू हुआ था। इस फंड का रिटर्न शानदार रहा है। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले प्रदर्शन के आधार पर उसमें निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।

किसी फंड के पिछले प्रदर्शन के आधार पर नहीं लें निवेश का फैसला

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इनवेस्टर्स को निवेश के अपने मकसद, रिस्क लेने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रख फंड का चुनाव करना चाहिए। खासकर इक्विटी फंड में अच्छा रिटर्न तभी मिलता है, जब आप लंबी अवधि के लिहाज से उसमें एकमुश्त या सिप से निवेश करते हैं।

Horizon Industrial Parks IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹1168 करोड़, जानिए इश्यू के बारे में जरूरी बातें

Horizon Industrial Parks IPO: हराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स ने आईपीओ से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 1,167.8 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कुल 54 इनवेस्टर्स ने कंपनी में निवेश किया है। इनमें मॉर्गन स्टेनली, मिलेनियम मैनेजमेंट, सिटीग्रुप ग्लोबल जैसे बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। कंपनी का 2,600 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 अगस्त को खुलेगा। इसमें 19 अगस्त तक अप्लाई किया जा सकता है।

इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा

Horizon Industrial Parks के आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर एलॉट करेगी। इसका मतलब है कि इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। कंपनी ने आईपीओ में प्रति शेयर 57-60 रुपये प्राइस बैंड तय किया है। हराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स में ब्लैकस्टोन की तीन सहयोगी कंपनियों का निवेश है। इससे कपनी में ब्लैकस्टोन की कुल हिस्सेदारी 88.74 फीसदी तक पहुंच जाती है।

कंपनी वेयरहाउसेज और कोल्ड स्टोरेज जैसी सेवाएं देती है

हराइजन ने आईपीओ से मिले 2,250 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। यह देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर और ऑपरेटर है। यह ग्रेड A वेयरहाउसेज, इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज और इन-सिटी सेंटर्स ऑफर करती है।

10 शहरों में 45 एसेट्स ऑपरेट करती है कंपनी 

कंपनी के सेवाओं में कोल्ड स्टोरेज, एनर्जी सॉल्यूशंस, ऑन साइट स्टॉफ एकॉमोडेशन, रैकिंग और मैटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट शामिल हैं। कंपनी देश के 10 शहरों में 45 एसेट्स ऑपरेट करती है। इनमें दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और नागपुर शामिल हैं।

24 अगस्त को शेयर बीएसई और एनएसई में लिस्ट होंगे

कंपनी शेयरों का एलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल कर देगी। 21 अगस्त को इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में आ जाएंगे। 24 अगस्त को कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई में लिस्ट हो जाएंगे। मार्च 2026 में कंपनी पर कुल 6,884.3 करोड़ रुपये का कर्ज था। FY26 में कंपनी का लॉस बढ़कर 203.6 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, रेवेन्यू 77.1 फीसदी बढ़कर 691.4 करोड़ रुपये हो गया।

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अगले हफ्ते इन दो कंपनियों के आईपीओ भी आएंगे

अगला हफ्ता आईपीओ के लिहाज से व्यस्त रहेगा। हराइजन के अलावा ललिता ज्वेलरी मार्ट और शंकेष ज्वेलर्स अगले हफ्ते आईपीओ पेश करेंगे। ललिता का आईपीओ 17 अगस्त को खुल जाएगा। यह 19 अगस्त को बंद होगा। 1,700 करोड़ रुपये के आईपीओ में कंपनी 1200 करोड़ रुपये नए शेयर इश्यू करेगी। ऑफर फॉर सेल के जरिए 500 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे।

Patanjali Foods Q1 Results: प्रॉफिट 86% बढ़कर ₹335 करोड़, दो अंतरिम डिविडेंड का ऐलान

पतंजलि फूड्स ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। इस दौरान कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। एफएमसीजी और ए़डिबल ऑयल बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 86 फीसदी बढ़कर 335.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 180.4 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू 29 फीसदी बढ़कर 11337 करोड़ रुपये

Patanjali Foods का ऑपरेशंस से रेवेन्यू जून तिमाही में 29 फीसदी बढ़कर 11,337.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 69 फीसदी बढ़कर 543.3 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा मार्जिन भी इस दौरान बढ़कर 4.8 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 3.7 फीसदी था। कंपनी ने कहा है कि लगातार चौथी तिमाही कंपनी ने सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया।

अच्छे प्रदर्शन में एफएमसीजी बिजनेस का बड़ा हाथ

जून तिमाही में अच्छे प्रदर्शन में एफएमसीजी सेगमेंट का सबसे बड़ा हाथ रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35.39 फीसदी बढकर 2,937.75 करोड़ रुपये रहा। एडिबल ऑयल बिजनेस का रेवेन्यू 27.28 फीसदी बढ़क 8,504.72 करोड़ रुपये रहा।

ब्रांड और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाने पर फोकस

पतंजलि फूड्स के सीईओ संजीव अस्थाना ने कहा कि कंपनी का फोकस ब्रांड को मजूबत बनाने, डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क और कॉस्ट मैनेजमेंट पर बना हुआ है। उन्होंने कहा, “हम लगातार रेवेन्यू के नए कीर्तिमान बना रहे हैं। यह तब है जब ऑपरेटिंग इनवायरमेंट लगातार बदल रहा है।”

कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए दो अंतरिम डिविडेंड का एलान किया

पतंजलि फूड्स ने तीसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। FY26 के लिए यह प्रति शेयर 1.50 रुपये होगा। कंपनी ने FY27 के पहले अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया। यह प्रति शेयर 0.80 रुपये होगा। दोनों को मिलाकर प्रति शेयर डिविडेंड 2.30 रुपये होगा। दोनों डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त होगी।

14 अगस्त को कंपनी के शेयर गिरकर हुए बंद

कंपनी ने आचार्य बालकृष्णन को दोबारा चेयरमैन और नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने का ऐलान किया। कंपनी अगली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल हासिल करेगी। Patanjali Foods का शेयर 14 अगस्त को एनएसई पर 0.52 फीसदी गिरकर 352 रुपये पर बंद हुआ।

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बीते एक साल में 41 फीसदी गिरा है शेयर 

पतंजलि फूड्स का शेयर बीते एक साल में करीब 41 फीसदी गिरा है। 2026 में यह शेयर अब तक 36 फीसदी से ज्यादा गिर चुका। कंपनी ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान 14 अगस्त को शेयर बाजार बंद होने के बाद किया। 16 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन,  पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

dropati murmu

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में शिक्षा, युवा, महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है।

 

राष्ट्रपति ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

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पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में होंगे व्यापक सुधार

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है।उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर देश के युवाओं को पूरा भरोसा हो। राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनों और व्यवस्था में बदलाव की मांग उठती रही है।

 

युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे

 

राष्ट्रपति ने देश के युवाओं की उद्यमिता की भावना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अब नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने की संस्कृति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और युवा उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी से देश में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार हुआ है। दुनिया की बड़ी कंपनियां भारतीय युवाओं की प्रतिभा और समर्पण से प्रभावित हैं और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियां सौंप रही हैं।

 

‘खेलो इंडिया’ से तैयार हो रहा देशव्यापी स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

 

राष्ट्रपति ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास में परिवार और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों का मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है।

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ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारतीय सेना की ताकत

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ का भी उल्लेख किया और भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को याद किया।

 

सिंधु जल संधि निलंबन को बताया निर्णायक कदम

 

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित, विशेष रूप से किसानों के हित में उठाया गया निर्णायक कदम बताया।

 

नक्सलवाद का खात्मा बड़ी उपलब्धि

 

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने गंभीर चुनौती रहा। उन्होंने भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाने को बड़ी उपलब्धि बताया।

 

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास और उत्साह का माहौल है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

सारनाथ को UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने भारत की सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ को इस वर्ष UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है।

 

उन्होंने पिछले वर्ष सूची में शामिल किए गए 12 मराठा सैन्य किलों का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आध्यात्मिक विरासत और सैन्य शक्ति व दृढ़ता के ऐतिहासिक प्रतीकों को समान गर्व के साथ संजोता है।

 

विदेश नीति में शांति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर जोर

 

विदेश नीति पर राष्ट्रपति ने कहा कि शांति, संवाद, सहयोग और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आधारशिला हैं।

 

उन्होंने कहा कि भारत नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था में विश्वास करता है और संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय संस्थाओं में वैश्विक समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का प्रयास जारी रखेगा।

 

70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा

 

राष्ट्रपति ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी बढ़ रही है।

 

उन्होंने बताया कि करीब 6 करोड़ 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक सरकारी योजनाओं के तहत सालाना 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने और उनकी गरिमा बनाए रखने की अपील की।

 

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

 

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक मजबूती, विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त युवा एवं महिलाएं इस यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

 

उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और अस्थिरता से आर्थिक चुनौतियां बढ़ने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव मजबूत करने वाला कदम बताया।

 

25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए

 

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक की कल्याणकारी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। वहीं 80 करोड़ से अधिक लोगों के लिए मुफ्त राशन के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

 

डिजिटल इंडिया की ताकत का भी किया उल्लेख

 

राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धि पर कहा कि देश ने दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। भारत की हिस्सेदारी वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और युवा भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं।

 

महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर

 

राष्ट्रपति के संबोधन में महिला सशक्तीकरण भी प्रमुख विषय रहा। उन्होंने कहा कि 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का शुरुआती लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और अब सरकार तीन करोड़ और लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

 

उन्होंने शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की। ड्रोन दीदी से लेकर वायुसेना की फाइटर कॉम्बैट लीडर तक महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं लगातार नए क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने ग्लासगो में हाल में संपन्न कॉमनवेल्थ गेम्स का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण पदक महिलाओं ने जीते।

 

लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को भी महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र और ज्यादा समावेशी बनेगा।

 

पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका

 

सतत विकास पर राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 के लिए निर्धारित कई सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को तय समय से पहले हासिल किया है। उन्होंने नागरिकों से प्रकृति और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ तथा LiFE (Lifestyle for Environment) जैसे अभियानों का उल्लेख किया।

 

स्वतंत्रता सेनानियों और विभाजन पीड़ितों को श्रद्धांजलि

 

राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी, डॉ. बीआर आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका को याद किया। उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने और विस्थापन झेलने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी। 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

राष्ट्रपति ने तेलुगु लेखक गुरजाडा अप्पाराव की पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र केवल उसकी भूमि नहीं, बल्कि उसके सभी लोग हैं। उन्होंने देशवासियों से 2047 तक स्वतंत्र भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने में पूरी निष्ठा से योगदान देने का आह्वान किया।

Independence Day Special: आजादी के साल में सोने में ₹1000 का निवेश आज बढ़कर कितना हुआ होता?

Independence Day Special: भारत 1947 में आजाद हुआ था। तब सोने की कीमत सिर्फ 88.62 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। करीब 80 साल बाद सोने की कीमत 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसका मतलब है कि 80 साल में सोने की कीमत 1,711 गुना हो गई है। सवाल है कि अगर किसी ने तब सोने में 1000 रुपये का निवेश किया होता तो आज उसकी वैल्यू कितनी होती?

1947 से अब तक सोने की कीमतें सालाना 9.9 फीसदी बढ़ी हैं

1947 में सोने में 1000 रुपये के निवेश की वैल्यू आज बढ़कर 17.1 लाख रुपये हो गई होती। इसका मतलब है कि इस दौरान सोने की कीमत सालाना करीब 9.9 फीसदी बढ़ी हैं। हालांकि, इस दौरान सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा। किसी खास पीरियड में सोने की कीमतों में नरमी दिखी तो किसी दूसरे पीरियड में ज्यादा तेजी दिखी।

1980 में सोने का भाव 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम था

1950 में सोने का भाव 99.18 रुपये प्रति 10 ग्राम था। लेकिन, 1964 में कीमत गिरकर 63.25 रुपये पर आ गई। 1970 में फिर से भाव चढ़कर 184.50 रुपये पर पहुंच गया। 1980 तक भाव 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल को पार कर गया। तब इसका भाव 1,330 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

साल 2000 के बाद से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं

साल 2000 के बाद सोने की कीमतों की रफ्तार काफी तेज रही। 2000-01 में सोने का औसत भाव 4,473.60 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। 2010-11 में यह बढ़कर 19,227.08 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। 2020-21 में सोने का भाव 48,723.22 रुपये पर पहुंच गया। 2024-25 में औसत भाव 75,841.87 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

1970-71 के मुकाबले आज चांदी की कीमत 370 गुना हो गई है

चांदी की बात की जाए तो 1970-71 से इसका आरबीआई का रेट उपलब्ध है। तब एक किलो चांदी की कीमत 536.08 रुपये थी। 14 अगस्त, 2026 को चांदी का भाव 1,98,461 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसका मतलब है इस दौरान चांदी कीमतें करीब 370 गुना हो गई हैं। सोने और चांदी को दशकों से सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है।

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सोने और चांदी की कीमतों का कैलकुलेशन PIB और RBI के डेटा के आधार पर

सोने की कीमतों का एतिहासिक डेटा प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और इंडियन इकोनॉमी पर आरबीआई की हैंडबुक पर आधारित है। आरबीआई इस हैंडबुक में गोल्ड और सिल्वर के प्राइसेज पब्लिश करता है। कीमतों का उपर्युक्त कैलकुलेशन इसी दोनों स्रोतों से उपलब्ध डेटा के आधार पर किया गया है।

Voltas Q1 Results: प्रॉफिट 53% बढ़कर ₹214 करोड़, Atomberg के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाएगी

Voltas Q1 Results: वोल्टास ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 53 फीसदी बढ़कर 214 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया। हालांकि, 14 अगस्त को शेयरों में अच्छी तेजी दिखी। 17 अगस्त को बाजार खुलने पर शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा।

रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 4,673 करोड़

Voltas को FY26 की जून तिमाही में 140 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था। FY27 की जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 4,673.50 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 3,938.58 करोड़ रुपये था। यह टाटा समूह की कंपनी है, जो एयर कंडिशनर सहित कई तरह के कूलिंग प्रोडक्ट्स बनाती है।

 Atomberg के साथ ज्वाइंट वेंचर का ऐलान

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 48.7 फीसदी बढ़कर 265.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 178.5 करोड़ रुपये था। कंपनी का मार्जिन इस दौरान बढ़कर 5.7 फीसदी रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4.5 फीसदी था। वोल्टास ने Atomberg के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है।

जेवी रूम एयरकंडिशनर्स के कंप्रेशर बनाएगा

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में कहा है कि एटमबर्ग के साथ प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर रूम एयरकंडिशनर्स के लिए कंप्रेशनर और इससे जुड़े पार्ट्स बनाएगा। जेवी का फोकस हाई एनर्जी एफिशियंसी, ऑपरेशनल रियलाबिलिटी और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस पर होगा।

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शेयर 2.52 फीसदी चढ़कर 1,322 रुपये पर बंद

Voltas का शेयर 14 अगस्त को 2.52 फीसदी चढ़कर 1,322 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 3.70 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.12 फीसदी और सेंसेक्स 0.09 फीसदी गिरकर बंद हुए। बैंक निफ्टी में भी दबाव दिखा। यह 0.25 फीसदी गिरकर बंद हुआ।