Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

An image providing information on staying healthy during the rainy season

Monsoon Immunity Tips: बारिश का मौसम जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर यह कई मौसमी बीमारियों और संक्रमणों का खतरा भी बढ़ा देता है। विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां मानसून के दौरान तेजी से फैल सकती हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में केवल स्वादिष्ट मानसूनी व्यंजनों का आनंद लेना ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।ALSO READ: बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

 

अगर आप भी इस मानूसन में बीमार पड़ने के बजाय रिमझिम फुहारों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान टिप्स को अपनाकर आप खुद को बिल्कुल फिट रख सकते हैं:

 

1. डाइट में करें थोड़ा बदलाव यानी खान-पान पर कंट्रोल

बारिश के मौसम में पकौड़े और चाट-पकौड़ी खाने का मन सबसे ज्यादा करता है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है।

 

स्ट्रीट फूड से तौबा: इस मौसम में बाहर का खुला खाना, कटी हुई सब्जियां, फल और गंदा पानी 'टायफायड' और 'डायरिया' जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। इसलिए बाहर खाने से बचें।

 

हरी पत्तेदार सब्जियों को कहें 'ना': बारिश में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में कीड़े और बैक्टीरिया पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर खाएं भी, तो उन्हें गुनगुने पानी और नमक से अच्छी तरह धोकर, उबालकर ही खाएं।

 

इम्यूनिटी बूस्टर अपनाएं: अपनी चाय या काढ़े में अदरक, तुलसी, काली मिर्च, लौंग और हल्दी का इस्तेमाल बढ़ा दें।

 

2. पानी उबालकर ही पीएं

मानसून में जल जनित रोग बहुत तेजी से फैलते हैं क्योंकि इस मौसम में पीने के पानी के सोर्स जल्दी दूषित हो जाते हैं। हमेशा पानी को उबालकर और छानकर पीएं। अगर आप ट्रेवल कर रहे हैं, तो केवल सीलबंद भरोसेमंद ब्रांड का ही पानी पीएं। शरीर को हाइड्रेटेड रखना इस मौसम में भी उतना ही जरूरी है जितना गर्मी में।

 

3. पर्सनल हाइजीन/ व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें खास ध्यान

नमी के कारण इस मौसम में फंगल इन्फेक्शन और स्किन एलर्जी बहुत आम हो जाती है।

 

भीगने पर तुरंत नहाएं: अगर आप बारिश के पानी में भीग गए हैं, तो घर आकर साफ पानी और एंटी-बैक्टीरियल साबुन से तुरंत नहाएं और खुद को अच्छी तरह सुखाएं।

 

गीले कपड़े और जूते न पहनें: कपड़ों या जूतों में थोड़ी भी नमी हो, तो उन्हें न पहनें। फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए पैरों को साफ और सूखा रखें।

 

एक छोटा सा मंत्र: इस मौसम में 'ताजा खाएं, उबला पानी पीएं और एक्टिव रहें'। मानसून का मजा तभी है जब आपकी सेहत एकदम चकाचक हो!

 

4. घर के अंदर ही करें वर्कआउट

बारिश की वजह से अक्सर मॉर्निंग वॉक या जिम जाना छूट जाता है, जिससे लोग सुस्त महसूस करने लगते हैं। लेकिन फिटनेस से नो कॉम्प्रोमाइज! अगर बाहर बारिश हो रही है, तो घर के अंदर ही योग, स्ट्रेचिंग, जुम्बा या स्किपिंग/ रस्सी कूदना जैसे कार्य करें। आप 20-30 मिनट का कोई भी होम वर्कआउट यूट्यूब की मदद से कर सकते हैं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म सही रहेगा और वजन भी कंट्रोल में रहेगा।

 

5. मच्छरों से रहें सावधान

मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां मानसून की ही देन हैं क्योंकि जमा पानी में मच्छर तेजी से अंडे देते हैं। अपने घर के आसपास, कूलरों में, गमलों या टायरों में पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंटका इस्तेमाल जरूर करें। पूरी आस्तीनके कपड़े पहनें।ALSO READ: Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

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IND vs ENG: ‘अगला नंबर हमारा हो सकता है’ गौतम गंभीर और टीम के माहौल पर अश्विन ने दिया बड़ा बयान

भारतीय टीम इस समय 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर है। पहला मुकाबला बारिश में रद्द होने के बाद दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड 5 मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की आगे है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वहीं फैंस पिछले काफी समय से वैभव के डेब्यू की मांग कर रहे थे। वहीं वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और संजू सैमसन को बाहर करने पर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना रिएक्शन दिया है।

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन को मौका नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, टीम चयन केवल प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और यह नहीं लगना चाहिए कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का असर फैसलों पर पड़ रहा है।

वैभव ने किया डेब्यू

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में कम रन बनाने के बाद संजू सैमसन को मैनचेस्टर टी20 की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिला, जिसका क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से इंतजार था। वहीं वैभव अपने डेब्यू मुकाबले में सिर्फ 14 रन ही बना सके और भारत को इस मैच में इंग्लैंड के हाथों चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अब सीरीज का तीसरा मुकाबला 7 जुलाई, मंगलवार को खेला जाएगा। भारत सीरीज में वापसी करने की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी बढ़त और मजबूत करना चाहेगा।

संजू के निकाले जाने के फैसले से हुए हैरान

अपने YouTube चैनल ऐश की बात पर बात करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर किया जाना उन्हें समझ नहीं आया। उन्होंने याद दिलाया कि इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। अश्विन ने कहा, “अभी मैं काफी परेशान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर क्यों कर दिया गया। अब संजू क्या सोच रहे होंगे? जब वह नेट्स में अभ्यास करने जाएंगे तो उनके मन में कितनी प्रेरणा होगी?” उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि भारत को संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी कराने के ऑप्शन पर विचार करना चाहिए।

संजू को तीसरे नंबर पर बैटिंग करना चाहिए

अश्विन ने कहा, “अभी टीम के टॉप ऑर्डर में पहले से ही तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं—अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन। ऐसे में मुझे लगता है कि अब संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए जरूर विचार किया जाएगा। मैं पूरे भरोसे के साथ यह कह रहा हूं। कोचिंग स्टाफ और गौतम गंभीर समेत सभी जानते हैं कि संजू के साथ जो हुआ, वह सही नहीं था। अब उन्हें इस स्थिति को किसी न किसी तरह संभालना होगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद अब संजू भी बाहर हो गए, ऐसे में सभी खिलाड़ियों को लग सकता है कि अगला नंबर उनका होने वाला है। ये टीम के लिए अच्छा नहीं है।’

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि टीम चुनते समय कई बार मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, उन्हें थोड़ा ज्यादा भरोसा और मौके मिलने चाहिए।

यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव:गर्मी से 11 लाख करोड़ का नुकसान, अगले साल 34% आबादी पानी को तरसेगी

यूरोप में इस साल गर्मी का लोगों की जिंदगी व अर्थव्यवस्था, दोनों पर सीधा असर पड़ा। यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हीटवेव दर्ज की गई। कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा और कई शहरों में अस्पतालों, बिजली ग्रिड, परिवहन और खेती पर दबाव बढ़ गया। अलग-अलग अनुमानों में इस गर्मी से 20 हजार से ज्यादा मौतों का दावा किया जा रहा है। भीषण गर्मी का यूरोप की जीडीपी पर भी असर हुआ है। एलियांज रिसर्च मॉडल के आधार पर की गई गणनाओं के अनुसार, गर्मी यूरोपीय अर्थव्यवस्था को ₹11 लाख करोड़ तक का झटका दे सकती हैं। वहीं, 2030 तक यूरोप को 61 लाख करोड़ रु. तक का आर्थिक नुकसान सहना पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उत्पादकता में गिरावट, बिजली की मांग में उछाल, फसल नुकसान, पर्यटन पर असर और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव है। विशेषज्ञों के मुताबिक संकट यहीं नहीं रुकेगा। यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी का अनुमान है कि अगले साल तक यूरोप की करीब 34% आबादी जल संकट की चपेट में आ सकती है। दक्षिणी यूरोप में यह संकट और गहरा होगा, जहां गर्मियों में पानी की मांग और बढ़गी। भारत में 45 डिग्री झेल लेते हैं फिर यूरोप में 36 आफत क्यों? भारत में 45 डिग्री तापमान सूखी गर्मी में होता है, इसलिए पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है। यूरोप में 36° डिग्री गर्मी भी उमस के साथ आती है, तो पसीना सूख नहीं पाता और शरीर गर्म रहता है। इसे वेट-बल्ब खतरा कहते हैं। वेट-बल्ब तापमान लंबे समय तक रहे तो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जानलेवा हो सकता है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और किडनी और लिवर फेल हो सकते हैं। उछाल… ब्रिटेन में एसी बिक्री 330%, फ्रांस में 1000% बढ़ी भीषण गर्मी ने एसी को लग्जरी से जरूरत बना दिया है। ब्रिटेन में एसी की बिक्री 330% तक तो फ्रांस में 1000% तक बढ़ी। तापमान बढ़ते ही कई बाजार में स्टॉक घटने लगा। पंखों व पोर्टेबल कूलर की मांग भी कई गुना तेजी से बढ़ी। 23 देशों में गर्मी के रिकॉर्ड टूटे, स्पेन में पारा 45 डिग्री पार हुआ यूरोप की हीटवेव ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कम से कम 23 देशों में जून की गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए। स्पेन में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा, जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स व ब्रिटेन में भी रिकॉर्ड गर्मी दर्ज हुई। भास्कर एनालिसिस भीषण हीटवेव के पीछे ओमेगा ब्लॉक; इसमें गर्म हवा फंसकर बढ़ा रही तबाही ओमेगा ब्लॉक क्या पैटर्न होता है? यह मौसम का ऐसा पैटर्न है, जिसमें हाई-प्रेशर सिस्टम दो लो-प्रेशर सिस्टम के बीच फंस जाता है। इसका आकार ग्रीक अक्षर ओमेगा जैसा दिखता है। इस पैटर्न से गर्मी क्यों बढ़ने लगती है? हाई-प्रेशर सिस्टम गर्म हवा को एक जगह रोक देता है। बादल कम बनते हैं, बारिश रुकती है और जमीन लगातार गर्म होती रहती है। इससे यह संकट होता है। यूरोप की हीटवेव इस पैटर्न से कैसे जुड़ी है? ओमेगा ब्लॉक ने उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागर की गर्म हवा को यूरोप के ऊपर रोक दिया। इसलिए कई देशों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहा। इस पैटर्न से और क्या असर पैदा होता है? जहां हाई-प्रेशर रहता है, वहां गर्मी और सूखा बढ़ता है। लो-प्रेशर में भारी बारिश-बाढ़ का खतरा बढ़ता है। जलवायु बदलाव से खतरा क्यों बढ़ गया है? ओमेगा ब्लॉक पहले भी बनते थे, लेकिन अब धरती ज्यादा गर्म है। इसलिए ऐसे पैटर्न में फंसी हवा पहले से ज्यादा गर्म और जानलेवा होने लगी हैं। यूरोप दुनिया में सबसे तेजी से गर्म हो रहा है। इसलिए ओमेगा ब्लॉक यहां ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं। यूरोप के 20% घरों में ही एसी; इसलिए भी संकट ज्यादा यूरोप में हीटवेव इसलिए भी ज्यादा घातक साबित हो रही है, क्योंकि वहां सिर्फ 20% घरों में ही एसी है। अमेरिका में एसी 90% से भी ज्यादा घरों में है। यूरोप की ज्यादातर इमारतें ठंडे मौसम के हिसाब से बनी हैं। इसलिए तापमान ज्यादा होने पर घर, अस्पताल व नर्सिंग होम तक गर्म हो जाते हैं। बुजुर्गों, बच्चों व बीमार लोगों पर खतरा और बढ़ जाता है।

ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा मानसून का रौद्र रूप! इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

ISRO Satellite Images: देश के कई हिस्सों में अभी लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस साल मनसून के देरी से आने की वजह से लोगों को गर्मी से अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। वहीं भीषण गर्मी से परेशान और फसलों के लिए बारिश की राह देख रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय अपने सबसे मजबूत दौर में है। नई तस्वीरों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर घने बादलों का बड़ा क्षेत्र दिखाई दे रहा है। इन बादलों की वजह से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई जगह तेज बारिश हो रही है।

सामने आई ISRO की ये तस्वीरें 

इसरो के INSAT-3DR उपग्रह से मिली तस्वीरों के अनुसार, बादलों का एक बड़ा समूह पूर्वी-मध्य अरब सागर से लेकर कोंकण तट तक फैला हुआ है। वहीं, दूसरा बड़ा बादल तंत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है, जिसका असर पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी देखा जा रहा है। सैटेलाइट की थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों में दोनों बादल तंत्रों के ऊपरी हिस्से चमकीले सफेद दिखाई दे रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि इन इलाकों में तेज़ बादल बनने की प्रक्रिया चल रही है और गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। कई जगह बहुत ज़्यादा बारिश होने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने दी ये जानकारी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। भारत के पश्चिमी हिस्से में अरब सागर के ऊपर बना मौसम तंत्र कोंकण तट के पास और अधिक मजबूत हो गया है। समुद्र का गर्म पानी और मानसून की तेज़ हवाएं इसे लगातार ताकत दे रही हैं। पिछले कुछ दिनों से तटीय इलाकों में कई जगह लगातार तेज बारिश हो रही है। इससे निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। कई सड़कों पर जलभराव होने और बारिश के कारण कम दिखाई देने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्वी भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और ऊपरी स्तर की हवाओं के कारण बादल तेजी से ऊपर उठ रहे हैं और बड़े तूफानी बादलों का रूप ले रहे हैं। इसी वजह से पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई जगह तेज़ बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

शुरुआत में मानसून की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अब इसके फिर से सक्रिय होने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है। हालांकि, लगातार हो रही तेज़ बारिश के कारण शहरों में जलभराव, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और लोगों के आने-जाने में दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज़ हो सकती है। ऐसे में जिन इलाकों में बाढ़ या भूस्खलन का खतरा है, वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

ईशान किशन ने बताया इंग्लैंड में जीत का स्वाद चखना है तो बल्लेबाजों को करना होगा यह (Video)

विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का मानना ​​है कि भारत को इंग्लैंड की परिस्थितियों में बेहतर तरीके से ढलना होगा और बीच के ओवरों में धीमी गति से बल्लेबाजी करने की समस्या से निजात पाना होगा जिसके कारण उसे दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।भारत अपने पिछले चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में जीत हासिल नहीं कर पाया है।

आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच हारने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला का पहला मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था जबकि दूसरे मैच में वह चार विकेट से हार गया था। इस मैच में भारतीय टीम बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाई थी।

किशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बिल्कुल उनके पास गेंदबाजी के सबसे अच्छे विकल्प होंगे। उन्हें परिस्थितियों की बेहतर समझ होगी। लेकिन हम भी सुधार की कोशिश कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाड़ी हमारे खिलाफ क्या कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ज्यादा जानकारी है। हमें यह समझना होगा कि हम एक टीम के रूप में 20 अतिरिक्त रन कहां बना सकते हैं। हम इस पर बात करेंगे और आगे इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैच शुरू से ही हमारी पकड़ में था। मैच हमारे हाथ में था लेकिन दो फ्री हिट मिलने से इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव कम हुआ। उन्होंने इसका फायदा उठाया।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने काफी अच्छी गेंदबाजी की। हमारी अपनी रणनीति थीं, लेकिन साथ ही, हमें बेथेल को इसका श्रेय देना होगा क्योंकि वह लंबे समय तक टिके रहे और उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाया।’’

किशन ने स्वीकार किया कि लगातार हार से मानसिकता में बहुत बड़ा फर्क पड़ता है, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इतने परिपक्व हैं कि वे एक टीम के रूप में हार को समझ सकते हैं और उससे उबर सकते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘भले ही हम जीत नहीं पाए लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम यह समझें कि हम कहां सुधार कर सकते हैं। हम सब सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।’’

किशन ने कहा, ‘‘हारने से भी सोच पर प्रभाव पड़ता है लेकिन हम सभी इतने परिपक्व हैं जो यह समझते हैं कि क्या हो रहा है और एक टीम के रूप में हम कहां सुधार कर सकते हैं।’’

बारिश में इन किलों की खूबसूरती देखकर भूल जाएंगे हिल स्टेशन, जरूर बनाएं ट्रिप का प्लान!

बारिश का मौसम आते ही महाराष्ट्र के पहाड़, घाटियां और ऐतिहासिक किले हरियाली से भर जानते हैं। मानसून में इन किलों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है और बादलों, झरनों व ठंडी हवाओं के बीच ट्रेकिंग का एक्सपीरियंस बेहद यादगार बन जाता है। अगर आप नेचर और एडवेंचर का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ये किले आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हैं:

1. सिंहगढ़ किला, पुणे

पुणे में सिंहगढ़ किले का समय, प्रवेश शुल्क, टिकट की कीमत; सिंहगढ़ किले के खुलने और बंद होने का समय, छुट्टियां और फोन नंबर

सिंहगढ़ किला पुणे से लगभग 30 किलोमीटर दूर है और महाराष्ट्र के सबसे पॉपुलर ट्रेकिंग डेस्टिनेशन में से एक माना जाता है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज और तानाजी मालुसरे के शौर्य से जुड़ा हुआ है। बारिश के मौसम में यहां चारों तरफ घनी हरियाली, ठंडी हवाएं और बादलों से घिरी पहाड़ियां देखने को मिलती हैं, जो पूरे माहौल को बेहद खूबसूरत बना देती हैं।

यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेक बहुत कठिन नहीं है, इसलिए परिवार और नए ट्रेकर्स भी आसानी से आ सकते हैं। रास्ते में छोटे-छोटे झरने जर्नी को और भी रोमांचक बना देते हैं। किले की ऊंचाई से पुणे शहर और आसपास की घाटियों का नजारा बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। सुबह जल्दी या शाम के समय यहां का मौसम सबसे ज्यादा सुहावना रहता है। दुकानों पर मिलने वाला पिठला-भाकरी, कांदा भजी और गर्म चाय इस ट्रिप का स्वाद और बढ़ा देते हैं।

2. रायगढ़ किला, महाड

File:Raigarh fort.jpg - Wikimedia Commons

रायगढ़ किला मराठा साम्राज्य की राजधानी रहा है और इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे महत्वपूर्ण किलों में गिना जाता है। मानसून के दौरान यह पूरा इलाका बादलों से ढक जाता है और हर तरफ फैली हरियाली इसे किसी स्वर्ग जैसा बना देती है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां से घाटियों और पहाड़ों का नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है।

यहां ट्रेकिंग के अलावा रोपवे की सुविधा भी अवेलेबल है, जिससे बुजुर्ग और बच्चे भी आसानी से किले तक पहुंच सकते हैं। किले के अंदर राजमहल, दरबार, बाजार और शिवाजी महाराज की समाधि देखने को मिलती है। बारिश के मौसम में किले के आसपास बहते झरने इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं और फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।

3. हरिश्चंद्रगढ़ किला, अहिल्यानगर

महाराष्ट्र में हरिश्चंद्रगढ़ किला

हरिश्चंद्रगढ़ महाराष्ट्र के सबसे पुराने और रोमांचक किलों में से एक है। यह अपनी ऊंची पहाड़ियों, घने जंगलों और फेमस कोकणकडा के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां बादल इतने करीब आ जाते हैं कि कई बार पूरा किला धुंध में छिप जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली और झरने इसे नेचर लवर के लिए किसी जन्नत से कम नहीं बनाते।

यह ट्रेक थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां जाने से पहले अच्छी तैयारी करना जरूरी है। किले के पास प्राचीन मंदिर और गुफाएं भी देखने लायक हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का व्यू बेहद मनमोहक होता है और मानसून में बादलों का समुद्र जैसा नजारा देखने को मिलता है।

4. टिकोना किला, कामशेत

टिकोना किला: त्रिकोणीय पहाड़ी किले के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका

टिकोना किला अपनी ट्राइएंगुलर शेप के कारण काफी पॉपुलर है। यह किला पवना झील के पास है और मानसून के समय इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। बारिश में यहां की पहाड़ियां, हरियाली और बादलों से घिरी जगह टूरिस्ट को अपनी ओर अट्रैक्ट करता है।

यह ट्रेक आसान है, इसलिए नए ट्रेकर्स के लिए भी अच्छा ऑप्शन माना जाता है। किले की चोटी से पवना झील और आसपास की घाटियों का दृश्य बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। रास्ते में छोटे झरने और पत्थरों के बीच से गुजरने वाला ट्रेक रोमांच को और बढ़ा देता है।

5. राजगढ़ किला, पुणे

File:Rajgad Fort in Pune, Maharashtra.jpg - Wikimedia Commons

राजगढ़ किला कई वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रहा था। यह किला अपने विशाल क्षेत्र, मजबूत किलेबंदी और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां हर तरफ हरियाली फैल जाती है और बादलों के बीच से दिखाई देने वाले पहाड़ बेहद आकर्षक लगते हैं।

यह ट्रेक थोड़ा लंबा है, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद दिखाई देने वाला व्यू सारी थकान भुला देता है। किले के अलग-अलग जगहों से घाटियों और पर्वतों का नजारा बहुत शानदार दिखाई देता है। एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।

6. लोहागढ़ किला, लोनावला

लौहगढ़ फोर्ट में ऐसा क्या है? कितनी हसीन हैं इसकी वादियां जो कपल के लिए है फेवरेट, कैसा है यहां का मौसम, दिल्ली से कैसे जाएं - News18 हिंदी

लोहागढ़ किला मानसून ट्रेकिंग के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। लोनावला के पास यह किला बारिश के मौसम में पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। बादलों के बीच से गुजरते रास्ते, छोटे-छोटे झरने और ठंडी हवाएं यहां आने वाले हर टूरिस्ट को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

यह ट्रेक आसान माना जाता है, इसलिए परिवार, बच्चे और पहली बार ट्रेकिंग करने वाले लोग भी आराम से यहां जा सकते हैं। किले का पॉपुलर ‘विंचूकाटा’ हिस्सा और ऊपर से दिखने वाला नटुरेल सीन मानसून में बेहद शानदार लगता है। फोटोग्राफी और नेचर लवर के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

बारिश वाली सैर पर जाने से पहले ये तैयारी जरूर करें

लोहगढ़ किला, लोनावला: एक संपूर्ण गाइड

बारिश के मौसम में ट्रेकिंग का आनंद तभी मिलता है, जब सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। हमेशा अच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग जूते पहनें ताकि फिसलन वाले रास्तों पर बैलेंस बना रहे। मौसम देखकर ट्रिप की प्लानिंग बनाएं। अपने साथ रेनकोट, अतिरिक्त कपड़े, पानी, हल्का भोजन, प्राथमिक उपचार किट और मोबाइल के लिए वाटरप्रूफ कवर जरूर रखें। झरनों, तेज बहते पानी और खतरनाक चट्टानों के बहुत करीब जाने से बचें। साथ ही जिस जगह पर जाएं उसे साफ-सुथरा छोड़कर लौटें।

बारिश के मौसम में अगर आप ट्रेकिंग का आनंद लेना चाहते हैं, तो ये सभी किले आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। बस सही तैयारी और जरूरी सावधानियों के साथ ट्रैवल करें, ताकि आपका सफर सेफ और यादगार बन सके। यकीन मानिए, इन किलों की मानसूनी वादियां और बादलों से घिरे नज़ारे आपको बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देंगे।

Mumbai-Pune traffic: भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर बह गई पटरियां! 16 ट्रेनें रद्द, Mumbai-Pune expressway भी बंद

Mumbai-Pune traffic: मुंबई-पुणे के व्यस्त रेल रूट्स पर मूसलाधार बारिश के कारण करजत-लोनावला घाट सेक्शन में भूस्खलन हो गया है। इससे रेल ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मध्य रेलवे के मुंबई मंडल के ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप केबिन के बीच अप मेन लाइन पर मलबा और बड़े पत्थर गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर ट्रेन की पटरियां पानी में बह गई हैं।

मुंबई डिवीजन में ठाकुरवाड़ी (TKW) और मंकी हिल लूप केबिन (MHLC) के बीच ‘अप मेन लाइन’ पर मलबा गिरने के बाद सेंट्रल रेलवे ने सोमवार को 16 ट्रेनों को रद्द करने और 9 अन्य ट्रेनों का रूट बदलने की घोषणा की।

सेंट्रल रेलवे के अनुसार, घाट इलाके में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इससे मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त रेलवे कॉरिडोर में से एक पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि भारी भूस्खलन और ट्रैक पर गिरे बोल्डरों के कारण राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

उन्होंने पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम कर जल्द से जल्द रेल सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) की ओर से सोमवार यानी 6 जुलाई को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें

CSMT–पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

पुणे–सोलापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

CSMT–पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

सिंहगढ़ एक्सप्रेस

CSMT–धुले एक्सप्रेस

इसके अलावा अहमदाबाद-कोल्हापुर एक्सप्रेस, अहमदाबाद-पुणे दुरंतो, बीदर-CSMT एक्सप्रेस, हज़ूर साहिब नांदेड़-पनवेल एक्सप्रेस, एलटीटी-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस, चेन्नई एग्मोर-CSMT मेल समेत नौ लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक रूट्स से चलाया जा रहा है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पिछले दो दिनों में 327 मिमी और 162 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

जबकि सोमवार को केवल चार घंटे में 140 मिमी बारिश हुई, जिससे भूस्खलन और गंभीर हो गया। प्रभावित ट्रैक से मलबा हटाने और रेल सेवाएं सामान्य करने के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें, क्योंकि करजत-लोनावला घाट सेक्शन में बहाली का कार्य अभी जारी है।

यात्रियों के लिए हेल्पलाइन

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

लोनावला: 8356854238

दादर: 9136452387

पनवेल: 9004410777

एलटीटी: 9321336835

कल्याण: 8356848078

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बंद

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे पुराना हाईवे भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोमवार को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नागरिकों से अगले आदेश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा से बचने की अपील की है।

पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है, “लोगों से अनुरोध है कि अगले निर्देश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा करने से बचें। जो लोग यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करने और सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी ट्रैवल एजवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है।”

वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित

पुलिस ने बताया कि मावल और ताम्हिणी घाट के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे पुणे और मुंबई को जोड़ने वाले वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को एक कंक्रीट का खंभा गिर जाने के बाद ‘कनेक्टिंग लिंक’ और ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन के बीच ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण मुंबई-पुणे पुराने हाईवे को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में भूस्खलन हुआ है, जहां प्रभावित इलाके में एक परिवार के फंसे होने की सूचना है।

स्कूल बंद

उन्होंने बताया कि बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, भारी बारिश को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों के लिए छुट्टी की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के दौरान सोमवार तड़के खोपोली-कुसगाव ‘मिसिंग लिंक’ की सुरंग-दो के निकास के पास भूस्खलन होने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बाधित हो गया।

दो महीने पहले शुरू किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 13 किलोमीटर लंबा बाईपास है। इस रूट के बन जाने से अब यात्रा में 25 से 30 मिनट तक कम समय लगता है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरडीसी) ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर सोमवार तड़के चार बजे से मार्ग में परिवर्तन किया गया।

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निगम ने कहा कि वह हाईवे ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही इस मार्ग से यात्रा करें।पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली से मुंबई जा रहे एक वाहन चालक ने पीटीआई को बताया कि वह तड़के चार बजे से लोनावला के पास फंसे हुए हैं, क्योंकि मिसिंग लिंक बंद होने के बाद मुंबई जाने वाले रूट में परिवर्तन कर दिया गया है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 6 जुलाई को दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिसको देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और दिन भर तेज बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन भर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

आज का पूरा मौसम का हाल देखें

मौसम के अनुमान के मुताबिक, आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। शाम और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही मौसम के हालात ऐसे ही बने रहेंगे, जिसमें आंधी-तूफान और तेज हवाएं भी शामिल हैं।

वहीं, बीते दिन यानी रविवार को दिल्ली के मौसम में थोड़ा बदलाव देखा गया। दिनभर हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस बनी रही। मौसम में आए इस बदलाव का असर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। खराब मौसम की वजह से कुछ उड़ानों में देरी हुई, जिसके बाद कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की।

दिल्ली में मॉनसून का आगमन

खास बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच गया। यह अपने सामान्य समय से पांच दिन देरी से पहुंचा, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि दिन भर बादल छाए रहने के कारण तापमान सामान्य से काफी कम रहा।

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल मानसून 29 जून को दिल्ली पहुंचा था। इसके अलावा, 2024 में मानसून 28 जून, 2023 में 25 जून, 2022 में 30 जून और 2021 में 13 जुलाई को आया था।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें और बेवजह यात्रा करने से बचें, खासकर उन इलाकों में जहां पानी भरने की संभावना हो। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही लें और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।

मानसून के आगे बढ़ने के साथ IMD लगातार मौसम पर नजर रखे हुए है। विभाग ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान और एडवाइजरी नियमित रूप से देखने की अपील की है। वहीं, प्रशासन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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Mumbai Weather Update: महाराष्ट्र में मानसून ने अपना सबसे रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर सहित राज्य के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मुंबई ने मुंबई, पालघर, रायगढ़ और ठाणे जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इन इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।

मौसम विभाग ने लोगों को बेहद सतर्क रहने और सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी है। भारी बारिश और सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई, पुणे, ठाणे और नवी मुंबई में 6 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया गया है। मुंबई-पुणे रेल रूट पर भूस्खलन होने से ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है।

कर्जत-लोनावला रूट पर लैंडस्लाइड, मुंबई-पुणे ट्रेन सेवाएं ठप

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग के बेहद संवेदनशील कर्जत-लोनावला भोर घाट (खंडाला घाट) सेक्शन में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते सोमवार तड़के से ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में ठाकुरवाड़ी के पास भारी लैंडस्लाइड हुआ है। इसके अलावा तड़के करीब 3:05 बजे खंडाला और मंकी हिल के बीच मिडिल लाइन पर भी एक और लैंडस्लाइड की रिपोर्ट मिली है।

भोर घाट सेक्शन में तीन रेलवे लाइनें हैं अप लाइन (मुंबई की तरफ), डाउन लाइन (पुणे की तरफ) और मिडिल लाइन। लगातार हो रही बारिश और मलबे के कारण ये तीनों ही लाइनें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे सेंट्रल रेलवे को कई लंबी दूरी की ट्रेनों को कैंसिल, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट करना पड़ा है।

कैंसिल की गई प्रमुख ट्रेनों की लिस्ट

सीएसएमटी-पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

धुले एक्सप्रेस

पुणे-सीएसएमटी सिंहगढ़ एक्सप्रेस

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि युद्धस्तर पर मलबा हटाने और ट्रैक बहाली का काम जारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। यात्रियों की मदद और रीयल-टाइम अपडेट के लिए मध्य रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए हैं-

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

दादर: 9136452387

लोनावला: 8356854238

पुणे में रेड अलर्ट: सभी स्कूल बंद, नदियों से दूर रहने की अपील

पुणे जिले के लिए मौसम विभाग द्वारा ‘रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुणे के जिलाधिकारी श्री जितेंद्र डुडी ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। पुणे नगर निगम (PMC) ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि लोग नदियों, नालों और अन्य खतरनाक या जलजमाव वाले स्थानों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में भी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

मुंबई: BMC ने भारी बारिश और तेज हवाओं के ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए मुंबई के सभी सरकारी, निजी और नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों और कॉलेजों में सोमवार को छुट्टी घोषित की है। बीएमसी ने साफ किया है कि सरकारी और निजी दफ्तर हमेशा की तरह सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।

ठाणे: ठाणे के जिला कलेक्टर श्रीकृष्णनाथ पांचाल ने भी सुरक्षा के मद्देनजर जिले की सभी आंगनबाड़ियों, बालवाड़ियों, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को आज बंद रखने का आदेश दिया है।

नवी मुंबई: नवी मुंबई नगर निगम ने भी सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल और एनएमएमसी कमिश्नर कैलास शिंदे ने नागरिकों से बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की भावुक अपील की है।

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Mumbai Rains: मुंबई के मानखुर्द इलाके में रविवार (5 जुलाई) रात भारी बारिश के बीच तीन मंजिला चॉल ढह जाने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है। उसे खोजने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के कर्मियों सहित कई एजेंसियों द्वारा एक संयुक्त बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों के अनुसार, चार महिलाओं और एक पुरुष को नगर निकाय द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया। एक अन्य पुरुष को राजावाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

उन्होंने बताया कि एक घायल पुरुष का इलाज बीएमसी द्वारा संचालित राजावाड़ी अस्पताल में किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा रात करीब साढ़े आठ बजे हनुमान मंदिर के पीछे स्थित जनता नगर की चॉल नंबर-5 में हुआ। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ग्राउंड सहित तीन मंजिला इमारत के दो-तीन कमरे अचानक ढह गए। इसके बाद, मुंबई अग्निशमन दल (एमएफबी), पुलिस, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के वार्ड कार्यालय तथा 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।

एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका

अधिकारियों ने बताया कि मलबे में एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है। उसे बाहर निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है तथा एनडीआरएफ की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने का पता लगाने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय पार्षद नवनाथ बान ने भी कहा कि एक और व्यक्ति लापता है। उन्होंने बताया कि चॉल का हिस्सा पास की एक झोपड़ी पर गिर गया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह से बचाव कार्य में व्यवधान आ रहा है।

आज बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सोमवार 6 जुलाई को सभी सरकारी, निजी और नगर निगम के स्कूलों तथा कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने रविवार शाम एक बयान में कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसके मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। आईएमडी ने भारी बारिश के अलावा तेज हवा चलने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

अब तक बारिश से 3 की मौत

बयान में कहा गया है कि सरकारी और निजी दफ्तर सामान्य रूप से काम करेंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें। मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बहुत भारी बारिश हो रही है जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया है। पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं। 30 जून से अब तक इन घटनाओं में एक स्कूली छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि पुणे, ठाणे और पालघर जिलों के शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी इसी तरह का एडवाइजरी जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पुणे जिला प्रशासन ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने यह जानकारी दी।

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इस बीच, IMD द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुंबई विश्वविद्यालय ने छह जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड द्वारा रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जल्द ही यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।