Happy Guru Purnima Messages: गुरु पूर्णिमा के 10 सबसे खास, भावात्मक और आकर्षक शुभकामना संदेश

An image featuring 10 heartfelt greeting messages dedicated to the Guru on the occasion of Guru Purnima 2026

Guru Purnima 2026 Wishes: भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों और पुराणों के ज्ञान को संकलित कर मानव समाज को अमूल्य धरोहर प्रदान की। गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन की सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और व्यक्तित्व निर्माण के आधार स्तंभ होते हैं।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा 2026: आधुनिक भारत के 7 महान गुरु, जिनके ज्ञान ने बदल दी लाखों लोगों की जिंदगी

 

गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु, शिक्षक, माता-पिता, आध्यात्मिक गुरु या जीवन में मार्गदर्शन देने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करना शुभ माना जाता है। एक श्रेष्ठ गुरु का मिलना ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार है। आपका मार्गदर्शन मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है। आपने केवल किताबों का ज्ञान नहीं दिया, बल्कि सच्चाई, विनम्रता और मानवता का पाठ भी पढ़ाया। आपके चरणों में मेरा सादर नमन। यह संदेश गुरु पूर्णिमा को खास बना देता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरु, शिक्षकों या मार्गदर्शक को भेजने के लिए यहां 10 बेहद खास, भावात्मक और सम्मानजनक शुभकामना संदेश दिए गए हैं जिन्हें आप WhatsApp, Facebook, Instagram या SMS के माध्यम से साझा कर सकते हैं।

 

यहां पढ़ें संस्कृत श्लोक, भावात्मक तथा पारंपरिक और विचारशील संदेश…

 

1. अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मेरे पूज्य गुरुदेव को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। आप हैं तो मेरी हर राह आसान है। 

 

2. सिर्फ किताबें पढ़ाना ही शिक्षा नहीं, जीवन जीने की सही कला सिखाना असली ज्ञान है। मुझे एक बेहतर इंसान बनाने के लिए आपका कोटि-कोटि धन्यवाद। शुभ गुरु पूर्णिमा!

 

3. जब भी जीवन के रास्तों पर भटका, आपकी सीख ने ही सही मार्ग दिखाया। मेरे जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक को गुरु पूर्णिमा की सप्रेम शुभकामनाएं।

 

4. गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुदेवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

– आप ही मेरे मार्गदर्शक हैं और आप ही मेरी प्रेरणा। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आपके चरणों में सादर प्रणाम!ALSO READ: गुरु पूर्णिमा पर जरूर जपें ये 5 गुरु मंत्र, जीवन की बाधाएं होंगी दूर और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

 

5. जिसने अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का दीप जलाया, वही सच्चा गुरु है। ऐसे पूजनीय गुरु को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की अनंत शुभकामनाएं।

आपका आशीर्वाद सदैव बना रहे।

 

6. अक्षर-अक्षर हमें सिखाते, शब्द-शब्द का अर्थ बताते।

कभी प्यार से तो कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

7. मिट्टी से तराशकर जिसने मुझे इंसान बनाया,

उस गुरु के चरणों में मेरा शत-शत नमन।

हैप्पी गुरु पूर्णिमा! 

 

8. गुरु का सान्निध्य जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आपका मार्गदर्शन ही मेरी सफलता की सबसे मजबूत नींव है।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

9. सफलता के इस मुकाम पर आज मैं जहां भी हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान आपकी सीख और विश्वास का है। गुरु पूर्णिमा पर आपको मेरा सादर प्रणाम।

 

10. गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं। आपके आशीर्वाद से हर कठिन राह आसान हो जाती है। आपके चरणों में मेरा सादर प्रणाम। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

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प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

Prime Minister Narendra Modi has issued video message regarding paper leak case

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके। प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है।

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टास्क फोर्स का हुआ गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

बनेगा नया कठोर कानून

प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेंड्स विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो।

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वे जेलों में सड़ रहे हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। राजनीतिक जीवन से शुरू से ही तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल करने वाले प्रधानमंत्री मोदी इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, WhatsApp, एक्स पर सक्रिय है और बड़ी संख्या में उनके फालोअर्स भी हैं।

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जब PM मोदी ने खुद संभाला मोर्चा 

इंस्टाग्राम पर भी प्रधानमंत्री मोदी 2016 से जुड़े हैं लेकिन इंस्टाग्राम के लिए अलग से कोई रील नहीं अपलोड किया जाता था, जबकि अधिकांश जेनजी इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय हैं। हाल ही में पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में खुद मोर्चा संभाला और इंस्टाग्राम पर रील डालकर जेनजी के साथ संवाद कायम किया।

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Gen Z को पसंद आया PM मोदी का नया अवतार

Gen Z को भी प्रधानमंत्री का नया अवतार पसंद आया और इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स बढ़ गए। Gen Z की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को उन्हें रील बनाकर थैंक्स (धन्यवाद) भी कहा। इसे भी 93 लाख से अधिक लोगों ने देखा और लाइक किया।

WhatsApp और Telegram के Username Feature पर सरकार सख्त, 20 दिनों में आ सकता है बड़ा फैसला

whatsapp users name

केंद्र सरकार WhatsApp और Telegram के यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग फीचर को लेकर मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अगले करीब 20 दिनों के भीतर कोई अधिसूचना या अगला फैसला सामने आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, WhatsApp, Telegram और Zoho Bharat Eye ने सरकार द्वारा जारी नोटिस के जवाब मंत्रालय को सौंप दिए हैं।

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कानूनी जांच जारी

मंत्रालय की कानूनी टीम इन जवाबों का विस्तृत परीक्षण कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं संबंधित फीचर किसी नियम या कानून का उल्लंघन तो नहीं करता। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो नियामकीय कार्रवाई या अन्य कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं या नहीं।

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WhatsApp के जवाब की हो रही समीक्षा

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सप्ताहांत में WhatsApp का जवाब मिला, जिसकी फिलहाल समीक्षा की जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि सभी जवाबों का कानूनी परीक्षण पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। सरकार की यह प्रक्रिया ऐसे समय में चल रही है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है। फिलहाल मंत्रालय ने अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की है।

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WhatsApp का 'Username' फीचर क्या है?

WhatsApp एक नया फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसके जरिए लोग अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह फीचर Telegram और Signal की तरह काम करेगा। इस फीचर में यूजर अपने लिए एक यूनिक यूजरनेम (Username) चुन सकेंगे और मोबाइल नंबर की जगह उसी यूजरनेम को दूसरे लोगों के साथ साझा करेंगे।

 

Meta का दावा है कि इससे यूजर्स की निजता (Privacy) बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। हालांकि, भारत सरकार इस फीचर को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। सरकार का मानना है कि यदि मोबाइल नंबर छिप जाएंगे तो ऑनलाइन ठगों और साइबर अपराधियों की पहचान करना और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है।

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सरकार को किस बात की चिंता है?

सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि साइबर अपराधी यूजरनेम फीचर का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस फीचर का उपयोग करके अपराधी- 

 

  • फिशिंग (Phishing) हमले,
  • फर्जी पहचान (Impersonation) बनाकर ठगी,
  • डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) जैसे साइबर फ्रॉड,
  • और अन्य ऑनलाइन अपराधों को अंजाम दे सकते हैं।

 

इसी वजह से 1 जुलाई को केंद्र सरकार ने Meta से कहा था कि जब तक वह इस फीचर के दुरुपयोग को रोकने की ठोस व्यवस्था नहीं बताता, तब तक इसका रोलआउट आगे न बढ़ाया जाए।

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Meta ने क्या कहा?

Meta ने सरकार को बताया है कि WhatsApp के Username फीचर में सुरक्षा से जुड़े कई उपाय शामिल किए जाएंगे। हालांकि मामला सिर्फ WhatsApp की लोकप्रियता का नहीं है। भारत के आईटी अधिनियम (IT Act) और आईटी नियमों (IT Rules) के तहत एक बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म होने के कारण WhatsApp पर यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कानूनी जिम्मेदारी भी है। सरकार यह भी जांच रही है कि यदि भविष्य में इस फीचर के कारण साइबर अपराध बढ़ते हैं, तो क्या ऐसी स्थिति में Meta की जवाबदेही तय की जा सकती है।

 

PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी प्रशासन का सीधा परिणाम हैं।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

 

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शन पाकिस्तान के दशकों पुराने शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी शासन का परिणाम हैं। स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस की बर्बरता का सहारा लिया है। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और कृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएगा।”

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PoK भारत का अभिन्न हिस्सा

 

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत लगातार पाकिस्तान पर इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनके अधिकारों के दमन का आरोप लगाता रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी जताई चिंता

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। MEA ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

 

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाल ही में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत पर भारत ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

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खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की मौत

सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं।

 

शेख हसीना की वापसी पर भारत का जवाब

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। यदि प्रत्यर्पण (Extradition) से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो उसका निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

 

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर क्या बोला भारत?

भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

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निज्जर हत्याकांड पर भी भारत की प्रतिक्रिया

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जोड़ने पर भारत ने कहा कि RCMP की टिप्पणियां हाल ही में सार्वजनिक हुए अमेरिकी अभियोग (US Indictment) के अनुरूप हैं। भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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electonic scooter

अगर आपकी हाइट कम है और इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो सीट हाइट (Seat Height) सबसे अहम चीजों में से एक होती है। कम सीट हाइट होने से स्कूटर रोकते समय दोनों पैर आसानी से जमीन पर टिक जाते हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और शहर के ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है। जानिए 7 स्कूटर्स- 

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1. Bajaj Chetak (30 और 35 Series) – सीट हाइट: 775mm

 

Bajaj Chetak भारत के सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से एक है। C3001, C3501, C3502 और C3503 जैसे सभी वेरिएंट्स में 775mm की सीट हाइट मिलती है। इन मॉडलों में बैटरी, रेंज और फीचर्स का अंतर है, लेकिन सीट की ऊंचाई समान रहती है।

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2. TVS iQube – सीट हाइट: 770mm

 

TVS iQube फिलहाल भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर है। इसके सभी वेरिएंट्स—iQube, iQube S और iQube ST—में 770mm सीट हाइट दी गई है, जिससे यह छोटे कद के राइडर्स के लिए अच्छा विकल्प बन जाता है।

 

3. Kinetic DX – सीट हाइट: 770mm

 

Kinetic DX का डिजाइन पुराने Kinetic Honda DX से प्रेरित है। इसमें रेट्रो स्टाइलिंग के साथ मेटल बॉडी दी गई है। इसकी 770mm सीट हाइट के अलावा इसमें 37 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जो इस सेगमेंट में काफी बड़ा माना जाता है।

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4. Yamaha EC-06 – सीट हाइट: 770mm

 

Yamaha EC-06 का प्लेटफॉर्म River Indie पर आधारित है, लेकिन इसका डिजाइन अलग है। इसमें 770mm सीट हाइट और 24.5 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है।

 

5. Suzuki e-Access – सीट हाइट: 765mm

 

Suzuki e-Access की 765mm सीट हाइट इसे और भी आरामदायक बनाती है। इसमें की-लेस एक्सेस, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 95 किमी की दावा की गई IDC रेंज मिलती है। हालांकि इसकी कीमत करीब 1.88 लाख रुपये है, जो कई प्रतिद्वंद्वियों से ज्यादा है।

 

6. Ampere Nexus – सीट हाइट: 765mm

 

Ampere Nexus EX और ST दोनों वेरिएंट्स में उपलब्ध है। दोनों में 765mm सीट हाइट दी गई है। अंतर केवल डिस्प्ले और कनेक्टिविटी फीचर्स का है।

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7. TVS Orbiter – सीट हाइट: 763mm

 

TVS Orbiter के V1 और V2 वेरिएंट्स में 763mm सीट हाइट मिलती है। दोनों मॉडलों में बॉडी डिजाइन समान है, जबकि बैटरी और कनेक्टिविटी फीचर्स अलग-अलग हैं।

WhatsApp यूजरनेम फीचर पर भारत में लगी रोक, सुरक्षा चिंताओं पर Meta ने क्या कहा

whatsapp

भारत सरकार की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच Meta ने भारत में WhatsApp के बहुप्रतीक्षित 'Username' फीचर की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी है। कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को आश्वासन दिया है कि जब तक सरकार के साथ सभी आवश्यक चर्चाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह फीचर भारत में जारी नहीं किया जाएगा।

 

सरकार ने Meta से यह स्पष्ट करने को कहा है कि WhatsApp पर यूजरनेम सिस्टम लागू होने से यूजर सुरक्षा, साइबर अपराधों की जांच और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर क्या असर पड़ेगा। फिलहाल मंत्रालय कंपनी की ओर से भेजे गए विस्तृत जवाब की समीक्षा कर रहा है, जिसमें फीचर की आवश्यकता और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई है।

क्या है WhatsApp का Username फीचर?

WhatsApp एक ऐसा फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह सुविधा Telegram और Signal की तरह होगी, जहां हर यूजर एक यूनिक यूजरनेम चुन सकेगा और उसी के जरिए दूसरे लोग उससे संपर्क कर पाएंगे।

 

Meta का कहना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक नहीं करना पड़ेगा। हालांकि भारत सरकार को आशंका है कि इससे साइबर अपराधियों की पहचान करना और धोखाधड़ी के मामलों की जांच करना मुश्किल हो सकता है।

 

सरकार को किस बात की चिंता?

सरकार का मानना है कि अगर मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम का इस्तेमाल होने लगे, तो इसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी फिशिंग, फर्जी पहचान (Impersonation), डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराध को अंजाम दे सकते हैं। 1 जुलाई को सरकार ने Meta से कहा था कि जब तक वह दुरुपयोग रोकने की स्पष्ट योजना नहीं बताती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए।

Meta ने बताए सुरक्षा उपाय

 

Meta का कहना है कि WhatsApp पर यूजरनेम फीचर लागू होने के बावजूद सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। कंपनी के अनुसार—

 

किसी यूजर से चैट करने के लिए उसका सटीक यूजरनेम जानना जरूरी होगा।

यूजरनेम का अनुमान लगाकर मैसेज भेजने या स्पैम करने की अनुमति नहीं होगी।

संदिग्ध गतिविधियों और ब्रूट-फोर्स (Brute Force) हमलों की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए विशेष सिस्टम लगाए जाएंगे।

सरकारी संस्थानों, सेलिब्रिटी और आधिकारिक संगठनों के लिए रिजर्व यूजरनेम उपलब्ध कराए जाएंगे।

किसी की पहचान की नकल करने वाले फर्जी या भ्रामक यूजरनेम को ब्लॉक किया जाएगा।

मोबाइल नंबर रहेगा अनिवार्य

 

Meta ने यह भी स्पष्ट किया है कि यूजरनेम फीचर आने के बाद भी WhatsApp अकाउंट बनाने और चलाने के लिए मोबाइल नंबर जरूरी रहेगा। यानी यूजरनेम केवल संपर्क का एक वैकल्पिक माध्यम होगा, मोबाइल नंबर का पूर्ण विकल्प नहीं।

अभी सरकार के फैसले का इंतजार

फिलहाल MeitY Meta के जवाबों की समीक्षा कर रहा है। यूजरनेम फीचर भारत में कब लॉन्च होगा, इसका फैसला सरकार और Meta के बीच चल रही बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। गौरतलब है कि केवल WhatsApp ही नहीं, बल्कि Telegram, Signal और Arattai जैसे प्लेटफॉर्म भी सरकार की निगरानी में हैं, क्योंकि इन सेवाओं में पहले से यूजरनेम आधारित पहचान की सुविधा उपलब्ध है।

Delhi power Cut 12 July: दिल्ली के इन इलाकों में रविवार को रहेगा पावर कट, जानें समय और कारण

Delhi power Cut 12 July: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में रविवार (12 जुलाई) को बिजली सप्लाई प्रभावित रह सकती है। यह कटौती BSES राजधनी पावर लिमिटेड (BRPL), BSES Yamuna Power Limited (BYPL), and Tata Power Delhi Distribution Limited (TPDDL) द्वारा मेंटेनेंस काम के कारण की जा रही है। बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, मेंटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए अलग-अलग इलाकों में बिजली सप्लाई कुछ समय के लिए बंद रहेगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे उसी हिसाब से अपने दिन की योजना बनाएं और बिजली कटौती के दौरान जरूरी इंतजाम कर लें।

बता दें कि इस समय दिल्ली में भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में सिस्टम को स्थिर रखने और आगे बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए यह मेंटेनेंस जरूरी माना जा रहा है।

निर्धारित बिजली कटौती इस प्रकार है:

जनकपुरी डिवीजन:  सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12: 30 बजे तक पॉकेट D-1A, जनकपुरी, में बिजली आपूर्ति प्रभावित रह सकती है।

नांगलोई डिवीजन:  सुबह 11:00 बजे से दोपहर 14: 00 बजे तक उद्योग नगर, मंगोलपुरी में पावर कट की समस्या रहेगी।

मुंडका डिवीजन:  सुबह 11:07 बजे से दोपहर 12: 37 बजे तक वेस्ट केबिन ब्लॉक, मुंडका में बिजली सप्लाई बंद रह सकती है।

आउटेज स्टेटस कैसे चेक करें

ग्राहक बिजली वितरण कंपनियों के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बिजली सप्लाई से जुड़े अपडेट देख सकते हैं।

BRPL के ग्राहक 9999919123 पर कंपनी की WhatsApp सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि BYPL के ग्राहक 8745999808 पर WhatsApp के जरिए बिजली कटौती से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। TPDDL के ग्राहक कंपनी के मोबाइल ऐप और कस्टमर सपोर्ट चैनलों के जरिए सर्विस अपडेट देख सकते हैं।

लोगों के लिए एडवाइजरी जारी

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिजली कटौती के तय समय से पहले जरूरी तैयारी कर लें। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे मोबाइल फोन, पावर बैंक और जरूरी मेडिकल उपकरणों को पहले से ही चार्ज कर लें। इसके अलावा, ऊंची इमारतों में रहने वालों को बिजली कटौती के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। वहीं, जिन घरों में इनवर्टर का इस्तेमाल होता है, उन्हें यह पक्का कर लेना चाहिए कि वे पहले से पूरी तरह चार्ज हों।

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नौकरी से पहले ही रख दीं सारी शर्तें, कैंडिडेट का WhatsApp मैसेज देख HR भी हैरान

आज के समय में नौकरी पाना जितना चुनौतीपूर्ण हो गया है, उतना ही बदल गया है नौकरी तलाशने का तरीका भी। अब उम्मीदवार सिर्फ अपनी योग्यता ही नहीं, बल्कि अपनी अपेक्षाओं को भी खुलकर सामने रखने लगे हैं। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जहां एक जॉब सीकर का WhatsApp मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज ने लोगों को हैरान भी किया और हंसने पर भी मजबूर कर दिया। किसी ने इसे जबरदस्त आत्मविश्वास बताया, तो किसी ने इसे जरूरत से ज्यादा कॉन्फिडेंस करार दिया।

वहीं कई यूजर्स ने कहा कि उम्मीदवार ने अपनी शर्तें पहले ही साफ कर दीं, जिससे बाद में किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रहती। इस वायरल चैट ने एक बार फिर नौकरी, सैलरी और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

डिजिटल मार्केटिंग की नौकरी के लिए किया संपर्क

मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट और फाउंडर नैंसी श्रीवास्तव ने लिंक्डइन पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया। उनके मुताबिक, एक उम्मीदवार ने डिजिटल मार्केटिंग/कंटेंट राइटर की नौकरी के लिए WhatsApp पर संपर्क किया।

उम्मीदवार ने अपने पोर्टफोलियो के साथ लिखा कि उसे सोशल मीडिया पोस्ट बनाने का अनुभव है और वह एडवांस प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की मदद से AI आधारित कंटेंट राइटिंग में भी अच्छी पकड़ रखता है।

मैसेज में रखीं साफ-साफ शर्तें

नौकरी के लिए आवेदन करते हुए उम्मीदवार ने अपनी अपेक्षाएं भी बिना किसी झिझक के बता दीं। उसने लिखा कि उसे ₹40,000 से ₹50,000 तक की सैलरी चाहिए और इससे कम पर वह काम नहीं करेगा। यही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसे शनिवार और रविवार की फिक्स छुट्टी चाहिए। साथ ही उसने अनुरोध किया कि उससे फोन कॉल नहीं, सिर्फ WhatsApp पर ही संपर्क किया जाए।

फाउंडर ने कहा- समझ नहीं आया भर्ती कौन कर रहा था

इस बातचीत का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए नैंसी श्रीवास्तव ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि मैसेज पढ़ने के बाद उन्हें ही समझ नहीं आया कि नौकरी कौन दे रहा है और कौन ले रहा है। उन्होंने लिखा कि उम्मीदवार ने सैलरी, वीकेंड ऑफ और कम्युनिकेशन का तरीका पहले ही तय कर दिया। बस ऑफर लेटर और जॉइनिंग डेट पूछना बाकी रह गया था।

सोशल मीडिया पर आई मजेदार प्रतिक्रियाएं

पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने तरह-तरह के कमेंट किए।

  • एक यूजर ने लिखा, “इतना कॉन्फिडेंस चाहिए, कृपया इसका कोचिंग सेंटर बता दीजिए।”
  • दूसरे ने कहा, “कम से कम उम्मीदवार को पता तो है कि उसे क्या चाहिए।”
  • एक अन्य यूजर ने मजाक में लिखा, “मैं भी इसी उम्मीदवार के साथ जॉइन करना चाहता हूं।”
  • वहीं किसी ने इसे Gen Z का नया अंदाज बताया।

कुछ लोगों ने उम्मीदवार का किया समर्थन

जहां कई लोगों ने इस मैसेज पर हंसी-मजाक किया, वहीं कुछ यूजर्स ने उम्मीदवार की साफगोई की तारीफ भी की।

उनका कहना था कि अपनी उम्मीदें पहले ही बता देना गलत नहीं है। इससे उम्मीदवार और कंपनी दोनों का समय बच सकता है।

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वायरल पोस्ट पर उठे सवाल भी

हालांकि, हर कोई इस वायरल पोस्ट पर भरोसा करने को तैयार नहीं था। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि यह बातचीत नकली भी हो सकती है। उनका कहना था कि इतने कम समय में इतने सारे मैसेज टाइप होना थोड़ा अजीब लगता है। इसलिए कुछ लोगों ने स्क्रीनशॉट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।

कॉन्फिडेंस या ओवरकॉन्फिडेंस?

यह वायरल WhatsApp चैट अब सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गई है। कुछ लोग इसे आत्मविश्वास की मिसाल मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि नौकरी मांगते समय पेशेवर व्यवहार और बातचीत का तरीका भी उतना ही जरूरी होता है।

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कनाडा की इस लड़की ने पाकिस्तानी लड़के से की शादी फिर पति के घर का कल्चर देख ऐसी बातें कहीं कि हो गई वायरल

एक कनाडाई महिला ने पाकिस्तानी परिवार में शादी के बाद अपने नए एक्सपीरिएंस को सोशल मीडिया पर शेयर किया हैं। उसने बताया कि साउथ एशियन परिवारों की परंपराएं, रिश्तों को बुलाने का तरीका, मेहमानों की खातिरदारी और रोजमर्रा की कई आदतें उनके लिए बिल्कुल नई थीं। ये सारी बातें उनके लिए इतनी अलग थीं कि वह पूरी तरह हैरान हो गई। अपने पति के परिवार की कल्चर के बारे में बात करते हुए कैसी ने बताया कि, जब वह पहली बार साउथ एशियन परिवार का हिस्सा बनीं तो वहां की कई रोजमर्रा की आदतें और रीति-रिवाज उनके लिए बिल्कुल अलग थे।

उन्होंने अपने इस एक्सपीरीएंस को मजेदार अंदाज में शेयर किया, जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब पसंद किया। कई यूजर्स ने कहा कि वे भी ऐसे कल्चरल एक्सपीरिएंस से गुजर चुके हैं। कैसी ने बताया कि उनके लिए सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि साउथ एशियन परिवारों में हर रिश्तेदार को अलग-अलग रिश्तों के नाम से बुलाया जाता है।

हर रिश्ते के होते हैं अलग नाम

अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए कैसी ने कहा, “हर रिश्ते के लिए अलग नाम होता है। मां की तरफ के आंटी और अंकल के अलग नाम हैं, पिता की तरफ के आंटी और अंकल के भी अलग नाम हैं। फिर बड़ी आंटी, छोटी आंटी जैसे अलग-अलग संबोधन भी होते हैं।” उन्होंने बताया कि दक्षिण एशियाई परिवारों में ये संबोधन सिर्फ नाम नहीं होते, बल्कि सम्मान और रिश्तों की गहराई को भी दर्शाते हैं।

WhatsApp का किया ज्यादा इस्तेमाल

कैसी ने बताया कि उनके लिए एक और नई बात WhatsApp का ज्यादा इस्तेमाल करना था। कैसी ने कहा, “मैंने पहले कभी WhatsApp इस्तेमाल नहीं किया था। मैंने इसे कभी डाउनलोड भी नहीं किया था। सच कहूं तो मुझे ठीक से पता भी नहीं था कि यह क्या है। लेकिन अब मैं इसे हर समय इस्तेमाल करती हूं।” उन्होंने बताया कि शादी के बाद WhatsApp उनके पति और ससुराल के लोगों से जुड़े रहने का सबसे अहम माध्यम बन गया है।

अलग तरह की होगी है मेहमाननवाजी

कैसी ने बताया कि साउथ एशियाई परिवारों की मेहमाननवाजी ने भी उन्हें काफी प्रभावित किया। उनके मुताबिक, यहां लोग बिना किसी पहले से सूचना के आए मेहमानों का भी पूरे दिल से स्वागत करते हैं। कैसी ने कहा, “आप सुबह 8 बजे भी बिना बताए किसी के घर पहुंच जाएं, तब भी वहां आपके लिए कई तरह के खाने के व्यंजन तैयार मिल जाएंगे। इतना ही नहीं, जाते समय भी आपको बचा हुआ खाना साथ ले जाने के लिए दिया जाएगा।”

उन्होंने अपनी मेहमाननवाजी की तुलना करते हुए कहा, “मुझे पहले लगता था कि मैं अच्छी मेजबानी करती हूं, लेकिन अब ऐसा नहीं लगता। मेरे यहां तो सिर्फ कुछ स्नैक्स और क्रैकर्स होते हैं, जबकि इनके घर किसी भी समय कई तरह के व्यंजन तैयार मिल जाते हैं।”

घर पर ही रुकते हैं रिश्तेदार

कैसी ने बताया कि एक और बात जिसने उन्हें हैरान किया, वह रिश्तेदारों के ठहरने का तरीका था। कैसी ने कहा, “ब्राउन परिवारों में ऐसा लगभग कभी नहीं होता। जो रिश्तेदार मिलने आते हैं, वे होटल बुक नहीं करते, बल्कि परिवार के साथ ही रहते हैं। और अगर कोई होटल में ठहर भी जाए, तो घरवाले पूछते हैं, ‘आपने हमें बताया क्यों नहीं? हमारे साथ क्यों नहीं रुके?'” उन्होंने ये भी कहा कि एक और बात जिसने उन्हें हैरान किया, वह यह थी कि साउथ एशियाई समुदायों में खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं।

लोगों तक जल्दी पहुंचती है खबर

उनके शब्दों में, “यहां हर कोई किसी न किसी को जानता है और कोई भी खबर बहुत जल्दी सब तक पहुंच जाती है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सच में जानना चाहूंगी कि इतनी जल्दी खबरें कैसे फैल जाती हैं। मुझे लगता है कि इसमें WhatsApp की बड़ी भूमिका होती है, लेकिन मेरे लिए ये हैरानी की बात है कि जानकारी इतनी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच जाती है। कई बार आपको लगता है कि लोग एक-दूसरे को नहीं जानते होंगे, लेकिन आखिर में पता चलता है कि सब किसी न किसी तरह जुड़े हुए हैं।”

लोगों ने किया कमेंट

कैसी के अपने एक्सीपिएंस शेयर करने के बाद वीडियो पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने उनकी बातों को मजेदार और अपने अनुभवों से जुड़ा हुआ बताया। एक यूजर ने कमेंट किया, “गोरे लोगों को इन चीजों को पहली बार समझते और खोजते देखना काफी मजेदार लगता है।” वीडियो पर एक यूजर ने लिखा, “रिश्तों के अलग-अलग नाम रखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना पूछे ही पता चल जाता है कि सामने वाला आपका कौन लगता है।” एक और व्यक्ति ने लिखा, “बिल्कुल सही कहा। सुनने में यह थोड़ा मजेदार लगता है, लेकिन हमारे यहां यह बिल्कुल सामान्य बात है।”

Ketan Agarwal Murder Case: केतन की हत्या करने से पहले सिया ने चेतन से कर ली थी शादी! WhatsApp चैट से हुआ खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: लोनावला के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से कारोबारी केतन अग्रवाल को कथित तौर पर धक्का देकर नीचे गिराने और उनकी मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। अब इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि केतन की मंगेतर और इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर पहले से शादीशुदा थीं।

News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने चार महीने पहले अपने परिवारों से छिपाकर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।

खबरों के मुताबिक, उनके फोन से मिली WhatsApp चैट से यह बात सामने आई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन चैट ने इस गुपचुप शादी का राज खोल दिया है और पूरे मामले को एक नया मोड़ दिया है।

आरोप है कि 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलकर मार डाला गया था। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है।

WhatsApp चैट और इंटरनेट हिस्ट्री से कथित तौर पर क्या पता चला?

News18 के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों के फोन से मिले कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की जांच की। पिछले छह-सात महीनों के डिजिटल डेटा की जांच के दौरान, जांच करने वालों को पता चला कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर चार महीने पहले ही शादी कर ली थी, लेकिन परिवारों के डर से इसे छिपाकर रखा था।

पुलिस को शक है कि इसी गुपचुप शादी के बाद केतन को रास्ते से हटाने की कथित साजिश रची गई थी।

‘मुझमें हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ’: सिया ने कथित तौर पर चेतन से क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि केतन अग्रवाल की हत्या की पहली कोशिश कथित तौर पर 14 जून को ही की गई थी, लेकिन सिया आखिरी पल में घबरा गई और कोशिश नाकाम रही। इसके बाद, उसने कथित तौर पर चेतन को मैसेज किया, “मुझमें यह करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ – हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से नीचे धकेल देंगे।” जांचकर्ताओं का कहना है कि दोनों ने कथित तौर पर 18 जून को मिलकर हत्या को अंजाम दिया।

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