Petrol Diesel Price Today: आज जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 11 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Top News 11 July: ट्रंप बोले- मेरी हत्या हुई तो ईरान पर बम गिरा देना, पीएम मोदी ने FTA को बताया मील का पत्थर

top news 11 july

Top News 11 July : अमेरिका राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश, अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड से एफटीए को मील का पत्थर बताया। आज नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि। दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट कटने पर नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने किया हंगामा। स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा। 11 जुलाई की बड़ी खबरें… 

 

मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना : ट्रंप

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैं काफी समय से उनके निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ होता है तो मैंने ऐसे हमले के निर्देश दिए हैं जैसा ईरान ने पहले कभी देखा नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना।

 

न्यूजीलैंड से FTA मील का पत्थर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों के संबंधों में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कम समय में समझौते को अंतिम रूप देने के लिए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा लेकर आई है।

 

नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि को शामिल करेंगे। महेंद्रगिरि में उन्नत स्टील्थ विशेषताएं, रडार से बचने की क्षमता और उच्च स्तर का ऑटोमेशन शामिल है। यह युद्धपोत आधुनिक स्वदेशी हथियारों, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से लैस है। 

 

दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने किया हंगामा

दतिया में राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। वे इस बात का विरोध कर रहे थे कि BJP ने उन्हें आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया। इस घटना में लोगों के घायल होने की खबर है। कल रात उनके हज़ारों समर्थकों ने NH-44 को जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफ़िक पूरी तरह ठप हो गया। ALSO READ: दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से समर्थक नाराज, NH-44 पर जाम लगाया, कई पार्षदों ने दिया इस्तीफा

 

स्पेन फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में

फाबियन रूइज और मिकेल मेरिनो के गोलों की मदद से स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। बेल्जियम की ओर से चार्ल्स डी केटेलारे ने एकमात्र गोल दागा। सेमीफाइनल में स्पेन का मुकाबला फ्रांस से होगा।

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: आज कर रहे हैं योगिनी एकादशी का व्रत, जानें कब से कब तक रहेगा राहुकाल

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत करने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य फल मिलता है। इस बार योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन किया जा रहा है, 10 जुलाई और 11 जुलाई 2026 को। 10 जुलाई को आषाढ़ माह की एकादशी तिथि सूर्योदय के समय व्यप्त नहीं थी, जबकि आज यानी 11 जुलाई को सूर्योदय एकादशी तिथि में हुआ है। इसलिए, उदयातिथि के अनुसार आज भी योगिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। कल जहां भगवान विष्णु के गृहस्थ भक्तों ने व्रत किया था, वहीं आज श्री हरि के वैष्णव भक्त यह उपवास कर रहे हैं। आज के दिन पूजा करते समय राहुकाल का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें आज राहुकाल का समय क्या है?

11 जुलाई राहुकाल का समय

11 जुलाई दिन शनिवार को राहुकाल सुबह 8 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।

राहु जल्दबाजी में लिए फैसलों का प्रतीक

राहु भ्रम, माया, अचानक इच्छा, प्रलोभन और जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का प्रतीक है। राहुकाल के दौरान, मन स्पष्ट नहीं होता है। इसलिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने, महत्वपूर्ण निर्णय लेने या बड़ी मात्रा में धन खर्च करने के लिए एक अशुभ समय माना गया है।

राहुकाल के दौरान बड़े खर्चों से बचें

ज्योतिष में राहुकाल को ऐसा समय माना जाता है जब नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। वैदिक ज्योतिष में राहु को भ्रम, अनिश्चितता, लालच और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक माना जाता है। इसलिए इस समय किए गए बड़े आर्थिक निर्णयों में बाधा या पछतावे की आशंका की स्थिति बन सकती है। ज्योतिष के अनुसार, महत्वपूर्ण कार्य ऐसे समय में शुरू हों जब ग्रहों का प्रभाव अनुकूल माना जाए। इसलिए घर, वाहन, सोना, जमीन, या किसी बड़े निवेश की शुरुआत राहुकाल में अशुभ मानी जाती है। वित्तीय निर्णयों के लिए एक स्पष्ट और शांत दिमाग की जरूरत होती है। राहुकाल एक ऐसा समय हो सकता है जब लोग डर, लालच, दबाव या उत्तेजना से प्रभावित हो सकते हैं।

राहुकाल में न लें ये अहम वित्तीय फैसले

इस अवधि के दौरान कार, फोन, लैपटॉप, सोना, संपत्ति, महंगे कपड़े, उपकरण या लक्जरी उत्पाद ना खरीदें। इसी तरह, कोई भी फाइनेंस से संबंधित डॉक्यूमेंट्स पर साइन ना करें, पैसा उधार ना दें, संदिग्ध योजनाओं में निवेश ना करें, आपातकाल को छोड़कर किसी भी तरह के बड़े भुगतान करने से बचें, लिखित डॉक्यूमेंट्स के बिना कोई अग्रिम भुगतान ना करें।

राहुकाल के दौरान सरल उपाय

राहुकाल के दौरान ॐ राहवे नमः का 108 बार जप करें या कुछ मिनटों के लिए शांत रहें। किसी से भी बहस ना करें, झूठ ना बोलें, शॉर्टकट ना अपनाएं, लालची ना बनें। साथ ही, शनिवार को आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, काले तिल या कंबल दान करना चुन सकते हैं।

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अमेरिका-रूस के बाद भारत की वायु सेना सबसे ताकतवर, IAF ने 5वीं बार चीन को छोड़ा पीछे

WDMMA Global Airpower Ranking: रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने ‘वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ़ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ़्ट’ (WDMMA) की 2026 की ग्लोबल एयरपावर रैंकिंग में एक बार फिर तीसरा स्थान हासिल किया है। 2022 के बाद से यह 5वीं बार है जब IAF ने चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स’ (PLAAF) से आगे अपनी जगह बनाए रखी है।

ताजा रैंकिंग में IAF सिर्फ अमेरिका और रूस से पीछे है। WDMMA के आकलन में यह छठी बार है जब IAF को US एयर फोर्स, US नेवी, रूसी एयर फोर्स, US आर्मी और US मरीन कॉर्प्स के बाद रखा गया है।

बता दें कि WDMMA कुल 103 देशों की 129 एयर सेवाओं का मूल्यांकन करता है और 48,000 से ज्यादा विमानों को अपनी रैंकिंग में शामिल करता है। इसकी ‘ट्रू वैल्यू रेटिंग’ (TVR) प्रणाली के जरिए किसी भी वायु सेना की ताकत का आकलन किया जाता है। इसमें बेड़े (Fleet) का आकार, विमानों की क्षमता, आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक सपोर्ट और कुल सैन्य क्षमता को देखा जाता है।

इस रैंकिंग में सिर्फ फाइटर जेट की संख्या के बजाय फ्लीट मिक्स और खास एसेट्स – जैसे एरियल रिफ्यूलर, स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट, क्लोज-एयर-सपोर्ट प्लेटफॉर्म, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और ट्रेनर – को ज्यादा अहमियत दी जाती है। इसमें एयर फोर्स के ऑर्डर बुक और देश में ही एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता को भी ध्यान में रखा जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, IAF अभी 1,716 एयरक्राफ्ट ऑपरेट करती है, जिनमें सात तरह के 542 फाइटर जेट शामिल हैं। इस संख्या में MiG-21 भी शामिल है, भले ही इसे सितंबर 2025 में रिटायर किया जाना है।

इस बेड़े में 498 हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं, जिनमें 222 Mi-17 और 111 HAL ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर हैं। इसके अलावा, 282 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 374 ट्रेनर (जिनमें से 325 खास तौर पर ट्रेनिंग के लिए हैं) और 20 स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट (जैसे एयरबोर्न अर्ली-वार्निंग, इंटेलिजेंस और एरियल रीफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म) भी शामिल हैं।

रिपोर्ट में IAF की तुलना यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स (USAF) से भी की गई है। USAF के बेड़े में फाइटर जेट्स की हिस्सेदारी 32% है, और अगर बॉम्बर और क्लोज-एयर-सपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी इसमें शामिल किया जाए, तो यह आंकड़ा 41% तक पहुंच जाता है। वहीं, अमेरिकी वायु सेना में हेलीकॉप्टरों की हिस्सेदारी करीब 4%, ट्रांसपोर्ट विमानों की 14% और स्पेशल मिशन विमानों की हिस्सेदारी लगभग 14% है।

हालांकि, अच्छी रैंकिंग के बावजूद, रिपोर्ट में भारतीय वायु सेना की कुछ कमियों का भी जिक्र किया गया है। फिलहाल IAF के पास अभी 29 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि मंजूर की गई संख्या 42 है। हर स्क्वाड्रन में 18 एयरक्राफ्ट के हिसाब से, कुल 750 फाइटर एयरक्राफ्ट का लक्ष्य रखा गया है।

IAF को अभी हवा में ईंधन भरने वाले विमान (Mid-air Refuellers), एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&C), इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और ISTAR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन और टोही) विमानों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

इन कमियों को दूर करने के लिए भारतीय वायु सेना ने 180 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है। इसमें 83 और 97 विमानों की दो खेप शामिल हैं। पहले विमानों को अंतिम सिस्टम इंटीग्रेशन के बाद वायु सेना में शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा, 114 राफेल फाइटर जेट्स की प्रस्तावित खरीद से बेड़े में 294 एयरक्राफ्ट जुड़ सकते हैं, हालांकि 2030 के दशक में 200 से ज्यादा जगुआर, मिराज 2000 और MiG-29 एयरक्राफ्ट रिटायर होने वाले हैं। इसके साथ ही नए एयरबोर्न वॉर्निंग सिस्टम, टैंकर विमान और ISTAR प्लेटफॉर्म भी बेड़े में शामिल किए जा रहे हैं।

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Ferrari 849 Testarossa Review: 1,050 PS पावर वाली इस सुपरकार में क्या है खास? जानें कीमत से परफॉर्मेंस तक सब कुछ

Ferrari ने 15 मार्च, 2026 को भारत में अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa लॉन्च की थी। जिसकी शुरुआती कीमत 10.37 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह एक प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार है, जो Ferrari SF90 Stradale की जगह लेगी और Lamborghini Revuelto को टक्कर देगी। अब चलिए इस कार के बारे में डिटेल में जानते हैं।

Testarossa नाम की कहानी करीब 70 साल पुरानी है। साल 1956 में Ferrari ने इस नाम का इस्तेमाल अपनी रेसिंग कारों के लिए किया था। उन कारों में लाल रंग के कैम कवर होते थे। बता दें कि इटैलियन भाषा में “Testarossa” का मतलब “रेड हेड” (लाल सिर) होता है। वहीं, Ferrari ने अब इतने लंबे समय बाद इस नाम को फिर से इस्तेमाल किया है।

Ferrari 849 Testarossa के नाम में “849” का मतलब इसके इंजन से जुड़ा है। इसमें 8 सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है और हर सिलेंडर की क्षमता करीब 490cc है। Ferrari का कहना है कि यह अब तक की उनकी सबसे पावरफुल प्रोडक्शन कार है।

SF90 के डिजाइन से अलग एक नया लुक

डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट SF90 की स्टाइलिंग से अलग है। Ferrari ने इसके लिए 1970 के दशक की एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 के दशक की टेस्टारोसा (Testarossa) से प्रेरणा ली है। कार में पतली LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक काले रंग की पट्टी के अंदर लगी हैं। और इसके नीचे दिया गया एक ब्रिज जैसा डिजाइन एरोडायनामिक स्पॉइलर का काम करता है।

इसके अलवा, कार के बड़े निचले एयर वेंट्स कूलिंग में मदद करते हैं, और इसके फ्रंट डिफ्यूजर में कार्बन-फाइबर इंसर्ट्स लगे हैं। नए डिजाइन किए गए फ्रंट अंडरफ्लोर से कार का कुल 35% डाउनफोर्स मिलता है।

कार के साइड में, 20-इंच के पहियों के साथ सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और अलग-अलग साइज के टायर (staggered tyres) दिए गए हैं। पिछले पहिये के आर्च के आगे स्कुडेरिया फेरारी (Scuderia Ferrari) का बैज लगा है। इसके दरवाजे एयर इनटेक का भी काम करते हैं, जो इंटरकूलर और पिछले ब्रेक तक हवा पहुंचाते हैं। इसमें कार्बन फाइबर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें साइड स्कर्ट, व्हील आर्च और एरोडायनामिक डक्ट्स शामिल हैं।

1970 के दशक की रेसिंग ट्रिक

इसके पिछले हिस्से में ट्विन-टेल डिजाइन दिया गया है, जिसे कंपनी ने 1970 के दशक की 512S रेसिंग कार से लिया है। इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर मिलता है, जो एक सेकंड से भी कम समय में अपनी स्थिति बदल सकता है। यह जरूरत के हिसाब से कार को कम हवा का दबाव (लो-ड्रैग) या ज्यादा पकड़ (हाई-डाउनफोर्स) देने में मदद करता है। यह स्पॉइलर कार में 100 किलोग्राम तक अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है।

250 km/h की रफ्तार पर, कुल डाउनफोर्स 415 kg तक पहुंच जाता है, जो SF90 Stradale के डाउनफोर्स से ज्यादा है। पिछले हिस्से में कार्बन-फाइबर डिफ्यूजर और बीच में लगे ट्विन एग्जॉस्ट हैं, जो इसके अंदर लगे V8 इंजन की ओर इशारा करते हैं।

1,050 PS:  Ferrari की अब तक की सबसे दमदार रोड कार

इंजन देखें तो, 849 Testarossa में 3.9-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर देता है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जुड़ी हैं: इनमें से दो मोटर आगे के पहियों पर लगी हैं, जो ऑल-व्हील ड्राइव और टॉर्क वेक्टरिंग में मदद करती हैं, जबकि तीसरी मोटर पीछे की तरफ दी गई है, जिसमें Ferrari की फॉर्मूला-1 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर यह 1,050 PS की पावर देती है। इसमें 7.45 kWh की बैटरी दी गई है, जिसेसे सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में 25 km तक चलाया जा सकता है।

इसके अलावा, इस कार में आठ-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स है, जिसे साइड स्लिप कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल, ABS Evo और Ferrari के 5 व्हीकल डायनामिक्स एस्टिमेटर जैसे सिस्टम का सपोर्ट मिलता है।

Ferrari के अनुसार, यह कार 0-100 km/h की रफ्तार 2.3 सेकंड से भी कम समय में और 0-200 km/h की रफ्तार लगभग 6.3 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 km/h से ज्यादा है।

रेस कार जैसा कॉकपिट

इंटीरियर की बात करें तो, केबिन में लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, इसमें एक फ्लोटिंग डैशबोर्ड और पैसेंजर के लिए परफॉर्मेंस डेटा दिखाने वाला डिस्प्ले भी है। ड्राइवर को वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto के साथ 16-इंच का डिजिटल डिस्प्ले भी मिलता है। इसके अलावा, इसके अंदर ऊंचे सेंटर कंसोल पर गियर सेलेक्टर लगा है, जिस पर ब्रश किए हुए एल्युमीनियम की फिनिशिंग है।

स्टेयरिंग व्हील में फेरारी के पुराने हैप्टिक कंट्रोल्स के बजाय फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं। सीटें कार्बन-फाइबर रेसिंग बकेट स्टाइल की हैं और उन पर अल्कांतारा की ट्रिमिंग है। साथ ही, इन्हें अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज करने का ऑप्शन भी मिलता है।

बता दें कि Ferrari भारत में मुंबई और नई दिल्ली की डीलरशिप के जरिए यह कार बेचती है और बेंगलुरु से सर्विस सपोर्ट देती है।

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“किसी भी बच्चे को…” TCS धर्मांतरण केस में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने क्यों किया भगवान कृष्ण का जिक्र?

Nida Khan Bail: पुणे के TCS धर्मांतरण केस में अब एक नया मोड़ सामने आया है। नासिक की एक अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने 6 जुलाई को कंपनी की पूर्व कर्मचारी निदा खान को जमानत दे दी। सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि किसी भी बच्चे को जेल में पैदा होने के दर्द और समाज की बदनामी का सामना नहीं करना चाहिए। जज ने इसकी तुलना भगवान कृष्ण के जेल में जन्म लेने से की।

सुनवाई के दौरान क्या हुआ? News18 ने इस मामले की जानकारी दी।

कोर्ट का फैसला और भगवान कृष्ण का जिक्र

जमानत देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केदार जोशी ने मानवीय आधारों पर जोर दिया:

  • खान अभी पांच महीने की गर्भवती हैं।
  • कोर्ट ने माना कि जेल के अंदर बच्चे को जन्म देने का दर्द और सामाजिक बदनामी किसी भी महिला के लिए असहनीय होती है।
  • जज ने साफ तौर पर कहा, “किसी को भी उस सदमे या सामाजिक बदनामी को नहीं झेलना चाहिए जो जेल में बच्चे के जन्म से जुड़ी होती है, जैसा कि भगवान कृष्ण के मामले में हुआ था।” उन्होंने अजन्मे बच्चे की भलाई के लिए अपने न्यायिक विवेक का इस्तेमाल करते हुए यह बात कही।

क्या है मामला?

बता दें कि नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की एक BPO यूनिट से जुड़े आरोपों के बाद, 7 मई 2026 को निदा खान को गिरफ्तार किया गया था।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि निदा खान और अन्य लोगों ने एक महिला सहकर्मी को निशाना बनाया। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें कहीं, उसे बुर्का दिया और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की कोशिश के तहत उसे इस्लामी रीति-रिवाजों की ट्रेनिंग दी।

इस सार्वजनिक विवाद के बाद, TCS ने जबरदस्ती और उत्पीड़न के मामलों में जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी का हवाला देते हुए निदा खान को नौकरी से निकाल दिया।

निदा खान: जमानत की शर्तें

नासिक कोर्ट ने शुरू में उन्हें ₹75,000 के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया था, जिसे बाद में बदलकर ₹50,000 की प्रोविजनल कैश सिक्योरिटी कर दिया गया। हालांकि, इस राहत के साथ कुछ सख्त कानूनी शर्तें भी जुड़ी हैं, जैसे:

  • शिकायतकर्ता या गवाहों से संपर्क करने पर पूरी तरह रोक।
  • पीड़ित के काम करने की जगह या घर के आस-पास के इलाके में जाने पर रोक।
  • कोर्ट की साफ मंजूरी के बिना देश छोड़ने पर रोक।

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Kia unofficially opens bookings of the Sorento

Kia Sorento front quarter static

Kia has unofficially commenced pre-bookings for the Sorento for an amount of Rs 25,000, our dealer sources have confirmed. The new model will serve as the flagship ICE-powered SUV of Kia India’s lineup. While the Sorento is expected to debut later this month, our dealer sources have hinted at an October 2026 launch. 

Kia Sorento: All that we know so far

Our dealer sources stated that a 1.6-litre strong-hybrid turbo-petrol engine would power the Sorento. While power figures remain under wraps, the UK-spec Sorento, for reference, gets a 1.6-litre strong-hybrid turbo-petrol engine that produces a combined 238hp and 380Nm of torque, and comes mated to a  6-speed torque converter automatic transmission. Depending on the market, the Sorento is offered in FWD or AWD configurations, and it remains to be seen what is brought to India. 

Additionally, dealers mentioned that the SUV would offer 5,6, and 7-seater configurations. If that’s the case, it would be the segment’s only model to offer three seating configurations. 

Kia Sorento: Additional details

The SUV was first spied on our roads in late 2025.

The global-spec Sorento is 4,815mm long, 1,900mm wide, 1,700mm tall and gets a 2,815mm wheelbase. Being a slightly older model, it does not get the carmaker’s latest ‘Opposite Unite’ design language, though it retains typical Kia design details like the ‘Tiger nose’ inspired grille, and gets roof rails, chrome surrounds for the side windows and dual-tone 19-inch alloy wheels. Heavily camouflaged mules of the SUV have been spied testing previously on our roads. Its interior comes well equipped with features like dual 12.3-inch displays for the instrument and infotainment displays, panoramic sunroof, front seat ventilation, powered driver seat level 2 ADAS, 360-degree camera and more. 

The Sorento will be locally assembled in India. With an expected ex-showroom price of Rs 40 lakh to Rs 50 lakh, it will take on the likes of the Skoda Kodiaq and the Volkswagen Tyron.

Assam Budget Polygamy Proposals: असम में बहुविवाह करने वालों पर हिमंत सरकार का नया कठोर एक्शन प्लान हुआ रिवील

Assam Budget Polygamy Proposals: असम सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बड़ा प्रस्ताव रखा। इसके तहत, जो पुरुष एक से ज्यादा शादी (बहुविवाह) करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, अगर कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे नौकरी से भी निकाला जा सकता है।

बता दें कि अपना पहला बजट पेश करते हुए, राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का फायदा सिर्फ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचना चाहिए, बल्कि इनसे समाज में “समावेशिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों” को भी बढ़ावा मिलना चाहिए।

बरुआ ने कहा, “महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए, एक से ज्यादा शादियां करने वाला कोई भी पुरुष सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का फायदा उठाने के योग्य नहीं होगा।”

बजट में ‘असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964’ में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके तहत, अगर कोई सरकारी कर्मचारी एक से ज्यादा शादियां (बहुविवाह) करते हुए पाया जाता है, तो उसे कानून के अनुसार नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।

बरुआ ने कहा, “ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने के लिए, मेरा प्रस्ताव है कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराया गया व्यक्ति सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के योग्य नहीं होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमित बजट उपलब्ध नहीं था, इसलिए सरकार अगस्त से कल्याणकारी योजनाओं को फिर से शुरू करेगी।

अलग-अलग वर्गों के लिए शुरू की गई नई कल्याणकारी योजनाएं

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने अलग-अलग वर्गों के लोगों के लिए कई नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए सरकार 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट अलग-अलग मदों में आवंटित करने का प्रस्ताव रखती है।

उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थी आधारित योजनाओं को डिजिटल सिस्टम के जरिए लागू किया जाएगा। इसके लिए DIDS (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर DBT स्कीम्स) का इस्तेमाल होगा, जिसमें आधार आधारित पहचान (Aadhaar Authentication) भी शामिल होगी।

वित्त मंत्री ने 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया

बरुआ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया और छोटे चाय उत्पादकों के लिए टैक्स छूट की सीमा को चार गुना बढ़ाने और पाइप्ड नेचुरल गैस पर VAT को लगभग 10% कम करने का प्रस्ताव रखा।

इसके अलावा, उन्होंने पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई सभी प्रमुख योजनाओं को जारी रखने की भी घोषणा की, साथ ही बजट घाटे को घटाकर 419 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा।

राज्य का बजट पेश करने के बाद, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए, बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने का पात्र नहीं होगा। किसी भी आपराधिक कानून के तहत अपराध का दोषी ठहराया गया कोई भी व्यक्ति अधिसूचित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का पात्र नहीं होगा।”

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Farm Loan Waiver: महाराष्ट्र में बदले किसानों की कर्जमाफी के नियम, 2 लाख की लिमिट खत्म, जानें अब किसे मिलेगा फायदा

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को एक बहुत बड़ी राहत देते हुए अपनी कृषि कर्जमाफी योजना के नियमों में बदलाव करने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में घोषणा की कि सरकार की नई कर्जमाफी योजना से उस शर्त को पूरी तरह हटा दिया गया है जिसके तहत बकाया कर्ज की सीमा 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए थी। विपक्ष द्वारा लाए गए अंतिम सप्ताह प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री (जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है) ने बताया कि 2 लाख रुपये की इस ऊपरी सीमा के हटने से उन हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा जो पहले इस शर्त के कारण योजना से बाहर हो गए थे।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नई योजना का नाम पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि कर्जमाफी योजना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इस फैसले से अब किन-किन किसानों को लाभ मिलेगा और योजना के नए नियम क्या हैं।

अब 2026-27 तक का बकाया कर्ज होगा माफ

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्जमाफी के दायरे को बढ़ाते हुए एक और बड़ी राहत की घोषणा की है। पहले यह योजना सिर्फ वित्तीय वर्ष 2025-26 तक के बकाया कर्ज पर लागू होने वाली थी। अब इस समयसीमा को बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 तक के बकाया लोन के लिए विस्तारित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य में किसी भी सरकार द्वारा लिया गया यह ऐसा पहला फैसला है।

56 लाख किसानों को मिलेगा 36000 करोड़ रुपये का फायदा

इस योजना की आलोचनाओं को खारिज करते हुए वित्त मंत्री फडणवीस ने आंकड़े सदन के सामने रखे। विपक्ष के इस आरोप को उन्होंने खारिज कर दिया कि सिर्फ 12000-13000 करोड़ रुपये ही बांटे जाएंगे और 36 लाख किसान छूट जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक योजना के तहत राज्य के करीब 56 लाख किसानों को 36000 करोड़ रुपये की कर्जमाफी सहायता का लाभ मिलेगा। इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से सलाह ली गई थी। राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अपनी समग्र सहायता के हिस्से के रूप में पहले वर्ष में ₹20000 करोड़, दूसरे वर्ष में ₹22000 करोड़ और उसके बाद ₹25000 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव रखती है।

पुरानी कर्जमाफी योजनाओं से कैसे अलग है यह नियम?

मुख्यमंत्री ने साल 2019 की पुरानी ‘महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमाफी योजना’ का उदाहरण देते हुए मौजूदा बदलाव को समझाया। महात्मा फुले योजना में पात्रता की सीमा 2 लाख रुपये के ओवरड्यू लोन तक ही सीमित थी। अगर किसी किसान का बकाया इस सीमा से महज 1 रुपये भी ज्यादा होता था तो उसे योजना से पूरी तरह बाहर कर दिया जाता था। उस योजना से लगभग 32 लाख किसानों को लाभ मिला था।

सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम ने ₹50000 के पुनर्भुगतान से जुड़ी शर्त को हटाने से इनकार कर दिया क्योंकि इससे खजाने पर ₹4000-5000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ता। हालांकि उन्होंने बड़ी घोषणा की कि महात्मा फुले कर्जमाफी योजना के तहत आने वाले किसानों को भी अब 2 लाख रुपये तक का कर्जमाफी लाभ मिलेगा। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने 2017, 2020 और अब 2026 में बड़े पैमाने पर कृषि कर्जमाफी को लागू किया है।

कुछ लाभार्थियों को योजना से बाहर रखने पर क्या बोले CM?

नियमित कर्जमाफी से कर्जदारों में पुनर्भुगतान में देरी करने की प्रवृत्ति बढ़ने और सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने की बात मुख्यमंत्री ने स्वीकार की। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्जमाफी के लाभार्थियों को भविष्य की योजनाओं से बाहर रखने के सुझाव पर विचार किया था लेकिन अंततः किसानों की मदद करने और बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा के बीच एक संतुलन बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को बाहर रखने का फैसला कोई ऐसा नहीं है कि पहली बार लिया जा रहा हो। साल 2017 की कर्जमाफी के लाभार्थियों को 2019 की महात्मा फुले योजना से बाहर रखा गया था। ठीक इसी तरह साल 2008 की राष्ट्रीय कृषि कर्जमाफी योजना के दायरे में आए किसानों को महाराष्ट्र सरकार की 2009 की योजना से बाहर रखा गया था।

किसानों को संकट और साहूकारों से बचाना है मकसद: फडणवीस

योजना का बचाव करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संकटग्रस्त किसानों को फिर से संस्थागत ऋण (बैंकों से लोन) प्राप्त करने में मदद करने के लिए यह योजना बेहद जरूरी थी। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी के कारण आज तक कोई भी किसान अमीर नहीं बना है लेकिन किसानों को निजी साहूकारों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए ऐसे कदम उठाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार चाहती तो इस फैसले को टाल सकती थी क्योंकि राज्य में साल 2029 तक कोई चुनाव नहीं हैं लेकिन किसानों के वित्तीय संकट को देखते हुए सरकार ने चुनाव की परवाह किए बिना इस योजना की घोषणा की।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही किसानों को सालाना करीब ₹25000 करोड़ की बिजली सब्सिडी दे रही है। इसके साथ ही कृषि विभाग की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं का कुल परिव्यय लगभग ₹95000 करोड़ रुपये है।

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15 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने वाली सहारनपुर की हर्षिता ने बना दी 7000 करोड़ रुपये की कंपनी

यूपी के सहारनपुर जैसे शहरों में आम तौर पर परिवार अपने बच्चों को इंजीनियर, डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। इसके लिए पूरे परिवार का फोकस बच्चे की पढ़ाई पर होता है। ऐसे में अगर कोई 15 साल की लड़की स्कूल छोड़ने का प्लान बना ले तो परिवार पर क्या बीतेगी? हम बात कर रहे हैं हर्षिता अरोड़ा की। स्कूल छोड़ने के उसके फैसले ने न सिर्फ परिवार बल्कि टीचर्स को भी हैरान कर दिया था।

16 साल की उम्र में क्रिप्टो पोर्टफोलियो ट्रैकिंग ऐप बनाया

हर्षिता की दिलचस्पी कोडिंग में इस कदर बढ़ गई थी कि वह इसके सिवाय दूसरा कुछ करने के बारे में सोच ही नहीं सकती थी। 16 साल की उम्र में उसने क्रिप्टो पोर्टफोलियो ट्रैकिंग ऐप बनाया। एपल जैसी कंपनी को यह ऐप बहुत पसंद आया। जल्द एक कंपनी ने इसे खरीद लिया। फिर यह अमेरिका और कनाडा में यह दूसरा सबसे लोकप्रिय फाइनेंस ऐप बन गया।

पीएम मोदी से 2020 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला

सरकार ने 2020 में हर्षिता की उपलब्धियों का सम्मान किया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया। उसी साल उसने अमेरिका जाने के लिए O-1 वीजा के लिए अप्लाई किया। यह वीजा उन लोगों को इश्यू होता है, जिन्होंने अपने फील्ड में असाधारण टैलेंट का प्रदर्शन किया होता है। एक साल पहले हर्षिता ने विगनान वेलिवेला और तुषार मिश्रा के साथ मिलकर AtoB नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया था। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को पहुंचने पर उनके स्टार्टअप को पहचान मिली।

कोविड ने पूरे प्लान पर फेर दिया था पानी

इस स्टार्टअप को Y Combinator के समर 2020 बैच में जगह मिल गई थी। लेकिन, कोविड की महामारी आने के बाद पूरे प्लान पर पानी फिर गया। लेकिन, हर्षिता और उसकी टीम के लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने ट्रक ड्राइवर्स से उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत शुरू की। उनके पेमेंट्स के बारे में पूछा। फिर अमेरिकी ट्रक इंडस्ट्री के लिए फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर फोकस किया।

कंपनी की वैल्यू करीब 7600 करोड़ रुपये पहुंची

उन्होंने नए सिरे से AtoB को बनाया। फिर ट्रक इंडस्ट्री के लिए एक मॉडर्न टूल पेश किया। आज अमेरिका में 30,000 से ज्यादा ट्रक एटूबी का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी की वैल्यू करीब 80 करोड़ डॉलर पहुंच गई है। यह 7,600 करोड़ रुपये के बराबर है। हर्षिता के टैलेंट को देख 2026 में Y Combinator ने उन्हें प्रमोट कर जनरल पार्टनर बना दिया। आज वह दुनिया के कुछ सबसे टैलेंटेड लोगों के साथ काम कर रही हैं।

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आज दूसरे स्टार्टअप की मदद कर रहीं हर्षिता

हर्षिता ने यह साबित किया है कि टैलेंट के बल पर कोई व्यक्ति छोटे शहर में होने के बावजूद अपने सपने को पंख दे सकता है। आज वह वाय कंबिनेटर ने यह तय करती हैं कि किस स्टार्टअप को कितनी वित्तीय मदद दी जा सकती है। आज वह सफलता के बड़े मुकाम पर हैं, जबकि उनकी उम्र के लोग अपना करियर शुरू करने की कोशिशों में लगे हैं।