iPhone 17 Pro Max पर धांसू डील! मिल रहा ₹8,000 का डिस्काउंट और जबरदस्त एक्सचेंज ऑफर, जानें कीमत

अगर आप iPhone 17 Pro Max खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, Flipkart पर Apple के इस प्रीमियम फोन की कीमत में कटौती की गई है, जिसके बाद इसका 256GB वेरिएंट लॉन्च कीमत से कम में खरीदा जा सकता है। खास बात यह है कि Cosmic Orange कलर वाला मॉडल अभी 1,41,900 रुपये में मिल रहा है, जबकि इसकी लॉन्च कीमत 1,49,900 रुपये थी। यानी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इस खरीद पर सीधे ₹8,000 की छूट दे रहा है।

बता दें कि यह डील मौजूदा iPhone यूजर्स के लिए और भी खास है। अगर आप iPhone 16 यूज करते हैं तो Flipkart पर ₹35,600 तक की एक्सचेंज वैल्यू मिलेगी। वहीं, एक्सचेंज ऑफर और लागू डिस्काउंट को जोड़ने के बाद Flipkart पर iPhone 17 Pro Max 256GB की प्रभावी कीमत 98,300 रुपये हो जाएगी। यानी पुराने iPhone को एक्सचेंज करके आप नए iPhone 17 Pro Max को काफी कम कीमत में अपना बना सकते हैं।

iPhone 17 Pro Max की कीमत और ऑफर

iPhone 17 Pro Max के 256GB वेरिएंट की कीमत Flipkart पर 1,41,900 रुपये लिस्ट की गई है, जो इसकी पहले की कीमत 1,49,900 रुपये से 5% कम है। मौजूदा सेल ऑफर के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इस फोन पर 8,000 की छूट दे रहा है। इसके अलावा, अगर आप Flipkart Axis Bank Credit Card से पेमेंट करते हैं तो, आपको 8,000 रुपये तक का डिस्काउंट (कैशबैक सहित) भी मिल सकता है।

वहीं, अगर आपके पास Apple iPhone 16 है और आप इसे एक्सचेंज करना चाहते हैं, तो Flipkart पर 35,600 रुपये तक का एक्सचेंज बेनिफिट मिल रहा है। हालांकि, एक्सचेंज की सही कीमत आपके फोन के मॉडल, कंडीशन और अन्य डिटेल्स पर निर्भर करेगी। इसलिए ऑर्डर करने से पहले चेकआउट पेज पर मिलने वाली एक्सचेंज वैल्यू जरूर देख लें।

इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म पर Flipkart SBI Credit Card से पेमेंट करने पर 8,000 रुपये तक की छूट मिल रही है, जबकि SBI Credit Card ऑफर के तहत 4,000 रुपये की छूट दी जा रही है। हालांकि, पेमेंट के तरीके और एलिजिबिलिटी के आधार पर लागू होने वाला ऑफर अलग-अलग हो सकता है।

iPhone 17 Pro Max के फीचर्स

iPhone 17 Pro Max (256GB) में 6.9-इंच की ऑल-स्क्रीन OLED डिस्प्ले है और यह Apple की A19 चिप और 6-कोर प्रोसेसर पर चलता है। कैमरे की बात करें तो, इसमें 48MP + 48MP + 48MP का रियर कैमरा सिस्टम और 18MP का फ्रंट कैमरा है।

इसके अलावा, इस फोन में 256GB की इंटरनल स्टोरेज और 4,823mAh की बैटरी है। यह स्मार्टफोन Cosmic Orange, Deep Blue और Silver कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। Flipkart इस डिवाइस के साथ एक साल की Apple लिमिटेड वारंटी भी दे रहा है।

क्या iPhone 17 Pro Max की डील पर विचार करना सही रहेगा?

iPhone 17 Pro Max की सेलिंग प्राइस (₹1,41,900), लिस्टेड प्राइस से ₹8,000 कम है। जो iPhone 16 यूजर्स ज्यादा से ज्यादा ₹35,600 की एक्सचेंज वैल्यू और लागू बैंक डिस्काउंट पाने के हकदार हैं, उनके लिए Flipkart पर दिखाई गई असरदार कीमत ₹98,300 हो जाती है। हालांकि, एक्सचेंज वैल्यू और ऑफर के लिए पात्रता बदल सकती है, इसलिए खरीदारों को खरीदारी पूरी करने से पहले फाइनल कीमत की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

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RBI New Rule: होम लोन और पर्सनल लोन लेने वालों के लिए बड़ी खबर! RBI ला रहा है नए नियम, जानें आपकी EMI पर क्या पड़ेगा असर

RBI New Floating-Rate Draft: अगर आपने होम लोन, पर्सनल लोन ले रखा है या MSME लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फ्लोटिंग रेट लोन के ब्याज दरों, रीसेट फ्रीक्वेंसी और स्प्रेड को लेकर नए ड्राफ्ट नियम पेश किए हैं।

अगर इन प्रस्तावित नियमों को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो ये 1 अप्रैल 2027 से लागू हो जाएंगे। आरबीआई के इन नए नियमों का मकसद लोन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है ताकि बैंक मनमाने तरीके से स्प्रेड या ब्याज दरें न बढ़ा सकें। आइए इस ड्राफ्ट गाइडलाइंस को विस्तार से समझते हैं।

एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ेंगे सभी फ्लोटिंग पर्सनल लोन, ग्राहकों को होगा फायदा

आरबीआई के ड्राफ्ट के अनुसार, कमर्शियल बैंकों द्वारा दिए जाने वाले सभी फ्लोटिंग-रेट पर्सनल लोन और MSME लोन को एक एक्सटर्नल बेंचमार्क जैसे- रेपो रेट से जोड़ना अनिवार्य होगा।

फिलहाल कुछ लोन आंतरिक दरों जैसे- MCLR से जुड़े होते हैं, जिससे जब आरबीआई रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों द्वारा ग्राहकों को तुरंत ब्याज दर कटौती का फायदा नहीं मिलता। एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ने के बाद रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर आपकी लोन दर पर दिखेगा।

रिसेट फ्रीक्वेंसी पर सख्त नियम: 3 महीने में एक से ज्यादा बार नहीं बदलेगी दर

बैंकों द्वारा लोन की दरें कब-कब रीसेट होंगी, इसके लिए भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं:

3 महीने की सीमा: बैंक लोन की ब्याज दर रीसेट करने की समयसीमा खुद चुन सकते हैं, लेकिन यह 3 महीने में एक बार से ज्यादा नहीं हो सकती।

पूरे टेन्योर के लिए फिक्स: लोन एग्रीमेंट में जो रीसेट डेट और फ्रीक्वेंसी (जैसे- हर 3 महीने में) तय होगी, वह पूरे लोन कार्यकाल के दौरान समान रहेगी।

एग्रीमेंट में स्पष्टता: रीसेट की तारीख और बेंचमार्क का जिक्र लोन एग्रीमेंट में स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा।

क्रेडिट रिस्क प्रीमियम को लेकर कड़े नियम

बेंचमार्क दर के ऊपर बैंक जो अपना मार्जिन जोड़ते हैं, उसे ‘स्प्रेड’ कहा जाता है। इसमें क्रेडिट-रिस्क प्रीमियम, ऑपरेटिंग कॉस्ट और टर्म प्रीमियम शामिल होते हैं। अक्सर बैंक स्प्रेड बढ़ाकर ग्राहकों की ईएमआई बढ़ा देते हैं। नए नियमों के तहत, बैंक किसी ग्राहक का क्रेडिट रिस्क प्रीमियम केवल तभी बदल सकेंगे जब ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल (CIBIL स्कोर/फाइनेंशियल स्थिति) में कोई बड़ा बदलाव आया हो और उसकी विस्तृत समीक्षा की गई हो।

स्प्रेड के अन्य घटकों को फ्लोटिंग-रेट लोन के लिए कम से कम 3 साल से पहले संशोधित नहीं किया जा सकता। इससे बैंकों द्वारा बिना किसी ठोस कारण के बीच में ही मार्जिन बढ़ाकर ईएमआई बढ़ा देने की प्रथा पर लगाम लगेगी।

पुराने लोन ग्राहकों के लिए क्या प्रावधान हैं?

आरबीआई ने मौजूदा लोन ग्राहकों के हितों का भी ध्यान रखा है:

  1. माइग्रेशन की डेडलाइन: आंतरिक या पुराने बेंचमार्क से जुड़े मौजूदा लोंस को 1 अप्रैल 2029 तक नए फ्रेमवर्क में शिफ्ट करना होगा।
  2. कोई चार्ज नहीं: इस ट्रांसफर के लिए बैंक ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकते।
  3. ग्राहक की सहमति जरूरी: माइग्रेशन केवल ग्राहक की स्पष्ट सहमति से होगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्राहक को कोई वित्तीय नुकसान न हो।

ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

आरबीआई के इस नए फ्रेमवर्क से लोन लेने वाले ग्राहकों को स्पष्टता मिलेगी कि उनकी ईएमआई क्यों और कब बदल रही है। वैसे अभी ये सिर्फ एक ड्राफ्ट प्रस्ताव है। आरबीआई द्वारा अंतिम नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही ये नियम 1 अप्रैल 2027 से पूरी तरह प्रभावी होंगे।

Pension Scheme: अब सिर्फ ₹99 की बचत से सिक्योर होगा फ्यूचर! गिग और डिलीवरी वर्कर्स के लिए PFRDA लाया खास NPS प्लान

NPS for Gig Workers: जोमैटो, स्वैगी, ओला, उबर, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने देश के लाखों डिलीवरी बॉयज, ड्राइवर्स और सर्विस पार्टनर्स को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के लिए ‘NPS e-shramik Model’ को नए सिरे से हाइलाइट किया है।

इस खास स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी वर्कर मात्र ₹99 जैसी छोटी राशि से भी अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स की शुरुआत कर सकता है। आइए जानते हैं आम लोगों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए यह स्कीम कितनी फायदेमंद है और इसमें कैसे जुड़ सकते हैं।

बिना किसी दबाव के बचत: अपनी मर्जी और क्षमता से जमा करें पैसा

इस योजना को गिग वर्कर्स की अस्थिर और दैनिक कमाई को ध्यान में रखकर बेहद लचीला बनाया गया है। PFRDA ने योगदान के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं की है। वर्कर जब चाहें और जितना चाहें, अपनी कमाई के हिसाब से पैसा जमा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई भी वर्कर प्रतिदिन या हर हफ्ते ₹99 जैसी मामूली रकम से भी अपने एनपीएस खाते में पैसे डाल सकता है। साथ ही यह मॉडल NPS कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। इसमें पैसा केवल वर्कर, केवल एग्रीगेटर कंपनी, या फिर दोनों मिलकर जमा कर सकते हैं।

कौन-कौन से वर्कर्स उठा सकते हैं इस योजना का लाभ?

यह स्कीम उन सभी युवाओं और कर्मचारियों के लिए बेहतरीन अवसर है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए काम करते हैं:

  • फूड डिलीवरी पार्टनर्स: Zomato, Swiggy आदि।
  • क्विक-कॉमर्स एंड ग्रॉसरी डिलीवरी: Blinkit, Zepto, Instamart आदि।
  • राइड-हेलिंग ड्राइवर्स: Ola, Uber, Rapido आदि।
  • होम सर्विसेज पार्टनर्स: Urban Company और अन्य सर्विस प्लेटफॉर्म्स।

खाता खोलना है बेहद आसान

इस योजना में जुड़ने की प्रक्रिया को एकदम डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया गया है:

आसान KYC: बेसिक केवाईसी के लिए केवल नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य मान्य तरीकों से मिनटों में पूरी हो जाती है।

PRAN जनरेशन: वर्कर की सहमति से तुरंत एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जारी कर दिया जाता है।

नॉमिनी की सुविधा: ऑनबोर्डिंग के 60 दिनों के भीतर माता-पिता की जानकारी और नॉमिनी डिटेल्स दर्ज की जा सकती हैं।

कंपनी बदलने पर भी बंद नहीं होगा अकाउंट

अगर कोई डिलीवरी बॉय या ड्राइवर एक कंपनी जैसे- Zomato छोड़कर दूसरी कंपनी Swiggy या Uber में काम करने जाता है, तो उसका एनपीएस खाता बंद नहीं होगा। वह आसानी से अपने खाते को नए एग्रीगेटर के साथ जोड़ कर सकता है। PFRDA के तय फ्रेमवर्क के तहत ऑनबोर्डिंग के समय पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) वर्कर से कोई खाता खोलने का शुल्क नहीं लेते हैं।

बुढ़ापे में मिलेगा पेंशन और एकमुश्त फंड का दोहरा फायदा

यह योजना एनपीएस के ‘ऑल सिटीजन मॉडल’ के नियमों के तहत काम करती है। इसमें जमा किया गया पैसा शेयर बाजार और सुरक्षित सरकारी सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट होता है, जिससे लंबी अवधि में एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है।

60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर वर्कर्स को एकमुश्त मोटी रकम निकालने का विकल्प मिलता है और बाकी पैसे से जीवनभर हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। गिग वर्कर्स के लिए बिना किसी बड़े बोझ के सुरक्षित भविष्य बनाने का यह सबसे भरोसेमंद जरिया है।

Muthoot FinCorp IPO: ₹3000 करोड़ के इश्यू का ड्राफ्ट जमा, रहेंगे केवल नए शेयर

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मुथूट फिनकॉर्प ने अपने 30 अरब रुपये (3000 करोड़ रुपये) के IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में मुताबिक, ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में कहा गया है कि IPO में केवल नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी 6 अरब रुपये तक का प्री-IPO प्लेसमेंट ला सकती है। अगर ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा।

मुथूट फिनकॉर्प के IPO में 50 प्रतिशत तक हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और SBI कैपिटल मार्केट्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।

मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट पप्पाचन ग्रुप की कंपनी है। यह मुख्य रूप से गोल्ड लोन देने का काम करती है। साथ ही यह बिजनेस, हाउसिंग, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसी सुविधाएं भी देती है। कंपनी की पूरे भारत में 3,800 से ज्यादा ब्रांच हैं।

कैसे इस्तेमाल होंगे IPO के पैसे

कंपनी अपने IPO से हासिल फंड का इस्तेमाल भविष्य में लोन देने की जरूरतों के लिए टियर-1 कैपिटल बेस को मजबूत करने, बिजनेस बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार करने में करेगी। एक छोटा हिस्सा इश्यू से जुड़े खर्चों के लिए रखा जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में मुथूट फिनकॉर्प ने शुद्ध मुनाफे में 3 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी। ऑपरेशंस से रेवेन्यू में 31.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी के कंसोलिडेटेड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट का आंकड़ा 73,448.82 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Gaja Capital IPO के लिए ₹152-₹160 प्रति शेयर रहेगा प्राइस बैंड, 19 अगस्त को खुलेगा ₹550 करोड़ का इश्यू

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आलू किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है योगी सरकार

आलू किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है योगी सरकार

योगी सरकार ने किसानों को सम्मान और स्वाभिमान का आधार बताया है। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि खेती-किसानी के मार्ग में आने वाली हर बाधा को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है। विशेष रूप से आलू किसानों की उत्पादन, भंडारण और विपणन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।

 

श्री सिंह ने बताया कि सरकार ने आलू किसानों को राहत देने के लिए पिछले वर्षाकालीन सत्र में भंडारण शुल्क में ₹1 प्रति किलोग्राम की दर से छूट देने का निर्णय लिया है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी। इसके लिए ₹1,000 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

 

इसी प्रकार किसानों को बाजार भाव में उतार-चढ़ाव से राहत देने के उद्देश्य से भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से किसानों के हित में बाजार भाव को स्थिर रखने के लिए ₹1.50 प्रति किलोग्राम की दर से भावांतर भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। इसके लिए ₹100 करोड़ का बजट प्राविधान किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि नौ वर्ष में आलू किसानों के हित के लिए हरसंभव प्रयास किए गए हैं, ताकि उन्हें उत्पादन से लेकर विपणन तक किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। चालू वर्ष में भी फसल खेत में रहते ही विभाग ने आलू के बेहतर विपणन की संभावनाओं पर काम शुरू कर दिया था।

 

इसी क्रम में 30 जनवरी 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ओडिशा के उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, प्रगतिशील किसानों तथा प्रतिष्ठित व्यावसायियों के साथ संवाद कर उत्तर प्रदेश के आलू की ओडिशा में आपूर्ति बढ़ाने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की दिशा में प्रयास किया।

 

इसके अतिरिक्त अपर मुख्य सचिव व उद्यान निदेशक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर उत्तर प्रदेश के आलू के विपणन की संभावनाओं को तलाशा। सरकार का कहना है कि ऐसे प्रयासों का उद्देश्य किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।

 

उद्यान मंत्री ने प्रदेश के आलू किसानों से अपील की है कि योगी सरकार उनके साथ हर सुख-दुख में खड़ी है। किसानों से अपील की गई कि राजनीतिक दलों द्वारा सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से किए जाने वाले दुष्प्रचार पर ध्यान न दें और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की वास्तविकता को समझें।

 

सरकार ने सभी किसानों के हितैषी लोगों से भी रचनात्मक सुझाव आमंत्रित किए हैं। डबल इंजन की सरकार की प्राथमिकता में किसान हैं और किसानों की आय, उनकी उपज के उचित मूल्य तथा विपणन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।

Trading Ideas : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जानें कमजोर बाजार में भी आज किन शेयरों में बनेगा पैसा, इंडेक्स में क्या करें

Trading Ideas : कल के कारोबारी सत्र में बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी 36 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 188 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो PSU बैंक इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 2 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह लगभग 1.5 प्रतिशत नीचे रहा। कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंट्राडे में तेज गिरावट के बाद,निफ्टी ने 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के पास सपोर्ट लिया और तेज रिकवरी की।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 20-डे SMA या 24,300/77,500 का लेवल ट्रेडर्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर मार्केट इन स्तरों से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24,500-24,600/78,500-78,800 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24,300/77,500 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे,मार्केट 24,150-24,100/77,000-76,800 तक गिर सकता है।

आज क्या हो कमाई की रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24509-24541 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24617-24667/24709 पर है। इसके लिए पहला बेस 24341-24380 पर और बड़ा बेस 24178/24206-24261 पर है। ग्लोबल सेटअप न्यूट्रल है। कच्चा तेल अभी भी ऊपर है। AI रैली की संभावना है। FIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है,इंडेक्स में शॉर्ट हुए हैं। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.65 लाख पर आ गए हैं।

24500-24600-24700 पर कॉल राइटिंग और 24300-24200 पर पुट राइटिंग हुई है। 24509-24541 के ऊपर शॉर्ट कवरिंग संभव है। 24380-24341 मामूली सपोर्ट है। 24261-24207 क्रिटिकल सपोर्ट है। तेजी और शॉर्ट कवरिंग के लिए 24509-24541 के ऊपर निकलना जरूरी है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोरी में शॉर्ट काम कर सकता है, बेस-1 पर चेक करें। बेस-1 टूटने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है,बेस-1 और बेस-2 अहम रिवर्सल पॉइंट हैं। निफ्टी IT को 31200-31050 के ऊपर टिकना जरूरी है। निफ्टी बैंक को 57500 के ऊपर टिकना जरूरी है।

निफ्टी बैंक पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58030-58189/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58411-58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57467-57610 पर और बड़ा बेस 56911/57089-57211 पर है। PSU बैंकों में रिवर्सल थोड़ा चौंकाने वाला है। 57000-57200 पर काफी पुट राइटिंग हुई है। 57500 पर थोड़े पुट हैं। 58000 कॉल पर एक्जिट हुए हैं। 57500 के ऊपर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति रहेगी। 58200-58270 के ऊपर तेज मजबूती संभव है। तेजी के लिए कच्चे तेल का सपोर्ट जरूरी है। बेस-1 के नीचे फिसलने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी ABB फ्यूचर्स में 7740-7744 रुपए के आसपास, 7670 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 7910 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। पॉलीकैब फ्यूचर्स में भी इनकी 9310-9315 रुपए के आसपास, 9200 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 9550 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

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Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक को होगा आर्थिक लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन आपके पक्ष में रह सकता है। कहीं से रुका हुआ पैसा मिलने या पुराने निवेश से फायदा होने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को नया ग्राहक या ऑर्डर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को बोनस या अतिरिक्त कमाई का मौका मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में सावधानी बरतना जरूरी है। घर की मरम्मत, स्वास्थ्य या यात्रा से जुड़ा अचानक खर्च सामने आ सकता है। शेयर बाजार या किसी जोखिम भरे निवेश में पैसा लगाने से बचें। पुरानी बचत को सुरक्षित रखना आपके लिए बेहतर रहेगा

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हाल में किया गया कोई कारोबार का सौदा आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को वेतन बढ़ने या इंसेंटिव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सामाजिक कार्यक्रमों और दोस्तों से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीमा, म्यूचुअल फंड या रिटायरमेंट जैसी वित्तीय योजना शुरू करने के लिए दिन ठीक है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक रूप से आज का दिन आपके लिए अच्छा रह सकता है। किसी योजना के जरिए पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी में प्रमोशन या बोनस मिल सकता है, जबकि कारोबार में कोई पुराना भुगतान या सौदा पूरा हो सकता है। विदेश से जुड़े कारोबार में भी फायदा मिल सकता है। खर्च बढ़ने के बावजूद कमाई उसे संभाल सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। परिवार से जुड़ी कोई ऐसी जरूरत सामने आ सकती है, जिस पर अचानक पैसा खर्च करना पड़े। आमदनी सामान्य रहेगी, लेकिन बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। अगर किसी को पैसा उधार दिया है तो उसकी वापसी में देरी हो सकती है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य और स्थिर रह सकती है। धीरे-धीरे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। कारोबार में फायदा मिलने के मौके बन सकते हैं, खासकर अगर आपका काम फैशन, ब्यूटी, कला या डिजाइन से जुड़ा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपके काम की तारीफ भी हो सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज अचानक आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है या लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। बैंक, बीमा या बचत से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। हालांकि, किसी के साथ पैसों का लेन-देन करते समय पूरी सावधानी रखें, क्योंकि धोखे की आशंका हो सकती है। सट्टेबाजी और जोखिम भरे कामों से दूर रहना बेहतर रहेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने के लिए अच्छा है। आप किसी बड़े निवेश, बीमा पॉलिसी या लंबी अवधि की योजना की शुरुआत कर सकते हैं, जिसका फायदा आगे चलकर मिल सकता है। धन बचाने और भविष्य के लिए पूंजी तैयार करने के लिहाज से दिन अच्छा है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

MP में निवेश का बड़ा मौका, 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, 5,700 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

MP में निवेश का बड़ा मौका, 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, 5,700 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8 हजार 635 करोड़ रुपए के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों एवं कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति विशेष रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को अहमदाबाद में आयोजित मेगा निवेश संवाद इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश में देशभर से आए प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।   

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यापार-व्यवसाय, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना-विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। मध्यप्रदेश में निवेश हमेशा से ही फायदे का सौदा रहा है। उन्होंने देशभर के निवेशकों का प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश करने वालों को हमारी सरकार हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देश में चल रहे विकास यज्ञ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों को देश के उद्योग जगत से सराहना मिल रही है। उद्योग के संचालन के लिए मुख्यत: ठोस नीति, नेक नीयत और सहयोगी सरकार। मध्यप्रदेश में आपको यह तीनों ही मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को आगामी प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027, भोपाल के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, आपके पास अनुभव है और हमारे पास अवसर। हमारे अवसरों को आपका अनुभव मिल जाए, तो हम मिलकर इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश के प्रगति पथ में सहयात्री बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, मध्यप्रदेश में बिना किसी संकोच के और खुले दिल से निवेश कीजिए तथा हमारे साथ विकास की इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनिए।

 

एमपी में किसी बात की चिंता नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध है, पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली है तथा प्लग एंड प्ले जोन विकसित किए जा रहे हैं। लगभग 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को 'समस्याओं का अंत, सेवा तुरंत' बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बाधा का समाधान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। सरल और सहज कनेक्टिविटी को प्रदेश की बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, एक्सप्रेस-वे और हाईवेज़ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षित और कुशल श्रम शक्ति भी बेहद आसानी से उपलब्ध है।

 

मध्यप्रदेश और गुजरात हैं जुड़वा भाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक संभावनाओं एवं उच्च कोटि के परस्पर सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही राज्य जुड़वा भाईयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीक, व्यापार और औद्योगिक अनुभव है, वहीं मध्यप्रदेश के पास प्रचुर जल, लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स एडवांटेज है। दोनों राज्यों की इन्हीं बेजोड़ विशेषताओं के समन्वय से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया इतिहास रचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पेट्रोकेमिकल, रसायन, टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक अवसर हैं। बीना में विशाल पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी, उज्जैन में 360 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क, धार और नवसारी में पीएम मित्रा पार्क तथा पीथमपुर का मजबूत ऑटोमोबाइल आधार दोनों राज्यों की औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास जैसी नीतियों से निवेश का रास्ता आसान हुआ है और इन क्षेत्रों में 7 लाख 19 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है।

mohan yadav

मां नर्मदा के दो बेटे देश के औद्योगिक विकास के लिए बढ़ रहे हैं साथ-साथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से गुजरात की धरती देश को समृद्धि देती आई है। गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरुष हमें दिए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत दुनिया का अग्रणी देश बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात और मध्यप्रदेश मां नर्मदा के दो बेटों की तरह हैं। नर्मदा के जल से दोनों प्रदेशों में पेयजल और सिंचाई के पर्याप्त पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के लिए अपने संकल्प को पूरा किया है। दोनों राज्यों में उद्योग, व्यापार, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूलता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमी पुरुषार्थ और व्यापार से कई लोगों को रोजगार और घर चलाने का अवसर मिलता है। हम 'जियो और जीने दो' के साहचर्य सिद्धांत पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं।

 

समृद्धि वाली धरती है गुजरात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेगा निवेश संवाद कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों और उद्यमियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुजरात के साथ संबंध अनेक प्रकार से महात्मा गांधी के समय से है। स्वतंत्रता आंदोलन समर में सभी राज्य संयुक्त रूप से संघर्षरत थे। गुजरात से ही सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा आधुनिक भारत की नींव रखने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। गुजरात में वे द्वारकाधीश बने और जगद्गुरु भी बने। गुजरात की धरती ही कृष्ण को श्री लगाने वाली और समृद्धि देने वाली धरती है। अब एक बार फिर गुजरात और मध्यप्रदेश के साथ अब नया रिश्ता जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए गुजरात के सभी उद्यमी आमंत्रित हैं। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पूरा सहयोग प्राप्त होगा। गुजरात में पेट्रोकेमिकल , रसायन, टेक्सटाइल, फॉर्मा और एनर्जी सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। गुजरात का टेक्सटाइल तो दुनिया में प्रसिद्ध है। गुजरात के पास धार जिले में प्रधानमंत्री मोदी ने 2 हजार एकड़ में बन रहे टेक्सटाइल सेक्टर के पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां तेजी से निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी गुजरात से हैं। उनके नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में सबसे अलग छवि बना रहा।

 

क्रियान्वित हो रहा समृद्धि का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और गुजरात के मध्य समन्वय तेजी से बढ़ रहा है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का जो राज्यों की समृद्धि का संकल्प था , वह क्रियान्वित हो रहा। सरदार सरोवर परियोजना के संदर्भ में राज्यों के मध्य आवश्यक सहयोग पर बल दिया गया है। दोनों राज्यों के बीच प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में केंद्र का पर्याप्त समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। राज्यों में परस्पर सहयोग और साथ रहे, इस दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों में राज्य समान रूप से आगे बढ़ें, यह अनुकूलता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ठोस नीतियां लागू की हैं। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश में विशेष प्रयास हुए हैं। राज्य में बिजली की उपलब्धता सरप्लस है। मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन भी चल रही है। देश में सबसे सस्ती बिजली दर मध्यप्रदेश में है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों को लागू कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। निवेशकों से किए हर वादे को पूरा करते हुए बड़े उद्योग और एमएसएमई ईकाइयों को पिछले माह तक की निवेश प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते बैकलॉग सब्सिडी को भी खत्म किया है।

 

युवाओं को हर क्षेत्र में मिल रहे अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य में टूरिज्म, आईटी, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी और भोपाल सहित पड़ोसी जिले को जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सबसे तेज गति से उद्योगों की स्थापना हो रही है। मध्यप्रदेश देश में में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में मध्यप्रदेश में हो रहे विशेष प्रयासों और अन्य सेक्टर में आ रहे निवेश का भी विवरण दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों और सकारात्मक वातावरण की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

 

एमपी में अद्भुत टूरिज्म

गुजरात के वेलस्पन ट्रांसफॉर्मेशन सर्विस लिमिटेड के ऑनर चिंतन ठाकर ने मध्यप्रदेश में निवेश का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश सिस्टर स्टेट होने के साथ-साथ देश के भविष्य के ग्रोथ इंजन हैं। वर्ष 2011 में हमारी कंपनी ने मध्यप्रदेश में प्रवेश किया। देवास-भोपाल रोड पर अपनी यूनिट शुरू की। हमने वॉटर पाइप्स तैयार किए। मध्यप्रदेश सरकार ने केवल 12 महीने में उद्योग स्थापना के लिए जरूरी सभी अनुमतियां दे दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्यमियों और निवेशकों की सभी देनदारियां लगातार भुगतान की जा रही हैं। सिम्फनी लिमिटेड कंपनी के सीएमडी एवं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की गुजरात स्टेट कांउसिल के चेयरमेन  अचल बेकेरी ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश है। हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। घरेलू पर्यटकों की संख्या 14 करोड़ से अधिक दर्ज की गई। अब घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पारंपरिक तौर पर गोवा और हिमाचल प्रदेश की श्रेणी में शामिल हो रहा है। धार्मिक पर्यटन के लिए उज्जैन और चित्रकूट, वन्यजीव पर्यटन के लिए बांधवगढ़, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक विरासत के लिए खजुराहो, मांडू और सांची प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। राज्य में बढ़ते टूरिज्म को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने होमस्टे की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। टूरिज्म राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। गुजराती समुदाय के लिए मध्यप्रदेश में हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। कई गुजराती निवेशक मध्यप्रदेश को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। राज्य में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुए हैं। गुजरात में पहले हुई इन्वेस्टर्स मीट में हजारों करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश पर भरोसा दिखाते हैं। राज्य में उद्योग मित्र नीतियां, पारदर्शिता और निवेश अनुकूल वातावरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

 

एमपी में निवेश के लिए अनुकूल माहौल

अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य गुजरात ने हमेशा अपनी उद्यमिता, चुनौतियों का सामना करने और नवाचारों से देश को प्रेरित किया है। मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य में 8 एयरपोर्ट, 22 रेल जंक्शन और तेजी से बढ़ता लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर इसे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। राज्य सरकार ने 8 डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इनमें मुरैना में फुटवियर पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस, रायसेन में प्लास्टिक पार्क भी शामिल हैं। सेक्टर आधारित क्लस्टर हमारी विशेषता हैं। नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को निवेश प्रोत्साहन नीतियों के निर्माण के मामले में शीर्ष राज्य घोषित किया है। हमारी उद्योग आधारित नीतियों को देश के दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं। राज्य की पॉलिसी निर्यात, निवेश अनुदान को भी बढ़ावा दे रही हैं। मध्यप्रदेश जनवरी-फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक, तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। फूड प्रोसेसिंग के लिए राज्य में कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा टेस्टिंग ट्रैक है। धार जिले में टेक्सटाइल सेक्टर का देश के सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार करोड़ से अधिक का निवेश मिल चुका है। मध्यप्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी निवेशकों को हर क्षेत्र में मदद कर रही हैं। भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर काम चल रहा है। ग्वालियर में केंद्र सरकार के सहयोग से देश का पहला टेलीकॉम मैन्यूफेक्चरिंग जोन (टीएमजेड) विकसित किया जा रहा है। पर्यटन भविष्य में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। मध्यप्रदेश वन्यजीव पर्यटन और धार्मिक पर्यटन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

 

आईटी सेक्टर में अपार संभावनाएं

प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सस्ती और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं। यहां रहना काफी सस्ता है। टीसीएस इंदौर में अपनी यूनिट संचालित करती है, जिसमें 16 हजार से अधिक स्टॉफ काम करता है। इन्फोसिस भी राज्य में अपना विस्तार करने जा रही है। बैगलौर और हैदराबाद की अपेक्षा मध्यप्रदेश में ट्रैफिक अत्यंत सुगम है। राज्य सरकार नया स्पेस टेक पार्क स्थापित करने पर कार्य कर रही है। भोपाल में ड्रोन मैन्यूफेक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रोन टेस्टिंग के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार स्पेस टेक पॉलिसी के अंतर्गत 40 से 60 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती है। हमारी सेमीकंडक्टर पॉलिसी को देशभर से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। राज्य सरकार उद्योग स्थापित करने के लिए किराये और स्टॉफ की सैलरी के लिए भी सहायता दे रही है।

 

मुख्यमत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश संवाद के दौरान प्रमुख उद्योग समूहों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हुईं। इनमें निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अरविंद लिमिटेड के साथ पीएम मित्र पार्क में प्रस्तावित 1,200 करोड़ रुपए के निवेश को शीघ्र क्रियान्वित करने, टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों और  पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर चर्चा हुई। वहीं, टोरेंट पावर लिमिटेड के साथ अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना, प्रदेश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा, अतिरिक्त विद्युत क्षमता सृजन और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। पेट्रोकेमिकल, केमिकल, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस एवं रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई। वन-टू-वन बैठकों में चिरपाल ग्रुप, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट, गुजरात अंबुजा, एजियोस पॉलीफिल्म्स, एरिस लाइफसाइंसेज सहित अन्य उद्योग समूहों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। गुजरात के निवेशकों एवं उद्योग जगत ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, व्यवस्थाओं और नेतृत्व के प्रति विश्वास भी व्यक्त किया।

 

सीएम डॉ. मोहन ने बताया किसने कितना किया निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीमेंट क्षेत्र में गोल्डक्रेस्ट सीमेंट द्वारा 3,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पैकेजिंग क्षेत्र में एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रालि द्वारा 2,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड द्वारा 1,200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड द्वारा 500 करोड़ रुपए के निवेश से 800 रोजगार, टेक्सटाइल क्षेत्र में राघव वूवन एलएलपी द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 400 रोजगार, इंजीनियरिंग क्षेत्र में भव्य मशीन टूल्स द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 300 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार तथा पैकेजिंग क्षेत्र में बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र में श्रद्धा स्पन प्रालि द्वारा 160 करोड़ रुपए के निवेश से 600 रोजगार, अन्य क्षेत्र में इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स प्रालि द्वारा 150 करोड़ रुपए के निवेश से 160 रोजगार, एयरोस्पेस एवं डिफेंस क्षेत्र में ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपए के निवेश से 120 रोजगार, फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में जेएमके फूड द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 80 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में विबफास्ट ग्रुप द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 75 रोजगार तथा अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपए के निवेश से 50 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन सभी निवेश प्रस्तावों से कुल 8 हजार 635 करोड़ रुपए का निवेश और 5 हजार 785 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।