Bhaari Barish Alert: यूपी, बिहार समेत इन राज्यों के लिए अगले 48 घंटे भारी! मानसून यहां पूरा छा गया, हैवी बारिश का ये अलर्ट आया

Bhaari Barish Alert: देश भर में मानसून ने अपनी रफ्तार बेहद तेज कर दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 2 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लिया है। इसके साथ ही 5 दिन देर से ही सही मानसून ने दिल्ली में भी एंट्री कर ली है। यूपी में मानसून के पूरी तरह छा जाने के साथ ही मौसम विभाग ने बिहार समेत देश के कई राज्यों के लिए अगले 48 घंटे बेहद भारी बताए हैं।

IMD ने कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 2 दिनों के भीतर मानसून के दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

अगले 2 दिन: इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी दो दिनों के दौरान तटीय और पश्चिमी भारत के हिस्सों में आफत की बारिश हो सकती है। आईएमडी ने अगले 48 घंटों के लिए नीचे दिए गए क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:-

उत्तर प्रदेश: 2 जुलाई को मानसून के पूरे राज्य में छा जाने के बाद यहां बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

तटीय कर्नाटक

गुजरात

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

अगले 3 दिन: मध्य भारत और पहाड़ी राज्यों में रहेगा ऐसा ही मौसम

आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान देश के मध्य, पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहेगा। इन क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है:-

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ

ओडिशा

सौराष्ट्र और कच्छ

शनिवार तक बिहार और पूर्वोत्तर समेत इन राज्यों में हैवी रैन

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार सहित देश के कई अन्य हिस्सों में शनिवार तक लगातार भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इस दायरे में आने वाले राज्य हैं:-

बिहार और झारखंड

उत्तर प्रदेश (पूरे राज्य में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा)

जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख

केरल (केरलम) और माहे

आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना

पूर्वोत्तर क्षेत्र के हिस्से

ISRO के सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का महासागर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के INSAT-3DS सैटेलाइट से जारी थर्मल इंफ्रारेड तस्वीरों में मानसून की एक बेहद हैरान करने वाली और नाटकीय प्रगति दर्ज की गई है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में निम्नलिखित बड़ी बातें सामने आई हैं। अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों में पश्चिम बंगाल से लेकर सीधे जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई लगभग 1,500 किलोमीटर लंबी एक लगातार सक्रिय रेन बैंड यानी बादलों की विशाल पट्टी साफ दिखाई दे रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ये मानसूनी बादल अलग-अलग या छितराए हुए नहीं हैं, बल्कि वे एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए हैं। यह देश में एक बेहद सक्रिय मानसून परिसंचरण शुरू होने का सीधा संकेत है। ये विशालकाय बादल अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर चल रहे हैं जो एक साथ देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश कराने की क्षमता रखते हैं।

दो तरफ की मानसूनी हवाओं का मिलन, उत्तर भारत में रफ्तार तेज

सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी साफ हुआ है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों ही दिशाओं से आने वाली नमी से लदी हवाएं इस समय उत्तर भारत के आसमान पर आकर आपस में मिल रही हैं। इसके कारण मानसून की ट्रफ लाइन अब अपनी सामान्य स्थिति की ओर खिसकने लगी है, जिसने मैदानी इलाकों में लगातार और भारी बारिश के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बना दी हैं।

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देश के सबसे सूखे जून महीनों में से एक का सामना करने के बाद मानसून ने उत्तर भारत में यह जोरदार वापसी की है। इस बढ़ी हुई मानसूनी सक्रियता की वजह से ही उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले से ही व्यापक रूप से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, व्यापक बारिश और आंधी-तूफान के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी हरियाणा के कुछ इलाकों में प्रवेश कर चुका था, जिसके बाद अब इसने रफ्तार पकड़ ली है।

अभिषेक की तूफानी पारी पर फिरा पानी, INDvsENG T20I मैच बारिश से रद्द (Video)

ENGvsIND सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (59) और कप्तान श्रेयस अय्यर (68) के बेहतरीन अर्धशतकों तथा शिवम दुबे की नाबाद 42 रन की शानदार पारी से भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी 20 मैच में बुधवार को सात विकेट पर 189 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बना लिया लेकिन अंत में बारिश भारत की उम्मीदों पर भारी पड़ी और मैच रद्द हो गया।

भारत की पारी के दौरान हलकी-हलकी बारिश होती रही थी लेकिन भारतीय पारी के बाद बारिश तेज हो गयी और मैच को रद्द करना पड़ा। कट ऑफ टाइम 45 मिनट और था, लेकिन उनके पास ग्राउंड तैयार करने के लिए काफी समय नहीं है, और बारिश भी नहीं रुकी। यह दुख की बात है क्योंकि इंडिया के बोर्ड पर लगे कड़े स्कोर के बाद यह एक बहुत ही दिलचस्प चेज़ होता। लेकिन आप मौसम से नहीं लड़ सकते। दोनों टीमें शनिवार को दूसरे टी20 के लिए अब मैनचेस्टर जाएंगी।

इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर खराब शुरुआत करते हुए दो विकेट जल्दी गंवा दिए। संजू सैमसन और इशान किशन के रूप में भारत को दूसरे ओवर में ही दो झटके लग गए जिसमें किशन लगातार दूसरी बार रन आउट हुए। हालांकि अभिषेक ने जल्द ही रफ़्तार पकड़ी और श्रेयस अय्यर ने एक छोर संभाले रखा। अभिषेक अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हो गए लेकिन श्रेयस डटे रहे और तिलक के साथ उन्होंने भारतीय पारी को संभाला। इसके बाद शिवम दुबे के साथ मिलकर उन्होंने भारत को अच्छी स्थिति में पहुंचाया और कप्तानी पारी भी खेली। अंतिम ओवरों में दुबे के आक्रमण से भारत ने स्कोरबोर्ड पर 189 रन खड़े कर दिए।

लगातार बारिश के बीच, भारत ने यहां औसत से थोड़ा ज़्यादा स्कोर बनाकर अच्छा किया। पावरप्ले में दो हाफ की कहानी थी, जहां भारत ने पहले 3 ओवर में 15 रन पर 2 विकेट गंवा दिए, और फिर अभिषेक शर्मा की ज़बरदस्त बल्लेबाजी की वजह से अगले 3 ओवर में 46 रन बनाए। वह अपनी फिफ्टी के बाद आउट हो गए और उनके विकेट ने इंग्लैंड को 10वें ओवर के बाद मैच को थोड़ा संभलने में मदद की।

कप्तान श्रेयस अय्यर ने शुरुआत में अपना समय लिया और एक ज़रूरी फिफ्टी बनाने में कामयाब रहे। उनकी पारी के क्रम को आगे बढ़ाया दुबे ने, जिन्होंने 21 गेंदों में 42 रन की पारी खेली। गेंदबाजों के लिए गेंद को पकड़ना मुश्किल हो गया है और भारतीय स्पिनरों को, कोई भी मान सकता है, दूसरी पारी में मुश्किल होगी। फिर भी, पेसरों को स्लॉग ओवरों में कुछ रिवर्स मिला।

अभिषेक ने 24 गेंदों पर 59 रन में छह चौके और चार छक्के लगाए जबकि श्रेयस ने 47 गेंदों पर 68 रन में छह चौके और एक छक्का लगाया। शिवम दुबे ने 21 गेंदों पर नाबाद 42 रन में दो चौके और तीन छक्के लगाए। अभिषेक ने अपनी पारी के दौरान दूसरा छक्का लगाने के साथ ही टी 20 में 100 छक्के पूरे कर लिए। श्रेयस ने कप्तान के तौर पर अपना पहला अर्धशतक लगाया। इंग्लैंड की तरफ से साकिब महमूद ने 33 रन पर तीन विकेट लिए जबकि राशिद खान और सैम करन ने एक-एक विकेट लिया।

Monsoon arrived in Delhi: दिल्ली पहुंचा मानसून, जानिए सैटेलाइट तस्वीरों में क्या-क्या दिखा, IMD ने बारिश-आंधी पर ये अलर्ट दिया

Monsoon Watch 2nd July: दिल्लीवालों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। झुलसाती गर्मी और शुष्क जून के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 2 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। मानसून अपने सामान्य आगमन की तारीख (27 जून) से 5 दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा है। इसके आते ही राजधानी के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो गया है। इससे फिलहाल मौसम सुहावना हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक साल 2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून ने जुलाई के महीने में दिल्ली में प्रवेश किया है।

पिछले 5 सालों में सबसे देरी से पहुंचा मानसून

मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में मानसून के दिल्ली पहुंचने का पैटर्न कुछ ऐसा रहा है:-

2026: 2 जुलाई (5 दिन की देरी)

2025: 29 जून

2024: 28 जून

2023: 25 जून

2022: 30 जून

2021: 13 जुलाई

2021 में मानसून काफी देरी से 13 जुलाई को आया था। इसके बाद अब 2026 में इसने जुलाई के महीने में दस्तक दी है। मौसम विभाग ने आज दिन भर दिल्ली के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है।

दिल्ली के लिए IMD का वेदर अलर्ट: तेज हवाओं के साथ होगी बौछारें

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए तात्कालिक अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

ISRO के सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का महासागर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के INSAT-3DS सैटेलाइट से बुधवार को जारी थर्मल इंफ्रारेड तस्वीरों में मानसून की एक बेहद हैरान करने वाली और नाटकीय प्रगति देखी गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में पश्चिम बंगाल से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई लगभग 1500 किलोमीटर लंबी एक लगातार सक्रिय रेन बैंड यानी बादलों की विशाल पट्टी दिखाई दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के बादल छितराए हुए नहीं हैं बल्कि वे एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। यह सक्रिय मानसून परिसंचरण की शुरुआत का सीधा संकेत है। ये विशाल बादल अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर चल रहे हैं। ये एक साथ कई राज्यों में भारी बारिश कराने में सक्षम हैं।

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तस्वीरों से पता चलता है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों तरफ से आने वाली नमी से लदी हवाएं उत्तर भारत के ऊपर आकर आपस में मिल रही हैं। इसके साथ ही मानसून की ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति की ओर खिसकने लगी है। इससे मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार तेज

देश के सबसे सूखे जून महीनों में से एक के बाद मानसून ने उत्तर भारत में जोरदार वापसी की है। इस बढ़ी हुई मानसूनी सक्रियता की वजह से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले से ही व्यापक बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, व्यापक बारिश और आंधी-तूफान के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी हरियाणा के कुछ इलाकों में आगे बढ़ चुका था।

इसके बाद अगले 24 घंटों के भीतर मानसून ने तेजी से उत्तर की ओर रुख किया, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार रात से गुरुवार दोपहर के बीच दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और हरियाणा व पंजाब के कई और हिस्सों में मानसूनी हवाएं और शुरुआती गरज-चमक के साथ बारिश का दौर चल रहा है।

मुंबई में आफत की बारिश, हाईटाइड का अलर्ट, पालघर में स्कूल बंद

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मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया। ट्रेफिक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पालघर में आज स्कूल बंद है वहीं मुंबई में दोपहर 1.45 बजे हाई टाइड की चेतावनी भी दी गई है। इस दौरान समुद्र में 14 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ALSO READ: चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से मासूम की मौत, क्या बोले जिम्मेदार?
 

सड़कों पर पानी, रेलवे ट्रेक जलमग्न

अंधेरी, किंग्स सर्कल, गांधी मार्केट, सांताक्रूज, खार, बांद्रा, कुर्ला, विक्रोली, पवई, घाटकोपर और भांडुप जैसे क्षेत्रों में सड़कों पानी भर गया। पानी घुसने से कई गाड़ियां बंद हो गई। इस वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दादर स्टेशन पर भी रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए। लोकल ट्रेनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई है।

मुंबई से पालघर तक रेड अलर्ट

महानगर में 1 जुलाई की सुबह 8 बजे से 2 जुलाई की सुबह 7 बजे के बीच पूर्वी उपनगरों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को कमजोर ढांचों और निचले तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने और मौसम की नवीनतम जानकारी से अवगत रहने की सलाह दी गई है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था, कल होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पालघर जिले में मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के अलर्ट के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 2 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है।

जेवर एयरपोर्ट से इन 9 नए रूट पर इंडिगो ने फ्लाइट का किया ऐलान, Noida International airport से अब टोटल 15 रूट पर हवाई सेवा

Noida Airport News: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार करते हुए 9 नए शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा की है। इस नए विस्तार के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे तौर पर जुड़ने वाले शहरों की कुल संख्या अब 15 हो जाएगी। एयरलाइन ने बुधवार 1 जुलाई को इन नई सेवाओं की शुरुआत की। इनमें जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़ (अजमेर), पंतनगर और जम्मू शामिल हैं।

एयरलाइन ने 15 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर बिजनेस ऑपरेशन शुरू किया था। उद्घाटन उड़ान लखनऊ से नोएडा के बीच संचालित हुई थी। इसके बाद से एयरलाइन बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन उड़ानें चला रही है। इंडिगो का यह विस्तार केवल उड़ानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में तेजी से विकसित होगा। यात्रियों, कारोबार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था सभी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नेटवर्क और मजबूत होगा

1 जुलाई से शुरू हुई नई सेवाओं के बाद नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो द्वारा जुड़े शहरों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। इसी दिन से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नोएडा से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो जहां अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं, बरेली के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा किशनगढ़ (अजमेर) के लिए मंगलवार, गुरुवार और रविवार को फ्लाइट उपलब्ध रहेगी।

इन नए शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ानें

इंडिगो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नए जोड़े गए रूटों में देश के कई प्रमुख और पर्यटन शहर शामिल हैं:-

जयपुर, जोधपुर और देहरादून

धर्मशाला, बरेली और किशनगढ़ (अजमेर)

देहरादून, पंतनगर और चंडीगढ़

अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट

इंडिगो अधिकांश नए शहरों के लिए रोजाना उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, बरेली के लिए उड़ानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेंगी। जबकि किशनगढ़ (अजमेर) के लिए उड़ानें मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उपलब्ध होंगी।

10 जुलाई से श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

इंडिगो 10 जुलाई से नोएडा-श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान सेवा भी शुरू करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि फिलहाल नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए उड़ानें चंडीगढ़ के रास्ते संचालित की जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस वर्ष के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं तैयार कर लेगा। इसके बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू किए जाने की उम्मीद है।

नई किराया कैटेगरी ‘IndiGo Lite Fare’

इसी बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘IndiGo Lite Fare’ नाम से नई एंट्री-लेवल इकोनॉमी किराया श्रेणी शुरू की है। इसमें केवल केबिन बैगेज शामिल होगा और सीट चयन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस किराए में फ्री चेक-इन बैगेज शामिल नहीं है। जिन यात्रियों को चेक-इन बैगेज की जरूरत होगी, उन्हें इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।

अकासा एयर के बाद इंडिगो की बड़ी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को अकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं, जो वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के लिए सेवाएं दे रही हैं। इसी कड़ी में अब इंडिगो ने भी लखनऊ से नोएडा के बीच अपनी उद्घाटन उड़ान के साथ परिचालन का विस्तार कर दिया है। इसके अलावा कंपनी बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए भी दैनिक उड़ानें चला रही है।

नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

एनआईए (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 10 जुलाई से नवी मुंबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इसके साथ ही श्रीनगर के लिए भी सीधी हवाई सेवा जल्द शुरू की जाएगी। वर्तमान में एयरलाइन के पास नोएडा-जयपुर-मुंबई रूट का लेओवर (Layover) विकल्प है। जबकि नोएडा से नवी मुंबई और नोएडा से श्रीनगर की उड़ानें चंडीगढ़ होकर रूट की जाएंगी।

इंडिगो के नोएडा एयरपोर्ट से 9 नए रूट शुरू होने के प्रमुख फायदे

यात्रियों को अधिक विकल्प: नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को अब कई शहरों के लिए सीधे या बेहतर कनेक्टिविटी वाली उड़ानें मिलेंगी। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।

समय की बचत: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों घटेंगे।

पर्यटन को बढ़ावा: जयपुर, धर्मशाला, देहरादून, जम्मू और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा: नए हवाई संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और निवेशकों के लिए नोएडा तथा आसपास का क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा।

रोजगार के अवसर: उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरपोर्ट, एयरलाइन, होटल, टैक्सी और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्षेत्रीय विकास: बरेली, पंतनगर और किशनगढ़ जैसे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से उनका आर्थिक और औद्योगिक विकास तेज होगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी: कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं शुरू होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ होगा, जिससे विदेश यात्रा भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

सस्ती यात्रा का विकल्प: इंडिगो की नई IndiGo Lite Fare योजना के तहत केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को कम किराए में टिकट मिलने की संभावना रहेगी।

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बाइकर्स की पहली पसंद है हिंदुस्तान के वो रास्ते, जो कहलाते है आइकोनिक बाइक रूट्स!

बाइक राइडिंग का असली मज़ा तभी आता है जब सफर रोमांचक होने के साथ-साथ सेफ भी हो। भारत में कई ऐसे खूबसूरत डेस्टिनेशन हैं जो हर राइडर का सपना होते हैं। लेकिन इन जगहों पर जाने के लिए सही तैयारी और सेफ्टी नियमों का पालन बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे शानदार रूट्स और जरूरी राइडिंग टिप्स के बारे में:

1. लेह-लद्दाख – सबसे आइकॉनिक बाइकिंग एडवेंचर

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लेह-लद्दाख हर बाइक राइडर की बकेट लिस्ट में होता है। खारदुंग ला, चांग ला और पैंगोंग झील जैसे रास्ते बर्फीले पहाड़ों, गहरी घाटियों और खुले आसमान के बीच से गुजरते हैं। यहां ऑक्सीजन लेवल कम होता है, इसलिए कम से कम 2 दिन acclimatization जरूरी है। बाइक में ABS ब्रेक, मजबूत टायर और अतिरिक्त फ्यूल कैरी करना बहुत जरूरी है क्योंकि कई जगह पेट्रोल पंप नहीं मिलते।

2. स्पीति वैली – खतरनाक लेकिन बेहद खूबसूरत राइड

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स्पीति को “लिटिल तिब्बत” कहा जाता है। यह रूट कच्ची सड़कों, नदी क्रॉसिंग और पत्थरीले रास्तों के लिए जाना जाता है। बारिश में यह और भी खतरनाक हो जाता है। यहां राइडिंग करते समय स्पीड कम रखें, क्योंकि अचानक मोड़ और स्लिप होने का खतरा रहता है। गर्म कपड़े और रेन गियर हमेशा साथ रखें।

3. मनाली–रोहतांग–अटल टनल रूट – बदलते मौसम का अनुभव

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यह रूट बर्फ, कोहरा और पहाड़ों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। अटल टनल के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। यहां सड़कें स्लिपरी होती हैं, इसलिए हार्ड ब्रेकिंग से बचें। बाइक की हेडलाइट हमेशा ऑन रखें और फॉग में हाई बीम का इस्तेमाल न करें।

4. गोवा कोस्टल राइड – समुद्र के साथ खुला सफर

Spiti Valley Bike Trip: The Ultimate High-Altitude Adventure | MyTravaly

गोवा की राइडिंग में नीला समुद्र, पाम ट्री और खुले हाईवे का मज़ा मिलता है। यह रूट ज्यादा तकनीकी नहीं है लेकिन रात में राइडिंग से बचना चाहिए क्योंकि सड़कें अनजान हो सकती हैं। हेलमेट और स्पीड लिमिट का पालन जरूरी है, खासकर टूरिस्ट एरिया में।

5. मुन्नार – चाय बागानों के बीच शांत और खूबसूरत राइड

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मुन्नार का रूट हरे-भरे चाय बागानों और घुमावदार पहाड़ी रास्तों से भरा होता है। यहां घना कोहरा अचानक विज़िबिलिटी कम कर सकता है, इसलिए लो-स्पीड और डे-टाइम राइडिंग बेहतर है। ब्रेकिंग स्मूद रखें और ओवरटेकिंग से बचें क्योंकि मोड़ बहुत टाइट होते हैं।

6. नॉर्थ ईस्ट राइड (मेघालय–अरुणाचल) – अनछुए नेचर का अनुभव

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यह रूट झरनों, बादलों और जंगलों से भरा होता है। चेरापूंजी और तवांग जैसे इलाके बाइकिंग के लिए बेहद खूबसूरत हैं। लेकिन बारिश और स्लिपरी रोड्स बड़ा रिस्क होते हैं। यहां वाटरप्रूफ बैग, चेन लुब्रिकेशन और अच्छे ग्रिप वाले टायर जरूरी हैं।

7. जरूरी सेफ्टी और स्मार्ट राइडिंग नियम (हर राइडर के लिए)

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हमेशा फुल गियर पहनें – हेलमेट, जैकेट, ग्लव्स और बूट्स। बाइक की ब्रेक, टायर, लाइट और ऑयल पहले चेक करें। लंबी राइड में हर 100-150 km पर ब्रेक लें ताकि थकान न हो। पानी और एनर्जी स्नैक्स रखें, और कभी भी ओवरस्पीडिंग या रेसिंग न करें। GPS के साथ-साथ ऑफलाइन मैप भी रखें क्योंकि कई जगह नेटवर्क नहीं मिलता।

8. सेफ्टी फूड और हाइड्रेशन – एनर्जी बनाए रखने का सबसे जरूरी नियम

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लंबी बाइक राइड में सही खाना और पानी बहुत जरूरी होता है। हमेशा हल्का, एनर्जी देने वाला खाना जैसे ड्राई फ्रूट्स, एनर्जी बार, केले और बिस्किट साथ रखें। भारी और ऑयली खाना राइड से पहले या बीच में लेने से बचें क्योंकि इससे नींद और सुस्ती आ सकती है। हर 1-2 घंटे में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो। पहाड़ी इलाकों में ORS या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक रखना भी बहुत फायदेमंद होता है, जिससे शरीर की एनर्जी और स्टैमिना बना रहता है।

बाइक राइडिंग सिर्फ एक जर्नी नहीं बल्कि एक रोमांचक एक्सपेरेंके है, जिसमें खूबसूरत डेस्टिनेशन और चुनौतियां दोनों शामिल होती हैं। सही सेफ्टी गियर, सावधानी और ट्रैफिक नियमों का पालन करके हर सफर को सेफ बनाया जा सकता है। साथ ही सही खान-पान और तैयारी राइड को और भी आसान और एनर्जेटिक बनाती है। अगर इन सभी बातों का ध्यान रखा जाए, तो हर बाइक राइड एक यादगार एडवेंचर बन जाती है।

Amitabh Bachchan: मुंबई में बारिश बनी आफत! अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले ‘जनक’ में भरा पानी, सामने आया वीडियो

Amitabh Bachchan: मुंबई में लगातार हो रही मॉनसून की तेज बारिश से जनजीवन एक बार फिर प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में जलभराव की वजह से लोगों को आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मुंबई में लगातार हो रही तेज बारिश असर दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन के घर पर भी पड़ा। लगातार बारिश के वजह से अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले ‘जनक’ के अंदर और आसपास पानी भरा हुआ नजर आ रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

हाल ही में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने जुहू इलाके का वीडियो शेयर कर आसपास के हालात दिखाए गए। वीडियो में दिखाई दिया कि लगातार बारिश के कारण अभिनेता अमिताभ बच्चन के घर जनक के बाहर घुटनों तक पानी भर गया था। इतना ही नहीं बारिश का पानी बंगले के अंदर तक पहुंच गया।

मिताभ में घर में पहुंचा बारिश का पानी

वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “मुंबई में भारी बारिश के बीच अमिताभ बच्चन के मशहूर जुहू स्थित बंगले में भी बारिश का पानी घुस गया।” वीडियो बनाते हुए इन्फ्लुएंसर ने कहा, “आप देख सकते हैं कि अमिताभ बच्चन के घर के बाहर भी पानी भर गया है। पूरा इलाका जलमग्न है। यह उनका जुहू स्थित बंगला है। मुंबई में लगातार हो रही बारिश की वजह से यहां कई जगहों पर इसी तरह जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है।”

 

वीडियो में आगे अमिताभ बच्चन के बंगले के सामने का इलाका और ओवरफ्लो हो रहे गटर को दिखाते हुए कहा, “यहां गटर का पानी बाहर निकल रहा है। मौके पर बीएमसी के कुछ अधिकारी भी पहुंचे हुए हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं।”

 

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इस फिल्म में आएंगे नजर

वीडियो में इन्फ्लुएंसर ने अभिनेता अजय देवगन के घर के आसपास का इलाका भी दिखाया, जहां बारिश का असर साफ नजर आया। वहीं, अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले जनक में जलभराव की ये पहली घटना नहीं है। वहीं अमिताभ बच्चन के काम की बात करें तो वो जल्द ही निर्देशक नाग अश्विन की फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल में नजर आएंगे। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

देश के कई हिस्सों में कमजोर मानसून और बारिश की बढ़ती कमी को लेकर चिंता के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संबंधित मंत्रालयों को ‘अल नीनो’ (El Nino) के संभावित असर से निपटने के लिए आपातकालीन योजनाओं के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत पर ‘अल नीनो’ के संभावित असर का आकलन करते हुए यूरोप में बढ़ते तापमान जैसी चरम मौसम की घटनाओं के प्रभावों की समीक्षा की। बता दें कि यह समीक्षा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ऐसे समय में की गई है, जब देश के कई इलाकों में बारिश में 40% से अधिक की कमी देखी जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे मानसून की बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रखें और खेती, जल संसाधनों, बिजली आपूर्ति और अन्य अहम क्षेत्रों पर पड़ने वाले किसी भी बुरे असर से निपटने के लिए तैयारी सुनिश्चित करें।

बारिश के पैटर्न में हो सकते हैं बदलाव

वहीं, सरकार का आकलन है कि अल नीनो के कारण बारिश के पैटर्न में बड़े बदलाव हो सकते हैं। कुछ इलाकों में बहुत कम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ अन्य इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और पानी की कमी का खतरा एक साथ बढ़ सकता है।

फिलहाल, तैयारी को मजबूत करने के लिए, जल शक्ति, कृषि, बिजली, रेलवे और अन्य अहम विभागों सहित कई मंत्रालयों को अपने-अपने सेक्टर के हिसाब से आपातकालीन योजनाएं बनाने का निर्देश दिया गया है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी साल की शुरुआत से ही नियमित बैठकों के जरिए देश की ‘अल नीनो’ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

इसके अलावा, बदलते हालात पर लगातार नजर रखने के लिए 10 मंत्रालयों के प्रतिनिधियों वाला एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी बनाया गया है। गृह मंत्रालय इस समूह के लिए नोडल मंत्रालय के तौर पर काम करेगा और अलग-अलग विभागों के बीच तैयारी और उससे निपटने के उपायों में तालमेल बिठाएगा।

समीक्षा के दौरान, प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा कि El Nino से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए “पूरी सरकार मिलकर काम करे” और सभी विभाग मिलकर समन्वय में काम करें।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि जुलाई में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। यह अनुमान तब आया है जब जून 2026, 1901 के बाद से भारत का पांचवां सबसे सूखा जून रहा। इस दौरान देश में बारिश लंबे समय के औसत से 39% कम दर्ज की गई। इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि जून में मानसून की बारिश सामान्य औसत से 92% से भी कम रह सकती है।

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खेत में उतरे-बोया धान, किसानों से इस अंदाज में सीएम डॉ. मोहन ने की ‘दिल की बात’

भोपाल। 'खेत में उतरे, धान बोया, हाथ में लेकर खाना खाया और किसानों से आत्मीय संवाद किया,' मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी जिले में अनोखे अंदाज में नजर आए। उन्होंने जनता को एक बार फिर बताया कि वे भी आम इंसान ही हैं। वे लगातार जनकल्याण का सोचते हैं। उनकी सादगी किसानों और आम लोगों को भा गई। लोग उनसे बातचीत करके उत्साहित नजर आए।

सीएम डॉ. मोहन ने बुधवार को सिवनी के लिए खजाना खोल दिया। उन्होंने सिवनी में धान महोत्सव में शिरकत की, कोदो कुटकी बोनस का वितरण किया और विकास कार्यों की सौगात दी। सीएम डॉ. यादव ने सिवनी में 349.33 करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.8 करोड़ के भूमि-पूजन किए। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन और कन्या पूजन किया। इसके अलावा सीएम यादव ने बालाघाट से सिवनी फोर लेन सड़क निर्माण, सिवनी के चमारा विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय और स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धान की फसल को जीआई टैग मिला है। मां लक्षमी की कृपा से रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आज प्रदेश के 3941 किसानों को 1000 रुपए मान से कोदो कुटकी बोनस के रूप में 282.99 करोड़ राशि दी गई है। राज्य सरकार श्रीअन्न उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ बोनस भी दे रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी खरीदने के लिए अभियान शुरू हुआ है। इसके साथ ही आज मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की है। 

 

गरीबों का ध्यान रख रही राज्य सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विपक्ष की सरकारों ने गरीब-जरूरतमंदों को कभी संबल योजना का नाम नहीं दिया। संबल योजना में सरकार दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख और अपंगता आने पर 1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करती है। श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक के फ्री इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। राज्य सरकार हर वर्गों के गरीब, वंचित और आखिरी पंक्ति में बैठे लोगों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे सभी पात्र लोगों को आवास देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज सिवनी जिले के समग्र विकास के लिए 349.33  करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 144.8 करोड़ के 43 कार्यों के भूमि-पूजन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का को गरीबों की फसल कहा जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना शुरू कर देश-दुनिया में इसका मान बढ़ाया। श्रीअन्न में मौजूद तत्व सबसे जल्दी पचता है। राज्य सरकार ने पिछले साल से श्रीअन्न खरीदने की शुरुआत की है। इस वर्ष मानसून पर अलनीनो का प्रभाव नजर आ रहा है। अगर बारिश कम होती है तो किसानों को तैयार रहना चाहिए कि वे कोदो कुटकी सहित सभी फसलों को तैयार कर लें। 

 

किसानों को कई योजनाओं का लाभ दे रही सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 3941 किसानों को 2829 मीट्रिक टन कोदो कुटकी के लिए 1000 रुपए मान से 2 हजार 83 लाख रुपए बोनस राशि दी गई है। राज्य में कोटो कुटकी के ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए भी काम जारी हैं। डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगनी अरहर को जीआई टैग मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में अन्नदाता को अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दे रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना के माध्यम से लाभ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में धान की फसल के लिए भी भावांतर योजना लागू की जाएगी। राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों को एमएसपी और बाजार मूल्य के अंतर का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार खेत से लेकर बाजार तक हर क्षेत्र में मूल्य संवर्धन पर काम कर रही है।

Monsoon Watch 1 July: पंजाब और हरियाणा में भी हुई मानसून की एंट्री पर दिल्ली में नहीं! अब IMD ने जारी किया ये नया अनुमान

Progress of SW Monsoon: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। 1 जुलाई को मानसून ने उत्तर भारत के कई नए इलाकों में धमाकेदार एंट्री मार ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब पंजाब और हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में पहुंच गया है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली को इसने अभी थोड़ा तरसाया है। वैसे दिल्लीवालों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दस्तक देने को लेकर बेहद राहत भरा नया अनुमान जारी किया है।

पंजाब-हरियाणा समेत इन राज्यों में बढ़ा मानसून, जानें कहां से गुजर रही सीमा

IMD के मुताबिक एक जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बचे हुए हिस्सों सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून ने अपनी पहुंच दर्ज करा दी है। अभी मानसून की उत्तरी सीमापोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? IMD का नया अनुमान

भले ही 1 जुलाई की एंट्री में दिल्ली का नाम सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 2 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों, पूरे हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए मौसम का सिस्टम पूरी तरह तैयार है। यानी अगले 48 घंटों में दिल्ली में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

पूरे हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय, सामान्य से 6 दिन की देरी

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर है कि बुधवार को मानसून ने पूरे राज्य को आधिकारिक तौर पर कवर कर लिया है। हिमाचल में मानसून का यह आगमन सामान्य तारीख से 6 दिन की देरी से हुआ है। 1 जुलाई को मानसून ने शिमला जिले (शिमला शहर सहित), सिरमौर, मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और कांगड़ा के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लिया।

इसके साथ ही सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भी मानसून पूरी तरह फैल गया है। राज्य में इस पूरे हफ्ते व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे हिमाचल समेत पूरे क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।

जुलाई महीने के लिए पूरे देश का ओवरऑल वेदर आउटलुक

मौसम विभाग ने जुलाई 2026 के महीने के लिए देश भर में होने वाली औसत बारिश का भी एक अनुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है।

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1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई में देश भर में वर्षा का लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) लगभग 280.4 मिमी हो सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है लेकिन उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश देखी जा सकती है।