IND vs ENG: इन 6 गेंदों ने भारत से छीन लिया मैच, जैकब बेथल ने खेली धाकड़ पारी, टीम इंडिया को मिला हार

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेला गया। मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे टी-20 में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने आई इंग्लैंड की टीम 19 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया।

जैकब बेथेल की नाबाद अर्धशतकीय पारी टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह रही। वहीं इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। लेकिन वह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए वैभव 14 रन की ही पारी खेल पाए।

कैसी थी भारत की पारी

दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने 191 रनों का लक्ष्य रखा। टीम को 15 वर्षीय डेब्यू खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी (14) और अभिषेक शर्मा (43) ने तेज शुरुआत दिलाई और दोनों ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। अच्छी शुरुआत के बाद वैभव अपना विकेट गंवा बैठे। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों पर 43 रन, ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रन की अहम पारी खेली। आखिरी ओवरों में तिलक वर्मा ने सिर्फ 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाकर टीम का स्कोर 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3 विकेट झटके।

कैसी थी इंग्लैंड की पारी

191 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में जोस बटलर और फिल सॉल्ट को बिना खाता खोले पवेलियन भेजकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने 39 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की। उनके आउट होने के बाद जैकब बेथेल ने 46 गेंदों में नाबाद 76 रन की शानदार पारी खेली। वहीं टॉम बैंटन ने 32 गेंदों पर 39 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।

मैच के आखिरी ओवरों में जब भारत जीत की ओर बढ़ता दिख रहा था, तब बेथेल ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में बेथेल ने 29 रन बना डाले। उनकी दमदार पारी की बदौलत इंग्लैंड ने 19 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया और 4 विकेट से जीत दर्ज की।

भारत की प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हर्षित राणा, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग

Monsoon Watch 4 July: अगले 4 दिनों में आक्रामक होकर इस ओर बढ़ेगा मानसून, IMD ने इन इलाकों में तूफानी बारिश का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को जानकारी दी है कि अगले चार दिनों के भीतर मानसून आक्रामक रूप दिखाते हुए उत्तर अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लेगा। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है। इस मजबूत मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों के दौरान देश के मध्य भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के लगातार सक्रिय चरण में रहने की संभावना है। इसके कारण कई राज्यों में गरज-चमक, आंधी और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

इन 5 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

आईएमडी के विशेष बुलेटिन के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में बादलों का रौद्र रूप दिखेगा जहां छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है-

  • कोंकण एवं गोवा और गुजरात क्षेत्र: 4 से 7 जुलाई के दौरान अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 4 से 6 जुलाई के बीच रिकॉर्डतोड़ बारिश की संभावना।
  • सौराष्ट्र और ओडिशा: 4 और 5 जुलाई को छिटपुट इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश: 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-हरियाणा में व्यापक बारिश, यूपी में भारी वर्षा

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 4-7 जुलाई और पूर्वी यूपी में 4-6 जुलाई के दौरान छिटपुट से बिखरी हुई बारिश होगी। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जुलाई के दौरान मौसम बदलेगा और व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9-10 जुलाई और पूर्वी यूपी में 8-10 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को दोनों क्षेत्रों में बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: इन क्षेत्रों में 4-5 जुलाई और 9-10 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 6 से 8 जुलाई के बीच व्यापक बारिश के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही 4-5 जुलाई को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 5-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। यहां 4-7 जुलाई और 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 8 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 4-10 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 4-6 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी चलेगी। ये 7-10 जुलाई को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में बदलेगी। पश्चिमी राजस्थान में 4 जुलाई और 6-8 जुलाई को भारी बारिश होगी।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: दोनों राज्यों में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 4 जुलाई और 6-10 जुलाई को भारी बारिश जबकि 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 4-5 जुलाई और 8-9 जुलाई को भारी बारिश जबकि 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: यहां 4-5 जुलाई को छिटपुट और 6-9 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) यहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी में आफत की बारिश, झारखंड में कड़केगी बिजली

मध्य प्रदेश: पूरे राज्य में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 5-8 जुलाई तक बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4-8 जुलाई के बीच बहुत भारी और 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। दोनों हिस्सों में 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: दोनों क्षेत्रों में 4-10 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 6-7 और 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार: बिहार में 4 से 10 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश होगी। हालांकि 6-7 जुलाई और 10 जुलाई को बिहार में भारी बारिश का अलर्ट है। 4-8 जुलाई के दौरान यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी।

झारखंड: यहाँ 4-10 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 4 जुलाई को झारखंड में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने का विशेष अलर्ट दिया गया है। यहां 5-7 जुलाई के बीच भारी बारिश और 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की आंधी चल सकती है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: ओडिशा में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी, 6-7 जुलाई को बहुत भारी और 10 जुलाई को भारी बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 व 6 जुलाई को भारी और 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पश्चिमी भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में बाढ़ जैसे हालात

गुजरात, कोंकण और गोवा: कोंकण और गोवा में 4-10 जुलाई तथा गुजरात क्षेत्र में 4-8 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा): मध्य महाराष्ट्र में 4-6 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। मराठावाड़ा में 4-5 जुलाई को भारी बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान तेज आंधी-बिजली (40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं) चलने का अलर्ट है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में 50-60kmph का बवंडर

तेलंगाना: तेलंगाना में 4 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी दी गई है। यहां 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 5 जुलाई को भारी बारिश होगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 4-10 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4-8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। कर्नाटक के सभी हिस्सों में 4-7 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी चलेगी।

केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: केरल और माहे में 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी का अलर्ट है। रायलसीमा में 4-10 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

उत्तर-पूर्व भारत: सातों राज्यों में भारी वर्षा

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम और मेघालय में 7-9 जुलाई और अरुणाचल प्रदेश में 7-8 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 4 से 10 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। इस पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) यहाँ भारी बारिश और 4-8 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

भारी उमस और गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच कुछ राज्यों में भारी उमस लोगों को परेशान करेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 4 और 5 जुलाई को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। असम और मेघालय में 4 से 7 जुलाई के दौरान लोगों को तीखी गर्मी और उमस भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।

कल का मौसम 5 जुलाई: राजस्थान से MP तक आंधी-तूफान, IMD ने इन 20+ राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार, बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब व हरियाणा के बाकी बचे इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से मौसम विभाग ने 5 जुलाई को देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 5 जुलाई को देश के चार राज्यों में बादलों का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां छिटपुट स्थानों पर मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है-

  • गुजरात
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा

मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के मुताबिक, 5 जुलाई को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • छत्तीसगढ़
  • विदर्भ
  • उत्तराखंड
  • गंगीय पश्चिम बंगाल
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक

इन 10 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई अन्य हिस्सों में भी 5 जुलाई को भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा:

उत्तर प्रदेश और बिहार से सटे राज्य झारखंड में भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है। केरल और माहे, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। महाराष्ट्र के मराठावाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है। असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

दिल्ली-पंजाब से राजस्थान और एमपी तक आंधी-तूफान और बिजली का कहर

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर-पश्चिम भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में भी बिजली गिरने की चेतावनी है।

मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र व मराठावाड़ा क्षेत्र, झारखंड, और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। बिहार और विदर्भ में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

दक्षिण भारत और अन्य क्षेत्र: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है। इसके अलावा गुजरात क्षेत्र में भी बिजली गिरने की संभावना है।

कर्नाटक, केरल और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं

बारिश और आंधी के अलावा, आईएमडी ने कर्नाटक, केरल व माहे और रायलसीमा में अलग-अलग स्थानों पर बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

उत्तर-पूर्व और यूपी में भारी उमस, अरुणाचल में गर्म दिन का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच कुछ राज्यों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। असम व मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर गर्म दिन रहने की आशंका जताई है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए चेतावनी

अरब सागर: सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों और मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। यही स्थिति महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर भी रहेगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र व उससे सटे पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: मध्य बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा के तटों, आंध्र प्रदेश, उत्तरी व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

Sawan 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय महीना सावन, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इस माह में जरूर करें तुलसी की मंजरी का उपाय

Sawan 2026: हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह का विशेष स्थान है। यह भगवान शिव का प्रिय माह है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दौरान श्रद्धालु कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ करते हैं। माना जाता है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त होती है तथा भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।

सावन 2026 के करीब आते ही देशभर के शिवभक्त व्रत, पूजा, कांवड़ यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियों में जुट जाएंगे। यह पूरा महीना भगवान शिव की भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। इस माह में तुलसी का पौधा लगाना और उसमें मंजरी आना बहुत शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सावन में तुलसी का पौधा लगाने से सारी नेगेटिविटी दूर हो जाती है।

मां लक्ष्मी की कृपा का संकेत है तुलसी में मंजरी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी पर मंजरी आना अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि मां लक्ष्मी की कृपा आपके घर पर बनी हुई है और जल्द ही कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

तुलसी की मंजरी करें श्री हरि को अर्पित

सावन के महीने में अक्सर घर में लगी तुलसी में मंजरी आने लगती है। तुलसी में मंजरी आना शुभ संकेत माना जाता है। यह भगवान विष्णु को भी प्रिय है। इसलिए सावन में इसके ये उपाय जरूर करने चाहिए

  • तुलसी की मंजरी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। यदि तुलसी पर मंजरी आ जाए, तो उसे तोड़कर भगवान विष्णु या लड्डू गोपाल को अर्पित करना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
  • मंजरी को कभी भी शिवलिंग पर न चढ़ाएं, क्योंकि शास्त्रों में इसे वर्जित माना गया है।
  • यदि मंजरी सूख जाए, तो इसे फेंकने के बजाय गमले की मिट्टी में डाल दें। इससे नए तुलसी के पौधे उगेंगे, जिससे घर में हरियाली और बरकत बनी रहती है।

घर में तुलसी लगाने के नियम

तुलसी का पौधा घर में लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। बहुत से लोग सावन में घर में तुलसी का पौधा लगाते हैं। आइए जानें इसे लगाने के नियम

  • तुलसी का पौधा हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए।
  • तुलसी की पूजा करना अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए फलदायी है।
  • बारिश के मौसम में नमी के कारण मिट्टी में पानी रुक सकता है, जिससे जड़ें सड़ सकती हैं। अतः तुलसी के गमले में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।

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Monsoon Special Songs: ‘टिप-टिप बरसा पानी’ से लेकर ‘भीगी साड़ी’ तक…., इन हिंदी गानों के साथ बारिश का मजा करें दोगुना

Monsoon Special Songs: आखिरकार मॉनसून का मौसम आ ही गया है। यह अपने साथ बारिश से भीगी सड़कों पर लंबी ड्राइव का मज़ा, आरामदायक स्टेकेशन, गरमा-गरम चाय के साथ कुरकुरे स्नैक्स और खिड़की से बारिश देखते हुए बिताई गई सुस्त शामें लेकर आता है। यहां बॉलीवुड के सात ऐसे गाने हैं जो आपकी रेनी-डे प्लेलिस्ट में जरूर होने चाहिए।

रिमझिम गिरे सावन

1979 में रिलीज हुई ‘मंजिल’ का पॉपुलर गाना ‘रिमझिम गिरे सावन’ बेहद ही रोमांटिक सॉन्ग है। इस गाने को किशोर कुमार, लता मंगेशकर ने आवाज दी है। वहीं संगीतकार राहुल देव बर्मन और गीतकार योगेश हैं। ‘रिमझिम गिरे सावन’ अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी पर मुंबई की बारिश में फिल्माया गया था।

भीगी-भीगी रातों में

अजनबी फिल्म का ये गाना राकेश खन्ना और जीनत अमान पर फिल्माया गया था। बारिश के लिए ये एकदम परफेक्ट सॉन्ग हैं। वहीं अगर आप पुराने गानों के शौकीन हैं तो ये आपकी लिस्ट में एड हो सकता है।

हाय-हाय ये मजबूरी

रोटी, कपड़ा और मकान फिल्म का ये गाना बारिश के मौसम में न सुना जाए तो फिर अधूरा सा लगता है। जीनत अमान-मनोज कुमार स्टारर ये गाना लोगों को बेहद पसंद आता है।

आएगा मजा अब बरसात में

अक्षय कुमार-प्रियंका चोपड़ा की फिल्म अंदाज का बेहद बोल्ड गाना ‘आएगा मजा अब बरसात में’ रिलीज होते ही हिट हो गया था। बारिश स्पेशल गानों की लिस्ट में आप इसे भी शामिल कर सकते हैं।

टिप-टिप बरसा पानी

फिल्म ‘मोहरा’ का रेन सॉन्ग ‘टिप टिप बरसा पानी’ हर किसी की जुबान पर रहता है। आज भी दर्शक इसे बेहद पसंद करते हैं। इस गाने को अलका यागनिक और उदित नारायण ने आवाज दी है। वहीं इसके संगीतकार विनोद राठौड़ और गीतकार आनंद बख्शी हैं। ‘टिप टिप बरसा पानी’ बॉलीवुड के आइकॉनिक रोमांटिक गानों में से एक है।

बादल यूं गरजता है

‘बेताब’ का हिट गाना ‘बादल यूं गरजता है’ आज भी लोगों के जहन में बसा है। यह गाना सनी देओल और अमृता सिंह पर फिल्माया गया था। दोनों की केमेस्ट्री दर्शकों को भी बेहद पसंद आई थी। इस गाने को लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार ने आवाज दी है।

देखो न देखो न

आमिर खान काजोल स्टारर ‘फना’ का गाना ‘देखो ना देखो’ रोमांटिक सॉन्ग है। इसमें दोनों की केमिस्ट्री ने तहलका मचा दिया था। गाने को सोनू निगम, सुनिधि चौहान, जतिन-ललित, प्रसून ने बनाया है। इस गाने को और खूबसूरती बारिश ने दी है।

बारिश

ऐश किंग और शाशा तिरुपति का गाया गाना ‘बारिश’ बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा बारिश वाले गानों में से एक बन गया है और इसे YouTube पर करोड़ों बार देखा जा चुका है। जब आप चाय और पकौड़ों के साथ किसी आरामदायक कोने में बैठते हैं या बस बाहर होती बारिश को देखते हैं, तो यह सुकून देने वाला गाना तुरंत वही आराम देता है जो सिर्फ़ मॉनसून ही दे सकता है।

भीगी साड़ी

‘भीगी साड़ी’ बॉलीवुड के पसंदीदा अंदाज़—बारिश वाले गाने—के जोश और जानी-पहचानी जादू को वापस लाया है। इसमें जान्हवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा ​ हैं। स्क्रीन पर दोनों की केमिस्ट्री ज़बरदस्त है। सिद्धार्थ और जान्हवी बारिश में भीगते हुए अपने शानदार डांस मूव्स से सबका दिल जीत लेते हैं।

India Heavy Rain Alert: दिल्ली से यूपी-बिहार तक इन 25+ राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट, आंधी-तूफान और आएगा 50-60kmph स्पीड वाला बवंडर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर अब बेहद व्यापक और आक्रामक हो चुका है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक वेल-मार्क लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मानसून बेहद सक्रिय चरण में रहेगा।

मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 25 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाले तूफानी बवंडर का अलर्ट जारी किया है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है, और अगले 4 दिनों में इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के बचे हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक कुछ राज्यों में मानसून का सबसे भयंकर रूप देखने को मिलेगा। यहां मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट है:

  • कोंकण और गोवा व गुजरात क्षेत्र: 4 से 7 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका।
  • मध्य महाराष्ट्र: 4 से 6 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।
  • सौराष्ट्र और ओडिशा: 4 और 5 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 4 जुलाई को कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान।
  • उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में आंधी और बारिश का दौर

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: इन राज्यों में 4 और 5 जुलाई तथा फिर 9-10 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। 6 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश और 6-8 जुलाई के बीच ही भारी बारिश का दौर आएगा। 4 और 5 जुलाई को यहाँ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 4-7 जुलाई तक और पूर्वी यूपी में 4-6 जुलाई तक छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद पूर्वी यूपी में 7 से 10 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 8 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। पश्चिमी यूपी में 9-10 जुलाई और पूर्वी यूपी में 8-10 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। 4 जुलाई तथा 7-8 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 5 से 9 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में 4 से 10 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी/बवंडर का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 6-8 जुलाई और पूर्वी राजस्थान में 8 व 10 जुलाई को भारी बारिश होगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 4 जुलाई और 6-10 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी जबकि 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: यहां 4-5 जुलाई को छिटपुट और 6-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ ही पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी तबाही की आशंका

मध्य प्रदेश: पूरे मध्य प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। इसके साथ ही 4-8 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 5-8 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4-8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 6-7 व 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 6 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। इन क्षेत्रों में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी भारत: बिहार-झारखंड और बंगाल में मौसम का मिजाज

बिहार: बिहार में 4 से 10 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश दर्ज की जाएगी। 6, 7 और 10 जुलाई को बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है। 4 से 8 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है।

झारखंड: झारखंड में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 4 जुलाई को झारखंड में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने का विशेष अलर्ट है। यहां 5-7 जुलाई के बीच भारी बारिश और 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की आंधी चल सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 और 6 जुलाई को भारी बारिश और 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 6-8 जुलाई को भारी और 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

पश्चिमी भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में आफत की बारिश

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण व गोवा में 4-10 जुलाई और गुजरात क्षेत्र में 4-8 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 4-6 जुलाई को अत्यंत भारी और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मराठावाड़ा में 4-5 जुलाई को भारी बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान तेज आंधी-बिजली का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में 50-60kmph का थंडरस्कॉल और भारी बारिश

तेलंगाना: तेलंगाना में 4 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तीव्र थंडरस्कॉल यानी बवंडर आने की सख्त चेतावनी दी गई है। 4 जुलाई को यहाँ बहुत भारी बारिश और 5 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

कर्नाटक: तटीय, उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 7 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में 4-10 जुलाई तक लगातार भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। इन क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: केरल और माहे में 4-5 जुलाई को भारी और 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी-तूफान का अलर्ट है।

उत्तर-पूर्व भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी वर्षा का अनुमान

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश: असम और मेघालय में 7-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 4-10 जुलाई के बीच लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश में 6-10 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश और इस पूरे हफ्ते भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 4-8 जुलाई के बीच गरज-चमक का अलर्ट है।

उमस और गर्मी की चेतावनी

भारी बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में असहज करने वाले मौसम की भी चेतावनी दी है। 4 और 5 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं असम और मेघालय में 4 से 7 जुलाई के दौरान भी लोगों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

IND vs ENG: रात 10 बजे शुरू होगा भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा मुकाबला? जानें कहां पर देखें लाइव मैच

IND vs ENG 2nd T20: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। वहीं आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब भारतीय टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में वापसी पर होगी। नए कप्तान श्रेयस अय्यर अपनी कप्तानी में पहली जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। पहले मैच में भारत के बल्लेबाजों ने 20 ओवर में 189 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन बारिश की वजह से मुकाबला रद्द हो गया। अब भारतीय टीम उसी फॉर्म को दूसरे टी20 में भी जारी रखते हुए जीत दर्ज करने और सीरीज में बढ़त बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला मुकाबला रात 10 बजे शुरू हुआ था वहीं फैंस के मन में सवाल है कि क्या दूसरा मुकाबला भी शाम 7 बजे शुरू होगा।

वैभव करेंगे डेब्यू

इस टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा नजरें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हुई हैं। 15 साल के इस खिलाड़ी को अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलने का मौका नहीं मिला है, जिससे टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल भी उठ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर संजू सैमसन लगातार बल्ले से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम बदलाव कर सकती है और वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार डेब्यू का मौका मिल सकता है।

भारत-इंग्लैंड के बीच कहां खेला जाएगा मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को खेला जाएगा। दोनों टीमें मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर आमने-सामने होंगी, जहां भारतीय टीम जीत के साथ सीरीज में वापसी करने के इरादे से उतरेगी, जबकि इंग्लैंड अपनी बढ़त मजबूत करने की कोशिश करेगा।

कितने बजे शुरू होगा भारत-इंग्लैंड का मैच

भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टी20 मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा। मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों के कप्तान शाम 6:30 बजे टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे। इसके बाद दोनों टीमें जीत की उम्मीद के साथ मुकाबले की शुरुआत करेंगी।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे टी20 मुकाबले का सीधा प्रसारण भारत में सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और डीडी स्पोर्ट्स पर देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे जियो हॉटस्टार ऐप के जरिए इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं।

Cockroaches removal tips: मानसून में कॉकरोच का आतंक खत्म करेंगे ये 5 घरेलू उपाय, किचन रहेगा साफ

बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक तो लाता है, लेकिन नमी बढ़ते ही घरों में कॉकरोच और दूसरे कीड़े-मकौड़ों की परेशानी भी बढ़ जाती है। खासकर किचन में इनका दिखना चिंता की वजह बन जाता है, क्योंकि ये खाने-पीने की चीजों को दूषित कर सकते हैं। ऐसे में हर बार केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की मदद से भी कॉकरोच को दूर रखा जा सकता है। अगर आप भी मानसून में इस समस्या से परेशान हैं, तो कुछ सरल घरेलू उपाय अपनाकर किचन को साफ-सुथरा और कॉकरोच मुक्त रखने में मदद मिल सकती है।

बारिश में क्यों बढ़ जाते हैं कॉकरोच?

मानसून के दौरान नालियों, सीलन और नमी की वजह से कॉकरोच तेजी से घरों में घुसने लगते हैं। खासकर किचन में खाना और पानी आसानी से मिलने के कारण ये सबसे ज्यादा वहीं दिखाई देते हैं।

आटा और बोरिक पाउडर का आसान उपाय

एक कटोरी आटे में 2 चम्मच चीनी, 1 चम्मच हल्दी और 2 चम्मच बोरिक पाउडर मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे किचन के कोनों, स्लैब के किनारों, दीवारों की दरारों और उन जगहों पर लगाएं, जहां से कॉकरोच आते हैं। इसकी गंध और मिश्रण कॉकरोच को दूर रखने में मदद कर सकता है।

नीम का स्प्रे करेगा कमाल

नीम का तेल या नीम का पानी एक स्प्रे बोतल में भर लें और किचन समेत घर के कोनों में छिड़काव करें। नीम की तेज खुशबू और प्राकृतिक गुण कॉकरोच के साथ कई दूसरे कीड़ों को भी दूर रखने में मदद करते हैं।

तेजपत्ता भी है असरदार

कुछ तेजपत्तों को पीसकर गर्म पानी में मिला लें। इस मिश्रण को ठंडा होने के बाद घर के उन हिस्सों में स्प्रे करें, जहां कॉकरोच ज्यादा नजर आते हैं। तेजपत्ते की महक इन्हें दूर रखने का प्राकृतिक तरीका मानी जाती है।

लौंग की खुशबू से भागेंगे कॉकरोच

लौंग को हल्का पीसकर किचन और घर के कोनों में छिड़क दें। इसकी तेज सुगंध कॉकरोच को पसंद नहीं होती, इसलिए वे इन जगहों से दूर रहने लगते हैं। इससे अन्य छोटे कीड़े-मकौड़ों की समस्या भी कम हो सकती है।

साफ-सफाई है सबसे बड़ा बचाव

अगर आप चाहते हैं कि कॉकरोच बार-बार घर में न आएं, तो किचन को हमेशा साफ रखें। रातभर जूठे बर्तन सिंक में न छोड़ें, खाने की चीजों को ढककर रखें और डस्टबिन को नियमित रूप से खाली व साफ करें। छोटी-छोटी सफाई की आदतें कॉकरोच की समस्या को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में आज सुहावने मौसम के बीच बढ़ी उमस, देखें अगले 5 दिन का वेदर फोरकास्ट

Delhi Weather Today: शनिवार सुबह दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहे और मौसम उमस भरा रहा। इससे लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन उमस की वजह से परेशानी बनी रही। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दिन में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

शहर में उमस का स्तर करीब 95 प्रतिशत है, जिससे तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद मौसम काफी असहज महसूस हो रहा है।

बता दें कि दिल्ली में नमी (ह्यूमिडिटी) का स्तर करीब 95% है। इसलिए तापमान कम होने के बावजूद लोगों को उमस और चिपचिपाहट ज्यादा महसूस हो रही है।

IMD के अनुसार, शनिवार के लिए मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, दिन भर बारिश के साथ आंधी-तूफान जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान लगाया है।

अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम?

वहीं, रविवार (5 जुलाई) को भी दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। सुबह और दोपहर के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। शाम और रात के समय भी मौसम ऐसा ही रहने की उम्मीद है।

इस दौरान रविवार को अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

6 जुलाई से 9 जुलाई के बीच, राजधानी में हर दिन आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान रविवार को 32 डिग्री सेल्सियस से धीरे-धीरे गिरकर 7, 8 और 9 जुलाई तक लगभग 31 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी से अपडेट रहें, खासकर आंधी-तूफान के दौरान, और यात्रा करते समय जरूरी सावधानी बरतें।

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मानसून में सुहाना सफर न बन जाये आफत, हिलस्टेशन निकलने से पहले नोट कर लें ये 3 बातें!

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन इसी मौसम में कुछ हिल स्टेशन सबसे ज्यादा सेंसेटिव भी हो जाते हैं। तेज बारिश, लैंडस्लाइड, सड़क बंद होने और घने कोहरे जैसी समस्याएं ट्रैवल को मुश्किल बना सकती हैं। ऐसे में सिर्फ खूबसूरत नजारों को देखकर ट्रिप प्लान करना सही नहीं होता, बल्कि सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। आइए जानते हैं उन हिल स्टेशनों के बारे में, जहां मानसून में जाने से पहले अच्छी तरह सोच-समझकर योजना बनानी चाहिए:

1. नैनीताल, उत्तराखंड

water of Nainital lakes is not fit for drinking directly दूषित हो गई नैनीताल की वर्ल्ड फेमस झील, पीने लायक नहीं है यहां का पानी, Uttarakhand Hindi News - Hindustan

नैनीताल अपनी खूबसूरत झीलों, पहाड़ों और ठंडे मौसम के लिए मशहूर है, लेकिन मानसून के दौरान यहां लगातार बारिश होने से लैंडस्लाइड, सड़क धंसने और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तेज बारिश के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं और ट्रैफिक घंटों तक रुका रहता है। झील के आसपास की सड़कें भी फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे पैदल चलने और वाहन चलाने में सावधानी बरतनी पड़ती है।

2. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

मानसून में दार्जिलिंग – बंगाल का स्वागत

दार्जिलिंग अपने चाय बागानों, टॉय ट्रेन और कंचनजंगा के शानदार नजारों के लिए पॉपुलर है। हालांकि बारिश के मौसम में यहां लगातार तेज बारिश होती है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है, जिससे ट्रैवल मुश्किल हो सकती है। कई बार ट्रेन और सड़क मार्ग भी प्रभावित होते हैं, इसलिए रोड कंडीशन चेक कर लें।

3. शिमला, हिमाचल प्रदेश

himachal pradesh rainfall snowfall shimla manali weather for next 5 days हिमाचल में 5 दिन होगी भारी बारिश-बर्फबारी, कैसा रहेगा शिमला का मौसम; IMD ने बताया, Himachal-pradesh Hindi News - Hindustan

शिमला पूरे साल टूरिस्ट से भरा रहता है, लेकिन मानसून में यहां की पहाड़ियों पर लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने का खतरा बढ़ जाता है। कई जगहों पर सड़कें टूट जाती हैं और लंबा ट्रैफिक जाम लग सकता है। लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। अगर इस मौसम में शिमला जाएं, तो दिन के समय ट्रैवल करें और रात में पहाड़ी सड़कों पर ड्राइव करने से बचें।

4. मसूरी, उत्तराखंड

मसूरी में केंप्टी फॉल है पिकनिक के लिए एक उत्तम स्थान (A Perfect Place for Picnic in Mussoorie – Kempty Fall)

मसूरी को “पहाड़ों की रानी” कहा जाता है, लेकिन मानसून में यहां का मौसम कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। भारी बारिश के कारण सड़कों पर पत्थर गिर सकते हैं और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। कैमल्स बैक रोड और कई व्यू पॉइंट्स के रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसे में ट्रेकिंग या लंबी वॉक करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

5. गंगटोक, सिक्किम

Dehradun and Mussoorie during monsoon season

गंगटोक अपनी नेचुरल ब्यूटी और बर्फीली चोटियों के लिए पॉपुलर है। मानसून में यहां तेज बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता हैं। कई बार नाथुला पास और आसपास के रास्ते भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाते हैं। धुंध और बारिश की वजह से ड्राइविंग करना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए ट्रैवल से पहले स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें।

6. मनाली, हिमाचल प्रदेश

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मनाली एडवेंचर और नेचर लवर्स की पसंदीदा जगह है, लेकिन मानसून में यहां की नदियों का वाटरलेवल बढ़ जाता है और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का रिस्क रहता है। कई बार मनाली जाने वाले हाईवे भी प्रभावित हो जाते हैं। नदी किनारे कैंपिंग या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाना इस मौसम में सेफ नहीं माना जाता। मौसम की जानकारी लेकर ही ट्रैवल करें।

7. मुन्नार, केरल

मनाली के पर्यटन स्थल: मनोरम पर्वतीय दृश्य, आकर्षण और गतिविधियाँ

मुन्नार बारिश में बेहद खूबसूरत दिखता है, लेकिन लगातार बारिश के कारण यहां पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का रिस्क बढ़ जाता है। चाय बागानों के बीच बने रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और कई जगहों पर पानी भर सकता है। घना कोहरा भी विजिबिलिटी कम कर देता है। अगर मानसून में यहां जाएं, तो सेफ होटल में ठहरें और मौसम खराब होने पर अनावश्यक ट्रैवल से बचें।

 

इन 3 बातों का रखें ध्यान ट्रिप पर जाने से पहले

1. मौसम और ट्रैवल अपडेट जरूर देखें

मानसून में महाबलेश्वर में कहाँ ठहरें

ट्रैवल शुरू करने से पहले वेदर फॉरकास्ट, सड़कों की कंडीशन जरूर देखें। अगर भारी बारिश या लैंडस्लाइड की चेतावनी हो, तो ट्रिप टालना बेहतर होता है।

2. सही सामान साथ रखें

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रेनकोट, वाटरप्रूफ जैकेट, मजबूत ग्रिप वाले जूते, टॉर्च, पावर बैंक, जरूरी दवाइयां और ज्यादा कपड़े हमेशा साथ रखें। इससे अचानक मौसम खराब होने पर भी परेशानी कम होगी।

3. सुरक्षित ट्रैवल करें

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बारिश के दौरान रात में पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करने से बचें। तेज बहाव वाली नदियों, झरनों और लैंडस्लाइड वाले एरिया के पास न जाएं। हमेशा सेफ रोड चुनें और वहां के लोकल लोगों या प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

मानसून में पहाड़ों की खूबसूरती जितनी अट्रैक्टिव होती है, उतनी ही सावधानी भी इस मौसम में जरूरी होती है। सही जानकारी लेकर आप अपनी ट्रिप को सेफ और यादगार बना सकते हैं। अगर आप भी बारिश के मौसम में किसी हिल स्टेशन जाने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो जल्दबाज़ी करने के बजाय पहले पूरी तैयारी करें। थोड़ी-सी सतर्कता आपकी ट्रिप को परेशानी से बचाकर खूबसूरत यादों में बदल सकती है।