AFGvsIND मैच रहा फ्लॉप शो, आकाश चोपड़ा ने कहा 2 साल में भारत से खत्म होगा टेस्ट क्रिकेट

मुल्लनपुर में खेला गया भारत बनाम अफगानिस्तान टेस्ट 3 दिन के भीतर खत्म हो गया। लेकिन इस मैच को लेकर दिलचस्पी ना होना सुर्खियों में छा गया।  जब इस टेस्ट के सिर्फ 8 फीसदी टिकट बिके और टिकट खरीदने के बाद भी सिर्फ 2 फीसदी दर्शक स्टेडियम पहुंचे तो टीवी या ओटीट पर इस मैच को कितनों ने देखा होगा उसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने इस पर अपनी राय रखी और कहा कि ऐसा चलता रहा तो 2सालों के अंदर भारत से टेस्ट क्रिकेट खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इतनी गर्मी में भी शायद विराट कोहली को देखने के लिए लोग स्टेडियम में आते। लेकिन अब ऐसा नहीं है।

साथ ही विराट कोहली के 5 टेस्ट सैंटर के सुझाव पर भी फैंस बात करने लगे हैं। साल 2020 में उन्होंने यह बात कही थी कि सिर्फ 5 टेस्ट सैटर (मेजबानी करने वाले शहर) ही भारत में होने चाहिए। इसमें से मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली और बैंगलूरू जैसे महानगरों के नाम उन्होंने लिए थे।

भारत को अगली सीरीज घरेलू मैदान पर ऑस्ट्र्लिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज खेलनी है जो कि अगले साल होगी। ऐसे में देखना होगा कि यह प्रसिद्ध सीरीज क्या दर्शकों को स्टेडियम खींच कर लाती है या नहीं।

3 दिन के अंदर भारत को अफगानिस्तान पर मिली एतिहासिक जीत

लेप्ट आर्म स्पिनर मानव सुथार ( कुल सात विकेट), ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर (पांच विकेट) और चायना मैन गेंदबाज कुलदीप यादव (तीन विकेट) की दमदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को फॉलोऑन खेल रही अफगानिस्तान को दूसरी पारी में 112 पर ढेर कर यह मुकाबला पारी और 300 रनों से जीत लिया। यह भारत के अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत है। मानव सुथार को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिला।

मानव सुथार ने अपने पर्दापण टेस्ट की पहली पारी में छह और दूसरी पारी में एक विकेट लिया। वही वॉशिंगटन सुंदर ने कुल पांच विकेट और कुलदीप यादव ने तीन विकेट झटक कर भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत दिलाने में अहम योगदान दिया। चायकाल के बाद भारतीय गेंदबाजों ने मात्र 14 रन देकर अफगानिस्तान के शेष चार बल्लेबाजों करे पवेलियन भेज दिया। शराफउद्दीन अशरफ चोट के कारण बल्लेबाजी करने नहीं उतरे। आज के दिन कुल 14 विकेट गिरे, जिसमें पांच विकेट अफगानिस्तान की पहली पारी में गिरे थे और फॉलोऑन खेलने उतरी अफगानिस्तान दूसरी पारी में मात्र 112 रन ही बना पाई।

दूसरी पारी में वॉशिंगटन ने चार और कुलदीप ने तीन विकेट लिए जबकि सुथार और सिराज को एक-एक विकेट हासिल हुआ। दूसरी पारी में अफगानिस्तान की ओर से सेदिकुल्लाह अटल ने सर्वाधिक 42 रन बनाए। भारत ने यह मुकाबला पारी और 300 रनों से जीत लिया। यह मैच मानव सुथार के ड्रीम डेब्यू के लिए याद किया जाएगा जिन्होंने पहली पारी में छह विकेट हासिल किए और भारत को पहली पारी में 412 रनों की बढ़त दिलाने में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

IND vs AFG : मानव सुथार का ड्रीम डेब्यू, भारत ने दर्ज की टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत!

शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए इकलौते टेस्ट मैच में इतिहास रच दिया। न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविन्द्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने अफगानिस्तान को एक पारी और 300 रन से हराकर टेस्ट क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी जीत एक पारी और 272 रन से थी, लेकिन मुल्लांपुर में टीम इंडिया ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

 

बल्लेबाजों ने खड़ा किया रनों का पहाड़

 

भारत ने पहली पारी में 8 विकेट पर 564 रन बनाकर पारी घोषित की। कप्तान शुभमन गिल ने शानदार 126 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 100 रनों की बेहतरीन पारी खेली। साई सुदर्शन और ऋषभ पंत ने 81-81 रन जोड़े। वाशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन बनाकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

दोनों पारियों में बिखरी अफगानिस्तान की बल्लेबाजी

 

564 रन के जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी सिर्फ 152 रन पर सिमट गई। रहमत शाह ने 60 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। भारत ने 412 रन की बढ़त हासिल करने के बाद फॉलोऑन दिया।

 

दूसरी पारी में अफगानिस्तान की शुरुआत थोड़ी बेहतर रही, लेकिन एक बार फिर भारतीय स्पिनरों ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। पूरी टीम 112 रन पर ढेर हो गई। यह अफगानिस्तान के टेस्ट इतिहास के सबसे कम स्कोरों में से एक है।

 

 डेब्यू में छा गए मानव सुथार

 

इस मैच के सबसे बड़े स्टार रहे डेब्यूटेंट मानव सुथार। युवा स्पिनर ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 6 विकेट झटके। उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और मैच पर भारत की पकड़ मजबूत कर दी।

दूसरी पारी में भी सुथार ने विकेट हासिल कर अपना प्रभाव बनाए रखा। दोनों पारियों को मिलाकर उन्होंने 7 विकेट लिए और साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक और बेहतरीन स्पिन विकल्प मिल गया है। डेब्यू मैच में उनका यह प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

 

 स्पिनरों ने किया काम तमाम

 

दूसरी पारी में वाशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट लेकर अफगानिस्तान की कमर तोड़ दी। वहीं कुलदीप यादव ने 3 विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद सिराज और मानव सुथार ने भी विकेट चटकाए, जिसके चलते अफगानिस्तान की टीम ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सकी।

 

भारत की टेस्ट इतिहास में सबसे बड़ी जीत

 

एक पारी और 300 रन की जीत अब टेस्ट क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी जीत बन गई है। इससे पहले भारत ने वेस्टइंडीज को एक पारी और 272 रन तथा अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रन से हराया था। मुल्लांपुर में मिली यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया रिकॉर्ड लेकर आई है और टीम के दबदबे को भी दर्शाती है।

 

भारत ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और कप्तानी—तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को पूरी तरह मैच से बाहर रखा और इतिहास रच दिया।

7 टेस्ट मैचों बाद ही इस कीपर बल्लेबाज ने लिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास

भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज कोना श्रीकर भरत ने गुरूवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की।भरत ने 2023-2024 के बीच भारत के लिए सात टेस्ट मैच खेले, जिसमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 भी शामिल है।बत्तीस साल के भरत ने फरवरी 2023 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पदार्पण किया और इसके एक साल बाद उन्होंने विशाखापत्तनम में इंग्लैंड के खिलाफ देश के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला। उन्होंने कुल 221 रन बनाए जिसमें उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 44 रन रहा।

भरत ने गुरूवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गर्व और कृतज्ञता की भावना के साथ मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करता हूं। अपने देश के लिए खेलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है।’’    उन्होंने कहा, ‘‘मेरी इस यात्रा में बहुत अधिक सहनशक्ति और ताकत की जरूरत पड़ी लेकिन टेस्ट मैच में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान हर पल के लायक था। चार लोगों के हमारे परिवार में हम सभी ने दो दशक तक एक ही सपना जिया।’’

भरत ने कहा, ‘‘मेरी बहन, मां और पिताजी को दिल से धन्यवाद जिन्होंने मेरे लिए ऐसा माहौल और समर्थन तैयार किया। मैं उनके प्यार, अनुशासन और कड़ी मेहनत का ही नतीजा हूं।’’

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में आंध्र का प्रतिनिधित्व किया। वह रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक लगाने वाले पहले विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। उन्होंने 2014-2015 में गोवा के खिलाफ आंध्र के लिए 311 गेंद में 308 रन बनाए थे। यह आंध्र के किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया पहला तिहरा शतक था।

भरत ने भारत के पूर्व कप्तानों विराट कोहली और रोहित शर्मा को भी धन्यवाद दिया। इन्हीं दोनों कप्तानों की अगुवाई में उन्होंने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने भारत के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का भी आभार जताया।

भरत ने लिखा, ‘‘आईपीएल पदार्पण के दौरान मेरे कप्तान विराट कोहली को बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने मुझे अपनी प्रतिभा दिखाने और पहचान बनाने का मौका दिया।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘मेरे भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को भी बहुत-बहुत धन्यवाद जिनके नेतृत्व में मैंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। यह अनुभव मेरे लिए अनमोल है और इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।’’

भरत ने लिखा, ‘‘मेरे भारतीय कोच राहुल द्रविड़ सर को भी धन्यवाद। भारत ए टीम से लेकर भारतीय टीम तक उनका मार्गदर्शन मेरे लिए अविस्मरणीय रहा है। आपके सहयोग से ही मैं एक भारतीय टेस्ट क्रिकेटर बन पाया।’’
भरत ने आईपीएल 2021 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेला जबकि 2022 में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स का प्रतिनिधित्व किया।

भारतीय टेस्ट टीम में कब मिलेगी जगह? वैभव सूर्यवंशी को सचिन तेंदुलकर की Most Valuable Advice [VIDEO]

हाल के समय में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी और आत्मविश्वास से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके प्रदर्शन को देखते हुए कई लोग उन्हें जल्द से जल्द भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए।

तेंदुलकर का मानना है कि वैभव में असाधारण क्षमता है और भविष्य में वह टेस्ट क्रिकेट में भी सफल हो सकते हैं, लेकिन उनके विकास की प्रक्रिया को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना चाहिए। युवा खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं का अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय उन्हें अपने खेल को निखारने का पर्याप्त समय और अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका आत्मविश्वास और खेल को पढ़ने की क्षमता है। ऐसे खिलाड़ियों के साथ अत्यधिक तकनीकी हस्तक्षेप कभी-कभी उनके स्वाभाविक खेल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए फिलहाल उन्हें उसी अंदाज में खेलने देना बेहतर होगा, जिसने उन्हें पहचान दिलाई है।

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वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए तेंदुलकर ने कहा,

“आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें बहुत कुछ खास है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसमें मुझे बहुत इंप्रेस किया। मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वह सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते ह।”


हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में चयन को लेकर उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उनका मानना है कि वैभव को अभी अपने खेल को और निखारने का समय मिलना चाहिए ताकि वह भविष्य में सभी प्रारूपों में सफल हो सकें।

तेंदुलकर ने कहा,

“वैभव को भारतीय टेस्ट टीम में क्या जल्द ही चुना जाना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वह भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वह चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे।”

“वैभव एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बहुत आत्मविश्वासी हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं वह शानदार है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।”

तेंदुलकर की बातों से साफ है कि वैभव सूर्यवंशी को लेकर उत्साह जितना बड़ा है, उतनी ही जरूरी उनके विकास की सही दिशा भी है। अगर उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के आगे बढ़ने दिया गया, तो भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक बेहद खास बल्लेबाज मिल सकता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और निरंतर अवसर मिलने पर वे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकते हैं। फिलहाल, फोकस उनके खेल को और मजबूत बनाने पर होना चाहिए ताकि जब भी उन्हें टेस्ट टीम में मौका मिले, वे पूरी तरह तैयार नजर आएं।

भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar ने 15 नवंबर 1989 को Pakistan national cricket team के खिलाफ कराची में अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया था। सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी आक्रमणों का सामना कर अपनी प्रतिभा की झलक दिखा दी थी।

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:

16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)