9 में से भारतीय टीम को कितने टेस्ट जीतने होंगे WTC Final में पहुंचने के लिए

Young Test Team

मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में अभी भी 27 में से 15 सीरीज़ खेली जानी बाक़ी हैं। ऐसे में अगले कुछ महीनों में टेस्ट क्रिकेट केंद्र में रहेगा, क्योंकि टीमें 9 से 13 जून 2027 तक द ओवल में होने वाले फ़ाइनल में जगह बनाने की होड़ में जुटी होंगी।

पिछले दो डब्ल्यूटीसी चक्रों में चार फ़ाइनलिस्ट टीमों में से तीन ने 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल में जगह बनाई थी। एकमात्र अपवाद भारत था, जिसने 2023 में 58.8 फीसदी अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल खेला था। 2025 में दोनों फ़ाइनलिस्ट टीमों के पास 67 से अधिक अंक प्रतिशत था।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 9
जीत 4
हार 4
ड्रॉ 1
अंक प्रतिशत 48.15

आगामी सीरीज़:

श्रीलंका (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी नौ टेस्ट में 78 और अंक चाहिए। इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।

हालांकि हालिया घरेलू प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। भारत को न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ क्रमशः 3-0 और 2-0 से सीरीज़ गंवानी पड़ी थी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध बेहतर प्रदर्शन अनिवार्य होगा।

पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था। सात जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि आठ जीत और एक हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 9 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 7 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज का मजा स्टेडियम में मुफ्त लूट सकेंगे दर्शक

INDvsSL भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से गॉल में शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के दौरान क्रिकेटप्रेमियों को स्टेडियम में मुफ्त प्रवेश दिया जायेगा।श्रीलंका क्रिकेट ने एक विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ श्रीलंका क्रिकेट यह घोषणा करता है कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट श्रृंखला के दौरान दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जायेगा जिससे क्रिकेटप्रेमियों को विश्व स्तरीय टेस्ट क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा।’’पहला मैच गॉल स्टेडियम पर होगा जबकि दूसरा टेस्ट कोलंबो में 23 से 27 अगस्त के बीच खेला जायेगा।श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट देखने दर्शक कम ही आते हैं । पहले भी भारतीय टीमों ने खाली स्टेडियमों में मैच खेले हैं।

15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अभी तक टीम घोषित नहीं की। श्रीलंका हाल ही में  वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है।

कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिला सम्मान, भारतीय टेस्ट टीम के बारे में तीखे शब्द कह गए अजिंक्य रहाणे (Video)

अजिंक्य रहाणे ने लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अब खबर यह आ रही है कि वह किसी यूरोपिय लीग से जुड़ेंगे हालांकि अब वह कमेंट्री और पॉडकास्ट में क्रिकेट के बारे अपने विचार देते हुए नजर आते हैं। 

माइकल वॉन के साथ हुए ऐसे ही एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बार में बताया। अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उनका एकदिवसीय करियर 2011 में शुरु हो गया था लेकिन उनको टेस्ट मैचों के लिए करीब 2 साल तक 12वें आदमी की भूमिका निभानी पड़ी और कम से कम 20 टेस्ट मैच तक का लंबा इंतजार करना पड़ा 

इसके अलावा उन्होंने सचिन विराट समेत क्रिकेटरों से रिश्ते, टेस्ट क्रिकेट में अभ्यास मैचों का महत्व और वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी। 

अजिंक्य रहाणे ने कहा, मेरे पास 2 विकल्प थे या तो मैं सहानूभूति हासिल करता या तो खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। 12वें खिलाड़ी होने और पानी पिलाने में कोई खास खराबी नहीं है। मैंने इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया। 

अजिंक्य रहाणे ने हालांकि वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर तीखी टिप्पणी की। अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि क्या आपको वर्तमान भारतीय  टेस्ट टीम को देखकर चिंता होती है तो उनका जवाब हां में था। 

रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अच्छा खेल रही हैं। भारत के साथ अचानक इतनी दिक्कत इस कारण हो गई है क्योंकि ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी एक साथ बाहर निकल गए हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को बोर्ड को वह सम्मान देना जरूरी है जिसके वह हकदार हैं। 

ऐसा रहा करियर

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

बाहर होने के बाद भी बतौर कप्तान जीते रणजी

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए

‘IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट अलग हैं’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर अजिंक्य रहाणे ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल के बाद से ही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी चर्चा में है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के साथ वैभव सबसे कम उम्र में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पहली बार भारत के लिए खेलने का मौका मिला, लेकिन तीन मैचों की सीरीज में वह पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वैभव सूर्यवंशी ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां ही खेल पाए। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा।

वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अभी टेस्ट टीम में शामिल करने पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। अजिंक्य रहाणे ने माना कि, उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार मानना जल्दबाजी होगी। रहाणे ने कहा कि युवा खिलाड़ी को पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना चाहिए।

इंटरनेशनल क्रिकेट में ज्यादा चुनौती

अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, “अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मैं उस युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। उसने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर होता है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तो दबाव कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में वही चुनौती कहीं कठिन हो जाती है। इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए, समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए।”

जिम्बाब्वे दौरे पर किया प्रदर्शन

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वह लगातार प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। उन्होंने पहले टी20 मैच में अर्धशतक लगाया, दूसरे मुकाबले में 20 रन बनाकर आउट हो गए और आखिरी मैच में 81 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन इस पारी के लिए उन्होंने 49 गेंदों का सामना किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के मुकाबले थोड़ा धीमा माना गया। यही वजह है कि उनके प्रदर्शन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।

भारतीय टीम पहुंची श्रीलंका, WTC के लिहाज से 2-0 की बढ़त होगी अहम (Video)

भारतीय क्रिकेट टीम कल रात श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में पहुंच गई। टीम को 7 तारीख से अभ्यास मैच खेलना है जो 4 से 3 दिन का हो गया है। संभवत श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ना ही वह खिलाड़ी सामने लाएगा जो टेस्ट मैचों में खेलेंगे और ना ही पिच वैसी बनाएगा जो पहले टेस्ट में बनाई जाएगी। इस कारण भारत को अपने अभ्यास सत्रों पर विश्वास दिखाना होगा।

टीम के दल में जो बल्लेबाज चयनित हुआ था वह टीम के साथ नहीं था। यह बल्लेबाज टेस्ट टीम का शीर्ष क्रम का बल्लेबाज है।सांई सुदर्शन अभी बैंगलोर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने स्वास्थ सुधार की अंतिम प्रक्रिया में है और टीम को उम्मीद है कि अभ्यास मैच से पहले वह टीम से जुड़ जाएंगे।

इससे पहले जब खबर आई कि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए हैं तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

लेकिन भारत की चिंता चोटों से ज्यादा स्पिन की मुफीद पिचें है।कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

स्पिन के सामने ना डगमगाए पैर, इस कारण इन 4 स्पिनरों को बनाया नेट गेंदबाज

कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

इनमें से हाल ही में टीम इंडिया में शामिल हुए हर्ष दुबे बाएं हाथ के गेंदबाज है। वहीं तनुष कोटियान दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर है। दिल्ली कैपिटल्स से खेलने वाले विपराज निगम दाएं हाथ की लेग स्पिन करते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के शिवांग कुमार बाएं हाथ के कलाई के गेंदबाज हैं।

यह चारों स्पिन गेंदबाज भारत के बल्लेबाजों को हर तरह की स्पिन गेंदबाजी का अभ्यास कराएंगे जिससे भारतीय बल्लेबाज टेस्ट मैच में श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों के सामने धराशाही ना हो।टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।

टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

Pakistan Super League खेलेंगे मोहम्मद आमिर लेकिन ब्रिटिश नागरिक बनकर

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर अगले साल होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग का हिस्सा होंगे लेकिन एक पाकिस्तानी के तौर पर नहीं बल्कि एक ब्रिटिश सदस्य के तौर पर। हाल ही में एक पॉडकास्ट ( विस्डन पॉड ) में उन्होंने यह पुष्टि की।गौरतलब है कि आमिर लंबे समय से ब्रिटेन के नागरिक हैं।

आमिर ने सितंबर 2016 में एक ब्रिटिश नागरिक नरगिस मलिक से शादी की थी और वह जीवनसाथी (स्पाउज) वीजा के योग्य थेजो उन्हें 30 महीने के लिए इंग्लैंड में रहने की अनुमति देता है। अब वह स्थायी रूप से इंग्लैंड के नागरिक हैं। वह एक घर खरीदने की योजना भी बना चुके है।

उन्होंने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। लेकिन उन्होंने अपना मन बदल लिया और  टी20 विश्व कप 2024 में खेलने के लिए वापसी की।पाकिस्तान के विवादास्पद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने टी20 विश्व कप में खेलने के लिए संन्यास से बाहर आने के महीनों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दोबारा संन्यास की घोषणा की।

आमिर को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में 2010 से 2015 के बीच पांच साल के लिए क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया था।मोहम्मद आमिर किस स्तर के गेंदबाज है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि संन्यास के लगभग 6 महीने तक वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में टॉप 10 गेंदबाजों में शामिल थे।

मानसिक रुप से प्रताड़ित होने पर लिया था फैसला
 
गौरतलब है नवंबर 2020 में आमिर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला करते हुए आरोप लगाया कि उनका राष्ट्रीय बोर्ड प्रबंधन उन्हें ‘मानसिक रूप से प्रताड़ित’ कर रहा है।

वकार ने कसा था तंज

आमिर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए पाकिस्तान की टीम में जगह नहीं दी गई थी। गेंदबाजी कोच वकार यूनिस ने कहा था कि उन्होंने काम के बोझ के कारण टेस्ट क्रिकेट को अलविदा नहीं कहा था और इसके पीछे के कारणों के बारे में यह तेज गेंदबाज ही बेहतर बता सकता है।

आमिर ने सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान लगाने के लिए  साल 2019 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था क्योंकि उन्हें लगा कि उनका शरीर सभी प्रारूपों में खेलने के बोझ का सामना नहीं कर सकता। इस तेज गेंदबाज ने 2009 में पदार्पण के बाद 36 टेस्ट में 119 विकेट हासिल किए।

विवादों से रहा है पुराना नाता

स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में आमिर को साल 2010 से 2015 तक प्रतिबंध का सामना भी करना पड़ा। कप्तान सलमान बट, आमिर और मोहम्मद आसिफ को इंग्लैंड दौर पर फिक्सिंग का दोषी पाए जाने के बाद 2011 में आईसीसी ने 5 साल के लिए निलंबित कर दिया था।

पूरा करियर खेलते तो तोड़ते कई रिकॉर्ड

आमिर पाकिस्तान की उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2009 विश्व टी20 कप जीतने के अलावा 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी खिताब जीता। जिस समय वह स्पॉट फिक्सिंग विवाद में फंसे थे उस समय उनकी उम्र महज 17 साल की थी। 29 वर्षीय मोहम्मद आमिर अगर अपना पूरा क्रिकेट करियर खेल जाते तो शायद उनके नाम गेंदबाजी के बड़े बड़े रिकॉर्ड होते लेकिन ऐसा हो ना सका।

Bhuvneshwar Kumar: ‘कोई अफसोस नहीं है…’टीम इंडिया में वापसी को लेकर भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ी चुप्पी

भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। हाल ही में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल करने की बात कही थी। अब भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में अपनी वापसी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अब भारतीय टीम में उनकी वापसी की संभावना काफी कम है। वहीं आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि, अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर चयनकर्ताओं को जरूर विचार करना चाहिए।

भुवी ने खुलकर की बात

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने अपने मौजूदा सोच के बारे में खुलकर बात की। भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे यह गेम पसंद है। जब आप यंग होते हैं और इंडिया के लिए खेलते हैं, तो आप कहते हैं कि आपको गेम पसंद है। लेकिन सच कहूं तो, ‘जो कंट्रोल में है उसे कंट्रोल करो’, ‘ज्यादा मत सोचो’, या ‘गेम के पैशन के लिए खेलो’ जैसी बातें, मैं अब सच में उन चीजों को महसूस कर सकता हूं।”

भारत के लिए पहले खेल चुका हूं

36 साल के भुवी ने कहा, “मैं पहले भारत के लिए खेल चुका हूं। अब ऐसा नहीं है कि मुझे इसे हासिल करना बाकी है। अगर दोबारा देश के लिए खेलने का मौका मिलता है तो यह मेरे लिए खुशी की बात होगी, लेकिन मैं उस सफर का हिस्सा पहले ही रह चुका हूं। आज मैं जो भी क्रिकेट खेल रहा हूं, वह सिर्फ इस खेल के प्रति अपने प्यार की वजह से खेल रहा हूं। मुझे पता है कि आगे भी मुझे डिसिप्लिन बनाए रखना होगा।”

अपने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा

“मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर में मेरा प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और इसके बाद मैं भारत की सीमित ओवरों की टीम से बाहर हो गया। टेस्ट क्रिकेट में भी मैंने अपना आखिरी मैच साल 2018 में खेला था। अब मैं घरेलू क्रिकेट और उत्तर प्रदेश टी20 लीग में खेलता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि खेल से मेरा तालमेल बना रहे। साथ ही, मैं अपने शरीर को फिट और तरोताजा रखने के लिए जरूरत के मुताबिक आराम भी करता हूं।”

घर पर नहीं होती क्रिकेट की बातें

भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं पूरी तरह शांत हूं और इसका सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देता हूं। घर पर हम कभी क्रिकेट की बातें नहीं करते। न ही इस पर चर्चा होती है कि मेरी भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या क्या गलत हुआ। मुझे किसी बात का कोई अफसोस नहीं है। मैं अच्छी तरह समझता हूं कि बदलाव खेल का हिस्सा है और समय के साथ नई पीढ़ी आती है। यह अनुभव सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ है और न ही मैं आखिरी खिलाड़ी हूं जिसके साथ ऐसा हुआ हो। यही खेल की प्रकृति है। मेरे परिवार ने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। मैं जहां हूं, वहां खुश हूं।”

2022 में खेला था आखिरी मैच

भुवनेश्वर कुमार अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भूवी ने नवंबर 2022 के बाद से भारतीय टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला है। लंबे क्रिकेट करियर के दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी में लगातार सुधार किया है। समय के साथ उनकी रफ्तार बढ़ी और उन्होंने यॉर्कर व कटर जैसी गेंदों पर भी अच्छी पकड़ बना ली। यही अनुभव और नई तकनीक उन्हें आज भी एक प्रभावी तेज गेंदबाज बनाती है, जिसकी झलक आईपीएल में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन में देखने को मिलती है।

जो रूट को 4 साल बाद फिर मिली इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट टीम की कमान

इंग्लैंड के लिए रनों का अंबार लगाने वाले जो रूट टेस्ट टीम के कप्तान चुने गए हैं। वह 4 साल बाद इंग्लैंड की कप्तानी करेंगे। टेस्ट रनों के मामले में जो रूट सिर्फ सचिन तेंदुलकर से पीछे हैं और उन्होंने इस प्रारुप में 41 शतक लगाए हैं जो सिर्फ जैक कैलिस और सचिन तेंदुलकर से पीछे है।

इससे पहले द एथलेटिक ने पिछले शुक्रवार को यह रिपोर्ट किया था कि रूट को 2027 के एशेज तक के लिए टेस्ट कप्तान बनाया जा सकता है। ECB का कहना था कि इस संबंध में अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है लेकिन इस समय वह पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में टीम की अगुवाई करने की दौड़ में सबसे आगे हैं।

35 वर्षीय रूट 2017 से 2022 तक इंग्लैंड के पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान थे। उन्होंने 65 टेस्ट में इंग्लैंड की अगुवाई की है और उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने 27 मैच जीते जबकि 27 में उन्हें हार मिली। लेकिन पिछले 18 टेस्ट मैचों में कप्तानी करते हुए रूट को एक ही जीत हासिल हुई है। बेन स्टोक्स की अनुपस्थिति में पिछले महीने द ओवल में उन्होंने कप्तानी की और इंग्लैंड की 253 रनों से हार के बावजूद उन्होंने कहा कि कप्तान के रूप में वापस आते हुए उन्होंने इस भूमिका का काफ़ी लुत्फ़ उठाया।

हैरी ब्रूक को तीनों प्रारूप में एशेज तक के लिए कप्तान बनाए जाने की योजना पर पूर्णविराम लगा दिया गया है। ECB यह भी विचार कर रहा था कि ब्रूक को टेस्ट कप्तान बनाते हुए किसी अन्य खिलाड़ी को सफ़ेद गेंद के किसी एक या दोनों प्रारूप में कप्तानी दी जाए। जेकब बेथेल (जो कि अभी चोटिल हैं) जैसे किसी कम अनुभव वाले खिलाड़ी को टेस्ट कप्तान बनाते हुए दांव अमूमन इंग्लैंड क्रिकेट जैसा बोर्ड नहीं खेलता। ब्रूक सफ़ेद गेंद के दोनों प्रारूप में कप्तान हैं। ब्रूक की अगुवाई में ही हाल ही में इंग्लैंड ने घर पर भारत को टी 20 में 4-0 और वनडे सीरीज़ में 2-1 से मात दी थी।

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा 

आस्ट्रेलिया में 2020-21 दौरे पर सिताराहीन भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले भारत के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को यह कहकर अलविदा कह दिया कि आगे बढने का सही समय आ गया है।

भारत के लिये 2013 में पदार्पण करने वाले 38 वर्ष के रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 खेले हैं। वह 2023 में वेस्टइंडीज में टेस्ट श्रृंखला के बाद भारत के लिये नहीं खेले हैं। उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान भी हालांकि कहा था कि उन्होंने वापसी की उम्मीद छोड़ी नहीं है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश में कहा जीवन का सत्य यही है कि हर शुरूआत का एक अंक होता है। जब समय आ जाये तो आपको उसका सम्मान करके आगे बढ जाना चाहिये। मैने बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और मुझे इसका महत्व पता है।

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे आज लग रहा है कि आगे बढने का सही समय है इसलिये मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं।

रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक और 26 अर्धशतक के साथ 38 . 46 की औसत से 5077 रन बनाये। इसके अलावा 90 वनडे में 35 . 26 की औसत से तीन शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2962 रन जोड़े। टी20 में उन्होंने 375 रन बनाये हैं।

रहाणे के लिये सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 का आस्ट्रेलिया दौरा थी जब नियमित कप्तान विराट कोहली की गैर मौजूदगी में उन्होंने सितारों के बिना खेल रही भारतीय टीम की अगुवाई की और तमाम कयासों को धता बताते हुए आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2 . 1 से हराया।

एडीलेड में पहला टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आये थे। एडीलेड में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रन पर आउट हो गई थी।

उसके बाद रहाणे ने कप्तानी की और जसप्रीत बुमराह तथा रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भी श्रृंखला जीती। दूसरे टेस्ट में रहाणे ने आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण का डटकर सामना करते हुए 223 गेंद में 112 रन बनाये। भारत ने ब्रिसबेन में चौथा और आखिरी टेस्ट तीन विकेट से जीता। वहीं मेलबर्न टेस्ट आठ विकेट से जीतकर श्रृंखला में बराबरी की थी।

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रहाणे ने अपने संदेश में कहा शुरूआत में अभ्यास के लिये डोम्बिवली से ट्रेन से सफर करने के दिनों से आज तक मैने खेल को सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी के हर मौके पर मेरा सपना हमेशा से भारत के लिये खेलने का था।

दुनिया भर में विभिन्न भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री करने वाले रहाणे ने कहा कि वह खेल से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा मैने हमेशा से एक ही नियम माना है कि अपने से पहले टीम और देश को रखना है। मैने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है। प्रथम श्रेणी क्रिकेटर के तौर पर मेरे पदार्पण से आज तक भारतीय क्रिकेट ने काफी प्रगति की है। मुझे गर्व है कि मैं पिछले 20 साल से इसका हिस्सा रहा हूं।

रहाणे ने कहा भारतीय क्रिकेट के साथ मेरा अध्याय खत्म हो रहा है लेकिन खेल के साथ नहीं। मैं अगली पीढी की मदद करना चाहता हूं और उन मूल्यों को साझा करना चाहता हूं जो क्रिकेट ने मुझे सिखाये हैं।

रहाणे ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिये खेला है। केकेआर ने उन्हें कप्तानी से फारिग कर दिया है।

रहाणे ने कहा कि उनके नाम का आशय होता है ‘जिसे हराया नहीं जा सके’ लेकिन क्रिकेट ने उन्हें सिखाया कि हार से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा इस सफर में कई बार हारे और कई बार जीते लेकिन क्रिकेट खेलने का आनंद, जीवनभर की यादें मेरे कैरियर का सबसे बड़ा संतोष रहा।

उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा अजिंक्य मतलब जिसे हराया नहीं जा सके लेकिन क्रिकेट ने कई बार हार का अनुभव कराया। क्रिकेटर के तौर पर हम कामयाबी से ज्यादा नाकामी देखते हैं। मेरी टीम मैच हारी। मैने गलतियां की लेकिन एक जगह है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल में।

आपने मुझे अपनों सा समझा। आपके प्यार, भरोसे और सहयोग के लिये धन्यवाद। कैप नंबर 278 अब विदा लेता है। रहाणे ने 2024 . 25 सत्र में मुंबई की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में मुंबई ने 2023 . 24 में रणजी ट्रॉफी जीती थी।

Pic Credit : ANI