Advance Technoforge Listing ने दिया झटका, 1% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद ₹95 का शेयर आया और नीचे

Advance Technoforge IPO Listing: फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाने वाली एडवांस टेक्नोफॉर्ज की आज BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ही ओवरसब्सक्राइब हो पाया था। आईपीओ के तहत ₹95 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹94.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 1.05% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹90.00 (Advance Technoforge Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.26% घाटे में हैं।

Advance Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडवांस टेक्नोफोर्ज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.43 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.68 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 25,30,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹7.19 करोड़ मौजूदा प्रेमिसेज में प्रिसिजन मशीन कंपोनेंट्स बनाने के लिए मशीनरी की खरीदारी और इंस्टॉलेशन, ₹7.25 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹2.40 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advance Technoforge के बारे में

एडवांस टेक्नोफोर्ज फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाकर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स ऑटोमोटिव, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्रीज, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, रेलवे समेत अन्य सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टो हुक असेंबली, रिटेनर प्लेट्स, क्रास मेंबर, कनेक्टिंग रॉड, बोडेन (एंड कैप) इत्यादि हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका मुनाफा सालाना 54% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹4.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी। वित्त वर्ष 2024 में ₹48.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹51.15 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में यह ₹50.73 करोड़ पर आ गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹7.19 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

Zepto IPO: दिग्गज क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो आईपीओ से पहले अपने शेयरहोल्डर्स के साथ एक एग्रीमेंट किया है। कंपनी ने शनिवार को ऐलान किया कि यह एग्रीमेंट प्री-आईपीओ इक्विटी प्लेसमेंट को लेकर हुआ है। इसका उद्देश्य कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करना है। कंपनी का कहना है कि इस नई फंडिंग से उसके मौजूदा ₹5,681 करोड़ के कैश रिजर्व में और बढ़ोतरी होगी। साथ ही कंपनी ने यह दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक उस पर कोई कर्ज नहीं था। कंपनी का कहना है कि पब्लिक मार्केट इंवेस्टर्स से बोर्ड और फाउंडर्स को कंपनी की लिस्टिंग का प्रस्ताव मिला और उन्होंने दिलचस्पी दिखाई लेकिन फिलहाल कंपनी का फोकस कारोबार पर है।

तो क्या नहीं आएगा Zepto IPO?

मजबूत बैलेंस शीट को देखते हुए जेप्टो का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान अपने कारोबार के प्रभावी एग्जेक्यूशन पर है। हालांकि इसमें कहीं भी ये बात नहीं कही गई है कि आईपीओ में कोई देरी होगी। कंपनी ने सिर्फ इतना स्पष्ट किया है कि अभी उसकी प्राथमिकता अपने कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने और विस्तार करने की है। कंपनी का कहना है कि आने वाली तिमाही में नए ऑपरेटिंग रिजल्ट और फाइनेंशियल के साथ आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया जाएगा और अपडेटेड ड्राफ्ट को मंजूरी मिलने के बाद सेबी के नियमों के हिसाब से तय समय के भीतर लिस्ट होगी।

आईपीओ को लेकर क्या है जेप्टो की योजना

जेप्टो लगभग $450 करोड़ (करीब ₹42,925 करोड़) के वैल्यूएशन पर फंड जुटाने की तैयारी में है। इसमें घरेलू घरेलू निवेशक मुख्य रूप से शामिल होंगे, जिससे कंपनी में भारतीय हिस्सेदारी करीब 40% के मौजूदा स्तर से अधिक हो जाएगी। हालांकि वैल्यूएशन की बात करें तो यह अक्टूबर 2025 में इसकी $700 करोड़ के वैल्यूएशन से कम है, जब कंपनी ने कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (CalPERS) की अगुवाई वाले राउंड में $45.0 करोड़ जुटाए थे। जेप्टो ने दिसंबर 2025 में गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए आईपीओ का शुरुआती ड्राफ्ट फाइल किया था। जून 2026 में फाइल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर के अनुसार कंपनी नए शेयर जारी करके ₹8,010 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स भी 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे।

कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ऑपरेशंस से ₹22,624 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24,816 करोड़ का NRV (नेट रिसीवेबल्स वैल्यू) हासिल हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में हर दिन इसने औसतन 17.5 लाख ऑर्डर प्रोसेस किए और मार्च तिमाही में तो यह आंकड़ा हर दिन औसतन 23.3 लाख हो गया। मार्च 2026 तक इसके 1,189 स्टोर्स चल रहे थे और इसका सालाना ट्रांजैक्टिग यूजर बेस करीब 4.8 करोड़ था।

Optimystix Entertainment IPO: कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर शेफ्स, क्राइम पेट्रोल की प्रोड्यूसर होगी लिस्ट, 7 अगस्त को खुलेगा ₹108 करोड़ का इश्यू

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 3 अगस्त से शुरू हफ्ते में Ardee Industries समेत 6 नए इश्यू, 11 कंपनियां होंगी लिस्ट

3 अगस्त से शुरू हफ्ते में देश में 6 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 6 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 11 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Anawil Wire & Engineering IPO: ₹177.81 करोड़ का इश्यू 3 अगस्त को खुलेगा और 5 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹257-₹270 प्रति शेयर और लॉट साइज 400 शेयर है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 10 अगस्त को होगी।

Aegeus Technologies IPO: ₹23.71 करोड़ का इश्यू 4 अगस्त को खुलेगा। इसमें ₹100-₹105 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 1,200 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 6 अगस्त को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 11 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Ardee Industries IPO: यह 5 अगस्त को खुलेगा और 7 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹425.87 करोड़ जुटाना चाहती है। बोली ₹50-₹53 प्रति शेयर के भाव पर और 281 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। IPO बंद होने के बाद कंपनी NSE और BSE पर 12 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

LAPL Automotive IPO: यह ₹32.40 करोड़ का है। इसकी ओपनिंग 6 अगस्त को होगी। निवेशकों के ​पास 10 अगस्त तक ₹88-₹94 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में पैसे लगाने का मौका रहेगा। कंपनी के शेयर BSE SME पर 13 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुलेगा और 11 अगस्त को बंद होगा। इसका साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज अभी तक तय नहीं हुआ है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Technocraft Ventures IPO: इसका भी साइज, लॉट साइज, प्राइस बैंड अभी फाइनल नहीं है। लेकिन इश्यू की ओपनिंग 7 अगस्त को और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

पहले से खुले IPO

Juniper Green Energy IPO: ₹1,800 करोड़ का इश्यू 30 जुलाई को ओपन हुआ था और 3 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 49 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹214-₹225 प्रति शेयर और लॉट साइज 66 शेयर है। कंपनी के NSE और BSE पर 6 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

MV Electrosystems IPO: कंपनी ₹290 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 30 जुलाई को खुला था। अभी तक 12.79 गुना भर चुका है। इस IPO में 3 अगस्त को भी ₹400-₹425 प्रति शेयर के भाव पर और 34 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने वाली है।

Dhaval Packaging IPO: ₹36.36 करोड़ का इश्यू 30 जुलाई को खुला था और 3 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 1.40 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। IPO की क्लोजिंग के बाद कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Oneindig Technologies IPO: यह भी 30 जुलाई को खुला था और 3 अगस्त को बंद होगा। अभी तक 79 प्रतिशत भरा है। साइज ₹27.65 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹91-₹96 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

G.V. Electricals IPO: यह ₹42.25 करोड़ का है। इश्यू 31 जुलाई को खुला था और 4 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 2.30 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹123-₹130 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 7 अगस्त को होगी।

Fusion Klassroom Edutech IPO: कंपनी का इरादा ₹39.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 31 जुलाई से अभी तक 79 प्रतिशत भरा है। 3 और 4 अगस्त को भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। उसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 7 अगस्त को होने वाली है। प्राइस बैंड ₹151-₹159 प्रति शेयर और लॉट साइज 800 शेयर है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 3 अगस्त को NSE SME पर Propshop Events & Exhibitions की लिस्टिंग होने जा रही है। इसी दिन BSE SME पर Advance Technoforge के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। 4 अगस्त को BSE SME पर Poojaa Precision Engg. की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर H.R. Hygiene Products लिस्ट हो सकती है।

इसके बाद 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने वाली है। वहीं BSE SME पर Dhaval Packaging, Oneindig Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 7 अगस्त को BSE SME पर G.V. Electricals और Fusion Klassroom Edutech के शेयर शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुनील सिंघानिया के फंड ने इस स्टॉक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी, 20% का अपर सर्किट लगा

Bai-Kakaji Polymers: प्लास्टिक पैकेजिंग सेक्टर की कंपनी बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शेयर गुरुवार को 20% के अपर सर्किट के साथ बंद हुआ। यह कंपनी की दिसंबर 2025 में लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ी एक दिन की तेजी रही। इस उछाल की वजह दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के Abakkus Venture Opportunities Fund की बड़ी खरीदारी रही।

बल्क डील में खरीदे 6.08 लाख शेयर

बल्क डील में Abakkus Venture Opportunities Fund ने कंपनी के 6.08 लाख शेयर खरीदे। यह कंपनी की करीब 2.8% हिस्सेदारी के बराबर है। यह सौदा ₹200.34 प्रति शेयर के औसत भाव पर बीएसई में हुआ।

शेयर में तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी कई गुना बढ़ गया। गुरुवार को 13.13 लाख शेयरों में कारोबार हुआ, जबकि पिछले 20 दिनों का औसत दैनिक वॉल्यूम करीब 1 लाख शेयर था।

किन निवेशकों ने बेचे शेयर?

निवेशक संजय पोपटलाल जैन ने बाई-काकाजी पॉलिमर्स के 3.42 लाख शेयर बेचे। यह कंपनी की करीब 1.6% हिस्सेदारी के बराबर है। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹6.8 करोड़ रही। जून 2026 तक उनके पास कंपनी में 2.5% हिस्सेदारी थी। वहीं, Tiger Strategies Fund ने भी 1.08 लाख शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी घटाई। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹2.2 करोड़ रही।

बाई-काकाजी पॉलिमर्स के शेयर का हाल

बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शेयर गुरुवार को 20% के अपर सर्किट के साथ 240 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक करीब 27.52% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹514 करोड़ पहुंच गया। इसमें प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 74.1% है।

कंपनी का आईपीओ ₹186 प्रति शेयर के भाव पर आया था और 30 दिसंबर 2025 को इसकी शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई थी। इससे पहले लिस्टिंग के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी करीब 10% रही थी, जो जून 2026 में दर्ज की गई थी।

बाई-काकाजी पॉलिमर्स  का कारोबार

बाई-काकाजी पॉलिमर्स प्लास्टिक पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी PET प्रीफॉर्म, प्लास्टिक कैप और क्लोजर तैयार करती है। इसके ग्राहक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर, सॉफ्ट ड्रिंक, जूस और डेयरी जैसे उद्योग हैं। कंपनी की शुरुआत 2013 में महाराष्ट्र के लातूर से हुई थी और यह बाई काकाजी ग्रुप का हिस्सा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹365 करोड़ रहा।

सुनील सिंघानिया कौन हैं?

सुनील सिंघानिया जाने-माने निवेशक और फंड मैनेजर हैं। वह पहले Reliance Mutual Fund (अब Nippon India Mutual Fund) के Chief Investment Officer (CIO) रह चुके हैं। 2018 में उन्होंने अपनी निवेश कंपनी Abakkus Asset Manager LLP की शुरुआत की।

Abakkus के जरिए वह शेयर बाजार में निवेश करते हैं और Abakkus Venture Opportunities Fund जैसे फंड मैनेज करते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में उनके निवेश पर बाजार की खास नजर रहती है। यही वजह है कि जब उनके फंड की किसी कंपनी में खरीदारी की खबर आती है, तो उस शेयर में अक्सर बड़ी हलचल देखने को मिलती है।

Stocks to Watch: 31 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zepto ने फिलहाल आईपीओ का प्लान रोका, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए मौजूदा इनवेस्टर्स से जुटा सकती है 1000 करोड़

जेप्टो ने फिलहाल आईपीओ पेश करने का प्लान रोक दिया है। इसकी जगह कंपनी ने मौजूदा निवेशकों से 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड जुटाने की कोशिश शुरू कर दी है। क्विक कॉमर्स कंपनी यह पैसा प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए जुटाएगी। इस मामले से जुड़े लोगों ने मनीकंट्रोल को यह बताया।

कई मौजूदा इनवेस्टर्स प्री-आईपीओ प्लेसमेंट में ले सकते हैं हिस्सा

जेप्टो के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट राउंड में कई मौजूदा इनवेस्टर्स के हिस्सा लेने की संभावना है। इनमें Glade Brook, General Catalyst, Good Water Capital और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स शामिल हैं। सेबी आईपीओ पेश करने जा रही कंपनियों को प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए प्रस्तावित इश्यू का 20 फीसदी तक फंड जुटाने की इजाजत देता है।

सेबी कंपनी को प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से पैसे जुटाने की इजाजत देता है

सेबी के नियम में कहा गया है कि अगर कोई कंपनी आईपीओ से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए पैसे जुटाती है तो वह पैसा उसके इश्यू में से घटा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि जेप्टो अपने आईपीओ के जरिए सिर्फ बाकी पैसे ही जुटा सकेगी। जेप्टो ने पहले आईपीओ से 8000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया था। बाद में इसे घटाकर करीब 5000-6000 करोड़ रुपये कर दिया था।

म्यूचुअल फंड्स ने जेप्टो की वैल्यूएशन 2.5-3 अरब डॉलर लगाई थी

मनीकंट्रोल ने पहले अपने खबर में बताया था कि जेप्टो के आईपीओ में निवेश में दिलचस्पी रखने वाले म्यूचुअल फंड्स ने कंपनी की वैल्यूएशन पोस्ट इश्यू 2.5-3 अरब डॉलर (24,000-24,900 करोड़ रुपये) के बीच लगाई थी। यह पहले के 5 अरब डॉलर के अनुमानित वैल्यूएशन से काफी कम था।

जेप्टो को 4-4.2 अरब डॉलर वैल्यूएशन पर पूंजी जुटा लेने की उम्मीद

जेप्टो ने सिर्फ छह महीने पहले इनवेस्टर्स से 7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर फंड जुटाए थे। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया, “जेप्टो के 4-4.2 अरब डॉलर वैल्यूएशन पर पूंजी जुटाने की संभावना है। आईपीओ में निवेश के लिए घरेलू म्यूचुअल फंडों की शर्तों से संतुष्ट नहीं होने के बाद जेप्टो ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए पैसे जुटाने का फैसला लिया है। “

इन म्यूचुअल फंडों ने जेप्टो के कैश बर्न पर उठाए थे सवाल 

जेप्टो, ग्लेड ब्रुक, जनरल काटालिस्ट, गुडवाटर कैपिटल और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स ने इस बारे मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए। इससे पहले SBI MF, ICICI Prudential, Kotak और HDFC सहित दूसरे म्यूचुअल फंडों ने कंपनी के भारी खर्च (Cash Burn) पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि लंबे समय तक इस तरह का खर्च नहीं किया जा सकता।

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अगले कुछ महीनों में आईपीओ बाजार में आ सकती है जेप्टो

जेप्टो को उम्मीद है कि वह आने वाले महीनों में मुनाफा बनाने की बेहतर क्षमता के साथ फिर से आईपीओ बाजार में आएगी। उसे अच्छी वैल्यूएशन का भी भरोसा है। कंपनी हर तिमाही करीब 700 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से कंपनी के पास आगे की दो तिमाहियों के लिए पैसे बचे हैं।

Juniper Green Energy IPO: दिग्गज एंकर निवेशकों ने लगाए ₹539 करोड़! आज से खुला इश्यू, निवेश करें या नहीं? जानें

Juniper Green Energy IPO Opening: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी जुपिटर ग्रीन एनर्जी का ₹1,800 करोड़ का इश्यू आज, 30 जुलाई को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 3 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। अगर आप भी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो कंपनी के प्राइस बैंड, एंकर बुक, वित्तीय स्थिति और ब्रोकरेज रिपोर्ट से जुड़ी हर अहम बातें जान लें।

Juniper Green Energy IPO: मुख्य तारीखें और प्राइस बैंड

आईपीओ खुलने-बंद होने की तारीख: 30 जुलाई-3 अगस्त 2026

प्राइस बैंड: ₹214 से ₹225 प्रति शेयर

कुल इश्यू साइज: ₹1,800 करोड़ (पूरी तरह से फ्रेश इश्यू )

लिस्टिंग की संभावित तारीख: 6 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

मर्चेंट बैंकर: आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹539.4 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹539.4 करोड़ का फंड जुटाया है। बीएसई सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने ₹225 के अपर प्राइस बैंड पर 31 फंड्स को 2.4 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कुल एंकर पोर्शन का 74.79% (₹403.43 करोड़) हिस्सा देश के 9 बड़े म्यूचुअल फंड हाउस को मिला। इनमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential, WhiteOak Capital, Nippon India, HSBC और Edelweiss शामिल हैं।

दिग्गज ग्लोबल और इंश्योरेंस इन्वेस्टर फर्म अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने करीब ₹80 करोड़ का निवेश किया। इसके अलावा HDFC Life, Bajaj Life और Tata AIG जैसी इंश्योरेंस कंपनियों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी आईपीओ के जरिए जुटाए गए ₹1,800 करोड़ में से बड़ा हिस्सा अपना कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। कंपनी पर कुल ₹13,266 करोड़ का कर्ज है। इसमें से ₹683.24 करोड़ सीधे कंपनी के कर्ज को चुकाने/कम करने में इस्तेमाल होंगे, जबकि ₹728.69 करोड़ इसकी सहायक कंपनियों के बकाए लोन को चुकाने के लिए दिए जाएंगे। बची हुई राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगी।

कंपनी का बिजनेस और वित्तीय स्थिति

गुरुग्राम बेस्ड जुपिटर ग्रीन एनर्जी भारत की टॉप 10 सबसे बड़ी रिन्यूएबल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPP) में शामिल है। यह सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स डेवलप और ऑपरेट करती है।

जून 2026 तक कंपनी का कुल प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो 7,910.20 MW तक पहुंच गया है। वर्तमान में इसकी चालू क्षमता 1,795 MW है, जबकि 6,115 MW क्षमता के प्रोजेक्ट्स निर्माण के अधीन हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.9% बढ़कर ₹40.5 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹36.5 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी की आय 41.3% उछलकर ₹718.9 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹508.7 करोड़ थी।

ब्रोकरेज की क्या है सलाह?

एसबीआई सिक्योरिटीज ने लंबी अवधि के नजरिए से इस आईपीओ को ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की विंड-सोलर हाइब्रिड( WSH) और FDRE एसेट्स में मजबूत पकड़ है। इसके अलावा, कंपनी की चालू क्षमता 1,795 MW है और 6,115 MW के प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं, जो आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के चालू होने पर कंपनी को लंबे समय तक मजबूत ग्रोथ विजिबिलिटी प्रदान करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Swiggy ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया, शेयर बने रॉकेट

स्विगी ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया है। वह अमितेश झा की जगह लेंगी। वह 3 अगस्त को नई जिम्मेदारी संभालेंगी। सिन्हा मिंत्रा की सीईओ रह चुकी हैं। 29 जुलाई को स्विगी के शेयरों में जबर्दस्त उछाल दिखा। 13:10 बजे शेयर 7.40 फीसदी उछाल के साथ 288.40 रुपये पर चल रहा था।

क्विक कॉमर्स बिजनेस में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

Swiggy ने सोच-समझकर नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ बनाया है। देश में क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में प्रतियोगिता तेजी से बढ़ रही है। इस फील्ड में पहले से Blinkit, Zepto, Flipkart और Amazon जैसी कंपनियां मौजूद हैं। मनीकंट्रोल ने मार्च में खबर दी थी कि सिन्हा मिंत्रा के सीईओ पद को छोड़ रही हैं। इसके कुछ दिन पहले फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने उन्हें वॉलमार्ट की कंपनी में बनाए रखने की संभावनाओं पर विचार किया था।

सिन्हा के नेतृत्व में मिंत्रा घाटे से फायदे में आई

सिन्हा फ्लिपकार्ट में 12 साल रहीं। इसमें से 4 साल से ज्यादा समय उन्होंने Myntra का नेतृत्व किया। उन्हें मिंत्रा के फैशन बिजनेस को चार चांद लगाने का श्रेय जाता है। उनके नेतृत्व में मिंत्रा चार साल तक लॉस उठाने के बाद फायदे में आ गई। FY24 में कंपनी ने 31 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया। एक साल पहले कंपनी ने 782 करोड़ रुपये का लॉस उठाया था।

स्विगी के कई एंप्लॉयीज फ्लिपकार्ट में रह चुके हैं

FY25 में कंपनी का प्रॉफिट बढ़कर 18 गुना यानी 548 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान ऑपरेटिंग रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़ा। अब स्विगी सिन्हा से इंस्टामार्ट में इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। मनीकंट्रोल की लिंक्डइन की एनालिसिस के मुताबिक, स्विगी के 7,500 एंप्लॉयीज हैं। इनमें से अभी 350 से ज्यादा ऐसे एंप्लॉयीज हैं, जो अपने करियर में किसी समय फ्लिपकार्ट में काम कर चुके हैं।

सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ानी होगी

सिन्हा पर सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी है। नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) के लिहाज से Instamart दूसरे नंबर पर रही है। कभी यह तो कभी जेप्टो दूसरे नंबर पर रही हैं। ऑर्डर वॉल्यूम के लिहाज से इस्टामार्ट ब्लिंकिट और जेप्टो से काफी पिछड़ चुकी है। ब्लिंकिट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट मिनट्स, एमेजॉन नाउ और फर्स्टक्लब ने प्रतियोगिता बढ़ने की वजह से प्रॉफिट टारगेट को पीछे कर दिया है।

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स्विगी का इंस्टामार्ट के लिए लंबी अवधि का विजन

नूडल्स ब्रांड नेचुरली योर्स के फाउंडर विनोद चेनधिल ने सिन्हा की नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे उम्मीद है कि नई टीम प्रीमियम ऑफरिंग्स को लाएगी, जिसके लिए वह जानी जाती है।” स्विगी पहले कह चुकी है कि कीमतों को लेकर प्रतिस्पर्धा सिर्फ समस्या का समाधान नहीं है। उसने कहा है कि समाधान ऐसा बिजनेस बनाने में है, जो सिर्फ कीमतों के लिहाज से आगे न हो। क्विक बिजनेस की उपयोगिता बढ़ रही है।

Manipal Health IPO: पैसों का कर लें इंतजाम! कल से खुल रहा है मणिपाल हेल्थ का मेगा इश्यू , जानें ब्रोकरेज की राय

Manipal Health Enterprises IPO: देश की प्रमुख अस्पताल चेन मणिपाल हॉस्पिटल्स का संचालन करने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ कल यानी 29 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। अगर आप भी इस IPO में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो निवेश करने से पहले इसका प्राइस बैंड, जीएमपी, लॉट साइज और ब्रोकरेज रिपोर्ट जान लें।

Manipal Health IPO: प्राइस बैंड और इश्यू साइज

  • प्राइस बैंड: ₹560 से ₹590 प्रति शेयर।
  • ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 29-31 जुलाई
  • अलाटमेंट: 3 अगस्त
  • लिस्टिंग: 5 अगस्त
  • न्यूनतम निवेश: रिटेल निवेशक कम से कम 1 लॉट (25 शेयर) के लिए बोली लगा सकते हैं। अपर प्राइस बैंड (₹590) के हिसाब से 1 लॉट के लिए ₹14,750 का निवेश करना होगा।
  • इश्यू साइज: ₹9,275 करोड़ (₹8,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,275 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

कंपनी प्रोफाइल और फंड का इस्तेमाल

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज बेड क्षमता के आधार पर भारत का सबसे बड़ा पैन-इंडिया मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल नेटवर्क है। मार्च 2026 तक कंपनी 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 49 अस्पतालों और 13,037 लाइसेंस प्राप्त बेड्स का संचालन करती है।

कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अपनी सहायक कंपनी मणिपाल हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड के बकाए कर्ज को चुकाने, सह्याद्री हॉस्पिटल्स में माइनॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

FY26 में कंपनी की कुल आय 26% बढ़कर ₹10,520.52 करोड़ हो गई, जो FY25 में ₹8,362.79 करोड़ थी। EBITDA भी बढ़कर ₹2,795.94 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,247.07 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) घटकर ₹916.52 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹1,081.67 करोड़ था।

ब्रोकरेज की राय: Subscribe करें या नहीं?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड ₹590 पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के आधार पर 85.4x PE पर है और इश्यू के बाद मार्केट कैप ₹77,605.6 करोड़ बैठता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आईपीओ का वैल्यूएशन पूरी तरह से प्राइज्ड-इन है। ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब की रेटिंग दी है।

ग्रे मार्केट में क्या है रुझान?

आईपीओ मार्केट ट्रैकर्स के मुताबिक, 28 जुलाई 2026 को मणिपाल हेल्थ का जीएमपी ₹13.5 दर्ज किया गया है। ₹590 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर की लिस्टिंग ₹603.5 के आसपास हो सकती है। यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल लगभग 2.29% के मामूली लिस्टिंग गेन का इशारा कर रहा है।

डिक्लेमर: मनीकंट्रोल हिंदी पर दिए गए विचार और निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स के अपने निजी होते हैं। शेयर बाजार या आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद लें।