सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन बनाएगा पॉलीटैक्निक का छात्र, रक्षा मंत्रालय ने मंजूर किए 3.50 करोड़

लोकल 18 के रिपोर्टर जसबीर कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, हमीरपुर के एक पॉलीटेक्निक छात्र ने अपनी तकनीकी सोच और मेहनत से ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है। साधारण परिवार से आने वाले सर्वेश शर्मा ने भारतीय सेना की सीमा निगरानी से जुड़ी जरूरत को ध्यान में रखते हुए ड्रोन बनाने पर काम किया। तैयार किए गए उनके इस प्रोटोटाइप के बाद अब इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय से बड़ी ग्रांट मिली है।

ऐसे मिला प्रोजेक्ट का आइडिया

सर्वेश शर्मा राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर के छात्र हैं। सर्वेश ने IIT जोधपुर और कोनार्क कोर की नेशनल लेवल की ओपन कार्डबोर्ड ड्रोन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में देशभर की करीब 50 टीमों ने अपने आइडिया पेश किए थे। सर्वेश की टीम ने इसमें चौथा पुरस्कार हासिल किया।

शुरुआती प्रोटोटाइप की लागत

सर्वेश ने अपने प्रोजेक्ट पर आगे काम शुरू किया और प्रोटोटाइप तैयार करने में उन्हें करीब 87 हजार रुपये का खर्च आया। इसके बाद उन्होंने डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन और इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस यानी iDEX से जुड़े प्रोजेक्ट के तहत स्टार्टअप के लिए आवेदन किया। अब इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए 3.50 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर होने की जानकारी सामने आई है।

सेना के लिए ऐसे काम करेगा सर्वेश का ड्रोन प्रोजेक्ट

सर्वेश अब रुद्रा एज टी-1 (स्पेक्ट्रा) ड्रोन प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। इसे भारतीय सेना की सीमा निगरानी से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। ड्रोन को दुश्मन के रडार से बचने और जैमिंग जैसी इलेक्ट्रॉनिक रुकावटों के असर को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।

IIT रुड़की में होगा आगे का काम

इस प्रोजेक्ट का इनक्यूबेशन सेंटर IIT रुड़की में बनाया गया है। रक्षा मंत्रालय से जुड़ी मंजूरी के बाद सर्वेश अब वहां की लैब में प्रोजेक्ट पर आगे काम करेंगे। प्रोजेक्ट से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 20 दिन का समय दिया गया है और इसे करीब 20 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

साधारण परिवार से निकला हुनरमंद छात्र

सर्वेश शर्मा हमीरपुर के बाहनवीं गांव के रहने वाले हैं और उनका परिवार साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके पिता संजीव शर्मा दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। सर्वेश ने अपनी शुरुआती और स्कूली पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ उनके कॉलेज में भी खुशी का माहौल है। कॉलेज के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर, विभागाध्यक्ष समीर भारती और दूसरे शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी है।

सर्वेश की कहानी दिखाती है कि किसी तकनीकी आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ बड़े संसाधन ही जरूरी नहीं होते, बल्कि सही सोच और लगातार मेहनत भी अहम भूमिका निभाती है। एक कॉलेज प्रतियोगिता से शुरू हुआ उनका काम अब रक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट तक पहुंच चुका है।

WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त! लॉन्च रोकने का आदेश, मेटा से 3 दिन में मांगा जवाब : सूत्र

भारत में लोकप्रिय सोशल मैसेजिंग ऐप WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा है। साथ ही साफ निर्देश दिया है कि जब तक इस मामले पर सरकार की सलाह-मशविरा प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए। सरकारी सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

तीन दिन में मांगा जवाब

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने Meta से इस फीचर को लेकर तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। कंपनी को बताना होगा कि यह फीचर कैसे काम करेगा। साथ ही, इससे जुड़े सुरक्षा और अन्य पहलुओं को कैसे संभाला जाएगा।

WhatsApp का यूजरनेम फीचर क्या है?

WhatsApp यूजर्स नए फीचर के आने के बाद अपना एक यूनिक यूजरनेम बना सकेंगे। इसके जरिए लोग बिना मोबाइल नंबर साझा किए भी एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। WhatsApp ने पहले कहा था कि इस साल फीचर के बड़े रोलआउट से पहले यूजर्स को अपना यूनिक यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प मिलेगा। अभी WhatsApp पर सभी यूजर्स के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य रहता है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि Meta को साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक सरकार की परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा।

सरकार को किस बात की चिंता?

सरकार इस फीचर के असर की जांच कर रही है। खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि यूजरनेम के जरिए लोगों की पहचान की पुष्टि कैसे होगी और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा।

हाल की रिपोर्टों में भी कहा गया था कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस फीचर का इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने या दूसरे तरह के दुरुपयोग के लिए तो नहीं किया जा सकता।

WhatsApp में आ रहा है ये खास फीचर, अब बिना नंबर के होगी चैट