Gen Z के प्यार और रिश्तों पर गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर की दो टूक बातें, ‘Situationship’ से ‘Soulmate’ तक हर सवाल का जवाब

Gen Z के प्यार और रिश्तों पर गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर की दो टूक बातें, 'Situationship' से 'Soulmate' तक हर सवाल का जवाब

shri shri ravishankar

आज एक आत्मीय और जीवंत संवाद में भारत के 1,300 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों- जिनमें IIT, IIM, NIT और AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं—के हजारों प्रथम-वर्षीय विद्यार्थियों ने वैश्विक मानवतावादी एवं आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के साथ संवाद किया।
 

विद्यार्थियों ने अपने मन के अनेक प्रश्न खुले तौर पर उनके सामने रखे—लोकप्रिय कोरियाई हार्ट इमोजी के अर्थ से लेकर उस अंतहीन विचार-श्रृंखला तक, जो आज के अनेक युवा मनों को रात के दो बजे तक जगाए रखती है। जब एक विद्यार्थी ने पूछा कि जीवन में ‘सिचुएशनशिप’ चुननी चाहिए या ‘सोलमेट’ की तलाश करनी चाहिए, तो गुरुदेव ने प्रश्न को एक नई दृष्टि दे दी। उन्होंने पूछा—“अपने आपको उस दूसरे व्यक्ति के स्थान पर रखकर देखिए।

यदि आप किसी को अपना जीवनसाथी चुनें और वह आपको केवल एक ‘सिचुएशनशिप’ के रूप में देखना चाहे, तो आपको कैसा लगेगा? तब आप क्या चुनेंगे?” कश्मीर की एक छात्रा ने अपने जीवन की एक और गहरी उलझन साझा की। उसने कहा कि जीवन में सब कुछ ठीक होते हुए भी भीतर एक प्रकार की निरर्थकता का अनुभव होता है। गुरुदेव ने अत्यंत आत्मीयता से कहा कि उसका प्रश्न आज पूरी दुनिया के युवाओं के भीतर चल रहे एक व्यापक संघर्ष को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने अकेलेपन से बाहर निकलने और जीवन में पुनः अर्थ एवं उद्देश्य खोजने के लिए एक अत्यंत सरल और अंतरंग माध्यम—श्वास—की ओर संकेत किया।

 

यह संवाद आर्ट ऑफ लिविंग के यूथ डेस्क द्वारा आयोजित सातवें नेशनल इंडक्शन प्रोग्राम National Induction Programme के दौरान हुआ। यह कार्यक्रम उस पीढ़ी को एक साथ लेकर आया, जो तकनीक के कारण पहले से कहीं अधिक जुड़ी हुई है, फिर भी भीतर से अपनत्व, जीवन के अर्थ और मानसिक स्थिरता की तलाश में है।

 

लेकिन इस पूरे संवाद में जो बात विद्यार्थियों के मन में सबसे अधिक अंकित हुई, वह थी गुरुदेव की सहज जिज्ञासा, उनका विनोदपूर्ण अंदाज़ और उस पीढ़ी को समझने तथा उससे सीखने की उनकी तत्परता, जो कठिन से कठिन प्रश्न पूछने से नहीं हिचकती। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे उन गुणों को कभी न खोएँ, जो युवावस्था को जीवंत बनाते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—“शरारती बने रहिए। यही युवावस्था की पहचान है।” साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा—“आप गतिशील और शरारती अवश्य रहें, लेकिन आपकी शरारत किसी दूसरे के लिए पीड़ा का कारण नहीं बननी चाहिए।”

 

विद्यार्थियों को “इस दुनिया की वास्तविक संपदा” बताते हुए गुरुदेव ने उन्हें उनकी असाधारण संभावनाओं का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि दुनिया में जहाँ भी उत्कृष्ट प्रतिभाएँ दिखाई देती हैं, वहाँ कम-से-कम एक भारतीय अवश्य मिलता है। इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कंप्यूटर विज्ञान, फैशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे विविध क्षेत्रों में विश्वभर में अपनी पहचान बना रहे भारतीय युवाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्धियों से भी अधिक आवश्यक एक गुण है—“बाहर से दृढ़ और भीतर से लचीला व्यक्तित्व।”

 

उनके अनुसार, दृढ़ता का अर्थ यह नहीं कि जीवन में असफलता या संदेह कभी आए ही नहीं; बल्कि इसका अर्थ है—असफलताओं और अनिश्चितताओं के बावजूद निरंतर आगे बढ़ते रहना।

उन्होंने कहा—“जो लोग आरंभ में असफल होते हैं, उनमें से भी अनेक आगे चलकर महान उद्यमी बनते हैं। इसलिए स्वयं पर विश्वास रखिए।” और जब बात अपने निर्णयों को लेकर उठने वाले संदेह की आई, तो उन्होंने एक अत्यंत महत्वपूर्ण दृष्टिकोण रखा—“संदेह होना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन उसे अपने भीतर इतना गहरा मत उतरने दीजिए कि वही आपकी पहचान बन जाए।”

 

आज के युवाओं के जीवन में ध्यान और एकाग्रता का प्रश्न भी उतना ही महत्वपूर्ण है। छोटे-छोटे वीडियो और निरंतर डिजिटल उत्तेजना की आदी होती जा रही पीढ़ी के संदर्भ में गुरुदेव ने कहा—“आज ध्यान की कमी बहुत सामान्य हो गई है। पहले ध्यान की अवधि 40-50 मिनट हुआ करती थी, आज यह केवल 30 सेकंड रह गई है।” इसका समाधान उन्होंने भीतर के तनाव को दूर करने में देखा। उनके अनुसार, “जब व्यक्ति भीतर से तनावमुक्त होता है, तो उसके भीतर ऊर्जा का संचार होता है और उसकी एकाग्रता भी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।”

 

युवाओं की भावनात्मक उलझनों पर बात करते हुए गुरुदेव ने अपने विशिष्ट हास्यबोध का भी सहारा लिया। उन्होंने कहा—“जीवन में थोड़ा हास्य रखिए।” उन्होंने स्मरण कराया कि क्रोध वह दंड है जो स्वयं को दिया जाता है। जब क्रोध उठे, तो कुछ गहरी साँसें लें, परिस्थिति से थोड़ा पीछे हटें, स्वयं को देखें—और संभव हो तो उसी परिस्थिति को हास्य में बदल दें।

सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस युग में उन्होंने युवाओं को विवेकपूर्ण दृष्टि अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा—“सोशल मीडिया पर जो कुछ भी आता है, उसे सच मत मान लीजिए। बहुत-सी चीज़ें झूठी होती हैं और आज उनमें से बहुत कुछ AI द्वारा निर्मित भी है।”

 

FOMO, फ़ोमो—अर्थात दूसरों से पीछे छूट जाने का भय—रिश्तों और निरंतर आगे बढ़ते रहने के सामाजिक दबाव के बीच गुरुदेव ने मित्रता की एक अत्यंत सुंदर और सरल परिभाषा दी।

उन्होंने कहा—“अच्छा मित्र वह है, जिसके साथ बात करके आप फ़ोमो  से बाहर आ जाएँ। आप ज़ोमो में जिएँ और दूसरों को फ़ोमो दें।” उनके इस सहज और चुटीले कथन पर पूरा सभागार तालियों और हँसी से गूँज उठा।

 

शायद इस पूरे संवाद का सबसे गहरा संदेश यही था कि युवाओं को अपनी महत्वाकांक्षाएँ कम करने, प्रश्न पूछना छोड़ने या अपने साहस और जिज्ञासा को दबाने की आवश्यकता नहीं है।

युवा होना जीवन से प्रश्न पूछना है। युवा होना नई राहों पर चलने का साहस है। युवा होना गिरकर फिर उठ खड़े होने की क्षमता है और सबसे बढ़कर—युवा होना अपने भीतर की जीवंतता को बनाए रखना है।

 

गुरुदेव का संदेश स्पष्ट था—सफलता की दौड़ में स्वयं को मत खोइए। प्रश्न पूछिए, सपने देखिए, प्रयोग कीजिए, हँसिए, असफलताओं से सीखिए और सबसे महत्वपूर्ण—अपने भीतर की शांति, ऊर्जा और करुणा को जीवित रखिए।

Gold Silver Price Outlook: सोने से भी ज्यादा रिटर्न देने वाली है चांदी? जानिए एक्सपर्ट जोनाथन बैरट की क्या है राय

Gold Silver Price Outlook : कीमती धातुओं के बाजार में इंवेस्टमेंट को लेकर प्लान कर रहे निवेशकों के लिए एक जरूरी आउटलुक सामने आया है। कमोडिटी बाजार के एक्सपर्ट और ईटीओ मार्केट्स के CIO जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले समय में चांदी का प्रदर्शन सोने से भी बेहतर रह सकता है। बैरट का अनुमान है कि चांदी आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकती है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक जोनाथन बैरट ने सोने और तांबे को लेकर भी एक बेहद मजबूत और सकारात्मक आउटलुक पेश किया है। उनका मानना है कि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन टेक्नोलॉजी के तेजी से होते विस्तार के दम पर कमोडिटी बाजार में तेजी का नया दौर देखने को मिल सकता है।

100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है चांदी: एक्सपर्ट

जोनाथन बैरट का साफ कहना है कि चांदी कीमती धातुओं में सबसे बेहतर रिटर्न देने वाला मेटल साबित हो सकती है। उन्होंने सीएनबीसी टीवी 18 से बात करते हुए कहा कि,’मुझे लगता है कि चांदी ही निवेश के लिए सही जगह है।’उनके मुताबिक चांदी सबसे पहले 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को टारगेट करेगी। अगर अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी से जुड़ी पॉलिसी का सपोर्ट मिला तो चांदी की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

बैरट ने बताया कि चीन द्वारा सिल्वर ओर के आयात में साल-दर-साल आधार पर 62% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सौर पैनल जैसी ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ रहा है और इस विस्तार के चलते चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बनी रहेगी।

सोना भी छू सकता है 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर

सोने पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बैरट ने कहा कि वे गोल्ड को लेकर भी काफी बुलिश हैं। उनका अनुमान है कि अगर मौजूदा नीतियां जारी रहती हैं तो सोना प्रति औंस 5000 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर सकता है। सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे उन्होंने कई मैक्रो-इकोनॉमिक वजहें गिनाई हैं। उनके मुताबिक डॉलर इंडेक्स अभी 101 के आसपास है जिसके गिरकर 90 से 95 के स्तर तक आने की संभावना है। डॉलर में इस गिरावट से कीमती धातुओं को सीधा सहारा मिलेगा।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व से अलग अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और लिक्विडिटी बनाए रखने के उपायों का इस्तेमाल कर रही है। सीधे ब्याज दरों में बदलाव किए बिना लिक्विडिटी बढ़ाने की यह नीति डॉलर पर दबाव बनाए रखेगी, जो सोने-चांदी के लिए फायदेमंद है।

उनके मुताबिक अमेरिका पर लगातार बढ़ रहा कर्ज निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने की ओर रुख करने पर मजबूर कर रहा है। निवेशक सोने और चांदी को वैल्यू के बेहतर एसेट के रूप में देखना जारी रखेंगे।

ETF की वापसी और शेयर बाजार से बुलियन में लौटेगा पैसा

जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले दिनों में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की ओर से कीमती धातुओं में फिर से खरीदारी देखने को मिलेगी। जैसे-जैसे निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी नीतियों के जारी रहने का एहसास होगा इक्विटी बाजार से कुछ पूंजी वापस सोने और चांदी में शिफ्ट हो सकती है। इसके साथ ही अलग अलग देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही खरीदारी भी सोने-चांदी की कीमतों को सहारा देगी।

शेयर बाजार धड़ाम, सोने ने किया मालामाल! एक साल में निफ्टी 5% टूटा, गोल्ड 35% उछला, जानिए अब कहां लगाना चाहिए पैसा

तांबे पर भी बुलिश: स्ट्रक्चरल बुल मार्केट में बेस मेटल

सिर्फ कीमती धातुएं ही नहीं बल्कि बेस मेटल्स में जोनाथन बैरट तांबे पर भी पूरी तरह सकारात्मक हैं। वे कॉपर को एक स्ट्रक्चरल बुल मार्केट के रूप में देखते हैं। इसे चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन इकोनॉमी की ओर दुनिया के बदलाव से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। हाल के दिनों में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कॉपर की कीमतों में आई कुछ रुकावट या कंसोलिडेशन पर उन्होंने कहा कि यह हेल्दी पॉज है। माइंस से जुड़ी आपूर्ति की समस्याओं और स्ट्रक्चरल डेफिसिट यानी सप्लाई की कमी की वजह से कॉपर का लॉन्ग-टर्म तेजी का रुझान पूरी तरह से बरकरार है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

जापान के साथ यूपी की दोस्ती को मिलेगी नई उड़ान, लखनऊ में उद्योग से कृषि तक बनेगी बड़ी साझेदारी की रणनीति

जापान के साथ यूपी की दोस्ती को मिलेगी नई उड़ान, लखनऊ में उद्योग से कृषि तक बनेगी बड़ी साझेदारी की रणनीति

उत्तरप्रदेश और जापान के बीच रिश्तों को नई ऊंचाई देने की दिशा में शुक्रवार का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। जापानी प्रतिनिधिमंडल की यूपी विजिट के तीसरे दिन लखनऊ में निवेश, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, एमएसएमई और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में व्यापक संवाद होगा। दिन की शुरुआत जापानी प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट के साथ होगी, जबकि इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले चार सेक्टोरल सेशन इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे।

 

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जापानी प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से रूबरू कराने के लिए पूरे दिन कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की गई है। खास बात यह है कि दिनभर होने वाले संवाद केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जापान-उत्तर प्रदेश के बीच दीर्घकालिक आर्थिक और संस्थागत साझेदारी की जमीन तैयार करने पर केंद्रित होंगे।

 

राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मुलाकात से होगी शुरुआत

शुक्रवार सुबह जापानी प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचकर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात करेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर प्रतिनिधिमंडल की भेंट वार्ता प्रस्तावित है। इन मुलाकातों के जरिए दोनों पक्षों के बीच आपसी संबंधों, निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर उच्चस्तरीय संवाद होगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल दिनभर विभिन्न सेक्टोरल कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा।

 

जापानी विद्यार्थी देखेंगे यूपी की नई शिक्षा व्यवस्था

जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ आए 15 विद्यार्थियों का मोहनलालगंज स्थित अटल विद्यालय का दौरा भी दिन के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है। इन विद्यार्थियों के साथ इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी रहेंगे। इससे जापान के युवाओं को उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और राज्य में विकसित हो रहे आधुनिक शैक्षणिक मॉडल को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

 

1090 की कार्यप्रणाली समझेंगी जापानी महिला प्रतिनिधि

जापान से आईं 15 महिला प्रतिनिधियों के लिए भी विशेष कार्यक्रम रखा गया है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के मंत्री के साथ बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल लखनऊ स्थित 1090 वीमेन हेल्पलाइन का दौरा करेगा। यहां एडीजी की ओर से महिला सुरक्षा और हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतीकरण एवं ब्रीफिंग दी जाएगी। यह कार्यक्रम महिला सुरक्षा और तकनीक आधारित महिला सहायता प्रणाली के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

 

*ओडीओपी से स्टार्टअप तक दिखेगी यूपी की ताकत-

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक्जीबिशन एंड ओडीओपी एक्सपीरियंस सेंटर में जापानी मेहमानों को उत्तर प्रदेश की वास्तविक औद्योगिक और सांस्कृतिक ताकत से परिचित कराया जाएगा। यहां यूपीनेडा, पर्यटन, शिक्षा, इन्वेस्ट यूपी, श्रम, आईटी एवं स्टार्टअप, ओडीओपी और कौशल विकास से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ जापानी कंपनियां तथा एकेटीयू, आईआईटी बीएचयू और आईआईटी कानपुर जैसे प्रमुख संस्थान भी अपनी क्षमताओं और संभावनाओं को प्रदर्शित करेंगे। यानी एक ही छत के नीचे यूपी के उत्पाद, तकनीक, शिक्षा, स्टार्टअप और निवेश के अवसर जापानी प्रतिनिधियों के सामने होंगे।

 

कृषि से वैश्विक बाजार तक, चार सेक्टोरल सत्रों में बनेगी रणनीति

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चार समानांतर सेक्टोरल सत्र होंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश-जापान साझेदारी के अलग-अलग आयामों पर गहन चर्चा होगी। ‘फ्रॉम गेट टू ग्लोबल प्लेट’ सत्र में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने और जापानी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। जापानीज टूरिज्म सत्र में पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और पर्यटकों के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर मंथन होगा। यूपी जापान हेल्थकेयर एंड केयर इकॉनमी पार्टनरशिप सत्र स्वास्थ्य और केयर इकोनॉमी में साझेदारी के नए अवसर तलाशेगा। वहीं जापान-यूपी एमएसएमई पार्टनरशिप फोरम में उत्तर प्रदेश के विशाल एमएसएमई नेटवर्क और जापानी तकनीक, निवेश व विशेषज्ञता के बीच तालमेल पर चर्चा होगी। इन सत्रों को खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इनमें संभावित निवेश और कारोबारी साझेदारी को क्षेत्रवार आगे बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

 

एमओयू से साझेदारी को मिलेगा संस्थागत आधार

दिन में विधानसभा में एमओयू एक्सचेंज के लिए बैठक भी प्रस्तावित है। ऐसे में जापानी प्रतिनिधिमंडल का लखनऊ दौरा केवल संवाद और निवेश चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संभावित समझौतों के जरिए साझेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में भी आगे बढ़ेगा। दोपहर में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर के बीच भी बैठक प्रस्तावित है। यह मुलाकात ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

 

संस्कृति से मजबूत होंगे रिश्ते, शाम को होगा समापन सत्र

दोपहर बाद रंग भारती की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद शाम को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में वेलेडिक्टरी सेशन होगा, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद होंगे। यह सत्र पूरे आयोजन के निष्कर्षों को सामने रखने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और जापान की भविष्य की साझेदारी की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इसके बाद नेटवर्किंग हाई-टी के जरिए जापानी प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को अनौपचारिक संवाद का अवसर मिलेगा। रात्रि में मुख्यमंत्री आवास पर डिनर के साथ ही दिनभर चले कार्यक्रमों का समापन होगा।

‘उसे सब पता था…’, पत्नी की हत्या के बाद SBI कर्मचारी के WhatsApp स्टेटस में आया यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा का नाम

Divya Mishra Murder: लखनऊ में दिव्या मिश्रा की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। दरअसल, दिव्या की मौत से पहले उनके पति मानस वाजपेयी ने एक WhatsApp स्टेटस लगाया था, जिसमें उसने ने दावा किया था कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और आरोप लगाया कि उसने उसे धोखा दिया था। मानस ने स्टेटस में यह भी लिखा कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत को “सब कुछ पता था।”

बता दें कि मशहूर हिंदी यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या को गुरुवार दोपहर गोमती नगर में ICICI बैंक की ब्रांच के बाहर गोली मार दी गई थी, जहां वह काम करती थीं। जिसके बाद उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

‘उसे सब पता है’: स्टेटस में क्या लिखा था

38 वर्षीय मानस, जो SBI में कर्मचारी था उस पर आरोप है कि वह दिव्या के ऑफिस पहुंचा और उसे गोली मार दी। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद वह घर लौटा और अपनी 28 साल की बहन शिवा वाजपेयी (जो मानसिक रूप से बीमार थी) को गोली मारी, और फिर खुद को भी गोली मार ली।

मानस ने अपने WhatsApp स्टेटस में बताया कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है और उस पर धोखा देने का आरोप लगाया। उसने प्रज्ञा और उसके पति का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें “सब पता था।”

खास बात यह है कि यह स्टेटस दिव्या की मौत की खबर आने से पहले शेयर किया गया था।

बहन को ऑफिस के बाहर मारी गई गोली

प्रज्ञा ने दोपहर करीब 1:26 बजे X पर एक पोस्ट कर इस हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली है कि उनकी बहन को गोमती नगर में गोली मार दी गई है और उनका इलाज लोहिया अस्पताल में चल रहा है। प्रज्ञा ने लोगों से दिव्या के लिए दुआ और प्रार्थना करने की अपील भी की।

बता दें कि प्रज्ञा पहले न्यूज टेलीविजन चैनलों के साथ काम कर चुकी हैं। अब वह अपने YouTube चैनल ‘उल्टा चश्मा’ के लिए जानी जाती हैं, जिसके 85 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

पति-पत्नी एक साल से ज्यादा समय से अलग रह रहे थे

दिव्या और मानस की शादी को 12 साल हो चुके थे, लेकिन वे एक साल से ज्यादा समय से अलग-अलग रह रहे थे। दिव्या ने पिछले साल तलाक के लिए अर्जी भी दी थी।

पुलिस ने बताया कि मानस ने अपनी बहन शिवा की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि उसे लगता था कि उसकी मौत के बाद उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होगा।

पड़ोसी को मानस मृत अवस्था में मिला

मानस के घर के पास रहने वाले एक दुकानदार ने NDTV को बताया कि वह दोपहर करीब 12:30 बजे घर लौटा था। वह जल्दबाजी में लग रहा था और उसे बहुत पसीना आ रहा था। पड़ोसी ने बताया कि मानस अंदर गया और उसने हनुमान चालीसा बजाई।

इसके बाद जब पड़ोसी ने मानस का WhatsApp स्टेटस देखा, तो वह घर के अंदर गया। वहां उसने मानस को मृत पाया।

हत्याओं के इस घटनाक्रम के बाद जांचकर्ता अब कपल के खराब रिश्तों और मानस के आखिरी WhatsApp स्टेटस में लगाए गए आरोपों से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत राजधानी का बदलेगा पूरा नक्शा, 40 लाख नए फ्लैट और मेट्रो नेटवर्क का होगा विस्तार

Bandar OTT Release: जानें कब और किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे बॉबी देओल स्टारर ‘बंदर’

Bandar OTT Release: थिएटर में रिलीज होने के कुछ दिनों बाद, बॉबी देओल की फिल्म ‘बंदर’ अब OTT पर रिलीज होने के लिए तैयार है। यह फ़िल्म 28 अगस्त से ZEE5 पर उपलब्ध होगी। #MeTooForMen की बहस पर आधारित, ‘बंदर’ एक ऐसे आदमी की कहानी है जिसकी जिंदगी एक महिला के आरोप से उलट-पुलट हो जाती है। इसमें सच्चाई सामने आने से पहले ही लोगों की राय, मीडिया की छानबीन और समाज का फ़ैसला हावी हो जाता है।

अनुराग कश्यप की डायरेक्ट की गई इस फिल्म में सान्या मल्होत्रा, सपना पब्बी और सबा आज़ाद भी हैं। बॉबी देओल के लिए, “‘बंदर’ उन चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में से एक था जिसने उन्हें पूरी तरह से उनके कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकाला।”

एक प्रेस नोट के अनुसार, उन्होंने कहा, “इस किरदार के लिए मुझे न सिर्फ़ एक एक्टर के तौर पर, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी बहुत कुछ करना पड़ा। मुझे अपनी झिझक छोड़नी पड़ी, प्रोसेस पर भरोसा करना पड़ा और अनुराग के विज़न को पूरी तरह अपनाना पड़ा। अनुराग की कहानी कहने के अंदाज़ की मुझे जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह यह है कि वे कभी भी घिसे-पिटे रास्ते पर नहीं चलते।

वे आपको ऐसी चीज़ें एक्सप्लोर करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जो असहज या अप्रत्याशित हों, और इसी वजह से यह सफ़र इतना शानदार रहा। यह रोल निभाना चुनौतीपूर्ण भी था और आज़ादी का एहसास कराने वाला भी, और मैंने इसके हर पल का भरपूर आनंद लिया। यह फ़िल्म मेरे दिल के बहुत करीब है और मुझे उम्मीद है कि Zee5 पर इसके प्रीमियर से इसे वह बड़ा दर्शक वर्ग मिलेगा जिसकी यह हक़दार है और ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस अनोखी कहानी का अनुभव कर पाएंगे।”

डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने कहा, “इस कहानी ने मुझे इसलिए आकर्षित किया क्योंकि यह मुश्किल सवाल पूछने की हिम्मत रखती है, जिसमें एक ऐसा सवाल भी शामिल है जिसका सामना करने में समाज अक्सर असहज महसूस करता है: क्या पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं? यह फिल्म दर्शकों को ‘सही-गलत’ या ‘काले-सफेद’ जैसे सीधे-सादे नजरिए से आगे बढ़कर उन मुश्किल और अस्पष्ट स्थितियों (ग्रे एरिया) पर विचार करने की चुनौती देती है जो अक्सर असल ज़िंदगी में मौजूद होती हैं। यह फिल्म पूछती है कि क्या हम किसी के बारे में राय बनाने से पहले सच में उनकी बात सुनने को तैयार हैं, और क्या पीड़ित होने, सच्चाई और सहानुभूति के बारे में हमारी समझ कभी-कभी हमारी अपनी धारणाओं से प्रभावित होती है।”

अनुराग कश्यप ने आगे कहा, “इस फिल्म में कुछ बेहतरीन परफॉर्मेंस देखने को मिलती हैं, खासकर बॉबी की, जिन्होंने खुद को पूरी तरह से किरदार में ढाल लिया और उस रोल के लिए ज़रूरी कोमलता और तीव्रता को बखूबी निभाया। फिल्म का सफर अब तक कैसा भी रहा हो, मेरा मानना ​​है कि यह कहानी आज भी प्रासंगिक है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। मुझे खुशी है कि ‘बंदर’ अब हिंदी Zee5 पर ज़्यादा दर्शकों तक पहुंचेगी, और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे देखेंगे, इसे अपने तरीके से समझेंगे और फिल्म खत्म होने के बाद भी इस पर बातचीत जारी रखेंगे।”

OBC बेटियों की शादी में योगी सरकार का बड़ा सहारा, 30 हजार से ज्यादा परिवारों को मिला ₹60.93 करोड़ का अनुदान

OBC बेटियों की शादी में योगी सरकार का बड़ा सहारा, 30 हजार से ज्यादा परिवारों को मिला ₹60.93 करोड़ का अनुदान

CM Yogi Adityanath

मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन रही हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद देने के लिए संचालित शादी अनुदान योजना के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। सरकार की इस पहल से बेटियों के विवाह से जुड़ी आर्थिक जिम्मेदारियों को कम करने में मदद मिल रही है।

 

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 106.65 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12,855 आवेदन निरस्त किये गए हैं। 

 

आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आवंटित धनराशि का करीब 57.13 प्रतिशत है। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र परिवारों को समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें बेटी के विवाह के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

 

पात्र परिवार को 20 हजार रुपये की सहायता

 

शादी अनुदान योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ ऐसे परिवारों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है।

 

आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी माना जाता है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ ही बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोगी बन रही है।

 

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार पिछड़े वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कल्याण और बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। शादी अनुदान योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आर्थिक स्थिति बेटियों के विवाह में बाधा न बने। योजना में पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से सीधे उनके बैंक खातों में धनराशि भेजी जा रही है।

‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल

‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।

ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।

‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।

फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।

Gold Outlook: सोने ने पकड़ी रॉकेट जैसी रफ्तार! 1 दिन में 4% उछला भाव, एक्सपर्ट्स से जानिए अगला टारगेट

Gold Price Prediction: घरेलू और वैश्विक बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में एक बार फिर रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। हालिया सत्रों में पीली धातु में 4% से अधिक का जोरदार उछाल आया है, जिससे इसके दाम दो महीने के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बाद सर्राफा बाजार में यह बड़ी तेजी दर्ज की गई है।

एशियाई कारोबार की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,500 प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं, भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोना तेजी के साथ ₹1,58,008 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

क्यों आई सोने में अचानक इतनी बड़ी तेजी?

सोने की कीमतों में अचानक आए इस बड़े उछाल के पीछे अमेरिका का एक बड़ा फैसला है। अमेरिकी वित्त विभाग ने लंबी अवधि (10 से 30 साल) वाले बॉन्ड बाजार को अतिरिक्त लिक्विडिटी सहायता देने के लिए बायबैक ऑपरेशंस का दायरा दोगुना करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई और अमेरिकी डॉलर कमजोर हो गया।

चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के कमजोर होने और बॉन्ड यील्ड गिरने से बिना ब्याज देने वाले एसेट जैसे सोने की मांग अचानक बढ़ गई।

MCX Gold Target: एक्सपर्ट्स से जानिए अब कहां तक जाएंगे दाम

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक तकनीकी सपोर्ट लेवल कायम हैं, तब तक सोने में यह तेजी जारी रहेगी।

चॉइस ब्रोकिंग के एक्सपर्ट आमिर माकडा के अनुसार, ‘तकनीकी चार्ट पर MCX गोल्ड अपने 20, 50 और 100 दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म में तेजी का संकेत देता है। इमीडिएट रेजिस्टेंस ₹1,59,250 प्रति 10 ग्राम पर है। अगर यह इस स्तर को पार करता है, तो अगला टारगेट ₹1,60,000 होगा।

ऑगमेंट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिशा चैनानी ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने अपनी पुरानी रेंज ($4,340-$4,440) को तोड़ दिया है और $4,500 का टारगेट हासिल कर लिया है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगला लक्ष्य $4,600 है, जो भारतीय बाजार (MCX) में करीब ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर के बराबर बैठता है।

तेजी के बीच ये है एक बड़ा रिस्क

सोने में तेजी के बीच निवेशकों को अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) के रुख पर ध्यान देने की जरूरत है। यूएस फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स से साफ हुआ है कि नीति निर्माता अभी भी महंगाई को लेकर चिंतित हैं।

अगर अमेरिका में महंगाई दर 2% के लक्ष्य तक नहीं आती है, तो फेड ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी कर सकता है। अगर आने वाले दिनों में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड में रिकवरी आ सकती है, जो सोने की इस रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Outlook: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से गोल्ड 4500 डॉलर के करीब, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

Gold Outlook: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी का असर गोल्ड पर दिखा है। 19 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड 4,571.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। हालांकि, 20 अगस्त को इसमें थोड़ी नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.95 फीसदी गिरकर 4,475 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सवाल है कि लंबे समय बाद गोल्ड में आई तेजी पर निवेशकों को क्या करना चाहिए?

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से गोल्ड में आई तेजी

गोल्ड में तेजी की वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड गिरकर 4.64 पर आ गई है। 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड घटकर 5.18 फीसदी पर आ गई है। इसका सीधा असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर इंडेक्स में नरमी से भी गोल्ड को सपोर्ट मिला है।

कई देशों के केंद्रीय बैंक खरीद रहे हैं गोल्ड

बोनांजा में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव ने कहा, “बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी सोने के लिए फेवरेबल है। इससे लंबी अवधि के बॉन्ड मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।” हालांकि, गोल्ड में तेजी की वजह सिर्फ बॉन्ड यील्ड में नरमी नहीं है। सुरक्षित निवेश के लिए सोने में इनवेस्टमेंट बढ़ा है। दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक भी सोने में खरीदारी कर रहे हैं।

दिल्ली में गोल्ड की कीमतें तीन महीने की ऊंचाई पर 

20 अगस्त को दिल्ली सर्राफा बाजार में गोल्ड में जोरदार तेजी दिखी। यह 4,300 रुपये के उछाल के साथ 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह घरेलू बाजार में सोने का तीन महीने का सबसे हाई लेवल है। चांदी में भी अच्छी खरीदारी से तेजी देखने को मिली।

निवेशकों को फिलहाल क्या करना चाहिए

वीटी मार्केट्स में मार्केट एनालिस्ट रुचित ठाकुर के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका में मॉनेटरी पॉलिसी के गोल्ड के लिए सपोर्टिव रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सोने में तेजी के पीछे भागने में रिस्क है। इनवेस्टर्स सोने में अपना निवेश जारी रख सकते हैं।

यह भी पढ़ें: मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर के पार, भारत के इंपोर्ट बिल में आ सकता है बड़ा उछाल

गिरावट पर गोल्ड में खरीदारी की सलाह

उन्होंने कहा कि नए निवेशक सोने में गिरावट के मौके का इस्तेमाल निवेश के लिए कर सकते हैं। कीमतें हाई रहने पर उन्हें निवेश करने से बचने की सलाह है। आगे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ट्रेंड, फेडरल रिजर्व के संकेतों और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

Jantar Mantar Protest : जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, 5 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच, जानें कौन-कौन शामिल

Jantar Mantar Protest : जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, 5 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच,  जानें कौन-कौन शामिल

20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। शीर्ष अदालत ने घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर कमेटी (HPEC) का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे।

ALSO READ: Simple Wave Electric Scooter की लॉन्च डेट, डिजाइन, रेंज और कीमत का खुलासा, Bajaj Chetak C25 और TVS Orbiter से मुकाबला

प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई की होगी जांच

 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। खास तौर पर यह पता लगाया जाएगा कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल नियमों के तहत किया गया था या इसका अनावश्यक इस्तेमाल हुआ। समिति प्रदर्शन स्थल पर मौजूद महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिंसा के आरोपों की भी जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए। समिति को तय समय सीमा के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत को सौंपनी होगी।

ALSO READ: SIM Card Rules: 9 से ज्यादा SIM रखने वालों पर कसेगा शिकंजा, 23 अगस्त से लागू होगा नया नियम; जानें क्या बदलेगा

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

 

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा कर्मियों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों की व्यापक जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है।

 

इस समिति में शामिल सदस्य हैं:

 

  • जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी – सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और समिति के अध्यक्ष
  • जस्टिस रवि शंकर झा – पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
  • जस्टिस शालिंदर कौर – दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश
  • ऋषि कुमार शुक्ला – सीबीआई के पूर्व निदेशक
  • डॉ. एल.आर. बिश्नोई – मेघालय के सेवानिवृत्त डीजीपी
  • पुलिस पर बल प्रयोग के आरोपों की भी पड़ताल

 

समिति प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की ओर से कथित बल प्रयोग से जुड़े आरोपों की जांच करेगी। इसके साथ ही पुलिस की ओर से लगाए गए उन आरोपों पर भी गौर किया जाएगा, जिनमें पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस जांच का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी प्रमुख आरोपों और परिस्थितियों की निष्पक्ष पड़ताल करना है।