एक और पेपर लीक? ओडिशा मेडिकल परीक्षा के दौरान WhatsApp पर शेयर किया गया क्वेश्चन पेपर

Odisha Paper Leak: एक तरफ संसद के दोनों सदनों से एंटी पेपर लीक विधेयक पारित किया गया है, ताकि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। वहीं दूसरी ओर एक और राज्य से कथित पेपर लीक का मामला सामने आया है। देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर जारी आक्रोश के बीच ओडिशा में आयोजित मेडिकल पीजी परीक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ऑल ओडिशा मेडिकल पीजी परीक्षा के 2023–26 बैच की जनरल सर्जरी MD/MS परीक्षा का प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुप में भेजे जाने के आरोप लगे हैं।

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें

ओडिशा में पोस्टग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल परीक्षा चल रही थी, तभी प्रश्न पत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। बताया जा रहा है कि एक छात्र को ये तस्वीरें व्हाट्सएप पर मिली थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला सोमवार को 2023-26 बैच की एमएस/एमडी जनरल सर्जरी की थ्योरी परीक्षा के दौरान सामने आया। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद प्रश्न पत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैल गईं। रिपोर्ट के अनुसार, भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र ने ये तस्वीरें साझा की थीं। छात्र का कहना है कि उसे ये तस्वीरें बेरहामपुर के एक छात्र द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप से मिली थीं। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि परीक्षा के दौरान कुछ मोबाइल नंबरों से सवालों के जवाब भी भेजे गए। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

OUHS ने दिए जांच के आदेश

इस घटना के सामने आने के बाद ओडिशा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (OUHS) ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय के कुलपति मानस रंजन साहू ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इस दौरान उन्होंने बची हुई परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। डीन बोले- इसे पेपर लीक नहीं कहा जा सकता

वहीं, एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज के डीन और प्राचार्य हरेकृष्ण दलाई ने कहा कि इस घटना को सीधे तौर पर पेपर लीक कहना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने के बाद छात्रों में बांटा जा चुका था और उसके तुरंत बाद उसकी तस्वीरें बाहर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि अगर प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से पहले बाहर आ जाता और छात्रों तक पहुंच जाता, तब उसे पेपर लीक कहा जाता। लेकिन इस मामले में प्रश्न पत्र बांटने के तुरंत बाद ही उसकी तस्वीरें परीक्षा हॉल से बाहर पहुंचीं, इसलिए इसे उसी तरह की घटना माना जाना चाहिए।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा को लेकर पहले से ही कड़ी निगरानी की जा रही है। इससे पहले नीट पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में चला यह आंदोलन 36 दिनों तक जारी रहा। इसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह आंदोलन समाप्त हो गया। इसके साथ ही CJP ने भी अपना विरोध अभियान वापस लेने का ऐलान कर दिया।

Rahul Gandhi : राहुल गांधी के आरोपों से लोकसभा में हंगामा, अमित शाह पर छात्रों पर गोली चलवाने का आरोप, सरकार ने मांगा सबूत, पेपर लीक बिल पर तीखी बहस

rahul gandhi

लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने का आदेश गृह मंत्री ने दिया था।

आज शाम 6 राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि मुझे बीजेपी ने बोलने नहीं दिया। उनके इस बयान पर सदन में भारी हंगामा मच गया और भाजपा सांसदों ने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि गृह मंत्री ने हमारे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने छात्रों के शरीर में पैलेट पहुंचाए। छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश केवल गृह मंत्री या प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं।” उन्होंने अमित शाह की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री सदन में आने का साहस नहीं दिखा रहे हैं और वे डरे हुए हैं।

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किरण रिजिजू ने पूछा- आरोप का आधार क्या है?

 

राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “आप इतने गंभीर आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं? आपको यह जानकारी किसने दी? यह पूरी तरह गलत है। इस बयान को सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।” रिजिजू ने राहुल गांधी से माफी मांगने की भी मांग की और कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए इस तरह का निराधार आरोप लगाना संसदीय गरिमा के खिलाफ है।

 

RSS पर भी साधा निशाना

 

राहुल गांधी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय पर RSS का प्रभाव है और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केवल एक प्रतीक थे। उन्होंने कहा, “शिक्षा मंत्रालय की आत्मा पर RSS का कब्जा है। मंत्रालय को वास्तव में RSS चला रहा है।”

 

राहुल गांधी ने हालिया छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि एक छात्र ने उन्हें समाज की तीन श्रेणियां बताईं—स्टूडेंट्स, इडियट्स और अंधभक्त। उन्होंने अंधभक्तों को लेकर की गई टिप्पणी भी दोहराई, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी की कई टिप्पणियों को असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने (Expunge) का निर्देश दिया।

 

पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा से पारित

 

लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार का दावा है कि यह कानून पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाएगा।

 

डिंपल यादव ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल

 

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में भी इसी विषय पर कानून पारित किया गया था और उसमें 101 सिफारिशें शामिल थीं। इसके बावजूद देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीयत और नीति दोनों स्पष्ट नहीं हैं और पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुका है। उनके मुताबिक केवल संशोधन लाने से कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और इसका नुकसान देश के युवाओं को उठाना पड़ रहा है।

 

अनुराग ठाकुर बोले- राहुल गांधी युवाओं से माफी मांगें

 

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के लिए 'इडियट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिसके लिए उन्हें देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आंदोलन के दौरान कहीं भी गोली नहीं चली। राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर झूठे आरोप लगाए हैं। उन्हें अमित शाह और देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।”

 

प्रियंका गांधी बोलीं- देश ने सब देखा

 

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर के बाहर कहा, “पूरे देश ने देखा कि क्या हुआ। एक छात्र की आंख चली गई।”

 

जितेंद्र सिंह का राहुल गांधी पर तंज

 

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 21 जुलाई को वह प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर बैठ गए थे क्योंकि उनकी इच्छा वहां रहने की थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें वहां से हटाने की विनम्र कोशिश की गई तो उन्होंने स्वयं कहा कि उन्हें वहां से हटाया जाए।

 

अखिलेश यादव ने गृह मंत्रालय को ठहराया जिम्मेदार

 

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि घायल छात्रों को विपक्ष के पहुंचने से पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उनके मुताबिक दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।

 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पेपर लीक, छात्र आंदोलन और सरकार की कार्रवाई को लेकर संसद में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। विपक्ष सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार विपक्ष पर भ्रामक और निराधार आरोप लगाने का आरोप लगा रही है।

WhatsApp का मेगा अपडेट, 5 नए फीचर्स बदल देंगे कॉलिंग का पूरा एक्सपीरियंस

whatsapp

WhatsApp ने अपने वेब वर्जन (WhatsApp Web) के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। अब यूजर्स बिना डेस्कटॉप ऐप इंस्टॉल किए सीधे अपने वेब ब्राउज़र से ऑडियो और वीडियो कॉल कर सकेंगे। पहले कंप्यूटर से कॉल करने के लिए WhatsApp Desktop ऐप की जरूरत होती थी, लेकिन अब केवल WhatsApp Web खोलकर ही वन-टू-वन और ग्रुप कॉल की जा सकती है।

 

WhatsApp ने इस अपडेट के साथ कॉलिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नए फीचर्स भी पेश किए हैं। इनमें Call Transfer, Waiting Room, QuickHD Video और Noise Suppression शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, ये सभी फीचर्स चरणबद्ध तरीके से अगले कुछ हफ्तों में दुनियाभर के यूजर्स तक पहुंचाए जाएंगे।

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WhatsApp Web पर अब करें वन-टू-वन और ग्रुप कॉल

 

नए अपडेट के बाद यूजर्स सीधे ब्राउज़र से व्यक्तिगत और ग्रुप ऑडियो-वीडियो कॉल कर सकेंगे। इसके लिए किसी अतिरिक्त ऐप की जरूरत नहीं होगी। WhatsApp का कहना है कि सभी कॉल पहले की तरह End-to-End Encryption से सुरक्षित रहेंगी, जिससे बातचीत पूरी तरह निजी रहेगी। कॉलिंग पर कोई समय सीमा नहीं होगी और इंटरनेट डेटा के अलावा किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान भी नहीं करना पड़ेगा।

 

स्क्रीन शेयरिंग और इमोजी रिएक्शन की भी सुविधा

 

WhatsApp Web पर अब यूजर्स कॉल के दौरान स्क्रीन शेयर कर सकेंगे और इमोजी रिएक्शन भी भेज सकेंगे। इसके अलावा नया Calls Tab भी जोड़ा गया है, जहां से कॉल हिस्ट्री, फेवरेट कॉन्टैक्ट्स और हालिया कॉल्स को आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा।

 

Call Transfer फीचर से आसानी से बदल सकेंगे डिवाइस

 

इस अपडेट का सबसे खास फीचर Call Transfer है। यदि आपने बाहर रहते हुए अपने फोन से ग्रुप कॉल शुरू की है, तो घर पहुंचने पर उसी कॉल को बिना डिस्कनेक्ट हुए अपने लैपटॉप पर ट्रांसफर कर सकते हैं।

 

इसी तरह यदि कंप्यूटर छोड़ना पड़े, तो कॉल को दोबारा फोन पर ट्रांसफर कर बातचीत बिना किसी रुकावट के जारी रखी जा सकती है।

 

ग्रुप कॉल के लिए मिलेगा Waiting Room फीचर

 

WhatsApp ने कॉल लिंक के जरिए होने वाली ग्रुप कॉल के लिए Waiting Room फीचर भी जोड़ा है। अब होस्ट कॉल लिंक बनाते समय “Require approval to join” विकल्प चालू कर सकता है। इससे लिंक के जरिए जुड़ने वाले प्रतिभागियों को पहले वर्चुअल वेटिंग रूम में इंतजार करना होगा और होस्ट की मंजूरी मिलने के बाद ही वे कॉल में शामिल हो सकेंगे।

 

यह फीचर बड़ी मीटिंग्स और निजी ग्रुप कॉल्स के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और नियंत्रण प्रदान करेगा।

 

QuickHD और Noise Suppression से बेहतर होगी कॉल क्वालिटी

 

WhatsApp ने वीडियो कॉलिंग को बेहतर बनाने के लिए QuickHD फीचर पेश किया है, जिससे कनेक्ट होते ही वीडियो HD क्वालिटी में दिखाई देगा। वहीं Noise Suppression फीचर बैकग्राउंड शोर जैसे ट्रैफिक, पंखे या भीड़भाड़ की आवाज को कम करेगा, जिससे बातचीत पहले से ज्यादा साफ सुनाई देगी।

 

इन नए फीचर्स के साथ WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म को व्यक्तिगत और प्रोफेशनल दोनों तरह की कॉलिंग के लिए और अधिक सक्षम बना रहा है। अब यूजर्स फोन, डेस्कटॉप और वेब ब्राउज़र के बीच आसानी से कॉल जारी रख सकेंगे।

Happy Guru Purnima Messages: गुरु पूर्णिमा के 10 सबसे खास, भावात्मक और आकर्षक शुभकामना संदेश

An image featuring 10 heartfelt greeting messages dedicated to the Guru on the occasion of Guru Purnima 2026

Guru Purnima 2026 Wishes: भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों और पुराणों के ज्ञान को संकलित कर मानव समाज को अमूल्य धरोहर प्रदान की। गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन की सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और व्यक्तित्व निर्माण के आधार स्तंभ होते हैं।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा 2026: आधुनिक भारत के 7 महान गुरु, जिनके ज्ञान ने बदल दी लाखों लोगों की जिंदगी

 

गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु, शिक्षक, माता-पिता, आध्यात्मिक गुरु या जीवन में मार्गदर्शन देने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करना शुभ माना जाता है। एक श्रेष्ठ गुरु का मिलना ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार है। आपका मार्गदर्शन मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है। आपने केवल किताबों का ज्ञान नहीं दिया, बल्कि सच्चाई, विनम्रता और मानवता का पाठ भी पढ़ाया। आपके चरणों में मेरा सादर नमन। यह संदेश गुरु पूर्णिमा को खास बना देता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरु, शिक्षकों या मार्गदर्शक को भेजने के लिए यहां 10 बेहद खास, भावात्मक और सम्मानजनक शुभकामना संदेश दिए गए हैं जिन्हें आप WhatsApp, Facebook, Instagram या SMS के माध्यम से साझा कर सकते हैं।

 

यहां पढ़ें संस्कृत श्लोक, भावात्मक तथा पारंपरिक और विचारशील संदेश…

 

1. अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मेरे पूज्य गुरुदेव को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। आप हैं तो मेरी हर राह आसान है। 

 

2. सिर्फ किताबें पढ़ाना ही शिक्षा नहीं, जीवन जीने की सही कला सिखाना असली ज्ञान है। मुझे एक बेहतर इंसान बनाने के लिए आपका कोटि-कोटि धन्यवाद। शुभ गुरु पूर्णिमा!

 

3. जब भी जीवन के रास्तों पर भटका, आपकी सीख ने ही सही मार्ग दिखाया। मेरे जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक को गुरु पूर्णिमा की सप्रेम शुभकामनाएं।

 

4. गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुदेवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

– आप ही मेरे मार्गदर्शक हैं और आप ही मेरी प्रेरणा। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आपके चरणों में सादर प्रणाम!ALSO READ: गुरु पूर्णिमा पर जरूर जपें ये 5 गुरु मंत्र, जीवन की बाधाएं होंगी दूर और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

 

5. जिसने अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का दीप जलाया, वही सच्चा गुरु है। ऐसे पूजनीय गुरु को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की अनंत शुभकामनाएं।

आपका आशीर्वाद सदैव बना रहे।

 

6. अक्षर-अक्षर हमें सिखाते, शब्द-शब्द का अर्थ बताते।

कभी प्यार से तो कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

7. मिट्टी से तराशकर जिसने मुझे इंसान बनाया,

उस गुरु के चरणों में मेरा शत-शत नमन।

हैप्पी गुरु पूर्णिमा! 

 

8. गुरु का सान्निध्य जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आपका मार्गदर्शन ही मेरी सफलता की सबसे मजबूत नींव है।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

9. सफलता के इस मुकाम पर आज मैं जहां भी हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान आपकी सीख और विश्वास का है। गुरु पूर्णिमा पर आपको मेरा सादर प्रणाम।

 

10. गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं। आपके आशीर्वाद से हर कठिन राह आसान हो जाती है। आपके चरणों में मेरा सादर प्रणाम। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

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प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

Prime Minister Narendra Modi has issued video message regarding paper leak case

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके। प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है।

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टास्क फोर्स का हुआ गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

बनेगा नया कठोर कानून

प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेंड्स विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो।

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वे जेलों में सड़ रहे हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। राजनीतिक जीवन से शुरू से ही तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल करने वाले प्रधानमंत्री मोदी इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, WhatsApp, एक्स पर सक्रिय है और बड़ी संख्या में उनके फालोअर्स भी हैं।

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जब PM मोदी ने खुद संभाला मोर्चा 

इंस्टाग्राम पर भी प्रधानमंत्री मोदी 2016 से जुड़े हैं लेकिन इंस्टाग्राम के लिए अलग से कोई रील नहीं अपलोड किया जाता था, जबकि अधिकांश जेनजी इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय हैं। हाल ही में पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में खुद मोर्चा संभाला और इंस्टाग्राम पर रील डालकर जेनजी के साथ संवाद कायम किया।

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Gen Z को पसंद आया PM मोदी का नया अवतार

Gen Z को भी प्रधानमंत्री का नया अवतार पसंद आया और इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स बढ़ गए। Gen Z की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को उन्हें रील बनाकर थैंक्स (धन्यवाद) भी कहा। इसे भी 93 लाख से अधिक लोगों ने देखा और लाइक किया।

WhatsApp और Telegram के Username Feature पर सरकार सख्त, 20 दिनों में आ सकता है बड़ा फैसला

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केंद्र सरकार WhatsApp और Telegram के यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग फीचर को लेकर मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अगले करीब 20 दिनों के भीतर कोई अधिसूचना या अगला फैसला सामने आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, WhatsApp, Telegram और Zoho Bharat Eye ने सरकार द्वारा जारी नोटिस के जवाब मंत्रालय को सौंप दिए हैं।

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कानूनी जांच जारी

मंत्रालय की कानूनी टीम इन जवाबों का विस्तृत परीक्षण कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं संबंधित फीचर किसी नियम या कानून का उल्लंघन तो नहीं करता। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो नियामकीय कार्रवाई या अन्य कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं या नहीं।

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WhatsApp के जवाब की हो रही समीक्षा

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सप्ताहांत में WhatsApp का जवाब मिला, जिसकी फिलहाल समीक्षा की जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि सभी जवाबों का कानूनी परीक्षण पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। सरकार की यह प्रक्रिया ऐसे समय में चल रही है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है। फिलहाल मंत्रालय ने अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की है।

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WhatsApp का 'Username' फीचर क्या है?

WhatsApp एक नया फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसके जरिए लोग अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह फीचर Telegram और Signal की तरह काम करेगा। इस फीचर में यूजर अपने लिए एक यूनिक यूजरनेम (Username) चुन सकेंगे और मोबाइल नंबर की जगह उसी यूजरनेम को दूसरे लोगों के साथ साझा करेंगे।

 

Meta का दावा है कि इससे यूजर्स की निजता (Privacy) बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। हालांकि, भारत सरकार इस फीचर को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। सरकार का मानना है कि यदि मोबाइल नंबर छिप जाएंगे तो ऑनलाइन ठगों और साइबर अपराधियों की पहचान करना और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है।

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सरकार को किस बात की चिंता है?

सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि साइबर अपराधी यूजरनेम फीचर का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस फीचर का उपयोग करके अपराधी- 

 

  • फिशिंग (Phishing) हमले,
  • फर्जी पहचान (Impersonation) बनाकर ठगी,
  • डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) जैसे साइबर फ्रॉड,
  • और अन्य ऑनलाइन अपराधों को अंजाम दे सकते हैं।

 

इसी वजह से 1 जुलाई को केंद्र सरकार ने Meta से कहा था कि जब तक वह इस फीचर के दुरुपयोग को रोकने की ठोस व्यवस्था नहीं बताता, तब तक इसका रोलआउट आगे न बढ़ाया जाए।

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Meta ने क्या कहा?

Meta ने सरकार को बताया है कि WhatsApp के Username फीचर में सुरक्षा से जुड़े कई उपाय शामिल किए जाएंगे। हालांकि मामला सिर्फ WhatsApp की लोकप्रियता का नहीं है। भारत के आईटी अधिनियम (IT Act) और आईटी नियमों (IT Rules) के तहत एक बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म होने के कारण WhatsApp पर यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कानूनी जिम्मेदारी भी है। सरकार यह भी जांच रही है कि यदि भविष्य में इस फीचर के कारण साइबर अपराध बढ़ते हैं, तो क्या ऐसी स्थिति में Meta की जवाबदेही तय की जा सकती है।

 

PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी प्रशासन का सीधा परिणाम हैं।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

 

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शन पाकिस्तान के दशकों पुराने शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी शासन का परिणाम हैं। स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस की बर्बरता का सहारा लिया है। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और कृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएगा।”

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PoK भारत का अभिन्न हिस्सा

 

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत लगातार पाकिस्तान पर इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनके अधिकारों के दमन का आरोप लगाता रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी जताई चिंता

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। MEA ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

 

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाल ही में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत पर भारत ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

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खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की मौत

सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं।

 

शेख हसीना की वापसी पर भारत का जवाब

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। यदि प्रत्यर्पण (Extradition) से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो उसका निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

 

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर क्या बोला भारत?

भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

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निज्जर हत्याकांड पर भी भारत की प्रतिक्रिया

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जोड़ने पर भारत ने कहा कि RCMP की टिप्पणियां हाल ही में सार्वजनिक हुए अमेरिकी अभियोग (US Indictment) के अनुरूप हैं। भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

7 Electric Scooters, कम हाइट वालों को ट्रैफिक में भी नहीं होगी परेशानी, देखें List

electonic scooter

अगर आपकी हाइट कम है और इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो सीट हाइट (Seat Height) सबसे अहम चीजों में से एक होती है। कम सीट हाइट होने से स्कूटर रोकते समय दोनों पैर आसानी से जमीन पर टिक जाते हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और शहर के ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है। जानिए 7 स्कूटर्स- 

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1. Bajaj Chetak (30 और 35 Series) – सीट हाइट: 775mm

 

Bajaj Chetak भारत के सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से एक है। C3001, C3501, C3502 और C3503 जैसे सभी वेरिएंट्स में 775mm की सीट हाइट मिलती है। इन मॉडलों में बैटरी, रेंज और फीचर्स का अंतर है, लेकिन सीट की ऊंचाई समान रहती है।

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2. TVS iQube – सीट हाइट: 770mm

 

TVS iQube फिलहाल भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर है। इसके सभी वेरिएंट्स—iQube, iQube S और iQube ST—में 770mm सीट हाइट दी गई है, जिससे यह छोटे कद के राइडर्स के लिए अच्छा विकल्प बन जाता है।

 

3. Kinetic DX – सीट हाइट: 770mm

 

Kinetic DX का डिजाइन पुराने Kinetic Honda DX से प्रेरित है। इसमें रेट्रो स्टाइलिंग के साथ मेटल बॉडी दी गई है। इसकी 770mm सीट हाइट के अलावा इसमें 37 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जो इस सेगमेंट में काफी बड़ा माना जाता है।

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4. Yamaha EC-06 – सीट हाइट: 770mm

 

Yamaha EC-06 का प्लेटफॉर्म River Indie पर आधारित है, लेकिन इसका डिजाइन अलग है। इसमें 770mm सीट हाइट और 24.5 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है।

 

5. Suzuki e-Access – सीट हाइट: 765mm

 

Suzuki e-Access की 765mm सीट हाइट इसे और भी आरामदायक बनाती है। इसमें की-लेस एक्सेस, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 95 किमी की दावा की गई IDC रेंज मिलती है। हालांकि इसकी कीमत करीब 1.88 लाख रुपये है, जो कई प्रतिद्वंद्वियों से ज्यादा है।

 

6. Ampere Nexus – सीट हाइट: 765mm

 

Ampere Nexus EX और ST दोनों वेरिएंट्स में उपलब्ध है। दोनों में 765mm सीट हाइट दी गई है। अंतर केवल डिस्प्ले और कनेक्टिविटी फीचर्स का है।

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7. TVS Orbiter – सीट हाइट: 763mm

 

TVS Orbiter के V1 और V2 वेरिएंट्स में 763mm सीट हाइट मिलती है। दोनों मॉडलों में बॉडी डिजाइन समान है, जबकि बैटरी और कनेक्टिविटी फीचर्स अलग-अलग हैं।

WhatsApp यूजरनेम फीचर पर भारत में लगी रोक, सुरक्षा चिंताओं पर Meta ने क्या कहा

whatsapp

भारत सरकार की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच Meta ने भारत में WhatsApp के बहुप्रतीक्षित 'Username' फीचर की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी है। कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को आश्वासन दिया है कि जब तक सरकार के साथ सभी आवश्यक चर्चाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह फीचर भारत में जारी नहीं किया जाएगा।

 

सरकार ने Meta से यह स्पष्ट करने को कहा है कि WhatsApp पर यूजरनेम सिस्टम लागू होने से यूजर सुरक्षा, साइबर अपराधों की जांच और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर क्या असर पड़ेगा। फिलहाल मंत्रालय कंपनी की ओर से भेजे गए विस्तृत जवाब की समीक्षा कर रहा है, जिसमें फीचर की आवश्यकता और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई है।

क्या है WhatsApp का Username फीचर?

WhatsApp एक ऐसा फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह सुविधा Telegram और Signal की तरह होगी, जहां हर यूजर एक यूनिक यूजरनेम चुन सकेगा और उसी के जरिए दूसरे लोग उससे संपर्क कर पाएंगे।

 

Meta का कहना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक नहीं करना पड़ेगा। हालांकि भारत सरकार को आशंका है कि इससे साइबर अपराधियों की पहचान करना और धोखाधड़ी के मामलों की जांच करना मुश्किल हो सकता है।

 

सरकार को किस बात की चिंता?

सरकार का मानना है कि अगर मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम का इस्तेमाल होने लगे, तो इसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी फिशिंग, फर्जी पहचान (Impersonation), डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराध को अंजाम दे सकते हैं। 1 जुलाई को सरकार ने Meta से कहा था कि जब तक वह दुरुपयोग रोकने की स्पष्ट योजना नहीं बताती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए।

Meta ने बताए सुरक्षा उपाय

 

Meta का कहना है कि WhatsApp पर यूजरनेम फीचर लागू होने के बावजूद सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। कंपनी के अनुसार—

 

किसी यूजर से चैट करने के लिए उसका सटीक यूजरनेम जानना जरूरी होगा।

यूजरनेम का अनुमान लगाकर मैसेज भेजने या स्पैम करने की अनुमति नहीं होगी।

संदिग्ध गतिविधियों और ब्रूट-फोर्स (Brute Force) हमलों की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए विशेष सिस्टम लगाए जाएंगे।

सरकारी संस्थानों, सेलिब्रिटी और आधिकारिक संगठनों के लिए रिजर्व यूजरनेम उपलब्ध कराए जाएंगे।

किसी की पहचान की नकल करने वाले फर्जी या भ्रामक यूजरनेम को ब्लॉक किया जाएगा।

मोबाइल नंबर रहेगा अनिवार्य

 

Meta ने यह भी स्पष्ट किया है कि यूजरनेम फीचर आने के बाद भी WhatsApp अकाउंट बनाने और चलाने के लिए मोबाइल नंबर जरूरी रहेगा। यानी यूजरनेम केवल संपर्क का एक वैकल्पिक माध्यम होगा, मोबाइल नंबर का पूर्ण विकल्प नहीं।

अभी सरकार के फैसले का इंतजार

फिलहाल MeitY Meta के जवाबों की समीक्षा कर रहा है। यूजरनेम फीचर भारत में कब लॉन्च होगा, इसका फैसला सरकार और Meta के बीच चल रही बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। गौरतलब है कि केवल WhatsApp ही नहीं, बल्कि Telegram, Signal और Arattai जैसे प्लेटफॉर्म भी सरकार की निगरानी में हैं, क्योंकि इन सेवाओं में पहले से यूजरनेम आधारित पहचान की सुविधा उपलब्ध है।