दिल्ली में DDA ने TOD प्रोजेक्ट्स के लिए खोला ऑनलाइन सिंगल-विंडो, अब इस 207 Sq Km क्षेत्र में मेट्रो-रैपिड रेल रूट के पास बनेंगे टावर्स और सस्ते घर

Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत जमीन विकसित करने की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक डीडीए ने इसके लिए डेवलपर संस्थाओं को आमंत्रित करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में तैयार की गई संशोधित टीओडी नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए डीडीए ने ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम (OBPS) के जरिए आवेदन प्रक्रिया को खोल दिया है। इस नीति के जरिए दिल्ली के एक बड़े हिस्से का कायाकल्प होगा और किफायती आवास के साथ-साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा।

दिल्ली का 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र होगा विकसित

DDA के मुताबिक इस नीति के लागू होने से दिल्ली का 207 वर्ग किलोमीटर का एक विशाल क्षेत्र विकास के लिए खुल जाएगा। इस दायरे में मिक्स्ड लैंड यूज एरिया, ऑफिस स्पेस, गेस्ट हाउस और स्टूडियो अपार्टमेंट्स जैसे इंफ्रा डेवलप किए जा सकेंगे।

मेट्रो और रैपिड रेल रूट के पास क्या है योजना?

टीओडी नीति के तहत दिल्ली में परिवहन गलियारों के आसपास के क्षेत्रों को योजनाबद्ध विकास और पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है। मेट्रो कॉरिडोर की बात करें तो मेट्रो लाइनों के दोनों तरफ 500 मीटर का दायरा इसके लिए तय किया गया है। इसी तरह रैपिड रेल स्टेशनों के चारों तरफ 500 मीटर के रेडियस को नियोजित विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इसका उद्देश्य है कि इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से किफायती आवास और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को तैयार किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ लोगों के रहने की स्थिति बेहतर होगी बल्कि मेट्रो की राइडरशिप भी बढ़ेगी।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: अब सिंगल-विंडो क्लीयरेंस

डीडीए ने बताया कि यह नीति ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देती है। इसके तहत परियोजनाओं की मंजूरी के लिए एक बेहद सरल और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था बनाई गई है। जमीन विकसित करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति या डेवलपर इकाई को शुल्क के साथ सिर्फ एक पॉइंट पर मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा। डेवलपर्स को अब दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली फायर सर्विस जैसी अलग अलग एजेंसियों के पास अलग से चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

TOD कमेटी करेगी फैसला

डेवलपर्स को सबसे पहले डीडीए के ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम के माध्यम से आवेदन करना होगा ताकि टीओडी समिति द्वारा टीओडी प्लॉटों को मंजूरी दी जा सके। यह समिति डीडीए के उपाध्यक्ष के तहत काम करती है। टीओडी समिति द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के बिल्डिंग प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए ओबीपीएस के माध्यम से डीडीए के पास जमा करना होगा।

मौजूदा और प्रस्तावित दोनों रूटों पर मिलेगी छूट

डीडीए के बयान के मुताबिक इस नीति में काफी फ्लेक्सिबिलिटी दी गई है। यह नीति अभी चालू मेट्रो कॉरिडोर और रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ भविष्य में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के आसपास भी टीओडी विकास की अनुमति देती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नए मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के साथ-साथ ही इन क्षेत्रों में रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे का विकास भी साथ के साथ हो सकेगा।

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बकरी कान हिलाए तो समझो बारिश आए! हमारे किसान इन 5 पशुओं, पक्षियों, कीटों को देख बता देते थे कब और कितनी होगी बरसात

सालों से, भारतीय किसानों ने आसमान को समझने के अपने तरीके विकसित किए थे। ये कोई बिखरी हुई लोक-मान्यताएं या अलग-थलग परंपराएं नहीं थीं। कई इलाकों में, समुदाय बहुत ध्यान से देखे-परखे गए तरीकों को अपनाते थे। ये तरीके पीढ़ियों तक बेहतर बनाए गए, ग्रंथों में दर्ज किए गए और बहुत ही एकरूपता के साथ आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाए गए।

खबरों के अनुसार, भारत में बारिश का अनुमान लगाने के कुछ सबसे पुराने तरीके खगोल विज्ञान से गहराई से जुड़े थे। खगोल विज्ञान और समय की गणना पर सबसे शुरुआती भारतीय ग्रंथों में से एक, ‘वेदांग ज्योतिष’ ने ‘पंचांग’ (हिंदू कैलेंडर) की नींव रखी, जिसका इस्तेमाल आज भी देश के कई हिस्सों में किया जाता है। सूरज, चांद और तारों की चाल पर नजर रखकर, इस तरीके से लोगों को मौसम में बदलाव और बारिश के पैटर्न का अंदाजा लगाने में मदद मिलती थी।

सदियों बाद, खगोलशास्त्री और विद्वान वराहमिहिर ने इन विचारों को और आगे बढ़ाया। छठी सदी ईस्वी में लिखी अपनी रचना ‘बृहत्संहिता’ में, उन्होंने बारिश, खगोलीय घटनाओं और वायुमंडलीय स्थितियों के बीच संबंधों का वर्णन किया। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, इन अवलोकनों के कुछ हिस्से आधुनिक मौसम विज्ञान की अवधारणाओं से मिलते-जुलते हैं।

कई गांवों में, हिंदू नव वर्ष के दौरान ‘ग्राम जोशी’ या गांव का ज्योतिषी सालाना बारिश और फसल के बारे में भविष्यवाणियां पढ़कर सुनाता था। पीढ़ियों से चली आ रही गणनाओं पर आधारित ये भविष्यवाणियां अक्सर किसानों को आने वाले खेती के मौसम की योजना बनाने में मदद करती थीं।

कई रिपोर्टों के अनुसार, समय के साथ किसानों ने खगोलीय परंपराओं के साथ-साथ मौसम का अनुमान लगाने के स्थानीय तरीके भी विकसित किए। आंध्र प्रदेश की ऐसी ही एक परंपरा थी ‘तट्टा संकेतम’; इसमें अनाज से भरी टोकरी के ऊपर एक गिलास रखा जाता था और एक बच्चा उसे सावधानी से संतुलित करता था। गिलास अंत में जिस दिशा में गिरता था, उसे ग्रहों की स्थिति के साथ जोड़कर देखा जाता था और माना जाता था कि इससे आने वाले मॉनसून के मिजाज का पता चलता है।

पीढ़ियों से, किसान अपने घरों और खेतों के आस-पास होने वाले बदलावों को समझना भी सीख गए थे। बकरियों का बार-बार कान फड़फड़ाना, रात भर उल्लुओं का लगातार बोलना और लाल बालों वाली इल्लियों का तेजी से सुरक्षित जगह की ओर बढ़ना – ये सभी इस बात के संकेत माने जाते थे कि बारिश होने वाली है। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि कई कीड़े इंसानों के महसूस करने से बहुत पहले ही अपने एंटीना से नमी में होने वाले बदलावों का पता लगा सकते हैं। शायद इसीलिए ऐसी बातें अक्सर सही साबित होती थीं।

मधुमक्खियों का जल्दी अपने छत्तों में लौटना और मकड़ियों का तेजी से अपने जाले ठीक करना बदलते मौसम की और चेतावनियां मानी जाती थीं। इसके अलावा, शाम के समय खाना पकाने से निकलने वाला धुआं, जो ऊपर उठने के बजाय नीचे ही रहता था, उसे हवा में नमी बढ़ने का संकेत माना जाता था।

खबरों के मुताबिक, किसान शायद ही कभी सिर्फ एक संकेत पर निर्भर रहते थे। इसके बजाय, वे बुवाई का फैसला करने से पहले कई संकेतों की जांच-पड़ताल करते थे और खेती से जुड़े फैसलों में वैसी ही सावधानी और अनुशासन बरतते थे, जिसकी अनिश्चितता के कारण जरूरत होती थी।

EPF Interest Credit: 15 जुलाई तक PF खाताधारकों के अकाउंट में आएगा ब्याज, जानें ₹10, 50 लाख और 1 करोड़ के बैलेंस पर कितनी होगी कमाई

EPFO Credit FY26 Interest Update: अगर आप भी अपने पीएफ खाते में ब्याज का पैसा ट्रांसफर होने का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज का पैसा 15 जुलाई तक देश के करीब 34 करोड़ खाताधारकों के अकाउंट में क्रेडिट करने जा रहा है।

आमतौर पर पीएफ का ब्याज अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता था, लेकिन इस बार नए सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम की बदौलत यह काम काफी पहले होने जा रहा है। इस बार कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ब्याज राशि बांटी जा रही है। वित्त मंत्रालय ने पिछले महीने ही 8.25% की ब्याज दर को मंजूरी दी है, जो लगातार तीसरे साल भी बरकरार है। आइए जानते हैं कि आपके पीएफ बैलेंस के हिसाब से आपको कितने रुपये का फायदा होने वाला है।

बैलेंस का गणित: ₹10 लाख, 50 लाख और 1 करोड़ पर कितना मिलेगा ब्याज?

8.25% की ब्याज दर सुनने में तो अच्छी लगती है, लेकिन असल में आपके खाते में कितने रुपये आएंगे? इसे आसानी से समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:

बैलेंस का गणित: ₹10 लाख, 50 लाख और 1 करोड़ पर कितना मिलेगा ब्याज?

ध्यान दें: यह गणना इस अनुमान पर आधारित है कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पीएफ बैलेंस में कोई बदलाव नहीं हुआ है। असल में पीएफ ब्याज की गणना हर महीने के रनिंग बैलेंस पर की जाती है, जो आपके मंथली कॉन्ट्रीब्यूशन या विड्रॉल के हिसाब से बदल सकती है।

बिना किसी रिस्क के बंपर और टैक्स-फ्री कमाई

इस कैलकुलेशन से साफ है कि पीएफ पर मिलने वाला फायदा बेहद शानदार है। उदाहरण के लिए, जिस कर्मचारी के खाते में ₹50 लाख का कॉर्पस है, उसे बिना किसी मार्केट रिस्क और बिना एक भी रुपया निकाले सीधे ₹4 लाख से ज्यादा की कमाई होगी। वहीं, ₹1 करोड़ का बैलेंस रखने वालों को ₹8.25 लाख का ब्याज मिलेगा, जो कई लोगों की शुरुआती सालाना सैलरी से भी कहीं ज्यादा है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह सुरक्षित और सरकारी गारंटी वाला निवेश है।

KYC अपडेट रखें, वरना फंस सकता है पैसा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपका केवाईसी डिटेल्स जैसे पैन या बैंक अकाउंट की जानकारी पुरानी या अधूरी है, तो उसे तुरंत ठीक कर लें। पीएफ ब्याज का पैसा अटकने या क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह अधूरा केवाईसी ही होती है। आप ईपीएफओ पोर्टल या उमंग ऐप के जरिए इसे चेक कर सकते हैं।

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: कैसे चेक करें अपना ईपीएफ बैलेंस?

यह जांचने के लिए कि आपके खाते में ब्याज का पैसा आया है या नहीं, आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए। इसके बाद इन स्टेप्स को फॉलो करें:

स्टेप 1: सबसे पहले ईपीएफओ के ‘Member Passbook’ पोर्टल पर जाएं।

स्टेप 2: अपना UAN, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉग इन करें।

स्टेप 3: आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे दर्ज कर अपनी पहचान वेरिफाई करें।

स्टेप 4: इसके बाद ‘View Passbook’ के विकल्प को चुनें। यहां आपको अपना लेटेस्ट पीएफ बैलेंस और वित्त वर्ष 2025-26 का क्रेडिट हुआ ब्याज दिख जाएगा।

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Jewellery Stocks : ज्वेलरी शेयरों पर जेपी मॉर्गन के बुलिश रिपोर्ट के बाद टाइटन और सेनको गोल्ड में आई तेजी, जानिए क्या कहती है ये रिपोर्ट

Jewellery Stocks : कल की भारी गिरावट के बाद आज बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिल रही है। निफ्टी 150 प्वाइंट से ज्यादा उछलकर 24050 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी में 550 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी नजर आ रही है। छोटे-मझोले शेयरों में भी अच्छी खरीदारी आई है। इसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी के उछाल के साथ आज आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 10% से ज्यादा की गिरावट दिख रही है। यह तेजड़ियों के लिए राहत की बात है।

इस बीच JPMorgan की बुलिश रिपोर्ट के बाद ज्वेलरी शेयरों की चमक बढ़ गई है। कल्याण ज्वेलर्स 15 फीसदी तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना हुआ है। सेनको गोल्ड में भी 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। आइए इस रिपोर्ट पर डालते हैं एक नजर।

ज्वेलरी सेक्टर पर बुलिश जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि गोल्ड रीसाइकलिंग ट्रेंड से ज्वेलरी स्टॉक्स को सपोर्ट मिलने की संभावना है। ग्राहकों के डिमांड पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है। गोल्ड एक्सचेंज स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। रीसाइकलिंग में ग्राहक पुराने गोल्ड का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। हल्के और कम कैरेट (18K/14K) ज्वेलरी की मांग बढ़ी है। रिटेलर एक्सचेंज & एनकैशमेंट स्कीम से फुटफॉल बढ़ा है। ऊंची गोल्ड कीमतों से ग्राहकों के खरीदारी का ट्रेंड बदला है। वित्त 2027 की पहली तिमाही में ज्वेलरी सेक्टर में मांग में मजबूती रही है। ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलर्स के लिए मार्केट शेयर बढ़ाने का मौका है। इससे टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेनको को बड़ा फायदा होगा।

जेपी मॉर्गन ने 5,182 रुपये के टारगेट के साथ टाइटन पर ओवरवेट (Overweight) की रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि बुलियन को छोड़कर तनिष्क, मिया, ज़ोया और बियॉन की रेवेन्यू में सालाना आधार पर 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो अनुमान से बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा कि खरीदारों की संख्या में बढ़ोतरी ‘लो डबल डिजिट’ तक पहुंच गई और टिकट साइज़ भी मजबूत बना रहा है। इसके अलावा, त्योहारों की मांग और सोने की कीमतों में स्थिरता के कारण प्लेन गोल्ड, स्टडेड ज्वेलरी और सोने के सिक्कों की अच्छी मांग से कंपनी के अपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने में मदद मिलनी चाहिए।

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ज्वेलरी कंपनियों की चमक बढ़ी

ज्वेलरी कंपनियों के प्रदर्शन और वैल्यूएशन पर नजर डालें तो पहली तिमाही में टाइटन की आय में 39 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। यह स्टॉक 80 गुना पीई पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, कल्याण ज्वेलर्स की आय में पहली तिमाही में 38 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। यह शेयर 28 80 गुना पीई पर ट्रेड कर रहा है। सेनको गोल्ड की आय में पहली तिमाही में 60 फीसदी की ग्रोथ दिखी है। यह शेयर 10 गुना पीई पर ट्रेड कर रहा है।

 

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UPTET 2026: upessc.up.gov.in से डाउनलोड करें यूपीटीईटी की प्रोविजनल आंसर की, 14 जुलाई तक दर्ज कराएं आपत्ति

UPTET 2026: 2 से 4 जुलाई के बीच राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 दे चुके परीक्षार्थियों के लिए अहम अपडेट है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने यूपीटीईटी 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। इस परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, अगर इस पर कोई आपत्ति है तो वह 14 जुलाई तक चुनौती दे सकते हैं।

आंसर की आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। अभ्यर्थियों को इसे डाउनलोड करने के लिए अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि से लॉगिन करना होगा। बता दें, इस साल यानी 2026 में यूपीटीईटी का आयोजन पहली बार यूपीईएसएससी ने किया था। यह परीक्षा चार साल के लंबे अंतराल के बाद 2 और 3 जुलाई को दो शिफ्ट में और 4 जुलाई को सिंगल शिफ्ट में आयोजित की गई थी। इसे पूरे प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 केंद्रों पर शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सकुशल ढंग से संपन्न कराया गया।

अभ्यर्थी मास्टर सेट की प्रोविजनल आंसर-की पर 14 जुलाई तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। ऑनलाइन लिंक के अलावा अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त आपत्ति पर आयोग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।

आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया क्या है?

  • आयोग ने आपत्ति दर्ज करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
  • अभ्यर्थियों को आयोग के पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
  • लॉगिन के लिए अनुक्रमांक और जन्मतिथि का उपयोग करना होगा।
  • संबंधित प्रश्न के खिलाफ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करनी होगी।
  • आयोग की वेबसाइट पर इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

एआई बेस्ड कैमरों से निगरानी

इस परीक्षा के लिए 19 लाख से अधिक आवेदन हुए थे। परीक्षा में टेक्नोलॉजी और एआई युक्त कैमरे का भरपूर इस्तेमाल किया गया। एआई कैमरे से कई जगह फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। तीन दिन में यूपी टीईटी परीक्षा में कुल 44 फर्जी परीक्षार्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए।

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दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का कहर! सड़कें बनीं नदियां, जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल, देखें वीडियो

Delhi Rain: गुरुवार सुबह दिल्ली और पूरे एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई इलाकों की सड़कें डूब गईं, लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और रोजाना आने-जाने वालों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामने आए एक वीडियो में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं। पानी से लबालब सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी में दिन के ज्यादातर समय में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अधिकारी बारिश से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, कई जगहों से सामने आए वीडियो

रातभर हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों से जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में लगातार बारिश का असर साफ देखा जा सकता है।

दिल्ली के बुराड़ी, सदर बाजार, संगम विहार और मेहरौली-बदरपुर रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई घंटे तक हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई।

पानी से भरी सड़कों पर गाड़ियाँ सावधानी से चलती दिखीं, जबकि कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई।

एक वीडियो में अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखीं, जहां सुबह के व्यस्त समय में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक धीमा हो गया था।

पड़ोसी शहर नोएडा में भी भारी जलभराव देखा गया। सेक्टर-75 से सामने आए वीडियो में तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी हुई दिखाई दीं।

गाजियाबाद में भी भारी बारिश का असर साफ देखने को मिला। इंदिरापुरम और अभय खंड इलाके से सामने आए वीडियो में रिहायशी सड़कों पर बारिश का पानी भर गया।

शास्त्रीनगर और कौशांबी से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं, जहां सड़कों पर पानी जमा होने के कारण आने-जाने वालों को देरी हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

बुलंदशहर में भी भारी बारिश का असर दिखा। सामने आए वीडियो में रात भर हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हुआ नजर आया।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी ट्रैफिक जाम की खबर मिली, जहां बारिश और जलभराव के कारण ऑफिस जाने के व्यस्त समय में गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो गई।

उमस से राहत, लेकिन आने-जाने वालों को परेशानी

लगातार हो रही बारिश से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली है। हालांकि, तेज बारिश ने आम जिंदगी पर भी असर डाला है। दिल्ली-NCR के कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। IMD ने बताया कि बारिश तेज होने से पहले, रात 2.30 बजे तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवाएं शांत थीं।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

जलभराव से निपटने के लिए सभी सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का जायजा लिया और सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, “दिल्ली सरकार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेशों के बाद सभी सरकारी एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं।”

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आगे कहा गया कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और राजधानी में ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और नगर निगम (MCD) की टीमों को तैनात किया गया है।

वहीं, मानसून से पहले नरेला और द्वारका समेत कई बड़े स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की समय रहते सफाई (डी-सिल्टिंग) किए जाने का भी फायदा देखने को मिला। इसकी वजह से कई प्रमुख स्थानों पर बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ और NHPC चौक जैसे अंडरपास भारी बारिश के बावजूद ज्यादातर समय चालू रहे।

रात भर हुई बारिश से उखड़े पेड़

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में राजा धीर सिंह मार्ग पर दो पेड़ उखड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ।

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास गिरा, जबकि दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर गिरा। दोनों ही घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इस बीच, IMD ने दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है, इसलिए अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि दिल्ली और NCR के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।

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SIP Magic: हर महीने ₹2000 बचाकर भी खड़ा कर सकते हैं ₹1 करोड़ का फंड, जानें निवेश का ये धांसू फॉर्मूला

How to Become Crorepati through SIP: क्या छोटी सी बचत से कोई करोड़पति बन सकता है? यह एक ऐसा सवाल है जो हर मिडिल क्लास इंसान के मन में कभी न कभी जरूर आता है। इसका सीधा और सटीक जवाब है, हां, यह बिल्कुल मुमकिन है! अगर आप हर महीने सिर्फ ₹2,000 की एसआईपी (SIP) करते हैं, तो लंबी अवधि में आप आसानी से ₹1 करोड़ का बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। बशर्ते, आप निवेश में अनुशासन बनाए रखें और ‘कंपाउंडिंग’ को अपना काम करने दें। आइए समझते हैं इसके पीछे का पूरा गणित।

कितने साल में तैयार होगा ₹1 करोड़?

आपका ₹2,000 का निवेश कितने सालों में ₹1 करोड़ बनेगा, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपके म्यूचुअल फंड पर सालाना कितना रिटर्न मिल रहा है। आइए अलग-अलग रिटर्न के हिसाब से समझते हैं:

कितने साल में तैयार होगा ₹1 करोड़?

नोट: ये अनुमान इस आधार पर हैं कि आप बिना रुके हर महीने लगातार निवेश जारी रखते हैं।

कंपाउंडिंग का जादुई असर

शुरुआती सालों में आपको लगेगा कि आपका फंड बहुत धीरे-धीरे बढ़ रहा है, क्योंकि तब ग्रोथ सिर्फ आपके जमा किए गए पैसों पर मिलती है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, असली जादू शुरू होता है।

अब आपके द्वारा कमाए गए रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। यही वजह है कि आखिरी के सालों में आपकी वेल्थ बहुत तेजी से रॉकेट की तरह बढ़ती है। इसलिए, जो निवेशक 20 से 25 साल की उम्र में ही नौकरी की शुरुआत के साथ निवेश शुरू कर देते हैं, उन्हें कंपाउंडिंग का सबसे ज्यादा फायदा मिलता है।

स्मार्ट चॉइस: कौन सा म्यूचुअल फंड रहेगा बेस्ट?

लॉन्ग-टर्म गोल्स के लिए फाइनेंशियल प्लानर हमेशा इक्विटी म्यूचुअल फंड में SIP करने की सलाह देते हैं। फंड का चुनाव आप अपने रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से कर सकते हैं:

स्मॉल-कैप फंड्स (Small-Cap Funds): ऐतिहासिक रूप से इन्होंने लंबी अवधि में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है, लेकिन इनमें जोखिम और उतार-चढ़ाव सबसे अधिक होता है।

मिड-कैप फंड्स (Mid-Cap Funds): ये फंड्स मजबूत ग्रोथ और मध्यम-से-उच्च जोखिम का एक अच्छा कॉम्बिनेशन ऑफर करते हैं।

लार्ज-कैप फंड्स (Large-Cap Funds): ये देश की सबसे बड़ी और स्थापित कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इनमें उतार-चढ़ाव कम होता है, लेकिन इनका रिटर्न स्मॉल और मिड-कैप के मुकाबले थोड़ा कम हो सकता है।

टारगेट को समय से पहले हासिल करने का ‘सीक्रेट मंत्र’

अगर आप 30 या 35 साल तक इंतजार नहीं करना चाहते और जल्दी करोड़पति बनना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स की इस एक सलाह एसआईपी स्टेप-अप को गांठ बांध लें।

जैसे-जैसे हर साल आपकी आमदनी या सैलरी बढ़े, अपनी ₹2,000 की SIP राशि में भी थोड़ी बढ़ोतरी जैसे- 10% का इजाफा करते जाएं। सालाना थोड़ा-सा भी स्टेप-अप आपके ₹1 करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचने के समय को कई साल कम कर सकता है।

वैसे सिर्फ ₹2,000 की मासिक एसआईपी से करोड़पति बनने का सफर भले ही तीन से चार दशक ले सकता है, लेकिन निरंतरता, धैर्य और कंपाउंडिंग की ताकत से इस वित्तीय लक्ष्य को हासिल करना शत-प्रतिशत संभव है।

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Video: भारी बारिश ने दिखाया अपना रौद्र रूप, महाराष्ट्र में बाढ़ के बहाव में बह गए हजारों LPG सिलेंडर

महाराष्ट्र में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि एक नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। रायगढ़ जिले में बाढ़ के तेज बहाव ने ऐसा तांडव मचाया कि हजारों LPG सिलेंडर पानी के साथ बहते हुए पातालगंगा नदी तक पहुंच गए। नदी में तैरते सिलेंडरों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए तो लोगों के बीच चिंता और डर का माहौल बन गया। आखिर इतने सारे सिलेंडर पानी में कैसे पहुंचे और क्या इनके कारण कोई बड़ा खतरा पैदा हो सकता है?

इस घटना ने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक सभी का ध्यान खींच लिया है। बाढ़ की ताकत और हालात की गंभीरता को दिखाने वाला यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

HPCL प्लांट में घुसा बाढ़ का पानी

यह घटना पनवेल तालुका के MIDC चावणे इलाके में स्थित HPCL पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट की बताई जा रही है। बुधवार को भारी बारिश के कारण प्लांट में पानी भर गया, जिसके बाद वहां रखे करीब 3,000 LPG सिलेंडर तेज बहाव में बह गए।

इनमें भरे हुए और खाली दोनों तरह के सिलेंडर शामिल बताए जा रहे हैं।

वायरल वीडियो में नदी में तैरते दिखे सैकड़ों सिलेंडर

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में पातालगंगा नदी के तेज बहाव में बड़ी संख्या में LPG सिलेंडर बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ लोग नदी से सिलेंडर निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत लोगों को सावधान किया।

सिलेंडर मिलने पर तुरंत अधिकारियों को दें सूचना

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि अगर किसी को नदी या आसपास कोई LPG सिलेंडर दिखाई देता है तो उसे खुद उठाने के बजाय तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।

अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच के बिना इन सिलेंडरों को संभालना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।

महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पालघर, रायगढ़ और नासिक-पुणे के घाट क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं मुंबई, तटीय जिलों और उत्तर महाराष्ट्र के कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

NDRF और SDRF की टीमें तैनात

लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी जोखिम भरी गतिविधि से बचें।

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शादी के बाद की पहली यात्रा को यादगार बनाने के लिए एक कपल ने ट्रेन के First AC Coupe को खास अंदाज में सजवाया। फूलों, गुब्बारों और गुलाब की पंखुड़ियों से सजा यह कोच देखने में बेहद खूबसूरत लग रहा था और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।लेकिन यह रोमांटिक सरप्राइज जल्द ही विवाद में बदल गया, क्योंकि सजावट रेलवे की अनुमति के बिना कराई गई थी। वीडियो सामने आने के बाद भारतीय रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

रेलवे ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की है और डेकोरेटर के खिलाफ भी कदम उठाए हैं। इस घटना ने ट्रेन में निजी आयोजनों और सुरक्षा नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

वायरल वीडियो में दिखा था खूबसूरत डेकोरेशन

मामला ट्रेन नंबर 11002 नंदिग्राम एक्सप्रेस का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक First AC Coupe को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया हुआ देखा गया। कोच में लाल और सफेद गुब्बारे, फूलों की माला, हार्ट शेप डेकोरेशन और गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी हुई थीं।

बताया गया कि यह सजावट एक नवविवाहित जोड़े के लिए कराई गई थी, ताकि उनकी ट्रेन यात्रा को यादगार बनाया जा सके।

रेलवे ने बताया- बिना अनुमति हुई थी सजावट

भारतीय रेलवे ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि कपल ने ऑनलाइन एक डेकोरेशन कंपनी से संपर्क कर निजी तौर पर First AC Coupe सजवाया था। हालांकि, सजावट करने वाली टीम कोच में बिना आधिकारिक अनुमति के दाखिल हुई थी।

रेलवे के अनुसार, यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि बाहरी लोगों का बिना अनुमति ट्रेन के अंदर प्रवेश करना गंभीर मामला माना जाता है।

जिम्मेदार कर्मचारी पर हुई कार्रवाई

रेलवे ने इस मामले में ड्यूटी पर तैनात चीफ टिकट इंस्पेक्टर गिरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा घटना की पूरी जांच के लिए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई और इस मामले में और कौन जिम्मेदार है।

डेकोरेटर के खिलाफ दर्ज हुआ केस

रेलवे ने सजावट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की है। डेकोरेटर पर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप हैं कि उसने बिना अनुमति ट्रेन में प्रवेश किया, बिना वैध टिकट यात्रा की और रेलवे संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश किया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी निजी कंपनी सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज न करे।

कैसे हुई थी पूरी घटना?

डेकोरेशन कंपनी के अनुसार, यह Coupe जलना से यात्रा करने वाले एक नवविवाहित जोड़े के लिए तैयार किया गया था। टीम कार से छत्रपति संभाजीनगर से पहुंची और कपल के ट्रेन में बैठने से पहले कोच को सजाया गया।

वायरल वीडियो में Coupe के दरवाजे पर गुलाबी पर्दे, छत पर गुब्बारे, खिड़कियों पर फूलों की सजावट और सीट व फर्श पर गुलाब की पंखुड़ियां दिखाई दे रही थीं।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे शादी के बाद की यादगार शुरुआत बताते हुए पसंद किया, जबकि कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या ट्रेन के अंदर इस तरह की सजावट की अनुमति है।

कुछ लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि गुब्बारे व सजावटी सामान आग जैसी आपात स्थिति में परेशानी पैदा कर सकते हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने मजाक में इसे “Honeymoon on Wheels” भी कहा।

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Rajesh Sharma: प्रभास स्टारर की शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा को कीड़े ने काटा, गंभीर हालत में कराया गया भर्ती, AICWA ने जांच की मांग की

Rajesh Sharma: जाने-माने एक्टर राजेश शर्मा को कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े के काटने की आशंका के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। बताया जा रहा है कि उनकी हालत गंभीर है और वे डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने सिने वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच” की मांग की है।

X पर जारी एक बयान में, सिने वर्कर्स संगठन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से हाई-लेवल जांच के आदेश देने की अपील की। ​​उन्होंने मांग की कि प्रोड्यूसर राजेश शर्मा के इलाज का खर्च उठाए और जांच में कोई लापरवाही पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह बयान AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने जारी किया।

इस घटना की गहन जांच की मांग करते हुए AICWA ने कई सवाल उठाए- “इस घटना से कई गंभीर प्रश्न उठते हैं। अगर शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा की हालत इतनी गंभीर हो गई थी, तो निर्माता और प्रोडक्शन हाउस ने उन्हें तुरंत हैदराबाद के किसी प्रमुख अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया? क्या सेट पर पर्याप्त आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध थी? क्या सभी अनिवार्य स्वास्थ्य और कार्यस्थल सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था? शूटिंग स्थल पर ऐसा क्या हुआ जिसके कारण उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई?”

बयान में कहा गया- ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से रामोजी फिल्म सिटी स्थित फौजी शूटिंग सेट पर हुई घटना की तत्काल उच्च स्तरीय जांच का आदेश देने का आग्रह करता है। जांच में अभिनेता राजेश शर्मा की आपातकालीन स्थिति का सटीक कारण पता चलना चाहिए, यह जांच होनी चाहिए कि क्या सभी कार्यस्थल सुरक्षा, स्वच्छता और आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था, और निर्माता, प्रोडक्शन हाउस या किसी अन्य जिम्मेदार प्राधिकरण की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही का पता लगाना चाहिए ।

बयान में कहा गया, “अगर जांच के दौरान कोई चूक या लापरवाही पाई जाती है, तो इसके लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फ़िल्म के पैमाने या बजट की परवाह किए बिना, किसी भी व्यक्ति या प्रोडक्शन हाउस को जवाबदेही से छूट नहीं मिलनी चाहिए। AICWA यह भी मांग करता है कि प्रोड्यूसर और प्रोडक्शन हाउस श्री राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक सबसे अच्छा इलाज मिले।”

खबरों के मुताबिक, प्रभास की फ़िल्म ‘फौजी’ की शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा को किसी कीड़े ने काट लिया। उन्हें तुरंत इसका पता नहीं चला और वे दूसरी शूटिंग के लिए कोलकाता लौट आए। इस बीच, उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर यूनिट में उनका इलाज चल रहा है।

राजेश शर्मा एक बेहतरीन एक्टर हैं जो हिंदी और बंगाली जैसी भाषाओं की फिल्मों में काम करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई मशहूर हिंदी फिल्मों में काम किया है, जिनमें ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘चिल्लर पार्टी’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘लव शव ते चिकन खुराना’, ‘स्पेशल 26’, ‘बीए पास’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ और ‘भूत बंगला’ शामिल हैं।