88.05 मीटर का थ्रो भी नीरज को नहीं दिला पाया गोल्ड, फिर श्रीलंकाई से हारे (Video)

Neeraj Chopra

भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया।

चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा। चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने जून 2025 में पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था। यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था।

लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया।ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया।त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।

क्या लंकाई खिलाड़ी से आगे निकल पाएंगे नीरज? कल फिर फेंकेंग भाला

Neeraj Chopra

भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे शुक्रवार को लुसाने डायमंड लीग में फिर से आमने सामने होंगे, जिसमें भारतीय खिलाड़ी डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा।ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पथिरागे ने स्वर्ण और चोपड़ा ने रजत पदक जीता था। इसके तीन सप्ताह बाद ये दोनों खिलाड़ी फिर से एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

23 वर्षीय पथिरागे इस सत्र में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उन्होंने दोहा और रोम डायमंड लीग में जीत हासिल करने के अलावा ग्लास्गो में 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक भी जीता है। जून में रोम में 92.62 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ उन्होंने 90 मीटर का प्रतिष्ठित आंकड़ा भी पार किया।

श्रीलंकाई खिलाड़ी ने इस सत्र में अब तक जिन नौ प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उनमें से आठ में जीत हासिल की है। वह पहले ही डायमंड लीग फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। दूसरी तरफ चोपड़ा पिछले साल सितंबर से पीठ के निचले हिस्से की चोट से परेशान रहे हैं।

इसके कारण उनकी वापसी दोहा में आयोजित डायमंड लीग तक टल गई थी। ग्लास्गो में वह पूरी तरह से फिट नहीं थे, लेकिन फिर भी 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहे।राष्ट्रमंडल खेलों के बाद चोपड़ा स्विट्जरलैंड के बील चले गए थे, जहां वह अपने बचपन के कोच जयवीर चौधरी और फिजियो ईशान मारवाह के साथ अभ्यास कर रहे थे।

मौजूदा विश्व चैंपियन अरशद नदीम और जर्मनी के यूरोपीय चैंपियन जूलियन वेबर के हटने से लुसाने डायमंड लीग की चमक कुछ फीकी पड़ गई है।त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स की मौजूदगी के कारण अब भी मुकाबला कड़ा है।

अमेरिका के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता कर्टिस थॉम्पसन और चेक गणराज्य के ओलंपिक रजत पदक विजेता जैकब वाडलेज भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले नौ खिलाड़ियों में शामिल हैं।

चोपड़ा के लिए सत्र के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में ऊपर पहुंचने के लिए लुसाने में होने वाली प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है। वह फिलहाल छह अंकों के साथ सातवें स्थान पर हैं।रैंकिंग में शीर्ष छह खिलाड़ी चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में भाग लेंगे।

श्रीलंका के प्रदर्शन से खुश नहीं कोच, दूसरे टेस्ट से पहले दिया यह बयान

श्रीलंका क्रिकेट टीम के नए कोच गैरी कर्स्टन ने पहले टेस्ट की हार के बाद टीम को समझाइश दी है और दूसरे टेस्ट से पहले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाई है। कोच ने कहा है कि टीम के साथ चोटिल खिलाड़ियों के अलावा कई समस्याएं है लेकिन उनको दरकिनार कर दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम का ध्यान होना चाहिए खासतौर पर बल्लेबाजी में।

कर्स्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़कर विशेष रूप से उत्साहित हूं। यहां कुछ शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन टीम को अभी विकसित होने की जरूरत है। जब आप ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं तो यह समझना कभी-कभी मुश्किल होता है कि टेस्ट मैच किस तरह खेलना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीनों में यह हमारा तीसरा टेस्ट मैच है और मैं पहले से ही टीम को विकसित होते देख रहा हूं तथा हम टीम को एक स्वरूप देने की शुरुआत कर रहे हैं।’’

कोच ने कहा, ‘‘लेकिन किसी समय हमें इसे प्रदर्शन में बदलने में सक्षम होना होगा।’’कर्स्टन इस बात से भी खुश थे कि पहली पारी में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद श्रीलंका ने संघर्ष किया और मैच को पांचवें और अंतिम दिन तक खींचा।उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे दिन की शुरुआत में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद टेस्ट मैच को पांचवें दिन दोपहर तक ले जाना विशेष रूप से सुखद था। टीम ने संघर्ष किया और टेस्ट मैच में बने रहने की पूरी कोशिश की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सुबह तक भी हमें विश्वास था कि हम या तो टेस्ट मैच जीत सकते हैं या कम से कम उसे ड्रॉ करा सकते हैं। इसलिए टीम की ऊर्जा और रवैये से मैं वास्तव में खुश था।’’

हालांकि कर्स्टन ने माना कि बल्लेबाजी, विशेषकर शीर्ष क्रम की विफलता ने श्रीलंका को नुकसान पहुंचाया।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप पूरे टेस्ट मैच को देखें तो हमने बल्ले से संघर्ष किया, खासकर दोनों पारियों में हमारे शीर्ष क्रम ने। शायद यही हमारी हार का कारण बना।’’

कर्स्टन ने युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा की भी तारीफ की गॉल टेस्ट में 100 और 84 रन की पारियां खेलीं।हालांकि चोटिल खिलाड़ियों को लेकर कर्स्टन का अपडेट मेजबान टीम के लिए दूसरे टेस्ट से पहले उत्साहजनक नहीं रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुसाल मेंडिस को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव की गंभीर चोट है। वह कुछ समय तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। पाथुम निसांका भी और दिनेश (चांदीमल) भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस लिहाज से हम कुछ खिलाड़ियों को नहीं खिला पाएंगे, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए टीम में आने और अपनी दावेदारी पेश करने का शानदार मौका भी बनता है। वास्तव में इनमें ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका इस देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुत अच्छा रिकॉर्ड है। इसलिए यह उनके लिए अच्छा अवसर है।’’

भारत के पूर्व मुख्य कोच कर्स्टन ने भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की भी तारीफ की और कहा कि उनकी पारी ने भारत को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत ने पहली पारी में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल ने मेरी देखी हुई बेहतर टेस्ट पारियों में से एक खेली। उन्होंने जरूरत से ज्यादा आक्रामकता नहीं दिखाई, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए एक अच्छी सीख थी।’’

Galle Test: मानव सुथार यानी ‘फिरकी का नया जादूगर’, 10 विकेट झटक श्रीलंका को किया चारों खाने चित

श्रीलंका की धरती पर एक बार फिर भारतीय टीम ने जीत का झंडा गाड़ दिया है। बुधवार को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के पांचवें और आखिरी दिन भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हरा दिया। इस जीत के हीरो मानव सुथार रहे, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। भारत ने इस जीत के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह भारत के 600वें टेस्ट मैच में मिली जीत भी है।मानव सुथार ने मैच का अपना 10वां विकेट भारी बारिश शुरू होने से ठीक पहले लिया। उनके विकेट लेते ही मैच खत्म हो गया और करीब पांच मिनट बाद गॉल में तेज बारिश शुरू हो गई।

मानव सुथार के जाल में फंसे श्रीलंका के बल्लेबाज

गॉल की पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे मैदान पर मिली यह जीत भारत का आत्मविश्वास बढ़ाएगी। इससे पहले भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिन वाली पिचों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। कुछ हिस्से तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन आखिरकार 206 रन पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। मानव सुथार ने श्रीलंका के आखिरी चार विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी।सुथार ने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। यह लगातार दूसरा टेस्ट था, जिसमें उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में भी उन्होंने 5 विकेट लिए थे। इस मैच की पहली पारी में भी सुथार ने श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों को आउट किया था।

सीरीज के पहले ही मैच 10 विकेट किया अपने नाम

लंच के बाद श्रीलंका ने 6 विकेट पर 175 रन से खेलना शुरू किया और बिना कोई विकेट गंवाए स्कोर 199 रन तक पहुंचा दिया। उस समय लगा कि मेजबान टीम मुकाबले में वापसी कर सकती है, लेकिन तभी मानव सुथार ने गेंदबाजी में वापसी की और लगातार विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।76वें ओवर में मानव सुथार ने सोनल दिनुशा को 84 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को पवेलियन भेज दिया। इन विकेटों के साथ श्रीलंका का स्कोर 9 विकेट पर 199 रन हो गया।

 

सुथार को गेंद से अच्छी टर्न और उछाल मिल रही थी। उन्होंने केशरा नुवंथा को बोल्ड कर श्रीलंका की पारी खत्म कर दी और भारत को 165 रन से शानदार जीत दिलाई। हालांकि, सोनल दिनुशा और श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने भारत को जीत के लिए उम्मीद से ज्यादा इंतजार कराया। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का अच्छी तरह सामना किया, लेकिन सुथार के लगातार विकेटों ने श्रीलंका की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।

मैच में लिए ये अहम विकेट

रात से नाबाद खेल रहे सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा ने 202 गेंदों पर 95 रन की साझेदारी की। दोनों ने शुरुआती सेशन में एक घंटे से ज्यादा समय तक भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाए रखा। भारतीय स्पिनरों के खिलाफ श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने एक बार फिर स्वीप शॉट का खूब इस्तेमाल किया। मैच में पहले भी यह तरीका उनके लिए काफी कारगर रहा था। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा सबसे प्रभावी स्पिनर रहे। उन्होंने लगातार सही लाइन पर गेंदबाजी की और पिच से अच्छी पकड़ भी हासिल की। मानव सुथार ने दिन की शुरुआत में ज्यादा ओवर नहीं किए, लेकिन उनकी गेंदबाजी लगातार खतरनाक बनी रही। दूसरी ओर, कुलदीप यादव को पिच की खुरदरी सतह से ज्यादा मदद नहीं मिली। उनकी गेंदें भी काफी सपाट रहीं। कुलदीप ने ‘अराउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए एंगल बनाने की कोशिश की, लेकिन इस वजह से उनके लिए बल्लेबाज को LBW आउट करने का मौका कम हो गया।

धनंजय डी सिल्वा ने 125 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। इसके कुछ ही देर बाद सोनल दिनुशा ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दिनुशा की फिफ्टी खास रही। उन्होंने कुलदीप यादव की गेंद पर स्लॉग-स्वीप खेलकर छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने धनंजय डी सिल्वा को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। जडेजा की गेंद में अतिरिक्त उछाल आया और डी सिल्वा के स्वीप शॉट का टॉप-एज लगा। गेंद शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े मानव सुथार के हाथों में चली गई।

इसके बाद निरोशन डिकवेला ने श्रीलंका के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। पहली पारी में उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की थी, लेकिन इस बार उन्होंने कुलदीप यादव और जडेजा के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की कोशिश की। वह लगातार स्लॉग-स्वीप खेलने के प्रयास में थे, लेकिन आखिरकार प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हो गए।

भारत को मिली शानदार जीत

निरोशन डिकवेला ने खुद के लिए जगह बनाकर कवर के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा। गेंद विकेट के पीछे खड़े ऋषभ पंत के हाथों में चली गई और डिकवेला आउट हो गए। इसके बाद सोनल दिनुशा और केशरा नुवंथा ने करीब 30 मिनट तक हिम्मत और थोड़े भाग्य के सहारे बल्लेबाजी की। श्रीलंका को उम्मीद थी कि वह किसी तरह समय निकाल ले और मौसम खराब होने से पहले मैच को बचाने की कोशिश करे। लेकिन मानव सुथार के दोबारा गेंदबाजी पर आते ही श्रीलंका की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। मिडिल सेशन में 30 मिनट से कुछ ज्यादा समय के अंदर श्रीलंका का निचला क्रम बिखर गया। बारिश शुरू होने से ठीक पहले सुथार ने केशरा नुवंथा को आउट कर अपने 10 विकेट पूरे किए और भारत को शानदार जीत दिला दी।

462 रन बनाकर भारत ने श्रीलंका पर बनाया गॉल टेस्ट में दबाव

INDvsSL देवदत्त पडिक्कल (167), केएल राहुल (82) और ध्रुव जुरेल (51) रन की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ  462 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। रविवार सांयकाल 460 रनों पर 9 विकेट गंवाकर आज खेलेने उतरी भारतीय टीम का प्रसिद्ध कृष्णा के तौर पर अंतिम विकेट गिरा। उनका विकेट अशिता फर्नेंडो ने लिया।

इससे पहले रविवार को बाएं हाथ के बल्लेबाज पड़िक्कल ने दिन की शुरुआत 131 रन से की थी, आत्मविश्वास के साथ 150 और फिर 160 के स्कोर तक पहुंचे और खराब गेंदों पर लगातार प्रहार करते रहे। उन्होंने 215 गेंदों में 150 रन पूरे किए और उसके बाद भी अपना आक्रामक खेल जारी रखा। केएल राहुल ने भी उतना ही अहम साथ दिया और 175 गेंदों में 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 82 रन बनाए। एक समय ऐसा लग रहा था कि वह एक बड़ा शतक बनाएंगे, लेकिन केशरा नुवंता ने एक बेहतरीन गेंद डाली जो टर्न हुई और उछली, जिससे राहुल को अपना शॉट बदलना पड़ा और गेंद सीधे शॉर्ट लेग पर चली गई।

पडिक्कल ने अपनी पारी में 230 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 15 चौके और एक छक्का लगाया और अंत में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर वह स्टंप आउट हुए। उनके आउट होने के साथ ही वह लंबी पारी समाप्त हुई जिसने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा था। ऋषभ पंत के आउट होने से भारत की 300 रन के पार जाने की गति थोड़ी धीमी हुई। पंत ने 62 गेंदों में तेज 39 रन बनाए। पंत ने नुवंता पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन मिड-ऑफ की तरफ़ शॉट का सही समय नहीं चुन पाए, जहां सोनल दिनुशा ने दौड़ते हुए कैच पूरा किया। यह नुवंता का पहला टेस्ट विकेट था।

चायकाल के बाद भारत के विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। रवींद्र जडेजा (13) रन के रूप में भारत का छठा विकेट गिरा। उन्होंने नुवंता ने पगबाधा आउट किया। इस दौरान ध्रुव जुरेल ने तेजी के साथ रन बनाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। 110वें ओवर में उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। ध्रुव जुरेल ने 68 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए (51) रनों की पारी खेली। मोहम्मद सिराज (11) रन को ए फर्नांडो ने आउट किया। मानव सुथार (24) रन नौवें विकेट के रूप में आउट हुये। उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया।

बारिश के कारण केवल दो सत्र का खेल हो पाया। पहले सत्र में कुल 76 रन बने और तीन विकेट गिरे। दूसरे सेशन में 96 रन बने और चार विकेट गिरे। कुल मिला कर आज का खेल दोनों टीमों के नाम रहा। लेकिन भारतीय टीम के लिए अच्छी ख़बर यह है कि पिच स्पिनरों के लिए मददगार बनती जा रही है। ऐसे में 460 रनों का स्कोर अच्छा स्कोर दिख रहा है। स्टंप्स के समय कुलदीप यादव (नाबाद 12) और प्रसिद्ध कृष्णा (नाबाद एक) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या ने चार विकेट लिये। केशरा नुवंता को तीन विकेट मिले। ए फर्नांडो ने एक बल्लेबाज को आउट किया।

जेब में ₹0 कैश, फिर भी घूमेंगे विदेश! देखें कहां काम करेगा भारतीय UPI

कभी भी अब्रॉड ट्रैवल में सबसे बड़ी परेशानी होती है पेमेंट करना। पहले लोगों को कैश बदलवाना पड़ता था या इंटरनेशनल कार्ड साथ रखना पड़ता था। लेकिन अब भारत के लोगों के लिए यह काम काफी आसान हो गया है। कई देशों में UPI से सीधे मोबाइल के जरिए पेमेंट की सुविधा मिलने लगी है, जिससे शॉपिंग करना, होटल का बिल पेमेंट या रेस्टोरेंट में पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।

स्पेन की तैयारी 

जल्दी ही स्पेन भी अब वह देश होगा, जहां जाकर भारत के लोग UPI से आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और दुकानों पर सिर्फ QR कोड स्कैन करके पेमेंट करना आसान हो जाएगा। इससे कैश रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रैवल पहले से ज्यादा आसान होगा।

नेपाल और भूटान 

नेपाल और भूटान घूमने जाने वाले भारतीयों के लिए UPI काफी काम की फैसिलिटी है। यहां कई दुकानों, होटलों और आउटलेट पर UPI से पेमेंट किया जा सकता है। इससे करेंसी चेंज करने की परेशानी कम हो जाती है और मोबाइल से कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो जाता है।

ग्रीस 

ग्रीस भी कुछ समय पहले UPI फैसिलिटी अपनाने वाले देशों में जुड़ चूका है। अगर आप एथेंस की हिस्टोरिक साइट देखने जाएं या सेंटोरिनी और माइकोनोस आइलैंड की सैर करें, तो कई जगहों पर डिजिटल पेमेंट करने की फैसिलिटी मिल सकती है। इससे शॉपिंग करना और घूमना दोनों आसान हो जाते हैं।

सिंगापुर

सिंगापुर उन देशों में है, जहां भारतीय UPI को अपनाया गया। यहां टूरिस्ट शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्टोरेंट और कई जगहों पर आसानी से मोबाइल से पेमेंट कर सकते हैं। इससे बार-बार कैश निकालने या पैसे बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

कतर और यूएई

कतर, दुबई और अबू धाबी वाले पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर भी UPI का इस्तेमाल धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कई रिटेल स्टोर, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट और कुछ टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर QR कोड स्कैन करके आसानी से पेमेंट किया जा सकता है। इससे ट्रैवल में पेमेंट करना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।

फ्रांस, मॉरिशस और श्रीलंका

फ्रांस यूरोप का पहला देश था, जिसने UPI पेमेंट की शुरुआत की। इसके बाद मॉरिशस और श्रीलंका ने भी यह फैसिलिटी शुरू कर दी थी। अब इन देशों में कई होटल, लोकल मार्केट, बीच, रेस्टोरेंट पर टूरिस्ट आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। इससे घूमने-फिरने का एक्सपीरियंस आसान बन जाता है।

टूरिस्ट बेनिफिट 

दुनिया के कई देशों में UPI की सुविधा मिलने से भारत के लोग का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। अब हर बार फॉरेन करेंसी साथ रखने या इंटरनेशनल कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ती। जहां UPI अवेलेबल है, वहां मोबाइल से QR कोड स्कैन करके कुछ ही सेकंड में पेमेंट किया जा सकता है। जो भी देश इस फैसिलिटी को अपना रहे हैं, वहां ट्रैवल करना अब आसान और सेफ होता जा रहा है।

‘तुम चीटिंग करते हो…’ जब फिल्ड में संगकारा से भिड़ गए थे इरफान पठान, हुई थी तीखी बहस

क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बहस या विवाद होना आम बात है। कई बार खिलाड़ियों के बीच हुए विवाद कैमरे में कैद हो जाते हैं। वहीं कुछ घटनाएं बाद में सामने आती हैं। हाल ही में भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर कुमार संगकारा से जुड़ी एक घटना का शेयर किया है। ये घटना साल 2005 में दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान हुई थी। इस टेस्ट मैच में इरफान पठान और कुमार संगकारा के बीच कहासुनी हो गई थी। आइए जानते हैं क्या थी पूरी घटना

क्या थी पूरी घटना

ये पूरा मामला साल 2005 में दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान हुआ। जब इरफान पठान और गौतम गंभीर भारतीय पारी की शुरुआत करने मैदान पर उतरे थे। पठान ने उस पारी में 93 रन बनाए थे और बल्लेबाजी के दौरान उनका कुमार संगकारा से विवाद हो गया था। पठान के मुताबिक, श्रीलंका की पारी के दौरान अंपायरों ने गेंद बदल दी थी, जिससे संगकारा और उनकी टीम के खिलाड़ी नाराज हो गए थे। बाद में जब भारत बल्लेबाजी करने उतरा तो संगकारा ने इसी बात को लेकर पठान से बहस शुरू कर दी और उन्हें लगातार स्लेज करने लगे। इस दौरान संगकारा ने भारतीय खिलाड़ियों की परवरिश को लेकर भी टिप्पणी की, जिससे मैदान पर माहौल और गर्म हो गया।

मुकाबले में मुथैया मुरलीधरन की गेंदों पर पठान के कुछ छक्के लगाने के बाद स्लेजिंग और बढ़ गई। पठान ने भी उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया और उसी अंदाज में जवाब दिया।

पठान ने किया खुलासा

JioHotstar के शो ‘Cheeky Singles’ में बात करते हुए इरफान पठान ने कहा, “दिल्ली में एक टेस्ट मैच था। मैंने उस मैच में ओपनिंग की और 93 रन बनाए। पहली पारी के बाद जब हम गेंदबाजी करने उतरे, तो गेंदों का बॉक्स बदल गया था या ऐसा ही कुछ हुआ था। इस वजह से श्रीलंकाई खिलाड़ी खुश नहीं थे और संगकारा इस बारे में सबसे ज्यादा बोल रहे थे। इसके बाद जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि क्या हुआ है। मुझे ओपनिंग करने के लिए कहा गया और मैंने मुरलीधरन की गेंदों पर दो छक्के लगा दिए।”

तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यह सब सिखाते हैं?

पठान ने आगे कहा, “अगर आप नई गेंद पर छक्के लगा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने विरोधी टीम की रणनीति को थोड़ा बिगाड़ दिया है। तभी संगकारा ने कहना शुरू किया, ‘तुम लोग चीटिंग करते हो, तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यह सब सिखाते हैं’ और ऐसी ही कई बातें कहीं। वह बातों को पर्सनल ले गए और मैंने भी उन्हें जवाब दिया। उन्होंने ही इस बहस की शुरुआत की थी।” इस मैदान पर हुए विवाद के बाद दोनों खिलाड़ियों के रिश्ते में बड़ा बदलाव आया।

फिर साथ में खेला आईपीएल

कुछ साल बाद इरफान पठान और कुमार संगकारा एक ही आईपीएल टीम किंग्स XI पंजाब का हिस्सा बने, जिसके बाद दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। उन्होंने कहा, “ऑक्शन के बाद मुझे पता चला कि मैं पंजाब में संगकारा के साथ खेलूंगा। कुछ समय बाद मैं उनके परिवार के साथ खाना खा रहा था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उनसे कैसे बात करूं। आखिरकार मैं उनके पास गया और सॉरी कहा। उन्होंने भी मुझसे माफी मांगी और इसके बाद हम अच्छे दोस्त बन गए। उस समय भावनाएं काफी ज्यादा थीं और ऐसी स्थिति में इंसान से गलतियां हो जाती हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि आप उस स्थिति को कितनी समझदारी से संभालते हैं।”

‘अगर मुझे कॉल आता है तो मैं मना…’ टीम इंडिया में वापसी की खबरों पर भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ी चुप्पी

IND vs SL: टीम इंडिया में फिर हुई सरफराज खान की वापसी, इस खिलाड़ी की जगह मिला मौका

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा। वहीं इस मैच से पहले भारत के कई खिलाड़ी चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं BCCI ने साई सुदर्शन की जगह चोटिल खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को टीम में शामिल किया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

BCCI ने एक बयान में कहा, “साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। साई बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे। दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिकवरी कर रहे थे। उनकी हालत में अब काफी सुधार है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए है। पुरुषों की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है। वह 15 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल रवाना होने से पहले कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे।”

कब लगी थी साई को चोट

जुलाई में इंडिया A के श्रीलंका दौरे के दौरान साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि वह टेस्ट सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में थोड़ा ज्यादा समय लग गया और वह सीरीज से बाहर हो गए।

सरफराज ने कब खेला था आखिरी मैच

सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे टेस्ट में अपने करियर का पहला शतक लगाया था। लेकिन, इसके बाद उन्हें टीम में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वह टीम में शामिल तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और बाद में वह टीम से बाहर हो गए।

IND vs SL: जडेजा ने उतारी कुलदीप के बॉलिंग एक्शन की नकल, हंसी नहीं रोक पाए गंभीर, वीडियो वायरल

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगा। वहीं इस सीरीज से पहले भारतीय टीम कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है। वहीं इस टेस्ट मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिन का खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने कुलदीप यादव के गेंदबाजी एक्शन की मजेदार नकल करते हुए नजर आए। जडेजा की इस हरकत पर हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जडेजा की टीम में हुई वापसी

प्रैक्टिस मैच के दूसरे दिन रवींद्र जडेजा ने शानदार बल्लेबाजी की और कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में नंबर-4 पर उतरकर नाबाद अर्धशतक लगाया। वहीं जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में रवींद्र जडेजा को टीम में जगह नहीं मिली थी। वहीं अब श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जडेजा टीम के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुलदीप ने किया शानदार प्रदर्शन

कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं। प्रैक्टिस मैच में उन्होंने नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में एक रन बनाया और नाबाद रहे। कुलदीप यादव ने अभ्यास मैच के पहले दिन गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और 18 ओवर में 76 रन देकर दो विकेट हासिल किए। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी जगह अभी तय नहीं मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में शामिल होने के लिए कुलदीप को राजस्थान के स्पिनर मानव सुथार से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में भी कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला था।

मानव सुथार का शानदार प्रदर्शन

मानव सुथार ने भी प्रैक्टिस मैच में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले सुथार ने उस मैच की पहली पारी में छह विकेट लिए थे। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन उन्होंने दो विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे दिन गेंदबाजी में 13 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 90 गेंदों पर 41 रन बनाए।

घसियाली पिच पर अभ्यास मैच खिलाने पर भारतीय टीम हुई श्रीलंका पर नाराज (Video)

INDvsSL टेस्ट सीरीज से पहले अमूमन मेजबान टीमें मेहमान टीमों को अभ्यास मैच में वह स्थिति या पिच नहीं देती है जो मुख्य मैच में होती है। यह किसी भी मेजबान टीम की रणनीति का हिस्सा होता है। हालांकि पिच मुख्य मैच से थोड़ी बहुत मिलती जुलती है।

लेकिन श्रीलंका क्रिकेट ने मुख्य मैच से इतर स्पिन मुफीद पिच ना देकर अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ घसियाली पिच देकर एक नया विवाद खड़ा कर लिया है। भारतीय टीम श्रीलंका आते साथ ही इस बात पर नाराज हो गई है। इस विवाद पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सफाई दी है कि पिच पर भले ही घास हो लेकिन पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद है।

हाल के दिनों में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरी बेहतर स्पिन गेंदबाजी के सामने उजागर हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी परिस्थितियां कुछ अलग नहीं होंगी।श्रीलंका के पास विशेष रूप से घरेलू परिस्थितियों में प्रभावी स्पिन आक्रमण है। ऐसे में 15 अगस्त से गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट से पहले यह अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में जब टीम को अभ्यास मैच में अलग और पहले टेस्ट मैच में अगल पिच मिलेगी तो टीम के लिए अभ्यास ना के बराबर होगा।कप्तान शुभमन गिल, लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख बल्लेबाज श्रीलंका रवाना होने से पहले अपने-अपने घरेलू अभ्यास केंद्रों पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास कर चुके हैं, लेकिन श्रीलंकाई पिचों पर मैच जैसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव उससे कहीं अधिक उपयोगी होगा।इस कारण पिच का बर्ताव महत्वपूर्ण हो जाता है।

गुरनूर बराड़ और सारांश जैन ने पिछले महीने गॉल में भारत ‘ए’ की ओर से श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ी इस अभ्यास मैच में भी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहेंगे।

सिर्फ पिच ही नहीं बल्कि मौसम भी भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मौसम  भारत की तैयारियों में बाधा बन सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से शहर में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन