Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : निफ्टी-सेंसेक्स गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 10 अगस्त को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी,सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी,सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है। वहीं, ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी रही। डिफेंस और इंफ्रा इंडेक्स भी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि, बैंकिंग और PSE शेयरों में दबाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के अंत में निफ्टी 65 प्वाइंट गिरकर 24,571 पर बंद हुआ। वहीं,सेंसेक्स 456 प्वाइंट गिरकर 78,499 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी भी बैंक निफ्टी 317 प्वाइंट गिरकर 57,746 पर बंद हुआ। जबकि, मिडकैप 137 प्वाइंट चढ़कर 63,464 पर बंद हुआ।

आज निफ्टी के 50 में से 27 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में बिकवाली रही। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 7 शेयरों में बिकवाली रही। डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसा मजबूत होकर 95.21 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज ऑटो और IT शेयरों में अच्छी बढ़त के बावजूद फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट का असर ज्यादा रहा। बजाज फाइनेंस के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि बजाज फिनसर्व,ट्रेंट और ICICI बैंक भी गिरने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत TCS, ग्रासिम और हिंडाल्को के शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई। निफ्टी ऑटो और IT इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। मार्केट ब्रेथ निगेटिव रहा 1,964 शेयरों में बढ़त हुई, जबकि 2,119 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

Hedged.in के HNI और डेरिवेटिव्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का कारोबार कमजोरी के साथ बंद हुआ। हालिया बढ़त के बाद बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कुछ हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के दबाव का असर मार्केट के सेंटीमेंट पर पड़ा,जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ। आज की गिरावट के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल ढांचा काफी हद तक मजबूत बना हुआ। निवेशक ग्लोबल संकेतों और घरेलू घटनाओ पर नज़र बनाए हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी 65 अंक गिरकर 24,570.00 पर बंद हुआ। इंडेक्स 24,600 के तत्काल सपोर्ट से नीचे आ गया है, लेकिन अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अब निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है और उसके बाद 24,300 के पास एक मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ,इसके लिए 24,650–24,750 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर निफ्टी लगातार इस जोन से ऊपर बना रहता है,तो फिर से तेजी आ सकती और ऊंचे स्तरों के लिए रास्ता खुल सकता है।

रियांक अरोड़ा ने आगे कहा कि सेंसेक्स 317 अंक गिरकर 77,746.00 पर बंद हुआ। सेशन के दौरान इंडेक्स में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई,लेकिन यह अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहा। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 77,500–77,300 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 78,000–78,300 के पास दिख रहा है। उन्होंने कहा कि रेजिस्टेंस जोन के ऊपर कोई भी निर्णायक चाल शॉर्ट-टर्म आउटलुक को मज़बूत करेगी।

बाजार के ओवरऑल ट्रेंड पर बात करते हुए उन्होंनें कहा कि हालिया बढ़त के बाद बाजार में हेल्दी करेक्शन का एक दौर देखने को मिला है। आज ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हुई। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, तब तक कुल मिलाकर बाजार का रुख तेजी के पक्ष में रहेगा। ट्रेडर्स और निवेशक मज़बूत फ़ंडामेंटल वाले शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट के मामले में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Q1 नतीजों के बाद मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका का इन शेयरों पर आया दिल, क्या हैं आपके पास?

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market view :ऑप्शन राइटर्स 3:00-3:10 बजे से पहले पोजिशन कवर करने पर फोकस करें, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market view : पिछले कई दिनों की तेजी के बाद बाजार में अब थोड़ा ठहराव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निफ्टी और बैंक निफ्टी का आगे की चाल पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24736-24778/24809 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24858-24897/24934 पर है। इसके लिए पहला बेस 24489-24551 पर और बड़ा बेस 24419-24457 पर है। आज की पूरी कमेंट्री निफ्टी फ्यूचर्स के भाव पर आधारित है।

कल लॉन्ग पोजिशन कैरी करने की सलाह सही साबित हुई। FIIs की कैश में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इंडेक्स में शॉर्ट कवरिंग हुई। नेट शॉर्ट घटकर अब 1.50 लाख पर आ गया है। 24800 पहली बाधा है। 24950-25000 पर ऑप्शन बाधा है। 24600-24500 पर पुट राइटिंग का सपोर्ट है। बेस-1 तक किसी भी गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। 24736 पहली रुकावट है, इसके बाद 24778-24809 का जोन मुमकिन है। 24809 के ऊपर टिकने पर रजिस्टेंस-2 तक स्विंग की उम्मीद है। ऑप्शन राइटर्स 3:00-3:10 बजे से पहले पोजिशन कवर करने पर ध्यान दें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58097-58221 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58389-58486/58571 पर है। इसके लिए पहला बेस 57523-57610 पर और बड़ा बेस 57210-57331 पर है। बैंक निफ्टी में तेजी बरकरार है। लेकिन 58000 बड़ा ऑप्शन बाधा है। RBI पॉलिसी से पहले बैंक निफ्टी की चाल अहम रहेगी। बेस-1 तक किसी भी गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। रेजिस्टेंस-1 पर मुनाफावसूली और सौदों पर नजर रखें। रेजिस्टेंस-1 के ऊपर टिकने पर रेजिस्टेंस-2 तक स्विंग की उम्मीद है।

Trading Plan : पिछले कुछ सेशन में आई एकतरफा तेजी के बाद अब थोड़ा करेक्शन मुमकिन, जानिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज नेशनल एल्युमीनियम में 365 रुपए के आसपास, 359 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ,377 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। HONASA में भी इनकी 458 रुपए के आसपास, 452 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ,475 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है।

बाजार की सोमवार की चाल पर एक नजर

भारतीय इक्विटी मार्केट में 3 अगस्त को लगातार चौथे सेशन में बढ़त देखने को मिली। निफ्टी 24,700 के ऊपर बंद हुआ। मीडिया स्टॉक्स को छोड़कर,सभी सेक्टर्स में हुई खरीदारी की वजह से बाजार में तेजी आई

ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 544.39 अंक यानी 0.70 फीसदी बढ़कर 78,639.03 पर और निफ्टी 390.70 अंक या 1.60 फीसदी बढ़कर 24,774.30 पर सेटल हुआ था।

ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छी खरीदारी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.2% की बढ़त देखने को मिली।

निफ्टी 50 स्टॉक्स की बात करें तो इंटरग्लोब एविएशन,TCS,इंफोसिस,श्रीराम फाइनेंस और ग्रासिम इंडस्ट्रीज टॉप गेनर्स रहे,जबकि सन फार्मा,अपोलो हॉस्पिटल्स,मारुति सुजुकी,ONGC और टेक महिंद्रा टॉप लूजर्स रहे।

निफ्टी मीडिया को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए। निफ्टी IT इंडेक्स में सबसे अधिक बढ़त रही। यह 3% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ था।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: बाजार के लिए क्या आज मंगल होगा दिन, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ शुरुआत होने की संभावना है। सोमवार को Nifty के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल में CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) की वजह से आई तेजी के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। नए शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के पहले दिन बेंचमार्क इंडेक्स में ज़बरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन GIFT Nifty से मिल रहे संकेत बताते हैं कि ग्लोबल मार्केट से सपोर्ट मिलने के बावजूद, मार्केट की शुरुआत उस ऑक्शन से तय क्लोजिंग लेवल से नीचे हो सकती है। निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मॉनेटरी पॉलिसी फ़ैसले और जून तिमाही के जारी नतीजों (अर्निंग्स सीज़न) पर भी कड़ी नज़र रखेंगे।

सुबह करीब 8:10 बजे GIFT Nifty, NSE IFSC पर पिछले सेशन की क्लोजिंग से लगभग 10 अंक नीचे 24,655 पर ट्रेड कर रहा था। इससे सोमवार की जबरदस्त रैली के बाद Nifty 50 की शुरुआत के ज़्यादातर फ़्लैट रहने का संकेत मिलता है। यह शुरुआती स्तर Nifty के 24,774.30 के ऑफिशियल क्लोजिंग लेवल से भी नीचे था, जो क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के पहले दिन से प्रभावित था।

सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में लगातार चौथे सेशन में तेज़ी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर हुई खरीदारी के सपोर्ट से Sensex 544.39 अंक या 0.70 प्रतिशत बढ़कर 78,639.03 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 390.70 अंक या 1.60 प्रतिशत बढ़कर 24,774.30 पर बंद हुआ।

Wall Street में तेजी, एशियाई बाजारों में गिरावट

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से ऑयल की कीमतें तेज़ी से गिरीं और रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ, जिससे US इक्विटी मार्केट ने अगस्त की शुरुआत मज़बूती के साथ की और ग्लोबल संकेत सपोर्टिव बने रहे। Dow Jones Industrial Average 1.32 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 1.48 प्रतिशत और Nasdaq Composite में 2.13 प्रतिशत की बढ़त हुई।

यह रैली US-Iran संघर्ष में तनाव कम होने के संकेतों के बाद आई। इससे ट्रेज़री यील्ड में भी गिरावट आई और अर्निंग्स व इकोनॉमिक डेटा के लिहाज़ से व्यस्त हफ़्ते से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ा। मंगलवार को ग्लोबल रैली के बाद एशियाई बाज़ारों में पॉज़िटिव लेकिन सतर्क रुख देखा गया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई, जिसमें दक्षिण कोरिया में 2.1 प्रतिशत तक की तेज़ी का अहम योगदान रहा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिर गया, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखी गई।

तेज गिरावट के बाद तेल की कीमतों में सुधार

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में मामूली सुधार हुआ। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत बढ़कर 84.39 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.7 प्रतिशत बढ़कर 80.95 डॉलर पर पहुंच गया। यह सुधार सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 7 प्रतिशत की गिरावट के बाद आया है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को कम कर दिया है। हालांकि कीमतों में थोड़ी रिकवरी हुई है, लेकिन ये अभी भी पिछले हफ़्ते के हाई लेवल से काफी नीचे हैं।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति 

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 24,400 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन (जो 200-दिन के DEMA के बराबर है) को साफ़ तौर पर पार करके अपने तेज़ी वाले स्ट्रक्चर को मज़बूत किया है। यह ब्रेकआउट जारी रिकवरी को और मज़बूत करता है और जल्द ही 25,000–25,200 ज़ोन की ओर बढ़ने का रास्ता खोलता है। नीचे की तरफ़, अगर प्रॉफ़िट-बुकिंग होती है, तो 24,350–24,500 का इलाका तुरंत सपोर्ट का काम कर सकता है।

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी R का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को आगे बढ़ा रहा है और अपने 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है, जो बैंकिंग सेक्टर में लगातार मज़बूती दिखाता है। टेक्निकली, 58,000 ज़ोन से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी की रफ़्तार बढ़ सकती है और इंडेक्स 58,300–58,500 के इलाके की ओर बढ़ सकता है।

नीचे की तरफ़, 57,300–57,400 का स्तर शॉर्ट-टर्म सपोर्ट का काम करता है, जिसे ठीक नीचे 57,000 के राउंड नंबर का सहारा मिलता है। इंडेक्स को इस दायरे से ऊपर बनाए रखने से तेज़ी का मौजूदा ट्रेंड बना रहता है, जबकि 57,000 से नीचे जाने पर शॉर्ट-टर्म में प्रॉफ़िट-बुकिंग हो सकती है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक पॉज़िटिव बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : ईरान डील की उम्मीद में अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी रही। डाओ रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक भी 2 फीसदी ऊपर रहा। 10 साल की बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट आई है। हालांकि एशियाई बाजारों में दबाव है। जापान और कोरिया के बाजार नीचे आए हैं। इधर वीकली एक्सपायरी के दिन गिफ्ट निफ्टी में भी मामूली दबाव के साथ कामकाज हो रहा है।

करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

3 अगस्त को भारतीय इक्विटी मार्केट में लगातार चौथे सेशन में बढ़त रही। निफ्टी 24,700 के ऊपर बंद हुआ। मीडिया स्टॉक्स को छोड़कर सभी सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर खरीदारी की वजह से बाजार में तेजी आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 544.39 अंक या 0.70 फीसदी बढ़कर 78,639.03 पर और निफ्टी 390.70 अंक या 1.60 फीसदी बढ़कर 24,774.30 पर बंद हुआ। छोटे-मझोले शेयरों में भी खरीदारी दिखी। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.2% की बढ़त हुई।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 23 अंक यानी 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ 24,642 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 0.35 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। हालांकि, स्ट्रेट टाइम्स में 0.25 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.57 फीसदी और ताइवानी बाजार में 0.07 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। लेकिन कोस्पी में करीब 0.83 फीसदी की बढ़त है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में भी 0.08 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

जुलाई में अमेरिकी विनिर्माण गतिविधि चार सालों से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। जिससे डॉव जोन्स रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक भी 2 फीसदी ऊपर बंद हुआ।

Market cues : हालिया रैली के बाद अब निफ्टी में हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन, 24774 के ऊपर जाने पर ही बढ़ेगी तेजी

डॉलर इंडेक्स

येन के मुकाबले डॉलर 0.3% बढ़कर 157.625 येन पर आ गया है। यह पिछले हफ्ते येन को सहारा देने के लिए अमेरिकी और जापानी अधिकारियों के मिलकर किए गए दखल के बाद फिर से मजबूत हुआ है। छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत मापने वाला US डॉलर इंडेक्स पिछले दो महीनों के सबसे निचले लेवल 99.99 के पास दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 0.2 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.684% पर आ गई है।

एशियाई करेंसी

US डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई करेंसी नीचे ट्रेड कर रही हैं। साउथ कोरियन वॉन में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई है। यह 0.40% बढ़ा है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया (+0.14%) और ताइवान डॉलर (+0.07%) का नंबर आता है।

उधर दूसरी तरफ जापानी येन सबसे कमजोर बना हुआ है। यह 0.23% गिरा है। जबकि सिंगापुर डॉलर,थाई बहत,चीनी रेनमिनबी,फिलीपीन पेसो और मलेशियन रिंगित भी नीचे आए हैं।

ईरान के पास सुलह का आखिरी मौका: ट्रंप

US-ईरान बातचीत को लेकर सस्पेंस कायम है। ट्रंप ने कहा है कि नया प्रस्ताव ईरान के पास सुलह का आखिरी मौका है। हलांकि ईरान का किसी भी सीधी बातचीत से इनकार है। ईरान ने कहा है कि हॉर्मूज से जहाजों की आवाजाही के लिए ओमान से बात चल रही है। ब्रेंट $84 के पास दिख रहा है।

CAS के कन्फ्यूजन पर NSE की सफाई

क्लोजिंग ऑक्शन सेसन यानी CAS पर को लेकर कल के कंफ्यूजन पर NSE ने देर रात सफाई जारी की। इसमें कहा गया कि SEBI के नियम के हिसाब से ट्रेडिंग हुई। प्री-ओपन से ज्यादा ट्रेडिंग मेंबर्स और यूनीक PAN से ऑर्डर आए।

आज नॉन रिटेल के लिए खुलेगा LIC का OFS

आज LIC का ऑफर फॉर सेल नॉन रिटेल के लिए खुल रहा है। इसके जरिए सरकार 2.5% हिस्सा बेचेगी। इसमें 4% का अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन भी मौजूद है। फ्लोर प्राइस करीब 11 फीसदी डिस्काउंट पर 382 रुपए प्रति शेयर है। OFS से सरकार करीब 31,000 करोड़ रुपए जुटा सकती है।

पेटीएम में आज 2002 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पेटीएम में आज 2002 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। शुरुआती निवेशक 2.3% हिस्सा बेच सकते हैं। फ्लोर प्राइस 5% डिस्काउंट पर करीब 1,340 रुपए प्रति शेयर तय की गई है। वहीं MEESHO में 1,900 करोड़ रुपए के बड़े सौदे हो सकते हैं। फ्लोर प्राइस 5% डिस्काउंट पर 182 रुपए प्रति शेयर तय की गई है।

डाबर को FSSAI से झटका

फूड रेगुलेटर FSSAI ने डाबर इंडिया को झटका दिया है। 100% दावों वाले फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री तत्काल रोकने का आदेश दिया गया है। गाय का घी, कोकोनट वॉटर,कोकोनट मिल्क जैसे की प्रो़क्ट्स पर एक्शन लिया गया है। FSSAI ने कहा ‘100% Natural’ और ‘100% Pure’ जैसे दावे भ्रामक हैं।

DLF के नतीजे कमजोर,रेवेन्यू और मार्जिन घटा

चौथी तिमाही में DLF के नतीजे कमजोर रहे है। इसका मुनाफा 4 परसेंट बढ़ा है। लेकिन रेवेन्यू में 53 परसेंट की गिरावट दिखी है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है। वहीं KEI इंडस्ट्रीज का प्रॉफिट 40% बढ़ा है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है। IREDA के मुनाफे में 37% की बढ़त दिखी है। इसकी ब्याज से होने वाली कमाई में 24% की ग्रोथ दिखी है।

भारती एयरटेल, ONGC के नतीजे आज

निफ्टी में शामिल भारती एयरटेल और ONGC के पहली तिमाही के नतीजे आज आएंगे। भारती एयरटेल का मुनाफा 20% बढ़ सकता है। इसका ARPU 1.5 फीसदी बढ़ सकता है। साथ ही BSE और गोदरेज प्रॉपर्टी समेत वायदा नतीजों की लंबी लिस्ट है जिनका आज इंतजार रहेगा।

डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले चार्ज के नियमों में बदलाव हो सकता है। सरकार आज लोकसभा में बिल ला सकती है। FPIs को टैक्स छूट देने वाले अध्यादेश पर भी बिल पेश हो सकता है।

Share Market New Timing: एक-दो नहीं, तीन क्लोजिंग टाइम; आज 3 अगस्त से बदल रही पूरी ट्रेडिंग

Share Market New Timing: आज तीन अगस्त है और आज से शेयर मार्केट की टाइमिंग पूरी तरह से बदल रही है। अब शाम 03:30 PM पर ही इक्विटी मार्केट में शेयरों का लेन-देन बंद नहीं होगा बल्कि 10 मिनट और मिलेंगे। हालांकि यह सुविधा सभी स्टॉक्स के लिए नहीं होगी। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने मार्केट की एफिसिएंसी और ट्रांसपैरेंसी बढ़ाने और लिक्विडिटी को बेहतर करने के साथ-साथ भारतीय शेयर मार्केट को वैश्विक मानकों के हिसाब से बनाने के लिए नया ट्रेडिंग फ्रेमवर्क लागू किया है। इसके तहत एफएंडओ (F&O) डेरिवेटिव्स सेगमेंट का समय बढ़ाकर 3:40 PM तक कर दिया गया है। हालांकि मॉर्निंग टाइम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस नए बदलाव से निवेशकों से लेकर ट्रे़डर्स तक सभी पर असर पड़ेगा।

Share Market New Timing: क्या हुआ है बदलाव

नए नियमों के तहत सेबी ने F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) सेगमेंट के ट्रेडिंग टाइम को 10 मिनट के लिए बढ़ा दिया है। स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स यानी एफएंडओ सेगमेंट में अब सुबह 9:15 AM से 3:40 PM तक ट्रेडिंग की जा सकेगी। हालांकि जो स्टॉक्स एफएंडओ सेगमेंट में नहीं हैं, उनकी ट्रेडिंग का समय पहले की तरह ही रहेगा और उनका लेन-देन 3:30 PM तक ही हो सकेगा। नए नियमों के तहत F&O वाली कंपनियों के शेयरों का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस सिर्फ आखिरी 30 मिनट के औसत भाव से तय नहीं होगा, बल्कि एक नीलामी प्रक्रिया के जरिए तय होगा।

अब ये है नियम

मार्केट में सबसे बड़ा बदलाव तो ये है कि अब एक नहीं बल्कि तीन क्लोजिंग टाइम होगा।

जो स्टॉक्स एफएंडओ सेगमेंट से बाहर हैं, उनकी सामान्य ट्रे़डिंग 03:30 तक होगी। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

F&O स्टॉक्स (कैश मार्केट) 03:15 PM तक जारी रहेगी और उसके बाद 03:35 PM तक CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) चलेगा।

स्टॉक और इंडेक्स एफएंडओ ट्रे़डिंग 03:40 PM तक चालू रहेगी।

क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए क्यों पड़ी CAS की जरूरत

ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के मुताबिक किसी शेयर का क्लोजिंग प्राइस और उसका आखरी ट्रेड प्राइस (LTP) एक नहीं होता। मान लीजिए एक शेयर पूरे दिन ₹1,000 से ₹1,010 के बीच ट्रेड हो रहा था लेकिन 3:29 PM पर किसी ने जल्दबाजी में 10 शेयर ₹980 में बेच दिए। अगर ₹980 को ही क्लोजिंग प्राइस मान लिया जाए, तो यह उस शेयर की असली वैल्यू नहीं दिखाएगा। अब तक इससे बचने के लिए VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस) मेथड का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब आज 3 अगस्त 2026 से सेबी इसे और ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) लाया है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI Buying in India: विदेशी निवेशकों ने ₹20199 करोड़ डाले भारतीय शेयरों में, 66% तो आया खास रूट से, वजह भी स्पेशल

FPI Buying in India: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने पिछले महीने जुलाई में अपनी बिकवाली का सिलसिला थाम दिया। जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयरों की बिकवाली से अधिक खरीदारी की यानी वे नेट खरीदार बन गए। उन्होंने कुल ₹20,199 करोड़ के शेयर खरीदे। इसमें से ₹6,731 करोड़ स्टॉक एक्सचेंज के जरिए आए, तो ₹13,467 करोड़ प्राइमरी मार्केट और अन्य कैटेगरी के जरिए भारतीय मार्केट में आए। सिर्फ इक्विटी मार्केट ही नहीं, बल्कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने डेट मार्केट में भी काफी हलचल बढ़ा दी और NSDL (नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) के आंकड़ों के मुताबिक अकेले जनरल लिमिट कैटेगरी के जरिए ही उन्होंने ₹29,211 करोड़ डाले।

क्या है विदेशी निवेशकों के ताबड़तोड़ खरीदारी की वजह?

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार ने दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे मार्केट के तेज उठा-पटक को ही भारतीय मार्केट में विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ खरीदारी की मुख्य वजह बताया है। उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में भारी वोलैटिलिटी और चिप ट्रेड के कंसंट्रेशन रिस्क के चलते विदेशी निवेशक भारत जैसे स्थिर बाजारों की तरफ रुख कर रहे हैं। इसके अलावा रुपए की स्थिरता और भारतीय मार्केट में लार्ज कैप के बेहतर वैल्युएशन ने निवेश को सपोर्ट किया है। विजयकुमार के मुताबिक विदेशी निवेशकों के ताबड़तोड़ निवेश की एक अहम बात ये है कि वे अपना निवेश भारतीय मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप में बढ़ा रहे हैं क्योंकि लार्ज कैप की तुलना में इन सेगमेंट्स में ग्रोथ की गुंजाइश अधिक है।

जुलाई में कैसी रही भारतीय मार्केट की चाल

लगातार चार महीने की गिरावट के बाद अप्रैल 2026 में निफ्टी 7.46% मजबूत हुआ लेकिन फिर मई में यह 1.87% कमजोर हुआ। इसके बाद निफ्टी ने फिर करवट ली और जून महीने में 1.35% मजबूत हुआ और जुलाई में 2.17% चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 मार्च में 10.19% की गिरावट के बाद लगातार चौथे महीने जुलाई में मजबूत हुआ। अप्रैल में 18.44%, मई में 0.73% और जून में 3.99% की तेजी के बाद जुलाई में यह 2.53% मजबूत हुआ। अब निफ्टी मिडकैप 100 की बात करें तो इसमें भी स्मॉलैकप दैसा रुझान दिखा। मार्च में 10.94% की गिरावट के बाद लगातार चौथे महीने जुलाई में यह मजबूत हुआ। अप्रैल में 13.55%, मई में 3.24% और जून में 0.12% की तेजी के बाद जुलाई में यह 1.81% ऊपर चढ़ा।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है। FIIs की कैश में करीब 1700 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लेकिन फ्यूचर्स में खरीदारी हुई है। FIIs के लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो में सुधार हुआ है। ऐसे में करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त तेजी दिखी और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में आई कमी से बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और निफ्टी 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,दिन के ज्यादातर समय बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करते रहे,लेकिन आखिरी घंटे में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली,जिससे निफ़्टी 24,000 के स्तर के पार चला गया और बाजारर दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,996.50 पर ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत मिल रहा है।

Market cues : निफ्टी के 24000 के ऊपर जाने पर ही आएगी तेजी, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 में 0.02% की मामूली बढ़त हुई और यह 7,413.18 के लेवल पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

27 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

पश्चिम एशिया में अटैक थमने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है। ब्रेंट का भाव $88 के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है।

एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा

इधर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 परसेंट के लोअर सर्किट पर है। निक्केई 4 परसेंट टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले हैं।

मिले-जुले रहे कोल इंडिया के नतीजे

पहली तिमाही में कोल इंडिया के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में करीब एक परसेंट की बढ़त देखने को मिली है। रेवेन्यू 8% बढ़ा है। मार्जिन पर दबाव दिखा है। वहीं BEL का प्रॉफिट 9% बढ़ा है। कंपनी के रेवेन्यू में 25% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन मार्जिन में कमी दिखी है।

कोफोर्ज का मुनाफा घटा,हैपिएस्ट माइंड का अच्छा परफॉर्मेंस

कोफोर्ज का पहली तिमाही में मुनाफा 15 परसेंट लुढ़का है। लेकिन डॉलर आय 21 परसेंट बढ़ी है। इधर हैपिएस्ट माइंड का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। पहली तिमाही में इसका मुनाफा 10.5% बढ़ा है। आय में 4 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। लेकिन EBIT मार्जिन फ्लैट रहे हैं।

टाटा पावर के अच्छे नतीजे, मुनाफे से घाटे में आई टाटा केमिकल्स

पहली तिमाही में टाटा पावर के नतीजे अनुमान से अच्छे रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 11% तो रेवेन्यू करीब 6% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है।वहीं दूसरी ओर टाटा केमिकल्स मुनाफे से घाटे में आई है। कंपनी को 252 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले हुआ 17 करोड़ का घाटा हुआ है। साथ ही मार्जिन में भी कमी आई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स के कमजोर नतीजे, फ्लैट रहा इंडस टावर का मुनाफा

पहली तिमाही में Godfrey Phillips के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 44% तो रेवेन्यू 19% घटा है। मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं इंडस टावर का प्रॉफिट फ्लैट रहा है। इसके रेवेन्यू में करीब 5% की बढ़त दिखी है।

HUL और L&T के Q1 नतीजे आज

निफ्टी में आज HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL का मुनाफा फ्लैट रह सकता है। 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद। वहीं L&T के नंबर्स कमजोर रह सकते हैं। मार्जिन पर दबाव मुमकिन है। आज वायदा में रैडिको खेतान और वरुण बेवरेजेज समेत 7 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।

MSRDC रिव्यू में HDFC बैंक में बड़ा एक्शन

HDFC Bank में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। MSRDC मामले में MD & CEO शशिधर जगदीशन समेत CFO और रिटेल असेट हेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने कहा है कि यह मामला बीजनेस ओवररीच का है। गलत नीयत का नहीं है। RBI को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

Market Outlook : लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा, जानिए 28 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने 27 जुलाई को लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया और निफ्टी 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ। लगभग 2646 शेयरों में बढ़त देखी गई,1530 शेयरों में गिरावट आई और 176 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में एटरनल,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में ONGC,सिप्ला,HDFC लाइफ,HDFC बैंक और डॉ.रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी मीडिया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2.4% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी IT का नंबर रहा,जिसमें 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी में 2.2% की तेजी आई,जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में 1.6% और 1.5% की बढ़त हुई।

अन्य सेक्टरों में निफ्टी FMCG में 1%,निफ्टी बैंक में 0.7%,निफ्टी इंफ्रा में 0.66%,निफ्टी मेटल में 0.6%,निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45%,निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.42% और निफ्टी PSU बैंक में 0.22% की बढ़त हुई।

ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क इंडेक्स की तरह ही बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.3% की तेजी आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में हमलों के रुकने से इंपोर्ट की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं,जिससे बाजार में रिलीफ रैली आई है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में कमी से भी उम्मीदें बढ़ी हैं। इस हफ्ते यूएस फेड,बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान जैसे बड़े सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी मीटिंग्स में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के लिए ज्यादा लचीलापन मिल सकता है। घरेलू मोर्चे पर,बारिश की कमी में सुधार से महंगाई के हालात को लेकर राहत मिली है,साथ ही उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों और पॉज़िटिव बिजनेस आउटलुक से भी मदद मिली है।

निफ्टी व्यू

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी,रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि तकनीकी तौर पर, निफ्टी ने 23,600 के जोन के आस-पास अहम ट्रेंडलाइन सपोर्ट को बचाते हुए अच्छी रिकवरी की है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी 24,000–24,150 के तत्काल रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह रेंज इसके 20-डे और 100-डे के DEMA के साथ मेल खाती है,जिससे यह जोन बुल्स के लिए एक बड़ी रुकावट बन गया है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर बंद होता है तो यह 24,400 के स्तर तक और रिकवरी का रास्ता खोल सकता है।

प्रॉफिट बुकिंग होने पर नीचे की तरफ 23,600–23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता। मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए,हम स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह देते हैं। इसमें अलग-अलग सेक्टर के तुलनात्क रूप मजबूत शेयरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है, जिससे इंडेक्स में रिकवरी आई है। लगातार दूसरे दिन रिकवरी के साथ इंडेक्स ने 50EMA का लेवल फिर से हासिल कर लिया है। ऑवरली चार्ट पर RSI बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है।

मंगलवार को NSE F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर जाता है और वहां बना रहता है तो हम 24,250–24,300 की ओर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि,अगर यह 24,000 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो 23,800 की ओर करेक्शन देखने को मिल सकता है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी का सेशन एक छोटी’डोजी कैंडलस्टिक’के साथ खत्म हुआ। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। वहीं,आवरली चार्ट पर पॉजिटिव RSI डाइवर्जेंस शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत दे रहा है। हालांकि,इंडेक्स को अभी भी 57,400 के आसपास एक बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जहां इसका 200-DMA भी है।

अगर बैंक निफ्टी मजबूती से इस लेवल के ऊपर बंद होता है तो 58,500 की ओर रिकवरी आ सकती है। जब तक इंडेक्स अपने 200-DMA के ऊपर वापस नहीं आता और वहां नहीं पाता तब तक सावधानी बरतने की सलाह होगी। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,800 पर है। जबकि रेजिस्टेंस लेवल 57,500 और 58,000 पर दिख रहे हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।