Mahindra hikes car prices by up to 2.7 percent

Mahindra hikes car prices by up to 2.7 percent

Mahindra has hiked its car prices by up to 2.7 percent today. According to the manufacturer, the price increase is due to “commodity cost escalations.” This is the second cumulative price increase of the year, following the 2.5 per cent increase in April 2026

  1. XEV 9S’ starting price increased by Rs 70,000 – the most for any Mahindra
  2. XUV 3XO EV, Scorpio N, BE 6, XEV 9e prices unaffected by the price hike

New vs old price range of Mahindra cars (ICE and EVs)

The three-row XEV 9S is the only EV to record a price hike

Mahindra new vs old price range after July 10 hike (Rs, lakh)

 

New price range

Old price range

XUV 3XO

7.79-15.04

7.54-14.89

Bolero

8.49-9.99

8-9.91

Bolero Neo*

8.99-12.49

8.85-12

Thar (3-door)

10.32-18

10-17.63

Thar Roxx

12.52-23.53

12.40-22.82

Scorpio Classic

13.37-17.40

13-17

Scorpio N

13.49-24.95

13.49-24.95

XUV 7XO

13.99-25.79

13.66-24.92

XUV 3XO EV

13.89-14.96

13.89-14.96

BE 6

18.90-26.90

18.90-26.90

XEV 9S

20.65-29.95

19.95-29.45

XEV 9e

21.90-30.50

21.90-30.50

*Bolero Neo prices include those of the Bolero Neo+ too.

Mahindra has increased the prices of all its combustion-powered cars, except the Scorpio N. The Mahindra Bolero has received the highest base price hike of Rs 49,000 for any ICE car in the manufacturer’s line-up. On the EV front, the flagship XEV 9S is the only all-electric model to see a price hike. Its starting price has been increased by Rs 70,000, the highest overall for any Mahindra car. 

Prices are ex-showroom, India.

CBSE Free online Courses 2026: 8वीं और 12वीं के छात्रों को सीबीएसई ने दिया फ्री कोर्स का तोहफा, ऑनलाइन सीख सकेंगे एआई और पाइथन

CBSE Free online Courses 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 8वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की गई है। बोर्ड ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ मिलकर 19 फ्री ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं।

इन कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन प्रोग्रामिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, जेनरेटिव AI, AWS DevSecOps, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और VLSI डिजाइन जैसे हाई-डिमांड सब्जेक्ट्स की एक बड़ी रेंज शामिल है। कई कार्यक्रम इंग्लिश और हिंदी दोनों में उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई की सामग्री ज्यादा छात्रों तक आसानी से पहुंच पाते हैं। बोर्ड के अनुसार, कोर्स का समय अलग-अलग होगा। कुछ शुरुआती मॉड्यूल लगभग 90 मिनट में पूरे किए जा सकते हैं, जबकि एडवांस्ड प्रोग्राम 100 घंटे से ज्यादा लंबे होते हैं, जिससे छात्र अपनी पसंद, सीखने के लक्ष्यों और उपलब्ध समय के आधार पर कोर्स चुन सकते हैं।

यह पहल छात्रों को बिना किसी खर्च के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी कोर्स कराएगी, जिससे वे किसी भी जगह से अपनी स्पीड से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं। सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को भी इस कार्यक्रम और ज्यादा से ज्यादा छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। छात्र बिना किसी रजिस्ट्रेशन या कोर्स फीस के सीधे एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी पोर्टल के जरिए इन पाठ्यक्रमों के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। लचीले ऑनलाइन फॉर्मेट की मदद से छात्र अपने स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ कोर्स भी पूरा कर सकते हैं।

बोर्ड की यह पहल उसके डिजिटल लिटरेसी, कोडिंग और नई टेक्नोलॉजी को स्कूली शिक्षा में शामिल करने पर बढ़ते फोकस को दिखाती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्री से जुड़ी टेक्नोलॉजी से जल्दी परिचित होने से छात्रों को प्रैक्टिकल प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और इनोवेशन स्किल डेवलप करने में मदद मिल सकती है, साथ ही हायर एजुकेशन और इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, डेटा एनालिटिक्स और दूसरे डिजिटल डोमेन में करियर के लिए उनकी तैयारी भी मजबूत हो सकती है।

इन फ्री ऑनलाइन कोर्स को शुरू करके, सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा को डिजिटल इकॉनमी और भारत के बढ़ते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की स्किल जरूरतों के साथ जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठाया है।

CBSE 12th re-evaluation results: कर्नाटक के छात्र के री-इवैल्युएशन में बढ़े इतने नंबर कि सीईटी रैंक में 1.4 लाख से ज्यादा का हुआ सुधार, कई छात्रों को मिला गजब का फायदा

इंग्लैंड से पहली बार T-20I सीरीज हारने वाले कोच और कप्तान बने गंभीर और श्रेयस

आयरलैंड से टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज हारने वाले गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर क्रमश पहले कोच और कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर का यह बतौर कप्तान दूसरी सीरीज है जिसमें उनको हार मिली है।भारत ने तीसरे मैच में अय्यर के नाबाद 80 रन के बावजूद सात विकेट पर 158 रन ही बनाए। इंग्लैंड ने केवल 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर दिया।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के हाथों पहली बार टी20 श्रृंखला गंवाने के बाद अपनी निराशा नहीं छिपाई और स्वीकार किया कि उनकी टीम एक बार फिर सभी विभागों में पूरी तरह से विफल रही।अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक बार फिर हमने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य हासिल कर दिया। जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे जितना संभव हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें।’’

अय्यर अपने प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीम जीत हासिल नहीं कर पाई।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं, लेकिन अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती तो इसका कोई मतलब नहीं। इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते। लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा नहीं हुआ। उम्मीद है कि अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’

अय्यर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और जल्दी ही तालमेल बिठा लेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव का दौर है और हम गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना महत्वपूर्ण है।’’

TCS Share Price: Q1 नतीजों के बाद निवेशकों ने बढ़ाई खरीद, ब्रोकरेज का पॉजिटिव नजरिया बरकरार; शेयर 4% तक चढ़ा

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 10 जुलाई को दिन में 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2132 रुपये के हाई तक गया। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 4.61 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही के लिए, TCS ने पिछली तिमाही के मुकाबले 0.4% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। AI से होने वाली कमाई (रेवेन्यू) तिमाही आधार पर 13.6% ज्यादा रहकर 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान 8.5% है। TCS का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन अप्रैल-जून तिमाही में 24 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 25.3 प्रतिशत था।

TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा है कि भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, जून तिमाही हमारी निरंतर वृद्धि की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाती है। तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए। कंपनी ने अपने एआई इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जून तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके कारण 30 जून, 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS शेयर: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

TCS के शेयर को 51 एनालिस्ट कवर करते हैं। इनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 12 ने “होल्ड” की सलाह दी है और 6 ने “सेल” रेटिंग दी है। तिमाही नतीजों के बाद JPMorgan ने TCS पर अपनी “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट ₹2,400 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे। मैनेजमेंट को साल की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026—मार्च 2027 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही से ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ बेसिस पर रेवेन्यू सिर्फ 1% बढ़ने का अनुमान है।

JPMorgan ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति के कारण TCS के लिए साल-दर-साल आधार पर 2.5% से 3% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नहीं है। कम बेस के कारण यह अपने कॉम्पिटीटर्स, जैसे इंफोसिस और HCLTech के बराबर प्रदर्शन कर सकती है। स्टॉक में वैल्यू नजर आती है।

मोतीलाल ओसवाल, मॉर्गन स्टेनली की क्या सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने TCS के लिए ₹2,350 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने अपने नोट में कहा कि हालांकि मैनेजमेंट की शॉर्ट-टर्म कमेंट्री उनकी उम्मीद से बेहतर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) बेहतर होगी, लेकिन डिमांड में सुधार के सबूत बहुत कम हैं। मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए TCS की ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ क्रमशः 2.5% और 3.2% रहने का अनुमान जताया है।

मॉर्गन स्टेनली ने TCS के स्टॉक पर “इक्वल-वेट” रेटिंग और ₹2,200 का प्राइस टारगेट बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर आउटलुक से कुछ चिंताएं कम होनी चाहिए। कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट देखी जा सकती है।

2 गोल से मोरोक्को को हराकर फ्रांस लगातार तीसरी बार पहुंची सेमीफाइनल

स्टार फुटबॉल खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे ने पेनल्टी चूकने के बाद शानदार वापसी करते हुए अपना 20वां विश्व कप गोल दागा और मोरक्को पर 2-0 की जीत के साथ फ्रांस को विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाने में मदद की। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीन बार विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाला तीसरा देश बन गया है।

फ्रांस की फुटबॉल टीम के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स की टीम ने गुरुवार को क्वार्टरफाइनल मुकाबले में दूसरे हाफ की शुरुआत में ही छह मिनट के भीतर दो गोल करके मैच पर नियंत्रण हासिल कर लिया और अंतिम चार में स्पेन या बेल्जियम में से किसी एक से भिड़ने का रास्ता साफ कर लिया।

पहले हाफ में एम्बाप्पे की पेनल्टी को यासीन बोनू ने बचा लिया , लेकिन ब्रेक के तुरंत बाद उन्होंने फ्रांस के लिए एक शानदार गोल किया, जो टूर्नामेंट का उनका आठवां गोल था। इसके साथ ही वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी के बराबर आ गएइसके तुरंत बाद, उस्मान डेम्बेले ने एक और गोल कर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। डेम्बेले के गोल में एम्बाप्पे ने सहयोग किया।

पहले हाफ में फ्रांस का दबदबा रहा और बाउनौ की बदौलत ही हाफ टाइम तक स्कोर बराबर रहा।मोरक्को के गोलकीपर ने पांच मिनट बाद ही डयोट उपामेकानो के हेडर को बचा लिया और फिर यह दिखाने में कामयाब रहे कि पेनल्टी शूटआउट में वह कितने खतरनाक प्रतिद्वंद्वी हैं।

25वें मिनट में, नौसैर मज़राउई ने बॉक्स के अंदर एम्बाप्पे को गिरा दिया, लेकिन जब रियल मैड्रिड के स्ट्राइकर ने पेनल्टी स्पॉट से शॉट लगाया, तो बोउनौ ने सही अनुमान लगाते हुए पेनल्टी को बचा लिया। विश्व कप में पेनल्टी शूटआउट समेत किसी भी गोलकीपर ने बाउनो के चार पेनल्टी सेव से ज्यादा पेनल्टी नहीं बचाई हैं।

इसके तुरंत बाद हाइड्रेशन ब्रेक के दौरान, एम्बाप्पे ने अधिकारियों से शिकायत की कि उन्हें किक मारने से पहले तीन मिनट से अधिक इंतजार कराया गया। बाउनो यह नहीं रूके और उन्होंने डेसिरे डोए के एक शानदार लो शॉट को बचाया और लुकास डिग्ने के 35 गज दूर से किए गए शॉट को क्रॉसबार पर रोककर यह सुनिश्चित किया कि हाफ टाइम तक स्कोर गोल रहित रहा।

पहले हाफ में फ्रांस ने 13 शॉट लगाए, जबकि मोरक्को ने सिर्फ एक शॉट लगाया और अंतिम तीसरे हिस्से में प्रभाव डालने के लिए संघर्ष किया। अगर उनकी खेल योजना फ्रांस को गोल करने से रोकने पर आधारित थी, तो दूसरे हाफ की शुरुआत में ही वह विफल हो गई।

मोरक्को को कोई भी महत्वपूर्ण मौका बनाने में काफी संघर्ष करना पड़ा, जिसके चलते पहले एम्बाप्पे और फिर डेम्बेले ने उन्हें इसका खामियाजा भुगतने पर मजबूर कर दिया और फ्रांस लगातार तीन विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने वाला तीसरा देश बन गया।

एम्बाप्पे को 77वें मिनट में मैदान के मध्य सर्कल में कुछ क्षण बिताने के बाद प्रतिस्थापित किया गया, लेकिन वह अपने दम पर मैदान से बाहर चले गए और उनकी जगह जीन-फिलिप माटेता मैदान पर आएमंगलवार को डलास में स्पेन या बेल्जियम का सामना फ्रांस और एम्बाप्पे से होगा, जो लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने की अपनी कोशिश जारी रखेंगे।

SBI के इस IPO ने खुलने से पहले ही मचाई हलचल! ग्रे मार्केट से आए चौंकाने वाले संकेत, जानें सभी जरूरी डिटेल्स

SBI Funds Management IPO GMP Today: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का मेगा आईपीओ 14 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के इस सबसे बड़े खिलाड़ी के आईपीओ को लेकर बाजार में भारी उत्साह है। अनऑफिशियल मार्केट में कंपनी के अनलिस्टेड शेयरों की खूब डिमांड देखने को मिल रही है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह पब्लिक इश्यू ₹11,692.91 करोड़ का है। आइए जानते हैं इस बड़े आईपीओ की पूरी डिटेल, प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें और कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल।

IPO प्राइस बैंड और मार्केट वैल्यूएशन

  • प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
  • एंकर इनवेस्टर बिडिंग: 13 जुलाई, 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 14 जुलाई, 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 16 जुलाई, 2026
  • अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 17 जुलाई, 2026
  • रिफंड और डिमैट क्रेडिट: 20 जुलाई, 2026
  • शेयर बाजार में लिस्टिंग: 21 जुलाई, 2026 BSE और NSE पर

पूरी तरह ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है यह इश्यू

यह ₹11,692.91 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आ रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर्स अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रहे हैं और इससे मिलने वाला पूरा पैसा उन्हीं के पास जाएगा, कंपनी को अपने काम के लिए कोई फंड नहीं मिलेगा।

SBI बेचेगा: 12.83 करोड़ शेयर (6.3% हिस्सेदारी)

Amundi India Holding बेचेगी: 7.56 करोड़ शेयर (3.7% हिस्सेदारी)

इस बड़े इश्यू को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, एचएसबीसी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स जैसी दिग्गज संस्थाएं बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका निभा रही हैं।

कैसा है कंपनी का बिजनेस?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है, जो एसबीआई म्यूचुअल फंड के निवेश को मैनेज करती है। 31 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 15.4 फीसदी है।

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कंपनी का तिमाही औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) ₹12,49,970 करोड़ रहा है। अगर इसमें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अन्य एडवाइजरी फंड्स को भी जोड़ दिया जाए, तो कंपनी का कुल QAAUM ₹29,04,026 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच जाता है।

लगातार बढ़ रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम

10 जुलाई की सुबह ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के अनऑफिशियल शेयरों में मजबूती देखी जा रही है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इसका जीएमपी फिलहाल ₹85 प्रति शेयर चल रहा है, जो करीब 14.81% के लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। वहीं इनवेस्टरगेन के अनुसार इसका जीएमपी ₹86 के आस-पास है, जो लगभग 15% का मुनाफा दिखाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

World Population Day 2026: विश्व जनसंख्या दिवस क्यों मनाया जाता है, जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

The image conveys a message about realizing the hopes and aspirations of the youth on World Population Day- for both today and the future

World Population Day: हर वर्ष 11 जुलाई को पूरी दुनिया में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या, प्रजनन स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन, शिक्षा और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। तेजी से बढ़ती आबादी का प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है। ऐसे में विश्व जनसंख्या दिवस लोगों को जनसंख्या से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर विचार करने का अवसर प्रदान करता है।

 

इस दिवस से जुड़ी तारीख, इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम की पूरी जानकारी यहां नीचे जानें…

 

विश्व जनसंख्या दिवस 2026 की थीम

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) द्वारा हर साल इस दिन के लिए एक विशेष थीम तय की जाती है। वर्ष 2026 के लिए विश्व जनसंख्या दिवस की आधिकारिक थीम 'युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना – आज और भविष्य के लिए' (Realizing the hopes and aspirations of young people – today and for the future) तय की गई है।

 

थीम का मायने: इस साल की थीम पूरी तरह से युवा पीढ़ी पर केंद्रित है। यह इस बात पर जोर देती है कि दुनिया भर के युवाओं को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार के अवसर और सही निर्णय लेने के अधिकार दिए जाएं। जब देश की युवा आबादी सशक्त होगी, तभी वैश्विक स्तर पर सतत विकास और जनसंख्या संतुलन की चुनौतियों से निपटा जा सकेगा।

 

क्यों मनाया जाता है यह दिवस?

तेजी से बढ़ती आबादी के कारण दुनिया के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। इस दिवस को मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य हैं:

 

जागरूकता बढ़ाना: लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना।

 

संसाधनों पर दबाव: बढ़ती जनसंख्या का पर्यावरण, भुखमरी, गरीबी, स्वास्थ्य सेवाओं और पानी व भोजन जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर क्या असर पड़ रहा है, इस ओर सरकारों और आम जनता का ध्यान आकर्षित करना।

 

अधिकारों की रक्षा: विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों को उनके प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े फैसले खुद लेने के अधिकार के प्रति सशक्त बनाना।

 

विश्व जनसंख्या दिवस का इतिहास

शुरुआत कब हुई: विश्व जनसंख्या दिवस की स्थापना 1989 में 'संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम' (UNDP) की तत्कालीन गवर्निंग काउंसिल द्वारा की गई थी। इस बार विश्व जनसंख्या दिवस 2026 11 जुलाई, शनिवार को मनाया जाएगा।

 

11 जुलाई को ही क्यों चुना गया: इसके पीछे एक ऐतिहासिक घटना है। 11 जुलाई 1987 को दुनिया की कुल आबादी का आंकड़ा 5 अरब (5 Billion) को पार कर गया था। इस दिन को 'फाइव बिलियन डे' (Five Billion Day) कहा गया। दुनिया की इतनी तेज रफ्तार से बढ़ती आबादी को देखते हुए लोगों को जागरूक करने की जरूरत महसूस हुई और तय किया गया कि हर साल 11 जुलाई को 'विश्व जनसंख्या दिवस' मनाया जाएगा। तथा आधिकारिक तौर पर पहला विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 1990 को 90 से अधिक देशों में मनाया गया था।

 

विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का महत्व

वर्तमान में दुनिया की आबादी 8 अरब के आंकड़े को पार कर चुकी है, जिसमें भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बना हुआ है। ऐसे समय में इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है:

 

सतत विकास: यह दिन याद दिलाता है कि यदि जनसंख्या अनियंत्रित ढंग से बढ़ती रही, तो गरीबी उन्मूलन, भुखमरी और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करना नामुमकिन हो जाएगा।

 

नीति निर्धारण: यह सरकारों और नीति निर्माताओं को डेटा के आधार पर स्वास्थ्य, रोजगार और शहरीकरण की बेहतर योजनाएं बनाने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

 

स्वास्थ्य और सुरक्षा: अवांछित गर्भधारण को रोकने और सुरक्षित मातृत्व के माध्यम से मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने में यह वैश्विक अभियान बड़ी भूमिका निभाता है।

 

विश्व जनसंख्या दिवस- FAQs

 

1. विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया जाता है?

हर वर्ष 11 जुलाई को।

 

2. विश्व जनसंख्या दिवस की शुरुआत कब हुई?

सन् 1989 में इस दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा की गई थी।

 

3. विश्व जनसंख्या दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?

जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजते हुए प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार, स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की दिशा में जागरूकता फैलाना।

 

4. विश्व जनसंख्या दिवस क्यों मनाया जाता है?

परिवार नियोजन, जनसंख्या, प्रजनन स्वास्थ्य, शिक्षा और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए।

 

5. विश्व जनसंख्या दिवस 2026 की थीम क्या है?

युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना – आज और भविष्य के लिए। (Realizing the hopes and aspirations of young people – today and for the future) है। 

 

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ITR Filing 2026: फॉर्म चुनने में की ये चूक तो टैक्स विभाग थमा देगा नोटिस, फाइलिंग से पहले देख लें ये 10 नियम

ITR-1 vs ITR-2: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन आते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे ITR-1 (सहज फॉर्म) चुन लेते हैं। माना कि यह सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में सरल है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने सालभर में शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 भरने के लिए अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म चुनना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग आपको ‘डिफेक्टिव रिटर्न’ का नोटिस भेज सकता है। आइए जानते हैं वे 10 मामले, जिनमें आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इन 10 मामलों में ITR-1 फॉर्म भरना है मना, चुनना होगा ITR-2 या ITR-3

1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल से पहले बेचा है और उस पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इसके लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)

अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को बेचने पर आपको धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता बंद हो जाता है।

3. जमीन, मकान या सोना बेचना

अगर आपने कोई प्रॉपर्टी (जमीन या बिल्डिंग), ज्वेलरी या डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कमाई को ‘कैपिटल गेन्स शेड्यूल’ में दिखाना होता है, जो ITR-1 में उपलब्ध नहीं होता। इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आमदनी

अगर आपकी फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी तरह के प्रोफेशन या खुद के बिजनेस से कोई कमाई होती है, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में ITR-3 भरना पड़ता है। जब तक कि आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन के तहत ITR-4 के योग्य न हों।

5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग

शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को बिजनेस इनकम माना जाता है। इसे भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।

सैलरी के अलावा इन स्थितियों में भी बदल जाएगा फॉर्म

6. अनलिस्टेड शेयरों में निवेश

अगर आपने किसी ऐसी कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे साल में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते।

7. किसी कंपनी में डायरेक्टर होना

अगर आप किसी भी छोटी या बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म भरना होगा।

8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता

अगर आपके पास भारत के बाहर कोई प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स जैसे- अमेरिकी स्टॉक हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में विस्तृत ‘Schedule FA’ भरना होगा।

9. विदेश से होने वाली कोई भी कमाई

यदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज या किराए के रूप में कोई आमदनी हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ Schedule FSI और Schedule TR भरना पड़ता है।

10. ₹50 लाख से ज्यादा की कमाई या पुराना घाटा

अगर आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम ₹50 लाख से अधिक है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना नुकसान है जिसे आप इस साल एडजस्ट करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से कमाई हुई है, तो भी ITR-1 मान्य नहीं होगा।

एक्सपर्ट की सलाह: गलत फॉर्म चुनने पर क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म चुनना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप गलती से गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव यानी दोषपूर्ण माना जाएगा, जिससे रिफंड आने में देरी होगी और आपको दोबारा ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइलिंग से पहले अपने सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा जरूर कर लें।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

GDA Plot Auction: दिल्ली-NCR में प्लॉट खरीदने का सुनहरा मौका! गाजियाबाद में 17 जुलाई को होगी महा-नीलामी, अप्लाई करने की ये है लास्ट डेट

GDA Mega Property Auction 2026: दिल्ली-एनसीआर में अपना घर बनाने, दुकान खोलने या नया कारोबार शुरू करने की चाहत रखने वालों के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) एक बेहद शानदार मौका लेकर आया है। जीडीए आगामी 17 जुलाई को एक बड़ी प्रॉपर्टी नीलामी आयोजित करने जा रहा है। इस महा-नीलामी में प्राधिकरण की 19 अलग-अलग योजनाओं के तहत आने वाले रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल भूखंडों की बोली लगाई जाएगी।

जीडीए की ओएसडी कनिका कौशिक के मुताबिक, इस नीलामी में छोटे खरीदारों से लेकर बड़े निवेशकों तक, सभी के लिए बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। नीलामी में शामिल होने के लिए 13 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।

आवासीय से लेकर अस्पताल तक के प्लॉट उपलब्ध

इस मेगा ऑक्शन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर तरह की जरूरत के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। खरीदार और बड़े निवेशक एक ही मंच पर अपनी पसंद की प्रॉपर्टी चुन सकते हैं। नीलामी में निम्नलिखित श्रेणियों के भूखंड शामिल होंगे:

आवासीय और ग्रुप हाउसिंग: मकान या बड़े फ्लैट्स प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए।

व्यावसायिक और औद्योगिक: दुकान, होटल और इंडस्ट्री सेटअप करने के लिए।

संस्थागत: स्कूल, अस्पताल और कम्युनिटी सेंटर के निर्माण के लिए।

आवेदन की अंतिम तारीख 13 जुलाई, जानें कैसे करें अप्लाई?

जीडीए ने साफ किया है कि केवल वही लोग 17 जुलाई की नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे, जिनका आवेदन समय पर जमा होगा। इच्छुक खरीदार 13 जुलाई तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अप्लाई कर सकते हैं:

ऑनलाइन माध्यम: आवेदक सीधे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

ऑफलाइन माध्यम: ऑफलाइन आवेदन करने के लिए खरीदारों को एचडीएफसी बैंक की आरडीसी, राजनगर (गाजियाबाद) शाखा में जाना होगा। वहीं से आवेदन फॉर्म प्राप्त किए जा सकते हैं और भरे हुए फॉर्म को दस्तावेज व जरूरी फीस के साथ उसी शाखा में जमा करना होगा।

जीडीए को भारी राजस्व की उम्मीद

जीडीए प्रशासन इस महा-नीलामी को लेकर बेहद उत्साहित है और सभी जरूरी तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों हुई प्लॉटों की नीलामी से प्राधिकरण को करीब 213 करोड़ रुपये की मोटी कमाई हुई थी। इस बार प्रॉपर्टीज की लंबी चौड़ी लिस्ट और निवेशकों के भारी उत्साह को देखते हुए पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर के प्राइम लोकेशन पर जमीन के मालिक बनना चाहते हैं, तो 13 जुलाई से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें।

श्रेयस पर भारी ब्रूक की पारी, इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेटों से रौंदा

ENGvsIND गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद फिल साल्ट (नाबाद 59) और कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 79) के बेहतरीन अर्धशतकों से इंग्लैंड ने भारत को चौथे टी 20 में गुरूवार को नौ विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।

भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 80 रन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी की मदद से सात विकेट पर 158 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया लेकिन इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर मुकाबला एकतरफा अंदाज में निपटा दिया।

150 से अधिक रनों के चेज़ में यह इंग्लैंड के द्वारा सबसे तेज़ रन चेज़ है। सीरीज़ भी भारतीय टीम हार चुकी है। कप्तान श्रेयस का अपनी पहली जीत का इंतज़ार जारी रहेगा। 2018-19 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम लगातार दो टी 20 सीरीज़ हारी है। इस मैच की बात करें तो भारतीय टीम जब बल्लेबाज़ी कर रही थी तो इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने शॉर्ट और बैक ऑफ़ लेंथ गेंदों से बल्लेबाज़ों को काफ़ी परेशान किया।

साथ ही स्पिनरों ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की। ऐसा लगा कि पिच काफ़ी धीमी है। लेकिन भारतीय गेंदबाज़ पिच और परिस्थितियों के अनुरूप अच्छी गेंदबाज़ी करने में सफल नहीं हुए। साथ ही सॉल्ट और ब्रूक ने जिस तरह की बल्लेबाज़ी की, वह तारीफ़ योग्य है। साल्ट ने 42 गेंदों की पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया जबकि ब्रूक ने 35 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाए।

इससे पूर्व टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे भारत की शुरुआत खराब रही और उसने 48 रन तक जाते-जाते अपने शीर्ष तीन बल्लेबाज गंवा दिए। वैभव सूर्यवंशी 15, ईशान किशन चार और अभिषेक शर्मा 16 रन बनाकर आउट हुए , लेकिन अय्यर ने इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी से खेलते हुए 49 गेंदों में चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि भारत निश्चित रूप से अच्छे स्कोर से काफी पीछे रहा।

2025 से इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 166 रहा है और यह कहना सही होगा कि भारत का स्कोर उम्मीद से कम रहा। मेज़बान टीम की ओर से एक और शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन देखने को मिला। पावरप्ले में ‘हार्ड लेंथ’ वाली गेंदों ने कमाल किया; जोफ्रा आर्चर ने एक बार फिर वैभव को आउट किया और ईशान किशन, जोश टंग का शिकार बने।

आदिल राशिद ने अपने पहले ही ओवर में अभिषेक को आउट कर दिया। भारत के टॉप तीन बल्लेबाज़ – जो सभी बाएं हाथ के थे – ‘क्रॉस-द-लाइन’ शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए। श्रेयस अय्यर और शिवम दुबे (22) ने पचास रनों की साझेदारी की, लेकिन उनके स्कोरिंग रेट से इंग्लैंड को ज़्यादा परेशानी नहीं हुई। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर आउट हुए। वाशिंगटन सुन्दर पांच और अक्षर पटेल एक रन बनाकर पवेलियन लौटे।

कप्तान श्रेयस ने 18वें ओवर में आदिल राशिद की गेंदों पर 6, 4 और 6 रन जड़कर उन पर दबाव बनाया। लेकिन आखिरी दो ओवरों में इंग्लैंड का प्रदर्शन फिर से बेहतरीन रहा – कोई बाउंड्री नहीं, 8 रन और 2 विकेट – क्योंकि उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलावों का बखूबी इस्तेमाल किया।