क्या लंकाई खिलाड़ी से आगे निकल पाएंगे नीरज? कल फिर फेंकेंग भाला

Neeraj Chopra

भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे शुक्रवार को लुसाने डायमंड लीग में फिर से आमने सामने होंगे, जिसमें भारतीय खिलाड़ी डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा।ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पथिरागे ने स्वर्ण और चोपड़ा ने रजत पदक जीता था। इसके तीन सप्ताह बाद ये दोनों खिलाड़ी फिर से एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

23 वर्षीय पथिरागे इस सत्र में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उन्होंने दोहा और रोम डायमंड लीग में जीत हासिल करने के अलावा ग्लास्गो में 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक भी जीता है। जून में रोम में 92.62 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ उन्होंने 90 मीटर का प्रतिष्ठित आंकड़ा भी पार किया।

श्रीलंकाई खिलाड़ी ने इस सत्र में अब तक जिन नौ प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उनमें से आठ में जीत हासिल की है। वह पहले ही डायमंड लीग फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। दूसरी तरफ चोपड़ा पिछले साल सितंबर से पीठ के निचले हिस्से की चोट से परेशान रहे हैं।

इसके कारण उनकी वापसी दोहा में आयोजित डायमंड लीग तक टल गई थी। ग्लास्गो में वह पूरी तरह से फिट नहीं थे, लेकिन फिर भी 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहे।राष्ट्रमंडल खेलों के बाद चोपड़ा स्विट्जरलैंड के बील चले गए थे, जहां वह अपने बचपन के कोच जयवीर चौधरी और फिजियो ईशान मारवाह के साथ अभ्यास कर रहे थे।

मौजूदा विश्व चैंपियन अरशद नदीम और जर्मनी के यूरोपीय चैंपियन जूलियन वेबर के हटने से लुसाने डायमंड लीग की चमक कुछ फीकी पड़ गई है।त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स की मौजूदगी के कारण अब भी मुकाबला कड़ा है।

अमेरिका के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता कर्टिस थॉम्पसन और चेक गणराज्य के ओलंपिक रजत पदक विजेता जैकब वाडलेज भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले नौ खिलाड़ियों में शामिल हैं।

चोपड़ा के लिए सत्र के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में ऊपर पहुंचने के लिए लुसाने में होने वाली प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है। वह फिलहाल छह अंकों के साथ सातवें स्थान पर हैं।रैंकिंग में शीर्ष छह खिलाड़ी चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में भाग लेंगे।

Nifty में 7 सत्रों के बाद लौटी तेजी, क्या शेयर बाजारों में यह तेजी जारी रहेगी?

शेयर बाजारों में 20 अगस्त को रौनक लौट आई। निफ्टी में लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद तेजी आई। चौतरफा खरीदारी ने बाजार में जोश भरा। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। इससे क्रूड में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड का भाव 94 डॉलर के पार हो गया है।

निफ्टी और सेंसेक्स में अच्छी रिकवरी

Nifty कारोबार खत्म होने पर 0.64 फीसदी यानी 153 अंक चढ़कर 24,231 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.82 फीसदी यानी 628 अंक के उछाल के साथ 77,537 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.45 फीसदी की मजबूती आई। शेयर बाजारों के करीब सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में अच्छी तेजी

सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक और निफ्टी आईटी में आई। चढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में मुथूट फाइनेंस, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, इटर्नल, श्रीराम फाइनेंस, जिंदल स्टील शामिल रहे। गिरने वाले वाले शेयरों में पीएफसी, आरईसीएल, सीमेंस एनर्जी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंज्यूमर शामिल थे।

बुल और बेयर्स में किसका पलड़ा भारी

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज प्रमुख सूचकांकों में पुलबैक दिखा। निफ्टी 154 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 628 अंक उछला। उन्होंने कहा कि डेली चार्ट्स पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न दिख रहा है। यह बुल और बेयर्स के बीच मामला फंसे होने का संकेत है। इसका मतलब है कि पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि अभी किसका पलड़ा भारी है।

24,100 का लेवल बना रहा तो जारी रह सकती है पुलबैक

उन्होंने कहा कि निफ्टी का 50-डे SMA 24,150 है, जो ट्रेडर्स के लिए एक प्रमुख सपोर्ट लेवल दिख रहा है। जब तक बाजार इस लेवल के ऊपर बना रहेगा, पुलबैक जारी रह सकती है। तेजी की स्थिति में निफ्टी 24,350-24,500 तक जा सकता है। अगर निफ्टी 24,100 के नीचे जाता है तो ट्रेडर्स के लिए तेजी के सौदे काटना ठीक रहेगा।

इंडिया वीआईएक्स 5 फीसदी गिरा

इंडिया वीआईएक्स इस बीच 5.01 फीसदी गिरकर 10.76 पर आ गया। यह 8 जून, 2026 के बाद इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज से भी नीचे है। इससे मार्केट में उतार-चढ़ाव कम रहने और स्टैबिलिटी का संकेत मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमी से बाजार को सपोर्ट मिला है। लेकिन, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। इससे क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही है। यह बाजार के लिए अच्छा नहीं है।

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तेजी लंबे समय तक जारी रहने पर संदेह

भारतीय बाजारों में तेजी जारी रहने के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों का नीचे आना जरूरी है। ऐसा तभी होगा जब अमेरिका-ईरान में डील के लिए बातचीत शुरू होगी। फिलहाल इसके संकेत नहीं दिख रहे है। इसका मतलब है कि 20 अगस्त को बाजार में आई तेजी के लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद कम है।

मैडम और सर बाथरूम में प्यार करते हैं, पढ़ाते नहीं, स्‍कूल की जल्‍दी छुट्टी कर देते हैं, बच्‍चों की शिकायत पर जांच शुरू

मैडम और सर बाथरूम में प्यार करते हैं, पढ़ाते नहीं, स्‍कूल की जल्‍दी छुट्टी कर देते हैं, बच्‍चों की शिकायत पर जांच शुरू

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सर और मैडम बाथरूम में बंद होकर प्‍यार करते हैं। पढ़ाते नहीं और स्‍कूल की जल्‍दी छुट्टी कर देते हैं, अंदर बंद होकर प्‍यार करते हैं और किसी को अंदर आने भी नहीं देते। यह आरोप है स्‍कूल की छात्राओं का। दरअसल, छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव इलाके के बिचबेहरी गांव के सरकारी स्कूल की छात्राओं का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में वे कह रही हैं कि सर और मैडम स्कूल आते तो हैं लेकिन हमें पढ़ाते नहीं है। वे हमारी जल्दी छुट्टी कर बाथरूम में बंद होकर प्यार करते हैं। हमारे स्कूल का टाइम 4 बजे तक है। लेकिन हमारी 3 बजे ही छुट्‌टी कर दी जाती है।

छात्राओं ने ये बात स्कूल के टीचर इंचार्ज और गेस्ट फीमेल टीचर के बारे में की। 15 अगस्त 2026 को स्टूडेंट्स ने दोनों के आपत्तिजनक व्यवहार से संबंधित वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया।

बता दें कि पहले यह मामला ग्राम सभा में पहुंचा और उसके बाद कलेक्टर की जनसुनवाई में। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के पेरेंट्स का कहना है। बच्चे अभी छोटे हैं। अगर स्कूल में टीचर ऐसे गलत काम करेंगे तो बच्चों पर इसका क्या असर होगा। इसलिए दोनों टीचर को स्कूल से हटाकर किसी दूसरे टीचर की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई ठीक से हो सके।

छात्राओं ने टीचर की शिकायत करते हुए कहा- हमारे स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह बंद हैं। दोनों टीचर पढ़ाने के बजाय दिनभर मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। स्कूल की छुट्‌टी का समय शाम 4:30 बजे तक है, लेकिन बच्चों की 3 बजे ही छुट्‌टी कर दी जाती है। बच्चों ने खुलकर आरोप लगाया कि छात्रों को घर भेजने के बाद दोनो बाथरूम में बंद होकर प्यार करते हैं। इस दौरान किसी भी छात्र को अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है। बता दें कि अधिकारियों के रवैये से तंग आकर ग्रामीणों ने 16 अगस्त को आयोजित ग्रामसभा की बैठक में दोनों टीचर्स को तत्काल पद से हटाने की मांग की थी।

आरोपों पर बोलें टीचर्स : बच्‍चों के आरोपों पर टीचर का कहना है कि हमें बेवजह बदनाम किया जा रहा है। बच्चे किसी बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं, क्योंकि यहां पर किसी और ने भी गेस्ट टीचर बनने के लिए आवेदन दिया है, उनका नाम वेटिंग लिस्ट में है। मुझे हटाकर दूसरे का नाम आ जाए, इसलिए ऐसा किया जा रहा है।

दिल्ली के रोहिणी में ‘स्पेशल 26’ जैसी घटना, CBI अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंची फर्जी टीम, पत्नी ने ऐसे खोली पोल

Delhi Fake CBI Raid: बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘स्पेशल 26’ शायद सबने देखी होगी, जिसमें एक्टर अक्षय कुमार और अनुपम खेर फर्जी CBI अधिकारी बनकर बिजनेसमैन और नेताओं के घर छापेमारी करते हैं। ऐसी ही एक घटना दिल्ली के रोहिणी के इलाके से भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ठीक ‘स्पेशल 26’ की तरह कुछ लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर पर फर्जी रेड करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने जब उनसे पहचान का सबूत और वैध सर्च वारंट मांगा, तो सभी लोग वहां से चले गए।

परिवार की शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोग CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। उस समय बिजनेसमैन की पत्नी घर पर थीं और उन्होंने गेट खोलने से मना कर दिया। उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे अंदर आने से पहले अपनी पहचान साबित करें और सही सर्च वारंट दिखाएं।

शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि उस ग्रुप ने उन्हें अंदर आने देने के लिए दबाव डाला और मना करने पर धमकी दी। हालांकि, वह उनकी पहचान के सबूत और जरूरी दस्तावेज मांगती रहीं।

CBI की बताई जा रही यह टीम लगभग 90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही, जिससे शक और बढ़ गया।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

इलाके में लगे CCTV कैमरों में उस ग्रुप की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम इस फुटेज की जांच कर रही है ताकि शामिल लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की जा सके।

जब वे लोग बाहर ही खड़े रहे, तो आस-पास के लोग भी वहां जमा हो गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। उन्होंने उस ग्रुप से पहचान-पत्र, सर्च वारंट या कथित रेड (छापे) के लिए जारी नोटिस की कॉपी दिखाने को कहा।

बताया जाता है कि उस ग्रुप ने कहा कि कागजात उनकी गाड़ी में हैं। जब उनसे कागजात लाने के लिए कहा गया, तो वे यह कहकर वहां से चले गए कि वे कागजात ले आएंगे, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे।

परिवार ने पुलिस से किया संपर्क

इसके बाद परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की एक टीम घर पहुंची और शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था और उनके पास ऐसे पहचान पत्र भी थे, जिनमें उन्हें CBI अधिकारी बताया गया था। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्रवाई असली और आधिकारिक लगे।

शिकायतकर्ता के पिता को WhatsApp पर मिला फर्जी नोटिस

मामले में उस समय एक और नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के पिता को बाद में WhatsApp पर एक नोटिस मिला। शिकायत के मुताबिक, इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे।

हालांकि, बाद में वह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया था।

परिवार का आरोप है कि नोटिस फर्जी था और इसका मकसद कथित रेड को CBI का अधिकृत ऑपरेशन दिखाना था। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस नोटिस की असलियत की जांच कर रही है, जबकि घटना की जांच जारी है।

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NICL Assistant Pre Admit Card 2026: आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें एनआईसीएल असिस्टेंट प्री परीक्षा का हॉल टिकट, 27 अगस्त को है एग्जाम

NICL Assistant Pre Admit Card 2026: नेशनल इंश्यारेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) में असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत 27 अगस्त को प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस पद पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। एनआईसीएल ने आज असिस्टेंट प्री परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार एनआईसीएल की आधिकारिक वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी पंजीकरण संख्या, पासवर्ड और कैप्चा कोड को दर्ज करना होगा।

एडमिट कार्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए बेहद अहम दस्तावेज होता हैं। इसमें परीक्षार्थी के विवरण के साथ ही परीक्षा केंद्र का नाम, पता और परीक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज होती हैं। इसके बिना किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में दाखिल होने की अनुमति नहीं होती है। एनआईसीएल असिस्टेंट प्री परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को भी हॉल टिकट डाउनलोड करना होगा।

इन स्टेप्स से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

प्रारंभिक परीक्षा का एडमिट कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। यहां उम्मीदवारों की सहायता के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के निम्नलिखित स्टेप्स बताए गए हैं। उम्मीदवार नीचे बताए गए स्टेप की मदद से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

  • एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in पर जाकर विजिट करें।
  • वेबसाइट के होमपेज पर एडमिट कार्ड सेक्शन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद NICL Assistant Pre Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • लिंक पर क्लिक करने के बाद लॉगिन डिटेल को दर्ज करें।
  • लॉगिन डिटेल को दर्ज करने के बाद एडमिट कार्ड स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा।
  • अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।

इस दिन होगी परीक्षा

एनआईसीएल असिस्टेंट भर्ती 2026 प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 27 अगस्त को किया जाएगा। यह परीक्षा 500 पदों की भर्ती के लिए आयोजित कराई जा रही है। प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों से अंग्रेजी, रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड विषय से 100 अंकों के 100 सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा एक घंटे के लिए आयोजित कराई जाएगी। इस परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन अक्टूबर माह में किया जाएगा।

सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई जरूरी जानकारी जैसे रोल नंबर, अपना नाम, परीक्षा का नाम, परीक्षा केंद्र, परीक्षा की तिथि एवं समय की जांच ध्यान से कर लें।

परीक्षा केंद्र पर कौन से डॉक्यूमेंट ले जाएं?

परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को NICL असिस्टेंट एडमिट कार्ड 2026 का प्रिंटआउट साथ लेकर जाना होगा। इसके अलावा एक वैध और मूल फोटो पहचान पत्र भी साथ रखना जरूरी है। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि में से मान्य दस्तावेज ले जा सकते हैं।

उम्मीदवारों को सलाह है कि परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें और उसमें किसी तरह की गलती होने पर संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करें।

UPSC mains exam 2026: यूपीएससी सीएसई मेन परीक्षा कल से, जानें एग्जाम सेंटर क्या लेकर जाएं और क्या नहीं

Skoda Kylaq Sportline launched at Rs 11.32 lakh

Skoda Kylaq Sportline launched at Rs 11.32 lakh
Skoda Kylaq Sportline launched at Rs 11.32 lakh

Skoda has launched the Kylaq Sportline in India with prices ranging from Rs 11.32 lakh to Rs 12.32 lakh (ex-showroom). The launch follows our June 2026 report about a sportier-looking Sportline variant joining the Kylaq range. The Kylaq Sportline is positioned between the mid-spec Signature+ trim and the higher-spec Prestige trim, and is offered with a few blacked-out exterior and interior elements for a sportier look.

Skoda Kylaq Sportline: What’s new?

Gets blacked-out elements outside, ‘Sportline’ badges and a new spoiler

Like the Sportline variants of the Kushaq and Slavia facelift, the Kylaq Sportline gets several blacked-out elements that give it a sportier appearance. These include the 17-inch alloy wheels, ORVMs, faux skid plates on both bumpers, and the roof. It also features a roof-mounted spoiler with vertical strips. The C-pillar and tailgate carry new ‘Sportline’ badges, while the Skoda wordmark between the taillights is finished in black for a more distinctive look.

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

CJP Abhijeet Dipke TN CM Vijay

CJP Abhijeet Dipke Tamil Nadu CM Vijay: देश में सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'स्कूल ठीक करो' आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी बीच, तमिलनाडु सरकार द्वारा छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को वापस लेने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखा हमला बोला है। एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने तमिलनाडु सरकार, पश्चिम बंगाल में एक छात्र के पिता की हत्या, सुप्रीम कोर्ट के एफआईआर वापसी के निर्देश और 'पीएम केयर्स फंड' जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी से रखी।   

अगर डर लग रहा है तो स्कूल ठीक करो

हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को एक विवादास्पद आदेश जारी किया था, जिसके तहत छात्रों को CJP और वामपंथी दलों द्वारा आयोजित 'स्कूल ठीक करो' जैसे आंदोलनों में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, भारी जन-विरोध के बाद सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया है। ALSO READ: तमिलनाडु की विजय सरकार का यू-टर्न, CJP और लेफ्ट के प्रदर्शन में जाने से छात्रों को रोकने वाला आदेश वापस

 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि ऐसा आदेश आना ही गलत था। आंदोलन करना और अपनी बात रखना नागरिकों का मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकार (Fundamental Right) है। ऐसे आदेश दिखाते हैं कि सरकारें जनता और छात्रों से डर रही हैं। अगर आपको डर है कि लोग वीडियो बना लेंगे या बदनामी होगी, तो स्कूलों की हालत सुधार दीजिए! लोग रोकने के बजाय आपकी तारीफ में वीडियो बनाएंगे। ALSO READ: आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी धोखा दे रही सरकार?

दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सभी मुकदमों का ब्योरा मांगा था ताकि उन्हें निरस्त (Quash) किया जा सके। इस पर दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सरकारें सुप्रीम कोर्ट के कंधों पर बंदूक रखकर यह बहाना बनाती थीं कि अदालत की वजह से केस वापस नहीं लिए जा सकते। लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट खुद केस खत्म करने को तैयार है, तब भी सरकारें डेटा जमा नहीं कर रही हैं। यह देश के युवाओं के साथ सीधी धोखाधड़ी है।  

PM CARES में 8000 करोड़ की FD क्यों? शिक्षा नीति पर उठाया सवाल

CJP नेता अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर 'PM CARES Fund' में जमा पड़ी विशाल धनराशि पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ देश के गरीब बच्चे बिना पीने के पानी, टूटी बेंचेस और जर्जर क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ PM CARES Fund में लगभग 8,000 करोड़ रुपए बिना किसी इस्तेमाल के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में पड़े हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पैसा किसी नेता के रिटायरमेंट के लिए बचाकर रखा गया है? जब देश के बच्चे एक अच्छे स्कूल और सड़कों के लिए रो रहे हैं, तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में हाई-टेक मॉडल स्कूल बनाने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा?

पश्चिम बंगाल में स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया तो हेट क्राइम का शिकार हुए अब्दुल के पिता

पश्चिम बंगाल के बांकुरा में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना पर दीपके बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत अपने पुराने सरकारी स्कूल का वीडियो बनाने और बदहाली उजागर करने के कारण अब्दुल हफीज के परिवार पर प्राणघातक हमला हुआ, जिसमें उनके पिता की जान चली गई।  

  • हेट क्राइम का आरोप : पुलिस रिपोर्ट्स में पकड़े गए आरोपियों का संबंध राजनीतिक पृष्ठभूमि से बताया गया है। दीपके ने इसे साफ तौर पर 'हेट क्राइम' करार दिया।
  • मुआवजा नहीं, स्कूल चाहिए : अब्दुल के जज्बे को सलाम करते हुए दीपके ने कहा कि पिता को खोने के बाद भी उस लड़के ने कोई आर्थिक मुआवजा (Compensation) नहीं मांगा। उसकी एक ही मांग है कि उसके गांव में एक वर्ल्ड क्लास स्कूल बने और उसका नाम उसके दिवंगत पिता के नाम पर रखा जाए। इससे बड़ा देशभक्त कोई नहीं हो सकता।  

गांधी के विचारों को कोई नहीं मार सकता

आंदोलन पर उठे हिंसा और अराजकता के सवालों पर जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि आज जब महात्मा गांधी का परिवार खुद इस मुहिम के साथ खड़ा है, तो इससे बड़ा देशभक्ति का कोई प्रमाण पत्र नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन नेपाल या बांग्लादेश जैसी हिंसक घटनाओं पर आधारित नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला के अहिंसक और शांतिपूर्ण रास्तों पर चलता है। जिस विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी, वे आज भी उनके विचारों को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन भारत की आत्मा गांधी के सिद्धांतों में ही बसती है।

इंदौर में आयोजित होगा राज्य स्तरीय- लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता

इंदौर में आयोजित होगा राज्य स्तरीय- लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता

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इंदौर। योग, स्वास्थ्य संवर्धन एवं सामाजिक चेतना के प्रसार के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन के 'योग आयोग' के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में राज्य स्तरीय “लक्ष्य ‘मंथन’ योगासन प्रतियोगिता” का आयोजन किया जा रहा है।

 

आयोजन की विस्तृत कार्य योजना साझा करते हुए 'लक्ष्य पर्यावरण एवं वाटर सॉल्यूशन वेलफेयर सोसायटी' के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद नन्दवाल ने बताया कि संस्था पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ स्वस्थ व तनावमुक्त जीवनशैली के निर्माण के लिए सतत प्रयासरत है। इसी श्रृंखला में प्रदेश की उभरती युवा प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करने तथा योगासन को खेल के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के संकल्प के साथ इस व्यापक प्रतियोगिता की रूपरेखा तैयार की गई है।

 

आयोजन के तीन चरण

डॉ. नन्दवाल ने बताया कि प्रतियोगिता को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा:

प्रारंभिक (क्वालिफाइंग) चरण: प्रथम एवं द्वितीय क्वालिफाइंग चरण 30 अगस्त तथा 06 सितंबर को सेंट अर्नोल्ड हायर सेकेंडरी स्कूल (स्कीम नं. 74, विजय नगर, इंदौर) में आयोजित होंगे।

फाइनल राउंड: दोनों क्वालिफाइंग चरणों से चयनित श्रेष्ठ प्रतिभागी 12 सितंबर को बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स, इंदौर में आयोजित होने वाले फाइनल राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

सहभागिता: प्रतियोगिता का स्वरूप समावेशी रखा गया है। इसमें मध्य प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों, योग महाविद्यालयों, मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों, योग संस्थानों के साथ-साथ स्वतंत्र योग साधक भी सहभागिता कर सकेंगे।

yoga poster

 

आयु वर्ग एवं प्रतियोगिता की श्रेणियां

प्रतियोगिता को आयु और दक्षता के आधार पर दो प्रमुख वर्गों में विभाजित किया गया है:

आयु वर्ग: 8 से 14 वर्ष तथा 14 से 20 वर्ष (बालक एवं बालिका वर्ग पृथक-पृथक)। इसके अतिरिक्त 20 वर्ष से अधिक आयु के साधकों के लिए भी 2 विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन रखा गया है।

व्यक्तिगत योग प्रतियोगिता: इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को निर्धारित योग प्रोटोकॉल और पाठ्यक्रम में से चयनित कठिन आसनों का प्रदर्शन करना अनिवार्य होगा।

युगल (पेयर) योगासन प्रतियोगिता: इसमें दो प्रतिभागियों को तय नियमों, संगीत की धुन और सामूहिक तालमेल के साथ अपनी प्रस्तुति देनी होगी। यह प्रारूप प्रतिभागियों में व्यक्तिगत अनुशासन के साथ-साथ टीम भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।

 

मूल्यांकन एवं निष्पक्षता

आयोजन की निष्पक्षता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है:

निर्णायक मंडल: निर्णायक मंडल में राष्ट्रीय स्तर की योग निर्णायक परीक्षा उत्तीर्ण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्णयन का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

वैज्ञानिक मानक: मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों पर आधारित होगी, जिसमें आसनों की शुद्धता, शारीरिक संतुलन, लचीलापन, तकनीक, प्रस्तुति शैली एवं निर्धारित योग नियमों की सटीकता को परखा जाएगा।

सुरक्षा एवं नियम: पूरा आयोजन खेल नियमों, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए संपन्न कराया जाएगा।

yaga teacher yogasan pratiyogita

आयोजन समिति का आह्वान

आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्यों—डॉ. हेमंत शर्मा, श्री अनिल अग्रवाल, सुश्री रौनक सोनी, श्री प्रेम दुआ, श्री मनोज वर्मा एवं श्री चंद्रशेखर तिवारी—ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों, योग संस्थानों एवं योगप्रेमियों से इसमें अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया है।

 

लखनऊ की सई नदी को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने की कवायद तेज

लखनऊ की सई नदी को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने की कवायद तेज

Sai River Lucknow

Sai River Lucknow: योगी सरकार में प्रदेश के अंदर से गुजरने वाली सभी नदियों में गिरने वालों नालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ में सई नदी को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। सई नदी लखनऊ के सरोजनीनगर और मोहनलालगंज जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के पास से होकर प्रवाहित होती है। इसके प्रदूषण को रोकने के लिए नदी में जाने वाले नालों की पहचान कर उन्हें टैप करने, सीवेज को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाने और शोधित पानी के दोबारा इस्तेमाल की योजना पर काम चल रहा है। 

 

मौजूदा योजना के तहत सई नदी में जाने वाले एक अनटैप्ड नाले को टैप किया जा रहा है। इस नाले से करीब 59.88 एमएलडी सीवेज नदी में पहुंचता है। इसे रोकने के लिए 100 एमएलडी क्षमता वाले बिजनौर एसटीपी की परियोजना पर काम शुरू हो चुका है।

सई नदी में जाता है एक अनटैप्ड नाला

लखनऊ नगर क्षेत्र में सई नदी में जाने वाले एक अनटैप्ड नाले की पहचान हो चुकी है। इस नाले से करीब 59.88 एमएलडी सीवेज का डिस्चार्ज होता है। फिलहाल यह सीवेज नदी के प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत है। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत इस नाले को टैप कर सीवेज को सीधे नदी में जाने से रोकने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए जरूरी सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता विकसित की जा रही है, ताकि नाले से निकलने वाले पानी को शोधित करने के बाद ही उसका निस्तारण या दोबारा इस्तेमाल किया जा सके।

100 एमएलडी बिजनौर एसटीपी का निर्माण जारी

सई नदी में जाने वाले अनटैप्ड नाले को टैप करने के लिए 100 एमएलडी क्षमता वाले बिजनौर एसटीपी की परियोजना महत्वपूर्ण है। इस परियोजना का कार्यादेश 2 जून 2025 को जारी किया गया था। इसके बाद अनुबंध गठित किया जा चुका है और 23 जून 2026 से निर्माण कार्य शुरू किया गया। वर्तमान में परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। एसटीपी के तैयार होने के बाद नाले से आने वाले सीवेज को उपचारित किया जा सकेगा और बड़ी मात्रा में बिना शोधित सीवेज के सई नदी में पहुंचने की समस्या पर रोक लगेगी।

2044 तक सीवेज शोधन की पर्याप्त क्षमता

शहर में निर्माणाधीन, स्वीकृत और प्रस्तावित एसटीपी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लखनऊ में कुल 1263 एमएलडी सीवेज शोधन क्षमता उपलब्ध हो जाएगी। इस क्षमता से वर्ष 2044 तक शहर में पैदा होने वाले सीवेज के शोधन के लिए पर्याप्त व्यवस्था तैयार होने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य केवल वर्तमान जरूरत को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली आबादी और सीवेज की मात्रा को ध्यान में रखते हुए स्थायी व्यवस्था तैयार करना है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद किसी भी तरह का अशोधित सीवेज सई नदी में नहीं जाने देने की दिशा में बड़ा कदम होगा। इससे लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने में भी बड़े स्तर पर मदद मिलेगी।

शोधित पानी का भी होगा दोबारा इस्तेमाल

सीवेज शोधन के साथ-साथ शोधित पानी के दोबारा इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत 39 एमएलडी क्षमता वाले दौलतगंज एसटीपी से शोधित पानी को दोबारा उपयोग में लाने के लिए 16 एमएलडी क्षमता के टीटीपी के निर्माण का काम चल रहा है। इस पानी का इस्तेमाल पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क में औद्योगिक जरूरतों के लिए किया जाना है। इससे एक ओर नदियों और जल स्रोतों पर दबाव कम होगा, वहीं दूसरी ओर उद्योगों की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए शोधित पानी का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पार्क में भी इस्तेमाल होगा शोधित पानी

एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी को केवल औद्योगिक जरूरतों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। 3.5 एमएलडी एसटीपी के शोधित पानी को राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पार्क में इस्तेमाल करने की योजना है। यहां इस पानी का उपयोग बागवानी और सफाई के काम में किया जाएगा। इससे पेयजल या दूसरे स्वच्छ जल स्रोतों पर ऐसे कामों के लिए निर्भरता कम की जा सकेगी। शोधित पानी के इस तरह दोबारा इस्तेमाल से जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

एयरपोर्ट पर भी शोधित पानी के इस्तेमाल का प्रस्ताव

बिजनौर में निर्माणाधीन 100 एमएलडी एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी के पुन: उपयोग का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत शोधित पानी को राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में इस्तेमाल करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो एयरपोर्ट की विभिन्न जरूरतों में शोधित पानी का उपयोग किया जा सकेगा। इससे साफ पानी की खपत कम करने और सीवेज ट्रीटमेंट के बाद मिलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

सीवेज को नदी तक पहुंचने से रोकना मुख्य लक्ष्य

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह के मुताबिक लखनऊ में सीवेज प्रबंधन की पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य अशोधित सीवेज को सई नदी में पहुंचने से रोकना है। इसके लिए नालों की टैपिंग के साथ-साथ पर्याप्त एसटीपी क्षमता विकसित की जा रही है। सीवेज को उपचारित करने के बाद उसके उपयोग की संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं। इससे नदी में प्रदूषण का दबाव कम करने के साथ-साथ शोधित पानी को दोबारा उपयोग में लाकर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सकेगा।

1263 एमएलडी क्षमता से मजबूत होगा सीवेज प्रबंधन

लखनऊ में निर्माणाधीन, स्वीकृत और प्रस्तावित परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 1263 एमएलडी की कुल सीवेज शोधन क्षमता उपलब्ध होगी। इससे वर्ष 2044 तक सीवेज शोधन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त आधार तैयार होगा। सई नदी में जाने वाले नाले को टैप करने, नए एसटीपी बनाने और शोधित पानी के पुन: उपयोग की योजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे आने वाले समय में सई नदी में अशोधित सीवेज की रोकथाम के साथ शहर में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।