महंगे हो गए 5G स्मार्टफोन्स, 10 हजार से कम में खरीदें ये 10 दमदार 4G फोन्स जो दे रहे हैं बंपर फीचर्स, देखें लिस्ट

मेमोरी की कीमत बढ़ने और दूसरे पार्ट्स महंगे होने के कारण 5G स्मार्टफोन की कीमत लगातार बढ़ रही है। IDC के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में 5G स्मार्टफोन की औसत कीमत 341 डॉलर पहुंच गई, जबकि 4G स्मार्टफोन की औसत कीमत 109 डॉलर रही। इस तरह 5G और 4G फोन की कीमत में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इसका असर बजट में फोन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। खासकर छोटे शहरों और कस्बों के ग्राहक महंगे 5G फोन के बजाय कम कीमत वाले 4G स्मार्टफोन खरीदना पसंद कर रहे हैं।

यह बदलाव स्मार्टफोन की बिक्री के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में 4G स्मार्टफोन की बिक्री में 40% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कुल बिके स्मार्टफोन में 4G फोन की हिस्सेदारी बढ़कर 12% हो गई। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि लोग 5G फोन खरीदना बंद कर रहे हैं। असल में, बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर कम बजट वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि ये ग्राहक महंगे 5G फोन की जगह सस्ते 4G स्मार्टफोन को चुन रहे हैं।

जिन लोगों को फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग, WhatsApp, सोशल मीडिया, वीडियो देखने, रास्ता खोजने और रोजमर्रा के ऐप्स चलाने के लिए करना है, उनके लिए 4G स्मार्टफोन अभी भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। अगर आप 5G फोन पर ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं, तो बजट में मिलने वाले 4G फोन पर विचार किया जा सकता है। इनमें से एक है Lava Bold N2 Lite। Flipkart पर इसकी कीमत 9,399 रुपये बताई गई है। फोन में 3GB रैम और 64GB स्टोरेज मिलती है। इसमें 6.75 इंच का डिस्प्ले, 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी दी गई है।

  • POCO C61

POCO C61 की कीमत 7,499 रुपये है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.71 इंच का HD+ डिस्प्ले, 8 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी मिलती है।

  • Redmi 12C

Redmi 12C भी 7,499 रुपये की कीमत में आता है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.71 इंच का HD+ डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी मिलती है।

  • Lava Blaze

Lava Blaze भी बजट सेगमेंट में एक विकल्प है। यह उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है जो कम कीमत में रोजमर्रा के काम के लिए 4G स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं।

Ai+ Pulse 2

Ai+ Pulse 2 की कीमत 9,987 रुपये है। इसमें 6.745 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है। फोन में 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 6,000mAh की बैटरी मिलती है। इसमें 4GB रैम, 64GB स्टोरेज और Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है।

Moto G05

Motorola G05 की कीमत 7,299 रुपये है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.67 इंच का HD+ डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,200mAh की बैटरी मिलती है।

POCO C71

POCO C71 की कीमत 8,999 रुपये है। इसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.88 इंच का डिस्प्ले, 32 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,200mAh की बैटरी मिलती है। इसमें स्टोरेज को मेमोरी कार्ड के जरिए बढ़ाने का विकल्प भी दिया गया है।

Jeep Compass 85th Anniversary Edition launched at Rs 26.70 lakh

Jeep Compass 85th Anniversary Edition launched at Rs 26.70 lakh
Jeep Compass 85th Anniversary Edition front quarter static

Jeep has launched the Compass 85th Anniversary Edition in India to commemorate 85 years of the brand globally. It is based on the higher-spec Model S (O) trim with identical prices starting at Rs 26.70 lakh (ex-showroom). It has a limited production run of only 85 units. Compared to the standard Compass, it offers some exterior decals, black alloy wheels, an all-black cabin with gold-coloured accents and a few additional features. 

  1. Equipped with a 2.0L diesel engine with MT, AT options
  2. Offered with both RWD and 4WD setups

Jeep Compass 85th Anniversary Edition: What’s new?

Gets new decals and gloss-black alloy wheels

On the outside, the only changes are the new ‘85’ decals on the doors, tailgate and wheel hub caps, and gloss-black 18-inch black alloy wheels. Everything else is the same, including the LED headlights with eyebrow-shaped LED DRLs, a black grille with 7 slats, LED fog lamps, alloy wheel design, LED taillights and LED rear fog lamps. 

Sports an all-black cabin with gold accents, and offers some new features

Jeep Compass 85th Anniversary Edition dashbaord
Jeep Compass 85th Anniversary Edition seats
 

Inside, the Jeep Compass 85th Anniversary Edition is offered with an all-black cabin that looks sporty, with Mayan Gold accents for contrast. The seats also get black leatherette upholstery with the same gold-coloured stitching. This golden hue is also extended to the ambient lighting and illumination on the panoramic sunroof’s sides.

Jeep Compass 85th Anniversary Edition illuminated panoramic sunroof elements
Jeep Compass 85th Anniversary Edition seats
 

The Compass 85th Anniversary Edition is also available with an 85th Anniversary AXS accessory pack that equips it with additions like illuminated elements on the panoramic sunroof, a digital inside rearview mirror (IRVM), and front and rear dashcams. Other features are the same as the standard Compass, including powered and ventilated front seats, memory function on the driver’s seat, a 10.1-inch touchscreen infotainment system, a 9-speaker Alpine sound system, dual-zone climate control and a wireless phone charger.

Gets the same powertrains as the standard Compass Model S (O) 

The Compass 85th Anniversary Edition is powered by the same 2.0-litre diesel engine that produces 170hp and 350Nm. It is offered with a 6-speed manual or a 9-speed automatic transmission, the latter of which is also available with a four-wheel-drive (4WD) option.

Notably, the Jeep Compass 85th Anniversary Edition shares its entire price range with the Model S (O) trim, but Jeep has yet to announce the price of the 85th Anniversary AXS accessory pack. Bookings are open at pan-India Jeep dealerships and the Jeep India website. 

नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर, अब क्या करें निवेशक!

Gold Silver price: भारत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। इसकी वजह ग्लोबल मार्केट में मजबूती का ट्रेंड था, जिसमें कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने कीमती धातुओं की मांग को सहारा दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के वायदा भाव ₹676 या 0.44% बढ़कर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के वायदा भाव ₹2,270 या 0.96% बढ़कर ₹2.38 लाख प्रति किलोग्राम हो गए।

ग्लोबल स्तर पर, सोने के वायदा भाव लगभग 0.40% बढ़कर $4,394.01 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 1.64% बढ़कर $65.74 प्रति औंस हो गए।

क्यों बढ़ रही कीमतें हैं?

इसका एक मुख्य कारण अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी (मौद्रिक नीति) को लेकर बदलता नज़रिया है। हाल ही में अमेरिका में महंगाई, रोजगार और कंज्यूमर एक्टिविटी के आंकड़े कमज़ोर रहे हैं, जिससे फेडरल रिज़र्व द्वारा और सख्ती बरतने की उम्मीदें कम हो गई हैं। इसका असर अमेरिकी डॉलर पर पड़ा है और सोने को इससे सहारा मिला है।

आमतौर पर डॉलर के कमज़ोर होने से सोने को फायदा होता है क्योंकि दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए यह धातु सस्ती हो जाती है। कम ब्याज दरों की उम्मीदें भी सोने को सहारा दे सकती हैं, क्योंकि सोने जैसी ऐसी एसेट (संपत्ति) को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) कम हो जाती है जिससे कोई रेगुलर इनकम नहीं होती।

भारत के लिए खास वजह क्या है?

घरेलू कीमतें करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव को भी दिखाती हैं। सोमवार (17 अगस्त) को शुरुआती कारोबार में रुपया कमज़ोर होकर लगभग ₹95.59 प्रति डॉलर पर आ गया। रुपया कमज़ोर होने से सोने और चांदी जैसी इंटरनेशनल कीमत वाली कमोडिटीज़ की ‘लैंडेड कॉस्ट’ (आयात लागत) बढ़ सकती है, जिससे घरेलू कीमतों को और सहारा मिलता है।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी रुपये पर दबाव रहा है। लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, WTI क्रूड लगभग $82.83 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि ब्रेंट $89 के आसपास बना हुआ था। गर्ग ने कहा कि डॉलर के कमज़ोर होने और आर्थिक आंकड़े कमज़ोर रहने से फेड द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गईं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने US-ईरान शांति वार्ता के रुकने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से टैंकरों की आवाजाही कम होने के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताओं की ओर भी इशारा किया।

बता दें कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता एक और वजह है जो बुलियन (सोना-चांदी) को सहारा दे रही है। US-ईरान शांति वार्ता में कोई प्रगति न होने और तेल की सप्लाई को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क रखा है। ऐसी अनिश्चितता सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की मांग बढ़ा सकती है।

अब आगे क्या करें निवेशक

सोने के लिए, फेडरल रिजर्व का रेट आउटलुक, US डॉलर, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम मुख्य कारक बने रहेंगे। अगर फेड का रुख नरम (dovish) होता है तो कीमतों को सहारा मिल सकता है, जबकि महंगाई का नया झटका या सख्त (hawkish) पॉलिसी रुख बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

VT मार्केट्स में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड, रॉस मैक्सवेल ने कहा कि $4,400-$4,450 प्रति औंस सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन है। अगर कीमत $4,500 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है तो तेजी का रुझान (bullish trend) मजबूत हो सकता है, जबकि उन्होंने $4,150-$4,200 प्रति औंस को एक महत्वपूर्ण सपोर्ट एरिया बताया।

हालांकि, भारतीय निवेशकों के लिए, ग्लोबल सोना और चांदी की कीमतें समीकरण का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं। रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट, इंटरनेशनल कीमतें और घरेलू बाजार की स्थितियां मिलकर MCX कीमतों की दिशा तय करती हैं।

एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने कहा, “कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के तौर पर लगातार बनी मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतें नए हफ़्ते में मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं।”

देसाई ने कहा, “भू-राजनीतिक जोखिम और ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंताएं बुलियन को और सहारा दे रही हैं।” हालांकि, एनालिस्ट कीमतों में सीधी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। हालिया बढ़त के बाद, सोने और चांदी की कीमतों में कुछ ठहराव (कंसोलिडेशन) या मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखी जा सकती है।

Silver Price Today: चांदी की बढ़ी चमक, देश-विदेश में महंगे हुए दाम, चेक करें अपने शहर का ताजा भाव

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Samsung Galaxy S24 Ultra की कीमत हुई कम! Exchange और Cashback से ₹25,849 की बचत

Samsung Galaxy S24 Ultra को खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो Amazon पर इस फोन पर फिलहाल अच्छी डील मिल रही है। फोन की कीमत अभी ₹99,999 है, जबकि इसकी लिस्टेड MRP ₹1,34,999 है। खास बात यह है कि एक्सचेंज ऑफर और कैशबैक का फायदा उठाकर इसकी प्रभावी कीमत ₹74,150 तक आ सकती है।

Amazon की लिस्टिंग में एक एलिजिबल पुराने स्मार्टफोन के लिए ₹20,850 तक की एक्सचेंज वैल्यू दिखाई गई है। एक्सचेंज स्क्रीन पर अभी 128GB स्टोरेज और बिना किसी डैमेज वाले Apple iPhone 13 को चुनने पर ₹20,850 तक की एक्सचेंज वैल्यू दिख रही है। हालांकि, असल वैल्यू फोन के मॉडल, स्टोरेज क्षमता और कंडीशन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

डील का हिसाब देखें तो ₹99,999 की कीमत में से अधिकतम ₹20,850 का एक्सचेंज बेनिफिट घटाने पर फोन की प्रभावी कीमत ₹79,149 रह जाती है। इसके बाद अगर आपको उपलब्ध ऑफर के तहत ₹4,999 तक का कैशबैक मिलता है, तो इसकी प्रभावी कीमत घटकर ₹74,150 हो सकती है।

एक्सचेंज ऑफर का इस्तेमाल कैसे करें

Amazon के एक्सचेंज प्रोसेस में खरीदार को अपने पुराने फोन का ब्रांड, मॉडल, स्टोरेज क्षमता और उसकी हालत बतानी होती है। दिखाए गए उदाहरण में, चुना गया डिवाइस Apple iPhone 13 है जिसमें 128GB स्टोरेज है और यह “बिना किसी डैमेज” वाली कैटेगरी में है।

Amazon का कहना है कि अगर पुराना फोन चालू हालत में नहीं है, उसकी RAM, स्टोरेज या IMEI की जानकारी मेल नहीं खाती है, एक्सचेंज ऐप से वेरिफिकेशन फेल हो जाता है, या स्क्रीन लॉक या iCloud लॉक नहीं हटाया गया है, तो पिकअप के समय फोन को रिजेक्ट किया जा सकता है।

अगर फोन की हालत बताई गई जानकारी से मेल नहीं खाती है, तो भी Amazon के अनुसार खरीदार डिलीवरी एजेंट को अंतर की रकम देकर कुछ डिस्काउंट पा सकता है। वहीं, अगर पिकअप के समय पुराना फोन वेरिफिकेशन में फोल हो जाता है, तो भी एक्सचेंज की रकम चुकाकर एक्सचेंज डिस्काउंट का फायदा उठाया जा सकता है।

Galaxy S24 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स

Amazon पर लिस्टेड Samsung Galaxy S24 Ultra में 6.8 इंच का डिस्प्ले दिया गया और यह Snapdragon 8 Gen 3 प्रोसेसर पर चलता है। इस मॉडल में 12GB RAM और 256GB स्टोरेज दी गई है।

कैमरे की बात करें तो Galaxy S24 Ultra में 200MP का मेन कैमरा मिलता है। फोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन Galaxy AI फीचर्स को भी सपोर्ट करता है और इसके साथ 1 साल की वारंटी मिलती है।

Amazon पर फोन के साथ 10 दिन की सर्विस सेंटर रिप्लेसमेंट, फ्री डिलीवरी और पे-ऑन-डिलीवरी जैसे फायदे भी दिए गए हैं।

बता दें कि ₹99,999 की कीमत वाले Galaxy S24 Ultra पर पहले से ही डिस्काउंट मिल रहा है, और एक्सचेंज व कैशबैक ऑफर के साथ इसकी असल कीमत ₹74,150 तक कम हो सकती है। हालांकि, ₹74,150 की कीमत पूरी ₹20,850 की एक्सचेंज वैल्यू और ज्यादा से ज्यादा ₹4,999 का कैशबैक मिलने पर ही लागू होगी, इसलिए खरीदारों को चेकआउट के समय फाइनल ऑफर जरूर देख लेना चाहिए।

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₹87 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत, लगातार पांचवे दिन Sensex लाल, 24288 पर बंद Nifty

Sensex-Nifty closes red: जियो-पॉलिटिकल टेंशन बने रहने और रुपये की कमजोरी ने आज मार्केट पर ऐसा दबाव बनाया कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रिकवरी दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन जोन में लौटे और बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट रहा तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.36% की मजबूती आई।

सेक्टरवाइज आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने आज मार्केट पर काफी दबाव बनाया और इन्होंने मेटल स्टॉक्स की कोशिश को फेल कर दिया। निफ्टी मेटल में आज 1% से अधिक की बढ़त आई तो निफ्टी आईटी में डेढ़ फीसदी से अधिक गिरावट और निफ्टी एफएमसीजी में 1% से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹86 लाख करोड़ से अधिक घट गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 281.09 प्वाइंट्स यानी 0.36% की गिरावट के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 555.50 प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 133.15 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,360.10 तक पहुंच गया।

डूबे निवेशकों के ₹86 हजार करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 14 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,93,37,892.96 करोड़ था। आज यानी 17 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,92,51,039.39 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹86,853.57 करोड़ की गिरावट आई

Sensex के सिर्फ 7 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज सिर्फ 7 ही ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील और एक्सिस बैंक में सबसे अधिक बढ़त रही तो दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, एचसीएलटेक और सन फार्मा में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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175 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4674 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2087 शेयर आज मजबूत हुए तो 2353 में गिरावट रही जबकि 234 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 175 शेयर एक साल के हाई और 120 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 10 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 42 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचलें यहां पढ़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टी-20 विश्वकप में उलटफेर करने वाली इटली खेलेगी पहला एकदिवसीय मैच

अपनी फुटबॉल टीम के लिए मशहूर इटली अब क्रिकेट में धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। कुछ महीने पहले ही टी-20 विश्वकप में इटली के स्पिनरों ने हालात का पूरा फ़ायदा उठाकर नेपाल के खिलाफ बेन मैनेंटी ने 9 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि कृष्ण कलुगामागे ने 22 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद मोस्का भाइयों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नेपाल को कोई मौका नहीं दिया। हां, टारगेट ज्यादा नहीं था लेकिन उन्होंने 12.4 ओवर में उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया।

अब यह खबर आ रही है कि आगामी एकदिवसीय विश्वकप क्वालिफायर में इटली आधिकारिक तौर पर अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलेगा।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

भारत के बैंकिंग सेक्टर में होगा बड़ा बदलाव! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए हाई-पावर्ड कमेटी के संकेत, जानिए क्या है पूरा प्लान

High-Powered Committee on Banking: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र आने वाले समय में एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार, 17 अगस्त को घोषणा की कि केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंकिंग सेक्टर पर एक ‘हाई-पावर्ड कमेटी’ गठित करने की तैयारी में है।

दो दिवसीय ‘पीएसबी मंथन/संगम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव और विचार इस उच्च स्तरीय समिति के लिए मुख्य आधार तैयार करेंगे। आइए जानते हैं कि भारतीय बैंकों के लिए क्या है सरकार का नया रोडमैप और बीते 10 सालों में बैंकिंग क्षेत्र की कितनी तस्वीर बदली है।

विकसित भारत का विजन: क्या करेगी यह हाई-पावर्ड कमेटी?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कमेटी इस बात का गहन अध्ययन और आकलन करेगी कि ‘विकसित भारत’ के सफर में देश को किस दिशा में आगे बढ़ना है और इसमें बैंकिंग सेक्टर की क्या भूमिका होगी।

सम्मेलन में हो रही चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक, स्पष्ट और अमल में लाने योग्य विचार तैयार करना है, जिन्हें बैंकिंग क्षेत्र लागू कर सके। वित्त मंत्री के अनुसार, यह सुधार सही समय पर हो रहे हैं क्योंकि भारतीय बैंक आज अब तक की सबसे मजबूत वित्तीय स्थिति में खड़े हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में बैंकिंग जगत के दिग्गज 7 प्रमुख विषयों पर चर्चा कर रहे हैं, जो भविष्य के रोडमैप का आधार बनेंगे।

रिकॉर्ड निचले स्तर पर NPA: ऐतिहासिक मजबूती में भारतीय बैंक

बैंकिंग क्षेत्र में इस नए सुधार पैकेज का सबसे मजबूत पहलू यह है कि बैंक अब अपने सबसे कम एनपीए (NPA) के स्तर पर हैं, जिससे उनकी कर्ज देने की क्षमता काफी बढ़ गई है। वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के सचिव संजय लोहिया ने बताया कि पिछले एक दशक में भारतीय बैंकों के पैमाने, स्थिरता और पहुंच में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

मजबूत बैलेंस शीट के दम पर अब सरकारी बैंक (PSBs) देश की आर्थिक वृद्धि, कृषि सेक्टर, MSMEs और समाज के वंचित वर्गों को वित्तीय सहायता देने में कहीं ज्यादा सक्षम हैं।

10 साल में कितना बदला बैंकिंग सेक्टर? आंकड़े दे रहे गवाही

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2015 से मार्च 2026 के बीच भारतीय बैंकों के प्रदर्शन में जबरदस्त उछाल देखा गया है:

कुल कारोबार: मार्च 2015 के ₹128 लाख करोड़ से दोगुना से भी अधिक बढ़कर मार्च 2026 में करीब ₹283 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

जमा राशि: बैंकों में जमा राशि ₹72 लाख करोड़ से बढ़कर ₹156 लाख करोड़ हो गई।

कुल लोन: बैंकों द्वारा दिया गया कर्ज ₹36 लाख करोड़ से बढ़कर ₹127 लाख करोड़ हो गया।

नेट प्रॉफिट: बैंकों का शुद्ध मुनाफा 4 गुना से अधिक बढ़ा है। FY15 के ₹45,000 करोड़ के मुकाबले FY26 में बैंकों ने ₹1.9 लाख करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया।

ग्रॉस एनपीए में भारी गिरावट: मार्च 2018 में ग्रॉस NPA 14.6% के शिखर पर था, जो मार्च 2026 में घटकर महज 1.93% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। वहीं नेट NPA भी 8% से घटकर 2.39% रह गया है।

आगे का लक्ष्य: गुणवत्तापूर्ण ग्रोथ और ग्राहकों की नई जरूरतें

वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया के अनुसार, पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) की अगली प्राथमिकता इस तेजी को बनाए रखना है। बैंक अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति का उपयोग करके क्वालिटी बिजनेस ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके अलावा, उभरती हुई नई वित्तीय जरूरतों और बदलते दौर में ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुसार बैंक अपनी सेवाओं में बदलाव करेंगे।

वित्तीय सेक्टर में पिछले एक दशक के ठोस सुधारों के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान बैंकों को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के मुख्य इंजन के रूप में ढालने पर है। जल्द ही गठित होने वाली हाई-पावर्ड कमेटी का रोडमैप आने वाले सालों में भारतीय बैंकिंग प्रणाली की नई दिशा तय करेगा।

​यूपी के अंबेडकर नगर में IPS आशुतोष मिश्र की मां की हत्या, जेवरात लूटे, हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान

​यूपी के अंबेडकर नगर में IPS आशुतोष मिश्र की मां की हत्या, जेवरात लूटे, हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान

IPS Mishra mother Murder in UP

IPS Ashutosh Mishra Mother Murder in UP: ​उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर में बेखौफ बदमाशों ने एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रा देवी की उनके ही घर में लूटपाट के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी। बदमाशों ने वृद्धा के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, शरीर से सोने के तमाम कीमती आभूषण निकाल लिए और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके फरार हो गए।

​स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हुई थीं शामिल

अम्बेडकर नगर के मालीपुर (धवरुआ मजरे रूढ़ा गांव) स्थित गजाधरनाथ मर्यादा इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम था। आईपीएस आशुतोष मिश्र अपनी मां इंद्रा देवी के साथ कार्यक्रम में शामिल होने गांव आए थे। शनिवार शाम 6 से 7 बजे के बीच आईपीएस मिश्र लखनऊ लौट गए, जबकि मां इंद्रा देवी स्कूल में चल रहे अधूरे वायरिंग के काम को पूरा कराने के लिए वहीं रुक गईं। ALSO READ: योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा एक्शन, 2 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त, अब बनेगा यूपी का बड़ा ‘लैंडबैंक’

 

​आईपीएस आशुतोष मिश्र ने शनिवार रात 10 बजे लखनऊ से मां से फोन पर बात की थी। लेकिन रविवार सुबह 6 बजे जब उन्होंने दोबारा कॉल किया, तो कोई जवाब नहीं मिला। सुबह करीब 9 बजे जब काम करने वाली महिला पियारी देवी पहुंची, तो मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर जाने पर उसने देखा कि इंद्रा देवी हाल में बेड पर पड़ी थीं और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। पड़ोसी राम नायक ने मौके पर पहुंचकर मुंह से कपड़ा निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।

​शरीर पर इंजेक्शन और खरोंच के निशान

दोपहर करीब 1 बजे आईपीएस आशुतोष मिश्र गांव पहुंचे। इंद्रा देवी के शरीर से सोने की चेन, कंगन, कुंडल और अंगूठी जैसे भारी आभूषण गायब थे। जांच के दौरान उनके हाथ पर इंजेक्शन लगाने का निशान और शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उन्हें बेहोश करने या जहर देने की कोशिश की गई थी।

​शीर्ष अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही एसपी प्राची सिंह, एएसपी डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ अनूप सिंह और थानाध्यक्ष शशांक शुक्ल ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया। ​शाम करीब 6 बजे अयोध्या जोन के डीआईजी सोमेन बर्मा ने घटनास्थल और छत का गहन निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीमों को साक्ष्य जुटाने के सख्त निर्देश दिए। आईपीएस पुत्र आशुतोष मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Aston Martin Valen revealed at the Monterey Car Week

Aston Martin Valen revealed at the Monterey Car Week
Aston Martin Valen front quarter static

Aston Martin has revealed the Valen as its most powerful front-engined production car at the 2026 Monterey Car Week. An 850hp, 5.2-litre twin-turbo V12 engine, derived from the Vanquish, powers this GT car. Only 150 units of the Valen are being built by the manufacturer’s ‘Q’ personalisation department, with deliveries commencing in the second quarter of 2027.

  1. Claimed 0-100kph time is 3.1 seconds and top speed is 345kph
  2. Uses carbon fibre, aluminium, titanium, and magnesium elements in plenty
  3. Weighs 110kg less than the Aston Martin Vanquish

Aston Martin Valen powertrain details

Produces 15hp more than the Vanquish and is 0.2s faster in a 0-100kph sprint

The Aston Martin Valen is powered by the same 5.2-litre twin-turbo V12 engine as the Vanquish GT, but with more performance. It produces 850hp (15hp more) and 1,000Nm (same as the Vanquish) and is mated to an 8-speed automatic transmission that sends power to the rear wheels (RWD). The gearbox software has, however, been remapped with the Vantage GT4 racecar’s software for “more engaging shifts in all drive modes”. With the Valen, Aston Martin claims a 0-100kph time of 3.1 seconds (0.2s faster than the Vanquish) and an electronically limited top speed of 345kph.

The Valen is 110kg lighter than the Vanquish due to the use of lightweight motorsport-inspired materials, including carbon fibre, aluminium, titanium and magnesium. Aston Martin has also made “significant hardware changes and targeted software calibration” to the ESP, throttle, braking and steering systems. The suspension system uses stiffer springs for reduced roll and pitch motions to driver inputs for increased agility. 

Aston Martin Valen exterior design

Looks sportier and brutish than the other Aston Martin models

The Valen looks sportier than the gentlemanly designs Aston Martin is generally known for and, as per chief creative officer Marek Reichman, “the Valen is a significant departure from what has gone before”. At the front, the Valen sports a new snout with an aggressive bonnet featuring a functional top vent to draw more air to the engine. The signature Aston Martin grille motif extends to the ends of the fascia. The LED DRLs and LED headlights are slim horizontal bars that make the Valen look menacing. It also gets an “acutely angled” front splitter to channel the air into the GT’s internals. 

In profile, it sports lightweight magnesium wheels shod with Pirelli P Zero R tyres (275/35 ZR21 front, 325/30 ZR21 rear), specifically developed for the Valen. The GT also gets Pirelli’s latest Cyber Tyre technology, allowing real-time tyre data sharing with the vehicle’s dynamic control systems. The traditional side strakes incorporate large functional vents that extract air from the wheel arch, guiding it towards the rear for improved downforce.

The rear design is bold as well, replacing a traditional fixed rear windscreen with a solid tailgate that opens to reveal 170 litres of boot space. The tailgate features an aerodynamic wing that acts as a Gurney flap that “generates downforce with minimal drag and negates the need for a conventional rear wing”. Beneath this wing is a slim LED taillight bar and 3D-printed quad titanium exhausts stacked in a 2-up, 2-down arrangement. The upper exhaust outlets are always open, while the lower ones open in the raciest drive modes.

The Valen is available with an optional fully exposed carbon fibre exterior that can be tinted in both satin- and gloss-finished hues by the ‘Q’ customisation department. 

Aston Martin Valen interior design

Features a minimalistic dashboard and a well-loaded cabin

The Valen’s interior is heavily influenced by the Vanquish and hence offers a minimalistic dashboard with a 10.25-inch-inch digital driver’s display, a 3-spoke steering wheel and a 10.25-inch touchscreen infotainment system. What’s different from the Vanquish is that the centre console has been 3D-printed for “greater precision to the surfaces you regularly interact with”. This console has a carbon fibre finish and features a push-button start-stop and an aircraft-style drive mode selector.

The Aston Martin Valen offers an option between ‘Sport Plus’ seats that “combine support with long-distance comfort” or carbon-fibre ‘Performance’ seats that offer “a more focused driving experience”. Features include a 15-speaker Bowers & Wilkins sound system, a 360-degree camera system, a digital inside rearview mirror (IRVM), a powered steering column and a wireless phone charger. 

Reichman says, “Valen gave us the opportunity to explore and express more extreme emotions through a new form language and surface treatment.” Reflecting this bold design approach, Aston Martin has priced the Valen at 1.5 million pound (approximately Rs 19.46 crore), before buyers choose from the extensive catalogue of optional extras.

Bullet Train Update: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट, 30 मीटर नीचे बन रहा BKC स्टेशन, सूरत स्टेशन ने लिया भव्य आकार

Bullet Train Update: भारत की पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) तेजी से आकार ले रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात में इस 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रोजेक्ट के दो सबसे चुनौतीपूर्ण स्टेशनों मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और गुजरात के सूरत स्टेशन पर काम महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। BKC टर्मिनल हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के दक्षिणी शुरुआती पॉइंट के तौर पर काम करेगा। बीकेसी (BKC) स्टेशन जमीन से लगभग 30 मीटर गहराई में बनाया जा रहा है।

BKC में देश के सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशनों में से एक तैयार किया जा रहा है। यह पूरे प्रोजेक्ट का सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां खुदाई और नींव (फाउंडेशन) का काम लगभग पूरा होने की कगार पर है, जिससे स्टेशन के निर्माण में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ है। वहीं, सूरत स्टेशन का ढांचा और छत का काम पूरा हो चुका है। अब वहां फिनिशिंग का काम बुलेट ट्रेन की रफ्तार से चल रहा है।

क्यों अहम है BKC स्टेशन?

News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई का BKC स्टेशन इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का दक्षिणी टर्मिनल होगा। इसे जमीन से करीब 30 मीटर नीचे बनाया जा रहा है। यही वजह है कि इसे पूरी परियोजना के सबसे जटिल निर्माण कार्यों में शामिल किया गया है। स्टेशन के लिए खुदाई और फाउंडेशन से जुड़े प्रमुख काम अब अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं। अंडरग्राउंड स्टेशन होने के कारण यहां निर्माण के दौरान इंजीनियरिंग, सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। BKC स्टेशन तैयार होने के बाद मुंबई से बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सूरत स्टेशन का स्ट्रक्चर तैयार, अब इंटीरियर का काम जारी

गुजरात के सूरत में बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेशन का मुख्य स्ट्रक्चरल फ्रेम और रूफिंग का काम पूरा हो चुका है। अब यहां फर्श, क्लैडिंग और सीलिंग लगाने समेत अन्य इंटीरियर फिनिशिंग का काम चल रहा है। सूरत स्टेशन का डिजाइन भी खास तरीके से तैयार किया गया है। इसकी वास्तुकला में सूरत की पहचान यानी हीरा काटने और पॉलिश करने के उद्योग से प्रेरणा ली गई है। स्टेशन की डिजाइन के जरिए शहर की कारोबारी और औद्योगिक पहचान को दर्शाने की कोशिश की गई है।

508 किमी लंबा होगा पूरा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत की पहली हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट है। करीब 508 किलोमीटर लंबी यह समर्पित रेल लाइन मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ेगी। यह कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। इसके रास्ते में कई प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी शहर इससे जुड़ेंगे।

इस कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन होंगे

मुंबई (BKC)

ठाणे

विरार

बोइसर

वापी

बिलिमोरा

सूरत

भरूच

वडोदरा

आनंद

अहमदाबाद

साबरमती

320 km प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक होने की उम्मीद है। इस रफ्तार से मुंबई से अहमदाबाद के बीच करीब 508 किलोमीटर की दूरी लगभग 2 घंटे में तय की जा सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, पूरी लाइन तैयार होने से पहले इसके कुछ हिस्सों पर चरणबद्ध तरीके से सेवा शुरू की जा सकती है। यानी यात्रियों को पूरे कॉरिडोर के पूरा होने का इंतजार जरूरी नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी। इसके साथ ही भारत के हाई-स्पीड रेल युग की शुरुआत हुई।

हर स्टेशन की डिजाइन में दिखेगी शहर की पहचान

इस प्रोजेक्ट से जुड़े रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के स्टेशनों को केवल परिवहन केंद्र के रूप में नहीं। बल्कि संबंधित शहर की पहचान से जोड़कर तैयार किया जा रहा है। स्टेशनों में आधुनिक वास्तुकला, यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं और अलग-अलग परिवहन माध्यमों से कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है। साबरमती स्टेशन को विशेष रूप से एक बड़े मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बुलेट ट्रेन के साथ मेट्रो, BRTS और सामान्य रेलवे को जोड़ा जाएगा। स्टेशन के आसपास के क्षेत्र का विकास ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट के सिद्धांतों के आधार पर किए जाने की योजना है।

कब शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन?

बुलेट ट्रेन से सफर करने का सपना देख रहे लोगों को अभी करीब एक साल तक इंतजार करना पड़ेगा। भारत की पहली हाई-स्पीड रेल सर्विस अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए केवल स्टेशन और ट्रैक ही नहीं, बल्कि ट्रेनों के रखरखाव की अत्याधुनिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। इस रेलवे कॉरिडोर पर हाई-स्पीड ट्रेनों की नियमित जांच, मरम्मत और रखरखाव के लिए तीन अत्याधुनिक रोलिंग स्टॉक डिपो बनाए जा रहे हैं। इनमें एक महाराष्ट्र के ठाणे और दो गुजरात के सूरत और साबरमती में होंगे।

ठाणे डिपो में पहली बार इस्तेमाल होंगी ये टेक्नोलॉजी

मुंबई कॉरिडोर का दक्षिणी टर्मिनस होने के कारण ठाणे का रोलिंग स्टॉक डिपो बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसे अत्याधुनिक मशीनरी से लैस किया जा रहा है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, यहां कुछ ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा जिन्हें भारत में पहली बार इस्तेमाल किए जाने की योजना है। डिपो में हाई-स्पीड ट्रेन सेट की जांच और रखरखाव किया जाएगा। ताकि ट्रेनें नियमित सेवा के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

साबरमती डिपो में छोटी-बड़ी मरम्मत की पूरी व्यवस्था

गुजरात के साबरमती डिपो में ट्रेनों की छोटी और बड़ी दोनों तरह की मरम्मत की सुविधा होगी। यहां इमरजेंसी रिपेयर एरिया, पहियों की री-प्रोफाइलिंग के लिए उपकरण, कोच बॉडी की मरम्मत और बोगी वर्कशॉप बनाई जाएंगी। ट्रेनों की नियमित जांच के लिए विशेष ट्रैक और इंस्पेक्शन रोड भी तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा ट्रेन की नियमित सफाई के लिए ट्रेन-वॉशिंग प्लांट भी लगाए जाएंगे।

पर्यावरण का भी रखा जा रहा ध्यान

बुलेट ट्रेन के रखरखाव केंद्रों को तैयार करते समय पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा रहा है। डिपो में वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट और ग्राउंडवॉटर रिचार्ज सिस्टम लगाए जाएंगे। ट्रेन धोने में इस्तेमाल होने वाले पानी को अधिक से अधिक दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश की जाएगी, जिससे पानी की खपत कम की जा सके।

जापान में ट्रेनिंग ले रहे रेलवे कर्मचारी

बुलेट ट्रेन के संचालन और रखरखाव के लिए भारतीय कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दिया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को जापान में सीधे ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इन कर्मचारियों को जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन हाई-स्पीड रेल सिस्टम के संचालन और रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई है। इस तरह मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी केवल ट्रैक और स्टेशनों तक सीमित नहीं है। स्टेशन, डिपो, रखरखाव व्यवस्था, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और आधुनिक यात्री सुविधाओं पर एक साथ काम किया जा रहा है।

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