SIM Card Rules: 9 से ज्यादा SIM रखने वालों पर कसेगा शिकंजा, 23 अगस्त से लागू होगा नया नियम; जानें क्या बदलेगा

SIM Card Rules: 9 से ज्यादा SIM रखने वालों पर कसेगा शिकंजा, 23 अगस्त से लागू होगा नया नियम; जानें क्या बदलेगा

भारत में मोबाइल SIM कार्ड को लेकर नियम और सख्त होने जा रहे हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) अब ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल करेगा, जो अपने नाम पर निर्धारित अधिकतम संख्या में SIM कार्ड पहले ही ले चुके हैं। ऐसे यूजर्स को अतिरिक्त मोबाइल कनेक्शन लेने से रोका जाएगा।

 

देश के अधिकांश हिस्सों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा 6 SIM कार्ड की है। सरकार का मुख्य उद्देश्य SIM कार्ड के जरिए होने वाले धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध पर लगाम लगाना है।

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10वां SIM लेने की कोशिश की तो क्या होगा?

 

एक बार निर्धारित सीमा पूरी होने के बाद टेलीकॉम कंपनियां उसी व्यक्ति के नाम पर नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं कर सकेंगी। नए सिस्टम के तहत यदि किसी व्यक्ति के नाम पर 9 SIM कार्ड हैं, तो उसकी जानकारी और उपलब्ध होने पर फोटो भी Digital Intelligence Platform (DIP) पर दिखाई देगी। टेलीकॉम कंपनियां नया कनेक्शन देने से पहले यह जांच सकेंगी कि ग्राहक पहले ही तय सीमा तक SIM ले चुका है या नहीं।

 

यह व्यवस्था 23 अगस्त 2026 से लागू होने की योजना है। शुरुआत में टेलीकॉम कंपनियां नए कनेक्शन जारी करने से पहले DIP में उपलब्ध जानकारी के आधार पर क्रॉस-चेक करेंगी। इसके बाद सिस्टम को धीरे-धीरे अधिक ऑटोमेटेड बनाया जाएगा।

 

पहले से लिमिट से ज्यादा SIM हैं तो क्या होगा?

 

नए नियम उन लोगों पर भी लागू होंगे, जिनके नाम पर पहले से तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं। ऐसे अतिरिक्त SIM कार्ड की पहचान कर उन्हें डिस्कनेक्ट किया जा सकता है। DoT की तकनीक पहले से ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए हासिल किए गए SIM कार्ड या निर्धारित सीमा से ज्यादा कनेक्शन की पहचान करने में सक्षम है।

 

SIM कार्ड के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड पर लगाम

 

सरकार के इस कदम का बड़ा मकसद उन SIM कार्ड के इस्तेमाल को रोकना है, जिनका इस्तेमाल अपराधी दूसरे लोगों की पहचान बनाकर, वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध करने के लिए करते हैं। DIP के जरिए DoT पहले से ही टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों, पुलिस और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ SIM और टेलीकॉम दुरुपयोग से जुड़ी जानकारी साझा करता है।

 

नवंबर 2026 तक टेलीकॉम कंपनियों को करना होगा सिस्टम तैयार

 

DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर 2026 तक रियल-टाइम SIM जांच व्यवस्था लागू करने और अपने सिस्टम को Digital Intelligence Platform के साथ पूरी तरह इंटीग्रेट करने की समयसीमा दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तय सीमा से ज्यादा SIM रखने वाले ग्राहकों की पहचान जल्द हो सके और अतिरिक्त कनेक्शन पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

 

ASTR भी करेगा फर्जी SIM की पहचान

 

सरकार ने फर्जी दस्तावेजों या निर्धारित सीमा से अधिक संख्या में जारी किए गए SIM कार्ड की पहचान के लिए ASTR नाम का AI आधारित सिस्टम भी तैयार किया है। यह तकनीक संदिग्ध या फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मोबाइल कनेक्शन का पता लगाने में मदद करती है।

 

CNAP से कॉल आने पर दिखेगा नाम

 

SIM कार्ड की संख्या सीमित करने के साथ टेलीकॉम सेक्टर में एक और बड़ा बदलाव Calling Name Presentation (CNAP) के रूप में हो रहा है। CNAP के जरिए जब किसी व्यक्ति के पास कॉल आएगी तो मोबाइल स्क्रीन पर उस नंबर से जुड़ा नाम दिखाई देगा, भले ही वह नंबर कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव न हो। CNAP में टेलीकॉम कंपनियों के पास मौजूद KYC जानकारी का इस्तेमाल किया जाएगा, न कि किसी क्राउडसोर्स्ड डेटाबेस का।

 

कुल मिलाकर, SIM की सीमा सख्त करना, DIP के जरिए जानकारी साझा करना और CNAP लागू करना सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य फर्जी मोबाइल कनेक्शन के जरिए पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने वालों पर शिकंजा कसना है।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, JPSC-JSSC उम्मीदवारों को बड़ी राहत

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, JPSC-JSSC उम्मीदवारों को बड़ी राहत

Jharkhand CM announces rs 3 crore relief for flood victims

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने इन परीक्षाओं को पास कर नौकरी हासिल की थी और अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस में थे।

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याचिकाकर्ताओं की मुख्य दलील है कि राज्य सरकार ने उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना ही भर्ती परीक्षाओं और उसके बाद हुई नियुक्तियों को एकतरफा तरीके से रद्द कर दिया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी सेवाओं में नियुक्त भी हो चुके थे। ऐसे में सरकार के फैसले से सीधे तौर पर उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया था।

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उम्मीदवारों ने प्राकृतिक न्याय का दिया हवाला

 

याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत (Principles of Natural Justice) का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी उम्मीदवार की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन बिना व्यक्तिगत जांच या सुनवाई के सभी सफल अभ्यर्थियों को नौकरी से हटाना उचित नहीं है।

 

उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षाएं दी थीं, मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया और इसके बाद उन्हें सरकारी पदों पर नियुक्त किया गया। इसलिए पूरी भर्ती प्रक्रिया को एक साथ रद्द करने के बजाय प्रत्येक अभ्यर्थी की भूमिका की अलग-अलग जांच की जानी चाहिए।

 

JSSC-CGL परीक्षा को लेकर भी उठे सवाल

 

JSSC-CGL मामले में कुछ याचिकाकर्ताओं ने यह भी दलील दी है कि परीक्षा के परिणाम पहले हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में घोषित किए गए थे। ऐसे में बाद में राज्य सरकार की ओर से पूरी परीक्षा रद्द करने के फैसले की कानूनी वैधता पर सवाल उठता है।

 

गौरतलब है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID और SIT की जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और नियुक्त उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है।

इंदौर के 100 करोड़ के ड्रेनेज घोटाले में ED ने पेश किया 20 हजार पन्‍नों का चालान, 32 आरोपी बनाए गए

इंदौर के 100 करोड़ के ड्रेनेज घोटाले में ED ने पेश किया 20 हजार पन्‍नों का चालान, 32 आरोपी बनाए गए

इंदौर के 100 करोड़ रुपए के ड्रेनेज लाइन घोटाले में ED ने 20 हजार पन्‍नों से ज्यादा का चालान कोर्ट में पेश किया है। इस मामले में चीफ इंजीनियर अभय राठौर समेत 32 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में इंजीनियर, लेखा विभाग के कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हैं।

बता दें कि यह इंदौर का बहुचर्चित घोटाला है। इस पर पूरे शहर की नजर है। इसके साथ ही इस मामले में जेल में बंद दो आरोपियों ने जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है।

मामले में पेश किए गए चालान में चीफ इंजीनियर अभय राठौर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। बगैर काम किए फाइल मंजूर करने और लेखा विभाग के कर्मचारियों की मदद से बिल मंजूर कराने के खेल में अभय माहिर था।

फर्जी फाइल से किया था खेल : चार साल में 100 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की फर्जी फाइल तैयार कर लेखा विभाग में बिल भुगतान के लिए भेजे गए थे। जब इसकी शिकायत बड़े अफसरों के कानों तक पहुंची तो जांच शुरू हुई। इस बीच घोटाले की फाइलें नगर निगम के एक अधिकारी की कार से गायब हो गईं। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और फिर घोटाले की परतें खुलती चली गईं।

32 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय : बाद में इस केस में ईडी की एंट्री हुई और उसने आरोपियों की संपत्तियां अटैच करना शुरू कीं। ईडी ने जो चालान कोर्ट में पेश किया है, वह 20 हजार पेज से ज्यादा का है और 32 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।

ईडी ने पिछले साल 200 करोड़ की संपत्‍ति की थी फ्रीज : बता दें कि ईडी ने पिछले साल 2025 में आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारकर 200 करोड़ रुपए की संपत्ति, खाते और लॉकर फ्रीज किए थे और फिर संपत्तियां अटैच करना शुरू कीं। अब तक कुल 59 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं। घोटाले के मुख्य आरोपी अभय राठौर का कहना है कि उसका घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो लंबे समय तक निलंबित था, लेकिन जैसे ही बहाल हुआ, उसे इस घोटाले में फंसा दिया गया। जिन फाइलों पर भुगतान हुआ, उन पर वरिष्ठ अफसरों के हस्ताक्षर थे। ईडी अब कोर्ट में आरोपों को साबित करेगा। फिलहाल इस घोटाले के तीन आरोपी जेल में बंद हैं।

BWF World Championship में भारत की बेटियों ने किया बड़ा उलटफेर, 7वीं रैंक की जोड़ी को हराया

Treesa Jolly Gayatri Gopichand

त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने बृहस्पतिवार को जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में हराकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।भारत की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एकतरफा मुकाबले में रिन और नाकानिशी की विश्व में सातवें नंबर की जोड़ी को 21-16 21-12 से हराया।

हाल में अर्जुन पुरस्कार पाने वाली त्रीसा और गायत्री ने शुरू से अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम को कोई मौका नहीं दिया। यह भारतीय जोड़ी 2022 और 2023 में लगातार दो वर्ष ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं।इस साल की शुरुआत में त्रीसा के टखने में चोट लगने के कारण यह जोड़ी कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई थी। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन में वापसी की और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज जीता।

Sajjan Kumar Death: 1984 सिख विरोधी दंगों में उम्रकैद काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Sajjan Kumar Death: 1984 सिख विरोधी दंगों में उम्रकैद काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

sajjan kumar

1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को निधन हो गया।  सफदरजंग अस्पताल के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। वह 80 वर्ष के थे।अस्पताल  की ओर से अभी तक सज्जन कुमार की मौत की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर 2018 को पांच सिखों की हत्या और दंगों के दौरान एक गुरुद्वारे को जलाने के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद वह तिहाड़ जेल में सजा काट रहे थे। वहीं, फरवरी 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के दंगों के दौरान दो सिख पुरुषों की हत्या के एक अन्य मामले में भी उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

 

सज्जन कुमार तीन बार लोकसभा सांसद रहे थे। उन्होंने आउटर दिल्ली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था। वर्ष 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।

 

1984 में कैसे भड़के थे सिख विरोधी दंगे?

 

सिख विरोधी दंगे 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे। इंदिरा गांधी की हत्या उनके दो सिख अंगरक्षकों ने की थी। ये अंगरक्षक जून 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेना चाहते थे। ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय सेना की ओर से अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में चलाया गया सैन्य अभियान था।

Dividend Stock: हर शेयर पर मिलेगा ₹60 का तगड़ा डिविडेंड, 1 सितंबर है रिकॉर्ड डेट

प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थकेयर लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शेयरहोल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसकी घोषणा मई महीने में की गई थी। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 1 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

इससे पहले P&G Hygiene and Health Care वित्त वर्ष 2026 के लिए 170 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम और 25 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी ने 110 रुपये का अंतरिम डिविडेंड और 65 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमिटेड, ग्लोबल कंपनी ‘द प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनी’ की सब्सिडियरी है। इसके ब्रांड्स में पैंपर्स, व्हिस्पर, एरियल, टाइड, जिलेट इंडिया, हेड एंड शोल्डर्स, पैंटीन, ओरल बी, विक्स, ओल्ड स्पाइस जैसे ब्रांड शामिल हैं।

P&G Hygiene and Health Care का शेयर एक साल में 38 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर में 20 अगस्त को मामूली तेजी रही। BSE पर शेयर 8255.80 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 26800 करोड़ रुपये के करीब है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.64 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 38 प्रतिशत और 6 महीनों में 28 प्रतिशत नीचे आया है। 2 साल में कीमत आधी हो चुकी है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 14,493.15 रुपये और एडजस्टेड लो 8,230 रुपये है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में P&G Hygiene and Health Care का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 891.46 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 126.27 करोड़ रुपये और अर्निंग्स प्रति शेयर 38.90 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 4,290.42 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 856.50 करोड़ रुपये और अर्निंग्स प्रति शेयर 263.86 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

P&G Health के डिविडेंड के लिए 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट

Procter & Gamble Health Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 27 अगस्त है। डिविडेंड पर 3 सितंबर 2026 को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले P&G Health वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 110 रुपये का अंतरिम और 50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है।

हर एक शेयर पर 2 नए शेयर फ्री, फायदा पाना है तो आज 20 अगस्त को आखिरी मौका; 6 महीनों में कीमत 21% चढ़ी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Balrampur Chini Mills के शेयर में तूफानी तेजी, एक दिन में 19% उछला, जानिए वजह

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 20 अगस्त को रॉकेट बन गए। सिर्फ एक दिन में यह शेयर 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। इससे शेयर की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। 25 जनवरी, 2008 के बाद पहली बार यह शेयर एक दिन में इतना ज्यादा चढ़ा है। शेयर में तेजी की वजह सरकार का एक फैसला है।

चीनी के स्टॉक को लेकर सरकार का नया आदेश

सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट के बारे में बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने नए ऑर्डर में कहा है कि चीनी के ऐसे डीलर जिनकी बिक्री हर महीने 10 टन से ज्यादा है, वे 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सरकार ने यह कदम चीनी की कीमतों में आई बड़ी तेजी के बाद उठाया है।

इस साल 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा आदेश

सरकार का मकसद चीनी की सप्लाई बढ़ाना और इसकी कीमतों में तेजी पर लगाम लगाना है। स्टॉक लिमिट को लेकर यह नया आदेश 1 सितंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा। सरकार ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रख यह कदम उठाया है। देश में अक्तूबर से बड़े त्योहारों का मौसम शुरीू हो जाता है। इस दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है।

एक महीने में 10 फीसदी उछली हैं चीनी की कीमतें

चीनी के स्टॉक की यह लिमिट सिर्फ डीलर्स और ट्रेडर्स के लिए है। यह चीनी मिलों पर लागू नहीं होगी। बीते एक महीने में चीनी की कीमतें करीब 10 फीसदी उछली हैं। 18 अगस्त को एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई। एक साल पहले यह 3,900 रुपये थी।

बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर 19.55 फीसदी उछला

बलरामपुर चीनी मिल्स चीनी बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका शेयर 20 अगस्त को 19.55 फीसदी चढ़कर 778 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 77.50 फीसदी चढ़ा है। 20 अगस्त को चीनी बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल आया। श्री रेणुका शुगर्स का शेयर 7.8 फीसदी चढ़कर 26.13 रुपये पर बंद हुआ।

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इन चीनी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल

20 अगस्त को बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 14.47 फीसदी चढ़कर 23.33 रुपये पर क्लोज हुआ। डालमिया भारत इंडस्ट्रीज का शेयर 6.84 फीसदी के उछाल के साथ 508 रुपये पर बंद हुआ। अवध शुगर एंड एनर्जी का शेयर 9.52 फीसदी चढ़कर 814 रुपये पर क्लोज हुआ। उत्तम शुगर मिल्स का शेयर 11.70 फीसदी के उछाल के साथ 336.22 रुपये पर बंद हुआ। धामपुर शुगर मिल्स का शेयर 7.71 फीसदी चढ़कर 189.76 रुपये पर क्लोज हुआ।

Deepika Padukone: रणबीर कपूर की ‘ब्रह्मास्त्र 2’ में दिखेगा दीपिका पादुकोण का दमदार रोल?

Deepika Padukone: रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ 2022 में रिलीज हुई थी और तब से ही फ़ैन्स अयान मुखर्जी की अगली फ़िल्म के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि अब यह इंतज़ार खत्म होने वाला है।

पिंकविला के सूत्रों के अनुसार, रणबीर कपूर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग पूरी करने के बाद, जनवरी 2027 तक ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 2’ की शूटिंग शुरू कर देंगे। एक सूत्र ने बताया, “रणबीर इस सफ़र को फिर से शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। एक बड़े दोहरे किरदार (डुअल-रोल) वाले चैलेंज में, RK सीक्वल में देव और शिव, दोनों का किरदार निभाएंगे।”

इससे भी बड़ी खबर यह है कि फ़्रैंचाइज़ी की अगली फ़िल्म के लिए पुरानी कास्ट वापस आ रही है और अयान, दीपिका पादुकोण को भी इसमें शामिल करना चाहते हैं। वह अभी दीपिका से ‘अमृता’ का रोल निभाने के बारे में बातचीत कर रहे हैं। सूत्र ने बताया, “अयान और उनकी टीम को भरोसा है कि वे दीपिका को फ़िल्म में शामिल कर लेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि ‘अमृता’ का रोल निभाने के लिए एक ऐसे एक्टर की ज़रूरत है, जिसमें ज़बरदस्त गंभीरता और प्रभाव हो। बातचीत चल रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि इस बात पर निर्भर करेगी कि समय और शेड्यूल का तालमेल कैसे बैठता है।”

ब्रह्मास्त्र पार्ट वन के बारे में

‘ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा’ 9 सितंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट पहली बार एक साथ नज़र आए थे। अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, नागार्जुन और मौनी रॉय ने भी अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। शाहरुख खान ने भी फ़िल्म में एक खास भूमिका (कैमियो) निभाई थी। फ़िल्म को दर्शकों ने बहुत पसंद किया और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई की।

ब्रह्मास्त्र सीक्वल पर अयान मुखर्जी

अप्रैल 2023 में, अयान मुखर्जी ने एक बयान जारी करके ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट टू: देव’ और ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट थ्री’ की रिलीज़ की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि उनकी फ़िल्म का दूसरा पार्ट दिसंबर 2026 में रिलीज़ होगा, जबकि तीसरा और आखिरी पार्ट एक साल बाद, यानी 2027 में सिनेमाघरों में आएगा, लेकिन चीज़ें योजना के मुताबिक नहीं हो पाईं।

फ़िल्ममेकर ने यह भी भरोसा दिलाया कि ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और ‘3’ पहले पार्ट से “बड़े” होंगे और कहा कि वह दोनों फ़िल्में एक साथ बनाएंगे। उनके बयान में कहा गया, “पहले पार्ट को मिले प्यार और फ़ीडबैक को समझने के बाद… मैं दूसरे और तीसरे पार्ट के विज़न को तैयार करने पर ध्यान दे रहा हूँ, और अब मुझे पता है कि ये पहले पार्ट से बड़े और ज़्यादा बड़े पैमाने पर बनने वाले होंगे!”

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया एडवांस ऑप्टिकल फाइबर-बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन, 30 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया एडवांस ऑप्टिकल फाइबर-बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन, 30 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को धार जिले के पीथमपुर में एडवांस ऑप्टिकल फाइबर (कोर्सिस) और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग (वोल्टर्स) प्लांट्स का उद्घाटन किया। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की। उनका कहना है कि इन उद्योगों से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे राज्य का विकास तो होगा ही, देश की भी समृद्धि होगी।  

 

उद्गाटन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि रोजगारपरक उद्योग की दो नई इंडस्ट्रीज का शुभारंभ किया। भविष्य में तीस हजार से ज्यादा लोगों को यहां रोजगार मिलेगा। यहां आधुनिक इंडस्ट्रीज स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि ये डिजिटल फाइबर और लिथियम बैटरी बनाने वाली देश की तीसरी सबसे बड़ी यूनिट है। हमारे राज्य की समृद्धि के लिए, देश के आर्थिक विकास के लिए यहां जर्मन टेक्नोलॉजी पर आधारित उद्योग लगाया गया है। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य और युवाओं को नए दौर में पहुंचाएगा बीते एक माह में मैं लगातार दूसरी बार यहां आया हूं। पिछली बार भी हमने कई उद्योगों का लोकार्पण किया था। पिछले समय जो हमने एमओयू किए, वो धरातल पर उतर रहे हैं। औद्योगिक दृष्टि से हमारा धार सबसे ज्यादा आर्थिक समृद्ध जिला है। यह जिला कभी अपने पिछड़े पन के लिए जाना जाता था। आज यही जनजातीय बहुल धार और पीथमपुर सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले क्षेत्र हैं।

SIT की क्लीन चिट के बाद चंपत राय का बड़ा धमाका, नृपेंद्र मिश्रा के खिलाफ खोला मोर्चा, जारी किया 9 पन्नों का सनसनीखेज बयान

SIT की क्लीन चिट के बाद चंपत राय का बड़ा धमाका, नृपेंद्र मिश्रा के खिलाफ खोला मोर्चा, जारी किया 9 पन्नों का सनसनीखेज बयान

Champat Rai Letter Nripendra Mishra: ​अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा व दान चोरी मामले में एसआईटी (SIT) से क्लीन चिट मिलते ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चम्पत राय ने एक बड़ा राजनीतिक व प्रशासनिक भूचाल ला दिया है। चम्पत राय ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष/चेयरमैन और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा के खिलाफ 9 पन्नों का विस्तृत बयान जारी करते हुए 33 गंभीर बिंदुओं के तहत सीधे सवाल खड़े किए हैं।

​चम्पत राय के सनसनीखेज दावे

  • नृपेंद्र मिश्रा की ही चली मर्जी : चम्पत राय का दावा है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अब तक मंदिर निर्माण में केवल वही हुआ जो नृपेंद्र मिश्रा चाहते थे। किसी अन्य व्यक्ति के फैसले या सलाह को महत्व नहीं दिया गया।
  • ​कंपनियों और वास्तुकारों का चयन : एलएंडटी (L&T) को निर्माण के लिए चुनना, टाटा (TCE) को प्रोजेक्ट सलाहकार बनाना और अन्य भवनों के लिए नोएडा की फर्म 'डिजाइन एसोसिएट' (जय काकतीकर) को चुनना, ये सभी फैसले केवल नृपेंद्र मिश्रा द्वारा लिए गए।
  • ​निर्णयों में सर्वाधिकार : मंदिर वास्तुकार चंद्रकांत भाई सोमपुरा (जिन्हें 1986 में अशोक सिंहल ने चुना था) को छोड़कर, निर्माण समिति की हर मासिक बैठक में नृपेंद्र मिश्रा ही हर निर्णय के सर्वेसर्वा रहे। यदि किसी और ने कोई निर्णय लिया भी, तो उसे अमान्य कर हटा दिया गया।

​विवाद का मुख्य कारण

​यह पूरा विवाद तब और गहराया जब चढ़ावा चोरी मामले पर नृपेंद्र मिश्रा ने कहा था कि मंदिर में व्यवस्था में भारी खामी के साथ-साथ यह एक तरह का 'डाका' है। मिश्रा ने बिना नाम लिए मन-मुताबिक नियुक्तियों का आरोप लगाया था और सुझाव दिया था कि राम मंदिर का संचालन एक CEO स्तर के पेशेवर सिस्टम के तहत होना चाहिए। ​एसआईटी जांच से पूरी तरह बरी होने के बाद चम्पत राय ने नृपेंद्र मिश्रा के इन्हीं बयानों और फैसलों का जवाब देने के लिए यह मोर्चा खोला है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर चोरी के 81 लाख कैसे बरामद हुए? चंपत राय की चिट्‍ठी से खुला बड़ा राज

​चिट्ठी पर नृपेंद्र मिश्रा का रुख

​विवाद के बीच नृपेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी और मुख्य बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि परिसर के अधिकांश निर्माण 30 सितंबर तक पूरे हो जाएंगे। इसके बाद 30 अक्टूबर तक L&T और Tata के कर्मचारी अपना काम समाप्त कर चले जाएंगे। मिश्रा ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा दीवार और बाउंड्री वॉल का काम दिसंबर तक पूरा होगा। मंदिर निर्माण का अंतिम व पूर्ण समापन मार्च 2027 तक तय किया गया है। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, SIT जांच रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट

 

सबसे बड़ी चुनौती : परिसर में 20 गैलरियों वाला एक हाई-टेक संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिसमें आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों के साथ आधुनिक 'इमर्सिव टेक्नोलॉजी' का प्रयोग होगा।