School Holiday Due to Rain: भारी बारिश के बीच यूपी से उत्तराखंड तक कई राज्यों के स्कूलों में छुट्टी, हॉलिडे की पूरी लिस्ट यहां चेक करें

School Holiday List: देश भर में मॉनसून के रौद्र रूप और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनियों के बीच छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कई राज्यों के जिला प्रशासनों ने स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का या क्लासेज को सस्पेंड करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। आइए जानते हैं आपके राज्य और जिले में स्कूलों की छुट्टी को लेकर क्या है ताजा स्थिति।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR: गाजियाबाद समेत कई जिलों में स्कूल बंद

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के व्यापक बारिश व थंडरस्टॉर्म के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गाजियाबाद में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की वजह से जिला प्रशासन ने कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को गुरुवार को बंद रखने का आदेश दिया है। मथुरा और हाथरस में भी भारी बारिश के मद्देनजर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में कक्षाएं सस्पेंड कर दी गई हैं।

IMD का दिल्ली-NCR और यूपी अलर्ट: मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए दिल्ली (सभी जिलों जैसे नई दिल्ली, साउथ, वेस्ट, ईस्ट, सेंट्रल दिल्ली आदि) और हरियाणा के फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। वहीं यूपी के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़ और मथुरा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।

उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल समेत इन जिलों में छुट्टी

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी आफत की बारिश जारी है। इसके चलते मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी और चमोली समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून, उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में सभी सरकारी और प्राइवेट शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को पूरी तरह से बंद रखने का आदेश दिया गया है।

केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र: दक्षिण और पश्चिम भारत में भी ताले

भारी मानसूनी बारिश के चलते केरल के वायनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने केरल के एर्नाकुलम और त्रिशूर में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के होसनागर और सागर तालुकों में भारी बारिश के कारण स्कूलों की छुट्टी लगातार जारी है। पालघर जिले के वसई तालुक और वसई-विराट नगर निगम क्षेत्र में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी आंगनवाड़ियों, स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई और व्यावसायिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

स्कूल जाने से पहले अपने जिले का अपडेट जरूर चेक करें

प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माता-पिता और छात्रों को सख्त सलाह दी है कि वे अपने घर से निकलने से पहले अपने-अपने संबंधित जिला प्रशासन या स्कूल ग्रुप्स से अपडेट जरूर चेक कर लें। IMD ने अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का पूर्वानुमान जताया है, इसलिए स्थानीय मौसम के आधार पर जिला अधिकारी छुट्टियों की समीक्षा कर रहे हैं। स्थिति बिगड़ने पर आने वाले समय में कुछ और जिलों में भी छुट्टी की घोषणा की जा सकती है।

IMD का पूरे देश के मौसम को लेकर लेटेस्ट अलर्ट यहां नीचे चेक करें

महाराष्ट्र में बाढ़ का खौफनाक मंजर! HPCL प्लांट से 3000 गैस सिलेंडर नदी में बहे

Raigad : 3000 Gas Cylinders Washed Away

महाराष्‍ट्र में भारी बारिश की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। भारी बारिश के कारण आई अचानक फ्लैश फ्लड में रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के चावणे गांव में स्थित HPCL गैस प्लांट से करीब 3000 गैस सिलेंडर पानी में बह गए। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ गैस सिलेंडर भरे हुए हैं और कुछ खाली हैं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदी में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बहते दिखाई दे रहे हैं। कई वीडियो में लोगों को इन सिलेंडरों को उठाकर ले जाते भी देखा गया। फिलहाल कंपनी के अधिकारी पानी में बहे सिलेंडरों की जांच में जुटे हुए हैं। पानी में सिलेंडरों के बहने की वजह भी तलाशी जा रही है।

रायगढ़ के डीएम किशन जावले ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नदी में बहकर आए सिलेंडर में गैस है या नहीं या वे सुरक्षित स्थिति में हैं या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे में उत्सुकता या इस्तेमाल के मकसद से ऐसे सिलेंडर को उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की।

 

गौरतलब है कि मुंबई, पुणे और नासिक समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर है। सड़कें तालाब बनी हुई है, रेलवे ट्रेक पर पानी भरा हुआ। जलजमाव और भूस्खलन की वजह से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

कॉर्पोरेट नौकरी से बिजनेस तक का सफर, 1.8 लाख रुपये महीना कमाने वाले प्रोफेशनल ने बताए सफलता के राज

नौकरी की सुरक्षा छोड़कर अपना बिजनेस शुरू करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। अच्छी सैलरी, तय समय पर मिलने वाली आय और स्थिर करियर के बावजूद कई लोग अपने सपनों को सिर्फ इसलिए पीछे छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें असफल होने का डर रहता है। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जोखिम उठाने का साहस करते हैं और अपनी मेहनत के दम पर नई पहचान बना लेते हैं। ऐसे लोगों के लिए सफलता का मतलब केवल बैंक बैलेंस बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना भी होता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही कहानी चर्चा में है, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींचा है।

एक मार्केटिंग प्रोफेशनल ने अपनी प्रोफेशनल जर्नी साझा करते हुए बताया कि कैसे उसने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर नया रास्ता चुना। उसने अपनी सफलता को पैसों से ज्यादा आजादी, संतुलित जीवन और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय से जोड़ा। उसकी कहानी के साथ साझा किए गए अनुभव और सलाह अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

Reddit पर शेयर की अपनी कहानी

33 वर्षीय मार्केटिंग प्रोफेशनल ने Reddit के r/Indian_flex पर अपनी सफलता की कहानी साझा की। उसने बताया कि करीब दो साल पहले उसने अपनी फुल-टाइम कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर खुद का मार्केटिंग सर्विस बिजनेस शुरू किया। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन आज उसकी मेहनत रंग ला रही है।

कभी 16 घंटे करता था नौकरी

यूजर ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह रोज 14 से 16 घंटे तक नौकरी करता था। उस दौर को याद करते हुए उसने लिखा कि अब वह जिंदगी किसी दूसरे दौर जैसी लगती है। आज वह वही काम करता है जो उसे पसंद है और परिवार के साथ ज्यादा समय भी बिता पाता है।

शुरुआत में आईं कई चुनौतियां

नौकरी छोड़ने के बाद शुरुआती महीनों में सबसे बड़ी चुनौती क्लाइंट्स ढूंढना, काम की बेहतर प्रक्रिया बनाना और ऐसा सिस्टम तैयार करना था जिससे बिजनेस लंबे समय तक चल सके। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई और क्लाइंट्स बढ़ने लगे।

अब कई क्लाइंट्स के साथ कर रहा काम

मार्केटिंग प्रोफेशनल ने बताया कि पिछले साल से वह दो बड़े क्लाइंट्स के साथ काम कर रहा है और हाल ही में एक नया क्लाइंट भी जुड़ा है। अब साल खत्म होने से पहले वह कुछ और बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने की तैयारी में है।

9 से 5 की नौकरी से मिली आजादी

उसने बताया कि आज भी काम में मेहनत करनी पड़ती है, क्लाइंट मीटिंग्स और ट्रैवल भी होता है, लेकिन अब किसी तय ऑफिस टाइम में बंधकर काम नहीं करना पड़ता। अगर दिन में सब्जियां खरीदनी हों या बेटी को बीच घुमाने ले जाना हो, तो वह बिना किसी परेशानी के ऐसा कर सकता है। इन दिनों वह अपने गांव से बारिश का आनंद लेते हुए रिमोटली काम कर रहा है।

बिजनेस शुरू करने वालों के लिए बताए 3 जरूरी सबक

  1. बिना तैयारी नौकरी छोड़ने की गलती न करें

उसने सलाह दी कि जब तक अच्छी बचत, बैकअप प्लान या आर्थिक सहारा न हो, तब तक नौकरी छोड़ने का फैसला नहीं करना चाहिए। बिजनेस में शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  1. सिर्फ बड़े क्लाइंट्स के पीछे न भागें

यूजर का कहना है कि छोटे क्लाइंट्स से उसे बिजनेस को बेहतर तरीके से चलाने और मजबूत सिस्टम बनाने की सबसे ज्यादा सीख मिली। बड़े क्लाइंट्स कई बार सीखने और नए प्रयोग करने की गति धीमी कर देते हैं।

  1. सिर्फ टैलेंट नहीं, मजबूत सिस्टम भी जरूरी

उसने कहा कि सफल बिजनेस केवल अच्छी स्किल से नहीं चलता। काम के लिए स्पष्ट प्रक्रिया (SOP), तय फ्रेमवर्क और ऐसे नतीजे होने चाहिए जिन्हें क्लाइंट साफ तौर पर देख सके। तभी लंबे समय तक सफलता मिलती है।

लोगों ने की जमकर तारीफ

Reddit पर इस पोस्ट को लोगों ने खूब पसंद किया। कई यूजर्स ने कहा कि यह कहानी बताती है कि असली सफलता सिर्फ ज्यादा कमाई में नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी और समय पर खुद का नियंत्रण पाने में है।

Viral Video: बारिश में जब थम गया ट्रैफिक, तब सड़क पर उतरा ‘स्पाइडर-मैन’, इंटरनेट पर मचा बवाल

 

Delhi Weather Today: दिल्लीवासियों को आज भी नहीं मिलेगी बारिश से राहत, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका

Delhi Weather Today: बुधवार (8 जुलाई) को देश के कई हिस्सों में हुई भारी मानसूनी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज बारिश की वजह से कई जगह अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए और सड़क व रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली में भी ऐसे ही हालात देखने को मिले। यहां पर लगातार हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को लंबा ट्रैफिक जाम झेलना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में बारिश के कारण मुश्किलें बनी रह सकती हैं। आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और शहर के कई हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है।

यह पूर्वानुमान बुधवार को दिल्ली-NCR में हुई मूसलाधार बारिश से मची तबाही के एक दिन बाद आया है। गुरुग्राम में सिर्फ 33 घंटों में 115 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर भर में जगह-जगह पानी भर गया और भारी ट्रैफिक जाम लग गया। वहीं, दिल्ली के रोहिणी इलाके में बारिश के दौरान एक इमारत ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बचाव दलों ने मलबे में फंसे कई लोगों को बाहर निकाला।

इसके अलावा, भारी बारिश की वजह से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर भी ट्रैफिक जाम लग गया, जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने कॉर्पोरेट ऑफिसों से अपील की कि वे ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए अगले कुछ दिनों तक कर्मचारियों के लिए ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ की व्यवस्था लागू करें।

दिल्ली में दिन भर हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना

रात भर हुई बारिश और सुबह-सुबह हुई बौछारों से ही आज लगातार बारिश का संकेत मिल गया था। IMD ने अपनी चेतावनी में कहा है कि दिन भर हल्की बारिश होने की संभावना है और इसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। जबकि कुछ जगहों पर मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी संभावना है, खासकर सुबह, दोपहर और शाम के समय।

वहीं, IMD ने यह भी बताया कि आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व और पूर्व दिशा से 10 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद हैं। हालांकि, पूरे शहर में लगातार भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है।

IMD ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश की वजह से ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है, निचले इलाकों में पानी भर सकता है और गाड़ियों के एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देख लें और जहां तक हो सके, पानी भरे रास्तों से बचें।

बता दें कि यह चेतावनी बुधवार को सदर बाजार, नसीरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर और कुशक रोड समेत कई इलाकों में पानी भरने के बाद जारी की गई है। कुछ जगहों पर पैदल चलने वालों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरते देखा गया।

भारी बारिश के कारण दिल्ली की सिविक बॉडीज को भी पानी भरने, पेड़ गिरने और बिजली गुल होने की कम से कम 10 शिकायतें मिलीं। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और NH-48 पर, खासकर धौला कुआं, महिपालपुर और राजोकरी के पास, कम विजिबिलिटी और पानी भरने की वजह से आने-जाने वालों को देरी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, पानी से भरी सड़कों पर वाहन चलाने से बचें और आंधी-तूफान के दौरान टूटे हुए बिजली के खंभों, तारों या गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहें। अगर आपको कहीं जाना है, तो सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा पहले निकलें, क्योंकि बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम लगने की संभावना बनी हुई है।

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Viral Video: बारिश में जब थम गया ट्रैफिक, तब सड़क पर उतरा ‘स्पाइडर-मैन’, इंटरनेट पर मचा बवाल

महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। भारी बारिश की वजह से लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी बीच भिवंडी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भिवंडी के एक युवक ने लोगों की मदद के लिए अनोखा तरीका अपनाया। यहां एक युवक स्पाइडर-मैन की ड्रेस पहनकर बारिश के बीच सड़क पर उतरा और ट्रैफिक संभालने के साथ-साथ लोगों की मदद करता नजर आया। उसका ये अंदाज लोगों को काफी पंसद आ रहा है और ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

स्पाइडर-मैन की ड्रेस पहनकर आया ये युवक

वीडियो शेयर करते हुए न्यूज एजेंसी ANI ने लिखा, “भिवंडी में जलभराव के बीच स्थानीय निवासी शादाब स्पाइडर-मैन की ड्रेस पहनकर ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलाने में लोगों की मदद कर रहे हैं।” वीडियो में शादाब पानी से भरी सड़क के बीच खड़े होकर वाहनों को रास्ता दिखाते, ट्रैफिक संभालते और लोगों को सुरक्षित निकलने में मदद करते नजर आते हैं। साथ ही वह सड़क पर जमा पानी हटाकर यातायात को आसान बनाने की कोशिश भी करते दिखाई दे रहे हैं।

गाड़ियों को रास्ता दिखाने के साथ-साथ शादाब लोगों से बातचीत करते और राहगीरों से हाथ मिलाते भी नजर आए। उनकी इस पहल की वहां मौजूद कई लोगों ने सराहना की और उनके काम की जमकर तारीफ की है।

क्यों पहनी स्पाइडर-मैन की ड्रैस

ANI से बात करते हुए शादाब ने कहा, “मैंने देखा कि इलाके में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नगर निगम की टीम अभी तक नहीं पहुंची थी।” उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने खुद लोगों की मदद करने का फैसला किया। स्पाइडर-मैन की पोशाक पहनने की वजह बताते हुए शादाब ने कहा, “फिल्मों में स्पाइडर-मैन जिस तरह लोगों की मदद करता है और उनकी जान बचाता है, उसी से प्रेरित होकर मैंने भी असल जिंदगी में लोगों की मदद करने और सड़क पर जमा पानी हटाने का फैसला किया।”

वीडियो पर यूजर्स ने किया कमेंट

वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने शादाब की पहल की तारीफ करते हुए उन्हें असली सुपरहीरो बताया। एक यूजर ने लिखा, “अगर इसे अच्छा साइड क्वेस्ट नहीं कहेंगे, तो फिर क्या कहेंगे?” वहीं, दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में कमेंट किया, “स्पाइडर-मैन: इंडिया चैप्टर।”

इंग्लैंड के खिलाफ करो या मरो के मैच से पहले संजू सैमसन को फिट करने जुटा टीम मैनेजमेंट

ENGvsIND इंग्लैंड दौरे से पहले, भारत एक ऐसी टीम लग रही थी जो अपनी टी 20 वर्ल्ड कप जीत के बाद और बेहतर करने को तैयार थी। पांच मैच बाद, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से टी 20 सीरीज़ हार भी शामिल है, श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज़ में 0-2 से पीछे है (पहला मैच बारिश की वजह से नहीं हो पाया था) और अब एक और सीरीज़ हारने के कगार पर है।

भारतीय टीम अब गुरुवार को ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टी20 खेलने जा रही है। वे जानते हैं कि सिर्फ़ जीत ही मेज़बान टीम को साउथम्प्टन में एक मैच बाकी रहते हुए पांच मैचों की सीरीज़ जीतने से रोक सकती है।

ट्रेंट ब्रिज में 125 रन की बड़ी हार ने कई कमियों को उजागर किया, जिससे हेड कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन को इस अहम मुकाबले से पहले काफी कुछ सोचने पर मजबूर होना पड़ा। हार के अंतर से ज़्यादा, पूरे दौरे के दौरान भारतीय टीम का इंग्लिश हालात के हिसाब से खुद को न ढाल पाना चिंता का विषय बना हुआ है।

सबसे बड़ी चर्चा टीम संयोजन को लेकर है, जिसमें संजू सैमसन को बाहर रखने का मुद्दा छाया हुआ है। विकेटकीपर-बल्लेबाज़, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी, उन्हें दूसरे और तीसरे टी20 से बाहर रखा गया क्योंकि टीम प्रबंधन ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका देने का फैसला किया।इस युवा खिलाड़ी ने कुछ अच्छी झलकियां दिखाई हैं लेकिन भारत के बाकी बल्लेबाज़ों की तरह वह भी कोई बड़ा असर नहीं डाल पाए हैं। सीरीज़ दांव पर लगी होने के कारण, गंभीर ने सैमसन की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया है, जिससे अंतिम XI में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है।

इंग्लैंड के बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ी अटैक के खिलाफ पूरी सीरीज़ में भारत की बल्लेबाज़ी संघर्ष करती रही है। जोफ्रा आर्चर और जोश टोंग ने अपनी गति, उछाल और मूवमेंट से लगातार मेहमान टीम को परेशान किया है, जबकि भारत का अनुभवी मिडिल ऑर्डर हालात के हिसाब से खुद को ढालने में नाकाम रहा है।

अगर सैमसन की वापसी होती है, तो टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि शीर्ष पर सूर्यवंशी की भूमिका को प्रभावित किए बिना उन्हें बल्लेबाज़ी क्रम में कैसे फिट किया जाए। ईशान किशन की विकेटकीपिंग की वजह से उनकी जगह बनी रहने की उम्मीद है, जबकि बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन के बाद उप-कप्तान तिलक वर्मा पर दबाव बढ़ सकता है।

ENGvsIND

 टीम इस प्रकार है :

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वाशिंगटन सुंदर।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टंग, जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, रेहान अहमद, जेम्स कोल्स।

समय: रात 10:00 बजे शुरू होगा। 
 

Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ शुक्ल एकादशी को होगा देवशयनी एकादशी व्रत और शुरू होंगे चतुर्मास, जानें क्या है और क्यों लगता है चतुर्मास

Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी का व्रत किया जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का खास महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस संसार के संचालक भगवान विष्णु इस दिन से चार माह की योग निद्रा में चले जाते हैं। इसलिए इसे देवशयनी या हरिशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन के बाद से चतुर्मास शुरू होते हैं और अगले चार माह तक मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। यानी इस दौरान शादी, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्यो के मुहूर्त नहीं होते। चतुर्मास देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक की अवधि को कहा जाता है। आइए जानें इस साल हरिशयनी एकादशी कब है और इसका धार्मिक/आध्यात्मिक महत्व क्या है?

कब है देवशयनी एकादशी 2026?

देवशयनी एकादशी : शनिवार, 25 जुलाई, 2026

देवशयनी एकादशी तिथि का प्रारम्भ : 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:12 बजे

एकादशी तिथि समाप्त : 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे

व्रत पारण का समय : 26 जुलाई, सुबह 05:39 बजे से सुबह 08:22 बजे तक

26 जुलाई 2026 द्वादशी समापन : दोपहर 01:57 बजे

देवशयनी एकादशी 2026: धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

देवशयनी एकादशी के बाद से चतुर्मास प्रारंभ होता है। देवशयनी एकादशी तिथि और चतुर्मास का बहुत गहरा धर्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। इसे समझने के लिए आइए जानें ये 3 कारण

श्री हरि ने दिया था दानवीर राजा बलि को वचन

वामन अवतार में भगवान विष्णु ने दानवीर दैत्यराज बली से तीन पग में तीनों लोक नाप लिए थे। तब बली की दानवीरता से प्रसन्न होकर उन्होंने बली को पाताल लोक का राजा बना दिया और खुद भी उसके साथ पाताल चलने का वचन दे दिया। इससे चिंतित माता लक्ष्मी ने राजा बली को रक्षासूत्र (राखी) बांधकर उनसे उपहार स्वरूप भगवान विष्णु को मांग लिया। लेकिन भगवान विष्णु अपने भक्त बली को निराश नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने बली को वरदान दिया कि वे हर साल आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी देवशयनी एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी अर्थात् देवप्रबोधिनी एकादशी तक पाताल लोक में रहकर राजा बली के महल का पहरा देंगे। इसी समय को भगवान विष्णु का शयनकाल माना जाता है।

चतुर्मास का वैज्ञानिक और प्राकृतिक कारण

चातुर्मास का आरंभ आषाढ़ महीने के अंत में होता है, जब बारिश का मौसम होता है। बारिश के कारण हवा और पानी में कई संक्रामक बीमारियां तेजी से पनपती हैं। हमारी पाचन शक्ति भी इस दौरान कमजोर हो जाती है। इस मौसम में नदियां भी उफान पर होती हैं और रास्ते बंद हो जाते हैं। इसलिए पहले के समय में साधु-संतों और लोगों को एक ही स्थान पर रुककर ईश्वर भक्ति करने की सलाह दी गई, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

मांगलिक कार्यों पर रोक का कारण

माना जाता है कि चतुर्मास में ब्रह्मांडीय ऊर्जा और मौसम में काफी बदलाव होते हैं। सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु का प्रभाव इस दौरान आंतरिक साधना की ओर मुड़ जाता है, इसलिए शादी, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।

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कल का मौसम 9 जुलाई: यूपी, बिहार, MP समेत इन 22+ राज्यों में IMD जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह आंधी-तूफान की भी चेतावनी

Weather Forecast for July 9: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तरी अरब सागर के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मौसम प्रणालियों की बात करें तो उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके साथ हील दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ सक्रिय है।

इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 9 जुलाई को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है:-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

मध्य प्रदेश

पूर्वी राजस्थान

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

दिल्ली-NCR और गुजरात समेत इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

9 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और राज्यों में भी भारी बारिश दर्ज किए जाने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन इलाकों और राज्यों के नाम नीचे दिए गए हैं-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी हिस्सा)

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब और उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गांगेय पश्चिम बंगाल

केरल और माहे

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हवा की रफ्तार और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है:-

50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल: केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ्तार से आंधी-तूफान आने और हवाएं चलने की आशंका है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: राजस्थान, गुजरात राज्य, संपूर्ण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग हिस्सों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा ओडिशा में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

गरज-चमक और बिजली का अलर्ट: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, उत्तराखंड, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में सतह पर बहुत मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

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Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

A photo providing information on keeping the skin healthy and glowing during the rainy season

baarish ke mausam mein khubsurti ke tips: बदलते मौसम में आपकी त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है। अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए इस आसान रूटीन को फॉलो करें:ALSO READ: घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

 

1. डीप क्लींजिंग है सबसे पहला कदम

उमस के कारण चेहरे पर पसीना, धूल और गंदगी जल्दी जम जाती है, जिससे रोमछिद्र (pores) बंद हो जाते हैं। तो दिन में कम से कम दो बार यानी सुबह और रात को सोने से पहले एक माइल्ड यानी हल्के फेस वॉश से चेहरा साफ करें।

 

ऑयली स्किन के लिए: अगर चेहरा बार-बार तैलीय हो जाता है, तो मुल्तानी मिट्टी या नींबू और शहद का होममेड फेस पैक लगाएं। यह त्वचा से एक्स्ट्रा ऑयल को सोख लेता है।

 

2. जेंटल एक्सफोलिएशन (सौम्य स्क्रब)

हफ्ते में 1 या 2 बार त्वचा से डेड स्किन सेल्स यानी मृत कोशिकाओं को हटाना जरूरी है, लेकिन ध्यान रहे कि स्क्रब बहुत ज्यादा हार्ड न हो।

 

नेचुरल उपाय: बेसन, हल्दी और ओटमील/ जई का आटा को मिलाकर घर पर ही एक बेहतरीन नेचुरल स्क्रब तैयार कर सकते हैं। यह बिना किसी नुकसान के त्वचा को साफ करता है।

 

3. हाइड्रेशन को न करें नजरअंदाज

अक्सर लोग सोचते हैं कि मानसून में हवा में पहले से नमी है, तो मॉइस्चराइजर की क्या जरूरत? यहीं पर सबसे बड़ी गलती होती है।

 

अंदर से हाइड्रेशन: दिन में 8 से 10 ग्लास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स/ विषाक्त पदार्थ बाहर निकल सकें।

 

सही मॉइस्चराइजर चुनें: भारी क्रीम की जगह वॉटर-बेस्ड या जेल-बेस्ड लाइट मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। हयालूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid) और ग्लिसरीन वाले प्रोडक्ट्स त्वचा की नमी को बिना चिपचिपाहट के लॉक रखते हैं।

 

4. धूप न हो, फिर भी सनस्क्रीन है जरूरी

बादल होने का मतलब यह नहीं है कि आपकी त्वचा सुरक्षित है। सूरज की हानिकारक यूवी किरणें बादलों को पार करके भी आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं और वक्त से पहले झुर्रियां ला सकती हैं।

 

टिप: घर से बाहर निकलते समय कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा वाली नॉन-कॉमेडोजेनिक यानी जो रोमछिद्रों को बंद न करे, यह सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

 

5. लाइट मेकअप और पर्सनल हाइजीन

वॉटरप्रूफ मेकअप: इस मौसम में हैवी फाउंडेशन या थिक मेकअप से बचें। अगर मेकअप करना जरूरी हो, तो केवल लाइट और वॉटरप्रूफ प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें।

 

इन्फेक्शन से बचाव: यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो तुरंत साफ पानी से नहाएं और खुद को अच्छी तरह सुखाएं। शरीर के मोड़ वाले हिस्सों- जैसे उंगलियों के बीच, गर्दन, अंडरआर्म्स को सूखा रखें ताकि फंगल इन्फेक्शन और खुजली की समस्या न हो।

 

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IMD Flash Flood Alert: सावधान! अगले 24 घंटों में इन 3 राज्यों में आ सकती है अचानक बाढ़, फ्लैश फ्लड और भारी बारिश की चेतावनी

IMD Flash Flood Alert: देश भर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने लगातार हो रही भारी मॉनसूनी बारिश के मद्देनजर देश के तीन राज्यों महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों के लिए अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों के कई जिलों में मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है जहां बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कुछ इलाकों में 200 मिमी तक बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका काफी बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश से मिट्टी पहले ही पूरी तरह गीली हो चुकी है और नदियां उफान पर हैं। इससे इन क्षेत्रों में तेजी से बाढ़ आने की संवेदनशीलता बढ़ गई है।

पश्चिमी भारत में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

IMD के मुताबिक सबसे ज्यादा फ्लैश फ्लड का खतरा नीचे दिए गए इलाकों को है-

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गुजरात

भारी बारिश से नदियां उफान पर

मौसम एजेंसी का कहना है कि बहुत कम समय में होने वाली बेहद तेज बारिश की वजह से नदियां, नाले और जल निकासी चैनल उफान पर आ सकते हैं। खासकर निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान बाढ़ वाली सड़कों या नदियों के किनारों से यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी है।

क्या होती है अचानक आने वाली बाढ़?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड सामान्य नदी की बाढ़ से बिल्कुल अलग होती है। मौसमी नदी की बाढ़ आमतौर पर बारिश होने के 100 से 150 घंटे बाद आती है लेकिन फ्लैश फ्लड भारी बारिश के कुछ ही मिनटों या घंटों के भीतर आ सकता है। यह स्थिति तब बनती है जब जमीन पानी को सोखने की स्थिति में नहीं रहती या फिर नदियां, नाले और ड्रेनेज चैनल पूरी तरह से भर जाते हैं। तेज हवाओं की वजह से फ्लैश फ्लड अपने साथ मिट्टी, चट्टानें और मलबे को भी बहा ले आती है। अपनी बेहद तेज स्पीड और ताकत की वजह से इसे बारिश के मौसम से जुड़ी सबसे खतरनाक आपदाओं में से एक माना जाता है। ये तुरंत जानलेवा साबित हो सकती है।

IMD कैसे लगाता है फ्लैश फ्लड के खतरे का अनुमान?

मौसम विभाग द्वारा फ्लैश फ्लड की चेतावनियां जारी करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। वैज्ञानिक इसके लिए बारिश के पूर्वानुमान, सैटेलाइट ऑब्जर्वेशन, डॉपलर वेदर रडार डेटा और हाइड्रोलॉजिकल मॉडल्स का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिक मिट्टी की नमी, नदियों के जलस्तर और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का भी बारीकी से एनालिसिस करते हैं ताकि यह सटीक अनुमान लगाया जा सके कि तेज बारिश के बाद कहां पानी तेजी से बढ़ सकता है।

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9 जुलाई तक जारी रहेगा मौसम का यह उग्र रूप

पश्चिमी भारत में वर्तमान दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में 9 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का यह दौर जारी रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर से मिल रही प्रचुर नमी और अनुकूल मानसूनी चक्र की वजह से मौसम का यह चरम रूप देखने को मिल रहा है।