भारत ने जून में रूस से खरीदा रिकॉर्ड 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, बना हुआ है फॉसिल फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

भारत ने इस साल जून में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया। यह मई महीने की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक रहा। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पीटीआई के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2026 में भारत ने रूस से 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदा। रूस से भारत के कुल 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) आयात में इस तेल की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत रही। भारत, चीन के बाद रूस से हाइड्रोकार्बन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना हुआ है। चीन ने जून में 7.3 अरब यूरो का रूसी जीवाश्म ईंधन खरीदा।

भारत का कच्चे तेल का कुल आयात जून में मासिक आधार पर 5.4 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान भारतीय रिफाइनरियों में रूसी तेल की आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी दिखी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी में रूस से तेल की आपूर्ति मई की तुलना में 150 प्रतिशत और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की पारादीप रिफाइनरी में 126 प्रतिशत बढ़ी। इसी तरह भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की कोच्चि रिफाइनरी में सप्लाई 83 प्रतिशत और नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी में 45 प्रतिशत बढ़ी।

रूस का कच्चे तेल के निर्यात से रेवेन्यू 8 प्रतिशत घटा

CREA के अनुसार, भारत की बढ़ी हुई खरीदारी से जून में रूस के कच्चे तेल के निर्यात की मात्रा 14 प्रतिशत बढ़ गई। हालांकि कम कीमतों के कारण रूस की कच्चे तेल के निर्यात से आय मासिक आधार पर 8 प्रतिशत घटकर 34.8 करोड़ यूरो प्रतिदिन रह गई। रूस की जीवाश्म ईंधन निर्यात से आय 1 प्रतिशत घटकर 73.4 करोड़ यूरो रह गई, जबकि निर्यात की मात्रा 7 प्रतिशत बढ़ी। रिपोर्ट कहती है कि जून में भारत द्वारा रूस से आयात किए गए 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन में 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, 48.8 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट और 44.4 करोड़ यूरो का कोयला शामिल था।

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रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का कितना निर्यात

भारत, रूस के कच्चे तेल से तैयार किए गए रिफाइंड फ्यूल के वैश्विक व्यापार में भी अहम भूमिका निभा रहा है। जून में भारत, तुर्किये, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को 81.4 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का निर्यात किया। इनमें से लगभग 36.9 करोड़ यूरो के प्रोडक्ट रूसी कच्चे तेल से तैयार किए गए थे। जिन देशों को ये प्रोडक्ट भेजे गए उनमें यूरोपीय संघ, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

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पौधारोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi stated that mega plantation drive is grand undertaking to express gratitude towards Mother Earth

– मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से किया 1 दिन में 35 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य वाले पौधारोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ

– 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत सीएम ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रोपे पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे

– मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की रफ्तार के साथ वनाच्छादन का विस्तार, सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है एक पेड़

– आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण, लगाया मौलश्री का पौधा

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखपुर से एक दिन में 35 करोड़ रिकॉर्ड पौधारोपण के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधारोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे लगाए और सेल्फी भी ली। इसके बाद गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ है। विगत नौ वर्षों में प्रदेश में भौतिक विकास की रफ्तार तेज होने के साथ ही वनाच्छादन का भी विस्तार हुआ है। गोरखनाथ मंदिर लौटते समय सीएम ने आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मौलश्री का पौधा रोपित किया।

 

जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर का वृहद विस्तार हुआ है। एक्सप्रेसवे, हाईवे के साथ बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछा है। नए-नए उद्योग लगे हैं। शहरीकरण का दायरा बढ़ा है और नई-नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं। भौतिक विकास में तेज योगदान देने वाले इस राज्य ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित प्रयासों से वनाच्छादन के विस्तार में भी सफलता प्राप्त की है।

एक पेड़ सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है। 9 वर्षों में यूपी का वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण तथा 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ।

 

'माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:'

मुख्यमंत्री ने पौधारोपण महाभियान को धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ बताया और इसमें हर व्यक्ति की तरफ से योगदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि धरती माता हम सबको अच्छा वातावरण देती हैं। आगे बढ़ने का अवसर, पेट भरने को अन्न, अच्छे-अच्छे फल, पीने के लिए जल देने के साथ घर की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं।

धरती माता के बारे में हमारे ऋषियों ने संकल्प भाव से कहा है- 'माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:', अर्थात यह धरती हमारी माता हैं और हम सब इसके पुत्र हैं। एक पुत्र के रूप में धरती माता के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के लिए ही प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ का आह्वान किया है।  यह आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुंदर बनाने का राष्ट्रीय कर्तव्य है। 

 

धरती माता की आरोग्यता का भी रखें ध्यान

सीएम योगी ने पौधारोपण की थीम ‘एक पेड़ मां के नाम’ को बहुत सुंदर बताते हुए कहा कि मां हर व्यक्ति, हर जीव के लिए दुनिया का सबसे सुंदर उपहार है। हम खुद के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, लेकिन सबकुछ देने वाली धरती माता के स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते। खुद की आरोग्यता के लिए हम सभी को धरती माता की आरोग्यता का भी ध्यान रखना होगा।

अनंतकाल तक जीवसृष्टि बनी रहे, इसके लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। मोदी के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाए गए। गत वर्ष 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। 9 वर्ष में अब तक प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

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मौसम चक्र में परिवर्तन से कृषि उत्पादन पर असर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट का प्रभाव मौसम चक्र पर भी पड़ा है। बारिश करीब एक महीना विलंब से शुरू हुई है। जो बीज 15 जून तक लग जाना चाहिए था, उसे 15 जुलाई को लगाएंगे तो उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक अंतर पड़ेगा।

पर्यावरण असंतुलन से कभी प्रचंड गर्मी पड़ रही है तो कभी सर्दी। लगातार ग्लोबल वार्मिंग की चेतावनी दी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में समुद्र के किनारे बहुत सारे शहर डूबने की स्थिति में होंगे तो कहीं भीषण जल संकट होगा।

 

मानवता को चुकानी पड़ रही प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम में बहुत सारे शहर ऐसे हैं, जहां गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है। वहां अलर्ट जारी करना पड़ता है कि बुजुर्ग, बीमार और बच्चे घर से बाहर न निकलें, जरूरी हो तो मास्क लगाकर निकलें। आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई? क्योंकि प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया गया। अंधाधुंध पेड़ काटे गए, जल दोहन किया गया लेकिन जल संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए। अपने स्वार्थ के लिए लोगों ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, आज उसकी कीमत विश्व मानवता को चुकानी पड़ रही है। 

 

पर्यावरण अनुकूल एलईडी लाइट से बचे 100 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी तब हैलोजन लाइटों को हटाकर उसकी जगह पर्यावरण अनुकूल एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गईं, इससे प्रदेश सरकार को 100 करोड रुपए की बचत हुई।

साथ ही हैलोजन में जलकर मरने वाले कीड़े-मकोड़ों की भयंकर बदबू से भी मुक्ति मिली। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। पीएम सूर्य घर बिजली योजना से लोगों के बिजली बिल आधे हो रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का नया स्रोत लोगों को उपलब्ध कराया गया है।

 

उज्जवला योजना ने दी धुएं से मुक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के विजन से उज्जवला योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन बांटे गए, जो कांग्रेस सरकार में ब्लैक में मिलते थे। 10 करोड़ परिवारों में माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली। अकेले उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ परिवारों को यह लाभ मिला है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दुनिया से इसके बारे में आह्वान किया है। अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनी है। वहां समस्त स्ट्रीट लाइट में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाता है।

 

पौधा लगाकर देखभाल भी करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें न सिर्फ पौधे लगाने हैं, बल्कि उनकी उचित देखभाल भी करनी है। जिन किसानों ने अपने खेत में पेड़ लगाए हैं, उन्हें कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत पैसा भी प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि अपने पूर्वजों व परिजनों की स्मृति में और परिवार के सदस्यों के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएं।

 

’हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन

पौधारोपण महायज्ञ 2026 के अवसर पर आयोजित जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन किया। लघु फिल्म में यूपी में पिछले नौ सालों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों और हासिल उपलब्धियों को दर्शाया गया है, जबकि वानिकी कैलेंडर में वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग की कार्ययोजना का उल्लेख है। 

 

सीएम ने किया पौध वितरण, किसानों को सौंपे प्रमाण-पत्र

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थी गीता देवी, मधुरा, इशरावती, शीला, कालिंदी को घर के सामने रोपने के लिए सहजन के पौधे भेंट किए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के अंतर्गत 700 से अधिक पौधारोपण करने वाले नरपति (कैम्पियरगंज गोरखपुर), 650 से अधिक पौधारोपण करने वाले अशफाक खान (देसही देवरिया),  800 पौधारोपण करने वाली रंजना देवी (हाटा कुशीनगर) और 850 पौधे लगाने के लिए अरविंद कुमार (पडरौना कुशीनगर) को कार्बन क्रेडिट के लिए मिलने वाली राशि का प्रमाण-पत्र सौंपा। 

 

सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में बढ़ी हरियाली : वनमंत्री

कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में हरियाली बढ़ी है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार देश में ग्रीनरी वृद्धि के मामले में उत्तर प्रदेश प्रगति करते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

आज का पौधारोपण पूर्ण होते ही यूपी में पिछले 10 सालों में पौधारोपण की कुल संख्या 275 करोड़ हो जाएगी। इस बार के पौधारोपण महाभियान में 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की शुरुआत जल्द ही की जाएगी।

 

पीएम मोदी-सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद संवेदनशील : रविकिशन

इस मौके पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। वे सदैव लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करते रहते हैं। इसी विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने एक दिन में 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी का इतना विराट विकास हुआ है, जितना कोई सोच भी नहीं सकता।

 

नौ वर्ष में हुआ सौ वर्ष से अधिक का विकास : प्रदीप शुक्ल

सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सहजनवा विधानसभा का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने नौ वर्षों में जितना विकास किया, वह सौ वर्षों में भी नहीं हो पाता। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील कुमार चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

 

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पौधारोपण महायज्ञ के लिए गोरखपुर के नोडल अधिकारी सुहास एलवाई, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cement Stocks: अभी और टूटेगा इस सीमेंट कंपनी का शेयर! आपके पास है?

Ramco Cements Share Price: दिग्गज सीमेंट कंपनी रामको सीमेंटस पर एक बार फिर देवेन चोकसी ने बेयरेश रुझान अपनाया है। अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म ने रामको सीमेंट्स के शेयरों को लेकर जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से 11% से अधिक नीचे है। एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को रौनक भरे बाजार में बीएसई पर यह 1.90% की बढ़त के साथ ₹940.70 के भाव पर बंद हुआ था। ब्रोकरेज फर्म ने इसे ₹836.00 के टारगेट प्राइस पर सेल रेटिंग दी है।

Ramco Cements पर ब्रोकरेज फर्म क्यों है बेयरेश

रामको सीमेंट्स का फोकस प्रीमियमाइजेशन, हायर ग्रीन एनर्जी एडॉप्शन और ऑपरेशनल एफिसिएंसी प्रीमियमाइजेशन के जरिए प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार पर फोकस है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स की अब कंपनी के रेवेन्यू में 28% हिस्सेदारी है को 40% बिजली ग्रीन एनर्जी है। हालांकि अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म देवेन चोकसी रिसर्च का कहना है कि कंपनी लागत कम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मार्जिन पर फिलहाल दबाव बना हुआ है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी को कमजोर मांग, ऊंची इनपुट कॉस्ट और सीमित प्राइसिंग पावर जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नियर टर्म में मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। कैपेक्स के चलते ब्याज और डेप्रिसिएशन का खर्च बढ़ेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कंपनी की लॉन्ग टर्म योजनाएं तो अच्छी हैं लेकिन उसका फायदा अभी तुरंत नहीं दिखाई देगा।

एक साल में कैसी रहेगी शेयरों की चाल

रामको सीमेंट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 9 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹1,214.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से चार ही महीने में यह 30.94% टूटकर 10 जून 2026 को ₹838.40 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

LTM Q1 Results: जून तिमाही में सुस्त रेवेन्यू लेकिन 6% बढ़ा मुनाफा, 13 जुलाई को रहेगी शेयरों पर नजर

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

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Benefits of up to Rs 1.25 lakh on Renault Kiger in July 2026

Benefits of up to Rs 1.25 lakh on Renault Kiger this July 2026

Renault has revealed July 2026 offers on its models, including the Kiger, Triber and Kwid. While the flagship Renault Duster is yet to witness any official offers, the maximum benefits are available on the Kiger. Let us take a look at the model-wise offer breakdown for all Renault models in India for the month of July 2026. 

Note: The mentioned offers are applicable till July 31 and may vary by city, dealership and stock availability. Please check with your nearest Renault dealership for the exact figures.

Renault Kiger July 2026 offers

Benefits of up to Rs 1.25 lakh

The Kiger carries the highest benefits of up to Rs 1.25 lakh for a Renault car in July 2026. The maximum benefits are available for customers based in Kerala: a cash discount of Rs 50,000, an exchange bonus of up to Rs 50,000, scrappage benefits of up to Rs 25,000, and loyalty benefits of up to Rs 18,000. In Gujarat, the cash discount and exchange benefits drop to Rs 30,000 and up to Rs 40,000, respectively. Customers from other states can avail a Rs 20,000 cash discount, exchange benefits of up to Rs 25,000, and scrappage, loyalty and referral benefits.

The Renault Kiger is priced from Rs 5.81 lakh to Rs 10.35 lakh, and it rivals compact SUVs like the Maruti Suzuki Brezza, Kia Sonet, Hyundai Venue, Skoda Kylaq and Tata Nexon. 

Renault Triber July 2026 offers

Benefits of up to Rs 60,000

Like the Kiger, the highest offers of up to Rs 60,000 on select Triber variants are available for customers in Kerala. These include a cash discount of Rs 30,000 and an exchange benefit of up to Rs 30,000. Customers in Gujarat can avail offers of up to Rs 45,000, including a cash discount of Rs 25,000 and an exchange bonus of up to Rs 25,000. Customers from other states can avail benefits of up to Rs 30,000 only, including a cash discount of Rs 15,000 and an exchange bonus of Rs 15,000. Renault is also offering loyalty bonuses, corporate offers and rural benefits to eligible customers.

The Renault Triber is priced from Rs 5.81 lakh to Rs 8.48 lakh and locks horns with the Nissan Gravite, while being an affordable alternative to the larger Maruti Ertiga, Toyota Rumion and Kia Carens.

Renault Kwid July 2026 offers

Benefits of up to Rs 15,000

In July 2026, the 2026 Renault Kwid is available with cash discounts of up to Rs 15,000 across select Indian states, which do not include Kerala, Assam, Karnataka, Odisha, Uttarakhand, Telangana, Chhattisgarh, Arunachal Pradesh, and Andhra Pradesh. The older version of the Kwid is available with a cash discount of up to Rs 30,000, depending on the location.

The Renault Kwid is priced from Rs 4.53 lakh to Rs 5.61 lakh. It rivals the Maruti Suzuki Alto K10, Maruti Suzuki S-Presso and Tata Tiago.

Prices are ex-showroom, India.

आपका पैसा फंसा है और बैंक नहीं सुन रहा शिकायत? RBI की ये नई स्कीम करेगी आपकी मदद, जानें स्टेप-बाई-स्टेप हर बात

Bank News: अगर आपका पैसा किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में फंसा है, या बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या में बार-बार शिकायत करने के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो आपके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक नई और इंटिग्रेटेड व्यवस्था की शुरुआत की है।

रिजर्व बैंक ने 1 जुलाई 2026 से रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। यह योजना रिजर्व बैंक से रेग्युलेट होने वाली संस्थाओें के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित और मुफ्त समाधान की सुविधा प्रदान करती है।

इस योजना की खास बातें, शिकायत दर्ज करने के स्टेप्स और जरूरी नियम नीचे डिटेल में बताए गए हैं:-

किन संस्थानों के खिलाफ की जा सकती है शिकायत?

RBI की इस नई एकीकृत लोकपाल योजना के दायरे में कई वित्तीय संस्थानों को लाया गया है। ग्राहक नीचे दिए गए संस्थानों के खिलाफ सेवा में कमी पाए जाने पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

सभी बैंक

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs)

गैर-बैंक प्रीपेड भुगतान साधन जारीकर्ता (Non-bank Prepaid Payment Instruments Issuers)

क्रेडिट सूचना कंपनियां

इस योजना के तहत आने वाली शिकायतों की प्रोसेसिंग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया लोकपाल के कार्यालयों में की जाती है। ये शिकायतें इस योजना के दायरे से बाहर होती हैं उन्हें उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण प्रकोष्ठ (CEPCs) में प्रोसेस किया जाता है। इन विनियमित संस्थाओं और CEPCs की पूरी सूची https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध है।

RBI लोकपाल के पास शिकायत कैसे दर्ज करें: स्टेप-बाई-स्टेप प्रक्रिया

अगर संबंधित वित्तीय संस्थान आपकी शिकायत का आपकी संतुष्टि के अनुरूप समाधान नहीं करता है या योजना के अनुसार तय समयसीमा के भीतर आपको कोई जवाब नहीं मिलता है तो आप नीचे दिए गए 3 तरीकों से सीधे RBI लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

तरीका 1 (ऑनलाइन पोर्टल): आप रिजर्व बैंक के ऑनलाइन CMS पोर्टल https://cms।rbi।org।in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

तरीका 2 (ई-मेल के जरिए): आप अपनी शिकायत को ई-मेल आईडी crpc@rbi।org।in पर भेज सकते हैं।

तरीका 3 (पोस्ट या कूरियर द्वारा): आप अपनी शिकायत को लिखित रूप में इस पते पर डाक या कूरियर के जरिए भेज सकते हैं:-

सेंट्रलाइज्ड रसीद एंड प्रोसेसिंग सेंटर (CRPC), भारतीय रिजर्व बैंक, सेंट्रल विस्टा, सेक्टर 17, चंडीगढ़ – 160 017

क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts)

RBI ने शिकायत दर्ज करते समय ग्राहकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:-

क्या करें (Do’s)

शिकायत दर्ज करने के लिए CMS पोर्टल का इस्तेमाल करें क्योंकि इससे आपको तुरंत पावती मिलती है, स्टेटस ट्रैक करना आसान होता है और प्रोसेसिंग तेजी से होती है।

ई-मेल या फिजिकल (डाक) माध्यम से शिकायत दर्ज करने के लिए https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध आधिकारिक शिकायत फॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

शिकायत के साथ संबंधित वित्तीय संस्थान में पहले दर्ज की गई शिकायत की कॉपी, संस्थान से प्राप्त जवाब की कॉपी (अगर मिला हो) और शिकायत से जुड़े अन्य प्रासंगिक दस्तावेज जरूर संलग्न करें।

फॉर्म में अपना संपर्क नंबर और ई-मेल आईडी (अगर उपलब्ध हो) जरूर दर्ज करें।

क्या न करें (Don’ts)

सीधे लोकपाल के पास न जाएं: संबंधित बैंक या विनियमित संस्थान से संपर्क किए बिना सीधे RBI लोकपाल के पास शिकायत दर्ज न करें। ऐसी शिकायतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लोकपाल के पास जाने से पहले आपको पहले उस संस्थान के पास अपनी शिकायत उठानी होगी।

अधिक जानकारी और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर

अगर आप इस योजना और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो:-

वेबसाइट पर जाएं: RBI की आधिकारिक वेबसाइट https://rbi।org।in पर जाकर FAQs → Consumer Education and Protection → Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 पाथ पर क्लिक करके ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न’ पढ़ सकते हैं।

टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: आप सीधे आरबीआई के संपर्क केंद्र से टोल-फ्री नंबर: 14448 पर संपर्क कर सकते हैं।

कॉल सेंटर की टाइमिंग: इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) की सुविधा 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध है। संपर्क केंद्र के कर्मचारियों से सीधे बात करने की सुविधा राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर सोमवार से शनिवार सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक उपलब्ध है। यह सुविधा अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं (असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तेलुगु और तमिल) में काम करती है।

DICGC के खिलाफ शिकायत के लिए विशेष नियम

अगर आपकी शिकायत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के खिलाफ है तो इसे नीचे दिए गए पते या ई-मेल आईडी पर दर्ज कराया जा सकता है:-

पता: द जनरल मैनेजर, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन, कंप्लेंट रिड्रेसल सेल, भारतीय रिजर्व बैंक, दूसरी मंजिल, मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सामने, भायखला, मुंबई – 400008

ई-मेल: dicgc।complaints@rbi।org।in

संपर्क नंबर: 022-2301 9645

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S Janaki passed away: 48 हजार से ज्यादा गाने गाए, पद्म भूषण को ठुकराया, राष्ट्रपति से लेकर पीएम मोदी ने ‘जानकी अम्मा’ को दी श्रद्धांजलि

S Janaki passed away: दक्षिण भारत की ‘नाइटिंगेल’ के नाम से मशहूर दिग्गज गायिका एस. जानकी का शनिवार को मैसूर में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ-साथ सुपरस्टार रजनीकांत, कमल हासन और अन्य लोगों ने भी जानकी को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने जानकी अम्मा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें याद किया।

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प्रधानमंत्री ने X पर जानकी को याद किया। उन्होंने लिखा, “मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अलग-अलग भाषाओं में उनके गाने कई पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय रहे। उन्होंने बेमिसाल खूबसूरती और विविधता के साथ हर भावना को आवाज़ दी। उनकी धुनें आने वाले सालों में भी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर विजय ने जानकी को श्रद्धांजलि दी और उनकी विरासत को याद किया। उन्होंने X पर लिखा, “भारतीय फ़िल्म संगीत की दुनिया में अपनी अनोखी आवाज़ से कई पीढ़ियों का दिल जीतने वाली मशहूर प्लेबैक सिंगर श्रीमती एस. जानकी के निधन से बहुत दुख हुआ है। तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी और दूसरी कई भाषाओं में हज़ारों गाने गाकर उन्होंने संगीत की दुनिया पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है।”

उन्होंने आगे कहा, “कई नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स समेत अनगिनत प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाली जानकी जी अपनी मीठी आवाज़, भावनाओं को व्यक्त करने की अद्भुत क्षमता और संगीत के प्रति अटूट समर्पण के कारण हमेशा अपने फ़ैन्स के दिलों में बसी रहेंगी। उनका निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। मैं उनके शोक-संतप्त परिवार, फ़िल्म जगत, संगीत कलाकारों और दुनिया भर में फैले उनके फ़ैन्स के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”

बोनी कपूर ने X पर लिखा, “जिस आवाज़ ने अनगिनत भावनाओं को ज़िंदगी दी, वह अब खामोश हो गई है, लेकिन उसकी गूंज पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी। दक्षिण भारत की सदाबहार ‘नाइटिंगेल’ और महान प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा के निधन से गहरा दुख हुआ है। छह दशकों से भी ज़्यादा समय तक, उन्होंने अपनी आवाज़ से लाखों लोगों के दिलों को छुआ; उनकी आवाज़ में खुशी, प्यार, भक्ति, तड़प और दुख को बेहद खूबसूरती से बयां करने की अद्भुत क्षमता थी। उनके गाने भाषाओं, पीढ़ियों और सीमाओं से परे रहे और भारत की संगीत विरासत का एक अहम हिस्सा बन गए। भारत ने अपने संगीत के सबसे अनमोल रत्नों में से एक को खो दिया है। उनके परिवार, चाहने वालों और उन लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं, जिनकी ज़िंदगी को उन्होंने अपनी असाधारण कला से समृद्ध किया। ओम शांति। जानकी अम्मा, आपकी आत्मा को अनंत शांति मिले।”

चिरंजीवी ने X पर लिखा, “जनकम्मा गारू के निधन की खबर ने मेरे दिल को गहरा सदमा पहुँचाया है। मेरे फिल्मी सफर में, उन्होंने अनगिनत यादगार गानों को अपनी बेमिसाल आवाज़ दी। स्क्रीन पर हमने जो भावनाएँ दिखाईं, उनमें जान उनकी आवाज़ ने ही डाली थी। मेरे करियर के जिन गानों को दर्शक आज भी प्यार से याद करते हैं, उनके पीछे जनकम्मा गारू की मीठी आवाज़ है। जब भी वे गाने बजते हैं, तो वे दिन… वे यादें… एक बार फिर मेरी आँखों के सामने ताज़ा हो जाती हैं। जनकम्मा गारू सिर्फ़ एक गायिका नहीं थीं… वह एक असाधारण कलाकार थीं जिन्होंने भावनाओं को सुरों में ढाला। उनका गाया हर गाना एक याद है… एक एहसास है… एक जीवन भर का रिश्ता है। आज हमने संगीत की दुनिया की एक महान हस्ती को खो दिया है। लेकिन उनके गाने पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और हमारी ज़िंदगी के बैकग्राउंड स्कोर के तौर पर हमेशा गूंजते रहेंगे। मैं श्रीमती एस. जानकी गारू के परिवार, उनके चाहने वालों और उन्हें पसंद करने वाले लाखों संगीत प्रेमियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। जनकम्मा गारू… आपकी आवाज़ अमर है। ओम शांति।”

रजनीकांत ने X पर लिखा, “अपनी सुरीली आवाज़ से कई पीढ़ियों के लोगों को खुश करने वाली उनकी आत्मा को शांति मिले।”कमल हासन, जिन्होंने जानकी के साथ कई यादगार गाने गाए हैं, ने एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि लिखी है, जिसका अर्थ है: “यह गाना हमेशा गूंजता रहेगा। माँ, मैं वह प्यार दोबारा पाने के लिए कहाँ जाऊँगा? कई लोग ऐसा दुख लिए घूमते हैं जिसे वे कभी भुला नहीं पाते। उन सभी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।”

सिंगर उनके काम के साथ ही बेबाक अंदाज के लिए भी जानी जाती थीं। साल 2013 में उन्होंने भारत सरकार के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण को लेने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद वो खबरों में छाई रही थीं। जानकी इस सम्मान को इसलिए नहीं रखना चाहति थीं, क्योंकि वह भारत रत्न की मांग कर रही थीं।

जानकी 20 साल की उम्र में प्लेबैक सिंगिंग करने के लिए चेन्नई चली गईं। उनका पहला गाना 1957 की तमिल फ़िल्म ‘विधिइन विलायाट्टु’ के लिए था और बाद में उन्होंने तेलुगु फ़िल्म ‘M.L.A.’ के लिए भी गाना गाया। अपने करियर के दौरान, उन्होंने 20 भारतीय भाषाओं में गाने गाए, जिनमें तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, संस्कृत, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी, बडागा, बंगाली और कोंकणी शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने अंग्रेज़ी, जापानी, जर्मन और सिंहली जैसी विदेशी भाषाओं में भी गाने गाए। उन्हें कई सम्मान भी मिले, जिनमें चार नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और 33 स्टेट फ़िल्म अवॉर्ड शामिल हैं।

LTM Q1 Results: जून तिमाही में सुस्त रेवेन्यू लेकिन 6% बढ़ा मुनाफा, 13 जुलाई को रहेगी शेयरों पर नजर

LTM Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी एलटीएम का रेवेन्यू जून तिमाही में सुस्त रफ्तार से बढ़ा लेकिन ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। कंपनी ने शनिवार 11 जुलाई को कारोबारी नतीजे पेश किए तो अब सोमवार 13 जुलाई को जब स्टॉक मार्केट खुलेगा तो इसके शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले यानी नतीजे आने के एक दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को बीएसई पर यह 4.89% की बढ़त के साथ ₹4041.15 के भाव (LTM Share Price) पर बंद हुआ था।

LTM Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में एलटीएम का कंसालिडेटेड रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.8% बढ़कर ₹11,608 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन डॉलर टर्म में यह लगभग फ्लैट रहा और महज 0.1% बढ़कर $122 करोड़ पर पहुंचा। कॉन्स्टैंट करेंसी बेसिस पर इसका रेवेन्यू 0.3% की रफ्तार से बढ़ा जोकि मार्केट की उम्मीदों के मुताबिक ही रहा। वहीं इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 5.9% की रफ्तार से बढ़कर ₹1,468.6 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। इसका ईबीआईटी तिमाही आधार पर ₹1,709.4 करोड़ से बढ़कर ₹1,799.3 करोड़ और ईबीआईटी मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स सुधरकर 15.5% पर पहुंच गया।

जून तिमाही में कंपनी की ग्रोथ मुख्य रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स से हुई। फाइनेंशियल सर्विसेज में कॉन्स्टैंट करेंसी में तिमाही आधार पर 3.2% और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स में 3.4% की ग्रोथ दिखी। वहीं दूसरी तरफ प्रोडक्शन सेगमेंट में 5.7% और कंज्यूमर बिजनेस में 0.7% की गिरावट आई। जून तिमाही में कंपनी का डील मोमेंटम मजबूत बना रहा और $168 करोड़ की डील कंपनी को हासिल हुईं। मार्च तिमाही में भी कंपनी को $169 करोड़ की डील मिली थी।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

एलटीएम के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। इस साल की शुरुआत में 19 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹6,430.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 45.11% फिसलकर पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन 30 जून 2026 को ₹3,529.60 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार 4 महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में बायर नजर आ रहे हैं। इस महीने में अब तक उन्होंने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपये की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती धारणा से यह रुझान देखने को मिला है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले FPI ने जून में भारतीय शेयरों से 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

इस बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। साल 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। पिछले साल की समान अवधि में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी।

एक्सपर्ट्स का क्या है मानना

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि जुलाई में FPI की वापसी वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता घटने और भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति पर बढ़े भरोसे का नतीजा है।

जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि घरेलू व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार और रुपये की स्थिरता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सेमीकंडक्टर कारोबार में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में FPI की बिकवाली के कारण निवेश का एक हिस्सा भारत की ओर आया है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने आगाह किया कि भले ही जुलाई में FPI के निवेश की यह मजबूत वापसी उत्साहजनक है, लेकिन आगे उनका रुख वैश्विक परिस्थितियों और भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि की मजबूती पर निर्भर करेगा।

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बॉन्ड मार्केट में कितना निवेश

भारत के डेट या बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। जुलाई में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत डेट सिक्योरिटीज में 6,625 करोड़ रुपये और जनरल रूट से 3,228 करोड़ रुपये का निवेश किया।

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