Gold Silver Prices Today: गोल्ड 4000 डॉलर से नीचे फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड और सिल्वर में बड़ी गिरावट दिखी। सोना 4000 डॉलर से नीचे फिसल गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट दिखी। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। इसकी वजह क्रूड में उछाल से दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का डर है। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

भारत में भी गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 1.74 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। चांदी 3.20 फीसदी गिरकर 55.91 डॉलर प्रति औंस चल रही थी। इधर, भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स 1.78 फीसदी यानी 3,888 रुपये गिरकर 2,16,836 रुपये प्रति किलोग्राम ग्राम था। गोल्ड फ्यूचर्स 0.80 फीसदी यानी 1139 रुपये गिरकर 1,40,691 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव की वजह मध्यपूर्व में जारी लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से फिर से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई का खतरा बढ़ा है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

आगे महंगाई में आ सकता है उछाल

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “जून के महंगाई के डेटा में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई भड़कने का असर शामिल नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने दोनों पक्षों में डील हुई थी जो अब टूट गई है।” अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख काफी आक्रामक कर दिया है। 15 जुलाई को उसने ईरान में मिसाइल ठिकानों के साथ ही तटवर्ती डिफेंस सिस्टम्स पर हमले किए।

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इस हफ्ते क्रूड में 11 फीसदी तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर से भड़कने से क्रूड में तेजी आई है। इस हफ्ते क्रूड 11 फीसदी चढ़ा है। इससे इनफ्लेशन को लेकर चिंता बढ़ी है। आशंका है कि दुनियाभर में लोगों को लंबे समय तक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे इंटरेस्ट रेट में इजाफा देखने को मिलेगा। गोल्ड का दशकों से इनफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग का जरिया माना जाता है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर इसका अट्रैक्शन घट जाता है।

Son kills Father: 150 करोड़ की संपत्ति के लिए कलयुगी बेटे ने पिता को गोलियों से भूना, नशे में धुत होकर किया हमला

Son kills father in Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को उजाड़ दिया। यहां 32 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना बुधवार 15 जुलाई की देर रात हुई, जब शराब के नशे में घर पहुंचे आरोपी की अपने पिता से जमीन और संपत्ति को लेकर कहासुनी हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है।

वह मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुढ़ाना गांव के निवासी थे। चौधरी इलाके के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। घटना के बाद आरोपी बेटा निखिल हथियार लेकर मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं।

150 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे हरिओम चौधरी

पुलिस के मुताबिक, मृतक 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के पास मोदीनगर में 75 बीघा जमीन थी। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ रोड पर उनका एक मार्केट भी है। उनकी कुल संपत्ति की कीमत करीब 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। परिवार में उनकी पत्नी अनीता और छोटा बेटा नीशू हैं। हरिओम चौधरी ने बुधवार रात अपनी पत्नी अनीता और छोटे बेटे नीशू के साथ शांति से खाना खाया था।

देर रात उनका बड़ा बेटा निखिल शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा। पिता हरिओम ने जब निखिल को उसकी शराब पीने की लत को लेकर टोका, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। NDTV के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ गई कि निखिल ने अपनी पिस्तौल निकाली और पिता पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

पहली गोली सीधे हरिओम के चेहरे पर लगी, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। पिता के गिरने के बाद भी आरोपी नहीं रुका। उसने उनके चेहरे, सीने और पेट पर एक के बाद एक कई गोलियां दाग दीं। मृतक के शरीर पर 4 से 6 गोलियों के निशान मिले हैं। वारदात को अंजाम देकर आरोपी निखिल हथियार समेत मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।

पहले ही दे चुके थे 25 बीघा जमीन और दुकानें

एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि निखिल शराब का आदी था। इसी बात को लेकर उसके पिता अक्सर उसे डांटते थे। हरिओम चौधरी पहले ही निखिल के नाम 25 बीघा जमीन और मार्केट में कुछ दुकानें कर चुके थे। लेकिन निखिल बाकी बची जमीन भी अपने नाम करवाना चाहता था।

पिता ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह शराब और अन्य गलत आदतों में पूरी संपत्ति बर्बाद कर देगा। पुलिस की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी निखिल का हिंसक व्यवहार नया नहीं था। वह अक्सर शराब के नशे में परिवार के साथ मारपीट और झगड़ा करता था।

शराब के नशे में घर पहुंचा, फिर बरसाईं गोलियां

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात हरिओम चौधरी ने पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था। देर रात निखिल शराब के नशे में घर पहुंचा। पिता ने जब उसे शराब पीने को लेकर टोका तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान निखिल ने पिस्तौल निकालकर अपने पिता पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पहली गोली हरिओम चौधरी के चेहरे पर लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ने उनके चेहरे, सीने और पेट पर कई गोलियां दाग दीं। पुलिस के मुताबिक, मृतक के शरीर पर 4 से 6 गोलियों के निशान मिले हैं।

2018 में छोटे भाई पर भी चला चुका है गोली

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि निखिल का शराब को लेकर परिवार से अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, साल 2018 में भी उसने अपने छोटे भाई नीशू पर विवाद के दौरान गोली चला दी थी। पुलिस अब उस मामले की भी दोबारा जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

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घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। आरोपी निखिल की धरपकड़ के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें गठित की गई हैं।

RRB NTPC CBT-2 2026: एनटीपीसी सीबीटी 2 की आंसर की पर 22 जुलाई तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका, 5,810 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंची

RRB NTPC CBT-2 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) स्नातक स्तर की सीबीटी परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवारों का इंतजार खत्म करते हुए आंसर की जारी कर दी है। बोर्ड ने परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए प्रोविजनल आंसर की के साथ ही प्रश्न पत्र और उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट भी जारी कर दी है। उम्मीदवार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर कुंजी देख सकते हैं और उसे डाउनलोड कर सकते हैं। उत्तर कुंजी जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर परिणाम आने से पहले अपने प्रदर्शन का अंदाजा लगा सकते हैं।

उत्तर कुंजी के किसी प्रश्न पर अगर उन्हें आपत्ति है, तो वे अपने लॉगइन से उस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड ने ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने के लिए 22 जुलाई 2026 रात 11.55 बजे तक का समय निर्धारित किया है। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर प्रश्न पत्र, रिस्पॉन्स शीट और उत्तर कुंजी देख सकते हैं। अस्थायी उत्तर कुंजी जारी होने के साथ ही 5810 पदों पर भर्ती की यह प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण के करीब पहुंच गई है।

5,810 पदों पर हो रही है भर्ती

यह भर्ती CEN 06/2025 के तहत आयोजित की जा रही है। आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल सीबीटी-2 परीक्षा का आयोजन 10 जुलाई 2026 को किया गया था। इस परीक्षा में देशभर से 87,337 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसके माध्यम से देशभर के विभिन्न रेलवे जोन में ग्रेजुएट लेवल के कुल 5,810 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों पर चयन के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड चरणबद्ध परीक्षा आयोजित कर रहा है।

इन पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के जरिए रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें स्टेशन मास्टर/गुड्स ट्रेन मैनेजर/ट्रैफिक असिस्टेंट/चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर (CCTS)/जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट (JAA)/सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट जैसे पद शामिल हैं।

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Q1 Results: घाटे से ₹86 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables ने जून तिमाही (Q1FY27) में शानदार वापसी की है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत

जून तिमाही में बोरोसिल रिन्यूएबल्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 17.1% बढ़कर ₹405.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹346.6 करोड़ था। वहीं, EBITDA बढ़कर ₹127.2 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹63.1 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.2% से बढ़कर 31.3% हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई और लागत नियंत्रण दोनों में सुधार हुआ है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने कहा है कि FY28 तक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 60% बढ़ाने का लक्ष्य है।

उनके मुताबिक, नई क्षमता इस साल शुरू होने की उम्मीद है। FY27 में करीब 8% वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद है।

बोरोसिल का मुनाफा कैसे बढ़ा?

हाल में सरकार ने चीन और वियतनाम से आने वाले सस्ते सोलर ग्लास पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है।

इससे Borosil Renewables जैसी घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से मुकाबले में राहत मिली है। साथ ही, बेहतर प्राइसिंग और मार्जिन का भी फायदा मिला है।

बोरोसिल के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले 16 जुलाई को Borosil Renewables का शेयर 0.44% गिरकर ₹617.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 14.29% का रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 8.59 हजार करोड़ रुपये है।

बोरोसिल का बिजनेस क्या है

Borosil Renewables भारत की प्रमुख सोलर ग्लास निर्माता कंपनी है। कंपनी सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाला लो-आयरन टेक्सचर्ड ग्लास बनाती है। इसके उत्पाद सोलर मॉड्यूल निर्माताओं को सप्लाई किए जाते हैं। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला हुआ है।

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हैवी रेन वॉर्निंग 17 जुलाई: यूपी-बिहार से बंगाल तक IMD ने इन 16+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, अंधड़ का भी खतरा

India Weather Update: मानसून की सक्रियता के चलते देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 जुलाई के लिए देश के 16 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे वेदर सिस्टम के कारण कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ ही तेज आंधी-बवंडर चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित देश के कई इलाकों में 17 जुलाई का मौसम काफी बिगड़ने वाला है। आइए जानते हैं 17 जुलाई को आपके राज्य में मौसम कैसा रहेगा।

भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने 17 जुलाई के लिए पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश का कहर देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना है। असम और मेघालय में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। इसके चलते कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी है। पर्वतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इससे भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 17 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। इसके दायरे में उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्य शामिल हैं। पूर्वी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। बिहार और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर चलेगा। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 17 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। इससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। मध्य भारत में मानसून सक्रिय है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी कल भारी वर्षा का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 kmph) का डबल अटैक

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की है। गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाएं आफत बढ़ा सकती हैं। बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में कल केवल गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में काफी तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

कहीं उमस भरी गर्मी तो कहीं लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा बारिश से भीगेगा, वहीं कुछ राज्यों में उमस और गर्मी का टॉर्चर जारी रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 17 जुलाई को लू चलने की गंभीर स्थिति बन सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में 17 जुलाई को मौसम बेहद गर्म और अत्यधिक उमस भरा रहेगा।

समुद्र में जाने पर पाबंदी: मछुआरों के लिए हाई अलर्ट

समुद्र में उठने वाले बवंडर और तेज हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की हिदायत दी है। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, उससे सटे उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45-55 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी/घंटा तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं। दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

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ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ उत्तरी बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं। इससे समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और मौसम बेहद खराब रहेगा।

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंचा

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा ने 16 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,141 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ था। कंपनी का प्रॉफिट सीएनबीसी-टीवी18 के अनुमान से कम है। सीएनबीसी-टीवी18 ने प्रॉफिट 1,684 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था।

जून तिमाही में सभी वर्टिकल्स में ग्रोथ

जून तिमाही में नई डील की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1 अरब डॉलर रही, जो साल दर साल आधार पर 33 फीसदी ज्यादा है। कंपनी के सीईओ मोहित जोशी ने कहा, “साल दर साल आधार पर 6.1 फीसदी ग्रोथ के साथ लगातार तीन तिमाहियों में 1 अरब डॉलर की नई डील से हमारे बिजनेस की मजबूती का पता चलता है। क्लाइंट्स से लगातार गहरे होते रिश्ते भी उत्साहजनक है। 5 करोड़ डॉलर से ज्यादा के क्लाइंट्स बेस में 7 फीसदी इजाफा हुआ। साल दर साल आधार पर सभी वर्टिकल्स ने ग्रोथ दिखाई। “

पहली तिमाही में रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़ार्र

Tech Mahindra का रेवेन्यू जून तिमाही में 18 फीसदी बढ़कर 15,712 करोड़ रुपये रहा। एनालिस्ट्स ने रेवेन्यू 15,476 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। कंपनी का EBIT मार्जिन 14.4 फीसदी रहा। यह साल दर साल आधार पर 330 बेसिस प्वाइंट्स और तिमाही दर तिमाही आधार पर 60 बेसिस प्वाइंट्स ज्यादा है।

कम्युनिकेशंस डिवीजन का रेवेन्यू 1.3 फीसदी बढ़ा

टेक महिंद्रा के सीएफओ रोहित आनंद ने कहा, “जून तिमाही में अच्छी ग्रोथ, मार्जिन में इजाफा और अनुशासित पूंजी प्रबंधन के साथ हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा। हम फ्यूचर रेडी ऑर्गेनाइजेशन बनने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।” जून तिमाही में कंपनी के कम्युनिकेशंस डिवीजन का रेवेन्यू 1.3 फीसदी बढ़ा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस डिवीजन की हिस्सेदारी एक-तिहाई है।

नई ऑर्डर बुकिंग्स 1 अरब डॉलर के पार

टेक महिंद्रा के मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 17.2 फीसदी बढ़ा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इसकी दूसरी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। कंपनी की नई ऑर्डर बुकिंग एक साल पहले के 80.9 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.08 अरब डॉलर हो गई। कंपनी ने जून तिमाही में Telefonica Germany, Microsoft और रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म Viam के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया।

कंपनी के शेयरों पर 17 जुलाई को दिखेगा असर

टेक महिंद्रा का शेयर 16 जुलाई को 1.13 फीसदी चढ़कर 1,515.60 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर 17 जुलाई को दिखेगा। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 5.74 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 23 फीसदी गिरा है।

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन सस्ते ब्याज पर चाहिए? अप्लाई करने से पहले इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेना आज पहले से काफी आसान हो गया है। कई बैंक और NBFC कुछ ही मिनटों में लोन मंजूर करने का दावा करते हैं। लेकिन जल्दी में लिया गया पर्सनल लोन आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।

पर्सनल लोन पर ब्याज दरें होम लोन या कार लोन से ज्यादा होती हैं। ऐसे में अगर थोड़ी-सी सावधानी बरती जाए, तो हजारों रुपये बचाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं पर्सनल लोन लेने से पहले किन 5 बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. सबसे पहले अपना CIBIL स्कोर सुधारें

अगर आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक आपको कम ब्याज पर लोन देने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं, कम स्कोर होने पर ब्याज दर बढ़ सकती है या लोन भी रिजेक्ट हो सकता है।

मान लीजिए दो लोगों ने 5 साल के लिए ₹5 लाख का पर्सनल लोन लिया। एक को 11% और दूसरे को 15% ब्याज मिला। यानी सिर्फ 4% ज्यादा ब्याज की वजह से आपको करीब ₹62,000 अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है।

ब्याज दरअनुमानित EMIकुल ब्याज
11%करीब ₹10,870करीब ₹1.52 लाख
15%करीब ₹11,895करीब ₹2.14 लाख

2. पहले कई बैंकों का ऑफर तुलना करें

जिस बैंक का पहला ऑफर मिले, उसी पर हामी मत भरिए। कम से कम 3-4 बैंक और NBFC की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और बाकी शर्तों की तुलना करें।

कई बार आपका सैलरी बैंक भी सबसे सस्ता लोन नहीं देता। ऑनलाइन तुलना करने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन इससे अच्छी बचत हो सकती है।

3. जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें

बैंक अगर ₹10 लाख का लोन देने को तैयार है, तो जरूरी नहीं कि आप पूरा पैसा लें।

अगर आपकी जरूरत ₹6 लाख की है, तो उतना ही लोन लें। ज्यादा रकम का मतलब ज्यादा EMI और ज्यादा ब्याज। इससे आप पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है।

4. सिर्फ ब्याज नहीं, बाकी चार्ज भी देखें

कई लोग सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला कर लेते हैं। लेकिन प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज, लेट पेमेंट पेनाल्टी और दूसरी फीस भी आपकी जेब पर असर डालती हैं।

लोन लेने से पहले पूछ लें कि कुल कितना खर्च आएगा। तभी आपको लोन की असली कीमत पता चलेगी।

5. EMI अपनी कमाई के हिसाब से रखें

ऐसी EMI चुनें जिसे आप हर महीने आराम से भर सकें। कोशिश करें कि सभी EMI मिलाकर आपकी मंथली इनकम के 35% से 40% से ज्यादा न हों।

अगर EMI बहुत ज्यादा होगी, तो भविष्य में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है। इससे आपका CIBIL स्कोर भी खराब हो सकता है।

पर्सनल लोन के लिए सबसे जरूरी बात

पर्सनल लोन बिना गारंटी मिलता है। इसलिए इसकी ब्याज दर भी ज्यादा होती है। अगर आप अच्छा CIBIL स्कोर बनाए रखें, अलग-अलग बैंकों के ऑफर की तुलना करें और जरूरत के हिसाब से ही लोन लें, तो कम ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। लोन लेने में जल्दबाजी नहीं, सही तुलना करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

‘हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये…’, मरीज ने शेयर किया मुंबई के अस्पताल का बिल, लोगों के उड़े होश

अस्पताल में चार दिन रहना…, एक आम सर्जरी… और 11 लाख रुपये से ज्यादा का बिल। मुंबई के एक अस्पताल में हर्निया की सर्जरी के लिए एक मरीज द्वारा 11.04 लाख रुपये चुकाने का दावा करने वाली एक वायरल पोस्ट ने बहस छेड़ दी है। इस दावे ने भारत के मेट्रो शहरों में हेल्थकेयर की बढ़ती लागत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह चर्चा तब शुरू हुई जब X यूजर निखिल झा ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि उनके एक फॉलोअर की मुंबई के एक नामी अस्पताल में इंग्वाइनल हर्निया की सर्जरी हुई थी। पोस्ट के अनुसार, मरीज से इलाज के लिए 11.04 लाख रुपये लिए गए।

जानकारी शेयर करते हुए पोस्ट में लिखा था, “कल एक फॉलोअर ने हमें मुंबई के एक बड़े अस्पताल में अपनी हर्निया सर्जरी के बारे में मैसेज किया। कुल खर्च 11.04 लाख रुपये था। हां, हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये।” आगे अपनी बात रखते हुए झा ने लिखा, “हम इतनी बड़ी रकम देखकर हैरान और स्तब्ध रह गए। अगर छोटी सी हर्निया सर्जरी का खर्च इतना है, तो बड़ी सर्जरी का खर्च क्या होगा? तो क्या मुंबई में अस्पताल में भर्ती होना कोई अपराध बनता जा रहा है? क्या शहर में अच्छी हेल्थकेयर ऐसी लग्जरी बन गई है, जिसे सिर्फ बहुत अमीर लोग ही उठा सकते हैं?”

पोस्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया गया, जो इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट का मैसेज लग रहा था। इमेज के अनुसार, कुल मेडिकल खर्च 11,04,100 रुपये था, जबकि सेटल किया गया इंश्योरेंस क्लेम अमाउंट 4,64,000 रुपये था। डॉक्यूमेंट से पता चला कि मरीज को इंग्वाइनल हर्निया से जुड़े इलाज के लिए 6 जुलाई से 10 जुलाई, 2026 तक अस्पताल में भर्ती किया गया था।

हालांकि, पोस्ट में इलाज के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी, जैसे कि कौन सी सर्जरी हुई, कमरे की कैटेगरी, डॉक्टर की फीस, अतिरिक्त प्रक्रियाएं या क्या मरीज़ को अतिरिक्त मेडिकल देखभाल की जरूरत थी। इसके बावजूद, पोस्ट ने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और यूजर्स ने प्राइवेट अस्पतालों के खर्च और मेडिकल इलाज के खर्च को उठाने की क्षमता पर अपनी राय दी। जहां कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि हर्निया की सर्जरी का बिल इतना ज्यादा कैसे हो सकता है, वहीं दूसरों ने कहा कि मामले को ठीक से समझने के लिए और जानकारी की जरूरत है।

एक डॉक्टर ने पोस्ट पर कमेंट किया, “हर्निया की सर्जरी के लिए 11 लाख रुपये बहुत ज़्यादा हैं। क्या इसमें हेलीकॉप्टर से पिक-अप और ड्रॉप भी शामिल था?” एक यूजर ने हेल्थकेयर के खर्च को उठाने की क्षमता के बारे में चिंता जताई और लिखा, “हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये? यह भारत के मेट्रो शहरों में हेल्थकेयर के खर्च को उठाने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 11 लाख रुपये से ज़्यादा की आम हर्निया सर्जरी कई मध्यम-वर्गीय परिवारों की पहुंच से बाहर है। इंश्योरेंस होने पर भी, अगर क्लेम सीमित हैं या रिजेक्ट हो जाते हैं, तो ऐसे खर्च आर्थिक तनाव पैदा कर सकते हैं। अस्पताल की कीमतों, इंश्योरेंस सेटलमेंट और मेडिकल बिलिंग में ज़्यादा पारदर्शिता होनी चाहिए। अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर सिर्फ अमीरों के लिए ही नहीं होनी चाहिए।”

एक और यूजर ने शहरों के बीच इलाज के खर्च की तुलना की और लिखा, “सूरत में हर्निया की सर्जरी का खर्च 1.5 लाख रुपये है, जबकि मुंबई के एक बड़े अस्पताल में उसी प्रक्रिया का खर्च 11.04 लाख रुपये है। कीमत में इतना बड़ा अंतर होने के बावजूद, पॉलिसीहोल्डर एक जैसा प्रीमियम देते हैं। यह दिखाता है कि कैसे बड़े मेट्रो अस्पतालों में इलाज का बढ़ता खर्च सालाना हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को बढ़ाने में योगदान दे सकता है।”

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि सिर्फ अस्पताल का बिल पूरी मेडिकल स्थिति को नहीं समझा सकता। यूजर ने लिखा, “यह मैसेज यह नहीं बताता कि कौन सी प्रक्रिया की गई थी। यह समझने के लिए कि क्या मरीज को कोई कॉम्प्लिकेशन हुआ था और क्या उसे ICU में रहना पड़ा था, हमें ऑपरेशन नोट्स और डिस्चार्ज समरी देखने की जरूरत है।”

RBI Grade B Phase 2 Admit Card 2026: 25 और 26 जुलाई की परीक्षा के लिए आरबीआई ने जारी किया एडमिट कार्ड, डाउनलोड करने के लिए यहां बताए जा रहे हैं स्टेप्स

RBI Grade B Phase 2 Admit Card 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आरबीआई ग्रेड B फेज 2 एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। पहले फेज की परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवार फेज 2 की परीक्षा देंगे। केंद्रीय बैंक ने इन उम्मीदवारों का हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर जारी कर दिया है। उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर के साथ अपने पासवर्ड या जन्म तिथि का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा।

आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 परीक्षा 25 और 26 जुलाई, 2026 को होनी है। एडमिट कार्ड में कैंडिडेट का नाम, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट का समय, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग का समय और परीक्षा के दिन के निर्देश जैसी जरूरी जानकारी होगी। केंद्रीय बैंक ने साफ़ किया है कि एडमिट कार्ड सिर्फ ऑनलाइन मिलेंगे। कोई प्रिंटेड कॉपी पोस्ट से नहीं भेजी जाएगी, इसलिए कैंडिडेट को परीक्षा से पहले अपना हॉल टिकट डाउनलोड और प्रिंट करना होगा।

बता दें, परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड एक जरूरी दस्तावेज होता है। उम्मीदवारों के लिए इस अपने साथ परीक्षा केंद्र ले जाना जरूरी होता है। इसके बिना उन्हें परीक्षा में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए सभी परीक्षार्थियों को समय से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर लेना चाहिए। आखिरी समय में डाउनलोड करने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें

कैंडिडेट इन स्टेप्स को फ़ॉलो कर सकते हैं:

  • आरबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट rbi.org.in पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘Opportunities@RBI’ सेक्शन पर क्लिक करें।
  • ‘Current Vacancies’ टैब खोलें।
  • ‘Call Letters’ पर क्लिक करें।
  • ‘Officers in Grade B (DR) – Phase II – PY 2026’ के लिए लिंक चुनें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड या जन्म तिथि डालें।
  • अपना एडमिट कार्ड देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • इसे डाउनलोड करें और भविष्य में इस्तेमाल के लिए प्रिंटआउट ले लें।

साथ ले जाने वाले डॉक्यूमेंट्स

परीक्षा के दिन, कैंडिडेट्स को आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी के साथ एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस ले जाना होगा। परीक्षार्थियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग टाइम से 30 से 60 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। उन्हें हॉल टिकट पर प्रिंटेड सभी डिटेल्स को ध्यान से देखना चाहिए और आखिरी समय में किसी भी परेशानी से बचने के लिए आरबीआईI द्वारा जारी किए गए एग्जाम-डे इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो करना चाहिए।

Railway NFR Apprentice Recruitment 2026: रेलवे ने शुरू की 6777 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती, 10वीं पास और आईटीआई वाले भी कर सकते हैं आवेदन

Jagannath Rath Yatra: पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसे हालात, 200 श्रद्धालु अस्पताल पहुंचे, एक की मौत की भी खबर

Jagannath Rath Yatra in Puri: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान गुरुवार (16 जुलाई) को भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में करीब 200 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए पुरी मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भारी भीड़ की वजह से करीब 200 श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत हुई। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अब उनका इलाज पुरी मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।

Odisha TV की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बड़ा डंडा’ पर रथ खिंचते हुए देखने का इंतजार कर रहे एक श्रद्धालु की दम घुटने से मौत हो गई। जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रथ खींचने के दौरान बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। भीड़ के दबाव और उमस के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु अस्वस्थ हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह घटना ‘पहांडी’ रस्म के दौरान बाहरी सुरक्षा घेरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई। भारी भीड़ के कारण अफरातफरी मच गई, जिसमें 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और स्थिति को संभालने के लिए बचाव दलों को तैनात किया गया।

एक श्रद्धालु की मौत होने की भी खबर

सूत्रों ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत होने की भी खबर है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एंबुलेंस की मदद से प्रभावित श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी रथ खींचने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिसके चलते भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ जैसी स्थिति किन कारणों से पैदा हुई।

‘पहंडी’ अनुष्ठान संपन्न

ओडिशा के पुरी में नौ दिनों तक चलने वाली वार्षिक रथ यात्रा की शुरुआत लागातार बारिश और लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ‘पहंडी’ की रस्म के साथ हुई। ‘पहंडी’ की रस्म में महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा के विग्रहों को 12वीं सदी के पुरी मंदिर से रथों तक ले जाया जाता है।

घंटियों, शंख और झांझ की ध्वनि के बीच, चक्रराज सुदर्शन को सबसे पहले मुख्य मंदिर से बाहर लाया गया और देवी सुभद्रा के ‘दर्पदलन’ रथ पर विराजमान किया गया। पंडित सूर्यनारायण रथशर्मा ने बताया कि श्री सुदर्शन भगवान विष्णु का अस्त्र है, जिनकी पूजा पुरी में भगवान जगन्नाथ के रूप में की जाती है।

उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई भगवान बलभद्र के विग्रह को भी उनके ‘तालध्वज’ रथ पर स्थापित किया गया। सेवादारों द्वारा ‘शून्य पहंडी’ (रथ तक ले जाते समय देवी सुभद्रा के विग्रह का मुख आकाश की ओर होता है) शैली में भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र की बहन देवी सुभद्रा के विग्रह को उनके रथ तक ले लाया गया।

अंत में महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के विग्रह को मंदिर से बाहर लाया गया, तो ‘बड़ा डंडा’ (रथमार्ग) पर भक्तों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। उन्होंने अपने हाथ उठाकर और ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष कर महाप्रभु के रथ पर विराजमान होने का जश्न मनाया। ओडिसी नर्तकों, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने ‘कालिया ठाकुर’ के सामने प्रस्तुति दी।

‘पहंडी’ अनुष्ठान में तीनों देव विग्रहों को एक औपचारिक जुलूस के साथ उनके संबंधित रथों तक लाया जाता है। ये रथ मंदिर के ‘सिंह द्वार’ के सामने खड़े किए जाते हैं, ताकि उन्हें श्री गुंडिचा मंदिर ले जाया जा सके। इस 12वीं सदी के मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर स्थित श्री गुंडिचा मंदिर को इन देवी-देवताओं का जन्मस्थान माना जाता है।

बारिश के बीच भारी भीड़

पुरी में हो रही भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। वे ‘बड़ा डंडा’ पर नृत्य करते और रथ यात्रा का जश्न मनाते हुए देखे गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी के अनुसार, पुरी में पिछले 48 घंटों में 233 मिमी बारिश हुई है। समुद्र के किनारे बसे इस शहर में दिन के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तैयारियों का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा पर ज़ोर दिया। बारिश की वजह से जल-जमाव एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा, इसलिए उन्होंने पुरी जिला प्रशासन, नगरपालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और पानी निकालने के लिए तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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