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Yogi Adityanath Kanwar Yatra vision: सनातन धर्म में आस्था रखने वाले यह मानते हैं कि शिव कहीं बाहर नहीं, वे हर उस जीव में विद्यमान हैं जो प्रेम, त्याग और तप से जीवन को साधता है। यही कारण है कि सनातन परंपरा भक्त और भगवान के बीच कोई दूरी नहीं मानती। जो शिव का ध्यान करता है, वह स्वयं शिवमय हो जाता है। सावन में जब लाखों कांवड़िए कंधे पर गंगाजल लिए नंगे पांव सैकड़ों किलोमीटर चलते हैं, तो वे केवल जल चढ़ाने नहीं जाते, वे स्वयं उस तप की जीवंत छवि बन जाते हैं जिसे शिव ने कैलाश की एकांत साधना में साकार किया था। उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृष्टि में यही भाव सबसे गहरा है, कांवड़िया केवल एक श्रद्धालु नहीं, चलता-फिरता शिव का प्रतिरूप है और अब जबकि जल्द ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है, उत्तर प्रदेश इन तपस्वियों के स्वागत और उन पर पुष्प वर्षा को तैयार है। 

 

निर्विघ्न कांवड़ यात्रा के लिए योगी सरकार ने समय रहते ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इसकी देखरेख कर रहे हैं। यह आस्था के प्रति ऐसी सम्वेदना है जिसमें शासन श्रद्धालु के साथ खड़ा दिखाई देता है। सड़कों की मरम्मत, बिजली-पानी की सुचारु व्यवस्था, चिकित्सा शिविरों की तैनाती, इन सबके पीछे यह भाव है कि किसी श्रद्धालु के पांवों में छाले न पड़ें। सरकार जब सड़क को शिव-पथ मानकर संवारती है, तो वह प्रशासन और आस्था के बीच की दीवार गिरा देती है। इसी भाव से सुरक्षा की चिंता भी उपजी है। मार्ग पर सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा घेरा, गंगा घाटों पर गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती, ये सब उस भावना का विस्तार हैं जिसमें राज्य स्वयं को श्रद्धालु के सेवक के रूप में पाता है। 

 

इसी सोच ने चिकित्सा और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्था को व्यवस्थित किया है। एंटी वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता, जगह-जगह शिविरों में विश्राम और पेयजल की व्यवस्था, शौचालयों की नियमित सफाई और मार्ग की रोशनी, इन सबका उद्धेश्य यही है कि भक्त किसी कष्ट में न पड़े l मार्ग पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रखने का निर्णय, दुकानों पर संचालक का नाम प्रदर्शित करने की अनिवार्यता, यह सब केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, यह पवित्रता के सम्मान का प्रश्न है। शुद्ध आचरण और संयम ही तप की पहली शर्त है और योगी सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं तो कहा जा सकता है कि वह भक्तों के संकल्प में भागीदार बन चुकी है।

Kanwar Yatra UP 2026

इसी सहभागिता ने डीजे की ध्वनि को निर्धारित मानकों में बांधा है। भक्ति में उल्लास स्वाभाविक है, पर यह कोलाहल नहीं बनने पाए, इसके लिए स्पष्ट निर्देश भी दिए गए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की सुगमता को केंद्र में रखते हुए ही यातायात प्रबंधन के तहत वैकल्पिक मार्ग, डायवर्जन प्वाइंट, आरक्षित पार्किंग और आपातकालीन कॉरिडोर बनाए गए हैं। इसी तरह अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर दृष्टि रखने वाली विशेष टीमें, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोरता की चेतावनी, यह दिखाती हैं कि सरकार आस्था की इस विराट धारा को किसी भी विघ्न से बचाने के लिए सतर्क है। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड के प्रशासन से समन्वय और कांवड़ संघों से नियमित संवाद यह सुनिश्चित करते हैं कि यह सुरक्षा-चक्र किसी एक राज्य की सीमा में सिमटा न रहे।

 

नौ वर्षों के अनुभव ने योगी सरकार को यह सिखाया है कि आस्था की सेवा निरंतर परिष्कृत होने वाली प्रक्रिया है। हर वर्ष व्यवस्था में नई तकनीक, नए संसाधन और नए अनुभव जुड़ते हैं, ड्रोन निगरानी हो या डिजिटल हेल्पलाइन, ये सब पारंपरिक आस्था को आधुनिक प्रशासनिक कुशलता से जोड़ने के प्रयास हैं। पर इन सबके मूल में वही भाव है जिससे यह लेख शुरू हुआ था, कांवड़िया शिव का प्रतिरूप है, और उसकी सेवा शिव की ही आराधना है। 

 

शिव को औघड़दानी कहा जाता है। वे भक्त की भावना देखते हैं, उसकी हैसियत या साधन-संपन्नता नहीं। राजा हो या रंक, भस्म रमाए वनवासी हो या नगर का साधारण मजदूर, कांवड़ मार्ग पर शिव के लिए सब समान हैं। यही समानता की भावना उस प्रशासनिक निर्देश में झलकती है जिसमें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश के हर जिले में व्यवस्था का स्तर एक जैसा होना चाहिए, चाहे वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बड़ा नगर हो या पूर्वांचल का दूरस्थ कस्बा। जब शासन खुद को इस समभाव में ढालता है, तो वह शिव-तत्व की उसी मूल भावना को आत्मसात करता है जिसमें भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं।

 

कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जिस तरह पूर्व अनुभवों से सीख ली गई है, वह किसी योगी की साधना-प्रक्रिया जैसी ही लगती है। प्रशासन ने बीते नौ वर्षों में यात्रा को शनैः-शनैः क्रमबद्ध ढंग से सुगम बनाया है। निरंतर सुधार की प्रक्रिया ही किसी भी बड़े जनआयोजन को सफल बनाती है, और यही प्रक्रिया कांवड़ यात्रा को साल-दर-साल अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाती जा रही है। इस पूरी तैयारी का सबसे अधिक भावनात्मक पक्ष यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे स्वतः आत्मसात कर लिया है। जब कोई मुख्यमंत्री स्वयं अधिकारियों को यह निर्देश देता है कि हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है, तो वह यह संदेश देता है कि राज्य की संवेदना आस्था के साथ खड़ी है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की तैयारियां अब सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का रूप ले चुकी हैं। 

 

योगी सरकार के प्रयासों की वजह से ही उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अब राज्य और समाज के साझा संकल्प का प्रतीक है। जब लाखों कांवड़िए कंधे पर गंगाजल लिए उत्तर प्रदेश की सड़कों पर उतरेंगे, तो उनके पीछे एक ऐसा तंत्र सक्रिय रहेगा जो हर कदम पर उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का ध्यान रखेगा, क्योंकि सरकार जानती है कि वह किसी सामान्य यात्री की नहीं, शिव के उस अंश की सेवा कर रही है जो हर कांवड़िए के भीतर बसता है।

यही भाव इस यात्रा को निर्विघ्न बनाने की सबसे बड़ी गारंटी है, और यही भाव उत्तर प्रदेश को हर वर्ष इस दायित्व के लिए और अधिक तैयार करता जा रहा है और इसी भाव की वजह से उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में लोगों को इंतजार है सावन के पहले दिन का। श्रद्धालुओं का मन श्रद्धा-आस्था से सराबोर है। जोश अभी से ही हिलोंरे लेने लगा है कि कब वह वक्त आए कि वे कंधे पर कांवड़ लेकर बम भोले का जयघोष करते हुए हरिद्वार, गोमुख और गंगोत्री की ओर बढ़ चलें। (लेखक महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में प्रोफेसर हैं) 

 

 

Weather Today: आज बिहार में बारिश का तांडव, IMD ने दिल्ली समेत 23 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, यहां दिखेगा मौसम का विकराल रूप

Weather Today: देशभर में मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और देश के कई हिस्सों में बारिश का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आज देश के कई राज्यों में मौसम का विकराल रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कुल 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी और तटीय क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

बिहार और पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अगस्त को बिहार समेत तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली, यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक: इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के बड़े भू-भाग में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों को मिलाकर कुल 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का जोर बना रहेगा।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

40 से 50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा जताया गया है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ थंडरस्टॉर्म की गतिविधि देखी जा सकती है।

तटीय इलाकों में चलेंगी तेज सतही हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर दिन के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

Traffic Diversion: सावन का पहला सोमवार कल, कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली समेत यूपी में ट्रैफिक डायवर्जन, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी

हिंदू धर्म के पवित्र त्योहार सावन के महीने की शुरुआत हो गई है। सावन के महीने में सोमवार को भगवान शिव की पूजा होती है। वहीं सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। सावन के पहले सोमवार और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई जगह ट्रैफिक ट्रैफिक डायवर्जन किए गए हैं। वहीं लोगों की सुविधा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों और आम लोगों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।

सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद रहती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भीड़ कम होने के समय मंदिर आने और पुलिस व सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

इन जगहों पर किया गया डायवर्जन

कांवड़ यात्रा और सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कई राज्यों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में कुछ रास्तों पर वाहनों का रूट बदला गया है, जबकि कांवड़ियों के लिए कई मार्ग रिजर्व किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी है। वहीं, मेरठ सहित कई जिलों में भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला भी लिया गया है।

सीसीटीवी से की जाएगी निगरानी

सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। बड़े शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और विशेष सुरक्षा टीमों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है। हाल ही में मिली सुरक्षा संबंधी सूचनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश में प्रशासन और पुलिस को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।

3 अगस्त का मौसम: बिहार समेत इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने दिल्ली से यूपी तक दिया ये अलर्ट

Heavy Rain Alert 3rd August: देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक सोमवार 3 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत 3 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत मुसलाधार यानी बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से लेकर पहाड़ी इलाकों तक भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बिहार में मानसूनी बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 3 अगस्त को बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 3 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्र), हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और मध्य भारत: झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी/तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कड़केगी बिजली

मौसम विभाग ने 3 अगस्त को बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में मुख्य रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मैदानी व तटीय इलाकों में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

Video: चेहरा काला किया, बिच्छू बूटी से रगड़ा… छेड़छाड़ के आरोपियों के साथ गांव वालों ने किया ऐसा व्यवहार, वीडियो वायरल

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। यहां छेड़छाड़ के आरोपों का सामना कर रहे दो युवकों को पुलिस के हवाले करने से पहले ग्रामीणों द्वारा दी गई कथित सजा का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में दोनों युवकों के चेहरे काले किए गए और उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ते हुए देखा गया। इस घटना के बाद लोगों के बीच महिलाओं की सुरक्षा, अपराधियों पर कार्रवाई और कानून हाथ में लेने जैसे मुद्दों को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने ग्रामीणों के गुस्से को सही ठहराया, तो कुछ ने सार्वजनिक सजा देने के तरीके पर सवाल उठाए। मामले ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय को जन्म दे दिया है।

सतौली गांव में सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, यह घटना नैनीताल के मुक्तेश्वर क्षेत्र के सतौली गांव की बताई जा रही है। आरोप है कि मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो युवकों ने गांव से गुजरते समय स्थानीय लड़कियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद ग्रामीणों और संबंधित महिलाओं ने दोनों को रोक लिया।

वायरल वीडियो में दिखा ग्रामीणों का गुस्सा

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोगों की भीड़ दोनों युवकों के आसपास नजर आई। आरोपियों के चेहरे काले किए गए थे और उन्हें चप्पलों से पीटते हुए भी देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ा, जो त्वचा पर तेज जलन और खुजली पैदा करने के लिए जानी जाती है। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर बंटे लोगों के विचार

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ होने वाले व्यवहार पर सख्ती की बात करते हुए ग्रामीणों के कदम का समर्थन किया। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ा संदेश जाना जरूरी है।

कुछ लोगों ने उठाए कानून हाथ में लेने पर सवाल

वहीं, कई यूजर्स ने इस तरह की सार्वजनिक सजा पर सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है और दोषियों पर कार्रवाई पुलिस और कानून के जरिए होनी चाहिए। लोगों ने पूछा कि क्या किसी भी स्थिति में भीड़ को खुद सजा देने का अधिकार मिलना चाहिए?

घटना ने छेड़ी न्याय और भीड़ की कार्रवाई पर बहस

इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, अपराधों पर कार्रवाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बता रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि न्याय की प्रक्रिया कानून के दायरे में ही होनी चाहिए।

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Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर से दक्षिण तक मानसून का कहर! दिल्ली समेत इन राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।

राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।

तापमान और बारिश की स्थिति

हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।

तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।

बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

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पप्पू यादव के संसद प्रदर्शन पर CM धामी का पलटवार, बोले- सनातन और संत समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं, ‘ऑपरेशन कालनेमि’ का किया जिक्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव के विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव और उनके समूह की ओर से संतों, महापुरुषों और भगवा धारण करने वाले लोगों का मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां संत समाज और सनातन परंपरा के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाती हैं।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इसी तरह के लोगों के खिलाफ उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ चलाया गया है।  उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सनातन धर्म, आस्था और परंपराओं पर सवाल उठाए जाते हैं, तब ऐसे नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आती।

 

सीएम धामी के अनुसार, इसके पीछे वोट बैंक की राजनीति भी एक कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं को यह आशंका रहती है कि यदि वे सनातन धर्म और उसकी परंपराओं के पक्ष में खुलकर बोलेंगे, तो उनका एक बड़ा वोट बैंक उनसे दूर हो सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी के हृदय में देश के बच्चे और युवा बसते हैं : पुष्‍कर सिंह धामी

Chief Minister Pushkar Singh Dhami addressed Yuva Shakti Samvad conference

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : गुरुकुल कांगड़ी में 'युवा शक्ति संवाद सम्मेलन' को संबोधित करते हुए उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा क्षमा, सहिष्णुता और सद्भाव का संदेश देती है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसी भावना को आत्मसात करते हुए सदैव यह संदेश दिया है कि किसी भी भूल का उत्तर केवल कठोरता नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और सकारात्मक मार्गदर्शन भी हो सकता है। प्रधानमंत्री जी के हृदय में देश के बच्चे और युवा बसते हैं।

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गुरुकुल कांगड़ी में 'युवा शक्ति संवाद सम्मेलन' को संबोधित करते हुए उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा क्षमा, सहिष्णुता और सद्भाव का संदेश देती है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसी भावना को आत्मसात करते हुए सदैव यह संदेश दिया है कि किसी भी भूल का उत्तर केवल कठोरता नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और सकारात्मक मार्गदर्शन भी हो सकता है।


प्रधानमंत्री जी के हृदय में देश के बच्चे और युवा बसते हैं। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी को भारत की युवा शक्ति की क्षमता और सामर्थ्य पर अटूट विश्वास है। युवाओं के सपनों को साकार करने, उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने में वे कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।

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यही विश्वास और युवा शक्ति विकसित भारत के संकल्प की सबसे बड़ी ताकत है। आज हमारे देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह नई सोच, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता के साथ आगे बढ़ने वाली पीढ़ी है।

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मुख्‍यमंत्री धामी ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि देश को प्रधानमंत्री मोदी जी जैसा दूरदर्शी नेतृत्व मिला है। उन्होंने अनेक अवसरों पर युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें आगे बढ़ने, गलतियों से सीखने और जीवन में नए अवसरों का लाभ उठाने का संदेश दिया है।

कल का मौसम 2 अगस्त: 16 राज्यों में हैवी बारिश और 7 राज्यों में बहुत भारी बरसात का अलर्ट, दिल्ली-यूपी से बिहार तक बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: देश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर फ्लैश फ्लड और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश का माहौल है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त 2026 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में बारिश औसत से कम (LPA का 94% से कम) रहने की संभावना है। वैसे उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो की स्थिति भी मानसून को प्रभावित कर रही है। इस बीच IMD ने वेदर बुलेटिन में 2 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश भर में भारी से बहुत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को देश के 7 प्रमुख राज्यों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूरे राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-यूपी, बिहार समेत इन 16 राज्यों में होगी भारी बारिश

  • देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने निम्नलिखित इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पूर्व उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।
  • पूर्व व मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य।
  • पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय।

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इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रविवार को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ-साथ तूफानी हवाओं का प्रभाव भी देखा जाएगा। आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वॉल चलने का गंभीर अलर्ट है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, राजस्थान और तेलंगाना में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में मैदानी व तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।