Infosys के सीईओ सलील पारेख पद छोड़ेंगे, आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ

इंफोसिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख पद छोड़ेंगे। उनकी जगह आशीष कुमार दास लेंगे। इंफोसिस ने यह ऐलान 23 जुलाई को किया। पारेख बीते 9 सालों से कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी को मुश्किल दौर से निकाला। उनके कार्यकाल में कंपनी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजें देखने को मिलीं।

दास की नियुक्ति को बोर्ड की मंजूरी

Infosys ने कहा कि पारेख कार्यकाल पूरा होने पर पद छोड़ देंगे। कंपनी ने यह भी कहा कि बोर्ड ने सीईओ पद पर आशीष कुमार दास की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। पारेख ने जनवरी 2018 में इंफोसिस के बॉस की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नाम सबसे लंबे समय तक कंपनी का सीईओ रहने का रिकॉर्ड है। 5 साल का उनका मौजूदा कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने 23 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। नए सीईओ की नियुक्ति का ऐलान कंपनी की एनुअल रिपोर्ट और एजीएम नोटिस के कई हफ्ते बाद हुआ। इससे पहले यह नहीं बताया गया था कि बोर्ड मार्च 2027 के बाद उनका कार्यकाल बढ़ाना चाहता है या नहीं। इससे निवेशकों के बीच पारेख के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा हो रही थी।

नए सीईओ में ये योग्यताएं चाहती है कंपनी 

इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा, “बोर्ड दास को सीईओ डेजिग्नेट नियुक्त कर खुशी महसूस कर रहा है। हमारी इंडस्ट्री बड़े बदलाव के समय से गुजर रही है। बोर्ड की स्पष्ट सोच थी कि हमारे अगले सीईओ के पास कंपनी की वैल्यू और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के साथ बड़े बदलाव के लिए तैयार रहने की योग्यता होनी चाहिए। इस बात की मुझे काफी खुशी है कि कंपनी का एग्जिक्यूटिव हमारा अगला सीईओ होगा।”

पारेख ने कंपनी को सफल नेतृत्व दिया

उन्होंने कहा कि बोर्ड की तरफ से मैं 9 साल की शानदार लीडरशिप के लिए पारेख को धन्यवाद देता हूं। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अपनी लीडरशिप पोजीशन को और मजबूत की। अपनी क्षमता में इजाफा किया। शेयरहोल्डर्स को रिवॉर्ड दिया और भविष्य में ग्रोथ के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया। कंपनी में बड़े बदलाव में सलील की बड़ी भूमिका रही। वह 31 मार्च, 2027 तक कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे।

पारेख के कार्यकाल में रेवेन्यू 20 अरब डॉलर के पार

पारेख के नेतृत्व में इंफोसिस ने क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी पोजीशन मजबूत की। उनके कार्यकाल में कंपनी का रेवेन्यू 20 अरब डॉलर को पार कर गया। हाल में पारेख ने जेनेरेटिव एआई की दिशा में इंफोसिस की पहली का नेतृत्व किया। कंपनी एआई प्लेटफॉर्म्स, एंटरप्राइज एआई ऑफरिंग्स और वर्कफोर्स रीस्किलिंग में काफी निवेश कर रही है।

IndusInd Bank Q1 Results: प्रॉफिट 47% बढ़कर 1003 करोड़ रुपये रहा, एसेट क्वालिटी बेहतर हुई

IndusInd Bank Q1 Results: इंडसइंड बैंक ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 47 फीसदी बढ़कर 1,003 करोड़ रुपये रहा। इसमें संभावित बैड लोन के लिए बैंक की कम प्रोविजनिंग का बड़ा हाथ रहा। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 684 करोड़ रुपये था। जून तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई।

स्ट्रॉन्ग मैनेजमेंट के साथ ग्रोथ के एजेंडा पर फोकस

IndusInd Bank के एमडी और सीईओ राजीव आनंद ने कहा, “इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हमने स्ट्रेटेजिक प्रायरिटीज पर फोकस बनाए रखा। हमारा जोर ग्रोथ, बैलेंसशीट की मजबूती और फ्रैंचाइज क्वालिटी पर रहा। हमें अनुभवी लीडरशिप टीम का सपोर्ट मिला। हम अच्छे रिस्क मैनेजजमेंट के साथ ग्रोथ के अपने एजेंडा पर अमल कर रहे हैं।”

रिटेल, एसएमई सहित डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो पर जोर

उन्होंने कहा कि हम रिटेल, एसएमई और रूरल बिजनेसेज सहित डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो बना रहे हैं। इसमें ग्रामीण इलाकों में विस्तार से शामिल है। हम माइक्रोफाइनेंस से आगे जाना चाहते है। साथ ही टेक्नोलॉजी और एआई-आधारित केपैबिलिटीज के जरिए कस्टमर एक्सपीरियंस बढ़ाने के लिए हम इनवेस्ट कर रहे हैं।

टैक्स बाद 1,037 करोड़ रुपये का प्रॉफिट

आनंद ने कहा कि जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट का असर वैश्विक स्थिति पर पड़ रहा है। इस बीच, हमारा जोर सस्टेनेबल ग्रोथ पर है। इंडिया में ग्रोथ को बढ़ाने वाले फैक्टर्स स्ट्रॉन्ग है। बैंक ने प्रोविजन से पहले 2,773 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया, जबकि टैक्स के बाद प्रॉफिट 1,037 करोड़ रुपये रहा। बैंक का कैपिटल एडक्वेसी 17.15 फीसदी रहा। लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 27 फीसदी रहा।

नेट इंटरेस्ट इनकम 4,685 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में ग्रॉस एनपीए 3.25 फीसदी और नेट एनपीए 0.95 फीसदी रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम इस दौरान 4,685 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,640 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.57 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 3.46 फीसदी था। यील्ड ऑन एसेट्स 8.62 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 9.15 फीसदी थी।

कॉस्ट ऑफ फंड्स घटकर 5.05 फीसदी 

जून तिमाही में इंडसइंड बैंक की कॉस्ट ऑफ फंड 5.05 फीसदी रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 5.69 फीसदी थी। बैंक का लोन तिमाही दर तिमाही आधार पर 3.3 फीसदी बढ़ा। यह बीत छह तिमाहियों में तिमाही दर तिमाही आधार पर लोन में पहली ग्रोथ है। हालांकि, एक साल पहले के मुकाबले यह अब भी 2.3 फीसदी कम है।

22 जुलाई को बैंक के शेयर चढ़कर बंद हुए

इंडसइंड बैंक का शेयर 22 जुलाई को करीब 1 फीसदी चढ़कर 1,072 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दिखी। निफ्टी 0.79 फीसदी यानी 191 अंक गिरकर 23,996 पर रहा। सेंसेक्स 0.92 फीसदी यानी 715 अंक गिरकर 76,755 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.23 फीसदी गिरावट आई। मिडकैप शेयरों पर भी दबाव दिखा।

Share Market Crash: खास वजहों से IT-Pharma Sector में बिकवाली की आंधी, 500 प्वाइंट्स टूट गया Sensex

Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए। फार्मा सेक्टर में जेनेरिक्स दवाईयों पर अमेरिकी टैरिफ और एआई से जुड़े शेयरों में तेजी के चलते भारतीय आईटी स्टॉक्स पर दबाव में सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24000 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी तक की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:34 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 564.77 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 76,905.34 और निफ्टी (Nifty) 158.00 प्वाइंट्स यानी 0.65% की फिसलन के साथ 24,029.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 581.61 प्वाइंट्स टूटकर 76,888.50 और निफ्टी 168.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,019.40 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

US-Iran War

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वीं रात हवाई हमले किए। इन हमलों में मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसने मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर किया है।

आईटी-फार्मा सेक्टर में तेज बिकवाली

मार्केट पर आज सबसे अधिक दबाव फार्मा सेक्टर ने बनाया है। ट्रंप ने अपनी पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयों को भी शामिल किया तो इस सेक्टर की कंपनियों को झटका लगा और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक फिसल गया। इसके अलावा एआई से जुड़े स्टॉक्स में तेजी के चलते भारतीय मार्केट में आईटी कंपनियों पर दबाव पड़ा और निफ्टी आईटी 1% से अधिक टूट गया। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में भी बिकवाली का तेज दबाव है और सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 3.25% की गिरावट के साथ 13.01 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

US-Iran War: अब आर-पार के मूड में ट्रंप! अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर पर की बमबारी, होर्मुज में बढ़ा तनाव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जब टूट चुकी थीं पीवी सिंधु, तब विराट कोहली ने कही ऐसी बात जिसने बदल बदल दिया सब कुछ

कभी-कभी एक बातचीत पूरी जिंदगी बदल देती है।

पीवी सिंधु के लिए भी ऐसा ही हुआ। दो साल से ज्यादा समय तक ट्रॉफी का इंतजार, लगातार चोटें, पेरिस ओलंपिक में निराशा और आलोचनाओं के बीच सिंधु एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई थीं, जहां उन्हें सिर्फ एक सलाह नहीं, बल्कि एक नई सोच की जरूरत थी। यह नई दिशा उन्हें भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली से मिली।

 

जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने के बाद सिंधु ने खुलासा किया कि उनके करियर के सबसे मुश्किल दौर में विराट कोहली से हुई एक मुलाकात ने उन्हें फिर से अपने खेल से प्यार करना सिखाया।

जब पीवी सिंधु ने विराट कोहली को किया फोन…

 

लगातार चोटों और खराब प्रदर्शन से जूझ रहीं सिंधु मानसिक रूप से बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही थीं। स्ट्रेस फ्रैक्चर के बाद वापसी आसान नहीं थी। पेरिस ओलंपिक में शुरुआती हार ने आत्मविश्वास को और झटका दिया। ऐसे समय में उन्होंने विराट कोहली को संदेश भेजा।

 

सिंधु ने बताया कि विराट ने कुछ ही मिनटों में जवाब दिया और अगले ही दिन बेंगलुरु में उनसे मुलाकात की। उनके साथ पति वेंकट दत्ता साई भी मौजूद थे, जिन्होंने पूरे कमबैक के दौरान उनका साथ दिया और नई सपोर्ट टीम तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

 

सिंधु ने कहा कि उस बातचीत की बातें वह कभी सार्वजनिक नहीं करेंगी, लेकिन विराट के हर शब्द ने उनकी सोच बदल दी।

 

 

 

विराट की सलाह: ट्रॉफी नहीं, खेल से प्यार करो

 

सिंधु को लगा था कि शायद उन्हें तकनीक, फिटनेस या रणनीति पर सलाह मिलेगी, लेकिन विराट कोहली ने बिल्कुल अलग बात कही। उन्होंने सिंधु से कहा कि ट्रॉफी के पीछे भागना छोड़ो और उस खुशी को दोबारा खोजो, जिसकी वजह से तुमने बैडमिंटन खेलना शुरू किया था। यही बात सिंधु के दिल को छू गई।

 

उन्होंने कहा कि अब वह सुबह 5:30 बजे सिर्फ मेडल या ट्रॉफी के लिए नहीं उठतीं, बल्कि इसलिए क्योंकि उन्हें फिर से अपने खेल से प्यार हो गया है।

PV Sindhu

 

सिर्फ मानसिक नहीं, खेल में भी आया बड़ा बदलाव

 

सिंधु की वापसी सिर्फ सोच बदलने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने खेल पर भी पूरी तरह काम किया।

 

कोच इरवांश्या, स्ट्रेंथ ट्रेनर वेन लोम्बार्ड और अपनी टीम के साथ उन्होंने फिटनेस पर मेहनत की। करीब 3.5 किलो वजन कम किया, नेट गेम बेहतर बनाया, लंबी रैलियों में धैर्य सीखा और सिर्फ स्मैश पर निर्भर रहने की बजाय ड्रॉप, हाफ स्मैश और क्लियर जैसे शॉट्स को हथियार बनाया।

 

अब उनकी तैयारी में डेटा एनालिटिक्स और एआई आधारित मॉनिटरिंग भी शामिल है, जिससे शरीर पर पड़ने वाले दबाव, रिकवरी और मूवमेंट का लगातार विश्लेषण किया जाता है।

 

जापान ओपन में इतिहास, सूखा भी खत्म

 

नई सोच और नई तैयारी का असर जापान ओपन के फाइनल में साफ दिखाई दिया।

 

सिंधु ने मेजबान जापान की स्टार खिलाड़ी अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर पहली बार जापान ओपन का खिताब अपने नाम किया।

 

इसके साथ ही वह:

 

  • जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बनीं।
  • BWF सुपर 750 खिताब जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी बनीं।
  • दो साल से ज्यादा समय से चला आ रहा उनका टाइटल सूखा भी खत्म हुआ।

 

फाइनल में कई बार यामागुची ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इस बार सिंधु घबराईं नहीं। उन्होंने धैर्य और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला खत्म किया

 

'अब जवाब देने की जरूरत नहीं, खुद पर भरोसा काफी है'

 

सिंधु ने कहा कि इस पूरे दौर में उन्होंने कभी खुद से यह नहीं पूछा कि उनका करियर खत्म हो गया है या नहीं। हालांकि चोटों के दौरान कई बार मन में सवाल जरूर आते थे कि क्या वह पहले जैसी वापसी कर पाएंगी।

 

लेकिन अब उनका विश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।

 

उनके शब्दों में, यह खिताब सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि इस बात का सबूत है कि उनकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

 

जीत सिर्फ जापान ओपन की नहीं, खुद पर भरोसे की भी थी

पीवी सिंधु की यह वापसी सिर्फ एक बैडमिंटन खिलाड़ी की सफलता नहीं है। यह उस जज्बे की कहानी है, जिसमें चोटें थीं, आलोचनाएं थीं, निराशा थी, लेकिन हार मानने का विकल्प नहीं था।

 

विराट कोहली की एक साधारण-सी सलाह—“खेल में फिर से खुशी ढूंढो”—ने सिंधु को ट्रॉफी से पहले खुद से दोबारा मिलाया।

 

और शायद यही वजह है कि जापान ओपन की ट्रॉफी उनके हाथों में आने से पहले उनकी सबसे बड़ी जीत उनके भीतर हो चुकी थी।

MTAR Tech के शेयर में चौथे दिन लगा लोअर सर्किट, बीते 30 दिन में शेयर 34% क्रैश

एमटीएआर के शेयरों में बीते कुछ हफ्तों में बड़ी बिकवाली दिखी है। बीते एक महीने में यह शेयर 34 फीसदी से ज्यादा गिरा है। एक हफ्ते में यह करीब 17 फीसदी फिसला है। 21 जुलाई को लगातार चौथे सत्र इस शेयर में बड़ी गिरावट दिखी। 5 फीसदी गिरने के बाद इस शेयर में लोअर सर्किट लग गया।

MTAR Technologies के शेयर में 21 जुलाई को लगातर चौथे सत्र लोअर सर्किट लगा। इससे पहले अमेरिकी कंपनी ब्लूम एनर्जी के शेयर में बड़ी गिरावट आई। यह शेयर बीते एक महीने में 38 फीसदी फिसला है। दुनियाभर के शेयर बाजारों में एआई-लिंक्ड स्टॉक्स में कमजोरी का असर ब्लूम एनर्जी पर पड़ा है।

एमटीएआर टेक्नोलॉजीज के बारे में एनालिस्ट्स का कहना है कि गिरावट के बावजूद शेयर स्ट्रॉन्ग दिख रहा है। हालांकि, नई खरीदारी में जल्दबाजी ठीक नहीं होगी। एसबीआई सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड सनी अग्रवाल ने कहा कि FY28 में एमटीएआर के शेयर का अर्निंग्स प्रति शेयर 100 रुपये रहने की संभावना है। FY26-FY28 के बीच अर्निंग्स की सीएजीआर 50 फीसदी से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “50 गुना के पी/ई मल्टीपल पर इस बिजनेस की फेयर वैल्यू 5,000 करोड़ रुपये है। इस प्राइस टारगेट को ध्यान में रख इनवेस्टर्स कीमत में गिरावट पर इस शेयर को खरीद सकते है। 4,000 रुपये के प्राइस पर नए निवेशकों के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो फेवरेबल दिखता है।”

एमटीएआर का शेयर बीते छह महीनों में 123 फीसदी चढ़ा है, क्योंकि दुनियाभर में एआई से जुड़े शेयरों में तेजी आई थी। इस उम्मीद में शेयरों में तेजी आई थी कि कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन की बड़ी प्लेयर के रूप में उभरेगी। Bloom Energy से MTAR Technologies के जुड़ाव से इस सोच को और मजबूती मिली। ब्लूम एनर्जी एआई डेटा सेंटर्स को फ्यूल सेल सॉल्यूशंस सप्लाई करती है।

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 1:30 बजे निफ्टी 0.29 फीसदी यानी 70 अंक गिरकर 24,169 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.35 फीसदी यानी 271 अंक की कमजोरी के साथ 77,433 था। बैंक निफ्टी में 0.05 फीसदी की कमजोरी दिखी। 20 जुलाई को भी शेयर बाजार में गिरावट आई थी।

GATE 2027: फरवरी 2027 में होगी गेट परीक्षा, आईआईटी मद्रास ने रोबोटिक्स का पेपर किया शुरू

GATE 2027: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसका आयोजन 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027 को हर दिन सुबह और दोपहर दो शिफ्ट में होगा। आईआईटी मद्रास, नेशनल कोऑर्डिनेशन बोर्ड (GATE), शिक्षा मंत्रालय की ओर से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) और दूसरे आईआईटी के साथ मिलकर GATE 2027 का आयोजन कर रहा है। पहली बार 1983 में शुरू हुई परीक्षा का इस साल 45वां एडिशन है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अगस्त 2026 के बीच में आधिकारिक गेट 2027 पोर्टल के जरिए शुरू होने की उम्मीद है। सुरक्षा बढ़ाने और परीक्षा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, आईआईटी मद्रास उम्मीदवारों के पंजीकरण को डिजिलॉकर और फेशियल ऑथेंटिकेशन के साथ जोड़ेगा। इससे परीक्षा केंद्र पर वेरिफिकेशन और प्रवेश आसान हो जाएगा। आईआईटी मद्रास ने बदलते एकेडमिक ट्रेंड और इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पांच साल में पहली बार सभी टेस्ट पेपर के लिए गेट सिलेबस में बदलाव किया है।

गेट 2027 परीक्षा की संभावित तारीख ब्रांच शेड्यूलिंग

गेट के पेपर का मूल कार्यक्रम परीक्षा की तारीख करीब आने पर जारी किया जाता है, लेकिन ज्यादा वॉल्यूम वाले पेपर आम तौर पर स्टैंडर्ड शेड्यूलिंग पैटर्न को फॉलो करते हैं। अनुमान है कि इस बार पेपरों का शेड्यूल कुछ इस प्रकार रहेगा

6–7 फरवरी : कंप्यूटर साइंस (CS), मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME), इंस्ट्रूमेंटेशन (IN), और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) का बंटवारा।

13–14 फरवरी : सिविल इंजीनियरिंग (CE), इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन (EC), केमिकल इंजीनियरिंग (CH), और प्राइमरी साइंसेज स्ट्रीम।

20–21 फरवरी : डेटा साइंस और AI (DA), नए एडिशन, और बचे हुए स्पेशलाइज्ड पेपर।

नया पेपर पेश किया गया

अपडेट के हिस्से के तौर पर, गेट 2027 से एक नया रोबोटिक्स और ऑटोमेशन (RA) पेपर का विकल्प भी छात्रों को मिलेगा। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और फाइबर साइंस (TF) पेपर को भी रीस्ट्रक्चर किया गया है और अब इसे इंजीनियरिंग साइंसेज (XE) के तहत एक सेक्शनल पेपर के तौर पर पेश किया जाएगा। गेट 2027 सिर्फ अंग्रेजी में ही होगा और इसमें 30 टेस्ट पेपर होंगे। परीक्षार्थियों के पास आयोजक संस्थान द्वारा तय कॉम्बिनेशन के आधार पर एक या दो पेपर देने का विकल्प होगा।

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

गेट 2027 में शामिल होने के लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। जिन परीक्षार्थियों ने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स में बैचलर डिग्री पूरी कर ली है, या अभी फाइनल ईयर में हैं, वे आवेदन करने के योग्य हैं। पहले पेश किए गए बदले हुए योग्यता मानदंड के अनुसार, बीटेक कार्यक्रम के तीसरे साल के छात्रों को भी परीक्षा देने की इजाजत है।

गेट 2027 का एडमिट कार्ड जनवरी में जारी होगा

गेट 2027 एडमिट कार्ड जनवरी 2027 में GOAPS (GATE Online Application Processing System) पोर्टल के जरिए जारी होने की उम्मीद है। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने वाले उम्मीदवार अपनी एनरोलमेंट आईडी/ईमेल आईडी और पासवर्ड से लॉग इन करके अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर पाएंगे।

गेट 2027 रिजल्ट की तारीख

गेट 2027 रिजल्ट 19 मार्च 2027 (शुक्रवार) को घोषित किया जाएगा। रिजल्ट घोषित होने के बाद कैंडिडेट अपनी एनरोलमेंट आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके GOAPS पोर्टल पर अपने स्कोरकार्ड देख पाएँगे।

गेट 2027 एग्जाम पैटर्न और क्वेश्चन पेपर

ऑफिशियल वेबसाइट एग्जाम पैटर्न के बारे में भी जानकारी देती है। कैंडिडेट इनके बारे में जानकारी पा सकते हैं:

  • एग्जाम का समय
  • सवालों का टाइप
  • मार्किंग स्कीम
  • मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs)
  • मल्टीपल सेलेक्ट सवाल (MSQs)
  • न्यूमेरिकल आंसर टाइप (NAT) सवाल

पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर भी उपलब्ध हैं ताकि परीक्षार्थी को परीक्षा फॉर्मेट समझने में मदद मिल सके।

IIM admission after 12th: जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर पर आईआईएम में सीधे प्रवेश, एआई-डाटा साइंस में बीबीए और बीएस करने का मौका

IIM admission after 12th: जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर पर आईआईएम में सीधे प्रवेश, एआई-डाटा साइंस में बीबीए और बीएस करने का मौका

IIM admission after 12th: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में दाखिले का सपना देखने वाले छात्र अब तक ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद ही ऐसा कर सकते थे। लेकिन अब कई आईआईएम अपने कैंपस 12वीं पास छात्रों के लिए खोल रहे हैं। इसके लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) परीक्षा देने की भी जरूरत नहीं है। जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर की मदद से छात्र ग्रेजुएट कोर्स भी आईआईएम से कर सकते हैं।

इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वे अपनी प्रवेश परीक्षा भी लेते हैं। 12वीं के बाद जेईई के स्कोर के आधार पर छात्र मैनेजमेंट, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल बिजनेस के यूजी कोर्स आईआईएम से कर सकते हैं। बैचलर प्रोग्राम चलाने वाले आईआईएम में आईआईएम लखनऊ, आईआईएम बेंगलुरू, आईआईएम मुंबई, आईआईएम कोझिकोड और आईआईएम संबलपुर शामिल हैं।

आईआईएम लखनऊ से करें एआई और बिजनेस एनालिटिक्स में बीएस

यह कोर्स 2026 में लॉन्च हुआ उन छात्रों के लिए है जो टेक और मैनेजमेंट का कॉम्बिनेशन पढ़ना चाहते हैं। ये छात्र आईआईएम के लखनऊ कैंपस से एआई और बिजनेस एनालिटिक्स में बैचलर ऑफ साइंस (BS) कर सकते हैं। यह प्रोग्राम फिलहाल आईआईएम में अकेला ऐसा अंडरग्रेजुएट कोर्स है, जो जेईई एडवांस्ड के जरिए छात्रों को प्रवेश देता है।

आईआईएम बेंगलुरु से डिजिटल बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप में ऑनलाइन बीबीए

आईआईएम बेंगलुरु डिजिटल बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप में तीन साल का ऑनलाइन बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) कोर्स करवा रहा है। इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए आप जेईई मेन (JEE Main) या फिर सीयूईटी यूजी (CUET UG) दोनों में से किसी भी माध्यम का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह प्रोग्राम खास तौर पर उन नौजवानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिनका दिमाग हमेशा नए बिजनेस आइडियाज, डिजिटल ट्रां सफॉर्मेशन और स्टार्टअप्स की दुनिया में दौड़ता रहता है।

आईआईएम मुंबई करवा रहा डिजिटल साइंस और बिजनेस मैनेजमेंट में बीएस

आईआईएम मुंबई ने अपना पहला अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम लॉन्च कर दिया है। यह चार साल का बैचलर ऑफ साइंस (BS) कोर्स है, जिसे खासतौर पर डिजिटल साइंस और बिजनेस मैनेजमेंट की बारीकियों को सिखाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एडमिशन पूरी तरह से जेईई मेन (JEE Main) के स्कोर के आधार पर होता है। इसके पहले बैच में सिर्फ 70 सीटें रखी गई हैं, जो इसे आईआईएम में सबसे अधिक कॉम्पिटेटिव यूजी कोर्स बनाती हैं। जेईई मेन में आपके शानदार प्रदर्शन के आधार पर आपको शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और फिर पर्सनल इंटरव्यू (PI) के लिए बुलाया जाएगा। ध्यान रहे, फाइनल मेरिट लिस्ट में आपके इंटरव्यू का 30% वेटेज होगा।

आईआईएम कोझिकोड दे रहा बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की डिग्री

आईआईएम कोझिकोड जेईई मेन के जरिए आपको सीधे तौर पर एडमिशन नहीं देता है। इसके बजाय, जेईई मेन में 80 या उससे ज्यादा परसेंटाइल हैं, या सैट (SAT) परीक्षा में 1300 या उससे ज्यादा स्कोर वाले छात्रों को आईआईएम कोझिकोड के एप्टीट्यूड टेस्ट से पूरी तरह छूट मिल जाती है। योग्य छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के बाकी चरणों में हिस्सा लेना ही होगा, जिसमें इंस्टिट्यूट की अपनी चयन प्रक्रिया और इंटरव्यू शामिल है।

आईआईएम संबलपुर से पाएं डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीएस

आईआईएम संबलपुर ने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीएस (BS) प्रोग्राम शुरू किया है। इस कोर्स में भी एंट्री पाने के लिए जेईई मेन का स्कोर जरूरी है। कॉलेज उम्मीदवारों को जेईई मेन स्कोर का इस्तेमाल करके शॉर्टलिस्ट करता है और फिर शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट्स को पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इस कोर्स के लिए अधिकतम 20 साल की उम्र के आवदक अप्लाई कर सकते हैं। सरकारी नियमों के मुताबिक रिजर्व कैटेगरी के छात्र-छात्राओं को उम्र सीमा में जरूरी छूट भी दी जाती है।

ATMA July Result 2026: जुलाई सत्र का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर देखें उम्मीदवार, अगस्त सत्र के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

Samsung ने अमेरिका में मचाया कहर, इस कारण कई एंप्लॉयीज की कर दी छुट्टी

Samsung Lays Off: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अमेरिका में अपने एंप्लॉयीज को तगड़ा शॉक दिया है। कंपनी ने अमेरिका मपने डिस्प्ले, मोबाइल फोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस से कुछ एंप्लॉयीज को बाहर किया है और इसकी मार मुख्य रूप से न्यू जर्सी और टेक्सास में पड़ी है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी कंपनी के डॉक्यूमेंट्स और मामले से परिचित दो सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसमें कितने एंप्लॉयीज की नौकरी गई है, ये तो नहीं पता चल सका लेकिन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक यूनिट ने 30 जून को कुछ एंप्लॉयीज को पूरी कंपनी में छंटनी के बारे में जानकारी दी थी और कहा था कि इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

दक्षिण कोरियाई कंपनी ने रविवार को बताया कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका (SEA) के हेडक्वार्टर को टेक्सास ले जाने की योजना से न्यू जर्सी के एंगलवुड क्लिफ्स में 739 एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। इसमें से अधिकतर को नई जगह काम करने का ऑफर दिया गया तो कुछ की छुट्टी कर दी गई है। SEA का फोकस कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर है और इसमें चिप्स का बिजनेस शामिल नहीं है। न्यूज एजेंसी रायटर्स को सूत्रों ने बताया कि टेक्सास के प्लानो में एसईए के ऑफिस में करीब 100 वर्कर्स की छुट्टी की गई है जिसमें से कुछ मोबाइल डिविजिन के थे।

Samsung के भीतर बिजनेस की अलग-अलग तस्वीरें

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में यह जो छंटनी हुई, वह हेडक्वार्टर शिफ्ट होने के चलते हुई है लेकिन यह कंपनी के अलग-अलग बिजनेस की स्थिति को भी दिखाता है। एक तरफ कंपनी का चिप बिजनेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके मोबाइल, टीवी और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस पर चिप की बढ़ती लागत और कॉम्पटीशन का दबाव बना हुआ है।

सैमसंग पहले ही संकेत दे चुकी है कि एआई से जुड़ी चिप्स की मजबूत मांग के चलते दूसरी तिमाही का मुनाफा 19 गुना तक बढ़ सकता है और पिछले महीने ही कंपनी ने नए चिप प्लांट्स में सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की योजना का भी ऐलान किया था। वहीं दूसरी तरफ कंपनी का मोबाइल बिजनेस पहली बार घाटे में जा सकता है। इसे एपल के साथ-साथ चीन की कंपनियों- टीसीएल और हिसेंसे से टीवी और घरेलू उपकरणों के बाजार में कड़ी चुनौती मिल रही है। इसके अलावा एआई बूम के कारण चिप्स की लागत बढ़ी है जिससे कंपनी के सभी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है।

चौंकाने वाला है फैसला

हेडक्वार्टर शिफ्ट करने का सैमसंग का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि न्यू जर्सी में इसके एंप्लॉयीज एक साल से भी कम समय पहले नए ऑफिस में शिफ्ट हुए थे। सितंबर में नए ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर अमेरिकी सांसद जॉश गॉटहाइमर भी मौजूद थे और उनकी प्रेस रिलीज के मुताबिक एसईए न्यू जर्सी में करीब 1200 एंप्लॉयीज हैं। रायटर्स ने कुछ लिंक्डइन पोस्ट को रिव्यू कर पाया कि टेक्सास और न्यू जर्सी में सीनियर सेल्स और मार्केटिंग ऑफिशियल्स समेत 30 से अधिक वर्कर्स पिछले दो हफ्ते में या तो कंपनी छोड़ चुके हैं या उनकी छंटनी हुई है। साल 2025 के आखिर तक चिप डिविजन मिलाकर अमेरिका में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के 11,770 एंप्लॉयीज थे।

अभी और हो सकती है छंटनी?

टेस्ला, ओरेकल और दूसरी टेक कंपनियों की तरह ही सैमसंग भी अपने हेडक्वार्टर या बड़े ऑपरेशन्स को कम टैक्स और आसान नियमों के लिए मशहूर टेक्सास ले जाने वाली कंपनियां में शामिल हो गई है। हालांकि इसके चलते एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। अब सैमसंग के एंप्लॉयीज आगे भी छंटनी को लेकर परेशान हैं। एसईए के एक एंप्लॉयी के मुताबिक कंपनी चिप पर फोकस बढ़ा रहा है तो एंप्लायंस, होम एंटरटेनमेंट और मोबाइल डिवीजनों को एक साथ ला सकती है जिससे छंटनी हो सकती है।

दक्षिण कोरिया का जलवा, अमेरिका से जापान तक ट्रेडर्स की वॉचलिस्ट में, पहली बार देख रहे Kospi का चार्ट

दक्षिण कोरिया का जलवा, अमेरिका से जापान तक ट्रेडर्स की वॉचलिस्ट में, पहली बार देख रहे Kospi का चार्ट

Korea effect on US-Japan: यूके, अमेरिका और जापान के फंड मैनेजर्स अब ट्रेडिंग शुरू होने से पहले दक्षिण कोरिया के शेयर मार्केट पर एक नजर डाल रहे हैं। एक समय था कि दक्षिण कोरिया का बाजार लंदन, न्यूयॉर्क और टोक्यो के फंड मैनेजर्स के लिए बहुत अहम नहीं था लेकिन अब $4 लाख करोड़ का इक्विटी मार्केट एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रहा है। दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में उतार-चढ़़ाव अब दुनिया भर की चिप कंपनियों के शेयरों पर असर डाल रही है। खास बात ये है कि एसके हीनिक्स (SK Hynix) की अमेरिका में हाल ही लिस्टिंग हुई जिससे कोरिया का असर अमेरिका तक पहुंच गया और अब कोरिया की सेंटीमेंट-आधारित ट्रेडिंग अब चौबीसों घंटे ग्लोबल एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रही है।

दक्षिण कोरिया की वॉचलिस्ट में एंट्री

निवेश के तौर-तरीके बदल रहे हैं। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट के एशिया मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ने अपनी 14 साल की नौकरी में पहली बार कंपनी की ग्लोबल टीम के सामने कोरिया पर एक प्रेजेंटेशन दिया। जापानी ट्रेडर् दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स को अपनी वॉच लिस्ट में शामिल कर रहे हैं। पाइनब्रिज इन्वेस्टमेंट्स के लंदन-स्थित पोर्टफोलियो मैनेजर हनी रेढा (Hani Redha) का कहना है कि अब सभी कोरियाई निवेशक हैं। हनी का कहना है कि उनके दिन की शुरुआत अब कोरियाई बाजार में एआई ट्रेडिंग को देखने से होती है। जब कोरियाई बाजार बंद हो जाता है तो उनका ध्यान अमेरिकी मार्केट में एसके हीनिक्स के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स और कोरिया से जुड़े ईटीएफ (ETFs) पर चला जाता है। हनी के मुताबिक यह लगभग 24 घंटे नजर रखने जैसा है।

वैश्विक बाजारों पर गहरा असर

कोरियाई मार्केट का अमेरिका में असर पिछले हफ्ते साफ तौर पर दिखा। एआई की मांग को लेकर संदेहों पर कोस्पी में करीब 9% की गिरावट आई तो इसकी आंच अमेरिकी मार्केट तक फैल गई। एसके हीनिक्स के अमेरिकी लिस्टेड स्टॉक्स में 9.3% की फिसलन आई जिससे दूसरी बड़ी चिप कंपनियों के शेयर भी धड़ाम हो गए। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कोरिया और अमेरिका के बीच गहरे संबंध अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगे हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया के मार्केट इंडेक्स कोस्पी और अमेरिकी मार्केट के इंडेक्स नास्डाक 100 के बीच 60-दिनों का कोरिलेशन बढ़कर 0.46 पर पहुंच गया जोकि दो साल में सबसे अधिक है और पांच साल के औसत 0.16 से करीब तीन गुना अधिक है।

कोरियाई स्टॉक्स का असर मार्केट की गिरावट में और दिखता है। ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार 7 जुलाई को कोरियाई बाजार में कमजोरी के दौरान कोस्पी के प्रति नैस्डैक 100 इंडेक्स की संवेदनशीलता साल 1990 के बाद से सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई। इसी तरह MSCI वर्ल्ड इंडेक्स के लिए भी यह पैमाना इस महीने की शुरुआत में चार साल के हाई लेवल पर पहुंच गया।

न्यूयॉर्क में टाइग्रेस फाइनेंशियल पार्टनर्स के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर इवान फीनसेथ का कहना है कि कोरिया असल में नैस्डैक और एसओएक्स जैसे ही उतार-चढ़ाव वाले इकोसिस्टम का हिस्सा बन गया है। उनका कहना है कि एसके हीनिक्स, सैमसंग और कोस्पी अब अमेरिकी एआई और चिप से जुड़े रिस्क के लिए प्री-मार्केट इंडिकेटर का काम कर रहे हैं।

कोस्पी और जापान के निक्केई 225 के बीच भी कोरिलेशन यानी संबंध तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से ऑर्टस एडवाइजर्स के जापान इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड एंड्रयू जैक्सन ने इस साल की शुरुआत में बारीकी से नजर रखने के लिए कोस्पी का चार्ट शामिल किया। उन्होंने यह काम 20 साल से अधिक समय में पहली बार किया है। एचएसबीसी होल्डिंग्स में एशिया पैसिफिक के इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड हेराल्ड वैन डेर लिंडे का कहना है कि आजकल सभी मीटिंग में कोरिया पर चर्चा होती है। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट में एशिया पैसिफिक के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ताई हुई का भी कहना है कि इस साल से पहले अपनी ग्लोबल टीम के सामने उन्होंने कोरिया के बारे में कोई प्रेजेंटेशन नहीं दिया था।”

बना रहेगा कोरिया का वैश्विक मार्केट पर असर?

अब सवाल उठता है कि क्या दक्षिण कोरिया अब वैश्विक मार्केट के लिए अहम इंडिकेटर बना रहेगा। इसे लेकर यूबीएस सुमी ट्रस्ट वेल्थ मैनेजमेंट में जापान इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट चिसा कोबायाशी (Chisa Kobayashi) का कहना है कि जब तक एआई रैली जारी है, दक्षिण कोरियाई मार्केट अहम बना रहेगा। हालांकि उनका कहना है कि मार्केट में लेवरेज से जुड़े उतार-चढ़ाव और कम मेच्योर मार्केट की वजह से ट्रेडिंग मुश्किल हो जाती है क्योंकि यह फंडामेंटल्स से उल्टी दिशा में आगे बढ़ सकता है।

SBI Funds Listing Gain: IPO को ताबड़तोड़ बोली, अब लिस्टिंग का इंतजार, पहले दिन इतने मुनाफे की गुंजाइश 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FY27 की दूसरी छमाही में विदेशी निवेशकों की होगी वापसी, एक्सपर्ट ने बताया कहां दांव लगाने से होगी कमाई

लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव दिखा है। जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है। इससे अमेरिका-ईरान में फिर से लड़ाई शुरू होने के बावजूद बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। शेयर बाजार के ट्रेंड को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने AlfAccurate Advisors के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर राजेश कोठारी से बातचीत की।

कोठारी ने कहा कि इंटरेस्ट रेट उम्मीद के मुताबिक रहने पर विदेशी निवेशकों की इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीरे-धीरे भारतीय बाजार में वापसी होगी। उनका मानना है कि बाजार में हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशंस वाजिब हो गई है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशंस पर रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, हाउसिंग ईकोसिस्टम के बारे में उनकी सोच पॉजिटिव है। उनका मानना है कि इस सेक्टर में बिल्डिंग मैटेरियल्स और रियल एस्टेट की एंसिलियरीज कंपनियों के शेयरों में रिस्क-रिवॉर्ड अट्रैक्टिव दिख रहा है।

आईटी सेक्टर के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में सेलेक्टिव रहने की जरूरत है। डिमांड में सुस्ती का दौर बीत चुका है। वैश्विक अनिश्चितता घटने पर डिस्क्रेशनरी खर्च में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट दिखेगा। हालांकि, रिकवरी के एकसमान रहने की उम्मीद नहीं है। आईटी सर्विसेज ऑफर करने वाली ट्रेडिशनल कंपनियों के मुकाबले डिजिटल कपैबिलिटीज, एआई सर्विसेज ऑफर करने वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।

क्या एआई थीम में अब दिलचस्पी घट रही है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एआई थीम अभी शुरुआती अवस्था में है। कुछ खास ग्लोबल एआई कंपनियों के शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई है। उनमें बीच-बीच में करेक्शंस दिख सकता है। लेकिन, एआई थीम से जुड़ी इनवेस्टमेंट साइकिल मजबूत बनी हुई है।

कोठारी ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों को इंडिया की तेज ग्रोथ का फायदा मिलेगा। भारत में लोगों की खर्च करने योग्य इनकम बढ़ रही है। सरकार की पॉलिसी भी सपोर्टिव है। ऐसे में ऑटो एंसिलियरीज, कैपिटल गुड्स, कंजम्प्शन, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में अच्छी संभावना दिख रही है। खासकर इन सेक्टर की वे कंपनियां अच्छी दिख रही हैं, जिनकी अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ है।