शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से पहले जान लें टैक्स के नियम, नहीं तो मुनाफा हो जाएगा कम

म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ रही है। यह स्कीम शेयर बाजारों में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाती हैं। कई लोग सीधे शेयरों में निवेश करने से बचते हैं। वे म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम में निवेश करना सुरक्षित मानते हैं। अगर आप म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम या सीधे शेयरों में पैसे लगाते हैं तो प्रॉफिट बुक करने से पहले आपको टैक्स के नियमों को जरूर जान लेना चाहिए।

टैक्स की वजह से एसेट से रिटर्न घट जाता है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्स की वजह से किसी एसेट से रियल रिटर्न घट जाता है। यह बात म्यूचुअल फंड्स की यूनिट और शेयरों पर भी लागू होती है। इसलिए इनवेस्टर्स को म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स या शेयर बेचने से पहले मुनाफे पर लगने वाले टैक्स के नियमों को ठीक तरह से समझ लेना चाहिए। कई बार इनवेस्टर्स टैक्स के नियमों को जाने बगैर शेयर और म्यूचुअल फंड्स बेच देते हैं, जिससे उनका रियल रिटर्न घट जाता है।

सिक्योरिटी रखने के समय से तय होता है टैक्स

शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के शेयर या म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम की यूनिट्स बेचने पर मुनाफे के अमाउंट पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस (STCG) टैक्स लगता है या लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स लगता है। अगर कोई इनवेस्टर्स किसी कंपनी के शेयर को खरीदने के 12 महीने के अंदर बेच देता है तो प्रॉफिट पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगता है। अगर वह इन्हें 12 महीने के बाद बेचता है तो मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस लगता है। यह नियम म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम पर भी लागू होती है।

12 महीने से पहले बेचने पर 20 फीसदी टैक्स

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स का रेट 20 फीसदी है। इसे एक उदाहरण से आसानी से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप किसी कंपनी के शेयर को 12 महीने से पहले बेच देते हैं, जिससे आपको 1000 रुपये प्रॉफिट होता है। इस पर आपको 20 फीसदी के रेट से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। इस तरह आपको 1000 रुपये के प्रॉपिट पर 200 रुपये टैक्स देना होगा। इससे आपका रियल प्रॉफिट घटकर 800 रुपये रह जाएगा।

12 महीनों के बाद बेचने पर 12.5 फीसदी टैक्स

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स का रेट 12.5 फीसदी है। मान लीजिए आपको किसी कंपनी का शेयर बेचने पर 1000 रुपये प्रॉफिट होता है। आपने इन शेयरों को खरीदने के 2 साल बाद बेचा है। आपको 1000 रुपये के प्रॉफिट पर 12.5 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। इसका मतलब है कि आपको 1000 रुपये के प्रॉफिट पर 125 रुपये टैक्स चुकाना होगा। इससे आपका रियल रिटर्न घटकर 875 रुपये रह जाएगा। म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम की यूनिट्स को बेचने पर भी यही नियम लाग होता है।

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1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स-फ्री

एक खास बात यह समझ लेना जरूरी है कि एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस को टैक्स से छूट मिलती है। इसका मतलब है कि अगर एक वित्त वर्ष में शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम की यूनिट्स बेचने पर आपको 1.25 लाख रुपये तक प्रॉफिट होता है तो आपको कोई लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स नहीं चुकाना होगा।

TCS Hiring: टीसीएस ने 9279 नई हायरिंग की, कर्मचारियों की संख्या 5.93 लाख के पार

TCS Hiring: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की शुद्ध भर्ती की है। इसके साथ ही 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

यह पिछले एक साल से ज्यादा समय में TCS की सबसे बड़ी तिमाही भर्ती है। इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी ने 2,356 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की थी।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन के तहत कर्मचारियों की संख्या में कटौती की थी। अब ताजा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी फिर से भर्ती बढ़ा रही है।

कारोबार सुस्त, फिर भी भर्ती जारी

डॉलर के लिहाज से कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ लगभग स्थिर रही। इसके बावजूद TCS ने टैलेंट में निवेश जारी रखा। जून तिमाही के अंत तक कंपनी के पास 9.5 अरब डॉलर का ऑर्डर बुक (TCV) था। वहीं, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एट्रिशन में मामूली सुधार

आईटी सर्विसेज में पिछले 12 महीनों का एट्रिशन रेट 13.6% रहा, जो पिछली तिमाही के 13.7% से थोड़ा कम है।

तिमाही के दौरान कर्मचारियों ने 1.46 करोड़ लर्निंग आवर्स पूरे किए और 13 लाख नई स्किल्स (Competencies) हासिल कीं। कंपनी ने बताया कि अब 3.12 लाख से ज्यादा कर्मचारी AI और मशीन लर्निंग में बेहतर एफिशिएंसी हासिल कर चुके हैं।

HR प्रमुख ने क्या कहा?

TCS के चीफ HR ऑफिसर सुदीप कुन्नुमल ने कहा कि इस तिमाही में कंपनी ने दुनियाभर के कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन वृद्धि लागू की है। साथ ही भारत के नए लेबर कोड के अनुरूप सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नई स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म में लगातार निवेश कर रही है, ताकि कर्मचारी भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार रहें।

तिमाही नतीजे भी आए

TCS ने पहली तिमाही में 13,349 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। वहीं, 72,275 करोड़ रुपये का रेवेन्यू अनुमान से बेहतर रहा। कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

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Bank Holiday: 11 जुलाई को देशभर में बंद रहेंगे बैंक, फटाफट निपटा लें अपना काम; ये रही इस महीने की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays July 2026 Full List: अगर आपको इस हफ्ते या जुलाई के महीने में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। आगामी 11 जुलाई को देशभर के सभी बैंक बंद रहेंगे क्योंकि इस दिन महीने का दूसरा शनिवार है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक, भारत में सभी पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं।

चूंकि बैंकों में लगातार छुट्टियां रहने से आपके कामकाज प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले छुट्टियों की पूरी लिस्ट जरूर चेक कर लें। आइए आपको बताते हैं कि जुलाई 2026 में कब-कब बैंक बंद रहने वाले हैं।

जुलाई 2026 में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

जुलाई के महीने में दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार के अलावा कुछ क्षेत्रीय त्योहारों के कारण भी अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यहां इस महीने की मुख्य छुट्टियों की सूची दी गई है:

  • 11 जुलाई (शनिवार): दूसरा शनिवार, देशभर के सभी बैंकों में अवकाश।
  • 12 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।
  • 17 जुलाई (शुक्रवार): मुहर्रम, कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहेगी।
  • 19 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।
  • 25 जुलाई (शनिवार): चौथा शनिवार, देशभर के सभी बैंकों में अवकाश।
  • 26 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।

नोट: विभिन्न राज्यों में स्थानीय त्योहारों और संस्कृति के हिसाब से आरबीआई की छुट्टियों की लिस्ट में थोड़े बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपने स्थानीय बैंक की शाखा से भी इसकी पुष्टि कर सकते हैं।

बैंक बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही इन तारीखों पर बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों की सुविधा के लिए सभी डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के 24 घंटे चालू रहेंगी। आप घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग, UPI और बाहर में एटीएम से अपने बैंकिंग काम निपटा सकते हैं।

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Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा मई महीने में की गई थी और रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जांएगे।

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1970 में हुई थी। कंपनी के 800 से ज्यादा कर्मचारी हैं। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड कास्टिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की एक प्रमुख भारतीय कंपनी है। इसकी वैश्विक स्तर पर भी अच्छी-खासी मौजूदगी है। यह इंजीनियरिंग जरूरतों के लिए एक ही जगह पर सभी समाधान उपलब्ध कराती है, जैसे कि कास्टिंग, फोर्जिंग, फैब्रिकेशन, मशीनिंग, असेंबली और इक्विपमेंट बनाना। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का शेयर 9 जुलाई को बीएसई पर 518.75 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 425 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Simplex Castings का शेयर 2 साल में लगभग 150 प्रतिशत मजबूत

शेयर की कीमत एक साल में 33 प्रतिशत और 2 साल में 146 प्रतिशत उछली है। 3 साल में यह 980 प्रतिशत और 5 साल में लगभग 1200 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 623.50 रुपये और एडजस्टेड लो 356.60 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में Simplex Castings का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 54.76 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6.18 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 202.90 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 21.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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ये स्टॉक भी होने वाले हैं स्प्लिट

स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड और केमिकल सेक्टर की कंपनी इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टॉक भी स्प्लिट होने जा रहा है। मंगलम वर्ल्डवाइड का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

वहीं इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट रहा है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी कम्पैटिबल कलर कॉपियर टोनर के मामले में भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर होने का दावा करती है। इसने 1992 में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी। प्रोडक्ट्स में लेजर टोनर, कलर टोनर, कॉपियर/डिजिटल टोनर, वाइड फॉर्मेट कॉपियर एंड प्रिंटर टोनर शामिल हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मेलबर्न में PM मोदी ने किया भारत के GenZ का खास जिक्र, उनके बारे में इंडियन डायस्पोरा को ये अलग ही बात बता गए

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के बाद अब अपने दो दिन के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया में हैं। वहीं इस दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मैं 12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया आया हूं, यानी कि मेरी हैट्रिक हो गई है। मेरे आने और ऑस्ट्रेलिया-इंडिया के रिश्तों में सबसे बड़ी भूमिका आप लोगों की है। ये शो हाउसफुल है।

PM मोदी ने किया भारत के GenZ का खास जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों के भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के बदलते वैश्विक स्वरूप और विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प का संदेश दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने Gen Z जनरेशन का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में आज कल भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड चल रहा है, इसको हमारी Gen Z ड्राइव कर रही है और यहां ऑस्ट्रेलिया में मैंने सुना है कि आपका वीकेंड आस्था और आध्यात्म से भरा रहता है। कहीं किसी के घर भगवान सत्यनारायण की कथा, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चों द्वारा भांगडा या भरतनाट्यम की प्रस्तुति, कहीं कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा होता है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ये समझौते 

इससे पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ ऑस्ट्रेलिया से भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम के आयात का रास्ता साफ हो गया है। दोनों देशों के बीच कुल 18 समझौते किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा- ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम मिलने से भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती मिलेगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी।

पीएम ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता क्रिकेट जैसा है। हमारी मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। एजेंडे में वनडे जैसा फोकस है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से होते हैं और हमारी साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और मजबूत है।

बता दें कि, दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन (PACTS) पार्टनरशिप शुरू करने पर सहमति जताई है। इसके तहत दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल रेजिलिएंस जैसे क्षेत्रों में एकसाथ रिसर्च करेंगे।

महाराष्ट्र की उफनती नदी में बहे हजारों LPG सिलेंडर, ‘पुष्पा’ स्टाइल में जान पर खेलकर लूटने लगे लोग!

महाराष्ट्र में भारी मॉनसून बारिश के कारण एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बॉटलिंग प्लांट से हजारों LPG सिलेंडर बहकर पातालगंगा नदी में चले गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटना के वीडियो में दर्जनों लाल सिलेंडर पानी के बहाव के साथ बहते हुए दिख रहे हैं और स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

यह घटना रायगढ़ ज़िले में स्थित HPCL के पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट में हुई, जहां भारी बारिश के कारण प्लांट परिसर में पानी भर गया था। जिला अधिकारियों के अनुसार, प्लांट से लगभग 3,000 LPG सिलेंडर (जिनमें भरे हुए और खाली, दोनों तरह के सिलेंडर शामिल थे) बह गए और तेज बहाव के साथ पातालगंगा नदी में चले गए।

वायरल वीडियो में तेज बहाव वाले पानी में कई लाल सिलेंडर बहते हुए दिखाई दिए, और स्थानीय लोग उन्हें इकट्ठा करने की कोशिश में बाढ़ वाली नदी में उतरते हुए दिखे। X पर किए गए एक पोस्ट में, ज़िला कलेक्टर केशव जावले ने कहा, “भारी बारिश के कारण, HPCL पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट (चावने, पनवेल) से लगभग 3,000 LPG सिलेंडर (भरे हुए और खाली) बहकर पातालगंगा नदी में चले गए हैं।”

उन्होंने लोगों से यह भी अपील करते हुए कहा कि वे बहाव की दिशा में मिलने वाले किसी भी सिलेंडर को न छुएं और न ही इकट्ठा करें। पोस्ट में कहा गया, “अगर नागरिकों को ऐसे सिलेंडर मिलें, तो उन्हें अपने पास न रखें और न ही उनका इस्तेमाल करने की कोशिश करें। उन्हें तुरंत HPCL, सबसे नजदीकी HPCL डीलर, तहसीलदार ऑफिस (खालापुर/पेन) या सब-डिविजनल ऑफिसर (पेन) के ऑफिस में जमा कर देना चाहिए।”

ये वीडियो तेजी से वायरल हो गए और कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस घटना पर हैरानी जताई। एक यूजर ने कहा, “होरमुज़ के बंद होने की वजह से भारत में गैस की कोई कमी नहीं है। गैस तो बाढ़ में बहती नदी की तरह बह रही है।” किसी ने लिखा, “तैयारी न होने की हालत।” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “बिल्कुल ‘पुष्पा’ फिल्म जैसा सीन है, बस फ़र्क इतना है कि इसमें चंदन की लकड़ी नहीं, बल्कि LPG सिलेंडर हैं।”

एक और यूज़र ने कहा, “आप सोच भी नहीं सकते कि भारत में क्या-क्या हो सकता है।” एक व्यक्ति ने कहा, “ऐसे समय में जब कई परिवार LPG की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चिंतित हैं, हजारों सिलेंडरों को बहते हुए देखना अविश्वसनीय लगता है।” इस बीच, एक व्यक्ति ने कहा, “यह नीचे की ओर बसे गांवों के लिए सुरक्षा का बहुत बड़ा खतरा है। रिकवरी का काम बहुत मुश्किल और परेशानी भरा होगा।” एक और व्यक्ति ने कहा, “ये सिलेंडर खतरनाक हैं। लोगों को सलाह दी जानी चाहिए कि वे इन गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल न करें।”

Diljit Dosanjh: दिलजीत दोसांझ ने ग्रीन कार्ड वाले जोक की आड़ में US सिटिजनशिप के सवाल को किया इग्नोर, बोले- ‘मैं कुछ नहीं कह रहा’

Diljit Dosanjh: हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान, जब एक फैन ने दिलजीत दोसांझ को US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। यह कमेंट उस रिपोर्ट के कुछ महीनों बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि एक्टर-सिंगर 2022 से US के नागरिक हैं – एक ऐसा दावा जिसकी न तो दिलजीत ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है।

लाइव सेशन के दौरान, दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद पर बात कर रहे थे, जिसे रिलीज़ होने के 48 घंटों के भीतर ही Zee5 इंडिया से हटा दिया गया था। हालांकि, जब एक फैन ने उन्हें US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने को कहा, तो दिलजीत ने नागरिकता से जुड़ी अटकलों का सीधे जवाब देने के बजाय उस पल को मजाक में बदल दिया।

प्रशंसक के सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “मैं एक कार्ड लूंगा और उसे हरे रंग से रंग दूंगा।”उन्होंने आगे कहा, “मैं कुछ नहीं कह रहा। सब छोड़कर ये खबर बन जाएगी। ऐसा नहीं होता। दुनिया का नाटक कभी खत्म नहीं होगा। लेकिन मेरा मानना ​​है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश की यात्रा करने की अनुमति होनी चाहिए। पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। मैं ठीक हूं, लेकिन ऐसा संभव नहीं है, है ना?”

यह बात इसलिए खास थी क्योंकि यह दिलजीत की नागरिकता के स्टेटस को लेकर चल रही अटकलों के बीच कही गई थी। इस साल की शुरुआत में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया था कि दिलजीत ने 2022 में अमेरिकी नागरिकता ले ली थी और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं। एक्टर-सिंगर ने इस रिपोर्ट पर सार्वजनिक रूप से कोई बात नहीं की है।

फैन ने दिलजीत से डोनाल्ड ट्रंप से बात करने को कहा। एक और लाइव सेशन में, एक फैन ने मजाक में दिलजीत से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने और सभी को अमेरिकी नागरिकता दिलाने में मदद करने को कहा। इस सुझाव पर हंसते हुए दिलजीत ने जवाब दिया, “आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं तो बस एक आर्टिस्ट हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उनकी बेटी मुझे फोलो करती है, लेकिन मैंने कभी उनसे भी बात नहीं की है। मैं कभी किसी से कोई फेवर नहीं मांगता। अगर कुछ होना होता है, तो वह होता है। अगर नहीं होना होता, तो नहीं होता।”

दिलजीत के हल्के-फुल्के जवाब ने एक बार फिर नागरिकता की अफवाहों पर सीधे बात करने से बचा लिया, साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह नहीं चाहते थे कि यह बातचीत कोई और हेडलाइन बने। मई में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया कि दिलजीत दोसांझ 2022 में अमेरिकी नागरिक बन गए थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट 2018 में मुंबई में जारी किया गया था और वे 1 सितंबर, 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि दिलजीत की पत्नी, संदीप कौर, अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिकी नागरिकता लेने के समय, दिलजीत ने कैलिफ़ोर्निया के एक पॉश इलाके में स्थित पांच बेडरूम वाले बंगले को लिया था। अमेरिकी ग्रीन कार्ड किसी व्यक्ति को ‘कानूनी तौर पर स्थायी निवासी’ का दर्जा देता है, जिससे वे बिना किसी अस्थायी वीजा या नियोक्ता (employer) की स्पॉन्सरशिप के, अमेरिका में कहीं भी अनिश्चित काल तक रह सकते हैं, काम कर सकते हैं और पढ़ाई कर सकते हैं। पात्रता की शर्तें पूरी करने के बाद, यह अमेरिकी नागरिकता पाने का एक जरिया भी बन सकता है।

हालांकि, जो व्यक्ति पहले से ही अमेरिकी नागरिक है, उसे ग्रीन कार्ड की जरूरत नहीं होती। इसी वजह से, चल रही अटकलों के बीच फैन का सुझाव और दिलजीत का मजाकिया जवाब चर्चा का विषय बन गया। दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ के बारे में बात करने के लिए लाइव आए थे।

OTT पर रिलीज होने से पहले, सेंसर की आपत्तियों के कारण यह फिल्म अटकी हुई थी। दिलजीत ने लोगों से यह फिल्म देखने की अपील की और इसे पंजाब और भारत के इतिहास की एक अहम कहानी बताया। ‘सतलुज’ जसवंत सिंह खालरा की कहानी है। उन्होंने उस दौर में अमृतसर और उसके आस-पास हजारों शवों के कथित तौर पर गैर-कानूनी ढंग से अंतिम संस्कार किए जाने का दस्तावेजीकरण किया था, जब पंजाब में उग्रवाद चरम पर था। बाद में खालरा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई।

Zee5 से फ़िल्म को अचानक हटाए जाने के बाद सेंसरशिप, इतिहास और इस बात पर बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या मानवाधिकारों से जुड़े दस्तावेज़ी मुद्दों पर आधारित कहानियों को भारतीय दर्शकों तक पहुंचने दिया जा रहा है।

₹5 लाख करोड़ की बारिश, Sensex में लौटी तेजी, Nifty उछलकर 24135 पर बंद

Sensex-Nifty closes green: एक कारोबारी दिन पहले ढहते मार्केट में जब सेंसेक्स और निफ्टी 2% से अधिक टूटे थे तो विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे कारोबारी दिन ताबड़तोड़ खरीदारी की थी। आज इसका मार्केट पर पॉजिटिव असर दिखा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 800 प्वाइंट्स से अधिक उछल गया तो निफ्टी भी 24100 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी आई।

इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹5 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 238.22 प्वाइंट्स यानी 0.31% की बढ़त के साथ 76,741.82 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.75 प्वाइंट्स यानी 0.34% की मजबूती के साथ 23,962.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 823.05 प्वाइंट्स उछलकर 77,326.65 और निफ्टी 252.65 प्वाइंट्स चढ़कर 24,134.70 तक आ गया था।

₹5.67 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,67,521.74 करोड़ था। आज यानी 09 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,76,34,922.98 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹5,67,401.242 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 20 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज सन फार्मा, बजाज फिनसर्व और भारती एयरटेल में आई। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज मारुति, इंफोसिस और एनटीपीसी में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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111 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4416 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2915 शेयर आज मजबूत हुए तो 1323 में गिरावट रही जबकि 178 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 111 शेयर एक साल के हाई और 79 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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आज इन वजहों से मार्केट में छाई रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सोने के भाव में आया बड़ा ट्विस्ट! अमेरिका-ईरान तनाव और फेड रेट के फेर में फंसा गोल्ड, आगे की चाल पर एक्सपर्ट्स ने ये कहा

Gold Prices Outlook: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एक तरफ जहां वैश्विक अनिश्चितता के समय सोने को हमेशा ‘सुरक्षित निवेश’ माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका ने इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

टाटा म्यूचुअल फंड और Augmont के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का एक शानदार मौका साबित हो सकती है। आइए समझते हैं कि सोने की कीमतों में गिरावट की असली वजह क्या है और आगे इसकी चाल कैसी रहेगी।

क्यों दबाव में हैं सोने की कीमतें? समझें बड़ी वजहें

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए शांति समझौते (MOU) को ‘खत्म’ घोषित कर दिया, जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया। इसके बाद ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया। इन घटनाक्रमों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 5% से ज्यादा उछल गईं, जिससे ग्लोबल लेवल पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

ब्याज दरों का सोने पर सीधा असर

जब महंगाई बढ़ती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने या उन्हें और बढ़ाने की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड्स जैसे ब्याज देने वाले एसेट्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि डॉलर की मजबूती और हाई बॉन्ड यील्ड के कारण सोने की कीमतें फिलहाल दबाव में हैं।

US Fed का अगला कदम रहेगा सबसे बड़ा ट्रिगर

ऑगमोंट की रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी के मुताबिक, अमेरिकी फेड की मीटिंग के मिनट्स से साफ है कि समिति के सदस्य आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर बंटे हुए हैं। हालांकि फिलहाल दरों को स्थिर रखने पर सहमति है, लेकिन कुछ सदस्य दरें बढ़ाने के पक्ष में हैं।

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार अब सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की 68% संभावना और जनवरी 2027 तक बढ़ोतरी की 87% संभावना मानकर चल रहा है। इन उम्मीदों से डॉलर मजबूत हो रहा है, जो शॉर्ट-टर्म में सोने के लिए नकारात्मक है।

क्या हैं सोने के नए टार्गेट?

डॉ. रेनिशा चैनानी के अनुसार, सोने ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना $4,080 का टार्गेट हासिल कर लिया है। अब आगे की चाल मिडिल ईस्ट के हालातों पर निर्भर करेगी:

तेजी का परिदृश्य: अगर सोना $4,090, भारतीय बाजार में लगभग ₹144000 के ऊपर टिका रहता है, तो यह $4,160 यानी ₹147000 की तरफ बढ़ सकता है।

मंदी का परिदृश्य: अगर कीमतें फिसलकर $4,040 (₹1,43,000) के नीचे आती हैं, तो गिरावट बढ़कर $3,950 (₹1,41,000) के स्तर तक जा सकती है।

भारतीय निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

भारतीय निवेशकों के लिए एक राहत की बात यह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी घरेलू बाजार में सोने की गिरावट को रोकने में मदद करेगी। रुपया कमजोर होने से आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिससे स्थानीय कीमतों को सपोर्ट मिलता है।

टाटा म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहे, लेकिन लंबी अवधि के लिए सोने का आउटलुक बेहद पॉजिटिव है। फंड हाउस ने सलाह दी है कि ‘निवेशकों को हर गिरावट पर सोना खरीदना चाहिए।’ शॉर्ट-टर्म के उतार-चढ़ाव से पैनिक होने के बजाय, इस करेक्शन को धीरे-धीरे अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने के मौके के रूप में देखना चाहिए।

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