पीएम मोदी ने कहा डीबीटी ने लगभग 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए, मोबाइल फोन बना गवर्नेंस का हिस्सा

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत का मोबाइल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उम्मीद से ज्यादा विकसित हुआ है। यह अब शासन और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी का एक प्रमुख साधन बन गया है। सरकार के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सिस्टम के माध्यम से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं। नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण के उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सैकड़ों सरकारी सेवाएं अब मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध हैं और डीबीटी के परिणामस्वरूप 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा किए गए हैं।

पिछले दशक में टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की भूमिका में बदलाव पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन सुशासन का एक उपकरण बन गया है। डीबीटी ने न केवल सरकारी पैसे के ट्रांसफर की सुविधा प्रदान की है बल्कि इस पैसे को गलत हाथों तक पहुंचने से रोकने में भी मदद की है।

जिन लोगों को पहले की व्यवस्था से फायदा हुआ था उनका जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों ने कमाई खो दी है,उन्हें मोदी पसंद नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि बदलावों के विरोध के बावजूद,वह उन्हें लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बचाए गए धन का इस्तेमाल अब सही उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में इसकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा मोबाइल फोन अब चैट का माध्यम नहीं रह गया है,लेकिन इससे यात्रा कम हो गई है, प्रतीक्षा का समय कम हो गया है और सुविधा अधिक हो गई है। यह देश के नागरिकों से टेक्नोलॉजी से मिलने वाला सबसे बड़ा फायदा है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10-12 सालों में मोबाइल फोन अपनी सिर्फ बातचीत की पारंपरिक भूमिका से काफी आगे बढ़ गए हैं और गरर्नेंस के लिए एक माध्यम बन गए हैं। उन्होंने कहा,एक दशक पहले डिजिटल विभाजन एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। नई तकनीक तेजी से कुछ खास लोगों का विशेषाधिकार बनती जा रही थी। सरकार ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से मोबाइल फोन को अपनी डिजिटल रणनीति का केंद्र बनाकर इसका जवाब दिया।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि डीपफेक एक “बड़ी चुनौती” है और धोखाधड़ी और सुरक्षा जोखिमों से निपटने के लिए एक वैश्विक ढांचे की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए एक समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया क्योंकि डिजिटल खतरे तेजी से राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने सरकारों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों से साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के पास ऐसे खतरों से निपटने का अनुभव है और वह अपनी सीख अन्य देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है।

कैंसर के इलाज और वैक्सीन रिसर्च के लिए आईआईटी कानपुर और भारत बायोटेक ने उठाया बड़ा कदम, मिलकर करेंगे ये काम

कैंसर, वैक्सीन और ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज के लिए देश में ही नई तकनीक तैयार करने की तैयारी चल रही है। IIT कानपुर और भारत बायोटेक इस दिशा में साथ काम करेंगे। दोनों इंस्टिट्यूट के साइंटिस्ट बीमारी की पहचान, जांच और इलाज से जुड़ी तकनीक पर रिसर्च करेंगे।

दोनों संस्थानों के बीच जल्द समझौता हो सकता है। इसका मकसद देश में ही नई मेडिकल तकनीक तैयार करना है। आगे इन तकनीकों का इस्तेमाल मरीजों के इलाज में किया जा सकेगा।

कैंसर और वैक्सीन पर रहेगा खास ध्यान

IIT कानपुर और भारत बायोटेक के बीच हुई मीटिंग में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें कैंसर, वैक्सीन और ऑटोइम्यून बीमारियों पर खास ध्यान दिया गया। साइंटिस्ट इन बीमारियों को समझने पर काम करेंगे। इसके साथ नए इलाज और तकनीक भी तैयार की जाएगी।

बायोमेडिकल और हेल्थ टेक्नोलॉजी पर IIT कानपुर में पहले से काम हो रहा है। भारत बायोटेक के साथ जुड़ने से इस काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

IIT कानपुर पहुंचे भारत बायोटेक के ऑफिसर

IIT कानपुर की इंडस्ट्री कनेक्ट सीरीज के तहत यह मीटिंग हुई। इसमें भारत बायोटेक के प्रेजिडेंट (R&D) डॉ. के. मुरुगप्पन शामिल हुए। IIT कानपुर के शिक्षक और साइंटिस्ट भी मीटिंग में मौजूद रहे। मीटिंग में वैक्सीन, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों पर चर्चा हुई।

मीटिंग के बाद डॉ. मुरुगप्पन ने IIT कानपुर की रिसर्च सुविधाएं देखीं। इस दौरान डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. जयधरन राव और जैविक विज्ञान एवं जैव अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख प्रो. अश्वनी कुमार ठाकुर समेत कई साइंटिस्ट मौजूद रहे।

गंगवाल स्कूल में भी हो रही मेडिकल रिसर्च

IIT कानपुर के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में कई फील्ड पर रिसर्च चल रही है। इनमें हेल्थकेयर में एआई, टेलीमेडिसिन और रोबोटिक्स शामिल हैं। यहां बीमारी की शुरुआती जांच और मेटाबॉलिक बीमारियों पर भी काम हो रहा है। इसके अलावा इन्फेक्शन, न्यूरोसाइंस, न्यूरोटेक्नोलॉजी और मेंटल हेल्थ पर रिसर्च की जा रही है।

IIT कानपुर और भारत बायोटेक के साथ काम करने से नई वैक्सीन और जांच की बेहतर तकनीक बन सकती है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद मिलेगी। साथ ही देश में मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी।

कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट

2026 के फिजिक्स नोबेल का ऐलान आज:मेटामटेरियल्स, ग्राफीन और क्वांटम तकनीक के वैज्ञानिक दावेदार; 11.5 करोड़ रुपए मिलेंगे

2026 के फिजिक्स नोबेल पुरस्कार की घोषणा आज होगी। स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज भौतिकी में अहम काम करने वाले वैज्ञानिकों के नाम बताएगी। यह पुरस्कार ऐसी खोज के लिए दिया जाता है, जिसने फिजिक्स को समझने या विज्ञान-तकनीक को आगे बढ़ाने में बड़ी मदद की हो। इस साल मेटामटेरियल्स, ग्राफीन और क्वांटम तकनीक पर काम करने वाले वैज्ञानिक चर्चा में हैं। इनमें जॉन पेंड्री, निकॉला स्पैल्डिन, पाब्लो जारिलो-हरेरो और अलेक्सी किताएव जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, नोबेल कमेटी ने संभावित विजेताओं की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। नोबेल विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन के स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि मिलेगी। 2026 में नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है। एक से ज्यादा वैज्ञानिकों को पुरस्कार मिलने पर रकम उनके बीच बांटी जाएगी। फिजिक्स नोबेल के लिए 4 क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में इस साल फिजिक्स नोबेल के लिए चार अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में हैं। इनमें मेटामटेरियल्स, ग्राफीन, क्वांटम कंप्यूटिंग और बेहद सटीक घड़ियों पर काम करने वाले वैज्ञानिक शामिल हैं। 1. मेटामटेरियल्स के लिए जॉन पेंड्री जॉन पेंड्री ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन के भौतिक विज्ञानी हैं। उनका नाम मेटामटेरियल्स पर काम के लिए चर्चा में है। ये ऐसी कृत्रिम सामग्री होती हैं, जिन्हें खास गुणों के साथ बनाया जाता है। पेंड्री के काम से रोशनी को मोड़ने और नियंत्रित करने की तकनीक को समझने में मदद मिली। इससे ऐसी तकनीक की संभावना सामने आई, जिसमें किसी वस्तु को छिपाने जैसा प्रभाव पैदा किया जा सकता है। इस क्षेत्र में डेविड स्मिथ और फेडेरिको कैपासो के नाम भी चर्चा में हैं। 2.ग्राफीन की परतें घुमाने की तकनीक के लिए तीन नाम की चर्चा पाब्लो जारिलो-हरेरो, एलन मैकडोनाल्ड और ईवा अंद्रेई का नाम ट्विस्ट्रोनिक्स पर काम के लिए चर्चा में है। इसमें ग्राफीन जैसी बेहद पतली सामग्री की दो परतों को थोड़ा घुमाया जाता है। इससे सामग्री के गुण बदल सकते हैं। कुछ स्थितियों में इसमें सुपरकंडक्टिविटी जैसे गुण भी दिखाई दे सकते हैं। इन तीनों को 2026 का कावली नैनोसाइंस पुरस्कार भी मिला है। 3. क्वांटम कंप्यूटिंग के काम के लिए तीन वैज्ञानिक चर्चा में अलेक्सी किताएव, जॉन प्रेस्किल और पीटर शोर के नाम क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े काम के लिए चर्चा में हैं। क्वांटम कंप्यूटर बहुत संवेदनशील होते हैं। छोटी-सी गड़बड़ी भी उनके नतीजे को बदल सकती है। इन वैज्ञानिकों के काम ने क्वांटम जानकारी को गलतियों से बचाने और ज्यादा भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर बनाने के तरीकों को समझने में मदद की। 4. बेहद सटीक घड़ियों की तकनीक पर काम करने वाले दो वैज्ञानिक हिदेतोशी कातोरी और जून ये का नाम ऑप्टिकल लैटिस क्लॉक पर काम के लिए चर्चा में है। ये ऐसी घड़ियां हैं, जो समय को बेहद सटीक तरीके से माप सकती हैं। इनमें परमाणुओं और लेजर की मदद ली जाती है। इनका इस्तेमाल वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ GPS और कम्युनिकेशन जैसी तकनीकों में भी हो सकता है। 2025 में इलेक्ट्रिक सर्किट से जुड़ी क्वांटम खोज के लिए मिला नोबेल 2025 का फिजिक्स नोबेल जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को दिया गया था। उन्हें ऐसी खोज के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें क्वांटम दुनिया के नियमों को इलेक्ट्रिक सर्किट में देखा गया। वैज्ञानिकों ने दिखाया कि क्वांटम दुनिया में होने वाली घटनाएं सिर्फ बेहद छोटी चीजों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक सर्किट में भी देखी जा सकती हैं। इस खोज से क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों को समझने और आगे बढ़ाने में मदद मिली। —————————— ये खबर भी पढ़ें… दिमागी कोशिकाओं को कंट्रोल करने की तकनीक पर मेडिसिन नोबेल:जर्मनी-अमेरिका के 3 वैज्ञानिकों की रिसर्च; डिप्रेशन और मानसिक बीमारियों को समझना आसान हुआ 2026 का मेडिसिन नोबेल जर्मनी के पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल और अमेरिका के कार्ल डाइसेरोथ को दिया गया है। इन वैज्ञानिकों ने ऑप्टोजेनेटिक्स नाम की ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद की, जिससे रोशनी की मदद से दिमाग की अलग-अलग तंत्रिका कोशिकाओं को नियंत्रित करके उनके काम को समझा जा सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

IIT कानपुर बनाएगा देश का पहला ‘सन सिम्युलेटर’, ऐसे परखे जाएंगे सोलर पैनल

सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर देश की पहली ऐसी सुविधा विकसित करने जा रहा है, जहां कृत्रिम रूप से सूर्य की रोशनी तैयार कर फोटोवोल्टिक सिस्टम की जांच की जा सकेगी। संस्थान ने बेंगलुरु की नेक्स पीवी एनर्जी सिस्टम के साथ समझौता किया है। इस परियोजना में आईआईटी कानपुर के रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी पार्क फाउंडेशन (टेक्नोपार्क) की सदस्य कंपनी इनवेरिएंस ऑटोमेशन भी सहयोग करेगी। इसके तहत कंसंट्रेटेड फोटोवोल्टिक (सीपीवी) सिस्टम के लिए देश का पहला सन सिम्युलेटर विकसित किया जाएगा। इससे सीपीवी मॉड्यूल को बाजार में उतारने से पहले उनकी क्षमता और गुणवत्ता की जांच देश में ही हो सकेगी।

सूरज की रोशनी जैसी होगी कृत्रिम रोशनी

इस परियोजना का नेतृत्व आईआईटी कानपुर के सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर आशीष गर्ग और उनकी टीम कर रही है। सन सिम्युलेटर ऐसी तकनीक है, जिसमें प्रयोगशाला के अंदर सूर्य की रोशनी जैसी परिस्थितियां तैयार की जाती हैं। इससे मौसम या दिन के समय पर निर्भर हुए बिना सोलर सिस्टम का परीक्षण किया जा सकता है। अभी सीपीवी सिस्टम के परीक्षण के लिए देश में इस स्तर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। नई सुविधा तैयार होने के बाद उत्पादन के अंतिम चरण में ही मॉड्यूल की क्षमता और गुणवत्ता को परखा जा सकेगा।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी तकनीक और परीक्षण सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि शोध को प्रयोगशाला तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे उद्योग के साथ जोड़कर वास्तविक उपयोग तक पहुंचाया जाए। यह परियोजना सौर ऊर्जा के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और देश में ही परीक्षण की क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

छोटे सेल, ज्यादा क्षमता वाला सीपीवी सिस्टम

प्रोफेसर आशीष गर्ग ने बताया कि सीपीवी सिस्टम सामान्य सोलर पैनल से अलग तरीके से काम करता है। इसमें लेंस की मदद से सूर्य की रोशनी को छोटे और ज्यादा क्षमता वाले सोलर सेल पर केंद्रित किया जाता है। इन सेल में अर्धचालक की कई परतें होती हैं और हर परत सूर्य के प्रकाश के अलग-अलग हिस्से को इस्तेमाल करती है।

उन्होंने बताया कि सीपीवी में सोलर सेल पैनल के करीब 0.1 प्रतिशत हिस्से में ही होते हैं। यानी सेल के लिए जरूरी जगह सामान्य सोलर तकनीक की तुलना में काफी कम हो जाती है। हालांकि ऐसी तकनीक के लिए तेज और सीधी धूप वाले इलाके ज्यादा उपयुक्त होते हैं।

2070 के नेट जीरो लक्ष्य में मददगार

प्रोफेसर आशीष गर्ग ने कहा कि भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है और इसे हासिल करने के लिए बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाना होगा। इसके लिए केवल सोलर पैनल बनाना ही नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और क्षमता जांचने की देश में मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है। सीपीवी सिम्युलेटर इसी दिशा में काम करेगा।

नेक्स पीवी एनर्जी सिस्टम के निदेशक चिदानंद मूर्ति आर ने कहा कि देश में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सोलर सेल के उत्पादन और परीक्षण की क्षमता को भी बढ़ाना जरूरी है। देश में सीपीवी सिम्युलेटर उपलब्ध होने से बड़े स्तर पर उत्पादन के दौरान गुणवत्ता जांच आसान होगी और सीपीवी तकनीक को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट

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सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जाने अक्टूबर में कैसा रहेगा बाजार, राशियों के हिसाब से कहां बनेगा पैसा

सीएनबीसी -आवाज़ की खास पेशकश निवेश का राशिफल विद चिराग दारूवाला में हम सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जानेंगे कि आपकी राशि के लिहाज से अक्टूबर का महीना निवेश के लिए कैसा रहेगा। चिराग जी ने कहा कि हमें निराश होने की जरूरत नहीं है। यह ध्यान में रखिए कोई भी चीज जीवन में परमानेंट नहीं होती है। ऐसे में अच्छा समय चल रहा होता है तब हमें ये सोचना है कि अच्छे समय में हम क्या कार्य करें ताकि आने वाले समय में हमें उसका अच्छा लाभ मिल सके। उसी प्रकार जब खराब समय चल रहा होता है तो हमें थोड़ा सा सब्र रखना है। थोड़ी सी शांति रखनी है और यही प्रभु से प्रार्थना करनी है और यही सोचना है कि यह समय भी निकल जाएगा।

इस महीने कैसी रहेगी ग्रहों की स्थिति

हम बात करेंगे ग्रहों की स्थिति के बारे में। गणेश जी कहते हैं कि अक्टूबर महीने की शुरुआत में सूर्य कन्या राशि में होंगे। बृहस्पति और मंगल कर्क राशि में रहेंगे। वहीं बुध और शुक्र तुला राशि में स्थित होंगे। जबकि शनि, मीन राशि में वक्री रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति शेयर बाजार,व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में तेजी के भी संकेत दे सकती है। 3 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में वक्री होंगे। शुक्र का अपनी राशि तुला में वक्री होना बाजार में खरीददारी की गतिविधियों को बढ़ा सकता है। बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजी सेक्टर,ज्वेलरी सेक्टर,होटल और लग्जरी सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं।

17 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के तुला राशि में आने से बाजार में ट्रेडिंग की गतिविधियां बढ़ सकती है। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,टेलीकॉम सेक्टर,बैंकिंग सेक्टर और ब्रोकरेज सेक्टर में हलचल देखने को मिल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी नए अवसर देखने को मिलेंगे।

24 अक्टूबर को बुध तुला राशि में वक्री होंगे। बुध के वक्री होने से शेयर बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को इस दौरान जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा। जल्दबाजी में आपको कोई भी फैसला नहीं लेना है। रियलस्टेट,कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल सेक्टर,इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती है।

31 अक्टूबर को बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति के राशि परिवर्तन के बाद निवेशकों को बाजार के प्रति भरोसा बढ़ सकता है। बैंकिंग सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर,आईटी,मीडिया,टेलीकॉम,टेक्नोलॉजी,शिक्षा से जुड़े सेक्टर में गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। विदेशी निवेश और बड़े निवेशकों की भागीदारी में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर अक्टूबर में बाजार में तेजी के साथ-साथ कुछ समय पर उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए सेक्टर और कंपनियों का सही विश्लेषण करके करके ही आपको निर्णय लेना आपके लिए बेहतर होगा।

जानिए राशियों के हिसाब से कैसा रहेगा अक्टूबर का महीना

मेष राशि

गणेश जी कहते हैं मेष राशि वालों बिजनेस में व्यापार में विस्तार करने के लिए यह महीना बहुत ही अच्छा रह सकता है। आपके अटके हुए काम भी पूर्ण हो सकते हैं। रियलस्टेट और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ के अवसर देखने को मिलेंगे। शेयर बाजार में मिड कैप और चुनिंदा सेक्टर पर आपको ध्यान देना होगा। आपकी जो आर्थिक स्थिति है,जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,वह थोड़ी मजबूत होती नजर आएंगी और बचत बढ़ाने का भी आपको मौका मिलेगा। नए निवेश से पहले जोखिम और लाभ का अच्छी तरह से आकलन जरूर से करिएगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को 101 बार ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप कर सकते हैं और गाय माता को गुड़ खिला सकते हैं। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों इस महीने आपकी आर्थिक योजनाएं धीरे-धीरे सफल होती नजर आएंगी। बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में निवेश अच्छा लाभ देगा। व्यापार में पुराने संपर्कों से लाभ और नए सौदे भी मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े काम में कागजी कार्यवाही सावधानी से करें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखेंगे तो धन की बचत होगी। अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाइए। यह महीना आपके लिए अच्छा रहेगा।

मिथुन

राशि गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन से जुड़े क्षेत्रों पर नजर रख सकते हैं। जल्दबाजी में आपको कोई फैसला नहीं लेना है। अच्छे इन्वेस्टर्स आपको मिल सकते हैं। व्यापार कर रहे हैं तो नए ग्राहक मिल सकते हैं। आपकी आमदनी बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो अच्छे अवसर आपको प्राप्त होंगे। सोने चांदी से जुड़े कारोबार में लाभ के योग भी बन सकते हैं। इस महीने अतिरिक्त आय के नए रास्ते आपको देखने को मिलेंगे। आपके लिए नए रास्ते खुलेंगे।

उपाय

प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और खीर का भोग अवश्य लगाइएं।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों इस महीने आर्थिक मामलों में आपको नई योजनाएं बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे से जुड़े शेयरों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में किसी नए प्रोजेक्ट से आर्थिक लाभ होने की भी संभावना है। किसी भी प्रकार का लीगल डिस्प्यूट चल रहा था,स्ट्रेस चल रहा था,परेशानी चल रही थी तो वो लीगल डिस्प्यूट धीरे-धीरे समाधान में बदलेगा। यानी कि आपका जो स्ट्रेस है,जो एंग्जायटी है वो इस महीने धीरे-धीरे दूर होती नजर आएगी। म्यूचुअल फंड या फिर नियमित निवेश से भविष्य के लिए धन कमाने में मदद मिलेगी।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें और ओम गण गणपताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने बिजनेस में आपको नए ऑर्डर मिलेंगे। आपको अच्छे इन्वेस्टर्स भी मिल सकते हैं। अगर कोई भी प्रकार का लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट लंबी अवधि का निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर से आपको करना चाहिए। आपको फायदा अच्छा मिलेगा। शेयर बाजार में किसी के भी कहने पर आपको निवेश नहीं करना है। प्रॉपर रिसर्च एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर अगर आप निवेश करते हैं तो अच्छा लाभ अवश्य होगा। आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। लेकिन बड़े खर्चों की योजना सोच समझकर बनाइए।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अर्पित करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े निवेश में अच्छे अवसर देखने को मिल सकते हैं। आपके पोर्टफोलियो में बदलाव लाने की भी जरूरत है। व्यापार में आपकी जो मेहनत है उसका आर्थिक परिणाम आपको बहुत अच्छा मिलेगा। प्रॉपर्टी या जमीन में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। कुछ अच्छी डील्स क्लोज हो सकती है। शेयर बाजार में जोखिम लेने से पहले पूरी जानकारी जरूर से हासिल करें। जल्दबाजी में आपको कोई फैसला नहीं लेना है। धन की आवक बनी रहेगी लेकिन अचानक खर्चे भी बढ़ सकते हैं।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को,काले कुत्तों को दूध अवश्य पिलाइए और भोजन अवश्य कराइए। आप यह समझ लीजिए कि यह पितरों के दिन चल रहे हैं। आपके पितरों का आशीर्वाद आपको अवश्य प्राप्त होगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों आईटी सेक्टर टेक्नोलॉजी सेक्टर एनर्जी सेक्टर में निवेश करने वालों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। बिजनेस में नई तकनीक या फिर नई रणनीति अपनाने से आपको अच्छा लाभ होगा। यह समय यह महीना बदलाव का महीना है। तो किसी भी प्रकार का बदलाव अगर आप पोर्टफोलियो में लाते हैं,इन्वेस्टमेंट्स में बदलाव लाते हैं या व्यापार में बदलाव लाते हैं,वह हर एक प्रकार का बदलाव आपको तरक्की के मार्ग पर अवश्य लेकर जाएगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े जुड़े किसी सौदे में अच्छा लाभ मिल सकता है। पैसों का लेनदेन करते समय सावधानी रखें और बिना जांच के किसी को भी पैसा ना दें।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा चारा अवश्य खिलाइए। यह महीना बेहतरीन रहेगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं जो कार्य करने हैं कर लीजिए जो दिमाग में चीजें चल रही है जो आइडियाज चल रहे हैं उसे बाहर लाने का समय आ चुका है। व्यापार में मुनाफा बढ़ने से कई अवसर आपको मिल सकते हैं। ऑटोमोबाइल और एनर्जी सेक्टर से जुड़े शेयरों पर ध्यान देना होगा । इंश्योरेंस और फाइनेंस से जुड़े निवेश भी आपके लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आपकी आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल चीजों का लाल कपड़ों का दान अवश्य करिए।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों इस महीने जो आपके अटके हुए पैसे थे, जो इन्वेस्टमेंट किया हुआ था और मार्केट में पैसा अटक गया था वह अटका हुआ पैसा आपको मिल सकता है। यह महीना आपको अच्छी योजनाएं बनानी है और उसके ऊपर कार्य करना है। म्यूच्यूल फंड और लंबी अवधि की योजनाओं से भी लाभ मिल सकता है। करियर और व्यापार में तरक्की के कारण धन की जो स्थिति है वह मजबूत होगी। एक से अधिक स्रोते से आमदनी प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। लेकिन खर्चों पर आपको ध्यान रखना है।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पे नमः का 108 बार जाप करें।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों स्टील सेक्टर, सीमेंट सेक्टर, कंस्ट्रक्शन सेक्टर और रियलस्टेट सेक्टर में निवेश के अवसर मिल सकते हैं। बिजनेस में काम का विस्तार करने की योजनाएं सफल हो सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और आय के नए स्रोत बनने की भी संभावना है। नियमित निवेश और बचत से भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही,घी,भोजन का दान करें।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने शेयर बाजार में ऊर्जा,पावर और गैस सेक्टर से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश में सुधार आने से आर्थिक राहत मिलेगी। बिजनेस में नए लोगों के साथ साझेदारी या फिर नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है। आपकी घर या प्रॉपर्टी खरीदने की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए कोई भी निवेश कर रहे हैं सोच समझकर करें। जल्दबाजी में फैसला मत लीजिएगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य अर्पित करें।

मीन राशि

गणेश जी कहते हैं मीन राशि वालों बैंकिंग और आईटी सेक्टर से जुड़े निवेश में अच्छे अवसर बन सकते हैं। महीने की शुरुआत में बनाई गई आर्थिक योजनाएं आगे चलकर लाभ दे सकती है। नौकरी और व्यापार में आय बढ़ने के नए अवसर आपको मिल सकते हैं। यह महीना अपॉर्चुनिटीज वाला महीना है। क्रिएटिविटी का महीना है। तो आप यह समझ लीजिए कि आपको अपनी जो क्रिएटिविटी है,उसे बाहर लाने की जरूरत है। ऑटोमेटिकली आपके जीवन में अपॉर्चुनिटीज का भंडार आपको इस महीने देखने को मिलेगा। प्रॉपर्टी या फिर वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो उसके लिए भी यह महीना बहुत ही बेहतरीन है। म्यूच्यूल फंड जैसे नियमित निवेश के माध्यम से भविष्य के लिए धन जुटाने का समय है।

उपाय

रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाएं। 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें और 51 बार ओम रिम सूर नमः यह मंत्र का आप जाप अवश्य करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

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ट्रम्प ने AI का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस किया:बड़ी टेक कंपनियों के CEO से बोले- ये आर्टिफिशियल नहीं, इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (SI) करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रम्प ने हाल ही में हुई UN महासभा में AI को सुपर इंटेलिजेंस (SI) कहने की बात कही थी। व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि AI को आर्टिफिशियल (बनावटी) कहना ठीक नहीं है। यह इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है। ट्रम्प ने AI आधारित एक पोर्टल भी लॉन्च किया है। इसमें एक ही जगह से अमेरिकी सरकार की जानकारी और सरकारी सेवाएं मिलेंगी। ट्रम्प ने कहा कि अब पूरी अमेरिकी सरकार लोगों की हथेली में होगी। ट्रम्प ने बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों (CEO) के साथ बैठक की है। इसमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेन्सेन हुआंग समेत कई टेक दिग्गज शामिल हुए। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक नैतिक रूप से बाध्यकारी समझौते पर भी साइन किए हैं। इसका मकसद AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और विकास को लेकर कुछ नियम और दिशा तय करना है। बैठक के दौरान ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अब सुपर इंटेलिजेंस कहा जाएगा। डेटा सेंटर के लिए स्थानीय लोगों के साथ काम करेंगी कंपनियां बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा भी उठा। ट्रम्प ने कहा कि जिन शहरों और कस्बों में डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, टेक कंपनियों को वहां की स्थानीय कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनियां इन समुदायों की मदद करेंगी। इसमें स्कूलों, शिक्षकों और दूसरी स्थानीय जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना भी शामिल हो सकता है। ट्रम्प ने कहा कि कंपनियों को डेटा सेंटर बनाने से पहले स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी करनी चाहिए, ताकि वहां रहने वाले लोगों को भी इसका फायदा मिले। टेक कंपनियों ने कहा- सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ना जरूरी बैठक में AI के सुरक्षित इस्तेमाल और इसके गलत इस्तेमाल को रोकने पर भी चर्चा हुई। मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि व्हाइट हाउस के साथ हुए समझौते का मकसद लोगों का भरोसा बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों और ग्राहकों को भरोसा होना चाहिए कि यह तकनीक उसी तरह काम करेगी, जिस तरह इसे बनाया गया है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने कहा कि सभी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस तकनीक का विकास सुरक्षित तरीके से हो। ट्रम्प बोले- गलत इस्तेमाल हुआ तो कार्रवाई करेंगे ट्रम्प ने AI सिस्टम की जटिलता और संभावित गलत इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन मॉडलों का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए होगा। अगर इनका गलत इस्तेमाल किया गया तो सरकार कार्रवाई कर सकेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा में AI को अहम बताया अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जे क्लेटन ने कहा कि AI में अमेरिका का नेतृत्व करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि AI और उससे जुड़ी नई तकनीकों का विकास सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। ट्रम्प ने बैठक को बेहद खास बताते हुए कहा कि अमेरिका AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार तथा टेक कंपनियां मिलकर इस तकनीक को सुरक्षित तरीके से विकसित करना चाहती हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन ने जंग में विस्फोटकों से लैस रोबोट सैनिक उतारे: रूस के 3000 सैनिकों को मारने का दावा रूस-यूक्रेन जंग में अब रोबोट सैनिक भी मोर्चा संभाल रहे हैं। यूक्रेन ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड जमीनी रोबोट का इस्तेमाल कर रूसी सेना पर हमला करने का दावा किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

जयशंकर बोले- आतंकवाद पर भारत की चिंता नहीं समझता अमेरिका:इसका रिश्तों पर असर पड़ता है; पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ा रहा है वॉशिंगटन

भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद को लेकर भारत की चिंता को अमेरिका ठीक से नहीं समझता। इसका असर रिश्तों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत दशकों से पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद का सामना कर रहा है। जयशंकर ने यह बयान सोमवार को न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में दिया। इसमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों और विदेश नीति के जानकारों ने हिस्सा लिया। जयशंकर ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब पिछले एक साल में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच नजदीकी बढ़ी है। वहीं, व्यापार, टैरिफ और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर भारत-अमेरिका के बीच मतभेद भी रहे हैं। जयशंकर बोले- अमेरिका से कई देशों संबंध मुश्किल हुए अमेरिका के पूर्व राजनयिक डेनियल रसेल ने जयशंकर से पूछा कि व्यापार और टैरिफ को लेकर पिछले एक साल में भारत-अमेरिका के रिश्तों में आई खटास को कैसे दूर किया जा सकता है। इस पर जयशंकर ने कहा कि दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ रिश्ते पहले के मुकाबले मुश्किल हुए हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ संबंध पहले से ज्यादा मुश्किल हुए हैं। यह शायद हमारे लिए राहत की बात न हो, लेकिन यही हकीकत है।” विदेश मंत्री ने दुनिया के हालात पर चिंता जताई जयशंकर ने कहा कि दुनिया में युद्ध, आर्थिक संकट और नई तकनीक से जुड़ी चुनौतियां बढ़ रही हैं। इनका असर सिर्फ संघर्ष वाले देशों पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात अब भी मुश्किल हैं, जबकि अफ्रीका के सूडान में संघर्ष जारी है। जयशंकर दुनिया के सामने ‘4F संकट’ यानी भोजन, ईंधन, खाद और पैसों की कमी को बड़ी चुनौती बताया।
ट्रम्प सरकार में नजदीक आए अमेरिका और पाकिस्तान ट्रम्प प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में नजदीकी बढ़ी है। जून 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी। इसके बाद सितंबर 2025 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर ने फिर ट्रम्प से मुलाकात की। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्कों के तौर पर देखा गया। जयशंकर बोले- भारत-चीन के रिश्ते सुधरे जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन के रिश्ते पिछले दो साल के मुकाबले बेहतर हुए हैं। उन्होंने बताया कि 2020 में सीमा पर विवाद के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव बना रहा। अब सीमा पर हालात सुधरने के साथ रिश्ते भी सामान्य हो रहे हैं। जयशंकर ने कहा, “सीमा पर जैसे हालात होंगे, दोनों देशों के रिश्ते भी वैसे ही रहेंगे।” उन्होंने कहा कि रिश्तों में सुधार का मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच सभी समस्याएं खत्म हो गई हैं।लजयशंकर ने कहा कि सीमा पर तनाव के कारण भारत और चीन के बीच आधिकारिक बातचीत, वीजा और सीधी उड़ानों पर असर पड़ा था। भारत लगातार चीन से कहता रहा कि सीमा पर विवाद जारी रहने से दोनों देशों को कोई फायदा नहीं है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया में अब कई देश ताकतवर हो रहे हैं और वैश्विक फैसलों में उनकी भूमिका बढ़ रही है।

ऑपरेशन सिंदूर के डेढ़ साल बाद पाकिस्तान पहुंचे भारतीय अधिकारी:SCO की बैठक में शामिल होंगे; PM मोदी को न्योता दे सकता है इस्लामाबाद

ऑपरेशन सिंदूर के करीब डेढ़ साल बाद भारत ने SCO की बैठक में शामिल होने के लिए अपना एक सीनियर अधिकारी पाकिस्तान भेजा है। विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी और भारत के SCO कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी सोमवार से इस्लामाबाद में शुरू हुई बैठक में भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे हैं। यह बैठक बुधवार तक चलेगी। बैठक में पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले SCO के कार्यक्रमों, आने वाली बैठकों की तैयारियों और संगठन से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा होगी। पाकिस्तान में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता दिए जाने की भी संभावना है। पाकिस्तान से द्विपक्षीय बातचीत नहीं करेगा भारत भारत का कहना है कि वह SCO के मंच पर पाकिस्तान के साथ बातचीत और सहयोग जारी रखेगा। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत के लिए आतंकवाद से मुक्त माहौल होना जरूरी है। भारत का रुख रहा है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले और इसके बाद मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के बाद भारत ने इस बात को दोहराया था। इसके बावजूद भारत SCO की बैठकों में हिस्सा ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारत इस संगठन के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इसी वजह से उसने अपने SCO कोऑर्डिनेटर को पाकिस्तान भेजा है। 2027 के लिए SCO की अध्यक्षता कर रहा पाकिस्तान पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने रविवार को बताया कि SCO के सदस्य देशों के राष्ट्रीय समन्वयकों की परिषद (CNC) की पहली बैठक इस्लामाबाद में हो रही है। यह बैठक 2026-27 के लिए संगठन की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिलने के बाद आयोजित की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान के SCO कोऑर्डिनेटर डॉ. एम. फैसल कर रहे हैं। इसमें सदस्य देशों के राष्ट्रीय समन्वयकों के साथ SCO सचिवालय के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक, बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और आपसी तालमेल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रमों और आने वाली बैठकों की तैयारियों पर भी बात होगी। पाकिस्तान ने समिट की थीम कनेक्टिविटी और विकास रखी पाकिस्तान ने SCO की अध्यक्षता के लिए ‘विजन को काम में बदलना: कनेक्टिविटी, नई तकनीक और साझा समृद्धि’ थीम रखी है। इसके तहत सदस्य देशों के बीच संपर्क बढ़ाने, नई तकनीक को बढ़ावा देने और मिलकर आर्थिक विकास करने पर जोर दिया जाएगा। करीब दो साल बाद पाकिस्तान में SCO की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहा है। पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दे सकता है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

पहली बार पृथ्वी के चक्कर लगाएगा स्टारशिप:26 सैटेलाइट्स भी छोड़ेगा; सबसे ताकतवर रॉकेट का 14वां टेस्ट आज

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट ‘स्टारशिप’ की 14वीं टेस्ट उड़ान के लिए तैयार है। यह पहली बार होगा जब स्टारशिप को पृथ्वी की ऑर्बिट में भेजा जाएगा। इसकी लॉन्चिंग सोमवार, 28 सितंबर को भारतीय समयानुसार शाम 5:45 बजे से होगी। इससे पहले की सभी टेस्ट उड़ानों में रॉकेट को सब-ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी तक ही सीमित रखा गया था ताकि सुरक्षा बनी रहे और ज्यादा से ज्यादा डेटा जुटाया जा सके। अब स्टारशिप को पृथ्वी की कक्षा में भेजने का मकसद इसे ऐसा रॉकेट बनाना है, जिसे तेजी से दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली ‘स्टारशिप’ कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। 10 घंटे का सफर, पृथ्वी के लगाएगा 6 चक्कर इस मिशन में स्टारशिप जमीन से लगभग 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ेगा। करीब 10 घंटे लंबे इस सफर में यह पृथ्वी के 6 चक्कर पूरे करेगा। मिशन खत्म होने के बाद रॉकेट चिली देश के पास प्रशांत महासागर में सुरक्षित पानी पर लैंड यानी स्प्लैशडाउन करेगा। पहली बार स्पेस में छोड़े जाएंगे 26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट्स इस उड़ान से पहली बार नई तकनीक वाले 26 ‘स्टारलिंक V3’ सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं। इनसे पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्पीड और नेटवर्क काफी बेहतर हो जाएगा। इस नए मॉडल का सिर्फ एक सैटेलाइट ही नेटवर्क में 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की डेटा क्षमता जोड़ देगा, यानी इस अकेले मिशन से कुल 26 Tbps की क्षमता जुड़ जाएगी, जो कि फॉल्कन 9 रॉकेट से भेजे जाने वाले छोटे सैटेलाइट्स के मुकाबले लगभग 10 गुना ज्यादा है। रॉकेट से अलग होते ही ये सैटेलाइट अपने एंटीना और सोलर पैनल खोल लेंगे और रेडियो तरंगों व लेजर के जरिए जमीन तथा बाकी सैटेलाइट्स से संपर्क साधेंगे। इसके बाद वे अपने छोटे इंजनों की मदद से तय कक्षा में पहुंच जाएंगे और सभी शुरुआती जांचों के बाद इंटरनेट सर्विस देना शुरू कर देंगे। 3 सैटेलाइट्स में कैमरे लगे हैं, स्टारशिप की करेंगे निगरानी इस मिशन में शामिल 3 सैटेलाइट्स को खास तौर पर बदला गया है। इनमें हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अंतरिक्ष में स्टारशिप की ‘हीटशील्ड’ यानी गर्मी से बचाने वाली बाहरी परत को स्कैन करेंगे और तस्वीरें सीधे जमीन पर मौजूद वैज्ञानिकों को भेजेंगे। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि धरती पर लौटते वक्त स्टारशिप की हीटशील्ड कितनी सुरक्षित रहती है, ताकि भविष्य में रॉकेट को लॉन्च पैड पर वापस सुरक्षित उतारा जा सके। अब स्टारशिप के पहले हुए 11 टेस्ट के बारे में जानें…. 13वां टेस्ट: पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान में अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। यह पहली बार था जब हमने पूरे स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी ‘बेली-फ्लॉप’ स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर लंबवत उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा।
12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग ‘स्टारशिप’ का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई। इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया।
11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था। 10वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए। स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट असली स्टारलिंक सैटेलाइट्स के डमी हैं। इनका इस्तेमाल स्टारशिप की सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट क्षमता को परखने के लिए किया जाता है। 29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था। नौवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ने कंट्रोल खो दिया 28 मई 2025 को हुए 9वें टेस्ट में लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया था, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया था। ये लगातार तीसरी बार था जब स्टारशिप आसमान में ही नष्ट हुआ था। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ब्लास्ट हो गई थी स्टारशिप का आठवां टेस्ट भारतीय समयानुसार 7 मार्च 2025 को हुआ था। लॉन्चिंग के 7 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया। लेकिन 8 मिनट बाद शिप (ऊपरी हिस्सा) के छह इंजनों में से 4 ने काम करना बंद कर दिया जिससे शिप ने कंट्रोल खो दिया। इसके बाद ऑटोमेटेड अबॉर्ट सिस्टम ने शिप को ब्लास्ट कर दिया। गिरते मलबे की वजह से मियामी, ऑरलैंडो, पाम बीच और फोर्ट लॉडरडेल के हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं थी। सातवां टेस्ट: बूस्टर वापस आया; लेकिन स्पेसक्राफ्ट आसमान में ही ब्लास्ट हुआ 17 जनवरी 2025 को भी स्टारशिप का सातवां टेस्ट पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा था। लॉन्चिंग के 8 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया था, लेकिन शिप (ऊपरी हिस्सा) में ऑक्सीजन लीक से ब्लास्ट हो गया था। छठा टेस्ट: लॉन्चपैड पर उतरने में दिक्कत दिखी तो पानी पर लैंड कराया, ट्रम्प भी मौजूद रहे स्टारशिप का छठा टेस्ट 20 नवंबर 2024 को सुबह 03:30 बजे किया गया था। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी टेस्ट देखने के लिए स्टारबेस पहुंचे थे। इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्च करने के बाद वापस लॉन्चपैड पर कैच किया जाना था, लेकिन सभी पैरामीटर ठीक नहीं होने के कारण इसे पानी में लैंड कराने का फैसला लिया गया। स्टारशिप के इंजन को स्पेस में फिर से चालू किया गया। इसके बाद हिंद महासागर में लैंडिंग हुई। पांचवां टेस्ट: पहली बार बूस्टर को लॉन्चपैड पर कैच किया था स्टारशिप का पांचवां टेस्ट 13 अक्टूबर 2024 को किया गया था। इस टेस्ट में पृथ्वी से 96 Km ऊपर भेजे गए सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्चपैड पर वापस लाया गया, जिसे मैकेजिला ने पकड़ा। मैकेजिला दो मेटल आर्म हैं जो चॉपस्टिक्स की तरह दिखाई देती हैं। वहीं स्टारशिप की पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कराकर हिंद महासागर में कंट्रोल्ड लैंडिंग कराई गई। स्टारशिप ने जब पृथ्वी के वातावरण में एंट्री की तब उसकी रफ्तार 26,000 किलोमीटर प्रति घंटे थी और तापमान 1,430°C तक पहुंच गया था। चौथा टेस्ट: स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पानी में लैंडिंग हुई स्टारशिप का चौथा टेस्ट 6 जून 2024 को हुआ था, जो सक्सेसफुल रहा था। 1.05 घंटे के इस मिशन को बोका चिका से शाम 6.20 बजे लॉन्च किया गया था। इसमें स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पृथ्वी पर वापस लाकर पानी पर लैंड कराया गया। टेस्ट का मेन गोल यह देखना था कि स्टारशिप पृथ्वी के वातावरण में एंट्री के दौरान सर्वाइव कर पाता है या नहीं। टेस्ट के बाद कंपनी के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था, ‘कई टाइल्स के नुकसान और एक डैमेज्ड फ्लैप के बावजूद स्टारशिप ने समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की।’ तीसरा टेस्ट: रीएंट्री के बाद स्टारशिप से संपर्क टूटा था ये टेस्ट 14 मार्च 2024 को हुआ था। स्पेसएक्स ने बताया था कि स्टारशिप रीएंट्री के दौरान सर्वाइव नहीं कर पाया, लेकिन उसने उड़ान के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। वहीं इलॉन मस्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल आधा दर्जन स्टारशिप उड़ान भरेंगे। स्टारशिप ने ऑर्बिट में पहुंचने के बाद पेलोड डोर को खोला और बंद किया। रॉकेट के भीतर दो टैंकों के बीच कई टन तरल ऑक्सीजन को मूव किया। स्टारशिप की पृथ्वी के वातावरण में रीएंट्री कराई गई, लेकिन संपर्क टूट गया। दूसरा टेस्ट: स्टेज सेपरेशन के बाद खराबी आ गई थी स्टारशिप का दूसरा टेस्ट 18 नवंबर 2023 को शाम करीब 6:30 बजे किया गया था। लॉन्चिंग के करीब 2.4 मिनट बाद सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप का सेपरेशन हुआ। बूस्टर को वापस पृथ्वी पर लैंड होना था, लेकिन 3.2 मिनट बाद 90 Km ऊपर यह फट गया। वहीं स्टारशिप तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ गया। करीब 8 मिनट बाद पृथ्वी से 148 Km ऊपर स्टारशिप में भी खराबी आ गई, जिस कारण उसे नष्ट करना पड़ा। फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम के जरिए इसे नष्ट किया गया था। दूसरे टेस्ट में रॉकेट और स्टारशिप को अलग करने के लिए पहली बार हॉट स्टैगिंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया था, जो पूरी तरह सक्सेसफुल रही थी। सभी 33 रैप्टर इंजनों ने भी लॉन्च से सेपरेशन तक ठीक से फायर किया था। पहला टेस्ट: लॉन्चिंग के 4 मिनट बाद विस्फोट हो गया था 20 अप्रैल 2023 को स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट किया गया था। इस टेस्ट में बूस्टर 7 और शिप 24 को लॉन्च किया गया था। उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी के पास 30 किलोमीटर ऊपर स्टारशिप में विस्फोट हो गया था। स्टारशिप के फेल होने के बाद भी इलॉनमस्क और एम्प्लॉइज खुशी मना रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉकेट का लॉन्च पैड से उड़ना ही बड़ी सफलता थी। मस्क ने लॉन्चिंग से दो दिन पहले कहा था- सफलता शायद मिले, लेकिन एक्साइटमेंट की गारंटी है। स्पेसएक्स ने कहा था- सेपरेशन स्टेज से पहले ही इसका एक हिस्सा अचानक अलग हो गया, जबकि यह तय नहीं था। इस तरह के एक टेस्ट के साथ हम जो सीखते हैं, उससे सफलता मिलती है। आज का टेस्ट हमें स्टारशिप की रिलायबिलिटी में सुधार करने में मदद करेगा। टीमें डेटा को रिव्यू करना जारी रखेंगीं और अगले फ्लाइट टेस्ट की दिशा में काम करेंगीं।

कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर को मिलेंगे 320 करोड़ रुपये, जिंदल नवीन अवसर करेगा हरियाणा सरकार के साथ पार्टनरशिप

प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) स्कीम के तहत नेशनल स्टीयरिंग कमेटी (NSC) ने हरियाणा में कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर के लिए ₹320 करोड़ के स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को मंजूरी दे दी है। इस क्लस्टर के लिए जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर हरियाणा सरकार के साथ पार्टनरशिप करेगी।

इस मंजूरी के साथ, पीएम-सेतु के तहत 10 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) क्लस्टर में मंजूर कुल इन्वेस्टमेंट बढ़कर ₹2,491 करोड़ हो गया है। इससे आईटीआई को उद्योग का नेतृत्व करने, भविष्य के लिए तैयार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदलने के सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली है। यह मंजूरी सरकारी आईटीआई के इंडस्ट्री-लेड ट्रांसफॉर्मेशन को मजबूत करने और ज्यादा मांग वाले वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

इस मौके पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा, “उद्योग को आईटीआई के करीब लाने से हमारे युवाओं के लिए रोजगार के मजबूत रास्ते बनेंगे। पीएम सेतु के तहत कुरुक्षेत्र क्लस्टर को मंजूरी देना, कौशल विकास को उद्योगों की बदलती जरूरतों के हिसाब से ज्यादा काम का, उम्मीदों पर खरा उतरने वाला और रिस्पॉन्सिव बनाने के हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।”

एक हब और छह स्पोक आईटीआई को बदला जाएगा

कुरुक्षेत्र क्लस्टर को PM-SETU के तहत सोचे गए हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा और इसमें सात सरकारी ITIs शामिल होंगी।

सरकारी ITI, कुरुक्षेत्र हब ITI के तौर पर काम करेगा, जबकि नीचे दिए गए इंस्टिट्यूट स्पोक ITI के तौर पर काम करेंगे:

सरकारी ITI (महिला), कुरुक्षेत्र

सरकारी ITI, कैथल

सरकारी ITI (महिला), कैथल

सरकारी ITI, पेहोवा

सरकारी ITI, पबनावा

सरकारी ITI (महिला), अंबाला शहर

मजबूत ढांचे के विकास में मदद करेगा निवेश

₹320 करोड़ का यह निवेश पूरे क्लस्टर में एक इंटीग्रेटेड और इंडस्ट्री-रिस्पॉन्सिव स्किलिंग इकोसिस्टम के विकास में मदद करेगा। PM-SETU के तहत, इंडस्ट्री पार्टनर करिकुलम डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर एन्हांसमेंट, ट्रेनिंग डिलीवरी, फैकल्टी एंगेजमेंट, अप्रेंटिसशिप, इंडस्ट्री एक्सपोजर और प्लेसमेंट सपोर्ट के जरिए ITI के ट्रांसफॉर्मेशन को आकार देने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इस स्कीम का मकसद यह पक्का करना है कि वोकेशनल ट्रेनिंग नई तकनीक और श्रम बाजार की बदलती मांगों के साथ रेखांकित रहे।

एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर, जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड हरियाणा सरकार और इसमें शामिल ITI के साथ मिलकर काम करेगी ताकि इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव को मजबूत किया जा सके और छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और नौकरी के मौकों तक बेहतर पहुंच मिल सके। कंपनी पहले से ही ओडिशा के बारबिल आईटीआई क्लस्टर से जुड़ी हुई है, जहां पीएम-सेतु के तहत ₹240 करोड़ की रणनीति निवेश योजना को मंजूरी दी गई है। दोनों क्लस्टर में कंपनी की भागीदारी इस योजना के इंडस्ट्री-लेड कौशल विकास की सोच में उद्योग के बढ़ते भरोसे को दिखाती है।

भारत सरकार की एक खास पहल है PM-SETU 

PM-SETU भारत सरकार की एक खास पहल है जिसका मकसद आधुनिक ढांचा, उन्नत प्रयोगशाला और उपकरण, उद्योगों के साथ तालमेल वाला पाठ्यक्रम, उभरते क्षेत्रों में कोर्स शुरू करने और मजबूत औद्योगिक साझेदारी के जरिए वोकेशनल ट्रेनिंग की क्वालिटी, रेलिवेंस और नतीजों को बेहतर बनाना है।

इस स्कीम का कुल खर्च ₹60,000 करोड़ है और इसमें इंडस्ट्री के हब-एंड-स्पोक मॉडल के जरिए 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड करने का लक्ष्य है, जिसमें देश भर में 200 हब ITI और 800 स्पोक ITI शामिल हैं।