खुलने वाला है बड़ा मौका! ब्लैकस्टोन के निवेश वाली कंपनी का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ जल्द, जानिए डेट्स और पूरी डिटेल

Horizon Industrial Parks IPO Details: ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट फर्म ब्लैकस्टोन समर्थित भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचा ऑपरेटर ‘होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क’ ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने ऐलान किया है कि उसका ₹2,600 करोड़ का आईपीओ आगामी 17 अगस्त को दलाल स्ट्रीट पर उतरेगा।

यह अगले हफ्ते खुलने वाला चौथा मेनबोर्ड का आईपीओ होगा। इससे पहले ललिता ज्वैलरी मार्ट, सनशाइन पिक्चर्स और शंखेश ज्वैलर्स के आईपीओ भी कतार में हैं।

आईपीओ की महत्वपूर्ण तारीखें

  • एंकर बुक: 14 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 17 अगस्त 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 19 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट फाइनल होना: 20 अगस्त 2026
  • शेयरों की लिस्टिंग: 24 अगस्त 2026

प्राइस बैंड की घोषणा 12 अगस्त को की जाएगी। इस आईपीओ में कोई भी ऑफर-फॉर-सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है, यानी पूरा इश्यू पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है।

इश्यू साइज और रिजर्वेशन

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹5 करोड़ तक के शेयर आरक्षित किए हैं। इसके अलावा नेट इश्यू का स्ट्रक्चर इस तरह रहेगा:

  • संस्थागत निवेशक (QIB): अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा
  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 15 प्रतिशत हिस्सा
  • रिटेल निवेशक: शेष 10 प्रतिशत हिस्सा

कंपनी का बिजनेस और प्रमोटर होल्डिंग

हॉरिजन इंडस्ट्रियल पार्क देश के प्रमुख कंजम्पशन और इंडस्ट्रियल हब (जैसे- दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और नागपुर) में 45 संपत्तियों के जरिए 58.58 मिलियन वर्ग फीट में फैला हुआ मजबूत नेटवर्क प्रदान करता है।

इसकी प्रमोटर फर्म ब्लैकस्टोन अपनी तीन सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से कंपनी में 88.74% हिस्सेदारी रखती है। इसके अलावा राधाकिसन दमानी, 360 ONE और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसे पब्लिक शेयरधारकों की इसमें 11.26% हिस्सेदारी है।

फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?

कंपनी इस आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल करेगी। नेट इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹2,250 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने कंसोलिडेटेड बकाया कर्ज (जो कि कुल ₹6,884.3 करोड़ है) को चुकाने में करेगी। बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामकाज के लिए किया जाएगा।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो हॉरिजन इंडस्ट्रियल पार्क अभी एक घाटे में चल रही कंपनी है और इसका घाटा बढ़ रहा है। मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर ₹203.6 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹178.7 करोड़ था। हालांकि, इसी अवधि के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 77.1% उछलकर ₹691.4 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹390.3 करोड़ था।

इस आईपीओ के प्रबंधन के लिए कंपनी ने जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO: 12 अगस्त से ₹1617 करोड़ का IPO खुलेगा, GMP 28% मुनाफे का संकेत दे रहा

Shiprocket IPO: टेमासेक और जोमैटो जैसे दिग्गजों के निवेश वाली Shiprocket का IPO 12 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड 92 से 97 रुपये प्रति शेयर तय किया है। IPO के जरिए कंपनी करीब 1,617.5 करोड़ रुपये जुटाएगी।

12 से 14 अगस्त तक खुलेगा IPO

Shiprocket IPO के लिए बोली 12 अगस्त से 14 अगस्त तक लगाई जा सकेगी। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में करेगी।

कर्ज चुकाने और अधिग्रहण पर भी पैसा

IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कंपनी कुछ कर्ज और उस पर लगने वाले ब्याज को चुकाने में लगाएगी। इसके अलावा संभावित अधिग्रहण के जरिए कारोबार बढ़ाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी रकम इस्तेमाल होगी।

GMP 28% तक

ग्रे मार्केट में Shiprocket के शेयरों को लेकर फिलहाल अच्छी दिलचस्पी दिख रही है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म के मुताबिक IPO का GMP करीब 27 से 28% तक है। Investorgain ने 27 रुपये का GMP बताया है। इसके हिसाब से 97 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर अनुमानित लिस्टिंग करीब 124 रुपये हो सकती है। हालांकि, GMP अनौपचारिक होता है और लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं देता।

Shiprocket क्या करती है?

Shiprocket पहले मुख्य तौर पर शिपिंग सर्विस देती थी। अब यह फुल स्टैक ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म बन चुकी है। कंपनी D2C ब्रांड्स और MSMEs को ऑनलाइन कारोबार से जुड़ी सेवाएं देती है।

इसके कारोबार को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला कोर बिजनेस है। इसमें घरेलू शिपिंग प्लेटफॉर्म और शिपिंग ऐप्स शामिल हैं। कंपनी मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्टेशन, AI आधारित लॉजिस्टिक्स अलोकेशन, ऑर्डर मैनेजमेंट और ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं देती है।

कंपनी की ग्रोथ कैसी रही?

FY24 से FY26 के बीच Shiprocket का रेवेन्यू 24% CAGR से बढ़ा। इसी दौरान एडजस्टेड PAT घाटा 351 करोड़ रुपये से घटकर 76 करोड़ रुपये रह गया।

SBI Securities ने IPO को सब्सक्राइब रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, IPO से मिलने वाली रकम से करीब 210 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया जा सकता है। इससे कंपनी का कुल कर्ज 242 करोड़ रुपये से घटकर करीब 32 करोड़ रुपये रह सकता है।

ब्रोकरेज की अलग-अलग राय

Swastika Financial ने IPO को Neutral रेटिंग दी है। उसके मुताबिक, यह IPO ज्यादा जोखिम लेने वाले और ग्रोथ पर फोकस करने वाले निवेशकों के लिए बेहतर है। वहीं, Ventura Securities ने कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और FY26 में 52.64 करोड़ रुपये के पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो को सकारात्मक बताया है।

हालांकि, कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा कोर बिजनेस से आता है। थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर निर्भरता भी एक जोखिम है। इसलिए IPO में निवेश से पहले वैल्यूएशन, कंपनी की ग्रोथ और जोखिम को ध्यान से देखना जरूरी है।

L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस ट्रांसफर करेगी, ₹1400 करोड़ में समझौता हुआ

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Aegeus IPO Listing: 18% का लिस्टिंग गेन, सोलर की सफाई करने वाली ऐजीअस के ₹105 के शेयरों का धमाल

Aegeus IPO Listing: सोलर प्लांट की सफाई के लिए रोबोट तैयार करने वाली ऐजीअस टेक के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 29 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपीओ के तहत ₹105 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹124.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 18.57% का लिस्टिंग गेन (Aegeus Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹129.95 (Aegeus Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.76% मुनाफे में हैं।

Aegeus IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ऐजीअस का करीब ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-6 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 29.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 23.88 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 48.05 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 25.59 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22,58,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2.86 करोड़ प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ₹5.74 करोड़ जमीन की खरीदारी और सिविल वर्क्स के जरिए मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹3.56 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों और ₹3.55 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Aegeus Technologies के बारे में

ऐजीअस रोबोटिक और इंटेलिजेंस ऑटोमेशम सॉल्यूशंस डिजाइन कर डेवलप करती है। यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सिस्टम इंटीग्रेशन, डेटा मैनेजमेंट, ऑटोमेशन सॉल्यूशंस और कस्टमाइज्ड टेक्नोलॉजी सपोर्ट जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 108% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹4.02 करोड़ और टोटल इनकम 64% से अधिक के CAGR से बढ़कर ₹41.22 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹11.93 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹9.28 करोड़ पड़े थे।

Anawil IPO Listing: 22% का लिस्टिंग गेन, टावर बनाने वाली कंपनी के ₹270 के शेयरों की धांसू एंट्री

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ardee Industries IPO: 139 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

आरडी इंडस्ट्रीज का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। इसका साइज ₹425.87 करोड़ था। अब आज, 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग 12 अगस्त को NSE और BSE पर होगी। जिन लोगों ने Ardee Industries IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Ardee Industries सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Ardee Industries IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया।

कैसी रह सकती है लिस्टिंग

Ardee Industries के शेयर अच्छी बढ़त में शुरुआत कर सकते हैं। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 30.19 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

IPO Next Week: आईपीओ मार्केट में फिर मचेगी धूम! अगले हफ्ते खुलेंगे ₹7,700 करोड़ के 9 नए IPO, 8 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Next Week: आईपीओ मार्केट में फिर मचेगी धूम! अगले हफ्ते खुलेंगे ₹7,700 करोड़ के 9 नए IPO, 8 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

Upcoming IPOs Next Week: भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में एक्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगले सप्ताह यानी 10 अगस्त से दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी। अगले हफ्ते कुल ₹7,700 करोड़ जुटाने के इरादे से 9 नए आईपीओ दांव लगाने के लिए बाजार में आ रहे हैं। इसके अलावा पहले से आ चुके 8 शेयरों की लिस्टिंग भी शेड्यूल की गई है।

आने वाले इन 9 नए आईपीओ में से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट के बड़े आईपीओ हैं, जो मिलकर ₹7,479 करोड़ जुटाएंगे। वहीं बाकी के 4 आईपीओ एसएमई सेगमेंट के हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹203 करोड़ है। आइए जानते हैं किस दिन कौन सा आईपीओ खुलेगा और क्या हैं उनके प्राइस बैंड।

मेनबोर्ड सेगमेंट के 5 बड़े IPOs

Dhoot Transmission IPO (10 – 12 अगस्त): महाराष्ट्र बेस्ड ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन का आईपीओ 10 अगस्त को खुलकर 12 अगस्त को बंद होगा। इश्यू का साइज ₹3,066.9 करोड़ है जिसमें ₹1,400 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,666.9 करोड़ का OFS है। इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर। कंपनी ने इश्यू खुलने से पहले 7 अगस्त को ही एंकर निवेशकों से ₹918 करोड़ जुटा लिए हैं।

Molbio Diagnostics IPO (10 – 12 अगस्त): गोवा बेस्ड प्वाइंट-ऑफ-केयर मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स कंपनी मोलबायो डायग्नोस्टिक्स (टैमासेक और मोतीलाल ओसवाल समर्थित) का आईपीओ भी 10 से 12 अगस्त तक खुला रहेगा। इश्यू साइज ₹939.70 करोड़ है (₹200 करोड़ का फ्रेश इश्यू + 91.66 लाख शेयरों का OFS)। प्राइस बैंड ₹768 से ₹807 प्रति शेयर है। कंपनी एंकर बुक के जरिए 7 अगस्त को ₹281 करोड़ जुटा चुकी है।

Milky Mist Dairy Food IPO (11 – 13 अगस्त): तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी उत्पाद निर्माता मिलकी मिस्ट डेयरी 11 अगस्त को अपना पब्लिक इश्यू लेकर आ रही है। इश्यू साइज ₹1,553 करोड़ (₹1,428 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹125 करोड़ OFS)। प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 प्रति शेयर है।

Shiprocket IPO (12 – 14 अगस्त): एमएसएमई और बड़े रिटेलर्स के लिए ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म चलाने वाली गुरुग्राम बेस्ड कंपनी शिपरॉकेट का आईपीओ 12 अगस्त को खुलेगा। ₹1,617.5 करोड़ के इस आईपीओ में ₹885.50 करोड़ का फ्रेश इश्यू + ₹732 करोड़ का OFS है। इसका प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर है।

Behari Lal Engineering IPO (12 – 14 अगस्त): दिल्ली बेस्ड आयरन एंड स्टील मैन्युफैक्चरर बिहारी लाल इंजीनियरिंग मेनबोर्ड सेगमेंट का सबसे छोटा आईपीओ होगा। इश्यू साइज ₹301.62 करोड़ (₹93 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹208.62 करोड़ OFS) है। इसका प्राइस बैंड ₹271 से ₹285 प्रति शेयर है।

SME सेगमेंट के 4 IPOs

Fascinate Textiles IPO: 11 अगस्त को खुलेगा। रेडिमेड गारमेंट्स बनाने वाली इस कंपनी का आईपीओ साइज ₹67 करोड़ है (प्राइस बैंड: ₹148-156)।

Sham Foam IPO: 11 अगस्त को खुलेगा। पॉलीयूरेथेन फोम और गद्दे बनाने वाली इस कंपनी का फिक्स्ड प्राइस इश्यू ₹40.5 करोड़ का है (इश्यू प्राइस: ₹130)।

Pramodini Medicare IPO: 12 अगस्त को खुलेगा। आंध्र प्रदेश की इस डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर का आईपीओ ₹69.04 करोड़ का है (प्राइस बैंड: ₹110-118)।

Q&T Foods IPO: 12 अगस्त को खुलेगा। यूपी बेस्ड बेकरी प्रोडक्ट्स मेकर कंपनी आईपीओ के जरिए ₹26.24 करोड़ जुटाएगी (इश्यू प्राइस: ₹115)।

क्लोज होने वाले और लिस्टिंग वाले IPOs

मेनबोर्ड का LEAP India और Technocraft Ventures का आईपीओ 11 अगस्त को बंद होगा। वहीं एसएमई सेगमेंट में LAPL Automotive 10 अगस्त और Optimystix Entertainment 11 अगस्त को बंद होगा।

लिस्टिंग का शेड्यूल

  • 10 अगस्त: Anawil Wire & Engineering (SME)
  • 11 अगस्त: Aegeus Technologies (SME)
  • 12 अगस्त: Ardee Industries, Technocraft Ventures, LEAP India (तीनों मेनबोर्ड), इसके अलावा GV Electricals और Optimystix Entertainment (SME)
  • 13 अगस्त: LAPL Automotive (SME)

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

Stocks to Watch: सोमवार 10 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 21 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Milky Mist IPO: 7 बातें, ₹1533 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जानना है जरूरी

Milky Mist IPO: डेयरी प्रोडक्ट्स कंपनी मिल्की मिस्ट का कारोबार देश भर में फैला हुआ है। अब यह स्टॉक मार्केट में भी लिस्टिंग की तैयारी में है, जिसका ₹1533 करोड़ का आईपीओ मंगलवार 11 अगस्त को सब्सक्रिप्शन को खुलेगा। ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की स्थिति तगड़ी दिख रही है और कंपनी की कारोबारी सेहत लगातार मजबूत हो रही है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 7 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

आईपीओ खुलने के बाद मिल्की मिस्ट के ₹1,553 करोड़ के आईपीओ में ₹133-₹140 के प्राइस बैंड और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे।

2. अहम डेट्स

मिल्की मिस्ट का आईपीओ 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 14 अगस्त को फाइनल होगा। आईपीओ की सफलता के बाद फिर शेयरों की बीएसई और एनएसई पर 18 अगस्त को एंट्री होगी।

3. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में मिल्की मिस्ट के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹27 यानी 19.29% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

4. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत ₹1,428 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 89,28,570 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स सतीशकुमार टी और अनीत एस अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।

5. रजिस्ट्रार

मिल्की मिस्ट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिनटेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर स्टेटस देख सकेंगे कि मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

6. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹496.86 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹469.24 करोड़ पेरुंदुरई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और मॉडर्नाइजेशन, ₹155.31 करोड़ विसि कूलर्स, आइस क्रीम फ्रीजर्स और चॉकलेट कूलर्स और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

7. कंपनी के बारे में

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड देश की सबसे तेज बढ़ रही पैकेज्ड फूड कंपनियों में है, जिसका फोकस प्रीमियम वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर है। यह अपने मुख्य ब्रांड मिल्की मिस्ट समेत स्मार्टशेफ, कैपेला, मिस्टी लाइट, ब्रियास और असल जैसे सब-ब्रांड्स के तहत चीज, पनीर, मक्खन, दही, घी, योगर्ट, आइसक्रीम, यूएचटी प्रोडक्ट्स, फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-ईट (RTE), रेडी-टू-कुक (RTC) फूड्स और चॉकलेट्स जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी फार्म-टू-कंज्यूमर इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जिसमें किसानों से सीधे दूध लेकर यह एडवांस्ड ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में इसकी प्रोसेसिंग करती है। अपने खुद के कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मल्टी-चैनल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए इसके ग्राहक देश भर में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 155% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹127.01 करोड़ और टोटल इनकम 31% के सीएजीआर से ₹3,145.01 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,671.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹333.55 करोड़ पड़े थे।

लेट एंट्री लेकिन बने मार्केट लीडर, इन पांच ने खास तरीके से बदला मार्केट का मूड

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Delhivery Q1 Profit: डेल्हीवरी का प्रॉफिट 65% घटकर 32 करोड़ रहा, रेवेन्यू 28% बढ़ा

Delhivery Q1 Profit: डेल्हीवरी ने 8 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 65 फीसदी घटकर 31.9 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 91 करोड़ रुपये था। गुरुग्राम की कंपनी का मार्च तिमाही में 72.3 करोड़ रुपये प्रॉफिट था।

लेबर की कमी की वजह से प्रॉफिट घटा

Delhivery के प्रॉफिट में गिरावट की वजह लेबर की कमी रही। जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 2,930.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में रेवेन्यू 2,294 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2,850 करोड़ रुपये था।

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से कॉस्ट बढ़ी

कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को भेजे लेटर में लिखा है, “पहली तिमाही में स्थितियां चैलेंजिंग रहीं। लेबर की उपलब्धता कम रही। जियोपॉलिटिकल टेंशन और लेबर कोड्स से जुड़ी चुनौतियों की वजह से हमें नेटवर्क सर्विस क्वालिटी को मेंटेन करने के लिए काफी कदम उठाने पड़े।” मध्यपूर्व में टेंशन से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ गईं, जिसका असर फ्यूल कॉस्ट पर पड़ा।

एक्सपेंसेज साल दर साल आधार पर 29 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में कंपनी का एक्सपेंसेज साल दर साल आधार पर 29 फीसदी बढ़कर 3,011.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2,326.6 करोड़ रुपये और मार्च तिमाही में 2,851.1 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा है कि लेबर से जुड़ी चुनौतियों के चलते लेवर कॉस्ट बढ़ गई। कंपनी ने प्रॉपरायटरी जीआईएस डेटा को नए रेवेन्यू में कनवर्ट करने के लिए Delhivery Maps लॉन्च किए।

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इस साल 18 फीसदी चढ़ा है डेल्हीवरी का शेयर 

Delhivery का शेयर 7 अगस्त को एनएसई में 1.90 फीसदी की तेजी के साथ 472.40 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर करीब 18 फीसदी चढ़ा है। डेल्हीवर का आईपीओ मई 2022 में आया था। यह आईपीओ 487 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने प्रति शेयर 487 रुपये के भाव पर इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट किए थे। इसका मतलब है कि बीते चार सालों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Technocraft Ventures IPO: टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स का आईपीओ खुला, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

Technocraft Ventures IPO: टेक्नोक्रॉफ्ट वेंचर्स का आईपीओ 7 अगस्त को खुल गया। कंपनी ने प्रति शेयर 200-212 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 252 करोड़ रुपये का है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है। इसका मतलब है कि कंपनी के पुराने इनवेस्टर्स यह प्रमोटर्स अपने शेयर बचेंगे। इस इश्यू में 11 अगस्त तक निवेश किया जा सकता है।

क्या कंपनी सिर्फ नए शेयर इश्यू करेंगी?

Technocraft Ventures आईपीओ में निवेशकों को 202 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। बाकी 50 करोड़ रुपये के शेयर ओएफएस के जरिए बेचे जाएंगे। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50 फीसदी शेयर रिजर्व हैं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए 15 फीसदी और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व हैं।

कंपनी का बिजनेस क्या है?

कंपनी की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर दिल्ली-एनसीआर में है। यह पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी कंपनी है। इसके प्रोजेक्ट्स राजस्थान, उत्तर प्रदेशन, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और मध्यप्रदेश में हैं। ये प्रोजेक्ट्स वाटर सप्लाई स्कीम, सिवरेज नेटवर्क्स, सिवेज ट्रीटमेंट प्लांटंस (STPs), पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हैं। कंपनी की ऑर्डरबुक में सिवरेज और वेस्टवाटर प्रोजेक्ट्स की करीब 91 फीसदी हिस्सेदारी है।

क्या कंपनी मुनाफा कमा रही है?

कंपनी को करीब पूरा बिजनेस सरकार के डिपार्टमेंट्स और म्युनिसिपल बॉडीज से मिलता है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की स्पॉन्सर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होती हैं। बीते तीन सालों में कंपनी की ग्रोथ अच्छी रही है। FY26 में कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) 43.31 करोड़ रुपये रहा। पीएटी मार्जिन 12.56 फीसदी रहा। ऑपरेशन से रेवेन्यू 345 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू ग्रोथ 23.40 फीसदी रही। कंपनी की ऑर्डरबुक 1,236 करोड़ रुपये की थी।

शेयर की वैल्यूएशन ज्यादा या कम?

इश्यू से आए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल करेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर इश्यू बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 840 करोड़ रुपये का होगा। शेयर की कीमत FY26 की अर्निंग्स का 19.4 गुना है। प्राइस-टू-बुक रेशिया 2.3 गुना है। प्रतिद्वद्वी कंपनियों के मुकाबले वैल्यूएशन ठीक लगती है। प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के शेयरों का औसत पी/ई करीब 23 गुना है।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा प्रीमियम?

इनवेस्टर को कम से कम एक लॉट शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 70 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,840 रुपये की जरूरत पड़ेगी। शेयरों का एलॉटमेंट 12 अगस्त को होने की संभावना है। बीएसई और एनएसई में कंपनी के शेयर 14 अगस्त को लिस्ट होंगे। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर पर प्रीमियम 13 रुपये चल रहा है। 6 अगस्त को ग्रे मार्केट प्रीमियम 10 रुपये था। यह ज्यादा नहीं है। हालांकि, अभी यह इश्यू का पहला दिन है।

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क्या आपको आईपीओ में पैसे लगाने चाहिए?

ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी ने इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी है। उसने कहा है कि कंपनी की ऑर्डरबुक डायवर्सिफायड है। कंपनी नए इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी को इंटिग्रेटेड ईपीसी कपैबिलिटी का फायदा होगा। शेयर की वैल्यूएशन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम है। सुशील फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी है। हालांकि, इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह के बाद इस आईपीओ में निवेश के बारे में फैसला लेना चाहिए।