Vaibhav Sooryavanshi: आज भारत में होगा वैभव सूर्यवंशी का T20 डेब्यू? टूटेंगे कई रिकॉर्ड

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज का पहला टी20 मुकाबला आज यानि 13 सितंबर को खेला जाएगा। ये तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं। वहीं अगर इस सीरीज में वैभव सूर्यवंशी खेलने का मौका मिलता है, तो एक खास रिकॉर्ड बना लेंगे। आज वैभव अगर खेलते हैं तो वह भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले किसी फुल-मेंबर टीम के सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन सकते हैं। वैभव ने कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है और अब उनकी नजर एक और बड़ी उपलब्धि पर है।

वैभव का रिकॉर्ड

वैभव सूर्यवंशी अब पहली बार भारतीय मैदान पर टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने उतर सकते हैं। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना डेब्यू किया था। डेब्यू के साथ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। टी20 इंटरनेशनल में अबतक वैभव सूर्यवंशी ने कुल 6 मैच खेले हैं। 6 मैचों की पारी में वैभव ने 32.16 की औसत के साथ 193 रन बनाए हैं। इससे पहले जिम्बावे दौरे पर वैभव ने शानदार पारी खेली थी।

संजू की जगह वैभव को मिलेगा मौका

इंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को संजू सैमसन की जगह टीम की प्लेइंग XI में शामिल किया गया था। वहीं फिर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज सैमसन की टीम में वापसी हुआ और वैभव को बाहर बैठना पड़ा था। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी उनकी जगह को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। फिर भी उम्मीद है कि तीन मैचों की सीरीज में वैभव को कम से कम एक मैच खेलने का मौका जरूर मिल सकता है।

भारत के लिए ओपनिंग जोड़ी चुनना मुश्किल

भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में ओपनिंग जोड़ी चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पहले साथ में अच्छी बल्लेबाजी की है, इसलिए दोनों को फिर से ओपनिंग का मौका मिल सकता है। वहीं, युवा वैभव सूर्यवंशी भी टीम में हैं और अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित कर चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने तीनों में से सही खिलाड़ियों को चुनने की चुनौती होगी। एशियन गेम्स से पहले यह देखना खास होगा कि कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर वैभव और सैमसन को किस तरह मौके देते हैं।

भारत में कम उम्र में इंटरनेशल डेब्यू करने वाले खिलाड़ी

भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने दिसंबर 1990 में पुणे में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच खेला था, तब उनकी उम्र 17 साल 253 दिन थी। वहीं, अफगानिस्तान के अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी भी एक बड़ी उपलब्धि के करीब हैं। उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2500 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 52 रन चाहिए। दूसरी ओर, राशिद खान भी टी20 क्रिकेट में 200 विकेट पूरे करने से केवल 7 विकेट दूर हैं और ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बन सकते हैं।

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दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाए रहा है। वहीं इस मुकाबले में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। पारी की तेज शुरुआत करने के बाद वैभव सूर्यवंशी 37 गेंदों पर 44 रन बनाकर आउट हुए। अपनी पारी के दौरान वैभव ने कई शानदार शॉट लगाए। वैभव के इस आक्रामक अंदाज को देख कर लग रहा था कि आज वह बड़ी पारी खेल सकते हैं। लेकिन तभी साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा की रणनीति के आगे वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और अपना विकेट गंवा बैठे। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

सूर्यवंशी ने खेली आक्रामक पारी

ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत काफी आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों पर लगातार शॉट लगाए और रन बटोरे। सूर्यवंशी ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की और तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का फायदा उठाकर आसानी से रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने सिराज के एक ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाया। वह 44 रन बनाकर चामा मिलिंद की गेंद पर आउट हुए। इससे पहले उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़े। तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का भी सूर्यवंशी ने फायदा उठाया।

वैभव-तिलक के बीच हुई बहस

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा के बीच मैदान पर हल्की नोकझोंक देखने को मिली। मुकाबले के दौरान साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा उन्हें स्लेजिंग करते हुए नजर आए। इस दौरान तिलक की बातें स्टंप माइक में भी सुनाई दीं। तिलक को यह कहते हुए सुना गया, “क्या यार, ये वाइस-कैप्टन है?” ईस्ट जोन की पारी के 11वें ओवर में तिलक ने सूर्यवंशी पर कमेंट किया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। इसी दौरान तिलक ने सूर्यवंशी को हल्का धक्का भी दिया, लेकिन युवा बल्लेबाज भी पीछे नहीं हटे। स्थिति बिगड़ने से पहले अंपायरों ने दोनों के बीच पहुंचकर मामला शांत कराया।

 

सेमीफाइनल में वैभव शतक से चूके थे

ईस्ट जोन के दूसरे सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने भी वैभव सूर्यवंशी के साथ अच्छी बल्लेबाजी की और उनसे ज्यादा रन बनाए। ईश्वरन ने अपनी पारी के दौरान सूर्यवंशी से पहले अर्धशतक पूरा किया। वहीं, सूर्यवंशी लगातार दूसरी बार शतक से चूक गए। इससे पहले सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में भी वह 92 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उनकी उस पारी ने ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

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Vaibhav Sooryavanshi: ‘बनाएंगे अगला सचिन तेंदुलकर…’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI कर रही बड़ी प्लानिंग

वैभव सूर्यवंशी का नाम, भारत में क्रिकेट को पसंद करने वाला हर कोई जानने लगा है। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। इंटरेनशनल क्रिकेट में कदम रखने के साथ ही उन्होंने सभी को अपना दीवाना बना लिया है। वहीं वैभव को लेकर बीसीसीआई भी अब काफी गंभीर है और वो इस युवा बल्लेबाज को सचिन तेंदुलकर जैसा बड़ा नाम बनते देखना चाहती है। गुरुवार को हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में इसकी भी चर्चा हुई। मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने इसका खुलासा किया।

बीसीसीआई का बड़ा प्लान

दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभाल रहे वैभव सूर्यवंशी से उम्मीद की जा रही है कि वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तरह लंबा और शानदार क्रिकेट करियर बनाएं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन और करियर पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि वैभव के भविष्य को लेकर बीसीसीआई की टीम हर जरूरी कदम पर उसका ध्यान रख रही है।

सचिन जैसे नाम बनाने की तैयारी!

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा कि बीसीसीआई चाहता है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह शानदार प्रदर्शन करें, जिस तरह सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड वैभव को लेकर काफी गंभीर है और उसके प्रदर्शन के साथ-साथ इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रख रहा है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बेहद करीब से काम कर रहा है, ताकि वह आगे चलकर देश के लिए लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन कर सके।

वैभव पर है नजर

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा, “हम चाहते हैं कि वैभव सूर्यवंशी या उनके स्तर का कोई भी खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह खेले, जैसे सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने खेलकर अपनी पहचान बनाई।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से हम वैभव को काफी गंभीरता से लेते हैं। उसके खेल के हर पहलू और इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बहुत करीब से नजर रख रहा है।”

वैभव के बल्लेबाजी के सभी फैन

बता दें कि, बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ पांच मैच खेले हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने बीसीसीआई की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाजी की और 776 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑरेंज कैप समेत कई पुरस्कार मिले और भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिला।

इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और पांचवें टी20 मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी जगह नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने जल्द ही वापसी करते हुए अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए और शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।

Video: दलीप ट्रॉफी डेब्यू पर फ्लॉप रहे वैभव सूर्यवंशी, ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन 8 रन पर लौटे पवेलियन

Vaibhav Sooryavanshi: महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए रेड बॉल क्रिकेट की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी के अपने पहले मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। रविवार को बेंगलुरु में नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पारी की शुरुआत की। लेकिन वह ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाए। वैभव सिर्फ 6 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने शुरुआत में दो चौके लगाए, लेकिन 8 रन के स्कोर पर आउट होकर वापस लौट गए।

कैसी थी वैभव की पारी

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आउट होने से पहले कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चल सकी। पेसर बिश्वोर्जित कोंथौजम ने उन्हें आउट किया। वैभव ने शुरुआत में कुछ गेंदों को संभलकर खेला और फिर एक अच्छी लेंथ की गेंद पर डीप मिड-विकेट की ओर चौका लगाया। लेकिन, दूसरे ओवर में ही उनकी पारी खत्म हो गई। कोंथौजम की ऑफ स्टंप गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में अच्छा शॉट खेला। इसके बाद गेंदबाज ने अपनी रणनीति बदली और ओवर की आखिरी गेंद थोड़ी छोटी और बाहर की ओर रखी। वैभव ने गेंद को पॉइंट की तरफ खेलने की कोशिश की, लेकिन उनका शॉट सही नहीं लगा और गली में कैच हो गया। इस तरह उनकी पारी 8 रन पर खत्म हो गई।

 

वैभव आईपीएल से चर्चा में

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी करने की कोशिश की और बाउंड्री लगाने का मौका तलाशते रहे। लेकिन, नॉर्थ ईस्ट जोन के गेंदबाजों को पिच से मदद मिल रही थी और गेंद दोनों तरफ घूम रही थी। ऐसे में वैभव का आक्रामक अंदाज इस बार उनके लिए भारी पड़ गया। ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी शामिल हैं। वैभव सूर्यवंशी IPL में अपने शानदार प्रदर्शन और भारत के लिए T20I डेब्यू के बाद लगातार चर्चा में रहे हैं। इस युवा बल्लेबाज ने कई बार बताया है कि वह रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहते हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनना है और इसके लिए वह लंबे फॉर्मेट में खुद को साबित करना चाहते हैं।

Rahul Dravid ने वैभव सूर्यवंशी को दी बड़ी सलाह, बोले- जल्दबाजी न करें

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में बेहरतरीन प्रदर्शन के बाद उनको भारत के टी20 टीम में शामिल किया गया। वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खेल को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव का घरेलू क्रिकेट में सफेद और लाल गेंद दोनों फॉर्मेट में खेलना अच्छी बात है। द्रविड़ ने कहा कि, इतनी कम उम्र में मिले इस मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए वैभव को अपने करियर में बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे उसे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।

दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन वैभव

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलेंगे और रेड-बॉल क्रिकेट में अपना हुनर दिखाएंगे। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के कारण वह घरेलू क्रिकेट में लगातार नहीं खेल पाए थे।

वैभव को दी ये सलाह

क्रिकइन्फो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि करियर में हमेशा संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह अच्छी बात है कि वैभव को IPL के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। साथ ही, उसके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने इस करियर को आगे बढ़ाने का भी पूरा समय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और आगे बढ़ता रहे। इसके लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि आने वाले समय में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेल सकें।”

ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए

राहुल द्रविड़ ने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ वैभव सूर्यवंशी के साथ काम किया था। द्रविड़ का माना कि, रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से वैभव का अनुभव और खेल बेहतर होगा। द्रविड़ ने कहा, “अच्छी बात यह है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उसे अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है, इसलिए उसे समय देने और धैर्य रखने की जरूरत है। उसने शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल की है, लेकिन करियर में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। ऐसे में लोगों को उसके साथ धैर्य रखना चाहिए।”

Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान

IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआत भले ही उनके लिए खास नहीं रही, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। यहां उनके बल्ले से लगातार अच्छी पारियां देखने को मिलीं और उनके प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। कम उम्र में दबाव से निकलकर इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दिखाता है। वहीं वैभव की उम्र को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस समय वैभव की उम्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी उनकी क्रिकेट प्रतिभा है।

वैभव को लेकर ली ने क्या कहा

बीयर बाइसेप्स YouTube चैनल पर बात करते हुए ब्रेट ली ने कहा, “वह जबरदस्त है। भारत से बाहर हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या वह 15 साल का है? क्या वह 15 साल का है? शायद इस समय दुनिया भर में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितने साल का है।” ली ने आगे कहा, “अगर वह 15 साल का है, तो शानदार है, लेकिन अगर वह 17 या 18 साल का है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है। यह बच्चा क्रिकेट खेलना जानता है। वह भारत के लिए एक बहुत बड़ी खोज है और आने वाले समय में वह इससे भी बड़ी और बेहतर उपलब्धियां हासिल करेगा।”

कम समय में मिली ज्यादा तारीफ

ली ने कहा, “उन्होंने इतने कम समय में IPL में धूम मचा दी है। SRH के खिलाफ उन्होंने जो 97 रन बनाए, वह ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खिलाफ थे। वे बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे थे और वह उनके खिलाफ बेखौफ होकर हुक शॉट खेल रहे थे।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी के खेल की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और समझ काबिले तारीफ है। उन्होंने ये भी माना कि सूर्यवंशी ने IPL में तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना डरे जिस तरह बल्लेबाजी की, वह उनकी खासियत है। लेकिन, ली के मुताबिक आगे बढ़ने के साथ सूर्यवंशी पर लोगों की उम्मीदें और मीडिया का ध्यान भी बढ़ेगा, जिसे संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

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‘IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट अलग हैं’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर अजिंक्य रहाणे ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल के बाद से ही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी चर्चा में है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के साथ वैभव सबसे कम उम्र में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पहली बार भारत के लिए खेलने का मौका मिला, लेकिन तीन मैचों की सीरीज में वह पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वैभव सूर्यवंशी ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां ही खेल पाए। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा।

वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अभी टेस्ट टीम में शामिल करने पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। अजिंक्य रहाणे ने माना कि, उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार मानना जल्दबाजी होगी। रहाणे ने कहा कि युवा खिलाड़ी को पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना चाहिए।

इंटरनेशनल क्रिकेट में ज्यादा चुनौती

अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, “अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मैं उस युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। उसने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर होता है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तो दबाव कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में वही चुनौती कहीं कठिन हो जाती है। इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए, समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए।”

जिम्बाब्वे दौरे पर किया प्रदर्शन

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वह लगातार प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। उन्होंने पहले टी20 मैच में अर्धशतक लगाया, दूसरे मुकाबले में 20 रन बनाकर आउट हो गए और आखिरी मैच में 81 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन इस पारी के लिए उन्होंने 49 गेंदों का सामना किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के मुकाबले थोड़ा धीमा माना गया। यही वजह है कि उनके प्रदर्शन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।

Vaibhav Sooryavanshi: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी को क्यों बनाया गया उपकप्तान? सेलेक्टर ने बताया इस फैसले के पीछे की वजह

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 23 अगस्त से बेंगलुरु में होगी। वहीं वैभव के उपकप्तान बनाए जाने के फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आई हैं। कई पूर्व खिलाड़ी और एक्सपर्ट के मुताबिक, इतनी कम उम्र में वैभव को बड़ी जिम्मेदारी देना जल्दबाजी हो सकती है। वहीं हाल ही में सेलेक्टर ने बताया की वैभव को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी गई है।

फैसले का किया बचाव

ईस्ट जोन सेलेक्टर समिति के सदस्य और ओडिशा के पूर्व रणजी क्रिकेटर प्रवंजन मलिक ने इस फैसले का बचाव किय। प्रवंजन मलिक ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “वैभव को कप्तान नहीं, बल्कि उपकप्तान बनाया गया है। टीम की कप्तानी ईशान किशन करेंगे। ईशान विकेटकीपर भी हैं, इसलिए मैच के दौरान उनकी भूमिका लगातार एक्टिव रहेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि वैभव पूरे समय टीम की कप्तानी करेंगे। वह अभी सीखने के दौर में हैं और हर दिन पहले से ज्यादा मैच्योर हो रहे हैं। उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देने से उनकी नेतृत्व क्षमता और मैच की समझ बेहतर होगी।”

भविष्य के लीडरशीप क्षमता विकसित करना

मलिक ने ये भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी पहले से ही बिहार की घरेलू टीम के उपकप्तान हैं और 2026 अंडर-19 विश्व कप में भी उपकप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं। उन्होंने कहा, “वैभव देश के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका आईपीएल सीजन भी शानदार रहा। वह बिहार की प्रथम श्रेणी टीम के भी उपकप्तान हैं।” मलिक ने आगे कहा, “दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी की जिम्मेदारी उनके लिए बड़ा अवसर है। हमारा मानना है कि युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देना जरूरी है, क्योंकि इससे उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”

उन्होंने आगे कहा, “कौन जानता है, भविष्य में वह भारतीय टीम के कप्तान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्हें उपकप्तान बनाया गया है।” मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं ने वैभव को उपकप्तान बनाने से पहले उनसे इस फैसले पर कोई चर्चा नहीं की थी।

Vaibhav Sooryavanshi: किस गेंदबाज के सामने बैटिंग करने से डरते हैं वैभव सूर्यवंशी? युवा बल्लेबाज ने खुद किया खुलासा

Vaibhav Sooryavanshi: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मात्र 15 साल की उम्र में भारत की टी20 टीम में अपनी जगह बना ली है। वहीं हाल ही में हुए जिम्बाब्वे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया है। अपने इसी शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में 230 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर 48वां स्थान पर पहुंच गए है। वहीं इससे पहले आईपीएल 2026 में भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) का अवॉर्ड भी अपने नाम किया है। हाल ही में युवा बल्लेबाज ने बताया कि आईपीएल में वह किस गेंदबाज के सामने बैटिंग नहीं करना चाहते।

किस गेंदबाज से डरते हैं वैभव?

राजस्थान रॉयल्स के एक इंटरव्यू के दौरान वैभव सूर्यवंशी से पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के सामने बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल पर युवा बल्लेबाज ने सिर्फ चार शब्दों में ऐसा जवाब दिया, जिसे सुन हर कोई हैरान रह गया। वैभव ने कहा, “अभी कोई नहीं है।” इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि आईपीएल में भी कोई नहीं? तो उन्होंने जवाब दिया, “आईपीएल में? अभी तक ऐसा कोई गेंदबाज सामने नहीं आया है।” वैभव सूर्यवंशी से जब आईपीएल 2026 सीजन का सबसे पसंदीदा मैच पूछा गया तो उन्होंने 10 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए मुकाबले का नाम लिया।

वैभव ने कहा, “RCB के खिलाफ। पिछले साल हम दोनों मैच हारे थे और उन मुकाबलों में काफी कुछ हुआ था।”

जडेजा ने दिया ये जवाब

राजस्थान रॉयल्स के साथ बातचीत के दौरान भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से भी पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के खिलाफ बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल के जवाब में जडेजा ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का नाम लिया। जडेजा आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स छोड़कर राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए थे। जडेजा ने कहा, “जोफ्रा। अच्छा है ये हमारी टीम में है।”

आईपीएल में डेब्यू के बाद से छाए वैभव

आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। कम उम्र में ही उन्होंने जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, जोफ्रा आर्चर, जोश हेजलवुड और कगिसो रबाडा जैसे दुनिया के दिग्गज तेज गेंदबाजों का आत्मविश्वास के साथ सामना किया और उनके खिलाफ बड़े शॉट भी लगाए। इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे उभरते युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू के बाद वह अब तक वैभव छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने वाले खिलाड़ी बने हैं।

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Vaibhav Sooryavanshi: ड्रॉप होने के बाद पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, बोले- खुद पर पूरा भरोसा है

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

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