BSE के शेयरों में 38% तेजी की उम्मीद, PL Capital ने ₹4850 का टारगेट दिया

BSE Share Price: शेयर बाजार की प्रमुख एक्सचेंज BSE Ltd के नतीजे मजबूत रहे। ब्रोकरेज फर्म PL Capital इस शेयर को लेकर अब भी काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,850 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से यह करीब 38% की संभावित तेजी का संकेत देता है।

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज?

PL Capital का मानना है कि BSE का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी को कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और StAR MF प्लेटफॉर्म पर बढ़ती गतिविधियों का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा डेटा सर्विसेज, इंडेक्स बिजनेस, कॉरपोरेट बॉन्ड, NPS और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे नए कारोबार भी आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं।

जून तिमाही में कैसे रहे नतीजे?

जून तिमाही में BSE का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹1,566 करोड़ हो गया। EBITDA 70% बढ़कर ₹1,213 करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹873 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी करीब 71% रहा, जो ऑपरेटिंग मजबूती को दिखाता है।

आगे क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में मामूली कटौती की है। इसकी वजह सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बदलाव और प्रोपराइटरी ट्रेडिंग से जुड़े नियामकीय प्रभाव हैं। इसके बावजूद कंपनी की कमाई को लेकर भरोसा कायम है। PL Capital ने FY27 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 23%, EBITDA में 27% और शुद्ध मुनाफे में 28% की वृद्धि का अनुमान जताया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ब्रोकरेज का मानना है कि BSE की ग्रोथ सिर्फ ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर नहीं है। कंपनी लगातार नए कारोबार जोड़ रही है और अपने मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी वजह से उसने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग और ₹4,850 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। हालांकि, निवेशकों को नियामकीय बदलाव और बाजार की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनका असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE के शेयर बुधवार को 2.96% की गिरावट के साथ ₹3,511 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 7.67% टूटा है। हालांकि, बीते 6 महीने के दौरान इसमें 21.40% और 1 साल में 48.32% की तेजी आई है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 2,495% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 हजार करोड़ रुपये है।

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Auto ancillary stocks : नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री बाजार को आई पसंद, जानिए ब्रोकरेज की किन शेयरों पर है नजर

Auto ancillary stocks : ऑटो एंसिलरी शेयरों में आज जोरदार तेजी देखने को मिली है। दरअसल ऑटो एंसिलरी के नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री बाजार को पसंद आई है। बुधवार को इंट्रा-डे में ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयरों में तेज रफ्तार देखने को मिली। BSE पर इनमें 15% तक की बढ़त नजर आई। वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के मज़बूत नतीजों और अच्छे आउटलुक के कारण ज्यादातर शेयर अपने मल्टी ईयर हाई पर ट्रेड करते दिखे। में, सुबह 11:42 बजे BSE सेंसेक्स 0.33% बढ़कर 78,687 पर था। एएसके ऑटोमोटिव, बॉश, क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन, गैब्रियल इंडिया, मेनन बेयरिंग्स, मिंडा कॉर्प, प्रिकोल, संसेरा इंजीनियरिंग और यूनिपार्ट्स इंडिया के शेयरों ने बुधवार को इंट्रा-डे ट्रेडिंग में अपने ऑलटाइम हाई को हिट किया।

क्यों दौडे़ ऑटो एंसिलरी शेयर?

ऑटो एंसिलरी शेयरों में तेजी मजबूत नतीजों का असर रही। मदरसन वायरिंग, UNO Minda, ASK ऑटो के अच्छे नतीजे आए हैं। तीनों कंपनियों की ग्रोथ 20% से ज्यादा रही है। इनको प्रीमियमाइजेशन ट्रेंड का बड़ा फायदा मिला है। इनकी ग्रोथ में EV कारोबार का योगदान बढ़ा है। ASK ऑटो के एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम्स कारोबार में 48% और सेफ्टी कंट्रोल केबल्स कारोबार में 20% ग्रोथ देखने को मिली है।

UNO Minda की कमेंट्री

कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि मजबूत ऑटो प्रोडक्शन और वॉल्यूम ग्रोथ को लेकर भरोसा है। Q1 के बाद आमतौर पर कंपनी के मार्जिन बेहतर होते हैं। EV कारोबार में मजबूत ग्रोथ और कंपनी की पैठ में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद है।

मदरसन वायरिंग की कमेंट्री

कंपनी ने कहा है कि Q1 में EV का आय में योगदान 8.5% रहा। वहीं, FY26 में यह 6.6% था। कॉपर कीमतों में 53% उछाल के बावजूद आय ग्रोथ 37% रही है।

हैप्पी फोर्जिंग की कमेंट्री

कंपनी के मैनेजमेंट को 30% से ऊपर मार्जिन बनाए रखने का भरोसा है। वॉल्यूम ग्रोथ भी अनुमान से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

गोल्डमैन सैच्स ने संसेरा और क्राफ्ट्समैन पर ‘बाय’ रेटिंग के साथ शुरू की कवरेज

Goldman Sachs के एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत में ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां सेमीकंडक्टर वेफर फैब्रिकेशन इक्विपमेंट (WFE), डिफेंस, डेटा सेंटर पावर जेनरेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पार्ट्स और एयरोस्पेस जैसी संबंधित सप्लाई चेन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर रही हैं। इस बदलाव की वजह से कैपेसिटी और स्किल बिल्डिंग (खासकर प्रिसिजन मशीनिंग और टूलिंग के क्षेत्र में) दोनों में निवेश बढ़ रहा है। सप्लाई चेन के जोखिम को कम करने के लिए ग्लोबल इंडस्ट्रियल/ऑटोमोटिव/सेमीकंडक्टर ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) की पहल इस बिजनेस की ग्रोथ को और सपोर्ट कर रही हैं।

ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि इस सेक्टर की कुछ बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव ला रही हैं और अपने बिजनेज मॉडलों को साइकल प्रूफ बनाने पर फोकस कर रही हैं। ये कंपनियां अपनी प्रोडक्शन क्षमता का लाभ उठाते हुए मुनाफे वाले सेक्टरों में डाइवर्सिफिकेशन कर रही हैं।

Goldman Sachs के एनालिस्ट्स का कहना है कि प्रिसिजन मशीनिंग की ओर बढ़ने से भारतीय ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री का रेवेन्यू बढ़ेगा। इनको 8वें वेतन आयोग और ग्लोबल डेटा सेंटर/सेमीकंडक्टर/डिफेंस/एयरोस्पेस खर्च में बढ़ती हिस्सेदारी जैसे साइक्लिकल फैक्टर से कमाई में आने वाले उछाल का भी फायदा मिलेगा।

गोल्डमैन सैक्स ने संसेरा इंजीनियरिंग (Sansera) और क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन (Craftsman) को BUY रेटिंग देते हुए ₹4,130 और ₹11,600 के टारगेट दिए हैं। वहीं, संवर्धन मदरसन और भारत फोर्ज पर इसने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग के साथ अपनी कवरेज शुरू की है

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 6 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बदला मार्केट का रंग, डे-हाई से Sensex में 700 प्वाइंट्स की गिरावट, 3 वजहों पर Nifty आया 24500 के नीचे

Sensex-Nifty turns red: शुरुआती बढ़त गंवाते हुए घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए। ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने जियोपॉलिटिल टेंशन बढ़ाई तो मार्केट पर दबाव बन गया। डे-हाई से सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24500 के नीचे आ गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 02:06 PM पर सेंसेक्स 34.44 प्वाइंट्स यानी 0.04% की गिरावट के साथ 78,394.51 और निफ्टी 86.65 प्वाइंट्स यानी 0.35% की फिसलन के साथ 24,528.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,055.38 के हाई से 743.99 प्वाइंट्स टूटकर 78,311.39 और निफ्टी 24,677.60 प्वाइंट्स से 179.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,498.40 तक आ गया। इस गिरावट से पहले सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स और निफ्टी 62.70 चढ़ गया था।

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ईरान को ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत जल्द फिर से खुल जाएगा लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो ईरान को बहुत कड़े हमले का सामना करना पड़ेगा। कैलिफोर्निया दौरे के दौरान फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने के मकसद से बहुत अच्छी बातचीत कर रहे हैं। ईरान के हालात के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 48 घंटे में पता चल जाएगा।

मुनाफावसूली

मार्केट की शुरुआती बढ़त का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली की जिसेस मार्केट पर दबाव बढ़ा।

24,700 के पास रेजिस्टेंस

निफ्टी 24,677.60 का लेवल छूने के बाद दबाव में आ गया। एक्सिस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि आज के कारोबारी सत्र के लिए पिछले कारोबारी सत्र का हाई 24,700 अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है और इसके ऊपर जाने पर ही 24900 का रास्ता खुलेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक नीचे की तरफ 24,500 और फिर एक कारोबारी दिन पहले के निचला स्तर 24427 सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है।

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BSE Share Price: जल्द रॉकेट बन सकते हैं बीएसई के शेयर, 11 एनालिस्ट्स ने दी निवेश की सलाह

BSE Share Price: अगर आप मोटी कमाई वाले शेयरों की तलाश में हैं तो आप बीएसई के शेयर पर दांव लगाने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि जून तिमाही के नतीजों के बाद इस शेयर को कवर करने वाले 18 एनालिस्ट्स में से किसी ने इस शेयर को ‘बेचने’ की सलाह नहीं दी है। इस साल यह शेयर 33 फीसदी चढ़ा है।

5,250 रुपये तक जा सकता है शेयर का प्राइस

11 एनालिस्ट्स ने BSE के शेयरों को खरीदने (Buy) की सलाह दी है। 7 एनालिस्ट्स ने शेयर को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने (Hold) की सलाह दी है। ईस्ट इंडिया सिक्योरिटीज ने बीएसई के शेयर के लिए सबसे ज्यादा 5,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसके बाद ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने इस शेयर के लिए 4,850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

शेयर ने 5 साल में निवेशकों का पैसा 26 गुना किया

बीएसई के शेयर का प्राइस 5 अगस्त को 12 बजे 3.40 फीसदी गिरकर 3,494 रुपये पर चल रहा था। यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। बीते पांच सालों में यह शेयर 2,487.97 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इस दौरान इस शेयर ने निवेशकों का पैसा करीब 26 गुना कर दिया है। बीएसई का मुकाबला NSE से है। ये दोनों देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज हैं। NSE अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। इस साल इसका आईपीओ आने वाला है। जून तिमाही में बीएसई का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 63 फीसदी बढ़ा।

जेफरीज ने शेयर में निवेश बनाए रखने की सलाह दी

जेपी मॉर्गन ने बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,090 रुपये का टारेगट प्राइस दिया है। जेफरीज ने निवेशकों को बीएसई के शेयरों में निवेश बनाए रखने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 3,520 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, जेफरीज ने कहा है कि दूसरी तिमाही में बीएसई का एवरेज डेली टर्नओवर में कमी आ सकती है।

FY27 की अनुमानित ईपीएस के 48 गुना पर हो रही ट्रेडिंग

BSE के शेयर में वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित प्रति शेयर अर्निंग्स के 48 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यूबीएस ने भी बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। बीएसई का फोकस नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर है। हाल में एक्सचेंज ने फोकस्ड आईटी डेरिवेटिव्स, एडिशनल इंडेक्स-बेस्ड डेरिवेटिव्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड से जुड़े प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं।

5 जुलाई को सबसे ज्यादा चढ़ने और गिरने वाले शेयर 

5 अगस्त को सेंसेक्स 0.20 फीसदी चढ़कर 78,602 पर चल रहा था। निफ्टी 0.16 फीसदी गिरकर 24,574 पर चल रहा था। Bosch, DLF, Hindustan Zinc, Ambuja Cements चढ़ने वाले शेयर थे। इनमें 5 फीसदी तक की तेजी दिखी। जायडस, अपोलो हॉस्पिटल्स और टीसीएस के शेयरों में गिरावट दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Nykaa Share Price: मजबूत तिमाही नतीजो के बाद शेयर 3% से ज्यादा टूटा, ब्रोकरेज फर्म बुलिश

Nykaa Share Price Today: Nykaa की पेरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures Ltd. के शेयरों में बुधवार, 5 अगस्त को 3% से ज्यादा गिरा। कंपनी ने एक और मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस दिखाई थी , जिसमें जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी और मुनाफे में तीन गुना से ज़्यादा उछाल शामिल था। जून तिमाही (Q1FY27) के लिए, Nykaa ने रेवेन्यू में साल-दर-साल 29.1% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹2,782 करोड़ हो गया। EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 6.5% से बढ़कर 8.5% हो गया।

नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹24.5 करोड़ से तीन गुना से ज़्यादा बढ़कर ₹80 करोड़ हो गया। कंपनी के 13 अपने कंज्यूमर ब्रांड्स के पोर्टफोलियो ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा और साल-दर-साल 43% की ग्रोथ दर्ज की।

अपने मुख्य ब्यूटी बिज़नेस में, ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) 28% बढ़कर ₹4,105 करोड़ हो गई, जबकि फ़ैशन सेगमेंट ने भी मज़बूत रफ़्तार बनाए रखी। Nykaa ने अपने ऑफलाइन नेटवर्क का भी विस्तार किया, तिमाही के दौरान 11 नए स्टोर खोले, जिससे 100 से ज़्यादा शहरों में कुल स्टोर की संख्या 324 हो गई।

तिमाही के दौरान, Nykaa ने प्रीमियम ब्यूटी और स्किनकेयर ब्रांड Aminu Wellness में ₹32 करोड़ में 51% हिस्सेदारी खरीदी। Aminu ने FY26 में ₹19.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।

नतीजों के बाद क्या है ब्रोकरेज की राय

HSBC ने ₹380 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। इसके पीछे ब्यूटी और फ़ैशन दोनों में मजबूत GMV ग्रोथ, ‘हाउस ऑफ़ ब्रांड्स’ पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार और लगातार ऑपरेटिंग लेवरेज जैसे कारण बताए गए।तिमाही नतीजों के उम्मीद से बेहतर रहने के बाद ब्रोकरेज ने FY27 के EBITDA अनुमानों को 3% बढ़ा दिया।

CLSA ने ₹376 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Outperform’ रेटिंग की राय दी है और कहा कि रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA उम्मीद से बेहतर रहे। ब्रोकरेज ने मजबूत ब्रांड पार्टनरशिप की मदद से फैशन ग्रोथ में तेजी को रेखांकित किया, जबकि मार्जिन बढ़ाने वाले अपने ब्रांड्स ने ब्यूटी सेगमेंट में मुनाफा बढ़ाना जारी रखा।

नोमुरा ने नायका के लिए अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी है और कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा जताते हुए ₹411 का सबसे ऊंचा टारगेट दिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि प्रीमियम बनने की ओर झुकाव, ब्रांड पार्टनरशिप का विस्तार, अपने ब्रांड्स का दायरा बढ़ाना और टियर-2 और टियर-3 शहरों में फिजिकल विस्तार से रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जेफरीज ने भी ₹400 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘buy’ रेटिंग दोहराई है और इस तिमाही के नतीजों को अहम पैमानों पर उम्मीद से बेहतर बताया है। ब्रोकरेज ने ब्यूटी सेगमेंट में अच्छी यूजर ग्रोथ, प्रीमियम बनने के ट्रेंड, फैशन में 50% से ज़्यादा की ग्रोथ, नायका के अपने ब्रांड्स (हाउस ऑफ ब्रांड्स) का दायरा बढ़ने और क्विक-कॉमर्स सर्विस की बढ़ती पहुंच पर ज़ोर दिया है।

नायका को ट्रैक करने वाले 26 एनालिस्ट में से 14 ने ‘buy’ रेटिंग दी है, जबकि 6-6 एनालिस्ट ने स्टॉक पर ‘hold’ और ‘Sell’ की सलाह दी है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 445 अंक चढ़ा, निफ्टी फ्लैट, RBI ने रेपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

KEI Industries Share Price:अच्छे तिमाही नतीजों से शेयर सरपट दौड़ा, 9% उछलकर 4 हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव, अब क्या करें?

KEI Industries Share Price: केबल इंडस्ट्रीज KEI Industries का शेयर 4 अगस्त को 9 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिली और यह आज ₹5,475 प्रति के चार हफ़्ते के हाई पर पहुंच गया। शेयर में यह तेजी तिमाही नतीजों के बाद देखने को मिली है। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिखाए, जिसकी वजह रेवेन्यू मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार था।

कंपनी ने जून तिमाही के लिए ₹3,190 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो साल-दर-साल (YoY) आधार पर 23% की बढ़ोतरी है।

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल के अनुसार, जहां टॉपलाइन (रेवेन्यू) मजबूत रही, वहीं वॉल्यूम ग्रोथ सिंगल-डिजिट में ही रही। इसकी वजह इनपुट कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी और पॉलीकैब, हैवेल्स और RR काबेल जैसी दूसरी कंपनियों के वॉल्यूम ट्रेंड में सुस्ती थी।

ऑपरेटिंग लेवल पर, EBITDA साल-दर-साल 53% बढ़कर ₹400 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 240 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 12.4% हो गया। इसकी वजह ऑपरेटिंग लेवरेज और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स था। बॉटम लाइन (मुनाफ़े) की बात करें तो, कंपनी ने ₹270 करोड़ का नेट प्रॉफ़िट (PAT) दर्ज किया, जो साल-दर-साल 40% ज़्यादा है। हालाँकि, तिमाही के दौरान ‘अन्य आय’ (other income) कम होने के कारण प्रॉफ़िट ग्रोथ, EBITDA ग्रोथ के मुकाबले कम रही।

मज़बूत मार्जिन परफॉर्मेंस के बाद, ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल का मानना ​​है कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि कंपनी FY27 के लिए अपने 10.5%–11% के EBITDA मार्जिन गाइडेंस को बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर चैनल ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर बना रहा। इस तिमाही में कुल रेवेन्यू में इसका योगदान लगभग 59% रहा, जबकि एक साल पहले यह 51% था।

इस चैनल से रेवेन्यू साल-दर-साल 42% बढ़कर ₹1,880 करोड़ हो गया। चूंकि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए होने वाली बिक्री पर आम तौर पर ज़्यादा मार्जिन मिलता है, इसलिए बेहतर होते चैनल मिक्स से भविष्य में मुनाफ़े को सहारा मिलने की उम्मीद है।

कंपनी ने अपनी सलारपुर फैसिलिटी में ₹700 करोड़ की कैपेसिटी बढ़ाने (क्षमता विस्तार) की भी घोषणा की, ताकि 50,000 km केबल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और 40,000 मीट्रिक टन GI वायर कैपेसिटी जोड़ी जा सके।

यह प्रोजेक्ट चरणों में पूरा किया जाएगा और इसके FY29 की दूसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। जून तिमाही के आखिर तक, कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन (क्षमता का उपयोग) केबल के लिए लगभग 72%, कम्युनिकेशन केबल के लिए 45%, हाउस वायर और वाइंडिंग वायर के लिए 61% और स्टेनलेस स्टील वायर के लिए 91% था।

ब्रोकरेज की शेयर पर क्या है राय

जून तिमाही के नतीजों के बाद, JM फाइनेंशियल ने KEI इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘buy’ रेटिंग दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹5,800 तय किया। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है, जिससे FY27 के लिए मार्जिन गाइडेंस में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।उन्हें यह भी उम्मीद है कि FY28 में मार्जिन और बढ़ेगा, क्योंकि FY27 के आखिर तक एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज (EHV) केबल फैसिलिटीज़ शुरू हो जाएंगी।

वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी स्टॉक पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹5,010 तय किया। हालांकि, स्टॉक अभी अपने टारगेट प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

ब्रोकरेज ने बताया कि KEI का Q1 FY27 EBITDA उनके अनुमान से ज़्यादा रहा। इसकी वजह केबल्स एंड वायर्स (C&W) और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट में मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ थी, हालांकि EPC बिजनेस को इस तिमाही में नुकसान हुआ।

मोतीलाल ओसवाल ने आगे कहा कि वे C&W सेक्टर को लेकर स्ट्रक्चरली पॉजिटिव हैं, क्योंकि इसमें लंबे समय तक ग्रोथ के मजबूत कारण मौजूद हैं और लगातार मांग बनी हुई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: डे-हाई से 700 प्वाइंट्स टूटा Sensex, 5 वजहों से Nifty आया 24500 के नीचे

Share Market Crash: क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर मार्केट में काफी अनिश्चितता फैली है। ब्रोकरेजेज ने भी रिटेलर्स को सतर्क किया है। इसका असर आज मार्केट में दिखा और कच्चे तेल के भाव में उछाल ने इस दबाव को और बढ़ाया। इस दबाव में सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो भी निफ्टी भी टूटकर 24500 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तेज दबाव दिखा और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी फिसल गया तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 249.56 प्वाइंट्स यानी 0.32% की गिरावट के साथ 78,389.47 और निफ्टी (Nifty) 283.30 प्वाइंट्स यानी 1.14% की फिसलन के साथ 24,491.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 504.12 प्वाइंट्स उछलकर 79,143.15 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 781.36 प्वाइंट्स टूटकर 78,361.79 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 291.10 प्वाइंट्स गिरकर 24,483.20 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

CAS सिस्टम

कई ब्रोकर्स ने खुदरा निवेशकों को दोपहर 3 बजे तक अपनी पोजिशन स्क्वेयर ऑफ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेजेज ने अपने क्लाइंट्स को सलाह दी है कि जब तक नए मैकेनिज्म CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) में मार्केट ढल नहीं जाता है, अपनी पोजिशन 3:00 PM और 3:05 PM के बीच बंद कर दें। इससे मार्केट में बेयरेश माहौल बना है क्योंकि एक तरह से शेयरों के लेन-देन का समय कम हुआ है।

आईटी और प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में दबाव

मार्केट पर आज आईटी और हैवीवेट प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स ने काफी दबाव बनाया जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब डेढ़ फीसदी कमजोर हुए। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी में 1% से अधिक तो ऑटो और सरकारी बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी की गिरावट है।

कच्चे तेल में उछाल

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $85 के करीब पहुंचा तो मार्केट पर इसकी आंच महसूस हुई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 2.41% के उछाल के साथ 12.21 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

Nifty की एक्सपायरी

आज निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है जिसके चलते मार्केट में तेज उठा-पटक दिख रही है।

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Restaurant Brands का शेयर बना रॉकेट, 18% दौड़ा, क्या यह है खरीदारी का सही समय?

Restaurant Brands Asia Share Price: बर्गर किंग इंडिया की पैरेंट कंपनी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया (Restaurant Brands Asia) के शेयरों में मंगलवार 4 अगस्त को तेज छलांग लगाते नजर आए। शेयर इंट्राडे में 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर, रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के शेयर की कीमत ₹84 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹70.76 से 18.56% ज़्यादा है। इस क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) स्टॉक में इस साल अब तक 28% की बढ़त हुई है।

शेयर में आज की तेज़ी इस स्मॉल-कैप स्टॉक को उसके 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर ₹87.65 के करीब ले आई है, जो पिछले साल सितंबर में बना था। वहीं, इसका 52-हफ़्ते का निचला स्तर ₹57.15 है।

कैसे रहे Q1 नतीजे

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹28.3 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह नुकसान ₹48 करोड़ था। मैनेजमेंट ने कहा कि वे प्राइसिंग ऑप्टिमाइज़ेशन, मेन्यू में नए बदलाव और फिक्स्ड कॉस्ट (जिसमें यूटिलिटीज़ भी शामिल हैं) पर बेहतर नियंत्रण के ज़रिए मुनाफा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

इस बीच, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में साल-दर-साल (Y-o-Y) 18% की बढ़त हुई और यह ₹822.6 करोड़ हो गया। इसकी मुख्य वजह भारत के कारोबार में मज़बूत प्रदर्शन था, जबकि इंडोनेशिया का कारोबार कुल ग्रोथ पर दबाव डालता रहा।

कंपनी ने 13% की इंडस्ट्री-लीडिंग सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) बनाए रखी। इसे डाइन-इन और डिलीवरी दोनों चैनलों पर अच्छी मांग और वैल्यू ऑफरिंग से मदद मिली।

इसने Q1 में नौ स्टोर जोड़े और FY27 में 80 स्टोर खोलने की अपनी योजना को दोहराया। इंडोनेशिया में, इसकी टर्नअराउंड स्ट्रैटेजी पर काम चल रहा है और RBA लागत पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधारों के ज़रिए नुकसान कम करने पर ध्यान दे रही है।

क्या यह है खरीदारी की सही समय

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) इस शेयर को लेकर पॉजिटिव बनी हुई है। कंपनी ने बेहतर मार्जिन को देखते हुए FY27 के लिए EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के अनुमान को 5% और FY28 के लिए 8% बढ़ा दिया है।

MOFSL का कहना है कि जैसे-जैसे और स्टोर मैच्योर होंगे और नेटवर्क में नए आउटलेट्स का योगदान बेहतर होगा, उनसे मार्जिन रिकवरी में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि इंडोनेशियाई बिजनेस में धीरे-धीरे सुधार होगा क्योंकि कंपनी ने खराब प्रदर्शन करने वाले स्टोर बंद करके अपने पोर्टफोलियो को बेहतर बनाया है। हालांकि, उसे उम्मीद है कि इंडोनेशिया में निकट भविष्य में चुनौतियां बनी रहेंगी।

ब्रोकरेज ने 125 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग को दोहराया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 75% की बढ़त का संकेत है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Persistent Systems Share Price: Q1 नतीजों के बाद IT कंपनी का शेयर 4% तक फिसला, HSBC को आगे और गिरावट की आशंका

सोमवार, 3 अगस्त को IT कंपनी Persistent Systems Ltd. के शेयरों में दिन में 4 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर शेयर 5319.75 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 13.67 प्रतिशत बढ़कर 483.04 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 424.93 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,303.22 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 3,333.58 करोड़ रुपये था। सॉफ्टवेयर, हाई-टेक और उभरते उद्योग क्षेत्र कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले बने रहे। इसकी हिस्सेदारी 40.7 प्रतिशत रही। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) क्षेत्र की हिस्सेदारी कुल रेवेन्यू में 34 प्रतिशत रही। हेल्थकेयर और लाइफसाइंसेज सेक्टर का योगदान 25.3 प्रतिशत रहा।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के कर्मचारियों की संख्या 30 जून 2026 तक बढ़कर 28,640 हो गई। खर्च 3750.76 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2832.84 करोड़ रुपये के थे। जून तिमाही में कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बुकिंग दर्ज कीं। एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 65 करोड़ डॉलर से ज्यादा की डील के कारण कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) लगभग दोगुनी होकर 1.15 अरब डॉलर हो गई। सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) पिछली तिमाही के मुकाबले 20.6 प्रतिशत बढ़कर 53.68 करोड़ डॉलर हो गई।

Persistent Systems पर HSBC ने ‘होल्ड’ रेटिंग रखी बरकरार

जून तिमाही की कमाई सामने आने के बाद ब्रोकरेज फर्म HSBC ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर के लिए ₹4,610 के टारगेट प्राइस के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग को दोहराया है। यह टारगेट शेयर के पिछले बंद भाव से 17 प्रतिशत कम है। HSBC ने कहा कि कंपनी ने जून 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही और रिकॉर्ड डील हासिल की गईं। मजबूत ऑर्डर इनफ्लो काफी हद तक उम्मीदों के मुताबिक था। लेकिन शुद्ध मुनाफा उम्मीदों से कम रहा। ज्यादा डायरेक्ट कॉस्ट और अधिक सेल्स व मार्केटिंग खर्चों ने मुनाफे पर असर डाला। EBIT मार्जिन गिरकर 16% हो गया, जबकि अनुमान लगभग 16.5% का था।

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मार्जिन के दबाव के बावजूद, ब्रोकरेज ने कहा कि Persistent अपने सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली IT सर्विसेज कंपनियों में से एक बनी हुई है। इसकी 4.1% की कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ TCS, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, Mphasis, Zensar, LTTS और हेक्सावेयर जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बेहतर रही।

शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत चढ़ा

Persistent Systems का मार्केट कैप 86700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। बीएसई पर 52 सपताह का एडजस्टेड हाई 6,597 रुपये और एडजस्टेड लो 4,242.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 30.29 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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