Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

Rajni Raman Sharma

इंदौर। जनवादी लेखक संघ, इंदौर के अध्यक्ष रजनी रमण शर्मा का आज तड़के उनके पैतृक शहर बीकानेर में निधन हो गया। वे साहित्य और रंगकर्म के जाने-माने मर्मज्ञ थे। मूलतः राजस्थान के निवासी होने के बावजूद उनके हृदय में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश की संस्कृति एक साथ धड़कती थी।

 

साहित्य क्षेत्र में 'तुम्हारे आस-पास' (उपन्यास), अनेक कविताओं और आलेखों के साथ-साथ आकाशवाणी के राजस्थान, दिल्ली तथा मध्य प्रदेश केंद्रों से ब्रज भाषा में लिखे उनके साहित्य का प्रसारण होता रहा। इसके अतिरिक्त, इन राज्यों के आकाशवाणी और दूरदर्शन केंद्रों के विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण रही। साहित्य अकादमियों से लेकर देश की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के मंचों पर एक कुशल संचालक और सहभागी के रूप में उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी आवाज़ में एक खास किस्म का जादू और कसक थी, जो श्रोताओं को बाँधकर रखती थी।

 

रजनी रमण जी ने घासीराम कोतवाल, मशीन, जुलूस, पूस की एक रात, सुन लड़की दबे पाँव आते हैं सभी मौसम, थैंक यू मिस्टर ग्लाड, शम्बूक की हत्या, हम रोशनी बाँटते हैं, भस्मासुर अभी जिंदा है, अंधेर नगरी, मेघदूत, ढोला-मारू, हाउस ऑफ मैड, आमार सोनार बांग्ला, रक्तदीप और नया युग जैसे लगभग तीन दर्जन नाटकों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनके अभिनय को न केवल व्यापक सराहना मिली, बल्कि उन्हें कई 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' (बेस्ट एक्टर) के पुरस्कारों से भी नवाजा गया।

 

उनके द्वारा निर्देशित नृत्य-नाटिका 'मेघदूत', 'श्री कृष्ण पारिजातम्' और 'तोड़ो राव' में उनकी विलक्षण रंग-दृष्टि दर्शकों को हतप्रभ कर देती थी। अफ़सर हुसैन और अलका जी जैसे दिग्गज रंगकर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले रजनी रमण जी को राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा भी सम्मानित किया गया था। वे नाटक लेखन, अभिनय, तकनीकी निर्देशन, मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था—रंगमंच की हर विधा में प्रवीण थे। उन्होंने जिस भी क्षेत्र में कार्य किया, वहाँ अपनी अमिट छाप छोड़ी।

 

वर्ष 2013 से वे जनवादी लेखक संघ, इंदौर के अध्यक्ष पद पर आसीन थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनवरत 150 मासिक रचना-पाठों का सफल आयोजन कराया और इंदौर इकाई को देश की सबसे सक्रिय इकाइयों में से एक के रूप में स्थापित किया।

 

जनवादी लेखक संघ, इंदौर की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि!

Ganga Expressway to Haridwar: प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे! ₹10,761 करोड़ की योजना को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

Ganga Expressway to Haridwar: उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रयागराज और हरिद्वार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को विस्तार देने के प्रस्ताव को मंगलवार (25 अगस्त) को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को छह-लेन हाईवे के तौर पर बनाया जाएगा, जिसमें भविष्य में इसे आठ-लेन तक बढ़ाने की गुंजाइश होगी। एक बयान में कहा गया है कि यूपी का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी, मेरठ से प्रयागराज) हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। इसके विस्तार की कुल लंबाई 130 किमी होगी (100 किमी यूपी में और 30 किमी उत्तराखंड में)। इस प्रोजेक्ट पर ₹10,761 करोड़ का खर्च आएगा, जिसे पूरा राज्य सरकार वहन करेगी।

गंगा एक्सप्रेसवे दो कुंभ नगरियों (प्रयागराज और हरिद्वार) के बीच सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना में केंद्र सरकार की किसी तरह की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित या प्रस्तावित नहीं है।

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने समेत आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, उत्तराखंड सीमा से लगे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए फिलहाल प्रमुख रूप से मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे उपलब्ध है।

प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनेगा

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर से हरिद्वार तक आवागमन बेहतर एवं तेज होगा। बयान के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे गलियारा विकसित किया जाएगा।

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज एवं सुगम ट्रैफिक सुविधा विकसित होगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए दोनों धार्मिक नगरियों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

₹10,761 करोड़ का आएगा खर्च

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने पर राज्य सरकार का अनुमानित खर्च 10,761 करोड़ रुपये होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से किसी वित्तीय मदद की उम्मीद या प्रस्ताव नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, आगे की जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसमें डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना भी शामिल है। अभी उत्तराखंड की सीमा से सटे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 (मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे) का इस्तेमाल किया जाता है।

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से बिजनौर को शहर से बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे से बिजनौर और राज्य की राजधानी लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यूपी सरकार ने एक बयान में कहा कि इस विकास से क्षेत्र में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। इस पहल से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए इन दो पवित्र शहरों के बीच यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।

एक्सप्रेसवे के विस्तार से धार्मिक पर्यटन में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से हरिद्वार, बिजनौर और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य क्षेत्रों में पर्यटन-आधारित आर्थिक गतिविधियों में भी तेज़ी आ सकती है।

ये भी पढ़ें- UP Free Bus For Women: बुजुर्गों को सीएम योगी का तोहफा, 60 साल से ऊपर की महिलाओं को जीवनभर बस यात्रा फ्री

प्रोजेक्ट के निर्माण और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है कि इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है।

Rakshabandhan 2026: इस रक्षाबंधन पर एक नहीं बल्कि 7 शुभ योग बन रहे हैं, जानें रक्षाबंधन की तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

Rakshabandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस साल यह त्योहार खास तौर पर शुभ माना जा रहा है क्योंकि एक ही दिन सात अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं। ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा मेल होने की उम्मीद है, जिसका परिणाम बहुत शुभ होगा। इससे भी जरूरी बात यह है कि भद्रा त्योहार पर असर नहीं डालेगी, जिससे बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा बांधने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं

पंचांग के अनुसार, भद्रा गुरुवार, 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 9:27 बजे खत्म होगी। इसलिए, 28 अगस्त को भद्रा नहीं होगी, जिससे परिवार बिना इस रोक के रक्षाबंधन मना सकेंगे। भद्रा को राखी बांधने के लिए अशुभ समय माना जाता है। हालांकि, इस साल यह त्योहार से एक दिन पहले खत्म हो जाएगी।

रक्षाबंधन पर सात शुभ योग

रक्षाबंधन 2026 को खास बनाने के लिए कई अच्छे ज्योतिषीय संयोग बनने की उम्मीद है। इनमें शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ दूसरे शुभ ग्रहों की स्थिति शामिल है।

शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव में चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा। ज्योतिष में, यह नक्षत्र वरुण देव से जुड़ा है और राहु इसका स्वामी है। इस दौरान की जाने वाली पूजा, दान और दूसरे आध्यात्मिक कामों का खास महत्व माना जाता है।

कर्क राशि में बृहस्पति का होना भी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, भद्रा का न होना भी उन वजहों में गिना जा रहा है जो इस दिन को रक्षाबंधन की रस्में करने के लिए ज़्यादा सही बनाती हैं।

सावन पूर्णिमा तिथि कब से कब तक है?

पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होने और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:48 बजे खत्म होने की उम्मीद है। पूर्णिमा 28 अगस्त को सूर्योदय के समय रहेगी, इसलिए उदया तिथि की परंपरा के अनुसार उसी दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। पूर्णिमा का व्रत करने वाले श्रद्धालु 27 अगस्त को उपवास कर सकते हैं, जबकि बहनें 28 अगस्त को राखी बांध सकती हैं।

राखी बांधने का सबसे अच्छा समय

सुबह का मुहूर्त : सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक

शुभ चौघड़िया के आधार पर एक और शुभ समय इस समय रहने की उम्मीद है:

शुभ चौघड़िया : सुबह 11:45 बजे से दोपहर 1:19 बजे तक

राहु काल में राखी बांधने से बचें

राहु काल सुबह 10:11 बजे से 11:45 बजे तक रहने की उम्मीद है। ज्योतिष के हिसाब से समय मानने वाले परिवार इस दौरान राखी बांधने से बच सकते हैं।

पंचांग का समय शहर और कैलेंडर के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए परिवार यह रस्म करने से पहले लोकल मुहूर्त देख सकते हैं।

Shravan Putrada Ekadashi Vrat Katha: सावन की अंतिम एकादशी का व्रत आज, इस व्रत में जरूर सुनें महिष्मती पुरी के राजा महीजित की ये कथा

फ्रांस में सितंबर में खुलेगा पहला बड़ा हिंदू मंदिर:पेरिस के पास होगा उद्घाटन, 13 दिन तक चलेगा भारतीय संस्कृति उत्सव

फ्रांस में पेरिस के पास बुसी-सेंट-जॉर्जेस में सितंबर 2026 में BAPS स्वामीनारायण हिंदू मंदिर का उद्घाटन होगा। इसे फ्रांस का पहला बड़ा हिंदू मंदिर बताया जा रहा है। मंदिर के उद्घाटन के साथ 2 से 14 सितंबर तक 13 दिन का ‘फेस्टिवल ऑफ कल्चर’ होगा। इसमें लोगों को हिंदू परंपराओं, भारतीय कला, संगीत और संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा। यह मंदिर सिर्फ पूजा के लिए नहीं होगा। यहां सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम भी होंगे। उद्घाटन में भारतीय मूल के लोगों के साथ हिंदू समुदाय और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर के खुलने से फ्रांस में रहने वाले भारतीय और हिंदू समुदाय को पूजा और संस्कृति से जुड़ने के लिए एक बड़ा केंद्र मिलेगा। भारत में तराशे गए पत्थरों से बना मंदिर पेरिस के पास बने BAPS स्वामीनारायण मंदिर में भारत से लाए गए खास पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें भारत में करीब 1,000 साल पुरानी नक्काशी की तकनीकों से तैयार किया गया है। कई हिस्सों पर कारीगरों ने हाथ से बारीक नक्काशी की है। भारत में तैयार किए गए इन पत्थरों को फ्रांस लाकर मंदिर में लगाया गया। इस काम में भारतीय कारीगरों के साथ फ्रांस के विशेषज्ञ भी शामिल रहे। इनमें नोट्रे-डाम कैथेड्रल की मरम्मत से जुड़े कारीगर भी थे। इस तरह मंदिर में भारतीय शिल्पकला और फ्रांस की आधुनिक निर्माण तकनीक का मेल देखने को मिलता है। मंदिर की संरचना में गुंबद, स्तंभ और शिखर जैसी पारंपरिक हिंदू वास्तुकला शामिल है। मंदिर उद्घाटन से पहले हुई विशेष पूजा मंदिर के शिखरों और मुख्य गुंबद पर लगाए जाने वाले पवित्र कलश और ध्वज की विशेष पूजा की गई। इस पूजा में बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान वैदिक मंत्रों का जाप किया गया और शांति, सद्भाव और सभी लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना की गई 1970 में आया था फ्रांस में हिंदू मंदिर बनाने का आइडिया BAPS पेरिस की वेबसाइट के मुताबिक, फ्रांस में हिंदू मंदिर बनाने का आइडिया 1970 में आया था। इसके करीब 25 साल बाद, 1995 में पेरिस में मंदिर बनाने की योजना पर काम आगे बढ़ा।
2017 में बुसी-सेंट-जॉर्जेस में मंदिर के लिए जमीन मिली। इसके बाद 2021 में निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी। करीब 56 साल बाद अब 2026 में मंदिर बनकर तैयार है। BAPS ने दुनिया में 1,300 से ज्यादा मंदिर बनाए बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी BAPS स्वामीनारायण परंपरा से जुड़ी एक वैश्विक हिंदू संस्था है। यह सिर्फ धार्मिक गतिविधियां नहीं चलाती, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सेवा से भी जुड़ी है। BAPS के मंदिर भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में हैं। यहां पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भारतीय संस्कृति, भाषा, संगीत, कला और बच्चों से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। BAPS के मुताबिक, दुनिया भर में उसके 1,300 से ज्यादा मंदिर हैं और इसका नेटवर्क 50 से ज्यादा देशों में फैला है। पेरिस के पास बना BAPS स्वामीनारायण मंदिर भी इसी वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा है। भारत में अक्षरधाम भी BAPS ने बनाया BAPS के बनाए सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में दिल्ली का स्वामीनारायण अक्षरधाम भी शामिल है। इसके अलावा गुजरात के गांधीनगर में भी अक्षरधाम परिसर है। दिल्ली का अक्षरधाम पारंपरिक भारतीय शैली में बनाया गया है। इसे बनाने में हजारों कारीगरों और स्वयंसेवकों ने काम किया था। BAPS के मुताबिक, मंदिर को पारंपरिक वास्तु और शिल्प परंपराओं के अनुसार तैयार किया गया है।

खबर अपडेट हो रही है…

हरिद्वार कांवड़ मेले में भिखारी बनकर बैठा यूट्यूबर, 8 घंटे में कमाए 4,000 रुपये

हरिद्वार के कांवड़ मेले में एक यूट्यूब सोशल एक्सपेरिमेंट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। यूट्यूबर पुरुषोत्तम वशिष्ठ और उनके दोस्त सचिन ने यह जानने की कोशिश की कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक मेले में भिखारी बनकर पैसे मांगे, तो एक दिन में कितनी रकम जुटा सकता है। सचिन करीब 8 घंटे तक भिखारी का हुलिया बनाकर लोगों के बीच घूमे और दोनों के मुताबिक इस दौरान करीब ₹4,000 जमा हुए।

फटे कपड़े, हाथ में कटोरा और गले में QR कोड

एक्सपेरिमेंट के लिए सचिन ने फटे-पुराने कपड़े पहने और हाथ में छोटा सा कटोरा लेकर श्रद्धालुओं के बीच पैसे मांगने लगे। इस प्रयोग को थोड़ा अलग बनाने के लिए उन्होंने गले में UPI QR कोड भी लटका रखा था, ताकि लोग चाहें तो डिजिटल पेमेंट से भी मदद कर सकें। शुरुआत में दोनों को लगा था कि पूरे दिन में शायद ₹1,000 से ₹2,000 तक ही मिल पाएंगे।

शुरुआत में मिले सिर्फ ₹130

मेले में पैसे मांगने के शुरुआती घंटों में सचिन को ज्यादा सफलता नहीं मिली। काफी कोशिश के बाद उनके पास करीब ₹130 ही जमा हुए। कुछ लोगों ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने उनकी मदद की। कई लोगों ने पैसे न होने की बात कहकर आगे बढ़ना बेहतर समझा, तो कुछ ने सचिन के साथ अच्छा व्यवहार किया।

दुकानदार ने दे दी चश्मे की जोड़ी

मेले में घूमते हुए सचिन कई दुकानदारों से भी बातचीत करने लगे। इसी दौरान एक सनग्लास विक्रेता ने उन्हें चश्मे की एक जोड़ी दे दी। इस घटना के बाद सचिन ने मजाकिया अंदाज में खुद को ‘प्रोफेशनल भिखारी’ तक कह दिया। वहीं, गले में लगे UPI QR कोड से भी करीब ₹40 का डिजिटल भुगतान मिला।

असली भिखारी से हुई दिलचस्प बातचीत

एक वक्त सचिन एक असली भिखारी के पास जाकर बैठ गए। दोनों के बीच बातचीत हुई। बताया गया कि उस व्यक्ति को अपना नाम और वह पहले कहां रहता था, इसकी जानकारी तक याद नहीं थी। यह मुलाकात एक्सपेरिमेंट के दौरान सामने आई उन स्थितियों में से एक थी, जिसने भिक्षावृत्ति के पीछे छिपी व्यक्तिगत परेशानियों की ओर भी ध्यान खींचा।

चार घंटे में ₹800, आठ घंटे में ₹4 हजार

करीब चार घंटे बाद सचिन ने अपनी जमा रकम गिनी तो उनके पास लगभग ₹800 थे। इसके बाद उन्होंने कई घंटे और मेले में बिताए। कभी लोगों ने पैसे दिए तो कभी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इस दौरान कुछ जगहों पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटने के लिए भी कहा। बारिश और लगातार पैदल चलने की वजह से एक्सपेरिमेंट उनके लिए शारीरिक रूप से भी काफी थकाऊ बन गया। करीब 8 घंटे बाद दोनों ने दावा किया कि कुल मिलाकर लगभग ₹4,000 जमा हुए। यानी इस प्रयोग में औसतन करीब ₹500 प्रति घंटे की रकम जुटी।

₹4 हजार से लाखों की कमाई का हिसाब

इसके बाद दोनों ने इसी आंकड़े के आधार पर अनुमान लगाना शुरू किया। उनका कहना था कि अगर रोजाना इतनी ही रकम मिलती रहे तो महीने में करीब ₹1.2 लाख तक जुटाए जा सकते हैं। वायरल पोस्ट में इससे भी ज्यादा कमाई का एक अनुमान सामने आया, जिसमें 12-13 घंटे रोजाना काम करने पर ₹8,000 से ₹10,000 प्रतिदिन तक की संभावित कमाई की बात कही गई। हालांकि, ये सिर्फ इस एक्सपेरिमेंट पर आधारित अनुमान हैं। इससे यह साबित नहीं होता कि वास्तविक जिंदगी में भीख मांगने वाले लोग नियमित रूप से इतनी रकम कमाते हैं।

‘भीख मांगना बिल्कुल आसान नहीं’

एक्सपेरिमेंट के अंत में दोनों ने माना कि बाहर से आसान दिखने वाला यह काम असल में बेहद थका देने वाला है। घंटों तक अजनबियों के पास जाकर मदद मांगना मानसिक और शारीरिक रूप से काफी मुश्किल लगा। सचिन को जहां कुछ लोगों ने पैसे देकर मदद की, वहीं कुछ लोगों के खराब व्यवहार का भी सामना करना पड़ा। दोनों ने लोगों को सलाह दी कि भीख मांगने को कमाई का जरिया बनाने के बजाय मेहनत और ईमानदारी से कमाने की कोशिश करनी चाहिए।

₹4 हजार की कमाई ने छेड़ दी बड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने 8 घंटे में ₹4,000 जमा होने पर हैरानी जताई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या धार्मिक आयोजनों और पर्यटन स्थलों पर भीख मांगना कुछ लोगों के लिए कमाई का स्थायी जरिया बन गया है।

वहीं, कई यूजर्स ने इस एक्सपेरिमेंट से बड़े निष्कर्ष निकालने से बचने की सलाह दी। उनका कहना था कि सिर्फ 8 घंटे का प्रयोग उन लोगों की असली जिंदगी को नहीं दर्शा सकता, जो गरीबी, बेघरपन, बीमारी, दिव्यांगता, शोषण या लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियों के कारण भीख मांगने को मजबूर हैं।

10 इंच की जगह 7 इंच का पिज्जा भेजना पड़ा भारी, ग्राहक की शिकायत पर मिला 10,520 रुपये का मुआवजा

DU Admission on 12th Marks: दिल्ली यूनीवर्सिटी के ये कॉलेज दे रहे हैं 12वीं के नंबरों पर एडमिशन, कॉलेज और कोर्स की पूरी लिस्ट यहां देखें

DU Admission on 12th Marks: 12वीं कक्षा के कई छात्र ऐसे होंगे, जो सीयूईटी प्रवेश परीक्षा से चूक गए होंगे या जिनका स्कोर डीयू में प्रवेश के लिए पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे छात्रों को अब दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के 15 कॉलेजों में चल रहे विभिन्न कोर्स में प्रवेश मिल सकता है। डीयू के इन कॉलेजों में 12वीं कक्षा के नंबरों के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के स्कोर की जरूरत नहीं है।

डीयू ने 15 कॉलेजों के विभिन्न कोर्स में खाली सीटों को भरने के मकसद से एक सीमित कदम उठाते हुए 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट छात्रों को सीयूईटी-यूजी स्कोर के बजाय कक्षा 12 के मार्क्स के आधार पर प्रवेश देने की इजाजत दी है। लाइव हिंदुस्तान की खबर के अनुसार इन कॉलेजों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होंगे, जिसमें उम्मीदवारों को अपने चयनित पाठ्यक्रम के लिए योग्यता की शर्तें पूरी करनी होंगी। इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि डीयू ने सीयूईटी को छोड़ दिया है। यह नियम सिर्फ यूनिवर्सिटी के नोटिस में बताए गए कॉलेजों और कोर्सेज पर और उन कैंडिडेट्स पर लागू होता है जिन्होंने पहले से डीयू के कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया है।

डीयू के कॉलेज जहां 12वीं के नंबरों पर मिल रहा प्रवेश

देशबंधु कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.एससी. (प्रोग.) एप्लाइड फिजिकल साइंसेज इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री के साथ

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज

बी.ए. प्रोग्राम (पंजाबी + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (तमिल + अंग्रेजी)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स

बी.एससी. (ऑनर्स) होम साइंस

बी.एससी. (प्रोग.) होम साइंस

कालिंदी कॉलेज

बी.एससी. (ऑनर्स) गणित

लक्ष्मीबाई कॉलेज

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + समाजशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (पंजाबी + राजनीति विज्ञान)

बी.ए. प्रोग्राम (इतिहास + संगीत)

बी.ए. प्रोग्राम (कंप्यूटर एप्लीकेशन + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (कम्युनिटी साइंस + दर्शनशास्त्र)

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.एससी. (ऑनर्स) होम साइंस

महाराजा अग्रसेन कॉलेज

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

माता सुंदरी कॉलेज फॉर विमेन

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) पंजाबी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.ए. (ऑनर्स) दर्शनशास्त्र

पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

राजधानी कॉलेज

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस इलेक्ट्रॉ निक्स के साथ

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

सत्यवती कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.ए. (ऑनर्स) उर्दू

बी.ए. प्रोग्राम (इतिहास + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + राजनीति विज्ञान)

सत्यवती कॉलेज (इवनिंग)

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज फॉर विमेन

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.एससी. (ऑनर्स) इंस्ट्रूमेंटेमेंटेशन

बी.एससी. (ऑनर्स) भौतिकी

बी.एससी. (ऑनर्स) रसायन विज्ञान

श्री अरबिंदो कॉलेज

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.एससी. (ऑनर्स) रसायन विज्ञान

बी.एससी. (ऑनर्स) भौतिकी

बी.एससी. (प्रोग.) लाइफ साइंस

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + अर्थशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

बी.ए. प्रोग्राम (कंप्यूटर साइंस + अर्थशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + राजनीति विज्ञान)

जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) अरबी

बी.ए. (ऑनर्स) फारसी

बी.ए. (ऑनर्स) उर्दू

बी.ए. (ऑनर्स) बंगाली

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंसेज केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. प्रोग्राम (दर्शनशास्त्र + अरबी/बंगाली/फारसी/संस्कृत/उर्दू)

UP Board Exams 2027: यूपी बोर्ड 29 अक्टूबर तक फाइनल करेगा परीक्षा केंद्रों की लिस्ट, ऑनलाइन प्रक्रिया से चुने जाएंगे केंद्र

कैमरे की कला के पुरोधा थे गणपत राव पवार, फोटोग्राफर एसोसिएशन ने किया भावपूर्ण स्मरण

कैमरे की कला के पुरोधा थे गणपत राव पवार, फोटोग्राफर एसोसिएशन ने किया भावपूर्ण स्मरण

Photographer Ganpat Rao Pawar

देवास। 19 अगस्त को 'विश्व फोटोग्राफी दिवस' के अवसर पर देवास फोटोग्राफर एसोसिएशन द्वारा देवास स्टेट के प्रथम फोटोग्राफर, चित्रकार एवं बहुआयामी कलाकार स्वर्गीय श्री गणपत राव पवार का भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

लक्ष्मीपुरा स्थित श्री क्षत्रिय मराठा समाज पब्लिक ट्रस्ट के समाज भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. श्री पवार के व्यक्तित्व, कला-साधना और फोटोग्राफी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें देवास के फोटोग्राफी जगत का मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत बताया।

 

कला-साधना और तकनीक का कठिन दौर

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्व. श्री गणपत राव पवार के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

 

मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार श्री अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि लगभग एक शताब्दी पूर्व फोटोग्राफी आज की तरह सहज और अत्याधुनिक तकनीक से संपन्न नहीं थी। उस दौर में कांच के नेगेटिव तैयार करना और विशेष तकनीकों से तस्वीरों को आकार देना अपने आप में एक कठिन साधना थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में पवार साहब ने फोटोग्राफी को केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि कला और साधना के रूप में अपनाया। अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर उन्होंने देवास में फोटोग्राफी को एक विशिष्ट पहचान दिलाई।

 

बहुआयामी व्यक्तित्व और कलात्मक विरासत

मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार श्री रमेश भावसार ने स्व. श्री पवार से जुड़े आत्मीय संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि बचपन में वे राजबाड़ा स्थित श्री पवार के घर जाया करते थे और उन्हें स्नेह से ‘आबा’ कहकर संबोधित करते थे। श्री पवार के सबसे छोटे पुत्र प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं तबला वादक श्री अनिल पवार उनके मित्र हैं।

 

श्री भावसार ने रेखांकित किया कि गणपत राव पवार साहब का व्यक्तित्व किसी एक विधा तक सीमित नहीं था। वे फोटोग्राफी के साथ-साथ मूर्तिकला, लेखन और भजन गायन में भी पारंगत थे। उन्होंने इस कला परंपरा को अपने परिवार में रोपा, जिसे उनके चौथे पुत्र स्वर्गीय प्रेमराव पवार ने आगे बढ़ाया। श्री पवार की कलात्मक प्रतिभा का सम्मान न केवल देवास में, बल्कि इंदौर, उज्जैन सहित संपूर्ण मालवा क्षेत्र में था। आज भी उनके परिवार के सदस्य अपनी रचनात्मकता से इस विरासत को समृद्ध कर रहे हैं।

Photographer Ganpat Rao Pawar

तकनीक के दौर में कला का संदेश

वक्ताओं ने कहा कि आज फोटोग्राफी भले ही डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन एक बेहतरीन तस्वीर के पीछे की दृष्टि, धैर्य और कल्पनाशीलता का महत्व आज भी कायम है। स्व. गणपत राव पवार का जीवन नई पीढ़ी को यह संदेश देता है कि तकनीक बदल सकती है, लेकिन कला के प्रति समर्पण और साधना कभी पुरानी नहीं होती।

 

विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित श्री पवार के पुत्र श्री माणिक राव पवार ने अपने पिता के संघर्षों और देवास का नाम रोशन करने के उनके प्रयासों को याद किया।

 

आयोजन, सम्मान एवं आभार

भूमिका एवं परिचय: कार्यक्रम की भूमिका स्व. श्री पवार के पौत्र श्री अमित राव पवार ने रखी। अतिथि परिचय एसोसिएशन के मार्गदर्शक श्री राजू पुराणिक ने दिया तथा अतिथियों का स्वागत श्री प्रवीण चौहान, मुकेश नागर एवं प्रदीप श्रीवास्तव ने किया।

 

सम्मान एवं प्रदर्शनी: इस अवसर पर वरिष्ठ फोटोग्राफर श्री राजेंद्र व्यास एवं मोहन सिंह राजपूत को सम्मानित किया गया तथा उनके द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का सभी उपस्थितजनों ने अवलोकन किया।

 

संचालन एवं आभार: कार्यक्रम का सफल संचालन एसोसिएशन के संयोजक श्री देवेंद्र गौड़ ने किया एवं आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जितेंद्र शर्मा ने माना।

 

प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में मराठा समाज अध्यक्ष सुभाष शिंदे, अशोक सोमानी, शर्मिला काटे, बाला पलसे, उमेश निम्बारकर, सुरेश जायसवाल, मुकेश दरबार, प्रदीप नाथ सहित बड़ी संख्या में फोटोग्राफर, समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरा हटाया गया

दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स और ट्रैफिक बोलार्ड्स हटा दिए हैं। इन बैरिकेड्स से पहले हाई कमीशन के आसपास बाहरी सुरक्षा घेरा बना हुआ था। आज की अन्य बड़ी खबरें… केन्या में हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत; 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख भी मारे गए केन्या के सांबुरु काउंटी में बुधवार सुबह हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर की खुफिया एजेंसी के प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी शामिल हैं। हेलिकॉप्टर माउंट ओलोलोक्वे के पास क्रैश हुआ था। यह लोइसाबा वाइल्डलाइफ कंजर्वेंसी से एवासो न्गिरो नदी की ओर जा रहा था। इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी के साथ उनकी पत्नी स्टेफनी सेंसी भी हादसे में मारी गईं। स्टेफनी फैशन डिजाइनर थीं। स्पेनिश टीवी नेटवर्क टेलीमुंडो के एग्जीक्यूटिव जोसे सुआरेज के भी मारे जाने की खबर है। हेलिकॉप्टर ऑपरेटर के मुताबिक, हादसे की वजह अभी पता नहीं चली है। केन्या रेड क्रॉस ने बताया कि हादसे वाली जगह पर आग और मुश्किल रास्ते के कारण राहत और शव निकालने के काम में परेशानी हुई। केन्या के परिवहन मंत्रालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। राहुल गांधी ने वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी को दी श्रद्धांजलि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री और अपने पिता राजीव गांधी की जयंती पर वीर भूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा- मंदिरों में भेदभाव की कोई जगह नहीं, कांचीपुरम के मंदिर का मामला मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि भगवान की नजर में सभी जीव समान हैं और भगवान किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। कोर्ट ने साफ किया कि मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने भगवद् गीता के अध्याय 9 के श्लोक 29 का हवाला देते हुए कहा कि मैं सभी जीवों के प्रति समान भाव रखता हूं। न मैं किसी का पक्ष लेता हूं, न किसी से द्वेष करता हूं। जो भक्तिभाव से मेरी पूजा करते हैं, वे मुझमें हैं और मैं उनमें हूं। मामला कांचीपुरम के अरुलमिगु देवराज स्वामीगल मंदिर, खासकर श्री मनवाला मामुनिगल श्राइन से जुड़ा था। यहां के एक निवासी ने याचिका में आरोप लगाया था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मनवाला मामुनिगल श्राइन में दो प्रवेश द्वार हैं- एक मुख्य और दूसरा साइड एंट्री। आरोप था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों को मुख्य प्रवेश से जाने नहीं दिया जाता, जो साफ भेदभाव है। पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को पुलिस की मंजूरी, 30 शर्तें पुणे पुलिस ने राहुल गांधी के 22 अगस्त को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। हालांकि, पुलिस ने इसके लिए 30 शर्तें तय की हैं। आयोजकों को आपत्तिजनक तस्वीरें या बैनर लगाने से रोकने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। कार्यक्रम शहर के RTO चौक के पास SSPMS कॉलेज ग्राउंड में शाम 4:30 से रात 9:30 बजे तक होगा। पुलिस के मुताबिक, इसमें 8,000 से 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। मणिपुर में 3 दिन स्कूल-कॉलेज बंद, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का फैसला मणिपुर सरकार ने राज्य में 20 से 22 अगस्त तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया है। सरकार ने यह फैसला मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया है। इस दौरान बोर्ड से जुड़े सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी संस्थानों पर लागू होगा। दरअसल, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर JFD ग्रुप ने 48 घंटे की हड़ताल बुलाई है। बुधवार को हड़ताल के दूसरे दिन घाटी के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के पुतले जलाए और रैलियां निकालीं।

Sawan Fourth Somwar 2026: एकसाथ 5 शुभ संयोग लेकर आ रहा है सावन का अंतिम सोमवार व्रत, जानें शिववास योग का महत्व, तारीख और मुहूर्त

Sawan Fourth Somwar 2026: सावन का महीना अब धीरे-धीरे अपने समापन की ओर पहुंच रहा है। इस माह में सोमवार के व्रत का विशेष स्थान है। श्रद्धालु पूरी आस्था और विधि-विधान से सावन के सभी सोमवार का व्रत करते हैं। इस साल सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026 को पड़ रहा है। इस दिन 5 शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। साथ ही, सावन के चौथे सोमवार में भगवान शिव का वास कैलाश पर होगा, जिससे यह दिन रुद्राभिषेक के लिए अति उत्तम माना जा रहा है। जो लोग सावन सोमवार व्रत होंगे, वे अंतिम सोमवार को उद्यापन करेंगे। जो लोग अभी तक भगवान शिव का जलाभिषेक नहीं कर पाए हैं, उनके लिए भी यह एक अच्छा अवसर है, जिससे आपको भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त हो सकती है।

5 शुभ संयोग में अंतिम सावन सोमवार

सावन पुत्रदा एकादशी : अंतिम सावन सोमवार पर सावन पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण है और वैष्णव भक्तों का व्रत भी है। यह दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति का उत्तम अवसर है। शिव और हरि की पूजा से आपका कल्याण होगा।

प्रीति योग : सावन के अंतिम सोमवार पर प्रीति योग प्रात:काल से ही बन जाएगा, जो सुबह 07 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। यह एक शुभ, सकारात्मक और मंगलकारी योग है, जो शुभ कार्यों के लिए अच्छा है। इसके स्वामी ग्रह बुध और अधिपति देव भगवान विष्णु हैं।

आयुष्मान योग : उस दिन सुबह में 07 बजकर 04 मिनट से आयुष्मान योग का प्रारंभ होगा, जो पूरे दिन रहेगा। आयुष्मान योग भी एक शुभ योग है। इस योग के स्वामी ग्रह चंद्रमा और अधिपति देव गुरु बृहस्पति हैं। इस योग में दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मकता की प्राप्ति होती है।

कैलाश पर शिववास : सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव का वास कैलाश पर है। किसी भी दिन यदि शिवजी का वास कैलाश पर हो तो आप रुद्राभिषेक करा सकते हैं, इससे सुख-समृद्धि, शांति, सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोत्तरी होती है।

हंसराज योग : इस समय देवों के गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं, जिससे हंसराज योग का निर्माण हुआ है। यह व्यक्ति की उन्नति करने वाला योग है। सावन सोमवार पर हंसराज योग तो बना ही है, उस दिन चंद्रमा धनु राशि में और सूर्य सिंह राशि में विराजमान होंगे।

अंतिम सावन सोमवार पर जलाभिषेक का मुहूर्त

सावन के अंतिम सोमवार पर आप ब्रह्म मुहूर्त से ही जलाभिषेक कर सकते हैं। उस दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल 04:27 ए एम से 05:11 ए एम तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:57 ए एम से लेकर दोपहर 12:49 पी एम तक रहेगा। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह में 05:55 ए एम से 07:32 ए एम तक है, वहीं शुभ-उत्तम मुहूर्त 09:09 ए एम से 10:46 ए एम तक रहेगा। वैसे तो शिव जी के जलाभिषेक के लिए मुहूर्त की जरूरत नहीं पड़ती है, आप दिन में कभी भी जलाभिषेक कर सकते हैं।

Bhauma Pradosh Vrat 2026 Date: सावन के दूसरे और अंतिम प्रदोष व्रत पर त्रिपुष्कर योग का संयोग, जानें कब होगा भौम प्रदोष व्रत और पूजा का मुहूर्त

करतारपुर कॉरिडोर पर विदेश मंत्रालय का आया बयान:सुरक्षा स्थिति के चलते 7 मई 2025 से सेवाएं बंद, SGPC ने वीजा कोटा बढ़ाने की मांग उठाई

पाकिस्तान जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों के लिए वीजा कोटा बढ़ाने और करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग के बीच विदेश मंत्रालय ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए करतारपुर कॉरिडोर की सेवाएं फिलहाल निलंबित हैं। जायसवाल से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रतिनिधिमंडल की नई दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स से मुलाकात और सिख श्रद्धालुओं के लिए वीजा कोटा बढ़ाने की मांग को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हर साल एक द्विपक्षीय समझौते के तहत सिख जत्थे पाकिस्तान स्थित तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बोले- सेवाएं 7 मई 2025 से निलंबित हैं करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने की मांग पर जायसवाल ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण इसकी सेवाएं 7 मई 2025 से निलंबित हैं और अभी स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर हाल ही में संसद में भी सवाल उठाया गया था। विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स साद अहमद वारैच से मुलाकात के बाद आई है। प्रतिनिधिमंडल ने नवंबर 2026 में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरुपर्व से पहले अधिक संख्या में वीजा जारी करने की मांग की है। SGPC के अनुसार, प्रकाश गुरुपर्व के लिए 7,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान यात्रा हेतु पासपोर्ट जमा किए हैं। वहीं, पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से करीब 1,800 श्रद्धालुओं को ही वीजा जारी किए जाते हैं।