ऋषभ पंत की आलोचना करते अश्विन भिड़ गए एंकर से, वीडियो हुआ वायरल

टेस्ट क्रिकेट में ऋषभ पंत के आक्रामक अंदाज़ ने भारत के लिए कई यादगार पल दिए हैं, लेकिन पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ को अभी यह सीखना बाकी है कि कब अपने आक्रामक रवैये पर काबू रखना है।पंत ने श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर 168 रन बनाए, लेकिन उनके कुछ शॉट सिलेक्शन ने अश्विन को प्रभावित नहीं किया। भारत के पूर्व स्पिनर ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी आलोचना पंत की काबिलियत या उनके स्वाभाविक बल्लेबाज़ी अंदाज़ को लेकर नहीं थी, बल्कि हालात के हिसाब से फ़ैसले लेने के उनके तरीके पर थी।

अश्विन का मानना है कि पंत, जो अब एक अनुभवी टेस्ट क्रिकेटर हैं, उन्हें यह समझने की ज़रूरत है कि टीम को कब उनसे आक्रामक खेल की ज़रूरत है और कब उन्हें ज़्यादा संयम बरतना चाहिए।

अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि सीरीज़ में पंत का प्रदर्शन उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा जो उन्हें उनसे थीं। अश्विन ने कहा, “ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। मुझे बहुत अफ़सोस है। सोनल दिनुशा का स्ट्राइक रेट भी काफ़ी अच्छा था। लेकिन फ़र्क ज़्यादा जोखिम वाले विकल्पों का है। जब खेल आपके हाथ में हो, तो ये सब बातें मायने नहीं रखतीं कि ‘ऋषभ ऐसे ही खेलते हैं।’ असल बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।”

जोखिम लेने की पंत की आदत उनके टेस्ट करियर की एक अहम पहचान रही है, जिससे उन्हें अक्सर मैचों का रुख बदलने में मदद मिली है। हालाँकि, अश्विन का मानना है कि यह पहचान खराब फ़ैसलों का बहाना नहीं बन सकती, खासकर तब जब कोई जोखिम भरा शॉट टीम को मुश्किल में डाल सकता हो।

उन्होंने आगे कहा, “ऋषभ ने सिडनी और ब्रिस्बेन में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन आप वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना वह मैच नहीं जीत सकते थे। टेस्ट मैच बनाने और खेल के आखिरी सेशन में उसे जीतने के लिए 11 क्रिकेटरों की ज़रूरत होती है, लेकिन टेस्ट हारने के लिए बेवकूफी भरा एक पल ही काफ़ी होता है।”

अश्विन ने कहा कि पंत की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन अगर वह टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो मैच की स्थिति को समझने और उसके अनुसार अपना खेल बदलने की उनकी क्षमता बहुत अहम होगी।पंत के श्रीलंका दौरे पर भी उन्हें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोलंबो में लाहिरू कुमारा की गेंद कलाई पर लगने के बाद चोटिल होकर रिटायर होने से पहले उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। अगले दिन वह फिर बल्लेबाजी करने उतरे और तुरंत ही आक्रामक अंदाज अपनाते हुए छक्का जड़ा।

हालांकि, अश्विन का मानना है कि कुछ हालात ऐसे होते हैं जब पंत को अपनी स्वाभाविक आक्रामकता के बजाय टीम की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं बस उन मौकों की बात कर रहा हूं जब मैच नाजुक मोड़ पर होता है और ऐसे जोखिम उठाए जाते हैं। मुझे खिलाड़ी के तौर पर ऋषभ पसंद हैं। इस फॉर्मेट में हालात के हिसाब से खेलना जरूरी है।”

पूर्व स्पिनर इस बात से भी सहमत नहीं थे कि मैच जिताने की काबिलियत रखने वाले खिलाड़ियों के साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी एक खिलाड़ी को खास तवज्जो न दें। अगर (पीढ़ी में एक बार आने वाले) खिलाड़ी का समर्थन करना है, तो सबके लिए करें। (यशस्वी) जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं। ऋषभ के बारे में मैं बस इतना कह रहा हूं कि वह अनुभवी हैं, उन्होंने 50 टेस्ट खेले हैं। उन्हें जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।”

अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट के दो सबसे खतरनाक बल्लेबाजों – वीरेंद्र सहवाग और एडम गिलक्रिस्ट – का भी जिक्र किया। उन्होंने समझाया कि आक्रामक शैली अपनाने का मतलब यह नहीं है कि खेल की समझ को नजरअंदाज कर दिया जाए। उन्हें लगता है कि पंत अपनी स्वाभाविक आक्रामकता और हर स्थिति की मांग के बीच सही संतुलन बनाकर और भी बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं।अश्विन ने कहा, “जिस दिन आप उन्हें सच बताएंगे, वह भारत के लिए सभी फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।”

यशस्वी जायसवाल को सस्ते में छोड़ने पर संजय मांजरेकर ने ट्वीट कर दिखाई नाराजगी

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थाएं नरम रवैया अपना रही हैं जिससे खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईसीसी और बीसीसीआई, वैभव ने हाल ही में भारत ​​ए के लिए और अब जायसवाल ने (अनुशासनहीनता दिखाई है)। अगर आप उनका इस तरह के व्यवहार में बचाव करते रहेंगे तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उनके भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।’’

कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई कहासुनी के लिए जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक भी दिया गया।भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई थी।जून में 15 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यवंशी भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस में उलझ गए थे और हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

हालांकि इससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी कहा था कि यशस्वी जायसवाल को अशिता फर्नाडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए। सितांशु कोटक ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाज़ ने कुछ कहा और यह जोश-जोश में हुआ। ज़ाहिर है, यशस्वी को उनके इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जोश-जोश में ऐसा हो जाता है।”

श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ी कोच रयान वैन नीकेर्क की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उन्हें लगा कि यह कड़े मुकाबले वाले दिन का हिस्सा था और उन्होंने इसे “भावनाओं के उबाल” का नतीजा बताया। “देखिए, टेस्ट क्रिकेट मुश्किल होता है, है ना? जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेल रहे हों, तो आप बस पीछे हटकर गेंदबाजी नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमारी तरफ से, हमें हर समय चुनौती पेश करनी होगी और कुछ न कुछ करने की कोशिश करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा,”इसलिए, मेरे नजरिए से, मैंने गेंदबाजों से आगे बढ़कर कुछ करने को कहा है। शायद तीखी बातें भावनाओं के उबाल का नतीजा हैं। मैं इसे मैच रेफरी पर छोड़ता हूं कि वे इसे कैसे देखते हैं।”

संजय बांगर की बेटी Anaya Bangar Australia के लिए खेलेगी? Cricket Australia की मंजूरी के बाद जानें क्या है पूरा रास्ता

पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

 

अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।

 

 'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।

 

 “यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”

 

अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।

 

 

 

 

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 मार्च 2027 तक कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।

 

“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

 

यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।

 

 “मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”

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 ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?

 

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।

 

भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

 

“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”

 

अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी

 

अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।

 

उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।

 

 “मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”

 

 “मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”

 

अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।

 

 “अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”

 

हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया

 

अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।

 

उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।

 

 अभी क्लब की तलाश में अनाया

 

जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।

 

 “मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”

 

 “यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”

Rahul Dravid ने वैभव सूर्यवंशी को दी बड़ी सलाह, बोले- जल्दबाजी न करें

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में बेहरतरीन प्रदर्शन के बाद उनको भारत के टी20 टीम में शामिल किया गया। वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खेल को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव का घरेलू क्रिकेट में सफेद और लाल गेंद दोनों फॉर्मेट में खेलना अच्छी बात है। द्रविड़ ने कहा कि, इतनी कम उम्र में मिले इस मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए वैभव को अपने करियर में बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे उसे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।

दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन वैभव

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलेंगे और रेड-बॉल क्रिकेट में अपना हुनर दिखाएंगे। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के कारण वह घरेलू क्रिकेट में लगातार नहीं खेल पाए थे।

वैभव को दी ये सलाह

क्रिकइन्फो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि करियर में हमेशा संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह अच्छी बात है कि वैभव को IPL के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। साथ ही, उसके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने इस करियर को आगे बढ़ाने का भी पूरा समय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और आगे बढ़ता रहे। इसके लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि आने वाले समय में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेल सकें।”

ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए

राहुल द्रविड़ ने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ वैभव सूर्यवंशी के साथ काम किया था। द्रविड़ का माना कि, रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से वैभव का अनुभव और खेल बेहतर होगा। द्रविड़ ने कहा, “अच्छी बात यह है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उसे अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है, इसलिए उसे समय देने और धैर्य रखने की जरूरत है। उसने शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल की है, लेकिन करियर में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। ऐसे में लोगों को उसके साथ धैर्य रखना चाहिए।”

ग्रोइन की चोट के कारण सैम करन पूरे इंग्लिश समर से हुए बाहर

इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी सैम करेन ग्रोइन की चोट के कारण बाकी गर्मियों से बाहर हो गए हैं। सरे के एक बयान ने पुष्टि की करेन की चोट का आकलन किया गया है और शुक्रवार (21 अगस्त) को उनकी कमर की सर्जरी की जाएगी।

नवीनतम झटके ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए उनकी बोली को रोक दिया है, एक प्रारूप जो उन्होंने आखिरी बार 2021 में खेला था। बेन स्टोक्स की सेवानिवृत्ति के बाद, करेन को जो रूट की अगुवाई वाली टीम में एक विकल्प के रूप में माना जा रहा था, चयनकर्ता मार्कस नॉर्थ ने कहा कि 28 वर्षीय खिलाड़ी ने टीम को “एक निश्चित संतुलन” प्रदान किया।

हालाँकि, उन्होंने यह भी बताया था कि करेन को अपने उच्च कार्यभार के कारण कुछ दिक्कतें हो रही हैं और परिणामस्वरूप उन्हें पहले दो पाकिस्तान टेस्ट के लिए नहीं चुना गया है। नॉर्थ ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, “मुझे लगता है कि उसे इन पहले दो टेस्ट मैचों में शामिल करना अनुचित होगा। वह ऐसा व्यक्ति है जिसके साथ हमारा बैकरूम स्टाफ और मेडिकल टीम आने वाले हफ्तों में काम करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह संभावित रूप से तीसरे टेस्ट में एक विकल्प बन सके। वह ऐसा व्यक्ति है जिसे हम वास्तव में बहुत महत्व देते हैं, और हम भविष्य में एक ऑलराउंडर के रूप में हमारे लिए भूमिका निभाते हुए देखते हैं।”

सैम करेन आखिरी बार द हंड्रेड में दिखे थे, जहां उन्होंने एमआई लंदन का नेतृत्व किया था। इससे पहले उन्होंने भारत के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में हिस्सा लिया था। संयोग से, वह कमर की चोट के कारण आईपीएल 2026 से चूक गए। मार्च में, उन्होंने इसे एक ऐसी चोट बताया था जिससे वह “थोड़ा-बहुत जूझ रहे थे” और स्वीकार किया था कि यह “धीरे-धीरे काफी खराब हो गई है”।

आईपीएल के अंत में, राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक, कुमार संगकारा ने लीग से करेन की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया था, और इसे “निराशाजनक” बताया था कि उन्होंने आईपीएल सीज़न की समाप्ति की चोट के बावजूद उन्हें सरे के लिए मैच खेलते हुए देखा था।

करेन के साथ, विल जैक भी गुरुवार को काउंटी चैंपियनशिप की बहाली के लिए सरे की टीम से गायब थे। जैक इस समय अपने अपेंडिक्स को हटाने के ऑपरेशन से उबर रहे हैं। उनकी रिकवरी पर नजर रखी जाएगी और सितंबर में श्रीलंका सीरीज से पहले उनकी उपलब्धता पर फैसला लिया जाएगा। सरे वर्तमान में डिवीजन वन काउंटी चैम्पियनशिप अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। इस सप्ताह, उन्होंने जैक्स और डैन लॉरेंस द्वारा छोड़े गए अंतर को भरने के लिए महिपाल लोमरोर को बुलाया, जो कि करेन की अनुपस्थिति के साथ अब और बढ़ गया है।

श्रीलंका के प्रदर्शन से खुश नहीं कोच, दूसरे टेस्ट से पहले दिया यह बयान

श्रीलंका क्रिकेट टीम के नए कोच गैरी कर्स्टन ने पहले टेस्ट की हार के बाद टीम को समझाइश दी है और दूसरे टेस्ट से पहले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाई है। कोच ने कहा है कि टीम के साथ चोटिल खिलाड़ियों के अलावा कई समस्याएं है लेकिन उनको दरकिनार कर दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम का ध्यान होना चाहिए खासतौर पर बल्लेबाजी में।

कर्स्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़कर विशेष रूप से उत्साहित हूं। यहां कुछ शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन टीम को अभी विकसित होने की जरूरत है। जब आप ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं तो यह समझना कभी-कभी मुश्किल होता है कि टेस्ट मैच किस तरह खेलना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीनों में यह हमारा तीसरा टेस्ट मैच है और मैं पहले से ही टीम को विकसित होते देख रहा हूं तथा हम टीम को एक स्वरूप देने की शुरुआत कर रहे हैं।’’

कोच ने कहा, ‘‘लेकिन किसी समय हमें इसे प्रदर्शन में बदलने में सक्षम होना होगा।’’कर्स्टन इस बात से भी खुश थे कि पहली पारी में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद श्रीलंका ने संघर्ष किया और मैच को पांचवें और अंतिम दिन तक खींचा।उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे दिन की शुरुआत में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद टेस्ट मैच को पांचवें दिन दोपहर तक ले जाना विशेष रूप से सुखद था। टीम ने संघर्ष किया और टेस्ट मैच में बने रहने की पूरी कोशिश की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सुबह तक भी हमें विश्वास था कि हम या तो टेस्ट मैच जीत सकते हैं या कम से कम उसे ड्रॉ करा सकते हैं। इसलिए टीम की ऊर्जा और रवैये से मैं वास्तव में खुश था।’’

हालांकि कर्स्टन ने माना कि बल्लेबाजी, विशेषकर शीर्ष क्रम की विफलता ने श्रीलंका को नुकसान पहुंचाया।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप पूरे टेस्ट मैच को देखें तो हमने बल्ले से संघर्ष किया, खासकर दोनों पारियों में हमारे शीर्ष क्रम ने। शायद यही हमारी हार का कारण बना।’’

कर्स्टन ने युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा की भी तारीफ की गॉल टेस्ट में 100 और 84 रन की पारियां खेलीं।हालांकि चोटिल खिलाड़ियों को लेकर कर्स्टन का अपडेट मेजबान टीम के लिए दूसरे टेस्ट से पहले उत्साहजनक नहीं रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुसाल मेंडिस को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव की गंभीर चोट है। वह कुछ समय तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। पाथुम निसांका भी और दिनेश (चांदीमल) भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस लिहाज से हम कुछ खिलाड़ियों को नहीं खिला पाएंगे, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए टीम में आने और अपनी दावेदारी पेश करने का शानदार मौका भी बनता है। वास्तव में इनमें ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका इस देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुत अच्छा रिकॉर्ड है। इसलिए यह उनके लिए अच्छा अवसर है।’’

भारत के पूर्व मुख्य कोच कर्स्टन ने भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की भी तारीफ की और कहा कि उनकी पारी ने भारत को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत ने पहली पारी में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल ने मेरी देखी हुई बेहतर टेस्ट पारियों में से एक खेली। उन्होंने जरूरत से ज्यादा आक्रामकता नहीं दिखाई, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए एक अच्छी सीख थी।’’

पाक बल्लेबाजों ने लोकतांत्रिक तरीके से दिए इन दो अंग्रेज पेसर्स को 5-5 विकेट

ENGvsPAK हेडिंगले में खेले जा रहे पहले टेस्ट में पाकिस्तानी बल्लेबाज 48.1 ओवर में 170 रनों पर सिमट गए। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि सिर्फ दो गेंदबाजों ने ही पाकिस्तानी पारी को ऑलआउट कर दिया। ओली रोबिन्सन ने 18 ओवर में 51 रन देकर 5 विकेट लिए वहीं जॉश टंग ने 9.1 ओवर में 46 रन देकर 5 विकेट लिए। जोफ्रा आर्चर और गस एटिंकसन को कोई भी विकेट नहीं मिला।

दोनों ही गेंदबाजों ने इस लम्हे को याद करने के लिए गेंद को बीच में से काट लिया। खेल के पहले दिन का आकर्षण रॉबिंसन का श्रृंखला की पहली गेंद पर विकेट लेना रहा। उन्होंने तीन मैचों की श्रृंखला की पहली ही गेंद पर अराउंड द विकेट से स्विंग होती हुई गेंद से अज़ान अवैस को आउट कर दिया।

इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर किसी टीम द्वारा विकेट लेने का यह पहला मौका है। इंग्लैंड 1880 से टेस्ट मैचों की मेजबानी कर रहा है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले केवल 11 बार ही हुआ है। जिमी एंडरसन ऐसा करने वाले इंग्लैंड के पहले गेंदबाज थे। उन्होंने 2019-20 में दक्षिण अफ्रीका में खेली गई सीरीज में डीन एल्गर को आउट किया था।

इससे पहले बारिश के कारण सुबह का खेल प्रभावित होने के बाद करीब तीन घंटे के लंबे सत्र में पाकिस्तान चाय तक सात विकेट पर 150 रन बनाकर संकट में था। मैच में केवल 9.4 ओवर हुए थे कि बारिश के कारण दो घंटे का खेल रोकना पड़ा।

दो विकेट गिरने के बाद अब्दुल्ला शफीक और इमाम-उल-हक ने संभलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने धीरे-धीरे लय हासिल की और रन गति बढ़ाई। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन जोड़े।

लेकिन इमाम जोश टंग की बाहर जाती गेंद पर शॉट खेलने के प्रयास में दूसरी स्लिप में कैच दे बैठे। वह 42 रन बनाकर आउट हुए और पवेलियन लौटते समय खुद से नाराज नजर आए।फिर 97 रन पर दो विकेट के बाद पाकिस्तान ने 53 रन के भीतर पांच विकेट गंवा दिए।

शफीक ने 82 गेंदों पर अपना 13वां अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद सऊद शकील को रॉबिन्सन की गेंद पर अंपायर ने पगबाधा आउट दे दिया। शकील ने रिव्यू लेने में भी समय लिया और अंपायर क्रिस गैफनी ने उन्हें टाइम आउट करार दिया। हालांकि वीडियो रिप्ले में गेंद लेग स्टंप के ऊपरी हिस्से से बाहर जाती हुई दिखाई दी।

इसके तुरंत बाद शफीक भी 61 रन बनाकर रॉबिन्सन की गेंद पर बोल्ड हो गए। उस समय इंग्लैंड के विकेटकीपर जेमी स्मिथ बल्लेबाज के करीब खड़े होकर अतिरिक्त दबाव बना रहे थे।चाय से ठीक पहले अंत के पांच मिनट में जोश टंग ने कप्तान सलमान आगा और अली उस्मान को लगातार दो गेंदों पर आउट कर दिया। इसके तुरंत बाद चाय की घोषणा कर दी गई।चाय के बाद इंग्लैंड को पाकिस्तानी पारी समेटने में ज्यादा वक्त नहीं लगा।

वेस्टइंडीज के खाते में गए पुरुष और महिला प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड

वेस्टइंडीज क्रिकेट अपने पतन की ओर है लेकिन कभी कभार किसी बड़ी टीम को हरा लेती है। ऐसे में टीम ने जुलाई के महीने में दोनों पुरुष और महिला टीम के प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड जीते हैं। वेस्टइंडीज पुरुष टीम की ओर से जस्टिन ग्रीव्स और महिला टीम की ओर से हैली मैथ्यू को यह अवार्ड दिया गया।

जस्टीन ग्रीव्स पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में सुर्खियों में आए थे। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट में लगातार 5 मेडन ओवर डालकर 5 विकेट निकाले। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले वह पहले गेंदबाज बन गए। उनके इस स्पेल से वेस्टइंडीज को दूसरे दिन पाकिस्तान पर पहली पारी के आधार पर 29 रनों की बढ़त मिल गई।कुल 11 ओवर में उन्होंने 6 मेडन ओवर डालकर सिर्फ 27 रन दिए और 5 पाकिस्तानी बल्लेबाज को चलता किया।

ग्रीव्स ने यह अवार्ड जीतने के बाद कहा , “घर पर खेलते हुए मेरा महीना यादगार रहा, और श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ बैट और बॉल दोनों से योगदान देना मेरे लिए खास रहा।” “टेस्ट क्रिकेट में असरदार परफॉर्मेंस देना हमेशा मेरे लिए यादगार रहेगा, खासकर जब वे हमारे घरेलू फैंस के सामने हों।”

“मुझे टीम के लिए कुछ ज़रूरी परफॉर्मेंस में अपनी भूमिका निभाकर खुशी हो रही है, और मुझे उम्मीद है कि मैं आगे भी अच्छा योगदान दे पाऊंगा। मैं अपने टीम के साथियों और टीम स्टाफ को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद देता हूं और आने वाले महीनों में इस मोमेंटम को और बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।”

वहीं हैली मैथ्यू वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट टीम की ही नहीं विश्वस्तरीय ऑलराउंडर है। हाल ही में हुई आयरलैंड सीरीज में उन्होंने 3 एकदिवसीय मैच में 2 शतक जड़े इसके अलावा गेंद से उन्होंने पहले एकदिवसीय मैच में 3 विकेट लिए और अंतिम वनडे में 2 विकेट चटकाए।

अवार्ड जीतने के बाद मैथ्यूज ने कहा , “मैं एक बार फिर ICC प्लेयर ऑफ़ द मंथ अवॉर्ड जीतकर बहुत खुश हूँ। यह पिछले अवॉर्ड्स जितना ही खास है, और मुझे उम्मीद है कि यह मुझे अपने स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाने, वेस्ट इंडीज़ में योगदान देने और भविष्य में ऐसे और अवॉर्ड्स जीतने के लिए प्रेरित करेगा।”

“यह महिला क्रिकेट के लिए एक रोमांचक समय है, जिसमें पहले से कहीं ज़्यादा ध्यान और दिलचस्पी है। मुझे अपने प्रदर्शन से इसकी ग्रोथ में योगदान देने पर गर्व है और मैं महिलाओं के खेल को लगातार सपोर्ट देने के लिए ICC को धन्यवाद देती हूँ।”

कप्तान बाबर आजम चोटिल होकर इंग्लैंड के खिलाफ हैडिंग्ले टेस्ट से हुए बाहर

Babar Azam_Pakistan

बेकेनहम में टीम के वॉर्म-अप मैच के दौरान हाथ में लगी चोट से उबर न पाने के कारण बाबर आज़म लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ पाकिस्तान के पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं। यह मैच बुधवार से शुरू हो रहा है।

वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ हालिया सीरीज़ से पहले पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान के तौर पर दोबारा चुने गए बाबर की जगह सलमान आगा तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के पहले मैच में कार्यवाहक कप्तान होंगे। 32 साल के आगा 2024 से टी 20 क्रिकेट में पाकिस्तान की कप्तानी कर चुके हैं और 27 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। हेड कोच सरफ़राज़ अहमद ने पुष्टि की है कि वह सीरीज़ के पहले मैच में टीम की कमान संभालेंगे।

पाकिस्तान अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में आठवें स्थान पर है, जो इंग्लैंड से एक पायदान नीचे है। दोनों टीमें तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के दौरान अपनी स्थिति बेहतर करने की कोशिश करेंगी।

पाकिस्तान अपनी बैटिंग लाइन-अप में भी बदलाव कर सकता है। वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दोनों टेस्ट मैच न खेलने के बाद सऊद शकील की वापसी की संभावना है। त्रिनिदाद में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दूसरे मैच में टेस्ट डेब्यू करने वाले अवैस ज़फ़र अपनी जगह बनाए रख सकते हैं, जबकि पूर्व कप्तान शान मसूद भी चोट से उबरने के बाद वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

बाबर का न होना पाकिस्तान के लिए एक और झटका है, क्योंकि वे इंग्लैंड की उस टीम का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं जो टेस्ट क्रिकेट में एक नए दौर से गुज़र रही है। इंग्लैंड की कप्तानी जो रूट करेंगे, जबकि मार्कस ट्रेस्कोथिक सीरीज़ के लिए अंतरिम हेड कोच की ज़िम्मेदारी संभालेंगे, जिसके बाद स्टीफन फ्लेमिंग पूर्णकालिक भूमिका संभालेंगे।

डब्ल्यूटीसी टेबल में दोनों टीमों के निचले पायदान पर होने के कारण यह सीरीज़ और भी अहम हो जाती है। पाकिस्तान अभी दूसरे-आखिरी स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड उनसे ठीक ऊपर सातवें स्थान पर है।

टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के मारने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने ऋषभ पंत

भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के मारने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। यह कारनामा उन्होंने गॉल टेस्ट में मेजबान श्रीलंका के खिलाफ किया। उनसे ज्यादा छक्के सिर्फ बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम ने लगाए हैं।

पंत ने अपने 51वें मैच में 100 छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इस तरह से वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम मैच में 100 छक्के जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 82वें टेस्ट में यह मुकाम हासिल किया था।

पंत से पहले स्टोक्स (138 छक्के), न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम (107 छक्के) और ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (100 छक्के) ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने की विशिष्ट उपलब्धि हासिल की थी।

मैच शुरू होने से पहले पंत के नाम पर 97 छक्के दर्ज थे। उन्होंने पहली पारी में क्रिस गेल के 98 छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।भारतीय बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा दोनों 91 छक्कों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।

ऋषभ पंत ने भारत को दूसरी पारी में पहुंचाया 194 रनों तक

ऋषभ पंत के आतिशी अर्धशतक के कारण भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में दूसरी पारी में 10 विकेटों के नुकसान पर 193 रन बना लिए। भारत पहली पारी के आधार पर मेजबान श्रीलंका से 178 रन आगे था। इस कारण अब श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन बनाने होंगे।

आज सुबह भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले अशिता की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पड्डीकल के बीच 80 रनों की साझेदारी हुई लेकिन गिल और राहुल के जाने के बाद टीम ने संभलकर खेला। पड्डीकल भी अपने पचास रन नहीं बना पाए और 44 रनों पर आउट हो गए।

इसके बाद क्रीज पर आए ऋषभ पंत ने टेस्ट में चिरपरिचित अंदाज में बल्लेबाजी की । उन्होंने 69 गेंदों में 66 रन बनाए और एक छक्का ऐसा मारा कि गॉल स्टेडियम के बाहर गेंद जाकर गिरी। हालांकि दूसरे छोर से विकेटों का पतन बदस्तूर जारी रहा और भारत 193 रन बना पाया। श्रीलंका को यह मैच जीतने के लिए 372 रन बनाने होंगे।