Kamika Ekadashi 2026 Date: द्विपुष्कर योग में मनाई जाएगी सावन की पहली एकादशी, जानें तारीख, विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय

Kamika Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग माना जाता है। हिंदू कैलेंडर हर माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। कामिका एकादशी व्रत भी इनमें से एक है। कामिका एकादशी का व्रत सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल कामिका एकादशी व्रत में द्विपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। माना जाता है कि इस योग में श्रद्धापूर्वक श्रीहरि की पूजा करने से दोगुने पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन, चातुर्मास का पहला महीना होने के कारण इसमें भगवान विष्णु की आराधना और तुलसी दल अर्पित करने का विशेष फल प्राप्त होता है।

कामिका एकादशी 2026 तारीख

सावन कृष्ण पक्ष एकादशी की तारीख 8 अगस्त 2026, दोपहर 01:59 बजे से लग रही है। इस तिथि का समापन 9 अगस्त 2026, सुबह 11:04 बजे। उदयातिथि के आधार पर कामिका एकादशी का व्रत रविवार, 9 अगस्त 2026 को किया जाएगा।

कामिका एकादशी 2026 मुहूर्त

कामिका एकादशी के दिन पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 07:27 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल 04:22 बजे से लेकर प्रात:काल 05:04 बजे तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक है। उस दिन शुभ-उत्तम मुहूर्त दोपहर 02:06 बजे से लेकर दोपहर 03:46 बजे तक है।

द्विपुष्कर योग में कामिका एकादशी व्रत

इस साल कामिका एकादशी के दिन द्विपुष्कर योग दिन में 11 बजकर 04 मिनट पर बनेगा और यह दोपहर में 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। द्विपुष्कर योग में आप जो भी दान, पुण्य, पूजा, पाठ आदि कर्म करते हैं, उसका दोगुना फल प्राप्त होता है।

इसके अलावा उस दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर 10 अगस्त को मध्यरात्रि 2:04 बजे तक रहेगा, उसके बाद वज्र योग होगा। व्रत के दिन मृगशिरा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से आर्द्रा नक्षत्र है।

कामिका एकादशी व्रत पारण समय

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है।

पारण की तारीख : सोमवार, 10 अगस्त 2026

पारण का शुभ समय : सुबह 05:47 बजे से सुबह 08:00 बजे तक

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Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में हर मूलांक के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आ सकता है। कुछ लोगों को धन लाभ मिलने के संकेत हैं, जबकि कुछ को खर्चों और निवेश के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक होने वाले खर्च आपकी वित्तीय योजना को प्रभावित कर सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोग किसी बड़े सौदे में जल्दबाजी न करें। दिन के दूसरे हिस्से में रुका हुआ पैसा मिलने या पुराना कर्ज खत्म होने की संभावना बन सकती है। फिलहाल नया निवेश या कर्ज लेने से बचें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ माना जा रहा है। पहले किए गए निवेश या मेहनत का लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, बोनस या अच्छी खबर मिल सकती है। घर में किसी बड़ी खरीदारी की योजना बन सकती है। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में फायदा देगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आय और खर्च दोनों बने रहेंगे। जहां एक तरफ धन मिलने के योग हैं, वहीं अनावश्यक खर्च भी बढ़ सकते हैं। पुराने उधार को लेकर दबाव महसूस हो सकता है। व्यापारियों को साझेदारी से जुड़े फैसले कुछ समय के लिए टालने चाहिए। घरेलू खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहेगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। निवेश करने की सोच रहे हैं तो समय अनुकूल है, खासकर सोना, बीमा या लंबी अवधि की योजनाओं के लिए। आय और खर्च के बीच संतुलन बना रहेगा और अचानक लाभ मिलने की भी संभावना है।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। कोई नया सौदा भविष्य में लाभ दिला सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा और पुराने ग्राहक से दोबारा काम मिलने की संभावना है। हालांकि भावनाओं में आकर ज्यादा खर्च न करें और निवेश से पहले सलाह जरूर लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज कुछ अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे चिंता बढ़ सकती है। जरूरत पड़ने पर किसी करीबी से आर्थिक मदद लेनी पड़ सकती है। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह जांच करें। शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाए रखें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन संतुलित रहेगा। सुबह काम धीमी गति से शुरू हो सकता है, लेकिन बाद में स्थिति बेहतर होगी। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज पुराने लेन-देन और कर्ज के मामलों में सावधानी रखें। यदि किसी का पैसा लौटाना है तो दबाव बढ़ सकता है। जोखिम वाले निवेश से बचना बेहतर रहेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए आय बढ़ाने के नए मौके बन सकते हैं, लेकिन उनका फायदा मिलने में समय लगेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से दिन शुभ रहेगा। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन बढ़ने की खुशखबरी मिल सकती है। परिवार के सहयोग से आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Nirmal Purja: कौन थे निर्मल पुर्जा…जिनकी PoK में हुई मौत! 6 महीने में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर रचा था इतिहास

नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें लोग ‘निम्सदाई’ के नाम से भी जानते थे, की पाकिस्तान में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन (बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरना) की चपेट में आने से मौत हो गई। इसकी जानकारी उनकी एडवेंचर कंपनी और अन्य लोगों ने इंस्टाग्राम पर साझा की।

शुक्रवार को ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन होने के बाद निर्मल पुर्जा और पांच अन्य पर्वतारोही लापता हो गए थे। इसके बाद लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। इस दुखद हादसे से कुछ घंटे पहले निर्मल पुर्जा ने भारत के पत्रकार विष्णु सोम को एक वॉयस मैसेज भी भेजा था। माना जा रहा है कि यह उनका आखिरी संदेश था।

कंपनी ने पोस्ट कर दी जानकारी 

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट जारी कर उनकी मौत की पुष्टि की। कंपनी ने कहा कि ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा का निधन हो गया। साथ ही अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी इस हादसे में जीवित नहीं बच सके। कंपनी ने अपने संदेश में कहा कि यह सभी के लिए बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने केवल निर्मल पुर्जा ही नहीं, बल्कि इस हादसे में जान गंवाने वाले उनके साथी पर्वतारोहियों और गाइड पुर बहादुर गुरुंग और निमा शेरपा को भी श्रद्धांजलि दी।कंपनी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं सभी मृतकों के परिवार, दोस्तों और करीबियों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस कठिन समय में परिवारों की निजता का सम्मान किया जाए।

ब्रॉड पीक में हुई मौत

ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है। यह पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की सीमा के पास स्थित है। यह चोटी के2 पर्वत के बेहद करीब है। रिपोर्ट के अनुसार, हिमस्खलन ब्रॉड पीक के सामान्य वेस्ट रिज मार्ग पर हुआ। उस समय पर्वतारोही करीब 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर मौजूद थे, जहां अचानक बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया।

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया ने पर्वतारोहण के सबसे महान पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है। कंपनी के अनुसार, निर्मल पुर्जा अपने साहस, विनम्र स्वभाव और मजबूत इरादों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने अपने काम और उपलब्धियों से दुनिया भर के लाखों लोगों को बड़े सपने देखने और खुद पर भरोसा रखने की प्रेरणा दी। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा का मानना था कि इंसान अपनी सोच से कहीं ज्यादा बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। यही सोच उन्होंने अपने जीवन और अभियानों के जरिए लोगों तक पहुंचाई और अनगिनत लोगों को अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए प्रेरित किया।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि एलीट एक्सपेड, निम्सदाई फाउंडेशन, स्काईडाइव निम्सदाई और निम्सदाई स्टोर जैसी संस्थाओं को आगे बढ़ाने में उनकी दूरदृष्टि, नेतृत्व और मजबूत संकल्प की सबसे बड़ी भूमिका रही। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा की विरासत हमेशा उन लोगों के जरिए जीवित रहेगी, जिनकी जिंदगी उन्होंने बदली और जिन्हें अपने सपनों को पूरा करने का हौसला दिया।

रचा था ये इतिहास

निर्मल पुर्जा पहले ब्रिटेन की ब्रिगेड ऑफ गोरखा और रॉयल मरीन की स्पेशल बोट सर्विस (एसबीएस) में भी सेवाएं दे चुके थे। सेना से अलग होने के बाद उन्होंने पूरी तरह पर्वतारोहण को अपना करियर बनाया और दुनिया भर में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। साल 2019 में उन्होंने अपने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान के तहत केवल 6 महीने और 6 दिन में 8,000 मीटर से ऊंची दुनिया की सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई पूरी कर इतिहास रच दिया। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसके बाद साल 2021 में निर्मल पुर्जा उन 10 नेपाली पर्वतारोहियों की टीम का हिस्सा भी रहे, जिसने पहली बार सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी के2 पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।

कॉर्पोरेट जॉब में क्या है सबसे बड़ा खतरा? पुणे के प्रोफेशनल का पोस्ट हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉर्पोरेट जॉब को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। इस पोर्ट में पुणे के एक प्रोफेशनल ने बताया कि कॉर्पोरेट जॉब सबसे बड़ी चुनौती क्या होती हैं। प्रोफेशनल ने बताया कि, कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे बड़ी चिंता तब होनी चाहिए, जब आपके पास धीरे-धीरे काम कम होने लगे और टीम के लोग आपको काम देना बंद कर दें। उनके मुताबिक, अगर आपको नई जिम्मेदारियां और कुछ नया सीखने का मौका नहीं मिल रहा है, तो यह आपके करियर के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपना रिएक्शन दिया है।

काम ना होना चिंता की बात

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो निहार पाटिल ने शेयर किया है। निहार पिछले पांच साल से अधिक समय से कॉर्पोरेट सेक्टर में काम कर रहे हैं। वीडियो की शुरुआत में उन्होंने कहा, “कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे डराने वाली चीज काम का दबाव नहीं होता। असली चिंता तब होती है, जब कोई आप पर निर्भर नहीं रहता और आपके पास करने के लिए कोई काम नहीं बचता।”

 

उन्होंने कहा, “काम न होने से बेहतर है कि आपके पास काम हो। क्योंकि काम के दौरान ही आप नई चीजें सीखते हैं, समस्याओं का समाधान करना सीखते हैं, गलतियों से अनुभव हासिल करते हैं और लोगों का भरोसा जीतते हैं। यही चीजें आपके करियर को आगे बढ़ाती हैं।”

समय के साथ खिखना जरुरी

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप बिना नई जिम्मेदारियां संभाले या नई स्किल्स सीखे सिर्फ हर महीने सैलरी मिलने से संतुष्ट हैं, तो यह भविष्य में परेशानी बन सकता है। हर बीतते महीने के साथ आपकी सीखने की कमी बढ़ती जाती है, जबकि कोई दूसरा व्यक्ति लगातार आगे निकल रहा होता है। कॉर्पोरेट दुनिया तेजी से बदल रही है और टेक्नोलॉजी उससे भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है।” निहार ने कहा कि अगर ऑफिस में खाली समय मिले, तो उसका इस्तेमाल नई स्किल्स सीखने, सर्टिफिकेशन करने और नई जिम्मेदारियां लेने में करना चाहिए। उनके मुताबिक, लगातार सीखने वाले लोग ही अपने करियर में आगे बढ़ते हैं।

हर महीने सैलरी से खुश है

उन्होंने कहा, “अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह एक अच्छी बात है। इसका मतलब है कि आप अभी भी सीख रहे हैं और अपने काम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन जिस दिन आपका करियर जरूरत से ज्यादा आरामदायक लगने लगे, उस दिन खुद से यह सवाल जरूर पूछिए कि क्या मैं वास्तव में आगे बढ़ रहा हूं या सिर्फ हर महीने सैलरी ले रहा हूं?” कैप्शन में उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अनहेल्दी वर्क कल्चर या बर्नआउट को बढ़ावा देना नहीं है।

उन्होंने लिखा, “मेरा सिर्फ इतना कहना है कि आराम को करियर ग्रोथ समझने की गलती न करें। अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह इस बात का संकेत होता है कि आप लगातार सीख रहे हैं, टीम में योगदान दे रहे हैं और अपनी वैल्यू बढ़ा रहे हैं।”

लोगों ने किया ये कमेंट

वीडियो पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी और निहार पाटिल की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “अगर आपके पास कोई काम नहीं है, तो यह एक बड़ा वॉर्निंग साइन हो सकता है। ऐसी स्थिति में कभी भी नौकरी जाने का खतरा रहता है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “काम न मिलना अपने आप में एक बड़ा रेड फ्लैग है।” एक और यूजर ने कहा, “अगर ऑफिस में आपके पास कोई जिम्मेदारी नहीं है, तो यह संकेत है कि कभी भी नौकरी जा सकती है।”

Tata Motors July 2026 Sales: जुलाई 2026 में Tata Motors की PV बिक्री 59% बढ़ी, कंपनी ने की 63,760 यूनिट की सेल

Tata Motors July 2026 Sales: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने जुलाई 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल बिक्री सालाना आधार पर 59% बढ़कर 63,760 यूनिट हो गई है। बता दें कि ये नतीजे टाटा की पैसेंजर गाड़ियों की लगातार बनी हुई मांग को दिखाते हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक बार फिर ग्रोथ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

भारत की बात करें तो, जुलाई 2026 में घरेलू पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 62,611 यूनिट रही, जो पिछले साल इसी महीने की 39,521 यूनिट से 58% ज्यादा है। यह आंकड़ा जून 2026 की 62,076 घरेलू यूनिट से भी थोड़ा ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि टाटा मोटर्स पूरे महीने अपनी रफ्तार बनाए रखने में कामयाब रही।

वहीं, टाटा मोटर्स के अंतरराष्ट्रीय कारोबार (एक्सपोर्ट) में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। जुलाई 2026 में कंपनी ने 1,149 यूनिट्स बेचीं, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह आंकड़ा 654 यूनिट्स था। जून 2026 की 1,007 यूनिट्स बिक्री के मुकाबले भी यह बेहतर प्रदर्शन रहा, जिससे पता चलता है कि विदेशी बाजारों में भी टाटा मोटर्स की पकड़ धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।

एक महीने में बिकीं 15,217 इलेक्ट्रिक कारें

जुलाई महीने की सबसे खास बातों में से एक टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की परफॉर्मेंस रही। घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में EV की बिक्री 15,217 यूनिट तक पहुंच गई, जो जुलाई 2025 में हुई 7,124 यूनिट की बिक्री के मुकाबले 114% ज्यादा है। यह जून में भेजी गई 14,800 EV से भी ज्यादा थी, जो कंपनी के EV बिजनेस के लिए एक और महीने की बढ़त को दिखाता है।

बता दें कि टाटा मोटर्स के लिए यह एक अहम संकेत है, क्योंकि इससे पता चलता है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग न सिर्फ बनी हुई है, बल्कि ऐसी रफ्तार से बढ़ रही है जो कंपनी की पैसेंजर गाड़ियों से जुड़ी बड़ी स्ट्रैटेजी को सपोर्ट करती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई के ये आंकड़े जून की मजबूत परफॉर्मेंस के बाद आए हैं, जब टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने 63,083 यूनिट बेची थीं, जो पिछले साल के मुकाबले 69% ज्यादा थीं। उस महीने, कंपनी ने बताया था कि लोकल सप्लाई की दिक्कतों की वजह से Sierra SUV के प्रोडक्शन और डिलीवरी पर असर पड़ रहा था, जबकि इसकी बुकिंग की मांग मजबूत बनी हुई थी।

कंपनी ने कहा था कि दूसरी तिमाही से पार्ट्स की उपलब्धता सुधारने और डिलीवरी की रफ्तार बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आने वाले समय में ग्राहकों तक गाड़ियों की पहुंच और बेहतर हो सके।

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CWG 2026 में भारत पर मेडल की बारिश, इंडियन बॉक्सर्स ने मचाया धमाल, जीत लिए पांच गोल्ड मेडल

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत की झोली में कई मेडल आए हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। जैस्मिन लैम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल जीता है। वहीं, पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह फाइनल में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। आइए जानते हैं भारत ने अबतक कुल कितने मेडल जीत चुके हैं।

भारत ने जीते 5 गोल्ड

महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद विश्व चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात दी। वहीं, 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं 60 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड पर कब्जा किया है।

अरुंधति चौधरी का प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की चैंटेल रीड पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और पूरे मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखा। अंत में निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 5-0 का फैसला अरुंधति चौधरी के पक्ष में सुनाया। इस शानदार जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग की चैंपियन बन गईं।

प्रिया घनघस ने जीता गोल्ड

महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन प्रिया ने संयम और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। उनकी इस सफलता के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई।

साक्षी ने जीता गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को एकतरफा अंदाज में हराया और उनके लंबे समय से चले आ रहे जीत के सिलसिले को भी रोक दिया। पूरे टूर्नामेंट में साक्षी का प्रदर्शन दमदार रहा और उन्होंने अपने सभी मुकाबले शानदार अंदाज में जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया। वहीं, पुरुष वर्ग के मुकाबले में जदुमणि सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ। मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अंत में जदुमणि को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

आज इन्हें भी मिला गोल्ड मेडल

साक्षी चौधरी की स्वर्णिम जीत से पहले भी भारत की महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बाद 57 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लैम्बोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात देकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय बॉक्सिंग टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

अब तक भारत ने जीता है 27 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 33 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 10 गोल्ड, 15 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इन शानदार नतीजों की बदौलत भारत पदक तालिका में 5वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 142 पदकों के साथ शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 59 स्वर्ण, 34 रजत और 49 कांस्य पदक जीतकर पहले स्थान पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।

Sawan Shivratri 2026: सावन में कब मनाई जाएगी शिवरात्रि? जानिए सही तारीख, पूजा और जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

Sawan Shivratri 2026: सावन का महीना शुरू हो चुका है। भगवान शिव को समर्पित इस माह में कई प्रमुख व्रत और पर्व मनाए जाते हैं। इनमें से एक है शिवरात्रि का पर्व। यूं तो शिवरात्रि हिंदू कैलेंडर के हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है, लेकिन सावन के महीने में आने वाले शिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धालु कांवड़ में जल भरकर लाते हैं और अपने आराध्य भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

सावन शिवरात्रि, भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व मानी जाती है। यह श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और शिव पूजन करते हैं। इस दिन पूजा, व्रत और रुद्राभिषेक का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से कई ग्रह दोष भी शांत होते हैं। आइए जानें इस साल सावन शिवरात्रि कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

सावन शिवरात्रि 2026 की तिथि व शुभ मुहूर्त

शिवरात्रि का पर्व सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस साल चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 11 अगस्त 2026, सुबह 04:54 बजे से हो रहा है। सावन कृष्ण चतुर्दशी तिथि का समापन 12 अगस्त 2026, रात 01:52 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, शिवरात्रि का पर्व 11 अगस्त 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा।

निशिता काल पूजा मुहूर्त : 11 अगस्त की रात 12:05 बजे से 12:48 बजे तक

जलाभिषेक का समय : 11 अगस्त सुबह 04:54 बजे से लेकर 12 अगस्त रात 01:52 बजे तक

चार प्रहर की पूजा का समय

रात्रि में भगवान शिव की चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है:

प्रथम प्रहर : शाम 07:04 बजे से रात 09:45 बजे तक

द्वितीय प्रहर : रात 09:45 बजे से रात 12:26 बजे तक

तृतीय प्रहर : रात 12:26 बजे से सुबह 03:07 बजे तक (12 अगस्त)

चतुर्थ प्रहर : सुबह 03:07 बजे से सुबह 05:49 बजे तक (12 अगस्त)

सावन 2026 शिवरात्रि पूजा सामग्री

जल, कच्चा दूध, दही, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, सफेद फूल, फल और भस्म।

सावन 2026 शिवरात्रि पूजा विधि

  • प्रातः काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
  • शिवलिंग का जल और पंचामृत से अभिषेक करें।
  • बेलपत्र, धतूरा और फल-फूल चढ़ाकर “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जाप करें।
  • शिव आरती करें व प्रसाद वितरित करें।
  • शिवलिंग पर तुलसी पत्र, केतकी का फूल, सिंदूर या हल्दी अर्पित न करें।

Grahan In August 2026: गर्भवती महिलाएं अगस्त में इन बातों का रखें ध्यान, दो ग्रहण से बच्चे पर पड़ सकता है बुरा असर

संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे राहुल गांधी और पप्पू यादव, वाराणसी में FIR

वाराणसी में संत समाज की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी टिप्पणियों के संबंध में दर्ज किया गया है। संत समाज का आरोप है कि संसद में इस मुद्दे को जिस तरह उठाया गया, उससे सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि धर्म का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे 

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि कोतवाली थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वीडियो में पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आ रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वाराणसी में FIR

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।

विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंदिर के पुजारी का रूप धारण कर चढ़ावा इकट्ठा करने का प्रदर्शन किया।

‘आजादी सिर्फ मनमानी नहीं, जिम्मेदारी भी है’ लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में अजीत डोभाल का युवाओं को संदेश

शनिवार, 1 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से दिए जाने वाले इस पुरस्कार को डोभाल को प्रदान किया। वहीं, सम्मान समारोह के बाद डोभाल ने युवाओं से कहा कि वे आजादी को सिर्फ बिना किसी रोक-टोक के कुछ भी करने की क्षमता के तौर पर न देखें, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी समझें। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं से आजादी की लड़ाई लड़ने वाले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के राष्ट्र-निर्माण के आदर्शों को अपनाने की अपील की।

डोभाल ने कहा, तिलक की विरासत को समझने के लिए उस दौर की कठोर सच्चाइयों को जानना जरूरी है जिसमें वे रहते थे। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी आज़ाद भारत में पली-बढ़ी है और शायद उन मुश्किलों, दमन और पाबंदियों की कल्पना भी न कर पाए जो आजादी की लड़ाई लड़ने वाले नेताओं को झेलनी पड़ी थीं।

उन्होंने कहा कि देश के लिए तिलक का विजन आज भी प्रासंगिक है। डोभाल ने युवाओं से उनके विचारों को समझने और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “लोकमान्य तिलक के जीवन और उनके व्यक्तित्व की गहराई को सही मायने में समझने के लिए उस दौर की परिस्थितियों, चुनौतियों और कठिनाइयों को समझना जरूरी है। उस समय की परेशानियों और हालात की कल्पना करना आज हमारे लिए, खासकर युवाओं के लिए, काफी मुश्किल हो सकता है।”

डोभाल ने आजादी को बिना किसी रोक-टोक वाली निजी पसंद समझने के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आज के युवा उन आजादियों को मामूली समझें जिनका वे फायदा उठा रहे हैं, और उन कुर्बानियों को न पहचानें जिनकी वजह से ये आजादियां मुमकिन हो पाई हैं। डोभाल के अनुसार, आजादी का मतलब सिर्फ व्यक्तिगत अधिकार नहीं, बल्कि देश के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारियां भी हैं।

उन्होंने कहा, “आज के युवा शायद यह सोचें कि भारत हमेशा से ऐसा ही रहा है, या वे आजादी का मतलब सिर्फ अपनी मर्जी का काम करना समझ बैठें हैं। लेकिन आजादी का असली मतलब यह नहीं है।”

NSA अजीत डोभाल ने युवाओं से भारत के विकास में बड़ी भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि देश अपने इतिहास के एक अहम दौर से गुजर रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं से ऊपर देशहित को रखें और एक मजबूत भारत बनाने के लिए मिलकर कोशिश करें। उन्होंने मौजूदा समय को एक दुर्लभ मौका बताया जिसे बर्बाद नहीं करना चाहिए।

बता दें कि उनकी ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब देश ने NEET पेपर लीक समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों पर छात्रों के बड़े विरोध-प्रदर्शन देखे हैं। जहां, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक आजादी में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करने का अधिकार भी शामिल है, वहीं डोभाल ने जिम्मेदारी के साथ आजादी का इस्तेमाल करने और सार्वजनिक जीवन में राष्ट्र-निर्माण को केंद्र में रखने पर जोर दिया।

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संडे 2 अगस्त का मौसम: दिल्ली NCR में बारिश पड़ेगी या बढ़ेगी उमस? IMD ने दिया ये पूर्वानुमान

Delhi Weather Update: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में भीषण और उमस से भरी गर्मी से राहत मिलने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली के मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं कहीं-कहीं पर हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, “रविवार को दिल्ली में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।” बारिश से लोगों को उमस भर्मी से राहत मिल सकती है।

कितना रहा आज का तापमान

आईएमडी के मुताबिक, शनिवार दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हुई। आईएमडी के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा और शुक्रवार के तापमान के बराबर था। वहीं, पालम मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले से 0.5 डिग्री ज्यादा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.2 डिग्री कम रहा।

कहां पर कितना रहा मौसम

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक रहा, लेकिन शुक्रवार की तुलना में 0.7 डिग्री कम था। वहीं, पालम मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन से 0.5 डिग्री ज्यादा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 0.2 डिग्री कम था। शनिवार को लोधी रोड और आयानगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, सफदरजंग, पालम और रिज समेत कई इलाकों में सुबह हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, लोधी रोड इलाके में शनिवार सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच हल्की बारिश हुई। इसके बाद अगले तीन घंटों में भी 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली में कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

एयर क्वालिटी में हुआ सुधार

शनिवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 80 रहा, जबकि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को यह 77 था। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, 0 से 50 के बीच AQI को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।