पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल बन सकते हैं अगले मुख्य चयनकर्ता

पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल अगले मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अजीत आगरकर ने अपने कार्यकाल को बढ़ाने की कोई सिफारिश नहीं की है। ऐसे में पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता बनने के करीब है। उन्होंने अपने ट्विटर पर Coming Soon भी लिखा है जिससे इस खबर का अंदेशा और मजबूत हो जाता है।

ऐसा रहा है करियर

सौरव गांगुली की कप्तानी में 17 वर्ष 153 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले पार्थिव ने 65 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिनमें 25 टेस्ट, 38 वनडे और दो टी20 मैच शामिल है।

उन्होंने 1696 रन बनाए, जिसमें टेस्ट क्रिकेट में 934 रन शामिल हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने चार अर्धशतक समेत 736 रन बनाए। इसके अलावा बतौर विकेटकीपर टेस्ट में 62 कैच लपके और 10 स्टम्पिंग की। उन्होंने 2002 में इंग्लैंड दौरे पर भेजा गया जब उन्होंने रणजी ट्राफी क्रिकेट में भी पदार्पण नहीं किया था।

महेंद्र सिंह धोनी के आने के बाद पार्थिव विकेटकीपर के तौर पर दूसरी पसंद हो गए और यदा कदा बतौर बल्लेबाज ही खेले। बाद में सीमित ओवरों में सलामी बल्लेबाज के रूप में कुछ मैच खेले।

पार्थिव ने लेकिन हमेशा स्वीकार किया कि वह धोनी को दोष नहीं दे सकते क्योंकि उन्हें और दिनेश कार्तिक को धोनी से पहले टीम में अपनी जगह पक्की करने के मौके मिले थे।

 

वह घरेलू क्रिकेट में काफी कामयाब रहे और 194 प्रथम श्रेणी मैचों में 27 शतक समेत 11240 रन बनाए। उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के लिए खेला।

गेम शो होस्ट करते करते वनडे क्रिकेट खेलने वाले पहले बल्लेबाज बनेंगे रोहित शर्मा

रोहित शर्मा को आगामी वेस्टइंडीज सीरीज के लिए एकदिवसीय टीम में शामिल कर लिया गया है। इसका मतलब यह है कि एक तरफ उनका फैमिली गेम शो का प्रसारण होगा और दूसरी ओर वह क्रिकेट खेलेंगे। ऐसी सुविधा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने किसी भी क्रिकेटर को नहीं दी जो रोहित शर्मा को मिल रही है वह भी बिना खास फॉर्म के।

भारतीय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा जल्द ही अपना फैमिली शो Family Full House with Rohit Sharma.में बतौर होस्ट शिरकत करते हुए नजर आएंगे।मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह मशूहर अमेरिकी शो द फैमिली फ्यूड(The Family Feud) का भारतीय संस्करण होगा और इसके 40 एपिसोड रोहित शर्मा को शूट करने होंगे।इस अमेरिकी शो में मशहूर होस्ट स्टीव हार्वे की भूमिका रोहित शर्मा निभाएंगे।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

7 महीने बाद रविंद्र जड़ेजा की वनडे क्रिकेट में वापसी, खेलेंगें इंडीज के खिलाफ

भारत के शीर्ष ऑलराउंडर्स में से एक रविंद्र जड़ेजा को ढलते करियर के बीच एक संजीवनी मिली है। उनको आगामी वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम इंडिया में चुना गया है। क्रिकेट विशेषज्ञों को लगा था कि जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के कारण उनका लौट पाना मुश्किल है लेकिन चयनकर्ताओं ने उनको दूसरा मौका दिया है।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

ऐसा रहा है करियर

रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।

वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए।

हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

अजीत आगरकर चाहते हुए भी इस नियम के कारण रोहित शर्मा को वनडे टीम से ड्रॉप नहीं कर पाए

मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर अपने अंतिम टीम घोषणा के लिए बुधवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय और टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम की घोषणा करने के लिए आए। फैंस को लगा था कि कुछ दिनों पहले जो रोहित शर्मा ने उन पर Non Committal शर्ट पहनकर तंज कसा था उसका बदला वह रोहित शर्मा को एकदिवसीय  टीम से बाहर करके ले लेंगें। यह वही शब्द है जो मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने एक साल पहले रोहित शर्मा के विश्वकप खेलने के सवाल के जवाब में दिया था।

हालांकि अजीत आगरकर चाहकर भी ऐसा कुछ नहीं कर पाए क्योंकि एक खिलाड़ी को ड्रॉप करने के लिए  मुख्य चयनकर्ता के साथ अन्य चयनकर्ताओॆ का 2 तिहाई बहुमत चाहिए होता है। अगर मुख्य चयनकर्ता सिर्फ अपनी मर्जी से किसी खिलाड़ी को ड्रॉप कर भी दे तो लिखित में चयनित हुई टीम पर हस्ताक्षर बोर्ड के अध्यक्ष या सचिव के होते हैं और देवजीत सैकिया तो रोहित शर्मा के पक्ष की ही बातें पिछले 2-3 महीनों से कर रहे हैं। इस कारण अजीत आगरकर ने अपनी अंतिम टीम में भी कोई कोशिश नहीं की।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

Rohit Sharma

संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

भारत की एकदिवसीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर।

लंबी पारी नहीं खेल पाते रोहित शर्मा, Ex GF सोफिया हयात ने दिया बयान (Video)

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लॉर्ड्स के मैदान पर आए एकदिवसीय शतक को छोड़ दे तो रोहित शर्मा मैदान पर लंबी पारी खेलने के लिए तरस रहे हैं। लेकिन उनकी पूर्व प्रेमिका सोफिया हयात ने यह बताया है कि बिस्तर पर भी रोहित शर्मा लंबी पारी नहीं खेल पाते हैं। यह खुलासा उन्होंने एक पॉडकास्ट में किया। इस कार्यक्रम का नाम Straight Talk Queer Wisdom है।

पॉडकास्ट में सोफिया हयात ने यह भी दावा किया कि वह रोहित शर्मा की पहली प्रेमिका भी हैं। उनके अनुसार लंदन क्लब में दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी। पहली ही मुलाकात में रोहित शर्मा फिसल गए थे और सोफिया हयात को चूम लिया था।हालांकि रोहित शर्मा ने इस संबंध को लेकर हमेशा चुप्पी साधी हुई है।

कभी खबर थी कि रोहित शर्मा के साथ अपने अंतरंग संबंधों का जिक्र सोफिया हयात करने वाली हैं। वे एक किताब लिख रही हैं जिसमें रोहित और उनके रिश्ते पर वे विस्तार से लिखेंगी। सोफिया ने बताया था कि कैसे रोहित से उनका रिश्ता टूटा। सोफिया ने कहा था कि दोस्तों के बीच रोहित ने मुझे अपना फैन बताकर परिचय दिया तो उनका दिल टूट गया और दोनों में दूरियां पैदा होने लगीं।

सोफिया विवादास्तद शख्सियत की मालिक हैं। आए दिन उनका विवादों से नाता जुड़ता रहता है। कभी वे नन बन जाती हैं तो कभी फिर ग्लैमर वर्ल्ड में कदम रख कर विवाह रचा लेती हैं। फिर अपने ही पति पर आरोप लगाती हैं। शायद इसीलिए उन्हें ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाता।

हाल ही में रोहित शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज के लिए नेट्स में अभ्यास शुरु कर दिया है। रोहित शर्मा यह बताना चाहते हैं कि भले ही वह अपने शो Family Full House with Rohit Sharma का प्रचार प्रसार कर रहे हैं लेकिन वह क्रिकेट से दूर नहीं हुए हैं। यह उनको चयनकर्ताओं की नजर में रखने के लिए उठाया गया कदम भी समझा जा रहा है।

2027 एकदिवसीय विश्व कप की टीम में जगह पाने के लिए लड़ रहे हैं रोहित शर्मा

भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुझे नहीं पता कि मैं एशेज़ 2027 में खेलूंगा या नहीं: स्टीव स्मिथ

स्टीव स्मिथ ने अगले एशेज़ कैंपेन के लिए कोई पक्का वादा नहीं किया है; यह अनुभवी बल्लेबाज़ एक बार में एक सीरीज़ के हिसाब से अपने टेस्ट भविष्य के बारे में सोच रहा है। 37 साल के स्मिथ ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह अगले समर में ऑस्ट्रेलिया के इंग्लैंड दौरे का हिस्सा होंगे या नहीं, जबकि इंग्लैंड में पहली बार एशेज़ सीरीज़ जीतने का मौका भी है।

स्मिथ ने ‘द टेलीग्राफ’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे अभी नहीं पता कि मैं वहां रहूंगा या नहीं। मैं एक बार में एक सीरीज़ के हिसाब से सोच रहा हूं, जैसा कि मैं कुछ समय से कर रहा हूं, और वह अभी मेरे लिए काफी दूर की बात है। मैं वहां जीतना चाहूंगा या वहां जीत हासिल करना पसंद करूंगा, लेकिन देखते हैं कि क्या ऐसा हो पाता है।

ऑस्ट्रेलिया कई मुश्किल टेस्ट सीरीज़ की तैयारी कर रहा है, जिसमें दक्षिण अफ़्रीका, भारत और इंग्लैंड में होने वाली अवे सीरीज़ शामिल हैं। फ़िलहाल स्मिथ का ध्यान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चैंपियन के ख़िलाफ़ ऑस्ट्रेलिया की आने वाली सीरीज़ पर है। तीन टेस्ट मैचों की यह सीरीज़ उन्हें 2018 के बॉल-टैम्परिंग स्कैंडल के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट के लिए उस देश में वापस ले जाएगी, हालांकि स्मिथ उस घटना को पीछे छोड़ना चाहते हैं।

स्मिथ ने कहा, “मेरे लिए, यह बस एक और सीरीज़ है। वह सब बहुत पहले हुआ था, और हमने तब से काफ़ी क्रिकेट खेला है और वनडे मैचों के लिए दक्षिण अफ़्रीका वापस भी गए हैं। वे इस समय एक अच्छी टीम हैं, ज़ाहिर है कि उन्होंने हमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल में हराया था। उनके पास बहुत अच्छा पेस अटैक भी है, इसलिए यह एक ज़बरदस्त सीरीज़ होनी चाहिए।

हालांकि उनका टेस्ट भविष्य अभी तय नहीं है, लेकिन स्मिथ का खेल से पूरी तरह दूर होने का कोई इरादा नहीं है। वह टी 20 में मौके तलाश रहे हैं, और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करना उनकी अक्सर बताई जाने वाली महत्वाकांक्षाओं में से एक है। स्मिथ ने कहा, “अभी तो शायद ओलंपिक ही है जिसका मैं हिस्सा बनना चाहता हूँ।”

“एम्स्टर्डम (यूरोपियन टी 20 प्रीमियर लीग में) के साथ खेलने की एक वजह यह भी थी कि मैं ज़्यादा से ज़्यादा टी 20 क्रिकेट खेलना जारी रख सकूँ।

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स्मिथ ने अपने खेलने के करियर के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है और कहा है कि खेल का मज़ा लेना उनके लिए सबसे ज़रूरी है। “मुझे लगता है कि मैं अभी कुछ समय और T20 क्रिकेट खेल सकता हूँ। जब मैं खेलना छोड़ूँगा तो आगे क्या करूँगा? मुझे पक्का नहीं पता, लेकिन हाँ, उम्मीद है कि अभी खेलने के लिए थोड़ा समय और बचा है। मैंने इस खेल में बहुत कुछ हासिल किया है। पिछले 15 साल या उसके आस-पास का सफ़र बहुत शानदार रहा है। मैंने बहुत मज़ा किया है। मैं अभी भी इसका मज़ा ले रहा हूँ, इसलिए मैंने कोई आखिरी तारीख तय नहीं की है, देखते हैं आगे क्या होता है। लेकिन यह सफ़र अच्छा रहा है।

मॉडर्न टेस्ट कंडीशंस, खासकर सीमर्स को मिलने वाली मूवमेंट जैसी चुनौतियों के बावजूद स्मिथ को अपनी बैटिंग पर भरोसा है। पिछले दो सालों में उनका औसत 49.4 रहा है और उन्होंने अपने टेस्ट शतकों की संख्या 37 तक पहुँचाई है। स्मिथ ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं बहुत अच्छी बैटिंग कर रहा हूँ। मैंने मुश्किल पिचों पर खेलने और रन बनाने के अलग-अलग तरीके ढूँढ लिए हैं। इसलिए मैं टीम के लिए जितना हो सके योगदान देने, रन बनाने, कैच लेने और ज़रूरत पड़ने पर लीडरशिप में मदद करने की कोशिश कर रहा हूँ। पिछले कुछ साल अच्छे और मज़ेदार रहे हैं।

Pic Credit : ANI

Joe Root: आग उगल रहा जो रूट का बल्ला! सचिन तेंदुलकर के 13 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा

इंग्लैंड के टेस्ट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का बल्ला इन दिनों जमकर आग उगल रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ एजबेस्टन में खेलते हुए जो रूट ने अपने नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। रूट ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 69वां अर्धशतक लगाया। फिफ्टी लगाते ही जो रूट ने सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसके साथ ही वह टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा 50 या उससे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। सचिन तेंदुलकर के नाम 68 बार 50+ स्कोर करने का रिकॉर्ड था। अब इस रिकॉर्ड को रूट ने तोड़ दिया है।

टेस्ट में सबसे ज्यादा फिफ्टी

  • 69* – जो रूट
  • 68 – सचिन तेंदुलकर
  • 66 – एस चंद्रपॉल
  • 63 – एलन बॉर्डर
  • 63 – राहुल द्रविड़

जो रूट का शानदार प्रदर्शन

रूट ने 57 गेंदों में चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसी पारी के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 50 या उससे ज्यादा रन बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। जो रूट ने एजबेस्टन के मैदान पर भी अपनी शानदार बल्लेबाजी का रिकॉर्ड कायम कर लिया है। वह इस मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में 1,000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। खास बात ये है कि रूट अब चार अलग-अलग टेस्ट मैदानों पर 1,000 या उससे ज्यादा रन बनाने की उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। एजबेस्टन के अलावा उन्होंने लॉर्ड्स में 2,203 रन, मैनचेस्टर में 1,128 रन और द ओवल में 1,050 रन बनाए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन मैदानों पर रूट का प्रदर्शन कितना मजबूत और लगातार अच्छा रहा है।

पाकिस्तान को 3-0 से हराया

इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। 130 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट गिरने के बाद रूट और जॉर्डन कॉक्स ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार साझेदारी करते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। रूट 69 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से 62 रन बनाकर नाबाद रहे, वहीं कॉक्स ने 76 गेंदों में 8 चौकों के साथ 59 रन की नाबाद पारी खेली। दोनों की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने 24.2 ओवर में 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

रोहित शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज से पहले की नेट प्रेक्टिस

रोहित शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज के लिए नेट्स में अभ्यास शुरु कर दिया है। रोहित शर्मा यह बताना चाहते हैं कि भले ही वह अपने शो Family Full House with Rohit Sharma का प्रचार प्रसार कर रहे हैं लेकिन वह क्रिकेट से दूर नहीं हुए हैं। यह उनको चयनकर्ताओं की नजर में रखने के लिए उठाया गया कदम भी समझा जा रहा है। 

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

रोहित शर्मा ने T-शर्ट पर Non Committal? लिखकर चिढ़ाया मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर को (Video)

रोहित शर्मा अब मैदान के अंदर की जगह मैदान के  बाहर हिसाब चुकता करते हुए नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि भारतीय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा जल्द ही अपना फैमिली शो Family Full House with Rohit Sharma में बतौर होस्ट शिरकत करते हुए नजर आएंगे। हर दिन इस शो का नया टीजर आता है। आज जब एक नया टीजर आया तो उनकी टी-शर्ट पर Non Committal? लिखा था। यह वही शब्द है जो मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने एक साल पहले रोहित शर्मा के विश्वकप खेलने के सवाल के जवाब में दिया था।इस कारण यह टीजर वायरल हो गया है।

अक्टूबर 2025 में हुई एक प्रेस वार्ता में पूछे गए सवाल के जवाब में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा स्थापित चयन समिति के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजित अगरकर ने कहा था कि कि सीनियर भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा का 2027 एकदिवसीय विश्व कप के लिए 'Non Committal' (अनिर्णीत) हैं।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।


PCB ने बिना बाबर आजम को बताए बदल दिए 7 खिलाड़ी, कप्तान का खुलासा (Video)

babar azam

पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आज़म ने कहा है कि लॉर्ड्स टेस्ट के बाद पाकिस्तान की टीम में जो बड़े बदलाव किए गए, उसके बारे में न तो उन्हें कोई जानकारी थी, न ही उनसे कोई राय ली गई और न ही उनकी मंज़ूरी ली गई। एजबेस्टन में तीसरे टेस्ट से एक दिन पहले हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कई मौक़ों पर माहौल थोड़ा तनावपूर्ण दिखा। टीम में हुए बदलावों पर बाबर ने बहुत कम बात की और इसके बजाय उन्होंने कहा कि टीम में आए नए खिलाड़ियों के लिए यह एक 'सुनहरा मौक़ा' है।

बाबर ने माना कि इन बदलावों से वह भी उतने ही हैरान थे, जितने टीम से बाहर के लोग। उन्हें टीम में हुए बड़े बदलावों के बारे में तभी पता चला, जब आधिकारिक बयान जारी किया गया। बाबर ने कहा, “यह मेरे लिए भी नई ख़बर थी। मुझे बाद में पता चला। यह फ़ैसला PCB ने लिया है, इसलिए वही इसके बारे में बेहतर बता सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, “PCB ने यह फ़ैसला कुछ सोच-विचार के बाद ही लिया होगा। ऐसा क्यों किया गया, यह आप उन्हीं से पूछें तो बेहतर होगा।”

लॉर्ड्स में पाकिस्तान की हार के अगले ही दिन PCB ने घोषणा की कि टीम से सात खिलाड़ियों को वापस भेज दिया गया है। इसके अलावा मुख्य कोच सरफ़राज़ अहमद और गेंदबाज़ी कोच उमर गुल को भी हटा दिया गया। उनकी जगह सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया, जिनमें से पांच ने अब तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है।

PCB के फैसले से हैरान थे बाबर

बाबर ने इस बात को ज़्यादा तवज्जो नहीं दिया कि इन फ़ैसलों की वजह से उनके लिए यह हफ़्ता मुश्किल रहा, लेकिन उन्होंने माना कि वह “हैरान” ज़रूर थे। पाकिस्तान के मौजूदा चयन ढांचे के मुताबिक़, कम से कम सैद्धांतिक तौर पर कप्तान को ऐसे फ़ैसलों की जानकारी होनी चाहिए। इसी तरह PCB ने पिछले हफ़्ते घोषणा की थी कि, मीडिया में खिलाड़ियों के अनुशासन और व्यवहार को लेकर आई रिपोर्टों के बाद वह जांच शुरू कर रहा है। बाबर ने कहा कि इस मामले में भी उनके पास कोई नई जानकारी नहीं है।

इसके बजाय बाबर ने वही बात दोहराई, जो उनके नए टेस्ट कोच माइक हेसन और ऐश्ली नॉफ़्के पिछले कुछ दिनों से कहते आ रहे हैं। उनका पूरा फ़ोकस इस हफ़्ते होने वाले टेस्ट पर है, न कि इस पर कि पहले क्या हुआ था या फिर यह दौरा ख़त्म होने के बाद क्या होगा।

लॉर्ड्स में 194 रन की हार के बाद पाकिस्तान के हाई-परफ़ॉर्मेंस डायरेक्टर आक़िब जावेद ने इस सीरीज़ में पाकिस्तान के टीम चयन की काफ़ी आलोचना की थी। हालांकि बाबर ने पहले दोनों टेस्ट में टीम के फ़ैसलों का बचाव किया।

उन्होंने कहा, “एक टीम के तौर पर हमने तीनों विभागों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। और जब नतीजे आपके पक्ष में नहीं आते हैं तो बाहर से काफ़ी आलोचना होती है। लेकिन उस समय हमें जो सबसे बेहतर लगा, हमने वही किया। हमने पिच और परिस्थितियों को जिस तरह समझा और उसके मुताबिक़ हमें जिन खिलाड़ियों के साथ उतरना सबसे बेहतर लगा, हमने उन्हीं को अंतिम ग्यारह में रखा। लेकिन हमें न तो नतीजे मिले और न ही वैसा प्रदर्शन हुआ, जिसकी हम ख़ुद से उम्मीद करते हैं।”

पाकिस्तान की अंतिम ग्यारह क्या होगी?

टीम में इतने सारे नए चेहरे होने के कारण पाकिस्तान की अंतिम ग्यारह क्या होगी, इसका अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है। हालांकि बाबर ने कहा कि इस टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर प्रदर्शन करने की बड़ी ज़िम्मेदारी होगी। इसमें ख़ुद बाबर भी शामिल हैं, जिन्होंने लॉर्ड्स में 8 और 6 रन बनाए थे। हाथ की चोट के कारण वह हेडिंग्ले में पहला टेस्ट नहीं खेल पाए थे। इस टीम के किसी भी खिलाड़ी ने अब तक एजबेस्टन में टेस्ट मैच नहीं खेला है।

उन्होंने कहा, “जब भी आप किसी सीरीज़ या टूर्नामेंट में उतरते हैं तो आपको ख़ुद पर भरोसा होता है कि आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर आपको ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेनी होती है। मेरा पूरा मानना है कि मुश्किल परिस्थितियों में आपको मिले मौक़ों का फ़ायदा उठाकर प्रदर्शन करना चाहिए। हम क्रिकेट खेलते ही इसलिए हैं, क्योंकि मुश्किल परिस्थितियों में हमें प्रदर्शन करना और दबदबा बनाना होता है। हमें पिछली नाकामियों को भूलकर अब अपना फ़ोकस आने वाले मैचों पर करना होगा।”