Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम जारी, जानें किन शहरों में बदले रेट और कहाँ रहे स्थिर

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 20 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Petrol Diesel Price Today: आज के पेट्रोल-डीजल रेट हुए जारी, देखें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 19 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Petrol Diesel Price Today: आज सुबह जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 18 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Silver outlook: ₹5000 सस्ती हुई चांदी, क्या कीमतों में आने वाली है और बड़ी गिरावट, जानें क्या कहते है बाजार जानकार

Silver Outlook: घरेलू और इंटरनेशनल दोनों ही बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में सोना जहां 4 महीनें के निचले स्तरों पर पहुंचा है। वहीं चांदी $56 के नीचे फिसली है। शुक्रवार को फ्यूचर ट्रेड में चांदी की कीमतें 1,258 रुपये गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर, सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के कॉन्ट्रैक्ट 1,258 रुपये या 0.58 प्रतिशत गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए, जिसमें 1,563 लॉट का कारोबार हुआ।

वहीं COMEX पर चांदी की कीमतें 0.63% गिरकर $55.83 प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रही हैं। चांदी एक इंडस्ट्रियल मेटल है और ग्लोबल टेक शेयरों में आई गिरावट का इस पर असर देखा जा रहा है। भारत में चांदी की कीमत में आज 2.3% की बड़ी गिरावट आई है और यह 2,15,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। कल चांदी की कीमत प्रति किलो 2.20 लाख रुपये थी। यानी कि कल के मुकाबले आज चांदी में 5000 रुपये की गिरावट आई है।

मजबूत डॉलर कर रहा परेशान

इस बीच, शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.78 हो गया, जिससे विदेशी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया। कच्चे तेल की कीमतें $85 प्रति बैरल के करीब ट्रेड करती रहीं।

यूएस- ईरान तनाव और क्रूड बढ़ा रही चिंता

सोने और चांदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती US-ईरान तनाव है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और महंगाई का डर फिर से बढ़ गया है, जिससे आने वाले समय में US फेडरल रिजर्व द्वारा रेट बढ़ाने का डर बढ़ गया है।

US फेडरल रिजर्व के चेयर वार्श ने 14 जुलाई और 15 जुलाई को US हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी और सीनेट बैंकिंग कमेटी के सामने अपनी पहली गवाही में दोहराया कि कीमतों में स्थिरता सेंट्रल बैंक का मुख्य मकसद है। उन्होंने जून की उम्मीद से कम रीडिंग को सिर्फ़ एक डेटा पॉइंट बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 63 महीनों से महंगाई फेडरल रिजर्व के 2 फीसदी के टारगेट से ऊपर रही है।

फेड गवर्नर वॉलर ने बढ़े हुए कोर CPI का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा था कि सेंट्रल बैंक को रेट बढ़ाने की ज़रूरत है क्योंकि महंगाई अभी भी ज़्यादा है। वहीं न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने बुधवार को कहा कि महंगाई अभी भी ज़्यादा है, लेकिन उनका मानना ​​है कि यह अपने पीक पर पहुच गई है और 2028 तक बैंक के टारगेट को पूरा कर लेगी। उन्होंने आगे कहा कि अभी के रेट सही जगह पर हैं।

क्या आगे कीमतों में दिखेगा दबाव

Kedia Advisory के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि आनेवाले 10-12 दिन सोने -चांदी की कीमतों के लिए काफी अहम होंगे। क्योंकि बाजार उम्मीद लगा रहा है कि सितंबर होने वाली फेड मीटिंग में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। चांदी  में टेक्निकली $50 प्रति औंस का सपोर्ट दिख रहा है। मेरा मानना है कि $53- 54 प्रति औंस एक सेफ जोन है। जिसके चलते एग्रेसिव होकर बिकवाली की राय नहीं होगी। हमारी सलाह है कि अगस्त में चांदी में एक्यूमुलेशन के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए।हालांकि कच्चा तेल, जियोपॉलिटिकल टेंशन और महंगाई की चिंता चांदी के लिए थोड़ी क्रिटिकल हो सकती है।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई का दबाव और ब्याज दरों की चिंताएं सबसे ऊपर हैं, इसलिए सोना गिर रहा है।”

त्रिवेदी ने बताया, “US ने इस हफ़्ते ईरान पर कई हमले किए, जबकि ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि US देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है। ईरान ने पड़ोसी देशों में US के ठिकानों पर हमले करके जवाब दिया, जिससे तनाव और बढ़ने और इलाके से एनर्जी सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका बढ़ गई।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन को उम्मीद है कि आज सोने और चांदी की कीमतें ऊपर-नीचे रहेंगी। उनका कहना है कि आज के MCX पर सोने को $3,955 और $3,910 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,034 और $4,080 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $55.50 और $54.40 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $57.50 और $58.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: चिप शेयरों में फिर तेज हुई बिकवाली, एशियाई बाजार कमजोर, निक्केई करीब 4% टूटा

Asian Market Today: एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे है। निक्केई में 3.93 फीसदी तो ताइवान में 3.77 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। वहीं कॉस्पी में आज CONSTITUTION DAY की छुट्टी है। डाओ फ्यूचर्स भी 200 प्वाइंट से ज्यादा नीचे है। उधर कल अमेरिका में चिप शेयरों में फिर तेज बिकवाली दिखी। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट फिसला है। डाओ और S&P में भी हल्की गिरावट देखने को मिली।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.06 फीसदी नीचे था। जबकि टॉपिक्स 1.66 फीसदी गिरा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 0.97 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। शंघाई का बाजार 0.78 फीगसदी गिरा है। दक्षिण कोरिया के बाज़ार छुट्टी के कारण बंद हैं।

गिफ्ट निफ्टी 24,113 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 17 पॉइंट्स का प्रीमियम है, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए एक स्थिर शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

अमेरिकी स्टॉक मार्केट गुरुवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुआ।डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 105.32 पॉइंट्स या 0.20% गिरकर 52,553.32 पर आ गया, जबकि S&P 500 38.63 पॉइंट्स या 0.51% गिरकर 7,533.77 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 387.28 पॉइंट्स या 1.47% गिरकर 25,881.95 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 2.40% गिरा, AMD, ब्रॉडकॉम, इंटेल, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 5% से ज़्यादा गिरे, जबकि सैनडिस्क, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट टेक्नोलॉजी के शेयर 12.6% तक गिर गए। एप्पल का स्टॉक प्राइस 1.76% बढ़ा, माइक्रोसॉफ्ट का शेयर प्राइस 1.38% बढ़ा, टेस्ला का स्टॉक प्राइस 0.86% गिरा, और स्पेसएक्स के शेयर 3.08% गिरे।

US-ईरान युद्ध

अमेरिका ने शुक्रवार सुबह ईरान के खिलाफ अपने एयरस्ट्राइक कैंपेन को और बढ़ाया और पुलों पर तेज़ी से हमला किया। दूसरी तरफ, ईरान ने मिडिल ईस्ट में US के साथी देशों पर नए मिसाइल हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले और बढ़ेंगे।

US रिटेल सेल्स

जून में US रिटेल सेल्स में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। मई में 1.0% की बढ़ोतरी के बाद पिछले महीने रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी हुई। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने मई में पहले बताई गई 0.9% की बढ़त के बाद रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

US बेरोज़गारी क्लेम

पिछले हफ़्ते बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए क्लेम करने वाले अमेरिकियों की संख्या में कमी आई। 11 जुलाई को खत्म हुए हफ़्ते में स्टेट बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए शुरुआती क्लेम 8,000 घटकर सीज़नली एडजस्टेड 208,000 हो गए। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने पिछले हफ़्ते 217,000 क्लेम का अनुमान लगाया था।

कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और अप्रैल के बाद सबसे ज़्यादा बढ़त के लिए तैयार थीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.27% बढ़कर $85.30 प्रति बैरल हो गया, जबकि US WTI क्रूड 1.23% बढ़कर $79.92 प्रति बैरल हो गया। इस हफ़्ते, ब्रेंट और US क्रूड फ्यूचर्स में 11% से ज़्यादा की बढ़त होने की उम्मीद थी।

आज सोने का रेट

US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के बढ़ते डर से सोने की कीमतें जून की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ रही थीं। पिछले सेशन में 2% गिरने के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $3,980.17 प्रति औंस हो गई। सिल्वर की कीमतें थोड़ी कम होकर $55.50 प्रति औंस पर थीं।

डॉलर

डॉलर स्थिर रहा लेकिन वीकली गिरावट के लिए तैयार था। डॉलर इंडेक्स, जो US करेंसी को छह दूसरी यूनिट्स के मुकाबले मापता है, 100.72 पर था, जिसमें वीकली 0.24% की गिरावट की उम्मीद थी। यूरो $1.1445 पर था, जिसमें इस हफ्ते 0.29% की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टर्लिंग $1.3476 पर पहुंचा, जो इस हफ्ते 0.56% की बढ़त की ओर था। जापानी येन 40 साल के सबसे निचले स्तर के पास था और आखिरी बार 162.38 प्रति डॉलर पर था।

Income Tax Bill: विदेशी निवेशकों को टैक्स छूट देने वाला बिल संसद में आएगा, जानिए क्या बदलेगा

Income Tax Bill: केंद्र सरकार मानसून सत्र में Income-tax (Amendment) Bill, 2026 पेश करने की तैयारी में है। यह बिल पिछले महीने लाए गए अध्यादेश (Ordinance) की जगह लेगा। इस अध्यादेश के तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड (Government Securities) से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर आयकर से छूट दी गई थी।

इस बिल का मकसद क्या है?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा था। ऐसे में सरकार ज्यादा विदेशी निवेश लाना चाहती है। इसी मकसद से यह टैक्स छूट दी गई थी। सरकार चाहती है कि भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार में ज्यादा विदेशी निवेश आए। इससे बाजार में नकदी बढ़ेगी। सरकारी बॉन्ड बाजार भी मजबूत होगा।

सरकार का मानना है कि दुनिया में इस समय काफी अनिश्चितता है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। सप्लाई चेन भी कई जगह प्रभावित है। ऐसे माहौल में विदेशी पूंजी आकर्षित करना जरूरी है।

विदेशी निवेशकों को क्या फायदा होगा?

सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को ब्याज से होने वाली कमाई और कैपिटल गेन पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा। यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी गई है।

पहले विदेशी निवेशकों को 12 महीने से ज्यादा समय तक रखे गए शेयर और बॉन्ड पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता था। सरकारी बॉन्ड से मिलने वाले ब्याज पर 20% विदहोल्डिंग टैक्स भी लगता था।

अध्यादेश क्यों लाना पड़ा?

जब यह फैसला लिया गया, तब संसद का सत्र नहीं चल रहा था। इसलिए सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश जारी किया। बाद में इसे कानून बनाने के लिए अब संसद में बिल लाया जाएगा।

मानसून सत्र में और क्या होगा?

सरकार MSME Development (Amendment) Bill, 2026 भी पेश करेगी। इसका मकसद छोटे कारोबारियों के लिए कारोबार करना आसान बनाना है। साथ ही भुगतान में देरी से जुड़े विवादों का समाधान भी मजबूत किया जाएगा।

इसके अलावा सरकार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए Demands for Excess Grants भी संसद में पेश करेगी।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 16 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद नजर आ रही है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,112 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ कारोबार खत्म हुआ। सुबह हुई अच्छी बढ़त का अधिकांश हिस्सा बाद में कम हो गया,क्योंकि बैंकिंग, कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी ने मेटल,IT और FMCG शेयरों में आई कमजोरी के असर को खत्म कर दिया था। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,078.50 पर सेटल हुआ था।

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी

अमेरिका की ईरान पर भीषण बमबारी जारी है। इस हमले से ईरान भड़क गया है। उसकी तरफ से कह गया है कि जब तक US हमारी शर्तें नहीं मानेगा तब तक हॉर्मुज बंद रहेगा। इस बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। वेस्ट एशिया टेंशन के बीच क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बरकरार है।

बाजार के लिए मिले-जुले संकेत, गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त

सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 2100 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई है। हालांकि इंडेक्स फ्यूचर्स में FIIs ने 3000 शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए हैं।

एशियाई बाजारों में गिरावट, बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों से संकेत अच्छे नहीं है। इनमें गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई तीन फीसदी तो कॉस्पी 7 फीसदी फिसला है। डाओ फ्यूचर्स भी फ्लैट कारोबार कर रहा है। उधर अमेरिका में चिप शेयरों में फिर बिकवाली दिखी है। हालांकि उतार-चढ़ाव के बीच US INDICES बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 अंक या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया,S&P 500 में 28.83 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,572.42 पर आ गया। नैस्डैक कम्पोजिट 162.22 अंक या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर पहुंच गया।

HDFC लाइफ के नतीजे अच्छे, ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा 46% घटा

पहली तिमाही में HDFC LIFE के नतीजे अच्छे रहे हैं। इसका न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़ा है। वहीं annual premium equivalent यानी APE में करीब 9% की बढ़त देखने को मिली है। VNB Margin हालांकि फ्लैट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ICICI LOMBARD का मुनाफा 46% घटा है। लेकिन Net Premier Earned में 16% की बढ़त रही।

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एंजेल वन के Q1 मुनाफे और मार्जिन पर दबाव, HDB फाइनेंस के मुनाफे में 38% का उछाल

पहली तिमाही में एंजेल वन के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसका मुनाफा 27 परसेंट घटा है। आय पर भी दबाव देखने को मिला है। मार्जिन में 7 परसेंट की कमी आई है। उधर, HDB फाइनेंस का मुनाफा 38 परसेंट बढ़ा है। ब्याज से कमाई भी 20 परसेंट बढ़ी है।

टेक महिंद्रा,विप्रो,जियो फाइनेंस के नतीजे आज, वायदा की तीन कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

निफ्टी की तीन कंपनियां,टेक महिंद्रा,विप्रो और जियो फाइनेंस के रिजल्ट आज आएंगे। टेक महिंद्रा का Constant Currency Revenue एक परसेंट बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार संभव है। वहीं लार्ज कैप IT में विप्रो सबसे कमजोर रिजल्ट पेश कर सकती है। दूसरी ओर वायदा में BHEL,पॉलीकैब और 360 ONE के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटी

डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है। डीजल एक्सपोर्ट पर 15.5 रुपए प्रति लीटर तो ATF एक्सपोर्ट पर 14.5 रुपए प्रति लीटर ड्यूटी लगेगी। ये दरें पहले के मुकाबले करीब दोगुनी कर दी गई हैं। वहीं पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास दिख रहा है। महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात को बल मिला है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा,जबकि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी का जोखिम भी पैदा हो गया है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.46 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेज़री बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4.55% और 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त दिख रही है। मलेशियन रिंगित सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है,जिसमें 0.18% की मज़बूती आई है। इसके बाद इंडोनेशियन रुपिया का नंबर है जिसमें 0.13% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी में 0.09% और फिलीपीन पेसो में भी 0.09% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर और जापानी येन में 0.07% की बढ़त हुई है। जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.02% की मामूली बढ़त नजर आ रही है।

दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन अपने सबसे कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.06% की गिरावट आई है। जबकि थाई बहत भी पिछले क्लोज़ के मुकाबले 0.03% गिरकर ट्रेड कर रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Asian Market Today : चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7% गिरा, निक्केई 2% से ज्यादा टूटा, जानें ग्लोबल मार्केट में कहां है हलचल

Asian Market : टेक्नोलॉजी शेयरों के ओवरवैल्यूएशन और मिडिल ईस्ट में चल रहे US-ईरान युद्ध की चिंताओं के बीच गुरुवार को एशियाई मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। चिप शेयरों में बिकवाली के चलते कोस्पी 7 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है । निक्केई करीब 2.69 फीसदी की गिरावट के साथ 66,903.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

ताइवान का बाजार 1.12फीसदी गिरकर 45,160.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.76 फीसदी की बढ़त के साथ 25,116.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 6.14 फीसदी की गिरावट के साथ 6,825.53 के स्तर पर कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 3,936.40 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार को US स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि महंगाई के नरम आंकड़ों ने इन्वेस्टर सेंटिमेंट को बेहतर बनाया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 150.91 पॉइंट्स या 0.29% बढ़कर 52,659.18 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.83 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,572.42 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 162.22 पॉइंट्स या 0.62% बढ़कर 26,269.23 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 0.33% बढ़ी, AMD के शेयर 3.46% गिरे, इंटेल के शेयर 4.43% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 8.02% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.78% बढ़े, अमेज़न के शेयर 3.02% बढ़े, एप्पल के शेयर 4.01% बढ़े, मेटा के शेयर 3.07% बढ़े, पेपाल के शेयर 16.87% उछले, जबकि टेस्ला के शेयर 0.43% गिरे, और स्पेसएक्स के शेयर 0.60% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US ने हमलों की दो नई लहर शुरू की, जिसमें ईरानी मिलिट्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से आज़ादी से गुज़रने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया गया था। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा जब तक US अपने “आक्रामक कामों” को खत्म नहीं कर देता, साथ ही चेतावनी दी कि दूसरे क्षेत्रीय तेल एक्सपोर्ट रूट भी निशाना बन सकते हैं।

US प्रोड्यूसर प्राइस

US प्रोड्यूसर प्राइस जून में अचानक गिर गए, जो 14 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट थी। फ़ाइनल डिमांड के लिए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पिछले महीने 0.3% गिरा, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी, मई में 0.6% की कमी के बाद। रॉयटर्स द्वारा पोल किए गए अर्थशास्त्रियों ने मई में पहले बताई गई 1.1% की बढ़त के बाद PPI में कोई बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया था।

बैंक ऑफ़ कोरिया पॉलिसी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के सेंट्रल बैंक ने साढ़े तीन साल में पहली बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 2.75% कर दी। बैंक ऑफ़ कोरिया के सात सदस्यों वाले मॉनेटरी पॉलिसी बोर्ड ने सात दिन के रीपरचेज रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाने के लिए वोट किया।

कच्चे तेल की कीमतें

ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर US के नए हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई में रुकावट की आशंका के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर $85.28 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 0.5% बढ़कर $80.02 प्रति बैरल हो गया।

आज सोने का रेट

हाल के US डेटा से पता चला कि महंगाई का दबाव कम हो रहा है, इसलिए सोने की कीमतें स्थिर रहीं। स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,056.59 प्रति औंस पर थोड़ी बदली, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,062.50 हो गया। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.3% गिरकर $57.61 प्रति औंस हो गई।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: सप्लाई की चिंता से चौथे दिन भी बढ़त जारी, क्या $110 तक जाएगा कच्चे तेल का भाव!

crude Oil Price : US के ईरान पर नए हमले के बाद ब्रेंट क्रूड लगातार चौथे दिन बढ़ी है। पिछले तीन सेशन में 12% बढ़ने के बाद ब्रेंट लगभग $85 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। इस बीच, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट लगभग $80 प्रति बैरल पर था। इस बढ़ोतरी से इस इलाके से क्रूड शिपमेंट में संभावित रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 33 सेंट, या 0.4% बढ़कर $85.28 प्रति बैरल हो गया, जो पिछले तीन सेशन में 12% की बढ़त के बाद हुआ था। इस बीच, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 42 सेंट, या 0.5% बढ़कर $80.02 प्रति बैरल हो गया।

दोनों बेंचमार्क क्रूड कॉन्ट्रैक्ट्स बुधवार को लगभग 0.3% बढ़े थे और हफ्ते की शुरुआत में पहुंचे एक महीने के हाई के करीब ट्रेड कर रहे थे।

आखिर तेजी क्यों आई?

अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर नए हवाई हमले किए और कहा कि उसने OPEC सदस्य देश के एक पोर्ट की ओर जा रहे एक खाली तेल टैंकर को रोका। कच्चे तेल की कीमतें लगभग एक महीने में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गईं, क्योंकि बढ़ते संघर्ष ने एनर्जी से भरपूर मिडिल ईस्ट से सप्लाई में रुकावटों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं, जिससे दूसरी तिमाही में दर्ज लगभग 30% की गिरावट का कुछ हिस्सा पलट गया। साथ ही, रूसी फ्यूल फैसिलिटी और तेल टैंकरों पर यूक्रेन के लगातार हमलों ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन बढ़ाने की कसम खाई है, जब तक कि तेहरान स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हमले बंद नहीं कर देता और ज़रूरी एनर्जी कॉरिडोर को फिर से खोलने पर सहमत नहीं हो जाता। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, ट्रंप मिलिट्री ऑपरेशन को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं और उन्होंने खार्ग आइलैंड को टारगेट करने की संभावना पर चर्चा की है, जहां ईरान का मुख्य तेल एक्सपोर्ट टर्मिनल है।

हालांकि, ईरान ने पीछे हटने के बहुत कम संकेत दिए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बुधवार को कहा कि स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा जब तक US अपने मिलिट्री हमले खत्म नहीं कर देता और ईरानी पोर्ट पर लगी रोक नहीं हटा लेता।

ईरान के तेल टैंकरों पर हाल के हमलों ने तेज़ी से बढ़ते “शटल रन” ट्रेड में भी रुकावट डाली है, जिसमें रुकावटों से बचने के लिए स्ट्रेट के बाहर एक जहाज़ से दूसरे जहाज़ में क्रूड ऑयल भेजा जाता है। यह तरीका लड़ाई के दौरान यूनाइटेड अरब अमीरात जैसे देशों के लिए एक ज़रूरी एक्सपोर्ट रूट बन गया था, हालांकि सिस्टम में कोई भी रुकावट कुछ समय के लिए हो सकती है।

तनाव के बावजूद, स्ट्रेट से शिपिंग एक्टिविटी जारी रही है। US सेंट्रल कमांड के स्पोक्सपर्सन कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक, US की मदद से जहाज़ों का ट्रांज़िट मंगलवार रात को डबल डिजिट में पहुंच गया। पिछले हफ़्ते इस रास्ते से गुज़रने वाले लगभग 300 जहाज़ों में से लगभग आधे को US सेना से मदद मिली।

$110 के ऊपर जाएगा भाव

ग्लोबल फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि अगर खाड़ी के एक्सपोर्ट में रुकावटें बनी रहती हैं, तो चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $110 प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं। हालांकि, इन्वेस्टमेंट बैंक को उम्मीद है कि अगर जियोपॉलिटिकल तनाव कम होता है और तेल का प्रोडक्शन उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ता है, तो साल के आखिर तक कीमतें गिरकर $60 के आस-पास आ जाएंगी।

इस बीच, चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी टेक्निकल रिसर्च के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा का भी मानना ​​है कि जैसे-जैसे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ेगा, दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ज़्यादा हो सकती हैं, जो एक अटकल वाली चिंता से एक संभावित स्थिति बन सकती है।

मकदा ने कहा, “कीमतें साइकोलॉजिकल रिस्क प्रीमियम दिखाती हैं, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट की कमज़ोरी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रही है। नेविगेशन पर असर डालने वाली मिलिट्री लड़ाई से अटकलें लगाई जा सकती हैं, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें $100 से ऊपर जा सकती हैं और स्टैगफ्लेशन का खतरा पैदा हो सकता है।”

 

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