UP Election Survey: यूपी में आज हुए चुनाव तो क्या Gen-Z वोटर पलटेंगे बाजी? जानिए इस मेगा सर्वे में क्या पता चला

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज हो गई है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है। एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी तीसरी बार यूपी की सत्ता पर दावेदापी पेश कर रही है। ऐसे में प्रदेश की जनता का मूड, युवाओं की भूमिका और सरकार के कामकाज को लेकर न्यूज 18 ने Pvalue Analytics के सहयोग से ने सबसे बड़ा ओपिनियन पोल पेश किया है। हाल के दिनों युवाओं और छात्रों (Gen-Z) के आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों की चर्चा के बीच इस मेगा सर्वे में एक बड़ा सवाल पूछा गया कि क्या आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में Gen-Z यानी युवा मतदाता बाजी पलटने में मुख्य भूमिका निभाएंगे? इस पर उत्तर प्रदेश की जनता ने बेहद दिलचस्प और स्पष्ट राय दी है।

56% लोगों का मानना: Gen-Z वोटर निभाएंगे सबसे बड़ी भूमिका

न्यूज 18 के मेगा सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक आधे से अधिक यानी 56% उत्तरदाताओं का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में Gen-Z मतदाता निर्णायक और प्रमुख भूमिका निभाएंगे। इसके उलट सिर्फ 16.2% लोगों का मानना है कि चुनाव में युवाओं का कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा। सर्वे में यह भी सामने आया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए (BJP/NDA) के समर्थकों में यह आंकड़ा अधिक है क्योंकि वे बेहतर शिक्षित हैं और राजनीतिक रूप से अधिक जागरूक नजर आते हैं। वहीं 14.2% लोगों ने स्वीकार किया कि वे Gen-Z शब्द या इसके कॉन्सेप्ट को नहीं जानते।

सर्वे: 77% लोग योगी सरकार से संतुष्ट, सीएम पद की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ

सर्वे में राज्य सरकार के प्रदर्शन और नेतृत्व को लेकर भी जनमत का आकलन किया गया। ओपिनियन पोल में शामिल 77.1% लोग योगी आदित्यनाथ सरकार के अब तक के कामकाज और प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। अगले मुख्यमंत्री के रूप में 66.2% मतदाताओं की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ हैं। 65.2% लोगों का मानना है कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक बनाते हुए तीसरा कार्यकाल दिया जाना चाहिए।

सपा-कांग्रेस गठबंधन 26.4% वोट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) 5.4% वोट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर सिमटती नजर आई। आपको बता दें कि न्यूज 18 का यह ओपिनियन पोल 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच किया गया था। इसमें यूपी के सभी 75 जिलों से 30925 लोगों की राय ली गई।

UP Shiksha Mitra: दिवाली से पहले यूपी के 1.27 लाख शिक्षामित्रों को बड़ा तोहफा, इस बार डबल से ज्यादा आएगी सैलरी

UP Shiksha Mitra Mandeya 2026: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी आई है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने बढ़े हुए मानदेय के भुगतान के लिए ₹460.23 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। इसके बाद प्रदेश के 1,27,841 शिक्षामित्रों को सितंबर और अक्टूबर महीने का बढ़ा हुआ मानदेय मिलने का रास्ता साफ हो गया है। खास बात यह है कि दोनों महीनों की सैलरी एक साथ उनके बैंक खातों में भेजी जा सकती है।

₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार हुआ मानदेय

सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह करने की घोषणा की थी। अब सितंबर और अक्टूबर के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान के लिए बजट जारी किया गया है। यानी पात्र शिक्षामित्रों को दो महीने के लिए कुल ₹36,000 तक का भुगतान मिल सकता है, जो पहले के दो महीने के ₹20,000 मानदेय से ₹16,000 अधिक है।

सभी जिलों को भेजा गया बजट

NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा विभाग की ओर से जारी बजट सभी जिलों को भेज दिया गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शिक्षामित्रों के खातों में राशि भेजने में किसी तरह की लापरवाही न हो।

दूसरे कर्मचारियों को भी मिल सकता है दिवाली गिफ्ट

शिक्षामित्रों के बाद यूपी सरकार के अन्य कर्मचारियों को भी दिवाली से पहले राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों को करीब ₹3,000 से 7,000 रुपये तक बोनस मिलने की भी संभावना है। इससे प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स राहत की सांस लेंगे।

स्थायी नौकरी की मांग अब भी जारी

मानदेय बढ़ने के बावजूद शिक्षामित्रों की स्थायी रोजगार की मांग खत्म नहीं हुई है। शिक्षामित्र लंबे समय से नियमितीकरण और शिक्षक भर्ती में उचित लाभ दिए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। लेकिन उन्हें स्थायी नियुक्ति या विशेष TET में उचित अवसर नहीं दिया जा रहा।

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हालांकि, हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को विशेष TET में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। शिक्षामित्रों का आरोप है कि सालों की सेवा के बावजूद उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में पर्याप्त वेटेज या अवसर नहीं मिल रहा है। इस नाराजगी को देखते हुए योगी सरकार की तरफ से आगामी यूपी चुनाव से पहले शिक्षामित्रों को मनाने की कोशिश जारी है।