दिल्ली के रोहिणी में ‘स्पेशल 26’ जैसी घटना, CBI अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंची फर्जी टीम, पत्नी ने ऐसे खोली पोल

Delhi Fake CBI Raid: बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘स्पेशल 26’ शायद सबने देखी होगी, जिसमें एक्टर अक्षय कुमार और अनुपम खेर फर्जी CBI अधिकारी बनकर बिजनेसमैन और नेताओं के घर छापेमारी करते हैं। ऐसी ही एक घटना दिल्ली के रोहिणी के इलाके से भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ठीक ‘स्पेशल 26’ की तरह कुछ लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर पर फर्जी रेड करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने जब उनसे पहचान का सबूत और वैध सर्च वारंट मांगा, तो सभी लोग वहां से चले गए।

परिवार की शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोग CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। उस समय बिजनेसमैन की पत्नी घर पर थीं और उन्होंने गेट खोलने से मना कर दिया। उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे अंदर आने से पहले अपनी पहचान साबित करें और सही सर्च वारंट दिखाएं।

शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि उस ग्रुप ने उन्हें अंदर आने देने के लिए दबाव डाला और मना करने पर धमकी दी। हालांकि, वह उनकी पहचान के सबूत और जरूरी दस्तावेज मांगती रहीं।

CBI की बताई जा रही यह टीम लगभग 90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही, जिससे शक और बढ़ गया।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

इलाके में लगे CCTV कैमरों में उस ग्रुप की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम इस फुटेज की जांच कर रही है ताकि शामिल लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की जा सके।

जब वे लोग बाहर ही खड़े रहे, तो आस-पास के लोग भी वहां जमा हो गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। उन्होंने उस ग्रुप से पहचान-पत्र, सर्च वारंट या कथित रेड (छापे) के लिए जारी नोटिस की कॉपी दिखाने को कहा।

बताया जाता है कि उस ग्रुप ने कहा कि कागजात उनकी गाड़ी में हैं। जब उनसे कागजात लाने के लिए कहा गया, तो वे यह कहकर वहां से चले गए कि वे कागजात ले आएंगे, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे।

परिवार ने पुलिस से किया संपर्क

इसके बाद परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की एक टीम घर पहुंची और शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था और उनके पास ऐसे पहचान पत्र भी थे, जिनमें उन्हें CBI अधिकारी बताया गया था। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्रवाई असली और आधिकारिक लगे।

शिकायतकर्ता के पिता को WhatsApp पर मिला फर्जी नोटिस

मामले में उस समय एक और नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के पिता को बाद में WhatsApp पर एक नोटिस मिला। शिकायत के मुताबिक, इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे।

हालांकि, बाद में वह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया था।

परिवार का आरोप है कि नोटिस फर्जी था और इसका मकसद कथित रेड को CBI का अधिकृत ऑपरेशन दिखाना था। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस नोटिस की असलियत की जांच कर रही है, जबकि घटना की जांच जारी है।

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महंगे हो गए 5G स्मार्टफोन्स, 10 हजार से कम में खरीदें ये 10 दमदार 4G फोन्स जो दे रहे हैं बंपर फीचर्स, देखें लिस्ट

मेमोरी की कीमत बढ़ने और दूसरे पार्ट्स महंगे होने के कारण 5G स्मार्टफोन की कीमत लगातार बढ़ रही है। IDC के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में 5G स्मार्टफोन की औसत कीमत 341 डॉलर पहुंच गई, जबकि 4G स्मार्टफोन की औसत कीमत 109 डॉलर रही। इस तरह 5G और 4G फोन की कीमत में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इसका असर बजट में फोन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। खासकर छोटे शहरों और कस्बों के ग्राहक महंगे 5G फोन के बजाय कम कीमत वाले 4G स्मार्टफोन खरीदना पसंद कर रहे हैं।

यह बदलाव स्मार्टफोन की बिक्री के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में 4G स्मार्टफोन की बिक्री में 40% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कुल बिके स्मार्टफोन में 4G फोन की हिस्सेदारी बढ़कर 12% हो गई। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि लोग 5G फोन खरीदना बंद कर रहे हैं। असल में, बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर कम बजट वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि ये ग्राहक महंगे 5G फोन की जगह सस्ते 4G स्मार्टफोन को चुन रहे हैं।

जिन लोगों को फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग, WhatsApp, सोशल मीडिया, वीडियो देखने, रास्ता खोजने और रोजमर्रा के ऐप्स चलाने के लिए करना है, उनके लिए 4G स्मार्टफोन अभी भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। अगर आप 5G फोन पर ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं, तो बजट में मिलने वाले 4G फोन पर विचार किया जा सकता है। इनमें से एक है Lava Bold N2 Lite। Flipkart पर इसकी कीमत 9,399 रुपये बताई गई है। फोन में 3GB रैम और 64GB स्टोरेज मिलती है। इसमें 6.75 इंच का डिस्प्ले, 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी दी गई है।

  • POCO C61

POCO C61 की कीमत 7,499 रुपये है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.71 इंच का HD+ डिस्प्ले, 8 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी मिलती है।

  • Redmi 12C

Redmi 12C भी 7,499 रुपये की कीमत में आता है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.71 इंच का HD+ डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,000mAh की बैटरी मिलती है।

  • Lava Blaze

Lava Blaze भी बजट सेगमेंट में एक विकल्प है। यह उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है जो कम कीमत में रोजमर्रा के काम के लिए 4G स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं।

Ai+ Pulse 2

Ai+ Pulse 2 की कीमत 9,987 रुपये है। इसमें 6.745 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है। फोन में 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 6,000mAh की बैटरी मिलती है। इसमें 4GB रैम, 64GB स्टोरेज और Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है।

Moto G05

Motorola G05 की कीमत 7,299 रुपये है। इसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.67 इंच का HD+ डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,200mAh की बैटरी मिलती है।

POCO C71

POCO C71 की कीमत 8,999 रुपये है। इसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज दी गई है। फोन में 6.88 इंच का डिस्प्ले, 32 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5,200mAh की बैटरी मिलती है। इसमें स्टोरेज को मेमोरी कार्ड के जरिए बढ़ाने का विकल्प भी दिया गया है।

Vikrant Massey: मारने की धमकियों से लेकर गाली गलौज तक की गई, जब ‘द साबरमती रिपोर्ट’ के बाद विक्रांत मैसी का लीक हो गया था नंबर

Vikrant Massey: विक्रांत मैसी ने बताया कि सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना का उनकी मानसिक सेहत पर कैसा असर पड़ा। विक्रांत ने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफ़रत के बारे में बात की और बताया कि कैसे इसने उनकी भावनाओं और मानसिक सेहत पर असर डाला। उन्होंने कहा, “मैंने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ नाम की एक फ़िल्म की थी, और मुझे उस फ़िल्म पर बहुत गर्व है।

एक्टर ने कहा जब मैंने वह फ़िल्म की, तो लोगों ने वही शब्द इस्तेमाल किया जो आपने किया – प्रोपेगैंडा। लोगों ने उस फिल्म को प्रोपेगैंडा कहा। हमने इसे गोधरा ट्रेन अग्निकांड पर बनाया था। हमने इसे साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने की घटना पर बनाया था। मुझे बहुत सारी गालियां सुननी पड़ीं। मेरा WhatsApp नंबर लीक हो गया। मेरी कार का नंबर लीक हो गया। लोगों ने मुझे खुलेआम धमकियां दीं।”

उन्होंने आगे बताया कि वह समय उनके लिए बहुत मुश्किल था क्योंकि उनका बेटा सिर्फ़ छह महीने का था। उन्होंने कहा, “उस समय मेरा बेटा बस पैदा ही हुआ था। वह सिर्फ़ छह महीने का था। मुझ पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा और मैंने मीडिया में खुलकर यह बात कही। हालांकि, समय के साथ मुझे एहसास हुआ कि वे सब डरपोक हैं, और इससे मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं। मायने यह रखता है कि मेरे अपने लोग मेरी ज़िम्मेदारी हैं। मैं उनके प्रति जवाबदेह हूं।”

‘द साबरमती रिपोर्ट’ के बारे में

‘द साबरमती रिपोर्ट’ 2024 की एक हिंदी पॉलिटिकल थ्रिलर फ़िल्म है, जिसे धीरज सरना ने डायरेक्ट किया है और इसमें विक्रांत मैसी, राशी खन्ना और रिद्धि डोगरा मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने की घटना से प्रेरित है, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी। यह फ़िल्म 15 नवंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी।

कहानी पत्रकार समर कुमार (विक्रांत मैसी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें इस त्रासदी की रिपोर्टिंग के लिए गोधरा भेजा जाता है। कई सालों बाद, पत्रकार अमृता गिल (राशी खन्ना) को समर की पुरानी रिपोर्ट मिलती है और वह घटना की जांच में उनके साथ शामिल हो जाती हैं।

विक्रांत मैसी के आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में

‘मुसाफिर कैफ़े’ सीज़न 1 की सफलता के बाद, नेटफ़्लिक्स ने इस शो को दूसरे सीज़न के लिए रिन्यू किया है। विक्रांत, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना, सिद्धार्थ, अनुभा फतेहपुरिया, लवलीन मिश्रा और सादिया सिद्दीकी के साथ ‘चंदर’ का अपना किरदार फिर से निभाएंगे। शो अभी प्रोडक्शन स्टेज में है; पहले सीज़न के इमोशनल फिनाले ने दूसरे सीज़न के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

Meta CEO Mark Zuckerberg ने भारत से मांगी माफी, 5-6 घंटे तक Facebook से हटाया गया था PM Modi का वीडियो

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Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर Child Sexual Abuse Material (CSEAM) और Deepfake Content की उपलब्धता को लेकर माफी मांगी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के मुताबिक, Zuckerberg ने Meta के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों की मंत्रालय के साथ हुई बैठक के दौरान इस मामले पर खेद जताया।  Meta, Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी है।

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हटाया था PM Modi का वीडियो

Zuckerberg की यह माफी ऐसे समय में सामने आई है जब इससे पहले बुधवार को एक संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Facebook वीडियो को हटाए जाने के मामले में Meta प्रमुख को तीन दिन के भीतर माफी मांगने को कहा था। प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों और Gen Z को संबोधित करने वाला वीडियो कुछ समय के लिए Facebook से हटाए जाने पर समिति ने गंभीर नाराजगी जताई थी।

समिति ने चेतावनी दी थी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो Meta को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा यानी Safe Harbour protection वापस लेने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित मामलों में अभियोजन और FIR दर्ज होने का रास्ता खुल सकता है।

लोकसभा सचिवालय की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छात्रों और Gen Z को संबोधित करने वाला वीडियो Facebook से करीब 5-6 घंटे तक हटाया जाना समिति ने गंभीरता से लिया था। यह वीडियो परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री के संदेश से संबंधित था। समिति ने इस घटना को लेकर Meta से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की मांग की थी।

मेटा की टीम को सरकार ने बुलाया था 

सरकार पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने से भी नाराज थी। मोदी ने 23 जुलाई को यह वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी। आईटी मंत्रालय और मेटा के अधिकारियों के बीच 2 दिन की बैठक चल रही है। सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को दिल्ली बुलाया है। 5 अगस्त को बैठक का पहला दिन था।

मार्क जुकरबर्ग को दिया गया था 3 दिन का समय 

समिति की ओर से कहा गया था कि मेटा  प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को मामले में माफी मांगनी चाहिए। अगर निर्धारित समय में माफी नहीं आती है, तो समिति भारत में उपलब्ध कानूनी संरक्षण को वापस लेने की दिशा में कदम उठाने पर विचार कर सकती है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Safe Harbour protection इंटरनेट प्लेटफॉर्म को यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए कुछ कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, बशर्ते वे लागू नियमों और कानूनी दायित्वों का पालन करें।

क्यों महत्वपूर्ण हुआ मामला

प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट को हटाए जाने की घटना ने भारत में Big Tech platforms, content moderation और social media accountability को लेकर बहस को तेज कर दिया था।  Meta की ओर से पहले इस वीडियो को गलती से हटाए जाने की बात सामने आई थी और वीडियो बाद में बहाल कर दिया गया था।

 

Zuckerberg ने अधिकारियों के जरिए भेजी माफी

 

MeitY के सूत्रों के अनुसार, Mark Zuckerberg ने प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई गलतियों को लेकर शीर्ष अधिकारियों के माध्यम से अपनी माफी पहुंचाई। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान Meta ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ खास तरह के कंटेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया गया था। सूत्र के मुताबिक, Meta ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और इस पर अफसोस जताया। हालांकि, मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अभी सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।

CSEAM और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर भी सख्ती

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने उन intermediary platforms के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जहां CSEAM और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सामग्री उपलब्ध होने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, समिति की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जो प्लेटफॉर्म खुद तय करते हैं कि किस यूजर को कौन-सा कंटेंट दिखाया जाएगा, उन्हें केवल intermediary की सामान्य परिभाषा के तहत सुरक्षा नहीं दी जा सकती। समिति ने कथित तौर पर कहा कि ऐसे मामलों में IT Act के तहत Safe Harbour protection लागू नहीं होगा।

Google India को लेकर भी समिति ने मांगी कार्रवाई

संसदीय समिति ने Google India से जुड़े एक कथित साइबर फ्रॉड मामले का भी उल्लेख किया है। समिति के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फर्जी ऐप्स के माध्यम से निवेश करने पर उन्हें 48 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। पत्र में कहा गया कि Hyderabad Cyber Police की कार्रवाई में Google India के प्रमुख को कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले में सह-आरोपी के तौर पर शामिल किए जाने की बात सामने आई है। समिति ने इस मामले में भी भारत सरकार से Google India के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई करने की इच्छा जताई है।

IndiGo की 20वीं सालगिरह पर बड़ा ऑफर, 20 हजार लोगों को मिलेगा फ्लाइट का फ्री टिकट! जानें कैसे उठाएं स्कीम का फायदा

अगर आप इंडिगो से घरेलू फ्लाइट बुक करने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके काम की है। इंडिगो अपनी एनिवर्सरी के मौके पर एक खास ऑफर लेकर आया है। इस कैंपेन के तहत कुछ चुनिंदा यात्रियों को 10,000 रुपये तक का फ्लाइट किराया वापस मिलने का मौका मिलेगा। ये सुविधा केवल तय अवधि के दौरान की गई एलिजिबल डोमेस्टिक बुकिंग पर ही लागू होगी। पहले कुछ लोगों का रैंडम तरीके से सेलेक्ट किया जाएगा और इसके बाद उन्हें इंडिगो से जुड़े एक सवाल का सही जवाब देना होगा। सभी शर्तें पूरी करने वाले यात्रियों को ही इस ऑफर का फायदा मिल सकेगा। आइए जानते हैं कैसे कर सकते हैं इसके लिए आवेदन

कैसे उठाए योजना का लाभ

स्टेप 1: ऑफर के दौरान करें फ्लाइट बुक

इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को 4 अगस्त से 6 अगस्त 2026 के बीच अपनी फ्लाइट बुक करनी होगी। केवल इसी अवधि में की गई बुकिंग को इस कैंपेन के लिए वैलिड माना जाएगा। ये ऑफर घरेलू उड़ानों की इकॉनमी और स्ट्रेच श्रेणी ( प्रीमियम बिजनेस क्लास) पर लागू है। इसमें एक तरफ की यात्रा, आने-जाने की टिकट, कनेक्टिंग फ्लाइट और मल्टी-सिटी यात्रा जैसी सभी आइटिनररी बुकिंग शामिल हैं।

स्टेप 2: ऑफिशियल बुकिंग चैनल का इस्तेमाल करें

इस ऑफर में शामिल होने के लिए टिकट की बुकिंग केवल इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या एयरलाइन के स्काई प्लेटफॉर्म से करनी होगी। अगर टिकट किसी ट्रैवल एजेंट, ऑनलाइन ट्रैवल वेबसाइट या किसी अन्य थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से खरीदा गया है, तो वह इस ऑफर के लिए वैलिड नहीं होगा। इसके अलावा इंटरनेशनल उड़ानों और कोडशेयर फ्लाइट की बुकिंग पर भी ये ऑफर लागू नहीं होगा।

स्टेप 3: सही कॉन्टैक्ट डिटेल्स डालें

टिकट बुक करते समय अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सही दर्ज करना बहुत जरूरी है। अगर आपका शॉर्टलिस्ट होते हैं, तो इंडिगो इन्हीं रजिस्टर्ड कॉन्टैक्ट डिटेल्स पर ईमेल और WhatsApp के जरिए एक सवाल भेजेगा। इसलिए बुकिंग के बाद इन जानकारियों में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

स्टेप 4: रैंडम सिलेक्शन का इंतजार करें

सिर्फ एलिजिबल टिकट बुक कर लेने से किसी कस्टमर को इनाम नहीं मिलेगा। सबसे पहले इंडिगो तय प्रक्रिया के तहत रैंडम तरीके से कुछ यात्रियों का चयन करेगा। एयरलाइन का लक्ष्य इस कैंपेन के दौरान करीब 20,000 लोगों को शॉर्टलिस्ट करने का है। इसके बाद चुने गए यात्रियों को आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी वे ऑफर का लाभ पाने के लिए योग्य माने जाएंगे।

4 अगस्त: 10,000 पार्टिसिपेंट्स

5 अगस्त: 5,000 पार्टिसिपेंट्स

6 अगस्त: 5,000 पार्टिसिपेंट्स

स्टेप 5: सवाल का सही जवाब दें

जिन ग्राहकों का सेलेक्शन होगा, उन्हें इंडिगो की ओर से एक सवाल भेजा जाएगा। नोटिफिकेशन मिलने के बाद उसका जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया जाएगा। सही उत्तर देने के लिए तीन अवसर मिलेंगे। तय समय के भीतर सही जवाब देने वाले ग्राहक ही रिफंड पाने के लिए पात्र माने जाएंगे।

स्टेप 6: रिफंड पाएं

जो यात्री सभी शर्तें पूरी करेंगे और अंतिम रूप से चयनित होंगे, उन्हें लागू टैक्स सहित अधिकतम 10,000 रुपये तक का टिकट किराया वापस किया जाएगा। इंडिगो की ओर से पात्रता की पुष्टि होने के बाद 3 से 5 वर्किंग डेज के भीतर रिफंड की राशि उसी माध्यम से भेज दी जाएगी, जिससे टिकट का भुगतान किया गया था।

WhatsApp ने बिना चेतावनी हजारों अकाउंट किए ब्लॉक, Meta ने बताया क्यों हुई कार्रवाई

whatsapp blocked thousands account for 24 hours

भारत के हजारों व्हाट्सऐप यूजर्स को सोमवार रात उस समय बड़ा झटका लगा जब हजारों अकाउंट्स ब्लॉक हो गए। दरअसल मेटा के स्वामित्व वाले इस लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने बिना किसी पूर्व चेतावनी हजारों व्हाट्सऐप अकाउंट्स को 24 घंटे के लिए 'अंडर रिव्यू' में डाल दिया है। इससे सब हैरान रह गए। इसके कारण प्रभावित लोग न तो किसी को मैसेज भेज पा रहे थे और न ही कॉल कर पा रहे थे। ALSO READ: E20 पर AAP का बड़ा प्रदर्शन, केजरीवाल 100 समर्थकों के साथ पीएम आवास की ओर करेंगे मार्च

 

अचानक हुई इस कार्रवाई से दैनिक कामकाज और बिजनेस के लिए व्हाट्सऐप पर निर्भर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह समस्या रात 8 बजे के आसपास शुरू हुई थी, जो देर रात तक चलती रही।

 

इससे सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोगों ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि जब उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया तो उनके अकाउंट्स रिव्यू में क्यों डाल दिए गए?
 

व्हाट्सऐप ने भेजा यह मैसेज

ऐप ब्लॉक होने के बाद जैसे ही यूजर्स ने व्हाट्सऐप ओपन किया, उन्हें स्क्रीन पर एक नोटिस दिखाई दिया। इस पर लिखा था 'Account in review Your account activity and device info is being checked' इस संदेश में साफ लिखा था कि यूजर्स की एक्टिविटी और डिवाइस की जानकारी जांची जा रही है और इसका परिणाम आमतौर पर 24 घंटे के भीतर नोटिफाई किया जाएगा।

 

Meta ने दी सफाई

व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि हम अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित रखने और इसका दुरुपयोग रोकने के लिए लगातार काम करते हैं। इसके लिए सुरक्षा प्रणालियों के तहत अकाउंट्स बैन किए जाते हैं। कई बार हमारे ऑटोमेटेड सिस्टम से भी गलती हो जाती है। अगर ऐसा हुआ है, तो हम इसे जल्द से जल्द ठीक करने और लोगों को दोबारा चैटिंग से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

एक और पेपर लीक? ओडिशा मेडिकल परीक्षा के दौरान WhatsApp पर शेयर किया गया क्वेश्चन पेपर

Odisha Paper Leak: एक तरफ संसद के दोनों सदनों से एंटी पेपर लीक विधेयक पारित किया गया है, ताकि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। वहीं दूसरी ओर एक और राज्य से कथित पेपर लीक का मामला सामने आया है। देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर जारी आक्रोश के बीच ओडिशा में आयोजित मेडिकल पीजी परीक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ऑल ओडिशा मेडिकल पीजी परीक्षा के 2023–26 बैच की जनरल सर्जरी MD/MS परीक्षा का प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुप में भेजे जाने के आरोप लगे हैं।

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें

ओडिशा में पोस्टग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल परीक्षा चल रही थी, तभी प्रश्न पत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। बताया जा रहा है कि एक छात्र को ये तस्वीरें व्हाट्सएप पर मिली थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला सोमवार को 2023-26 बैच की एमएस/एमडी जनरल सर्जरी की थ्योरी परीक्षा के दौरान सामने आया। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद प्रश्न पत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैल गईं। रिपोर्ट के अनुसार, भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र ने ये तस्वीरें साझा की थीं। छात्र का कहना है कि उसे ये तस्वीरें बेरहामपुर के एक छात्र द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप से मिली थीं। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि परीक्षा के दौरान कुछ मोबाइल नंबरों से सवालों के जवाब भी भेजे गए। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

OUHS ने दिए जांच के आदेश

इस घटना के सामने आने के बाद ओडिशा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (OUHS) ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय के कुलपति मानस रंजन साहू ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इस दौरान उन्होंने बची हुई परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। डीन बोले- इसे पेपर लीक नहीं कहा जा सकता

वहीं, एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज के डीन और प्राचार्य हरेकृष्ण दलाई ने कहा कि इस घटना को सीधे तौर पर पेपर लीक कहना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने के बाद छात्रों में बांटा जा चुका था और उसके तुरंत बाद उसकी तस्वीरें बाहर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि अगर प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से पहले बाहर आ जाता और छात्रों तक पहुंच जाता, तब उसे पेपर लीक कहा जाता। लेकिन इस मामले में प्रश्न पत्र बांटने के तुरंत बाद ही उसकी तस्वीरें परीक्षा हॉल से बाहर पहुंचीं, इसलिए इसे उसी तरह की घटना माना जाना चाहिए।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा को लेकर पहले से ही कड़ी निगरानी की जा रही है। इससे पहले नीट पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में चला यह आंदोलन 36 दिनों तक जारी रहा। इसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह आंदोलन समाप्त हो गया। इसके साथ ही CJP ने भी अपना विरोध अभियान वापस लेने का ऐलान कर दिया।

Rahul Gandhi : राहुल गांधी के आरोपों से लोकसभा में हंगामा, अमित शाह पर छात्रों पर गोली चलवाने का आरोप, सरकार ने मांगा सबूत, पेपर लीक बिल पर तीखी बहस

rahul gandhi

लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने का आदेश गृह मंत्री ने दिया था।

आज शाम 6 राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि मुझे बीजेपी ने बोलने नहीं दिया। उनके इस बयान पर सदन में भारी हंगामा मच गया और भाजपा सांसदों ने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि गृह मंत्री ने हमारे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने छात्रों के शरीर में पैलेट पहुंचाए। छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश केवल गृह मंत्री या प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं।” उन्होंने अमित शाह की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री सदन में आने का साहस नहीं दिखा रहे हैं और वे डरे हुए हैं।

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किरण रिजिजू ने पूछा- आरोप का आधार क्या है?

 

राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “आप इतने गंभीर आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं? आपको यह जानकारी किसने दी? यह पूरी तरह गलत है। इस बयान को सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।” रिजिजू ने राहुल गांधी से माफी मांगने की भी मांग की और कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए इस तरह का निराधार आरोप लगाना संसदीय गरिमा के खिलाफ है।

 

RSS पर भी साधा निशाना

 

राहुल गांधी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय पर RSS का प्रभाव है और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केवल एक प्रतीक थे। उन्होंने कहा, “शिक्षा मंत्रालय की आत्मा पर RSS का कब्जा है। मंत्रालय को वास्तव में RSS चला रहा है।”

 

राहुल गांधी ने हालिया छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि एक छात्र ने उन्हें समाज की तीन श्रेणियां बताईं—स्टूडेंट्स, इडियट्स और अंधभक्त। उन्होंने अंधभक्तों को लेकर की गई टिप्पणी भी दोहराई, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी की कई टिप्पणियों को असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने (Expunge) का निर्देश दिया।

 

पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा से पारित

 

लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार का दावा है कि यह कानून पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाएगा।

 

डिंपल यादव ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल

 

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में भी इसी विषय पर कानून पारित किया गया था और उसमें 101 सिफारिशें शामिल थीं। इसके बावजूद देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीयत और नीति दोनों स्पष्ट नहीं हैं और पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुका है। उनके मुताबिक केवल संशोधन लाने से कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और इसका नुकसान देश के युवाओं को उठाना पड़ रहा है।

 

अनुराग ठाकुर बोले- राहुल गांधी युवाओं से माफी मांगें

 

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के लिए 'इडियट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिसके लिए उन्हें देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आंदोलन के दौरान कहीं भी गोली नहीं चली। राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर झूठे आरोप लगाए हैं। उन्हें अमित शाह और देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।”

 

प्रियंका गांधी बोलीं- देश ने सब देखा

 

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर के बाहर कहा, “पूरे देश ने देखा कि क्या हुआ। एक छात्र की आंख चली गई।”

 

जितेंद्र सिंह का राहुल गांधी पर तंज

 

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 21 जुलाई को वह प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर बैठ गए थे क्योंकि उनकी इच्छा वहां रहने की थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें वहां से हटाने की विनम्र कोशिश की गई तो उन्होंने स्वयं कहा कि उन्हें वहां से हटाया जाए।

 

अखिलेश यादव ने गृह मंत्रालय को ठहराया जिम्मेदार

 

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि घायल छात्रों को विपक्ष के पहुंचने से पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उनके मुताबिक दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।

 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पेपर लीक, छात्र आंदोलन और सरकार की कार्रवाई को लेकर संसद में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। विपक्ष सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार विपक्ष पर भ्रामक और निराधार आरोप लगाने का आरोप लगा रही है।

WhatsApp का मेगा अपडेट, 5 नए फीचर्स बदल देंगे कॉलिंग का पूरा एक्सपीरियंस

whatsapp

WhatsApp ने अपने वेब वर्जन (WhatsApp Web) के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। अब यूजर्स बिना डेस्कटॉप ऐप इंस्टॉल किए सीधे अपने वेब ब्राउज़र से ऑडियो और वीडियो कॉल कर सकेंगे। पहले कंप्यूटर से कॉल करने के लिए WhatsApp Desktop ऐप की जरूरत होती थी, लेकिन अब केवल WhatsApp Web खोलकर ही वन-टू-वन और ग्रुप कॉल की जा सकती है।

 

WhatsApp ने इस अपडेट के साथ कॉलिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नए फीचर्स भी पेश किए हैं। इनमें Call Transfer, Waiting Room, QuickHD Video और Noise Suppression शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, ये सभी फीचर्स चरणबद्ध तरीके से अगले कुछ हफ्तों में दुनियाभर के यूजर्स तक पहुंचाए जाएंगे।

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WhatsApp Web पर अब करें वन-टू-वन और ग्रुप कॉल

 

नए अपडेट के बाद यूजर्स सीधे ब्राउज़र से व्यक्तिगत और ग्रुप ऑडियो-वीडियो कॉल कर सकेंगे। इसके लिए किसी अतिरिक्त ऐप की जरूरत नहीं होगी। WhatsApp का कहना है कि सभी कॉल पहले की तरह End-to-End Encryption से सुरक्षित रहेंगी, जिससे बातचीत पूरी तरह निजी रहेगी। कॉलिंग पर कोई समय सीमा नहीं होगी और इंटरनेट डेटा के अलावा किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान भी नहीं करना पड़ेगा।

 

स्क्रीन शेयरिंग और इमोजी रिएक्शन की भी सुविधा

 

WhatsApp Web पर अब यूजर्स कॉल के दौरान स्क्रीन शेयर कर सकेंगे और इमोजी रिएक्शन भी भेज सकेंगे। इसके अलावा नया Calls Tab भी जोड़ा गया है, जहां से कॉल हिस्ट्री, फेवरेट कॉन्टैक्ट्स और हालिया कॉल्स को आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा।

 

Call Transfer फीचर से आसानी से बदल सकेंगे डिवाइस

 

इस अपडेट का सबसे खास फीचर Call Transfer है। यदि आपने बाहर रहते हुए अपने फोन से ग्रुप कॉल शुरू की है, तो घर पहुंचने पर उसी कॉल को बिना डिस्कनेक्ट हुए अपने लैपटॉप पर ट्रांसफर कर सकते हैं।

 

इसी तरह यदि कंप्यूटर छोड़ना पड़े, तो कॉल को दोबारा फोन पर ट्रांसफर कर बातचीत बिना किसी रुकावट के जारी रखी जा सकती है।

 

ग्रुप कॉल के लिए मिलेगा Waiting Room फीचर

 

WhatsApp ने कॉल लिंक के जरिए होने वाली ग्रुप कॉल के लिए Waiting Room फीचर भी जोड़ा है। अब होस्ट कॉल लिंक बनाते समय “Require approval to join” विकल्प चालू कर सकता है। इससे लिंक के जरिए जुड़ने वाले प्रतिभागियों को पहले वर्चुअल वेटिंग रूम में इंतजार करना होगा और होस्ट की मंजूरी मिलने के बाद ही वे कॉल में शामिल हो सकेंगे।

 

यह फीचर बड़ी मीटिंग्स और निजी ग्रुप कॉल्स के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और नियंत्रण प्रदान करेगा।

 

QuickHD और Noise Suppression से बेहतर होगी कॉल क्वालिटी

 

WhatsApp ने वीडियो कॉलिंग को बेहतर बनाने के लिए QuickHD फीचर पेश किया है, जिससे कनेक्ट होते ही वीडियो HD क्वालिटी में दिखाई देगा। वहीं Noise Suppression फीचर बैकग्राउंड शोर जैसे ट्रैफिक, पंखे या भीड़भाड़ की आवाज को कम करेगा, जिससे बातचीत पहले से ज्यादा साफ सुनाई देगी।

 

इन नए फीचर्स के साथ WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म को व्यक्तिगत और प्रोफेशनल दोनों तरह की कॉलिंग के लिए और अधिक सक्षम बना रहा है। अब यूजर्स फोन, डेस्कटॉप और वेब ब्राउज़र के बीच आसानी से कॉल जारी रख सकेंगे।