3 मैचों की ODI सीरीज में नाबाद रहे जो रूट, 260 गेंदो में बनाए 249 रन

भारत के खिलाफ जो रूट इतनी बेहतरीन तरीके से खेले कि वह 3 मैचों में एक भी बार आउट नहीं हुए और कुल 260 गेंदों में 249 रन बनाए। दूसरे मैच में जो रुट ने एकदिवसीय प्रारुप में टेस्ट क्रिकेट का मुजायरा पेश किया था वहीं तीसरे मैच में उन्होंने 170 की स्ट्राइक रेट से 48 गेंदो में 74 रनों की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने कुल 9 चौके लगाए थे। यही कारण रहा कि उन्हें मैन ऑफ द सीरीज का पुरुस्कार मिला।

दूसरे मैच में 99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

यही नहीं वह लगातार 6 पारियों में हर पारी में 50 प्लस का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी बना लिया है। उन्होंने कल 13वीं बार मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाया है।

भारतीय गेंदबाजों ने इन तीन मैचों में उनके खिलाफ करीब 43.2 ओवर गेंदबाजी की। लेकिन इन 260 गेंदों में एक बार भी जो रूट को परेशानी में नहीं डाल पाए। पहले दो एकदिवसीय मैचों में उन्होंने दूसरे छोर पर विकेट के पतन के बीच बल्लेबाजी की जबकि तीसरे एकदिवसीय मैच में उन पर दबाव कम था और कुछ टी-20 के दर्शनीय शॉट्स लगाए।

IND vs ENG: ‘शोर नहीं होगा तो मजा नहीं आएगा’, रिटायरमेंट की अफवाहों पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं लॉर्ड्स में वनडे से पहले रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। तीसरे मुकाबले में रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में 138 रन की तूफानी पारी खेली है। वहीं मैच के बाद ने रोहित ने अपने रिटायरमेंट की खबरों रिएक्शन दिया है। जब रोहित से इन अफवाहों पर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा।”

भारत सीरीज हार गई लेकिन रोहित ने शानदार शतक जड़कर ये साफ कर दिया कि वह अभी वनडे क्रिकेट से विदाई लेने के मूड में नहीं हैं। टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं।

रिटायमेंट पर रोहित ने क्या कहा

रोहित ने BCCI.tv से कहा, “मेरा काम मेरे बल्ले से जवाब देना है। मैदान पर उतरकर देश का प्रतिनिधित्व करना ही मेरी जिम्मेदारी है और डेब्यू के दिन से मैं यही करता आ रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया है, तब से मेरे बारे में बातें होती रही हैं और जब तक मैं खेलूंगा, यह सिलसिला चलता रहेगा। मुझे इन बातों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करूं और टीम की जीत में अपना योगदान दूं।”

 

आलोचकों को दिया ये जवाब

रोहित शर्मा ने साफ किया कि वह आलोचनाओं और अफवाहों को किस तरह देखते हैं। रोहित शर्मा ने कहा, “जब शोर नहीं होता, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर अपना खेल दिखाना है, जबकि बाहर क्या बातें होती हैं, वह लोगों का काम है। मैं हमेशा इसे इसी नज़रिए से देखता हूं।” रोहित शर्मा को लेकर आगे भी तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठते रह सकते हैं, लेकिन लॉर्ड्स में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं

2027 वर्ल्ड कप जीतना है भारत का लक्ष्य

अब रोहित शर्मा का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनकी सबसे बड़ी मंजिल 2027 वनडे वर्ल्ड कप मानी जा रही है। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है। उस हार के बाद वह काफी निराश हो गए थे और खुद को संभालने में उन्हें काफी समय लगा। रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 से संन्यास ले लिया और फिर टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। अब उनका पूरा फोकस सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है। माना जा रहा है कि रोहित की सबसे बड़ी कोशिश 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाना है, ताकि वह अपने करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना पूरा कर सकें।

रोहित ने खेली शानदार पारी

रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है। रोहित ने करीब 10 किलो वजन घटाया, जिससे साफ पता चलता है कि वह अभी भी लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं। 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला और फिर अपने आक्रामक अंदाज में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और तेजी से रन बटोरे। उन्होंने 125 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी भारत की उम्मीदों को काफी देर तक जिंदा रखे रही, लेकिन बाद में वह जैकब बेथेल की गेंद पर आउट हो गए।

कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार के बाद रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की चर्चा काफी बढ़ गई थी। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि, लॉर्ड्स वनडे उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है। वहीं, बीसीसीआई ने इन खबरों को गलत बताते हुए किसी भी तरह की रिटायरमेंट की बात से इनकार कर दिया था।

विश्वकप 2027 की योजना में नहीं रविंद्र जड़ेजा, जल्द ले सकते हैं संन्यास

रोहित शर्मा के बाद भारत के एक दिग्गज ऑलराउंडर की बल्ला टांगने की खबर आ रही है। यह नाम भी रोहित शर्मा के समकालीन ही रहा है। रविंद्र जड़ेजा जो महेंद्र सिंह धोनी और फिर रोहित शर्मा की कप्तानी में चैंपियन्स ट्रॉफी जीते वह अब भारतीय एकदिवसीय टीम में जगह नहीं बना पाएंगे क्योंकि वह टीम प्रबंधन की विश्वकप 2027 की योजनाओं में नहीं है।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके।रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

फरवरी में फैंस की इस मांग को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने गंभीरता से लिया और माना कि वह उनके ही कलेवर के बल्लेबाज और गेंदबाज अक्षर पटेल को दक्षिण अफ्रीका में खेले जाने वाले एकदिवसीय विश्वकप में ले जाना चाहते हैं।इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में उनका चयन नहीं हुआ था लेकिन अब यह खबर सामने आ रही है। रविंद्र जड़ेजा चाहे तो संन्यास ले सकते हैं या फिर अगली एकदिवसीय सीरीज से खुद को ड्रॉप होते हुए देख सकते हैं।

ऐसा रहा है करियर

रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।

वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए।

हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

वनडे में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ T-20I टीम उतारी, किए सिर्फ 2 बदलाव

ENGvsIND इंग्लैंड ने 4 टी-20 में भारत के खिलाफ जीत अर्जित करने वाली टीम को ही भारत के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जाने वाले पहले एकदिवसीय मैच में उतार दिया है। टीम ने सिर्फ 2 बदलाव किए है। सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट की जगह बेन डकेट को टीम में शामिल किया गया है।

38 वर्षीय जॉस बटलर जिन्होंने अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक लगाया था वह टीम का हिस्सा है और कीपिंग भी करेंगे।आज वह अपना 200वां एकदिवसीय मुकाबला खेलेंगे। टीम ने जो दूसरा बदलाव किया है वह टॉम बैनटन को बाहर कर टेस्ट क्रिकेट के सफल बल्लेबाज जो रूट हैं। जो रुट मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।

इन दो बदलावों को छोड़कर पूरी टीम वैसी ही है जैसी पिछले दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय में थी। टीम ने अभी तक किसी भी मुख्य तेज गेंदबाज (जोफ्रा आर्चर) या फिर मुख्य स्पिनर (आदिल रशीद) को आराम देने के बारे में नहीं सोचा है। अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शनिवार को खेला गया था और टीम को मंगलवार तक 2 दिन का आराम मिल गया है।

इसके इतर भारत की टीम में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। श्रेयस अय्यर की जगह कप्तान शुभमन गिल होंगे। शीर्ष से लेकर मध्यक्रम बदला दिखेगा और मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव के दिखने की संभावना है।

Playing XI  इस प्रकार हैं:

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम कुरेन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, आदिल राशिद।

IPL से बैन है हैरी ब्रूक, कल 35 गेंदों में बनाए नाबाद 79 रन (Video Highlights)

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में हैरी ब्रूक को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। वह दो साल  2025 और 2026 में इस कारण  इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं थे। अगले साल अगर वह खुद को इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के लिए पंजीकृत करते हैं तो महंगे दामों में जाएंगे क्योंकि ब्रिस्टल में उन्होंने एक मुश्किल पिच पर विस्फोटक पारी खेली है।

ब्रूक ने अपने इंग्लैंड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आईपीएल 2025 से बाहर होने का विकल्प चुना, जबकि 2024 में अपनी दादी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2025 सत्र से आखिरी समय में हटने के बाद दो सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।ब्रूक ने दूसरे सत्र के लिए खुद का इस लीग के लिए अनुपलब्ध करार देते हुए अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से “बिना शर्त” माफी मांगी थी।

इसके बाद वह सफेद गेंद के कप्तान बने और जल्द ही लाल गेंद के कप्तान भी बनने वाले हैं क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के आईपीएल से जुड़े नियमों के अनुसार अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद अनफिट नहीं होने की स्थिति में इस टूर्नामेंट में नहीं खेलता है तो उस पर आईपीएल में खेलने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि जब वह कल भारत के खिलाफ खेलने उतरे तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर जोस बटलर (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने विकेटकीपर इशान किशन को कैच थमाया।ब्रूक और सॉल्ट ने हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने आते ही अर्शदीप पर छक्के से खाता खोला।

ब्रूक ने आठवें ओवर में वाशिंगटन सुंदर को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे और फिर अगले ओवर में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अक्षर पटेल की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ सिर्फ 21 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।

भारत के 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने ब्रूक (नाबाद 79 रन, 35 गेंद, आठ चौके, चार छक्के) और सलामी बल्लेबाज सॉल्ट ( नाबाद 59 रन, 42 गेंद, नौ चौके, एक छक्का) के बीच दूसरे विकेट की 146 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

चोटिल प्रतिका रावल की जगह लॉर्ड्स टेस्ट के लिए शामिल हुई यह खिलाड़ी

ENGvsIND लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ ऐतिहासिक वन-ऑफ़ टेस्ट से पहले भारत को एक झटका लगा है क्योंकि प्रतिका रावल इस मैच से बाहर हो गई हैं। दूसरे वनडे मैच के दौरान रावल के घुटने पर कट लग गया था और इस वजह से वह सीरीज़ के आखिरी मैच में भी नहीं खेल पाई थीं।इंग्लैंड में इंडिया ए टीम का हिस्सा रहीं प्रिया पुनिया को रावल की जगह टीम में शामिल किया गया है।

हेड कोच अमोल मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की, “प्रतिका रावल ‘A’ सीरीज़ के दौरान लगी चोट के कारण टेस्ट मैच से बाहर हो गई हैं। उनके घुटने पर कट लग गया था जिसके लिए कुछ टांके लगाने पड़े। वह टेस्ट मैच से बाहर हैं और प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है।”

जहां रावल ने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ वाका में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, वहीं पुनिया ने अभी तक टेस्ट लेवल पर डेब्यू नहीं किया है। हालांकि, ‘A’ सीरीज़ में इंग्लैंड के खिलाफ़ लगातार दो हाफ़-सेंचुरी लगाने के बाद वह इस मैच के लिए अच्छी फ़ॉर्म में हैं।25 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह चोट एक और झटका है; इससे पहले पिछले साल चोट के कारण वह वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में नहीं खेल पाई थीं। वह डब्ल्यूपीएल में भी नहीं खेली थीं और ऑस्ट्रेलिया में वनडे मैचों के ज़रिए वापसी की थी।

पुनिया को हाल ही में इंडिया ए सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में वापस बुलाया गया है, जहां उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे। अगर उन्हें चुना जाता है, तो यह अनुभवी बल्लेबाज़ लॉर्ड्स में अपना टेस्ट डेब्यू कर सकती हैं। भारत की जिन खिलाड़ियों का टेस्ट डेब्यू हो सकता है, उनमें हरलीन देओल, अच्छी फ़ॉर्म में चल रही स्पिनर श्री चरणी और तेज़ गेंदबाज़ नंदिनी शर्मा शामिल हैं।

दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम में पांच ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है; इनमें एलिस कैपसी, टिली कॉर्टीन-कोलमैन, मैडी विलियर्स, ग्रेस पॉट्स और एली थ्रेलकेल शामिल हैं।टैमी ब्यूमोंट का विदाई मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट ने भारत के खिलाफ़ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं।

वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?

गौतम गंभीर जबसे टीम  इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर –

सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच

गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में  में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।

हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।

हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।

3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।

एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।

भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।

इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।

इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले एक्शन में बुमराह, नेट्स में बहाया पसीना

भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। वहीं इस मुकाबले में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी होगी। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी होगी। बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम दिया गया है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के लिए भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आगामी क्रिकेट सीजन की तैयारी तेज कर दी है।

प्रैक्टिस करते नजर आए बुमराह

हाल ही में वह अहमदाबाद में प्रैक्टिस के दौरान लाल गेंद से गेंदबाजी करते नजर आए। बुमराह ने अपने इंस्टाग्राम पर ट्रेनिंग सेशन की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें वह पूरी लय के साथ प्रैक्टिस करते दिखे। आईपीएल के बाद छोटे ब्रेक के बाद वह गुजरात की घरेलू टीम के खिलाड़ियों के साथ लगातार नेट्स में पसीना बहा रहे हैं, ताकि आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।

 

इंग्लैड के खिलाफ खेलेंगे मुकाबला

जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज से आराम दिया गया है, ताकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट संभाला जा सके। बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। यह सीरीज 14 जुलाई से बर्मिंघम में शुरू होगी, जबकि इसके बाद बाकी मुकाबले 16 जुलाई को कार्डिफ और 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेले जाएंगे।

इससे पहले कब खेले थे वनडे मैच

इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में जसप्रीत बुमराह लंबे समय बाद 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद कोई वनडे मैच नहीं खेला था, क्योंकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट रखने के लिए उन्हें आराम दिया गया था। हाल ही में वह अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टेस्ट और वनडे सीरीज का भी हिस्सा नहीं थे। अब बुमराह सितंबर में जापान के एशियन गेम्स में टी20 टीम से जुड़ेंगे और इसके बाद अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी भारतीय गेंदबाजी की अहम जिम्मेदारी संभालते नजर आएंगे।

न्यूजीलैंड से होगा भारत का मुकाबला

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दोनों मुकाबले स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होंगे। इसके बाद भारत नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की अहम सीरीज खेलेगा। फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में भारत नौ मैचों के बाद 48.15 प्रतिशत अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह का अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम की नजर WTC फाइनल में जगह बनाने पर होगी।

जसप्रीत बुमराह का टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अब तक 52 टेस्ट मैचों में 234 विकेट और 89 वनडे मुकाबलों में 149 विकेट अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि श्रीलंका दौरा उनके करियर का पहला मौका होगा, जब वह वहां टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे।

हैरी ब्रूक का अगला इंग्लैंड टेस्ट कप्तान बनना लगभग तय, जारी रखेंगें बैजबॉल

हैरी ब्रूक ने कहा है कि इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम का नया कप्तान बनना उनके लिए बड़े सम्मान की बात होगी। यह बयान उन्होंने उस समय दिया, जब एक दिन पहले ही संन्यास लेने वाले बेन स्टोक्स ने उन्हें यह भूमिका संभालने के लिए अपना “100 प्रतिशत समर्थन” दिया था। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट में सीरीज़ हार के दौरान स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा ने इंग्लैंड क्रिकेट में एक बड़ा खालीपन पैदा कर दिया है।

पिछली एशेज़ से ही टेस्ट टीम के उपकप्तान रहे ब्रूक को स्टोक्स ने शनिवार शाम अपने फ़ैसले की जानकारी दी थी। जो रूट को भी उसी समय इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद रविवार सुबह चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले स्टोक्स ने ड्रेसिंग रूम में पूरी टीम को अपने निर्णय से अवगत कराया।

27 वर्षीय ब्रूक को न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के दूसरे टेस्ट में कप्तानी का मौक़ा नहीं मिला था, जबकि स्टोक्स पहले टेस्ट के बाद एक विवादित नाइट आउट के चलते बाहर थे। उस दौरान स्टोक्स और गस एटकिंसन ने टीम का मध्यरात्रि कर्फ्यू तोड़ दिया था।उस समय इंग्लैंड के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कहा था कि ब्रूक का सिर्फ़ अपने क्रिकेट पर ध्यान देना बेहतर होगा। साथ ही यह भी माना गया कि कप्तानी मिलने पर उनसे असहज सवाल पूछे जा सकते थे, क्योंकि टीम में कर्फ्यू लागू करने की एक वजह पिछले एशेज़ दौरे से पहले वेलिंग्टन में एक बाउंसर के साथ ब्रूक की झड़प भी थी।

दूसरे टेस्ट में जो रूट ने अंतरिम कप्तानी की थी, लेकिन माना जा रहा है कि वे लंबे समय तक यह भूमिका निभाने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसे में स्टोक्स द्वारा ब्रूक का समर्थन करना आंशिक रूप से रूट की अनिच्छा से भी जुड़ा हो सकता है। इंग्लैंड अंडर 19 टीम की कप्तानी कर चुके ब्रूक पिछले साल से इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीमों की कमान संभाल रहे हैं। भारत के खिलाफ़ टी 20 सीरीज़ की पूर्व संध्या पर उन्होंने टेस्ट कप्तानी संभालने की इच्छा भी ज़ाहिर की।

ब्रूक ने मंगलवार को कहा, “यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान होगा। टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की कप्तानी करना हमारे खेल का सर्वोच्च स्तर है और एक विशेष उपलब्धि होगी।” ब्रूक ने कहा,”टेस्ट क्रिकेट खेलना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह मेरा सपना रहा है और बचपन से मैं यही करना चाहता था। फैसला मेरे हाथ में नहीं है, लेकिन अगर यह जिम्मेदारी मुझे मिलती है तो मैं खु़शी-खु़शी इसे स्वीकार करूंगा।”

साल 2009 में एंड्रयू स्ट्रॉस आख़िरी ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने एक साथ इंग्लैंड की तीनों प्रारूपों की कप्तानी की थी। हालांकि उस समय टी 20 क्रिकेट आज के समय के जितना बड़ा नहीं था। ब्रूक ने कहा, “मुझे लगता है कि यह संभव है। मैं यह नहीं कह रहा कि यह आसान होगा, लेकिन मुझे यकीन है कि ऐसा किया जा सकता है।” पिछले साल दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपना आईपीएल अनुबंध छोड़ने के कारण उन्हें दो साल के आईपीएल प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था, क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड की सीमित ओवर फ़ॉर्मैट की कप्तानी संभालने को प्राथमिकता दी थी।

“मैं फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट नहीं खेलता, इसलिए कैलेंडर में ऐसे दौर होते हैं जब मैं क्रिकेट नहीं खेल रहा होता। उस समय मैं अपनी फ़िटनेस पर काम कर सकता हूं और तीनों प्रारूपों के लिए तैयारी कर सकता हूं। चाहे मैं टेस्ट कप्तान बनूं या नहीं, मेरे लिए इंग्लैंड के लिए खेलना ही सबसे बड़ी बात है।” ब्रूक ने कहा कि उन्होंने खु़द को पूरी तरह इंग्लैंड क्रिकेट के लिए समर्पित कर दिया है।

“मैंने तय किया है कि द हंड्रेड को छोड़कर कोई फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट नहीं खेलूंगा। मेरा पूरा ध्यान इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलने पर है। मैदान के अंदर और बाहर जो भी करता हूं, उसका मकसद इंग्लैंड के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना होता है। यही वजह है कि मैं आईपीएल, पीएसएल या अन्य फ्रेंचाइज़ी लीग में नहीं खेलता।”

Virat Kohli: ‘मैं इससे थक चुका हूं…’ टेस्ट क्रिकेट में वापसी पर विराट कोहली ने दिया बड़ा बयान

Virat Kohli: दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने मई 2025 में भारतीय टेस्ट टीम से रिटायरमेंट का ऐलान कर किया था। इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम के चयन से पहले विराट ने टेस्ट क्रिकेट से अलविदा कहने का फैसला किया था। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी विराट कोहली की वापसी को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही है। कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी उन्हें दोबारा टेस्ट क्रिकेट खेलने की सलाह दी थी। वहीं अब विराट कोहली ने साफ कर दिया कि वह टेस्ट क्रिकेट में लौटने की योजना नहीं बना रहे हैं। 37 वर्षीय कोहली का अब पूरा फोकस आने वाले टूर्नामेंट और 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर है, जहां वह भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करना चाहते हैं।

विराट कोहली ने क्या कहा

विराट कोहली ने साफ किया कि वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब इस प्रारूप में वापसी का कोई इरादा नहीं रखते। दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित अपने ब्रांड One8 के एक कार्यक्रम के दौरान विराट कोहली ने कई दिलचस्प बातों पर चर्चा की। इस इवेंट में होस्ट दानिश सैत ने उनसे नए लॉन्च किए गए लाल जूतों के बारे में सवाल किया, जिनकी कीमत 9,230 रुपये रखी गई है। खास बात ये है कि इस कीमत को कोहली के टेस्ट करियर के आखिरी रन से जोड़कर देखा जा रहा है। बातचीत के दौरान कोहली ने अपने करियर और क्रिकेट से जुड़े कई एक्सपीरिएंस भी शेयर किए।

सैत ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या जूतों की कीमत बढ़ाने के लिए विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने पर विचार करेंगे। इस पर कोहली ने हंसते हुए जवाब दिया, ‘मैं कम कीमत पर बेचना पसंद करूंगा, मैं इससे (टेस्ट) थक चुका हूं।’

कोहली का रिकॉर्ड

विराट कोहली ने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर अपने शानदार लाल गेंद वाले करियर का अंत किया था। भारत के लिए उन्होंने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए और इस दौरान उनका औसत 46.85 रहा। टेस्ट क्रिकेट में कोहली ने 30 शतक और 7 दोहरे शतक भी लगाए। इससे पहले कोहली ने जून 2024 में बारबाडोस में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया था। कोहली इस समय वनडे टीम का हिस्सा है। विराट कोहली इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज़ के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। अब उनका खेलना पूरी तरह फिटनेस रिपोर्ट और मेडिकल क्लियरेंस पर निर्भर करेगा।