इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों से हराकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर पाई नंबर 1 रैंक

ENGvsIND जोस बटलर ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि कप्तान हैरी ब्रुक ने भविष्य के सितारे की तरह बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली जिससे इंग्लैंड ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप पूरी कर ली।

बटलर के 64 गेंदों में 131 रन और ब्रुक के 45 गेंदों में नाबाद 95 रन की बदौलत इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आया। बटलर और ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई।विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस दौरे के सभी सात टी20 मुकाबलों में अपनी सबसे अच्छी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन जीत के लिए यह प्रयास काफी नहीं था। भारत की पारी 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन तक ही पहुंच सकी।

इशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और आलोचनाओं का सामना कर रहे तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारियां टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकीं।इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 1601 दिनों से चला आ रहा शीर्ष स्थान का दबदबा भी समाप्त कर दिया। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत की यह सात मैचों में छठी हार (एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) रही,। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस मैच से पहले ही निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत दे दिया था।

भारतीय टीम ने शुरुआत में ही अभिषेक शर्मा का विकेट गंवा दिया था लेकिन पॉवरप्ले में  वैभव सूर्यवंशी की जगह आए संजू सैमसन ने तेज शरुआत दिलाई। हालांकि वह भी पॉवरप्ले में आउट हो गए। 10 ओवर तक ईशान और श्रेयस के कारण भारतीय टीम 110 रन बनाकर मैच में थी लेकिन अगले 6 ओवर टीम जरूरी रन गति नहीं पा सकी और मैच एकतरफा हो गया। भारतीय टीम ने  201 रन बनाने में 9 विकेट गंवा दिए।  

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IND vs ENG: टी20 में लगातार हार के बीच श्रेयस अय्यर ने रचा रिकॉर्ड, धोनी के इस रिकॉर्ड की कर ली बराबरी

IND vs ENG: टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारत ने टी20 टीम में काफी बदलाव किया हैं। वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटा दिया गया है। सूर्या की जगह श्रेयस अय्यर की कप्तानी सौंपी गई है। वहीं कप्तान बनने के बाद से श्रेयस अय्यर का रिकॉर्ड काफी अच्छा नहीं रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम अपनी पहली जीत की तलाश में हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हार गई है। इस रिकॉर्ड के बीच श्रेयस अय्यर ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भले ही भारतीय टीम को टी20 सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है, लेकिन टॉस के मामले में उनकी किस्मत लगातार साथ दे रही है। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टी20 मैच में टॉस जीतने के साथ ही श्रेयस अय्यर ने भारत के लिए लगातार सबसे ज्यादा टी20 टॉस जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

लगातार सातवीं बार जीते टॉस

साउथैम्प्टन में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने एक बार फिर टॉस अपने नाम किया। अय्यर भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने वाले कप्तानों की सूची में शामिल हो गए। लगातार सातवीं बार टॉस जीतने के साथ उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इस उपलब्धि के बाद अय्यर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने वाले भारतीय कप्तानों की खास सूची में शामिल हो गए।

T20I में भारत के कप्तान द्वारा लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने का रिकॉर्ड

  • 7 – MS धोनी (मई 2010 – फरवरी 2012)
  • 7 – श्रेयस अय्यर (जून 2026 – जुलाई 2026)
  • 6 – विराट कोहली (अगस्त 2019 – दिसंबर 2019)
  • 5 – रोहित शर्मा (फरवरी 2020 – फरवरी 2022)
  • 5 – MS धोनी (सितंबर 2007)

योगी सरकार का नकली दवा माफिया पर सबसे बड़ा प्रहार, आगरा में जालसाज सिंडिकेट की कमर टूटी

Yogi government's biggest crackdown on spurious drug mafia

– एफएसडीए आयुक्त के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 13 फर्मों पर मारे एक साथ छापे, अंतरराज्यीय नेटवर्क का हुआ खुलासा

– सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, नकली दवाएं, फर्जी बिलिंग और री-लेबलिंग का संगठित नेटवर्क बेनकाब

– बड़ी कार्रवाई के दौरान 14 संचालकों पर 3 नई एफआईआर, अब तक 58 थोक लाइसेंस निरस्त/निलंबित

– अब तक हुई कार्रवाई में कुल 9 मुकदमे दर्ज और 3.63 करोड़ रुपए की दवाएं जब्त

– एफएसडीए अब अवैध वसूली करने वालों पर भी कस रहा शिकंजा

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे प्रदेशव्यापी अभियान में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने आगरा में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे निर्णायक कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए के संगठित दवा सिंडिकेट की परतें खोल दी हैं। एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की विशेष टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर नकली दवाओं, सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, फर्जी बिलिंग, अवैध री-लेबलिंग, फिजीशियन सैंपलों की बिक्री और अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया।

कार्रवाई के बाद 14 संचालकों के खिलाफ तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या 9 और निरस्त अथवा निलंबित थोक लाइसेंसों की संख्या 58 पहुंच गई है।

 

15 ड्रग इंस्पेक्टरों ने एक साथ मारे छापे

आयुक्त डॉ रोशन जैकब के नेतृत्व में गठित 15 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने आगरा के कम्बूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार (शू मार्केट), कृष्णा कॉम्प्लेक्स, नवबिया मार्केट और कोतवाली क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की। जिन 13 फर्मों पर छापेमारी हुई उनमें मोहन ट्रेडर्स (कम्बूटोला), मनी मेडिकल (मुबारक महल), नीलकंठ (कृष्णा कॉम्प्लेक्स), वंश फार्मा (कम्बूटोला), प्रशांत मेडिकल (कम्बूटोला), पोरवाल मेडकेयर (शू मार्केट), एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस (मुबारक महल), डॉली ड्रग हाउस (कम्बूटोला), मनु फार्मा (कोतवाली के सामने), आरडीएम फार्मास्युटिकल्स (नवबिया मार्केट), इनाया फार्मा (कम्बूटोला) और नूर फार्मा (कम्बूटोला) शामिल हैं।

कार्रवाई के दौरान मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल के परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि नीलकंठ, कृष्णा कॉम्प्लेक्स स्थित प्रतिष्ठान और मनु फार्मा पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत रोक लगा दी गई। टीम ने मौके से 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए।

 

विभोर मेडिकल एजेंसी से खुला नकली दवाओं का अंतरराज्यीय नेटवर्क

एफएसडीए की ताजा जांच टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की Chymoral Forte और Shelcal के नकली होने संबंधी शिकायत से शुरू हुई। 7 नवंबर 2025 को अंशिका फार्मा के मालिक मनोज गुप्ता की जांच में पता चला कि उन्होंने Chymoral Forte की खेप विभोर मेडिकल एजेंसी से खरीदकर पाल ब्रदर्स (कोलकाता) को बेची थी। विभोर मेडिकल एजेंसी के प्रो. संजीव कुमार गुप्ता के यहां जांच में खरीद के बिल फर्जी मिले।

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उन्होंने दवाएं गुप्ता मेडिकल एजेंसी (गोरखपुर) और हर्षित ट्रेडर्स (आगरा) से खरीदने का दावा किया, लेकिन दोनों फर्मों ने इससे इनकार कर दिया। वहीं वरदान मेडिकल एजेंसी में “ESI SUPPLY NOT FOR SALE” अंकित दवाएं मिलीं और लैब जांच में Chymoral Forte अधोमानक तथा ACILOC नकली पाई गई, जिसकी टोरेंट फार्मा ने भी पुष्टि की। पूछताछ में अंकुर अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने नकली दवाएं संजीव कुमार गुप्ता से बिना वैध बिल के खरीदी थीं।

जांच में विभोर मेडिकल एजेंसी, वरदान मेडिकल एजेंसी, हर्षित ट्रेडर्स, गुप्ता मेडिकल एजेंसी और पाल ब्रदर्स का अंतरराज्यीय सिंडिकेट सामने आने पर संजीव कुमार गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, प्रियंका बंसल, अरुण कुमार गुप्ता और पाल ब्रदर्स के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 276, 277, 278, 316 और 318 में एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

 

अस्पताल की दवाओं की री-लेबलिंग से लेकर फर्जी बिलिंग तक, कई परतों में खुला सिंडिकेट

एफएसडीए की जांच में अस्पताल और सरकारी आपूर्ति की जीवनरक्षक दवाओं की री-लेबलिंग, फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। 21 मई को युग फार्मा के प्रो. सचिन गुप्ता के यहां बिना कोल्ड-चेन रखे इंसुलिन इंजेक्शन और री-लेबलिंग मिली। पूछताछ में दवाओं की सप्लाई शारदा फार्मा के शिवम गुप्ता और आरएमडी फार्मा के राजेश गुप्ता तक पहुंची, जिसके बाद तीनों फर्में सील कर दी गईं। बाद में शारदा फार्मा के सीसीटीवी में नबील खान और सोनू बघेल संदिग्ध दवाएं हटाते दिखे।

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एसटीएफ गाजियाबाद की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे मोहित गुप्ता (महादेव फार्मा) से अस्पताल व सरकारी आपूर्ति की दवाएं बिना बिल खरीदकर उन पर लगी 'Not for Sale' पहचान हटाकर फर्जी लेबल और नई एमआरपी के साथ बाजार में बेचते थे। इस मामले में सचिन गुप्ता, शिवम गुप्ता, नितिन गुप्ता, राजेश गुप्ता, मोहित गुप्ता और हितेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं 1 से 3 जुलाई की जांच में वी.ए. मेडिकोज में Jardiance, Telma-H, Thyrox और Gluconorm PG-2 जैसी दवाओं की री-लेबलिंग, नकली Telma-H और फर्जी खरीद बिल मिले।

शोभित अग्रवाल ने दवाएं लाइसेंस निरस्त हो चुके हर्षित ट्रेडर्स से लेने की बात स्वीकार की, जबकि जांच में वरदान मेडिकल एजेंसी के पुराने बिलों से करीब 1.88 करोड़ रुपए की फर्जी बिलिंग, अंकुर अग्रवाल द्वारा संजीव गुप्ता (विभोर मेडिकल एजेंसी) से बिना बिल नकली दवाएं खरीदने और सबूत मिटाने के प्रयास का खुलासा हुआ। साथ ही मोहित बंसल (रुद्रा एंटरप्राइजेज) और प्रवीण अग्रवाल (श्री भगवती मेडिकल एजेंसी, मथुरा) द्वारा फर्जी बिल, UP-80 EL-0069 वाहन व ऑटो-रिक्शा के जरिए नकली दवाओं को वैध दिखाने का खेल सामने आया।

इसके आधार पर वी.ए. मेडिकोज, शोभित अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, संजीव गुप्ता, मोहित बंसल और प्रवीण अग्रवाल समेत संबंधित आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

 

 3.63 करोड़ रुपए की अवैध दवाएं जब्त, कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की परतें खुलीं

एफएसडीए आयुक्त डॉ रोशन जैकब के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आगरा में नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ मई 2026 से लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 3.63 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की नकली, अवैध तथा सरकारी और डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिंडिकेट की आर्थिक और आपराधिक श्रृंखला को तोड़ने पर केंद्रित है।

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उन्होंने बताया कि पूरे अभियान के दौरान अनियमितताओं और अवैध कारोबार में संलिप्तता पाए जाने पर अब तक 58 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस निरस्त अथवा निलंबित किए जा चुके हैं। इस सिंडिकेट के खिलाफ पहले ही 6 नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। अब 10 जुलाई की कार्रवाई के आधार पर तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए आगरा के कोतवाली फव्वारा थाने में तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नकली दवाओं, अवैध री-लेबलिंग, फिजिशियन सैंपलों की कालाबाजारी और अंतरजनपदीय मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके अलावा विभाग को ड्रग एसोसिएशनों द्वारा कुछ दवा व्यापारियों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी मिली हैं। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में किसी व्यापारी के आर्थिक शोषण की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जोस बटलर का विस्फोटक शतक, इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ रिकॉर्ड 257 रन बनाए

Jos Buttler

ENGvsIND अनुभवी जोस बटलर (64 गेंदों पर 131 रन) और कप्तान हैरी ब्रुक (45 गेंदों पर नाबाद 95 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 103 गेंदों में 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर इंग्लैंड को शनिवार को यहां पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के खिलाफ तीन विकेट पर 257 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

श्रृंखला पहले ही अपने नाम कर चुकी इंग्लैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए भारत के खिलाफ इस प्रारूप में अपना सर्वोच्च स्कोर ख्ड़ा किया।इसके साथ ही बटलर और ब्रुक ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी की।

इस धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारत के 1601 दिनों से चले आ रहे नंबर एक स्थान को भी छीनने की स्थिति में पहुंच गया।ब्रुक ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाते हुए केवल 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि अनुभवी बटलर ने शुरुआत में संयम बरतने के बाद तेजी से रन बटोर कर पुराने दिनों की याद ताजा कर दी।

उन्होंने 34 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगली 17 गेंदों में शतक तक पहुंच गए। उनकी पारी में 12 चौके और आठ छक्के शामिल रहे। 35 वर्षीय बटलर का यह टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा शतक और सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन फिल सॉल्ट का विकेट जल्दी मिलने के बाद भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नजर आए। प्रसिद्ध कृष्णा ने सॉल्ट को डीप फाइन लेग पर कैच कराकर पवेलियन भेजा, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया।

बटलर और ब्रुक ने मिलकर 16 छक्के जड़े, जिसमें दोनों के खाते में आठ-आठ छक्के आए।बटलर का प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर फाइन लेग के ऊपर खेला गया पुल शॉट पारी का सबसे आकर्षक स्ट्रोक रहा। इससे पहले उन्होंने कृष्णा को लॉन्ग ऑन के ऊपर भी शानदार छक्का जड़ा।

ब्रुक ने दूसरे छोर से स्पिनर अक्षर पटेल के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क का प्रदर्शन किया। उन्होंने पारी के 10वें ओवर में आगे बढ़कर लगातार दो छक्के लगाए। अक्षर के उस ओवर में कुल 25 रन बने और यहीं से भारतीय गेंदबाजी पूरी तरह बिखर गई।

प्रिंस यादव भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों के निशाने पर रहे और उन्होंने चार ओवर में 60 रन लुटाए। तेज गेंदबाजों के खिलाफ ब्रुक ने फुल लेंथ गेंदों पर बेहतरीन तकनीक दिखाई, जबकि छोटी गेंदों पर लेग स्टंप की ओर हटकर एक्स्ट्रा कवर और लॉन्ग ऑफ के ऊपर शानदार शॉट लगाए।

हर्षित राणा के चोट के कारण पूरे शेष दौरे (टी20 और वनडे) से बाहर होने के बाद टीम प्रबंधन ने सूर्यांश शेडगे को मौका दिया। हालांकि, वह तीन ओवर में 39 रन देकर कोई विकेट नहीं ले सके।

श्रेयस अय्यर ने शेडगे को तीसरा ओवर भी सौंपा, जिसमें उन्होंने 24 रन खर्च कर दिए। इसके बाद अगले ओवर में प्रिंस यादव की भी जमकर पिटाई हुई और उस ओवर में 21 रन बने।मैच के दौरान ऐसा समय भी आया जब अय्यर बाउंड्री लाइन के पास खड़े मायूस और असहाय नजर आए, जबकि इंग्लैंड के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी हो चुके थे।

IND vs ENG: प्लेइंग 11 से बाहर होने के बाद अकेले मायूस बैठे दिखे वैभव, वायरल हुई युवा बल्लेबाज की तस्वीर

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ लगातार हार के बाद भारतीय टीम ने पांचवें टी20 मुकाबले के लिए अपनी ओपनिंग जोड़ी में बदलाव किया। पांचवें मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। वहीं टीम ने अनुभवी बल्लेबाज संजू सैमसन की वापसी हुई है। सीरीज पहले ही गंवा चुकी भारतीय टीम अब साउथैम्प्टन में खेले जा रहे इस मुकाबले को जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश कर रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे 5वें मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई इंग्लैंड ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। इंग्लैंड ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 257 रन बनाई है। इंग्लैंड ने भारत को 258 रन का टारगेट दिया है।

वहीं अब भारत को उम्मीद है कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएगी। इसी बीच प्लेइंग 11 से बाहर हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी वायरल हो रहे हैं।

अकेले बैठे दिखे वैभव

पांचवें टी20 मैच के लिए भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए। वैभव सूर्यवंशी और वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। टीम की घोषणा के बाद कैमरे में वैभव अकेले बैठे नजर आए। उनके चेहरे और हाव-भाव से साफ लग रहा था कि टीम से बाहर होने के कारण वह काफी निराश थे। टीम से वैभव सूर्यवंशी को बाहर किए जाने के फैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली रिएक्शन देखने को मिलीं है। कई प्रशंसकों ने इस फैसले पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे सही बताया।

 

पहले तीन मैचों में नहीं चला बल्ला

वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में भारत के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का सचिन तेंदुलकर रिकॉर्ड तोड़ा है। वैभव ने 15 साल की उम्र में टी20 में डेब्यू किया है। वहीं अपने शुरुआती तीन मुकाबलों में वह बल्लेबाजी से खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर को खासकर तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों के सामने मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वह लगातार तीन पारियों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 15, 13 और 14 रन बनाए। शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और कुल 42 रन ही बना पाए।

 

भारत की प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेज, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टंग

Google Pixel 11 Pro Fold अगले महीने होगा लॉन्च, 4800mAh बैटरी और Tensor G6 चिप के साथ

Google Pixel 11 Pro Fold अगस्त में सीरीज के दूसरे फोन्स – Pixel 11, Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL, के साथ लॉन्च होने के लिए तैयार है। यह डिवाइस जबरदस्त होगा, लेकिन मेमोरी की बढ़ती कीमतों के कारण इसकी कीमत ज्यादा हो सकती है। वहीं, इस फोन से जुड़ी लीक और अफवाहें पहले से ही इंटरनेट पर शेयर हो रही हैं। तो चलिए लीक और अनुमानों के आधार पर इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स और लॉन्च डेट के बारे में जानते हैं।

भारत में Google Pixel 11 Pro Fold की कीमत और लॉन्च डेट

Google Pixel 11 Pro Fold का 16GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट भारत में ₹1,74,999 से ₹1,89,999 की कीमत रेंज में आ सकता है। इसके अलावा, यह फोन 12 अगस्त, 2026 को ‘Made By Google’ इवेंट में लॉन्च किया जाएगा, जिसकी पुष्टि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कर दी है। अभी तक फोन के कलर वेरिएंट्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

Google Pixel 11 Pro Fold का कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 Pro Fold में 6.5-इंच का OLED इनर और 8.5-इंच का LTPO OLED आउटर डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। यह फोन 2nm प्रोसेस पर आधारित Google Tensor G6 चिपसेट पर भी चल सकता है। इसके साथ ही, यह फोन Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा। इसके अलावा, Pixel 11 Pro Fold में 4800mAh की बैटरी मिल सकती है, जो 30W वायर्ड और 23W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी वाइड-एंगल कैमरा, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा और 5x तक ऑप्टिकल जूम वाला 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा शामिल हो सकता है। इसके अलावा, इस डिवाइस में 10.5MP का कवर सेल्फी कैमरा और 10.5MP का इनर सेल्फी कैमरा भी मिल सकता है।

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Vivo T5 Lite 5G लॉन्च डेट कन्फर्म, 6500mAh बैटरी और 50MP कैमरे के साथ आएगा नया स्मार्टफोन

Vivo T5 Lite 5G: Vivo ने भारत में अपने नए स्मार्टफोन Vivo T5 Lite 5G के लॉन्च की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके लॉन्च में अब एक हफ्ते से भी कम समय बचा है। हाल ही में कंपनी ने फोन के कुछ खास फीचर्स और इसकी बिक्री से जुड़ी जानकारी भी शेयर की है, जिससे पता चला है कि यह फोन दो कलर ऑप्शन में आएगा, जिनमें से एक में मार्बल फिनिश डिजाइन दिया जाएगा। हम यहां पर अनऑफिशियल और ऑफिशियल दोनों तरह के सोर्स से मिली जानकारी के आधार पर इस डिवाइस के बारे में सब कुछ बता रहे हैं।

Vivo T5 Lite की कीमत और लॉन्च डेट

Vivo T5 Lite भारत में 16 जुलाई, 2026 को दोपहर 12:00 बजे (IST) लॉन्च होने के लिए तैयार है। यह भारत में Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा और दो कलर ऑप्शन – Blue और Black में आएगा। फोन की कीमत की बात करें तो, लीक से पता चलता है कि 4GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट मार्केट में ₹17,999 में उपलब्ध होगा।

Vivo T5 Lite के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Vivo T5 Lite में 6.74-इंच का HD+ डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। अफवाहों के अनुसार, यह फोन 6nm प्रोसेस पर आधारित MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर पर चलेगा, साथ ही इसमें 4GB LPDDR4X RAM और 128GB UFS 2.2 इंटरनल स्टोरेज होगी। बता दें कि यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर बेस्ड, OriginOS 6 पर चलेगा।

इसके अलावा, इस फोन में 6500mAh की बैटरी मिल सकती है, जो 44W फ्लैश चार्ज सपोर्ट के साथ आ सकता है। सिक्योरिटी के लिए, स्मार्टफोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर और फेस लॉक का सपोर्ट भी हो सकता है। साथ ही इसमें AI ट्रांसक्रिप्ट असिस्ट, AI कैप्शन्स, AI क्रिएशन, AI डॉक्यूमेंट्स और प्राइवेट स्पेस जैसे कुछ AI फीचर्स भी मिल सकते हैं।

कैमरे की बात करें तो, Vivo T5 Lite में डुअल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का सेकेंडरी कैमरा शामिल होगा। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, इस फोन में 5MP का फ्रंट कैमरा भी दिया जा सकता है।

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Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra की एंट्री जल्द, 200MP कैमरा और 5000mAh बैटरी से होगा लैस

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra: Samsung Galaxy Unpacked इवेंट में बस एक दिन बचा है और इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हर साल इस समय हमें Samsung का फोल्ड और फ्लिप फोन देखने को मिलता था, लेकिन इस बार चीजें सच में बदलने वाली हैं। साउथ कोरिया की टेक कंपनी Galaxy Z Fold 8 Ultra नाम का एक नया फोल्डेबल डिवाइस लाने की तैयारी कर रही है, और यह कंपनी का पहला फोल्डेबल Ultra डिवाइस होगा। अगर आप इस डिवाइस के बारे में और जानना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को आगे पढ़ें।

भारत में Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमत और लॉन्च डेट

उम्मीद है कि Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra को 22 जुलाई, 2026 को होने वाले Galaxy Unpacked इवेंट में पेश किया जाएगा। अफवाह है कि इस फोन का 12GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट मार्केट में 2,09,999 रुपये की कीमत पर उपलब्ध होगा। हालांकि, फोन के कलर ऑप्शन और बिक्री की तारीख से जुड़ी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra का कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra में 8-इंच का Dynamic AMOLED 2x इनर और 6.5-इंच का AMOLED आउटर डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz का अडैप्टिव रिफ्रेश रेट और बिना क्रीज वाला फोल्डिंग मैकेनिज्म मिलेगा। लीक से पता चलता है कि यह फोन Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर पर चलेगा, जिसमें 12GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज होगी। इसके अलावा, यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर बेस्ड होगा और इसमें Samsung One UI 9 स्किन होगी। फोन में 5000mAh की बैटरी मिल सकती है, जो 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।

कैमरे की बात करें तो, फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) वाला 200MP का प्राइमरी कैमरा, 50MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 10MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल हो सकता है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, इस डिवाइस में 10MP का कवर कैमरा और 10MP का अंडर-डिस्प्ले कैमरा भी हो सकता है।

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योगी सरकार में पर्यावरणीय बदलाव की नई इबारत, जल से जंगल तक विकास की नई पहचान

new chapter of environmental change in Yogi government

– जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता संरक्षण में उत्तर प्रदेश बना मिसाल

– सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ नदियों से बदली पर्यावरण संरक्षण की तस्वीर

– वृक्षारोपण, वेटलैंड संरक्षण और अमृत सरोवर से मजबूत हुआ हरित उत्तर प्रदेश

– बुंदेलखंड जल क्रांति, स्वच्छ हवा और नगर वनों ने बढ़ाई पर्यावरणीय मजबूती

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन का नया अध्याय लिखा है। पिछले नौ वर्षों में योगी सरकार ने सुरक्षित पेयजल, नदियों के पुनर्जीवन, वनीकरण, आर्द्रभूमि संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छ वायु, वन्यजीव सुरक्षा और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू कर प्रदेश की पर्यावरणीय तस्वीर बदलने का प्रयास किया है। इसका उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर, स्वास्थ्य और आजीविका को भी बेहतर बनाना रहा है।
 

आर्सेनिक-फ्लोराइड मुक्त पेयजल से लाखों लोगों को मिला सुरक्षित जीवन

बलिया, गाजीपुर, मऊ, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहले भूजल प्राकृतिक रूप से आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रदूषित था। लाखों लोग असुरक्षित हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर थे, जिससे आर्सेनिकोसिस, कंकाल फ्लोरोसिस, श्वसन संबंधी बीमारियों और कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया था।

योगी सरकार ने जल जीवन मिशन और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से सतही जल आधारित पाइप पेयजल योजनाओं का व्यापक विस्तार किया। गहरे जलस्रोतो के उपयोग तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से हजारों गांवों को सुरक्षित नल जल उपलब्ध कराया गया, जिससे आर्सेनिक और फ्लोराइड जनित बीमारियों के खतरे में उल्लेखनीय कमी आई है। 
 

नमामि गंगे और 'एक जिला-एक नदी' अभियान से नदियों में लौटी स्वच्छता

नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत गंगा नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य हुए हैं। कानपुर के सीसामऊ नाले से प्रतिदिन गंगा में गिरने वाले लगभग 140 एमएलडी गंदे पानी को रोककर आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों तक पहुंचाया गया।

वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर सहित अनेक शहरों में सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाई गई तथा औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत किया गया, जिससे गंगा जल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। सरकार के एक जिला एक नदी अभियान ने गोमती, हिंडन, तमसा, सोत और अन्य छोटी नदियों के पुनर्जीवन को नई गति दी।  

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240 करोड़ से अधिक पौधरोपण से बढ़ा हरित आवरण

अतिक्रमण हटाने, गाद निकालने, सीवरेज नेटवर्क विकसित करने और एसटीपी स्थापित करने से अनेक नदियों का प्राकृतिक प्रवाह फिर से बहाल हुआ। इससे भूजल पुनर्भरण और सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिली। वहीं हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प के तहत वर्ष 2017 से 2026 के बीच 240 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर प्रदेश ने देश में नई पहचान बनाई।

स्थानीय प्रजातियों के पौधों को बढ़ावा देने, नदी किनारे वृक्षारोपण, नगर वन, मियावाकी वन और सैटेलाइट आधारित निगरानी जैसी व्यवस्थाओं ने हरित आवरण बढ़ाने के साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी मजबूत की।

 

रामसर वेटलैंड और अमृत सरोवर अभियान से जल संरक्षण को मिली नई ताकत

आर्द्रभूमियों के संरक्षण में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। नवाबगंज, सांडी, समसपुर, सुर सरोवर और सुरहा ताल जैसी प्रमुख वेटलैंड्स का पुनरुद्धार किया गया। सुरहा ताल को भारत के 100वें रामसर स्थल का दर्जा मिलना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि रही।

इन प्रयासों से प्रवासी पक्षियों के आवास सुरक्षित हुए और जैव विविधता को नई मजबूती मिली। मिशन अमृत सरोवर के तहत लगभग 69 हजार तालाबों और पारंपरिक जल निकायों का पुनर्जीवन किया गया। तालाबों की खुदाई, गाद निकालने, जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल संरक्षण और सिंचाई की व्यवस्था को नया आधार मिला।

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बुंदेलखंड में जल क्रांति और ऊसर भूमि सुधार से किसानों को मिला नया संबल

बुंदेलखंड जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। चेक डैम, तालाबों के पुनरुद्धार, वाटरशेड विकास, सिंचाई परियोजनाओं और केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास हुए।

इससे खेती को नई मजबूती मिली और पलायन की समस्या में कमी आने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए। प्रदेश में ऊसर और क्षारीय भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिक भूमि सुधार कार्यक्रम संचालित किए गए। जिप्सम, जल निकासी और आधुनिक मृदा सुधार तकनीकों के माध्यम से लाखों हेक्टेयर अनुपजाऊ भूमि को खेती योग्य बनाया गया, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिली।

 

एयरशेड मॉडल, नगर वन और ग्रीन बेल्ट से स्वच्छ हवा की दिशा में बड़ी पहल

स्वच्छ हवा के लिए सरकार ने एयरशेड आधारित रणनीति अपनाई। जिग-जैग तकनीक वाले ईंट भट्ठों को बढ़ावा दिया गया, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी को मजबूत किया गया तथा उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना (यूपी कैम्प) लागू की गई।

इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन और रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग जैसे कदमों से वायु प्रदूषण नियंत्रण को नई दिशा मिली। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और कानपुर जैसे शहरों में नगर वन, जैव विविधता पार्क और ग्रीन बेल्ट विकसित किए गए। इन पहलों से शहरी हरित क्षेत्र बढ़ा, हीट आइलैंड प्रभाव कम करने में मदद मिली और नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध हुआ।

 

दुधवा, रानीपुर और चंद्रप्रभा में वन्यजीव संरक्षण को मिली नई गति

वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में दुधवा लैंडस्केप और तराई क्षेत्र में आवास संरक्षण, हाथी रिजर्व, वन्यजीव गलियारों की बहाली, सोलर फेंसिंग और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की स्थापना जैसे कदम उठाए गए। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में मदद मिली।

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बुंदेलखंड में रानीपुर टाइगर रिजर्व की स्थापना ने जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती दी। वहीं चंद्रप्रभा सहित अन्य वन क्षेत्रों में प्राकृतिक पुनर्जनन, मिट्टी एवं नमी संरक्षण तथा वन बहाली कार्यक्रमों के माध्यम से खराब हो चुके वन क्षेत्रों को पुनर्जीवित किया गया।

 

प्लास्टिक मुक्त तीर्थस्थलों और जैव विविधता संरक्षण से पर्यावरण को मजबूती

अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक नगरों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने, कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और स्वच्छता ढांचे का विस्तार करने से धार्मिक पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का बेहतर संतुलन स्थापित हुआ।
 

सारस, गंगा डॉल्फिन, मीठे पानी के कछुओं और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए गए। स्वच्छ नदियों, बेहतर आर्द्रभूमि प्रबंधन और आवास संरक्षण के माध्यम से प्रदेश की जैव विविधता को नई ऊर्जा मिली। गोरखपुर में स्थापित जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र गिद्धों की घटती आबादी को पुनर्जीवित करने की दिशा में देश की महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से संकटग्रस्त गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है।

 

सौर ऊर्जा, जैविक खेती और स्वच्छ ऊर्जा से सतत विकास को बढ़ावा

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल और सिंचाई योजनाओं का विस्तार कर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया गया। इससे डीजल पर निर्भरता कम हुई और दूरदराज गांवों में जलापूर्ति अधिक विश्वसनीय बनी। गंगा कॉरिडोर के किनारे जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाने तथा नदी प्रदूषण को रोकने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए गए।

इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन और शहरी विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण, आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट और पुराने लैंडफिल के उपचार जैसे कार्यों को गति दी गई। इससे शहरों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई और पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने में सफलता मिली।

2026 Nissan Tekton Visia base variant image gallery

2026 Nissan Tekton Visia base variant

The Visia is the entry-level variant of the Nissan Tekton and is priced at Rs 10.49 lakh (ex-showroom). Despite its base-variant positioning, it gets automatic LED headlamps, LED DRLs and tail-lights, 17-inch steel wheels with covers and a roof spoiler. Inside, the Visia features a 7-inch digital instrument display, manual AC, rear AC vents, a four-speaker Arkamys audio system and a height-adjustable driver’s seat. Safety kit includes six airbags, ESC, traction control, hill-start assist, TPMS and rear parking sensors. The Tekton Visia is powered by a 100hp, 1.0-litre turbo-petrol engine, paired with a 6-speed manual gearbox.