Weather Update: कल का मौसम 18 अक्टूबर: इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, यूपी-राजस्थान में गरज-चमक का अलर्ट

देश में इस समय दुर्गापूजा और नवरात्रि की धूम है। वहीं त्योहारों के मौसम के बीच मौसम विभाग ने टेंशन भरा एक और अलर्ट जारी कर दिया है। देश के कई हिस्सों में 18 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल यानी 18 अक्टूबर को यूपी, बिहार, दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 3 पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 18 अक्टूबर को बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा अरब सागर में भी समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना

18 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के कारण होने वाली परेशानियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।

कई राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा

आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

लोगों के अलर्ट रहने की सलाह

बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। समुद्र में तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और समुद्र में जाने वालों को भी स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।

UPESSC PRT Recruitment 2026: प्राइमरी टीचर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, जानें 12,405 पदों के लिए कब तक कर सकते हैं अप्लाई

UPESSC PRT Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने असिस्टेंट टीचर प्राइमरी भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 28 अक्टूबर, 2026 कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अपना आवेदन जमा नहीं किया है, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

पहले आवेदन की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर, 2026 तय की गई थी। एक्सटेंशन के बाद, उम्मीदवारों के पास अपने जमा किए गए आवेदन फॉर्म में करेक्शन करने के लिए अतिरिक्त समय भी होगा। आयोग द्वारा जारी शॉर्ट नोटिस के अनुसार, आवेदन विवरण में बदलाव करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर, 2026 है। इस भर्ती प्रक्रिया का मकसद उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट टीचर की 12,405 वैकेंसी को भरना है। इसमें उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत प्राइमरी स्कूल और उससे जुड़े नॉन-गवर्नमेंट एडेड प्राइमरी स्कूल शामिल हैं।

UPESSC PRT भर्ती 2026: पदवार बंटवारा

आयोग ने प्राथमिक शिक्षक के पोस्ट की दो श्रेणी में 12,405 पदों की घोषणा की है। कुल पदों में से 11,508 उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत शहरी प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर के लिए हैं। बाकी 897 पोस्ट लड़कों और लड़कियों के लिए मान्यता प्राप्त एडेड प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर के लिए हैं। श्रेणी के हिसाब से बंटवारा इस तरह है:

पोस्ट कैटेगरी वैकेंसी

यूपी बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत शहरी प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर 11,508

लड़कों और लड़कियों के लिए एफिलिएटेड नॉन-गवर्नमेंट एडेड प्राइमरी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर 897

कुल 12,405

विज्ञापित पदों के लिए पे स्केल लेवल 6 है, जो Rs 35,400 से Rs 1,12,400 तक है। उम्मीदवारों को लागू योग्यता आवश्यकताओं, चयन प्रक्रिया और दूसरी सेवा शर्तों के लिए विस्तृत भर्ती नोटिफिकेशन देखना चाहिए।

UPESSC PRT भर्ती 2026: जरूरी तारीखें

जानकारी पिछली तारीख बढ़ी हुई तारीख

अप्लाई करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर, 2026 28 अक्टूबर, 2026

एप्लीकेशन में सुधार की आखिरी तारीख दी गई जानकारी में नहीं बताई गई है 31 अक्टूबर, 2026

UPESSC PRT भर्ती 2026: अप्लाई करने के स्टेप्स

  • ऑफिशियल वेबसाइट, upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत असिस्टेंट टीचर प्राइमरी भर्ती 2026 लिंक खोलें।
  • रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन पढ़ें और एलिजिबिलिटी शर्तें चेक करें।
  • अगर जरूरी हो, तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें।
  • आवेदन फॉर्म में बताई गई पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी जानकारी भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें।
  • अगर लागू हो, तो ऑफिशियल नोटिफिकेशन में बताए अनुसार एप्लीकेशन फीस भरें।
  • भरी गई डिटेल्स देखें और आवेदन फॉर्म जमा करें।
  • आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड या प्रिंट करें।

अपना आवेदन जमा कर चुके उम्मीदवारों को अपना फॉर्म चेक कर लेना चाहिए। अगर उसमें किसी सुधार की जरूरत है, तो बदलाव करने की विंडो 31 अक्टूबर, 2026 को बंद हो जाएगी।

UPESSC PRT लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को होगी

असिस्टेंट टीचर प्राइमरी भर्ती 2026 के लिए लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर, 2026 को होगी। एप्लीकेशन की आखिरी तारीख बढ़ने के साथ, जिन कैंडिडेट्स ने अभी तक अप्लाई नहीं किया है, उन्हें 28 अक्टूबर, 2026 तक प्रोसेस पूरा कर लेना चाहिए।

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Weather Forecast: साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव, इन राज्यों में 23 अक्टूबर तक होगी ताबड़तोड़ बारिश! IMD ने जारी किया अलर्ट

Weather Forecast: देश के मौसम में लगातार हो रहे बदलावों के बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून और मौसमी प्रणालियों का असर एक बार फिर आक्रामक हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण प्रायद्वीप तक कई स्थानों पर चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लॉनिक सर्कुलेशन और ट्रफ रेखाएं एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर आगामी 23 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा, तमिलनाडु और केरल में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हुई है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक ताबड़तोड़ बारिश का अलर्ट

अभी उत्तर तमिलनाडु और उससे लगे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी लक्षद्वीप और दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इसके अलावा लक्षद्वीप से दक्षिण बंगाल की खाड़ी और कर्नाटक तट से कोमोरिन क्षेत्र तक ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 17 से 23 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से आज 17 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 17 से 23 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश का दौर चलेगा। आज 17 अक्टूबर को तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में आज 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 18 से 21 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान इन तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। दक्षिण भारत के इन हिस्सों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

पश्चिम भारत में गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी

दक्षिण भारत के अलावा पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कोंकण और गोवा संग मराठवाड़ा में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान जबकि मध्य महाराष्ट्र में 17 से 20 अक्टूबर के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज आंधी-तूफान, बिजली चमकने और छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में आज मौसम उमस भरा बना रह सकता है।

उत्तर, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम सामान्य

उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह किसी बड़े या गंभीर मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। यहां मौसम मुख्य रूप से शांत और सामान्य बना रहेगा।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों और उससे लगे अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान समुद्र की स्थिति अशांत रह सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इन तारीखों के दौरान समुद्र में उतरने से बचें।

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Greater Noida Family Death: ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत से सनसनी, सभी ने रात में खाए थे नूडल्स

Greater Noida Family Death: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। रबूपुरा इलाके के नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और तीन बच्चों लड्डू (11), मिस्टी (7) और साक्षत (3) के रूप में हुई है। बच्चों की उम्र महज 3 से 11 साल के बीच थी।

पुलिस को आशंका है कि परिवार की मौत फूड पॉइजनिंग यानी दूषित खाना खाने की वजह से हुई हो सकती है। हालांकि, अभी तक मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह रबूपुरा थाने को इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी, एंबुलेंस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम और पुलिस की फील्ड यूनिट ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए मौके से जरूरी वैज्ञानिक सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।

रात में खाए नूडल्स, सुबह घर में मिले पांचों के शव

शुरुआती पूछताछ में पड़ोसियों और महेश की मां ने पुलिस को बताया कि परिवार के सभी सदस्यों ने रात में नूडल्स खाए थे। इसके बाद अगली सुबह पांचों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों के मुंह से झाग भी निकल रहा था। हालांकि, अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि इसका मौत की वजह से कोई संबंध है या नहीं।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग यानी दूषित खाना खाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।

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UP Holiday List 2026: 18 से 20 अक्टूबर तक दफ्तर बंद, चलिए जानते हैं मायावती, अखिलेश या योगी-किस सरकार में मिलीं ज्यादा छुट्टियां?

UP Holiday List 2026: त्योहारों के बीच उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानवमी के मौके पर 19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का फैसला लिया है। वहीं, रविवार की साप्ताहिक छुट्टी और मंगलवार को विजयादशमी की छुट्टी पहले से तय है। ऐसे में अब सरकारी दफ्तर लगातार तीन दिन बंद रहेंगे।

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने 2026 की छुट्टियों की पहले जारी की गई सूची में बदलाव को लेकर आदेश जारी किया है। हालांकि, पुराने आदेश की बाकी सभी बातें पहले की तरह लागू रहेंगी।

बता दें कि शिक्षकों और कर्मचारियों के संगठनों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर महानवमी पर छुट्टी देने की मांग की थी। इससे पहले राज्य सरकार ने 20 अक्टूबर को महानवमी और विजयादशमी, दोनों त्योहारों के लिए एक ही दिन की छुट्टी घोषित की थी।

दफ्तर कब तक बंद रहेंगे?

तारीखदिनस्थितिकारण
18 अक्टूबररविवारबंदसाप्ताहिक छुट्टी (महाअष्टमी)
19 अक्टूबरसोमवारबंदनए आदेश के तहत महानवमी की सार्वजनिक छुट्टी
20 अक्टूबरमंगलवारबंदपहले से घोषित विजयादशमी/दशहरा की छुट्टी
21 अक्टूबरबुधवारखुलेंगेसरकारी दफ्तर दोबारा खुलेंगे

क्या योगी सरकार ने पहली बार किसी त्योहार की छुट्टी बढ़ाई है?

नहीं। इस साल की शुरुआत में, राज्य सरकार ने 26 और 27 मार्च को राम नवमी के मौके पर दो दिन की छुट्टी की घोषणा की थी, और 15 जनवरी को मकर संक्रांति के लिए सार्वजनिक अवकाश था। अक्टूबर 2024 में, सरकार ने नवमी के दिन छुट्टी घोषित की।

अलग-अलग सरकारों के दौरान यूपी में छुट्टियों को लेकर क्या बदलाव आए हैं?

राज्य सरकारें पहले भी अपनी छुट्टियों की सूची का इस्तेमाल एक राजनीतिक संकेत देने के लिए करती रही हैं। मई 2007 में मायावती सरकार ने 9 अक्टूबर को-जो बीएसपी संस्थापक कांशी राम की पुण्यतिथि है-छुट्टी घोषित की थी। हालांकि, अक्टूबर 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इस छुट्टी को खत्म कर दिया।

बता दें कि सपा सरकार ने महर्षि कश्यप और निषादराज जयंती, अजमेर उर्स, तथा चंद्रशेखर और महाराणा प्रताप की जयंती पर भी छुट्टियां घोषित की थीं।

वहीं अप्रैल 2017 में, योगी कैबिनेट ने 15 छुट्टियां रद्द कर दीं थी, जिनमें चेटी चंड, परशुराम जयंती, छठ पूजा और वाल्मीकि जयंती शामिल थीं। सरकार का कहना था कि स्कूलों को इन महापुरुषों के बारे में पढ़ाना चाहिए, न कि उनके नाम पर छुट्टी देनी चाहिए।

सरकारछुट्टीफैसलासमयकिससे संबंधित
मायावती (BSP)कांशीराम की पुण्यतिथि (9 अक्टूबर)नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत छुट्टी घोषितमई 2007बहुजन समाज के प्रमुख नेता
मायावती (BSP)कांशीराम की जयंती (15 मार्च)यूपी की छुट्टियों की सूची में शामिल2012 तकबहुजन समाज के प्रमुख नेता
अखिलेश यादव (SP)कांशीराम की पुण्यतिथि (9 अक्टूबर)छुट्टी रद्द कीअक्टूबर 2012BSP सरकार के फैसले में बदलाव
अखिलेश यादव (SP)महर्षि कश्यप और निषादराज जयंती (5 अप्रैल)छुट्टी घोषित की2012–2017धार्मिक और सामुदायिक महत्व
अखिलेश यादव (SP)अजमेर गरीब नवाज उर्सछुट्टी घोषित की2012–2017धार्मिक महत्व
अखिलेश यादव (SP)चंद्रशेखर जयंती (17 अप्रैल) और महाराणा प्रताप जयंती (9 मई)छुट्टी घोषित की2012–2017महापुरुषों की जयंती
योगी आदित्यनाथ (BJP)चेती चंद, परशुराम जयंती, अजमेर उर्स, जमात-उल-विदा, विश्वकर्मा पूजा, वाल्मीकि जयंती, छठ पूजा और ईद-ए-मिलाद समेत 15 छुट्टियांछुट्टियां रद्द कींअप्रैल 2017त्योहार और जयंती
योगी आदित्यनाथ (BJP)महानवमी (11 अक्टूबर)छुट्टी घोषित की2024धार्मिक त्योहार
योगी आदित्यनाथ (BJP)मकर संक्रांति (15 जनवरी)छुट्टी घोषित की2026धार्मिक त्योहार
योगी आदित्यनाथ (BJP)रामनवमी (26–27 मार्च)दो दिन की छुट्टी घोषित की2026धार्मिक त्योहार
योगी आदित्यनाथ (BJP)महानवमी (19 अक्टूबर)छुट्टी घोषित की2026धार्मिक त्योहार

क्या योगी ने नवरात्रि के दौरान कुछ और भी कहा?

छुट्टी का यह आदेश नवरात्रि के छठे दिन आया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की शक्ति के बारे में एक संदेश भी दिया। उन्होंने इस संदेश के जरिए लड़कियों और खेलों के क्षेत्र में अपनी सरकार के कामकाज को सामने रखा।

मां कात्यायनी को समर्पित इस दिन, योगी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने देवी को महिलाओं के साहस, संकल्प और वीरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “सभी बाधाओं और राक्षसी प्रवृत्तियों का नाश करने वाली मां कात्यायनी, महिलाओं के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय वीरता का प्रतीक हैं।”

उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले, “राज्य में डर और अराजकता का माहौल था, जहां बेटियों के सपनों को दबा दिया जाता था, उनका आत्मविश्वास कुचल दिया जाता था और मौकों की कमी के कारण उनकी प्रतिभा मुरझा जाती थी।”

सीएम योगी ने कहा कि खेल के मैदान माफियाओं के नियंत्रण में थे, और लड़कियों के सपनों को उड़ान मिलने के बजाय, उन्हें “चार दीवारों के भीतर कैद” कर दिया गया था।

उन्होंने कहा, “पिछले साढ़े नौ वर्षों में, राज्य में बदलाव का एक नया अध्याय लिखा गया है। डर की जगह सुरक्षा ने ले ली है, उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन ने, और संसाधनों की कमी की जगह खेल सुविधाओं के विस्तार ने ले ली है।”

योगी ने खेलों से जुड़ी किन सुविधाओं का जिक्र किया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लड़कियों के पास अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक मजबूत आधार है, जिसमें “गांव के खेल के मैदानों और ब्लॉक-स्तरीय मिनी स्टेडियमों से लेकर जिला स्टेडियम, मंडल स्तरीय खेल कॉलेज और मेरठ में स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय” शामिल हैं।

उन्होंने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को मिलने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कारों और खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये चीजें प्रतिभा को बढ़ावा देती हैं, उपलब्धियों का सम्मान करती हैं और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाती हैं।

मुख्यमंत्री ने किन महिला खिलाड़ियों के नाम गिनाए?

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी; जूडो में अस्मिता डे; क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह; हॉकी में वंदना कटारिया; और कुश्ती में दिव्या काकरान का नाम लिया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन ने भारत और उत्तर प्रदेश, दोनों का मान बढ़ाया है।

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Weather Update 17 October 2026: दक्षिण भारत समेत आज 18 राज्यों में बारिश का अलर्ट! दिल्ली-UP में बढ़ेगी ठंड, पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

Weather Update 17 October 2026: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश के बाद तापमान गिरने लगा है और सुबह-शाम ठंड महसूस होने लगी है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी ने भी मौसम का रुख बदल दिया है। वहीं, दक्षिण भारत में लौटता मानसून अब भी जोरदार बारिश कर रहा है। पूर्वी राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी है।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 17 अक्टूबर 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में कहीं बारिश लोगों को गर्मी से राहत देगी, तो कहीं लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं, आज किन राज्यों में बारिश होने के आसार हैं और कहां मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद बढ़ी ठंड

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है। दो दिन पहले हुई बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और अब सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है। इस बीच मौसम विभाग ने आज यानी 17 अक्टूबर को भी राजधानी में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, 18 अक्टूबर से मौसम साफ होने लगेगा। 18, 19, 20 और 21 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।

यूपी में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार

उत्तर प्रदेश में भी मौसम का रुख बदला गया है। पश्चिमी यूपी में हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। वहीं, मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई है। जबकि पश्चिमी और पूर्वी यूपी में आसमान साफ रहेगा और अधिकतर जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।

बिहार और झारखंड में आज कैसा रहेगा मौसम?

बिहार में आज मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य में बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है। वहीं, झारखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रांची समेत राज्य के कई इलाकों में कल बारिश हुई थी और आज भी कुछ जिलों में बारिश होने की संभावना है। हालांकि, झारखंड में अब धीरे-धीरे मौसम साफ होने के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव की वजह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के ऊपर बना नया वेदर सिस्टम माना जा रहा है। इसका असर आसपास के राज्यों में भी देखने को मिल रहा है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी के आसार

पहाड़ी राज्यों में मौसम का असर अब साफ नजर आने लगा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं, ऊंचाई वाले इलकों पर बर्फ गिरने की भी संभावना है।

बता दें कि इस मौसमी बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ेगी। साथ ही, आने वाले दिनों में ठंडी हवाओं का असर मैदानी इलाकों में भी महसूस हो सकता है, जिससे उत्तर भारत में तापमान और नीचे जाने के आसार हैं।

मानसून की विदाई से पहले दक्षिण भारत में बारिश तेज

दक्षिण भारत में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आज तटीय कर्नाटक के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में भी कुछ जगहों पर तेज बारिश होने का अनुमान है। कर्नाटक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं।

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Yogi Adityanath Popularity Survey: यूपी में आज चुनाव हुए तो सीएम पद के लिए योगी आदित्यनाथ कितने लोकप्रिय?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कद और उनकी लोकप्रियता एक बार फिर बुलंदियों पर नजर आ रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर न्यूज 18 की ओर से कराए गए मेगा ओपिनियन पोल में मुख्यमंत्री पद की पसंद, सरकार के कामकाज और जनता के मूड को लेकर बेहद चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ इस पद की रेस में अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे नजर आ रहे हैं।

सर्वे: सीएम पद की पसंद में योगी आदित्यनाथ सबसे आगे, अखिलेश यादव काफी पीछे

सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के मतदाताओं के बीच फिर से सत्ता की कमान संभालने के लिए सबसे पसंदीदा चेहरा बने हुए हैं। सर्वे में शामिल कुल लोगों में से 66.2% लोगों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त और योग्य उम्मीदवार माना है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस मुकाबले में काफी पीछे छूटते नजर आए। उन्हें सिर्फ 24.4% लोगों का समर्थन मिला। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती को मात्र 5% लोगों ने पसंद किया है जबकि चंद्रशेखर आजाद को 1.8% उत्तरदाताओं का समर्थन हासिल हुआ।

विपक्षी दलों के वोटर्स के बीच भी है सीएम योगी का प्रभाव

इस सर्वे का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आकर्षण सिर्फ एनडीए के पारंपरिक मतदाताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विपक्षी दलों के कैडर में भी उनकी स्वीकार्यता है। सर्वे के अनुसार, सपा-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन करने वाले 11.7% मतदाताओं ने भी यह माना कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। इसके अलावा बसपा समर्थकों में से भी 10.2% लोगों ने सीएम योगी के पक्ष में अपनी पसंद जाहिर की है।

बीजेपी की बंपर बढ़त और वोट शेयर का अनुमान

अगर उत्तर प्रदेश में आज विधानसभा चुनाव आयोजित कराए जाते हैं, तो सर्वे के नतीजे एक बार फिर बीजेपी के लिए भारी बहुमत की ओर इशारा करते हैं। सर्वे के अनुसार, एनडीए को 66.6% वोट शेयर मिलने का अनुमान है। वहीं, 66.6% लोगों का यह भी मानना है कि अगली सरकार भी बीजेपी ही बनाएगी और 65.2% जनता चाहती है कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरे कार्यकाल (हैट्रिक) के लिए मौका मिलना चाहिए। सपा-कांग्रेस के गठबंधन को 26.4% वोट शेयर मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि 26.5% लोगों ने इनके सरकार बनाने की उम्मीद जताई है। बीएसपी को 5.4% वोट शेयर मिलने का अनुमान है।आपको बता दें कि यह सर्वे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 18 वर्ष से अधिक आयु के 30925 लोगों के बीच 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के दौरान किया गया था।

UP Election Survey: यूपी में आज हुए चुनाव तो क्या Gen-Z वोटर पलटेंगे बाजी? जानिए इस मेगा सर्वे में क्या पता चला

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज हो गई है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है। एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी तीसरी बार यूपी की सत्ता पर दावेदापी पेश कर रही है। ऐसे में प्रदेश की जनता का मूड, युवाओं की भूमिका और सरकार के कामकाज को लेकर न्यूज 18 ने Pvalue Analytics के सहयोग से ने सबसे बड़ा ओपिनियन पोल पेश किया है। हाल के दिनों युवाओं और छात्रों (Gen-Z) के आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों की चर्चा के बीच इस मेगा सर्वे में एक बड़ा सवाल पूछा गया कि क्या आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में Gen-Z यानी युवा मतदाता बाजी पलटने में मुख्य भूमिका निभाएंगे? इस पर उत्तर प्रदेश की जनता ने बेहद दिलचस्प और स्पष्ट राय दी है।

56% लोगों का मानना: Gen-Z वोटर निभाएंगे सबसे बड़ी भूमिका

न्यूज 18 के मेगा सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक आधे से अधिक यानी 56% उत्तरदाताओं का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में Gen-Z मतदाता निर्णायक और प्रमुख भूमिका निभाएंगे। इसके उलट सिर्फ 16.2% लोगों का मानना है कि चुनाव में युवाओं का कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा। सर्वे में यह भी सामने आया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए (BJP/NDA) के समर्थकों में यह आंकड़ा अधिक है क्योंकि वे बेहतर शिक्षित हैं और राजनीतिक रूप से अधिक जागरूक नजर आते हैं। वहीं 14.2% लोगों ने स्वीकार किया कि वे Gen-Z शब्द या इसके कॉन्सेप्ट को नहीं जानते।

सर्वे: 77% लोग योगी सरकार से संतुष्ट, सीएम पद की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ

सर्वे में राज्य सरकार के प्रदर्शन और नेतृत्व को लेकर भी जनमत का आकलन किया गया। ओपिनियन पोल में शामिल 77.1% लोग योगी आदित्यनाथ सरकार के अब तक के कामकाज और प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। अगले मुख्यमंत्री के रूप में 66.2% मतदाताओं की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ हैं। 65.2% लोगों का मानना है कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक बनाते हुए तीसरा कार्यकाल दिया जाना चाहिए।

सपा-कांग्रेस गठबंधन 26.4% वोट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) 5.4% वोट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर सिमटती नजर आई। आपको बता दें कि न्यूज 18 का यह ओपिनियन पोल 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच किया गया था। इसमें यूपी के सभी 75 जिलों से 30925 लोगों की राय ली गई।

UP Election Survey: यूपी में अभी चुनाव हुए तो किसकी बनेगी सरकार? ओपिनियन पोल में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

उत्तर प्रदेश की सियासत को लेकर देश के सबसे बड़े ओपिनियन पोल के आंकड़े सामने आ चुके हैं। हमारे सहयोगी न्यूज 18 द्वारा कराए गए इस सर्वे में राज्य की भावी राजनीतिक दिशा, मुख्यमंत्री पद की पसंद और योगी सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा जनता की राय के आधार पर पेश किया गया है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 30925 के बीच किए गए इस ओपिनियन पोल के नतीजे बताते हैं कि राज्य में आज विधानसभा चुनाव होते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला एनडीए (NDA) विपक्ष के इंडिया गठबंधन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। हालांकि आंकड़े ये भी बता रहे हैं कि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन भी युवाओं और आर्थिक रूप से पिछड़े समूहों के बीच अपनी पैठ मजबूत कर रहा है।

सत्ता की हैट्रिक की ओर बीजेपी/एनडीए, सपा-कांग्रेस गठबंधन दूसरे नंबर पर

ओपिनियन पोल में जब लोगों से पूछा गया कि आज चुना हुए तो वो किसे वोट देना पसंद करेंगे, तो बीजेपी/एनडीए को 66.6% फीसदी लोगों ने अपनी पहली चॉइस बताया। सपा-कांग्रेस गठबंधन 26.4% वोट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) 5.4% वोट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर सिमटती नजर आई। यानी ओपिनियन पोल में ये बात साफ समझ में आई कि सीएम योगी के नेतृत्व में एनडीए चुनावों में हैट्रिक लगा सकता है।

सीएम पद की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ, 77% लोग कामकाज से संतुष्ट

योगी आदित्यनाथ सरकार का प्रदर्शन और उनका नेतृत्व बीजेपी की इस बढ़त का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। सर्वे के मुताबिक ओपनियन पोल में शामिल 77.1% लोग योगी सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट हैं, जबकि केवल 13.5% लोगों ने असंतोष जताया है। अगले मुख्यमंत्री के रूप में 66.2% लोगों की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ हैं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव को 24.4% लोग मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

विपक्ष की वापसी और मतदाताओं का रुझान

सर्वे से यह भी संकेत मिलता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में सपा-कांग्रेस गठबंधन के जनाधार में क्रमशः 3.7% और 2.4% की बढ़त देखने को मिली है। यह रुझान मुख्य रूप से युवाओं, बेरोजगारों, पेपर लीक/जेन-जी विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित लोगों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। हालांकि ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी न सिर्फ अपने 91% पुराने मतदाताओं को बरकरार रखने में सफल रही है, बल्कि 2024 में वोट न देने वाले 53.0% नए मतदाताओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

कैसा रहा इस ओपिनियन पोल का सर्वे सैंपल?

न्यूज 18 द्वारा कराए गए इस व्यापक ओपिनियन पोल का सर्वे 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित किया गया था। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से 30925 लोगों की राय ली गई।

निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का दिया आदेश

निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का आदेश दिया। साथ ही आयोग ने पहली बार यह निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों को “पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप” में मतदाता सूचियां उपलब्ध कराई जाएं।

जिन राज्यों में एसएसआर कराया जाएगा, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर शामिल हैं। इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी को प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, निर्वाचन कानून के तहत एसएसआर एक अनिवार्य वार्षिक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया खास तौर पर उन राज्यों में की जाती है, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

मशीन द्वारा पढ़े जाने योग्य मतदाता सूची की उपलब्धता विपक्षी दलों की एक प्रमुख मांग रही है। हालांकि, आंकड़ों में हेरफेर की आशंकाओं और अदालती आदेशों का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने फिलहाल के लिए इस मांग को खारिज कर दिया है।

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एक अहम बदलाव के तहत, ईसी राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियों की ‘सॉफ्ट कॉपी’ उपलब्ध कराएगा। अब मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियां (बिना फोटो के) ‘इमेज पीडीएफ’ के बजाय ‘पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप’ में दी जाएंगी।

इन 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो चुका है। वहीं, असम में कानूनी कारणों से एसआईआर के बजाय विशेष पुनरीक्षण कराया गया।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना, इसकी प्रविष्टियों में सुधार करना और इसमें संशोधन को और बेहतर बनाना है।

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसएसआर कराया जाएगा, उनमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

Pic Credit : UNI